‘जॉन को एक्टिंग नहीं आती थी’
एक इंटरव्यू में रिमी सेन ने कहा कि जॉन अब्राहम जब इंडस्ट्री में आए थे, तब वह मूल रूप से एक मॉडल थे और उन्हें एक्टिंग का ज्यादा अनुभव नहीं था। रिमी के मुताबिक, उस दौर में यह बात इंडस्ट्री में आम थी कि जॉन को अभिनय नहीं आता, लेकिन उन्होंने कभी इस पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी। रिमी ने कहा कि जॉन ने अपनी इस कमजोरी को बहुत समझदारी से संभाला।
समझदारी से चुने रोल, बनी पहचान
रिमी सेन ने आगे बताया कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में ऐसे रोल चुने, जिनमें भारी-भरकम अभिनय की जरूरत नहीं होती थी। उन्होंने ज्यादातर एक्शन फिल्मों पर फोकस किया, जहां उनकी फिटनेस और लुक्स ज्यादा उभरकर सामने आए। रिमी का कहना है कि जॉन ऐसी फिल्मों का चुनाव करते थे, जिनमें वह अच्छे दिखें और दर्शकों का ध्यान उनकी एक्टिंग की कमी पर न जाए। इसी रणनीति ने उन्हें स्टार बना दिया।
अनुभव के साथ सीखी एक्टिंग
रिमी सेन मानती हैं कि जैसे-जैसे जॉन को पॉपुलैरिटी मिली, उन्होंने कैमरे के सामने काम करते-करते एक्टिंग भी सीख ली। उन्होंने कहा कि अनुभव अपने आप इंसान को बेहतर बनाता है। बाद में जॉन ने ऐसे किरदार भी निभाए, जहां उनके अभिनय की सराहना हुई। रिमी के मुताबिक, जॉन को अपनी सीमाओं का अंदाजा था और यही बात उन्हें एक समझदार कलाकार बनाती है।
‘इंटेलिजेंट एक्टर और सफल बिजनेसमैन’
रिमी सेन ने जॉन की तारीफ करते हुए कहा कि वह सिर्फ एक्टर ही नहीं, बल्कि एक इंटेलिजेंट बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने प्रोडक्शन में कदम रखा और कई हिट फिल्मों का हिस्सा बने। रिमी का मानना है कि जॉन ने अपने करियर को बहुत सोच-समझकर आगे बढ़ाया।
फिल्मों से दूरी और दुबई शिफ्ट होने की वजह
इसी बातचीत में रिमी सेन ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी रहते हैं और यहां नई जिंदगी शुरू करना आसान है।
जॉन अब्राहम के अपकमिंग प्रोजेक्ट
वर्कफ्रंट की बात करें तो जॉन अब्राहम हाल ही में फिल्म ‘तेहरान’ में नजर आए थे। अब वह निर्देशक रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म की तैयारी कर रहे हैं, जो पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी से प्रेरित बताई जा रही है।
