Tag: Bollywood controversy

  • सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?

    सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच के रिश्तों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो ने फैंस और फिल्म जगत के जानकारों को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में सुनीता आहूजा का अपने पति गोविंदा के प्रति बेहद तल्ख और बेरुखा अंदाज देखने को मिल रहा है।

    जब सार्वजनिक स्थान पर मौजूद लोगों ने उनसे गोविंदा की गैर मौजूदगी और उनके ठिकाने के बारे में सवाल किया, तो सुनीता ने सामान्य जवाब देने के बजाय गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि गोविंदा कहाँ हैं, वे शायद घर पर होंगे। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मशहूर जोड़ी के बीच सब कुछ सामान्य है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी दरार आ चुकी है।

    सफेद शर्ट और जींस पहने अपने पालतू कुत्ते के साथ नजर आ रही सुनीता के चेहरे पर उस वक्त नाराजगी साफ देखी जा सकती थी, जब उनसे पूछा गया कि गोविंदा सर काफी समय से दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। इस सवाल पर जिस तरह का चेहरा उन्होंने बनाया और जिस लहजे में जवाब दिया, वह किसी सामान्य वैवाहिक चर्चा जैसा नहीं था।

    अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की तारीफ करने वाले इस जोड़े के बीच ऐसी कड़वाहट पहले कभी नहीं देखी गई। इस घटना ने उन पुरानी चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है, जिनमें अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि यह जोड़ी पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत मतभेदों के कारण अलग-अलग रह रही है।

    गौरतलब है कि हाल ही में सुनीता आहूजा को उनके भांजे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक मंच पर देखा गया था, जिसे सालों पुराने पारिवारिक विवाद के खात्मे के रूप में देखा जा रहा था। प्रशंसकों को लगा था कि अब परिवार में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन पति के प्रति सुनीता की यह हालिया नाराजगी एक नई उलझन पैदा कर रही है।

    पिछले साल भी जब गोविंदा के निजी जीवन से जुड़ी कुछ खबरें सामने आई थीं, तब सुनीता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे किसी भी बात को तब तक सच नहीं मानेंगी जब तक प्रमाण न देख लें, और सच साबित होने पर वे कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।

    फिलहाल, इस वायरल घटनाक्रम ने बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ सुनीता के इस अंदाज को उनका स्वाभाविक बेबाकपन बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे एक टूटते हुए रिश्ते की आहट के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    गोविंदा की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुनीता के इस ‘चौंकाने वाले’ जवाब ने यह साफ कर दिया है कि उनके और गोविंदा के बीच फिलहाल स्थितियां बहुत सहज नहीं हैं। आने वाले समय में ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक पल का गुस्सा था या फिर किसी बड़े अलगाव की आधिकारिक शुरुआत।

  • एक तरफ 'रामायणम्' की सादगी, दूसरी तरफ रकुल प्रीत की फिल्म का विवाद; क्या आधुनिक सिनेमा में रिश्तों की मर्यादा भूल रहे हैं मेकर्स?

    एक तरफ 'रामायणम्' की सादगी, दूसरी तरफ रकुल प्रीत की फिल्म का विवाद; क्या आधुनिक सिनेमा में रिश्तों की मर्यादा भूल रहे हैं मेकर्स?


    नई दिल्ली। फिल्म जगत में इन दिनों जहां बड़े बजट की फिल्म रामायणम् को लेकर उत्साह बना हुआ है, वहीं अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह की दूसरी फिल्म पति पत्नी और वो 2 अपने टीजर रिलीज के बाद विवादों में घिर गई है। 20 अप्रैल को सामने आए इस टीजर ने दर्शकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। खासतौर पर फिल्म की कहानी और उसके प्रस्तुतिकरण को लेकर एक वर्ग ने आपत्ति जताई है, जिससे यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

    टीजर में एक ऐसे वैवाहिक जीवन को दिखाया गया है, जिसमें मुख्य किरदार अपने रिश्ते से इतर अन्य संबंधों में उलझा हुआ नजर आता है। कहानी में आयुष्मान खुराना के साथ सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह की मौजूदगी एक जटिल रोमांटिक स्थिति को दर्शाती है। इसे हल्के-फुल्के और हास्यपूर्ण अंदाज में पेश किया गया है, लेकिन यही बात कुछ दर्शकों को असहज कर रही है। उनका मानना है कि विवाह और विश्वास जैसे विषयों को इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

    दर्शकों के एक हिस्से ने यह सवाल उठाया है कि क्या मनोरंजन के नाम पर गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामान्य बनाना सही है। उनका कहना है कि फिल्म में बेवफाई और धोखे जैसे संवेदनशील विषयों को कॉमेडी के रूप में दिखाया गया है, जिससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। इस तरह के कंटेंट को लेकर यह चिंता भी जताई जा रही है कि यह रिश्तों की वास्तविक जटिलताओं को हल्के रूप में पेश करता है और दर्शकों की सोच को प्रभावित कर सकता है।

    इसके साथ ही जेंडर स्टीरियोटाइप्स को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि पुरुष किरदार के व्यवहार को हास्य के रूप में स्वीकार्य दिखाया गया है, जबकि इसी तरह की कहानी अगर महिला दृष्टिकोण से दिखाई जाती, तो उसकी प्रतिक्रिया अलग होती। इस मुद्दे ने फिल्म के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण को और मजबूत किया है और दर्शकों के बीच विचारों का विभाजन स्पष्ट रूप से सामने आया है।

    दिलचस्प रूप से यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब रकुल प्रीत सिंह की आगामी फिल्म रामायणम् भी चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में उनकी संभावित भूमिका को लेकर दर्शकों में उत्सुकता है, जो एक पौराणिक और गंभीर विषय से जुड़ी है। ऐसे में उनकी दूसरी फिल्म को लेकर उठ रहे सवाल उनके करियर के विभिन्न पहलुओं को एक साथ चर्चा में ला रहे हैं।

    फिल्मों के जरिए समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार यह मुद्दा फिर से प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। पति पत्नी और वो 2 का टीजर इस बहस को एक बार फिर जीवित कर रहा है, जहां मनोरंजन और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • इंडियन आइडल में अभिजीत भट्टाचार्य ने खोली सच्चाई गायक और अभिनेता के क्रेडिट पर बड़ा सवाल

    इंडियन आइडल में अभिजीत भट्टाचार्य ने खोली सच्चाई गायक और अभिनेता के क्रेडिट पर बड़ा सवाल


    नई दिल्ली: इंडियन आइडल के हालिया एपिसोड में मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने एक ऐसा बयान दिया जिसने फिर से बॉलीवुड के संगीत जगत में चल रही पुरानी बहस को हवा दे दी है. यह बहस इस बात पर केंद्रित है कि फिल्मों में गाए गए गानों का असली श्रेय किसे मिलना चाहिए. क्या उस अभिनेता को जो पर्दे पर दिखाई देता है या उस गायक को जो अपनी आवाज से गाने को जीवन देता है.

    अक्सर यह देखा जाता है कि दर्शक किसी गाने को उस अभिनेता से जोड़ लेते हैं जो स्क्रीन पर नजर आता है. जबकि असल में उस गाने के पीछे एक प्लेबैक सिंगर की मेहनत और आवाज होती है. यही कारण है कि कई बार गायकों को यह महसूस होता है कि उनका योगदान उतना नहीं पहचाना जाता जितना होना चाहिए. इसी मुद्दे पर अभिजीत भट्टाचार्य ने अपने अंदाज में टिप्पणी करते हुए ध्यान खींचा.

    शो में होस्ट आदित्य नारायण ने जब उनसे पूछा कि क्या अभिनेता गानों का ज्यादा क्रेडिट ले जाते हैं तो अभिजीत ने हल्के अंदाज में कहा कि अभिनेता बहुत अच्छा गाते हैं लेकिन असली फर्क यह है कि गायक दिल से गाते हैं. उनके इस बयान ने वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी लेकिन साथ ही एक गहरी बात भी सामने रख दी. उन्होंने यह संकेत दिया कि गायक अपनी भावनाओं और आत्मा को अपनी आवाज के जरिए गाने में डालते हैं जो उसे खास बनाता है.

    यह बयान केवल एक मजाक नहीं था बल्कि इसमें एक गंभीर संदेश भी छिपा था. अभिजीत भट्टाचार्य ने यह जताने की कोशिश की कि गाने की असली पहचान उसकी आवाज और भावनाओं से होती है. अभिनेता भले ही उस गाने को पर्दे पर जीवंत करता है लेकिन असली मेहनत उस व्यक्ति की होती है जिसने उसे गाया है.

    इस बातचीत के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया जब आदित्य नारायण ने बताया कि अभिजीत भट्टाचार्य और उनके पिता उदित नारायण ने लगभग पैंतीस साल पहले एक साथ डुएट गाना गाया था. यह सुनकर वहां मौजूद दर्शक भावुक हो गए और पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं. यह पल भारतीय संगीत के सुनहरे दौर की एक झलक भी पेश करता है.

    अभिजीत भट्टाचार्य का करियर भी इस बात का प्रमाण है कि उनकी आवाज ने भारतीय फिल्म संगीत को एक अलग पहचान दी है. उन्होंने चांद तारे मैं कोई ऐसा गीत गाऊं और तौबा तुम्हारे इशारे जैसे कई सुपरहिट गाने दिए हैं जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. उनकी गायकी में एक खास तरह की भावनात्मक गहराई होती है जो श्रोताओं को सीधे जोड़ती है.

    इंडियन आइडल का आने वाला एपिसोड भी खास होने वाला है जिसमें 90 के दशक के दो दिग्गज गायक अभिजीत भट्टाचार्य और कविता कृष्णमूर्ति एक साथ नजर आएंगे. यह एपिसोड पुराने दौर के संगीत को याद करने और नई पीढ़ी को उस विरासत से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास होगा. इस तरह के एपिसोड न केवल मनोरंजन करते हैं बल्कि संगीत की असली आत्मा को भी उजागर करते हैं.

  • अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन

    अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन


    नई दिल्ली: फिल्म ‘KD The Devil’ के आइटम नंबर ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह गाना अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसकी गूंज अब राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक पहुंच चुकी है। गाने की सामग्री को लेकर उठे सवालों के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है।

    रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने को उत्तेजक और आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि इसकी सामग्री भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आयोग का कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश देती है और विशेषकर महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करती है।

    इसी के चलते आयोग ने फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें अभिनेता संजय दत्त, अभिनेत्री नोरा फतेही और फिल्म के निर्देशक को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। सभी को 24 मार्च को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

    इस पूरे मामले में गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध देखने को मिला है। आलोचकों का कहना है कि गाने के बोल और प्रस्तुति अश्लीलता की सीमा को पार करते हैं। बढ़ते विवाद के बाद फिल्म के हिंदी वर्जन को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा चुका है।

    वहीं अभिनेत्री नोरा फतेही ने इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हिंदी वर्जन में गाना इस तरह से पेश किया जाएगा। उनके अनुसार गाने की शूटिंग कन्नड़ वर्जन के लिए की गई थी और हिंदी वर्जन के कंटेंट की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस गाने का प्रचार नहीं करेंगी।

    इससे पहले यह मामला संसद तक भी पहुंच चुका है, जहां केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने स्पष्ट किया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत संबंधित गाने पर कार्रवाई करते हुए इसे प्रतिबंधित भी किया गया है।

    कुल मिलाकर ‘सरके चुनर’ गाना अब एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर रचनात्मक स्वतंत्रता और दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारी के बीच बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या निर्णय सामने आता है, यह देखना अहम होगा और यह तय करेगा कि इस तरह के कंटेंट पर आगे किस तरह की सख्ती बरती जाएगी

  • शिव सेना नेता शैना एनसी ने दी The Kerala Story 2 को समर्थन, कहा फिल्म दिखाती है सच, कोई गुमराह नहीं

    शिव सेना नेता शैना एनसी ने दी The Kerala Story 2 को समर्थन, कहा फिल्म दिखाती है सच, कोई गुमराह नहीं


    मुंबई । आगामी हिंदी फिल्म The Kerala Story 2 के खिलाफ राजनीतिक विवाद के बीच शिव सेना नेता Shaina NC ने फिल्म का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने शुक्रवार को ANI से बातचीत में कहा कि यह फिल्म किसी प्रकार का गलत प्रचार या गुमराह करने का अभियान नहीं है बल्कि इसमें दिखाया गया सच है। शैना एनसी ने लोगों से अपील की कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की स्थिति को देखें और समझें कि केरल में वास्तव में क्या हो रहा है।

    शैना एनसी का दावा: फिल्म सच्चाई दिखाती है

    फिल्म के हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर में दिखाया गया है कि केरल में कई लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। शैना ने कहा The Kerala Story 2 किसी गुमराह करने वाले अभियान का हिस्सा नहीं है। सच यह है कि केरल में कई लड़कियों का धर्म परिवर्तन हुआ है। 32 000 लड़कियों के केस स्टडी में यह साफ दिखाई देता है। फिल्म का उद्देश्य यही उजागर करना है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें मैं यही कहूंगी कि शांति बनाए रखने के लिए वास्तविकता देखें और समझें।

    ट्रेलर विवाद और राजनीतिक आलोचना
    फिल्म का ट्रेलर जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने इसे सख्त सच्चाई बताया वहीं कुछ ने प्रचार करार दिया। फिल्म केरल राजस्थान और मध्य प्रदेश में धार्मिक परिवर्तन और दबाव के मुद्दों को दिखाती है। केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan और धार्मिक संगठन All India Muslim Jamaat ने फिल्म की आलोचना की है। CM विजयन ने चेताया कि यह फिल्म राज्य में साम्प्रदायिक तनाव पैदा कर सकती है।

    निर्माता विपुल शाह का पक्ष

    फिल्म के निर्माता Vipul Amrutlal Shah ने कहा कि फिल्म का मकसद केरल पर हमला नहीं है। उन्होंने बताया हम केरल के खिलाफ नहीं हैं। केरल गॉड्स कंट्री है। हमारा उद्देश्य वहां की यह दुष्ट प्रथा खत्म करना है। शाह ने यह भी बताया कि फिल्म का शीर्षक क्यों वही रखा गया। उन्होंने कहा The Kerala Story 2 केवल केरल तक सीमित नहीं है। यह पूरे भारत में हो रही जबरन धर्मांतरण की साजिश को उजागर करती है। पहली फिल्म की केंद्रीय थीम वही है इसलिए इसे Kerala Story 2 नाम दिया गया।

    रिलीज़ और अन्य जानकारी
    फिल्म का निर्देशन Kamakhya Narayan Singh कर रहे हैं और यह 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह 2023 की The Kerala Story की सीक्वल है जिसने अपने रिलीज़ के समय विवाद उत्पन्न किया था लेकिन व्यावसायिक रूप से सफल रही और दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। नई फिल्म में पूरी तरह नया कलाकार वर्ग और नया निर्देशक है।

  • डॉन 3 कॉन्ट्रोवर्सी: रणवीर सिंह का चौंकाने वाला दावा, क्या ऋतिक रोशन लेंगे उनकी जगह?

    डॉन 3 कॉन्ट्रोवर्सी: रणवीर सिंह का चौंकाने वाला दावा, क्या ऋतिक रोशन लेंगे उनकी जगह?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की सबसे चर्चित फ्रेंचाइजी डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शाहरुख खान के बाद डॉन की विरासत संभालने जा रहे रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने की खबरों ने पहले ही फैंस को मायूस कर दिया था लेकिन अब इस मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच अनबन इतनी बढ़ गई है कि मेकर्स ने अभिनेता से मुआवजे के तौर पर 40 करोड़ रुपये की मांग की है। वहीं रणवीर सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए मेकर्स पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

    बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक रणवीर सिंह और मेकर्स के बीच हुई हालिया मीटिंग्स काफी तनावपूर्ण रहीं। सूत्रों का दावा है कि रणवीर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट पर अनप्रोफेशनलिज्म का आरोप लगाया है। रणवीर का कहना है कि फरहान अख्तर फिल्म को लेकर गंभीर नहीं थे और उनके पास कोई बाउंड स्क्रिप्ट (पूरी लिखी हुई पटकथा) तैयार नहीं थी। एक कलाकार के तौर पर रणवीर का तर्क है कि वह केवल उसी प्रोजेक्ट पर काम करना पसंद करते हैं जो पूरी तरह से विकसित हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फरहान स्क्रिप्ट को लेकर किसी भी तरह के फीडबैक या बदलाव के सुझावों के लिए तैयार नहीं थे।

    इस विवाद के बीच रणवीर सिंह ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। उनके अनुसार एक्सेल एंटरटेनमेंट फिल्म में ऋतिक रोशन को लेने की योजना बना रहा था। फिल्म धुरंधर की सफलता के बाद मेकर्स ने कथित तौर पर ऋतिक को दोबारा अप्रोच किया। गौरतलब है कि ऋतिक रोशन साल 2011 में आई डॉन 2 में भी एक कैमियो भूमिका में नजर आ चुके हैं। रणवीर को लगता है कि मेकर्स उनके प्रति पूरी तरह समर्पित नहीं थे।

    दूसरी तरफ फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के पक्ष का कहना है कि रणवीर ने स्क्रिप्ट को हर स्टेज पर अप्रूव किया था लेकिन बाद में वह अनुचित मांगें करने लगे। मेकर्स का मानना है कि फिल्म की तैयारी में हुए भारी नुकसान की भरपाई रणवीर को करनी चाहिए। फिलहाल रणवीर ने अपनी मानसिक शांति के लिए फिल्म से दूरी बना ली है जबकि फरहान अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स और एक्टिंग करियर पर ध्यान दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि डॉन का यह प्रतिष्ठित किरदार आखिर किसकी झोली में गिरता है।

  • मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म के टाइटल पर क्यों मचा बवाल? लोग कर रहे नाम बदलने की मांग

    मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म के टाइटल पर क्यों मचा बवाल? लोग कर रहे नाम बदलने की मांग


    नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स ने मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म घूसखोर पंडित का पहला लुक जारी कर दिया है। मनोज बाजपेयी एक पुलिसवाले की भूमिका में फैंस को काफी एंटरटेन करने वाले हैं। हालांकि, फिल्म की पहली झलक के साथ ही फिल्म के टाइटल को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। लोग टाइटल को बदलने की मांग कर रहे हैं।

    टाइटल पर क्यों मच रहा बवाल

    फिल्म का टाइटल है घूसखोर पंडित। जैसे ही टाइटल वायरल हुआ लोग कहने लगे कि ये टाइटल समाज के एक वर्ग को टारगेट कर रहा है। एक यूजर ने एक्स पर लिखा- हेलो नेटफ्लिक्स इंडिया, पंडितों और ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत फैलाने को नॉर्मल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं आपको कोर्ट में मिलूंगा।

    नाम बदलने की हो रही मांग

    एक दूसरे यूजर ने लिखा- मैं तो ब्राहम्ण भी नहीं हूं, लेकिन ब्राहम्णों के प्रति इतनी नफरत ये तो बहुत ज्यादा हो गया। सोचिए आप घूसखोर दलित या घूसखोर मुस्लिम जैसा टाइटल रखें और फिर सोचें कि क्या रिएक्शन होता। एक ने लिखा- बेहद शर्मनाक, अपनी कट्टरता फैलाने के लिए एक ऐसा समाज चुना जो सॉफ्ट टारगेट हैं। इसे अभी बदलिए या फिर बैन के लिए तैयार हो जाइए।

    क्या बोल रहे सोशल मीडिया यूजर्स

    एक ने लिखा- आपने घूसखोर पंडित नाम रखा, क्या आपके अंदर फिल्म का नाम घूसखोर मुस्लिम रखने की है? इसे बदलो या फिर मास बॉयकॉट के लिए तैयार हो जाओ। एक ने लिखा- ये लोग शो का नाम कुछ भी रख सकते थे, लेकिन एक नेरेटिव सेट करने के लिए उन्होंने खासकर ये नाम चुना। ये ठीक कैसे हो सकता है? शायद, इन्हें सबक सिखाने के लिए हमें इनका बहिष्कार करना शुरू कर देना चाहिए।

    फिल्म के बारे में जानिए

    फिल्म की बात करें तो फिल्म में मनोज बाजपेयी अजय दिक्षीत का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म को रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है। वहीं, इस फिल्म को लिखा है नीरज पांडे ने।फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, श्रद्धा दास और किकू शारदा जैसे कलाकार नजर आएंगे।

  • अमिताभ बच्चन की शादी पर पापाराजी का बैन: क्यों नहीं ली जाती थी फोटो?

    अमिताभ बच्चन की शादी पर पापाराजी का बैन: क्यों नहीं ली जाती थी फोटो?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की शख्सियत और रुतबा ऐसा है कि आज भी उनकी एक झलक पाने के लिए मीडिया और फैंस बेताब रहते हैं। दशकों से इंडस्ट्री पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन हमेशा मीडिया के साथ सम्मानजनक रिश्तों के लिए जाने जाते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब पूरे बच्चन परिवार को पापाराजी ने बायकॉट कर दिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि अमिताभ बच्चन सामने आते ही फोटोग्राफर अपने कैमरों का रुख आसमान की ओर कर लेते थे।

    यह पूरा मामला अभिषेक बच्चन की शादी से जुड़ा हुआ है। जब अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की शादी हुई थी उस दौरान मीडिया कवरेज को लेकर काफी तनाव देखने को मिला। पापाराजी कई दिनों तक बच्चन परिवार के घर के बाहर खड़े रहे थे ताकि शादी की एक झलक मिल सके लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। एक सीनियर फोटोग्राफर ने एक इंटरव्यू में इस घटना को याद करते हुए बताया कि बारात के वक्त बसों को इस तरह खड़ा कर दिया गया था कि किसी भी कैमरे को विजुअल न मिल सके।

    फोटोग्राफर के मुताबिक हालात यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि सिक्योरिटी के साथ धक्का मुक्की हुई और कुछ फोटोग्राफरों के साथ मारपीट तक की गई। एक फोटोग्राफर के साथ हुई घटना ने हालात और बिगाड़ दिए जब कथित तौर पर अमर सिंह की सिक्योरिटी ने उसके साथ बदसलूकी की। इस घटना के बाद मीडिया में गुस्सा फैल गया और सभी पापाराजी ने मिलकर बच्चन परिवार को कवर न करने का फैसला किया।

    इसके बाद जब भी कोई अवॉर्ड फंक्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम होता और बच्चन परिवार वहां मौजूद रहता तो फोटोग्राफर जानबूझकर कैमरे ऊपर की तरफ कर लेते थे। यह एक तरह का साइलेंट प्रोटेस्ट था जिससे इंडस्ट्री में काफी चर्चा हुई। उस दौर में यह साफ नजर आने लगा था कि मीडिया और बच्चन परिवार के रिश्ते बेहद खराब हो चुके हैं।

    हालांकि यह बायकॉट ज्यादा समय तक नहीं चला। रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चन परिवार ने बाद में पापाराजी को शादी के बाद एक मुलाकात के लिए बुलाया और पूरे मामले पर बातचीत की। इस दौरान यह माना गया कि सिक्योरिटी के स्तर पर गलती हुई थी और फोटोग्राफरों के साथ जो हुआ वह सही नहीं था। इसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच रिश्ते सुधरे और पापाराजी ने दोबारा बच्चन परिवार की तस्वीरें लेना शुरू किया।

    यह पहली बार नहीं था जब किसी बड़े स्टार और मीडिया के बीच ऐसा टकराव देखने को मिला हो। शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के दौरान भी मीडिया कवरेज को लेकर विवाद हुआ था। उस वक्त शाहरुख खान ने नाराज होकर मीडिया से दूरी बना ली थी और पापाराजी को पूरी तरह बैन कर दिया था। बाद में जब मीडिया ने माफी मांगी तब जाकर शाहरुख खान ने फिर से कैमरों के सामने आना शुरू किया। इन घटनाओं से साफ होता है कि सितारों और मीडिया के रिश्ते सम्मान और समझ पर टिके होते हैं। जब यह संतुलन बिगड़ता है तो विवाद पैदा हो जाते हैं लेकिन बातचीत और स्वीकार्यता से हालात फिर सामान्य भी हो सकते हैं।

  • एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा

    एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा


    नई दिल्ली। संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान ने एक बार फिर सुर्खियों में उन्हें ला दिया है। रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अब पहले की तरह काम नहीं मिल रहा है और वह अपने करियर के वर्तमान दौर को लेकर असमंजस में हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद शुरू हो गया और पश्चिम बंगाल के BJP के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और बिगड़ गया।

    अर्जुन सिंह ने पहले रहमान की प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि वह उनके संगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने एक विवादित दावा भी किया।

    उन्होंने कहा कि एआर रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था और अब उन्हें “सनातन धर्म में वापस लौटना चाहिए।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक टिप्पणी करार दिया।

    अर्जुन सिंह ने अपने बयान में बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का प्रभाव घट रहा है, जबकि साउथ सिनेमा तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, साउथ फिल्मों की कहानी, प्रस्तुति और तकनीक बेहतर है, इसलिए लोग डब की गई साउथ फिल्मों को भी बड़ी संख्या में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बॉलीवुड ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी बना ली है, जिसका असर अब इंडस्ट्री की दशा पर दिख रहा है।

    इस विवाद में अनूप जलोटा का नाम भी जुड़ गया। पहले उन्होंने एआर रहमान के बयान को “खतरनाक” बताया था और कहा था कि वह 50 साल से बॉलीवुड में हैं और वहां सांप्रदायिकता की जगह नहीं होनी चाहिए। लेकिन बाद में उन्होंने एक और बयान देकर चर्चा बढ़ा दी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि अगर रहमान “हिंदू बनकर देखें” तो उन्हें फिर से काम मिलने लगेगा। जलोटा ने कहा, “उन्हें यह मानना चाहिए कि हिंदू बनने से उन्हें दोबारा फिल्में मिलने लगेंगी। यही बात रहमान कहना चाहते हैं। इसलिए मेरा सुझाव है कि वे हिंदू बनकर देखें और जांचें कि क्या उन्हें फिर से फिल्में मिलती हैं या नहीं।”

    अनूप जलोटा की इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने आलोचना की, क्योंकि यह धर्म को करियर से जोड़ने वाला बयान माना गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कलाकारों के काम और पहचान को धर्म से जोड़कर देखा जाना गलत है,

    जबकि कुछ लोग इसे उनकी निजी राय मानकर ठीक भी बता रहे हैं।

    वहीं, इस पूरे विवाद के बीच एआर रहमान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वह अपने संगीत और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और कई बार उन्होंने अपने काम को ही अपनी पहचान बताया है। इस विवाद ने फिर एक बार यह सवाल उठाया है कि क्या कला और कलाकारों को धर्म और राजनीति से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं।

    फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, और लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। कलाकारों के काम को लेकर बहस जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी की धार्मिक पहचान को उनकी सफलता या असफलता से जोड़ा जा सकता है।

  • कंगना बनाम रहमान: 'इमरजेंसी' और 'छावा' को लेकर बढ़ा विवाद, कंगना बोलीं- रहमान पर तरस आता है, उन्होंने मेरी फिल्म ठुकराई

    कंगना बनाम रहमान: 'इमरजेंसी' और 'छावा' को लेकर बढ़ा विवाद, कंगना बोलीं- रहमान पर तरस आता है, उन्होंने मेरी फिल्म ठुकराई


    नई दिल्ली । ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान और फायरब्रांड अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच एक पुरानी रार अब खुलकर सामने आ गई है। विवाद की शुरुआत रहमान के एक पुराने इंटरव्यू से हुई, जिसमें उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ को लेकर टिप्पणी की थी। अब करीब एक साल बाद कंगना रनौत ने इस पर मोर्चा खोलते हुए रहमान को आड़े हाथों लिया है और उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।छावा को बताया था बांटने वाली फिल्मविवाद की जड़एआर रहमान का वह बयान है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘छावा’ छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म को समाज को बांटने वाली फिल्म बताया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फिल्म का संगीत खुद रहमान ने ही दिया है। इसी इंटरव्यू में रहमान ने यह दर्द भी साझा किया था कि ‘कम्युनल’सांप्रदायिक कारणों से उन्हें इंडस्ट्री में अब उतना काम नहीं मिल रहा है जितना पहले मिलता था।

    कंगना का पलटवार मुझ पर तरस खाइए, आप पर नहीं रहमान के इस विक्टिम कार्ड पर कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर अपनी भड़ास निकाली। कंगना ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी फिल्म इमरजेंसी के लिए एआर रहमान को संगीत देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रहमान ने इसे ठुकरा दिया। कंगना ने तंज कसते हुए लिखा, रहमान साहब कहते हैं कि उन्हें काम नहीं मिल रहा, जबकि सच्चाई यह है कि जब मैंने उन्हें ‘इमरजेंसी जैसी बड़ी फिल्म ऑफर की, तो उन्होंने मना कर दिया। मुझे उन पर तरस आता है। वे खुद अपनी विचारधारा के कारण काम चुनते हैं या छोड़ते हैं, और फिर समाज पर दोष मढ़ते हैं।

    राष्ट्रवाद बनाम विचारधारा की जंग कंगना ने अपने पोस्ट में आगे दावा किया कि रहमान जैसे कलाकार राष्ट्रवादी विषयों पर बनने वाली फिल्मों से दूरी बना लेते हैं। अभिनेत्री ने कहा कि ‘छावा’ जैसे वीर नायकों की कहानियों को ‘बांटने वाला’ कहना हमारे इतिहास और संस्कृति का अपमान है। कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहां एक तरफ लोग कंगना के साहस की सराहना कर रहे हैं, वहीं रहमान के प्रशंसक इसे उनकी व्यक्तिगत पसंद और कलात्मक स्वतंत्रता बता रहे हैं।फिलहाल, एआर रहमान की ओर से कंगना के इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन ‘छावा’ की रिलीज से पहले उठा यह विवाद फिल्म के बिजनेस और संगीत की साख पर क्या असर डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।