Tag: Bollywood controversy

  • शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    नई दिल्ली । शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बॉलीवुड की उन जोड़ियों में शामिल हैं जिन्हें दर्शकों ने पर्दे पर खूब पसंद किया। दोनों ने मोहब्बतें, देवदास और जोश जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के बीच फिल्मों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान खींचा। हैरानी की बात यह थी कि ऐश्वर्या राय को शाहरुख खान की करीब पांच फिल्मों से बाहर कर दिया गया था। बाद में खुद शाहरुख खान ने इस फैसले को लेकर माना था कि उन्हें इसका अफसोस है।

    इस कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म चलते चलते से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या राय को पहली पसंद माना जा रहा था और वह फिल्म में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाली थीं। लेकिन शूटिंग के दौरान परिस्थितियां बदल गईं और ऐश्वर्या की जगह रानी मुखर्जी को फिल्म में शामिल किया गया। फिल्म में शाहरुख और रानी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और चलते चलते बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

    ऐश्वर्या को फिल्म से हटाए जाने की वजह के तौर पर उस समय सलमान खान से जुड़े विवाद का जिक्र सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान और ऐश्वर्या के रिश्ते में चल रहे तनाव का असर शूटिंग के माहौल पर भी पड़ा था। बताया गया कि सलमान के सेट पर आने और वहां पैदा हुए विवाद के कारण शूटिंग प्रभावित हुई। ऐसे में फिल्म के निर्माताओं के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की चुनौती थी। बाद में ऐश्वर्या और सलमान दोनों ने शाहरुख से माफी भी मांगी थी लेकिन फिल्म की स्थिति को देखते हुए फैसला बदलना संभव नहीं हुआ।

    हालांकि यह मामला सिर्फ चलते चलते तक सीमित नहीं रहा। ऐश्वर्या राय ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि ऐसी कई फिल्में थीं जिनमें वह शाहरुख खान के साथ काम करने वाली थीं लेकिन अचानक उन्हें उन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। इनमें वीर जारा और कल हो ना हो जैसी फिल्मों के नाम भी सामने आए। ऐश्वर्या ने माना था कि जब बिना किसी स्पष्ट वजह के कोई फिल्म हाथ से निकल जाए तो कलाकार के लिए यह स्वाभाविक रूप से दुख पहुंचाने वाला होता है। उनके मुताबिक ऐसी परिस्थितियों में इंसान खुद से सवाल करने लगता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

    दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय बाद शाहरुख खान ने भी इस फैसले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया था कि ऐश्वर्या को फिल्मों से हटाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था और उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक निर्माता के तौर पर कई बार फैसले अकेले नहीं लिए जाते। उनके साथ पूरी टीम और दूसरे प्रोडक्शन पार्टनर्स भी जुड़े होते हैं और फिल्म को तय समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होती है।

    शाहरुख ने ऐश्वर्या की प्रोफेशनलिज्म की भी तारीफ की थी। उन्होंने माना कि वह उनकी पसंदीदा को-स्टार्स में से एक रही हैं और उनके साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। उनके मुताबिक उस समय लिया गया फैसला व्यक्तिगत से ज्यादा पेशेवर परिस्थितियों से जुड़ा था।

    बाद के वर्षों में शाहरुख और ऐश्वर्या ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखा। दोनों की दोस्ती और फिल्मों में साथ काम करने की यादें आज भी बॉलीवुड के चर्चित किस्सों में शामिल हैं। यह कहानी यह भी दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार बड़े सितारों के बावजूद किसी प्रोजेक्ट से जुड़ा अंतिम फैसला सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। परिस्थिति, निर्माता, समय और फिल्म की जरूरतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं शाहरुख का बाद में अपनी गलती स्वीकार करना इस पुराने विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू माना जाता है।

    Tags

    Shah Rukh Khan, Aishwarya Rai, Bollywood News, Chalte Chalte, Bollywood Controversy

  • तापसी की एक टिप्पणी से भड़कीं कंगना रनौत माता पिता तक पहुंची जुबानी जंग फिर याद आया सस्ती कॉपी वाला विवाद

    तापसी की एक टिप्पणी से भड़कीं कंगना रनौत माता पिता तक पहुंची जुबानी जंग फिर याद आया सस्ती कॉपी वाला विवाद


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और तापसी पन्नू के बीच वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दोनों अभिनेत्रियों के बीच लंबे समय से चली आ रही जुबानी तकरार ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब तापसी पन्नू ने इंडिया टुडे वुमन समिट 2026 में कंगना के साथ अपने बिगड़े रिश्ते को लेकर बात की। तापसी के बयान के कुछ ही घंटे बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की और तापसी पर बेहद तीखा हमला बोला। इस बार विवाद सिर्फ दोनों अभिनेत्रियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि कंगना ने तापसी की परवरिश और उनके माता पिता तक पर सवाल खड़े कर दिए।

    दरअसल समिट के दौरान तापसी से कंगना के साथ रिश्ते सुधरने को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में तापसी ने कहा कि वह कभी कंगना से मिली ही नहीं हैं। उन्होंने कंगना के बारे में कुछ कहने से इनकार करते हुए इशारों में कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में इस तरह बात करना उसकी परवरिश और उसके नजरिए को दिखाता है। तापसी ने यह भी कहा कि लोग खुद देख सकते हैं कि कौन कहां से आता है। तापसी ने अपनी बात यहीं खत्म कर दी लेकिन उनका यह बयान कंगना को पसंद नहीं आया।

    तापसी की टिप्पणी सामने आने के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तापसी को एक बार फिर सस्ती कॉपी कहकर निशाना बनाया। कंगना ने आरोप लगाया कि तापसी मीडिया के सामने जब भी आती हैं तो उनके पास बात करने के लिए कंगना रनौत के नाम के अलावा कुछ नहीं होता। कंगना ने कहा कि इस बार तापसी ने उनकी परवरिश और माता पिता का मजाक उड़ाने की हद पार कर दी है। कंगना ने यह भी कहा कि वह आमतौर पर किसी बहस में सामने वाले के माता पिता को शामिल नहीं करतीं क्योंकि उनका मानना है कि हर माता पिता अपने बच्चों के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं।

    हालांकि इसके बाद कंगना ने तापसी के माता पिता को लेकर भी तीखी टिप्पणी कर दी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर तापसी के माता पिता उनके माता पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर पाए और ऐसी सस्ती कॉपी क्यों पैदा हुई। कंगना की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर दोनों अभिनेत्रियों के पुराने विवाद की चर्चा फिर तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर प्रशंसक और सोशल मीडिया यूजर्स भी अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    कंगना और तापसी के बीच यह विवाद नया नहीं है। इसकी जड़ करीब सात साल पुरानी है। वर्ष 2019 में कंगना की फिल्म जजमेंटल है क्या के ट्रेलर की तापसी ने तारीफ की थी लेकिन उस दौरान कंगना का नाम नहीं लिया था। इसके बाद कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को सस्ती कॉपी कहकर निशाना बनाया था। बाद में वर्ष 2020 में बॉलीवुड में नेपोटिज्म और आउटसाइडर्स की बहस के दौरान कंगना ने तापसी को B-ग्रेड एक्ट्रेस और जरूरतमंद आउटसाइडर तक कह दिया था।

    इतने वर्षों के बाद तापसी ने अब इस पुराने विवाद पर अपनी बात रखी तो एक बार फिर दोनों के बीच जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। तापसी ने जहां अपने बयान में कंगना का नाम लेकर सीधे हमला करने से बचने की कोशिश की वहीं कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए खुलकर जवाब दिया। अब इस नए विवाद के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि तापसी पन्नू कंगना के इस तीखे पलटवार पर कोई प्रतिक्रिया देती हैं या फिर मामले को यहीं खत्म करना पसंद करेंगी।

  • नसीरुद्दीन शाह पर कंगना का पलटवार, ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना, पीयूष मिश्रा के समर्थन में उतरीं

    नसीरुद्दीन शाह पर कंगना का पलटवार, ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना, पीयूष मिश्रा के समर्थन में उतरीं


    नई दिल्ली। नसीरुद्दीन शाह और पीयूष मिश्रा के बीच चल रहे बयानबाजी के विवाद में अब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत भी कूद पड़ी हैं। कंगना ने पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी तक कह दिया और कहा कि उन्हें गर्व है कि वह जिस देश की रोटी खाती हैं उसके लिए आवाज उठाती हैं और जरूरत पड़ने पर उसके लिए लड़ती हैं। कंगना की इस टिप्पणी के बाद बॉलीवुड से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।

    दरअसल पूरा मामला छात्र आंदोलनों और फिल्म इंडस्ट्री की कथित चुप्पी से जुड़ा है। नसीरुद्दीन शाह ने छात्र प्रदर्शन के दौरान बॉलीवुड कलाकारों के छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आने पर सवाल उठाया था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना ऐसे कुत्ते से की थी जिसके मुंह में हड्डी हो और वह भौंक नहीं सकता। नसीरुद्दीन शाह की इस टिप्पणी के बाद पीयूष मिश्रा ने भी उन पर पलटवार किया और झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए।

    अब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर पीयूष मिश्रा के रुख का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह को निशाने पर लिया। कंगना ने कहा कि आज के समय में किसी को कुत्ता कहना भी तारीफ माना जा सकता है क्योंकि कुत्ते अपनी वफादारी और मासूमियत के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह अपने देश के लिए बोलती हैं और उसकी रखवाली करती हैं।

    कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि नसीर साहब देश की रोटी खाते हैं लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी तुलना नसीरुद्दीन शाह से करते हुए कहा कि वह उनकी तरह लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी। कंगना की इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज होने की संभावना है और लोग अपने-अपने तरीके से इस विवाद पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    इससे पहले पीयूष मिश्रा ने भी नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने झारखंड के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए पूछा था कि अगर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ कलाकार छात्रों के समर्थन में आवाज नहीं उठा रहे थे तो दूसरे कलाकार कहां थे। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के कुत्ते और हड्डी वाले बयान को आधार बनाकर उनसे ही सवाल किया कि जब छात्र विरोध कर रहे थे तब वे आवाज उठाने के लिए आगे क्यों नहीं आए।

    पीयूष मिश्रा ने अपने बयान में छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की प्राथमिकताओं पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ छात्र विरोध प्रदर्शन से ज्यादा पिज्जा और बर्गर पर ध्यान दे रहे थे। उनके इस बयान ने भी विवाद को और हवा दी।

    अब कंगना रनौत के नसीरुद्दीन शाह पर सीधे हमले के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक तथा व्यक्तिगत रंग लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां कंगना ने देश और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है, वहीं दूसरी ओर नसीरुद्दीन शाह की पुरानी टिप्पणी को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना बनी हुई है।

  • प्रोड्यूसर का दावा- जान से मारने और सिर काटने की धमकी मिली

    प्रोड्यूसर का दावा- जान से मारने और सिर काटने की धमकी मिली


    नई दिल्ली। सलमान खान के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल ऑफ लीगेसी’ रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में घिर गई है। फिल्म के निर्माता अमित जानी ने दावा किया है कि उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग उन्हें मुंबई आने पर सिर धड़ से अलग करने तक की धमकी दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म और उससे जुड़े विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

    दरअसल, हाल ही में सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माताओं को नोटिस भेजकर फिल्म के निर्माण और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की मांग की थी। नोटिस में फिल्म से जुड़े पक्षों से लिखित माफी मांगने को भी कहा गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इसके बाद अमित जानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह कथित तौर पर नोटिस को फाड़ते नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि वह नोटिस का क्या जवाब देंगे, लेकिन जब उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं तो वे किसे जवाब दें। उनका कहना है कि हजारों लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां और धमकियां दी जा रही हैं।

    अमित जानी ने आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित प्रशंसक और असामाजिक तत्व उनके परिवार को भी निशाना बनाने की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डराने-धमकाने की कोशिशों के बावजूद वह पीछे हटने वाले नहीं हैं और अपने प्रोजेक्ट पर काम जारी रखेंगे।

    गौरतलब है कि ‘काला हिरण: द बैटल ऑफ लीगेसी’ का कथानक 1998 के बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित बताया जा रहा है, जिसमें सलमान खान का नाम सामने आया था। इसी वजह से फिल्म की घोषणा के बाद से ही यह परियोजना विवादों के केंद्र में बनी हुई है।

    फिलहाल मामले को लेकर कानूनी और सार्वजनिक बहस दोनों जारी हैं। एक ओर फिल्म के निर्माता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सलमान खान की कानूनी टीम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठा रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम

    डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह और FWICE के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह ने संगठन को लीगल नोटिस भेजा है। बताया जा रहा है कि नोटिस भेजे जाने के बाद FWICE को अदालत या कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना पड़ सकता है। हालांकि नोटिस में की गई मांगों का आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

    FWICE ने जारी किया था गैर-सहयोग निर्देश
    पिछले सप्ताह FWICE ने अपने सदस्यों से रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करने का आग्रह किया था। संगठन का यह कदम ‘डॉन 3’ परियोजना से जुड़े विवाद के बाद सामने आया। FWICE का कहना था कि फिल्म से अचानक अलग होने के कारण निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके चलते संगठन ने यह रुख अपनाया।

    फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट की शिकायत
    रिपोर्ट्स के अनुसार फरहान अख्तर और Excel Entertainment ने FWICE को शिकायत भेजी थी। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। ऐसे में मुख्य अभिनेता के परियोजना से हटने से निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हुई और आर्थिक नुकसान हुआ।

    क्या है पूरा मामला?
    कुछ वर्ष पहले Don 3 की घोषणा हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था। यह भूमिका पहले शाहरुख खान निभा चुके हैं। बाद में खबरें आईं कि रणवीर अब इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद निर्माताओं और अभिनेता के बीच मतभेदों की चर्चा शुरू हुई, जो अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गई है।

    आगे क्या हो सकता है?
    फिल्म इंडस्ट्री की नजरें अब इस मामले पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत से समाधान नहीं निकालते, तो विवाद लंबी कानूनी प्रक्रिया का रूप ले सकता है। वहीं, उद्योग जगत यह भी देख रहा है कि इसका असर रणवीर सिंह की आगामी फिल्मों और ‘डॉन 3’ की प्रगति पर कितना पड़ता है।

    रणवीर के आगामी प्रोजेक्ट्स
    विवादों के बीच रणवीर सिंह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक वह निर्देशक आदित्य धर की एक नई फिल्म से जुड़े हैं। इसके अलावा निर्देशक जय मेहता की एक ज़ॉम्बी-आधारित फिल्म में भी उनके काम करने की चर्चा है।

  • “परवीन बाबी को लगता था अमिताभ बच्चन उनकी हत्या करना चाहते हैं” – पूजा भट्ट का बड़ा खुलासा

    “परवीन बाबी को लगता था अमिताभ बच्चन उनकी हत्या करना चाहते हैं” – पूजा भट्ट का बड़ा खुलासा


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की सबसे ग्लैमरस और चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली परवीन बाबी की जिंदगी जितनी चमकदार पर्दे पर नजर आती थी उतनी ही दर्द और अकेलेपन से भरी हुई असल जिंदगी में थी। अब अभिनेत्री पूजा भट्ट ने परवीन बाबी को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिन्होंने एक बार फिर बॉलीवुड के उस दर्दनाक दौर की याद दिला दी है।

    महेश भट्ट की बेटी और अभिनेत्री पूजा भट्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में परवीन बाबी के आखिरी दिनों को याद करते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। पूजा ने बताया कि उन्हें आज भी वह समय याद है जब परवीन बाबी को यह डर सताने लगा था कि अमिताभ बच्चन उन्हें मारना चाहते हैं।

    पूजा भट्ट ने पत्रकार विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब परवीन बाबी विदेश से लौटकर आई थीं तब वह स्टारडस्ट मैगजीन के ऑफिस में बैठकर लगातार जेरॉक्स मशीन का इस्तेमाल कर रही थीं और अमिताभ बच्चन के खिलाफ इंटरव्यू दे रही थीं। पूजा के मुताबिक परवीन बाबी को लगता था कि अमिताभ बच्चन अभी भी उनकी हत्या करना चाहते हैं।

    इतना ही नहीं पूजा ने यह भी खुलासा किया कि परवीन बाबी खाने-पीने की चीजों को लेकर बेहद डरी हुई रहती थीं। उन्हें शक था कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग उनके खाने में जहर मिला रहे हैं। यही वजह थी कि वह सिर्फ अंडे खाती थीं क्योंकि उन्हें वही सुरक्षित लगता था।

    हालांकि पूजा भट्ट ने यह भी साफ कहा कि वह डॉक्टर नहीं हैं इसलिए किसी बीमारी को लेकर दावा नहीं कर सकतीं लेकिन इतना जरूर था कि परवीन बाबी मानसिक रूप से ठीक नहीं थीं। बाद में जांच में सामने आया था कि वह सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं।

    परवीन बाबी और अमिताभ बच्चन ने साथ में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था जिनमें दीवार अमर अकबर एंथोनी काला पत्थर शान और नमक हलाल जैसी फिल्में शामिल हैं। दोनों की ऑनस्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। एक समय उनके अफेयर की अफवाहें भी उड़ी थीं लेकिन दोनों कलाकारों ने इन खबरों को कभी स्वीकार नहीं किया।

    1980 के दशक में परवीन बाबी ने अमिताभ बच्चन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमिताभ बच्चन एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का हिस्सा हैं और उनका अपहरण कर उनके कान में माइक्रोचिप लगाने की कोशिश की गई है। हालांकि जांच के दौरान अमिताभ बच्चन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।

    पूजा भट्ट ने परवीन बाबी के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वह बेहद खूबसूरत और दिलदार इंसान थीं। पूजा ने बताया कि जब उनके पिता महेश भट्ट उन्हें परवीन बाबी के घर लेकर जाते थे तब वह हमेशा उन्हें प्यार से मिलती थीं और गिफ्ट दिया करती थीं। पूजा आज भी वह परफ्यूम नहीं भूल पाईं जो परवीन बाबी ने उन्हें दिया था।

    जनवरी 2005 में परवीन बाबी का निधन हो गया था। वह सिर्फ 50 साल की थीं। उनकी मौत ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर दिया था। बताया जाता है कि उनका शव कई दिनों तक मुंबई के कूपर अस्पताल के मुर्दाघर में लावारिस पड़ा रहा था। बाद में महेश भट्ट आगे आए और उन्होंने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई।

    परवीन बाबी की कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे दर्दनाक कहानियों में गिनी जाती है जहां शोहरत के पीछे छिपा अकेलापन और मानसिक संघर्ष साफ दिखाई देता है।

  • बैन विवाद पर रणवीर सिंह की टीम की सफाई, बोले- सोच-समझकर रखी चुप्पी

    बैन विवाद पर रणवीर सिंह की टीम की सफाई, बोले- सोच-समझकर रखी चुप्पी


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। Federation of Western India Cine Employees यानी FWICE द्वारा रणवीर सिंह को बैन किए जाने के बाद अब पहली बार उनकी टीम की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। रणवीर के प्रवक्ता ने साफ किया है कि अभिनेता ने इस पूरे विवाद पर जानबूझकर चुप्पी बनाए रखी थी, क्योंकि वे निजी और पेशेवर मामलों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा नहीं बनाना चाहते थे।

    रणवीर सिंह की टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री और डॉन 3 फ्रैंचाइजी से जुड़े सभी लोगों का सम्मान करते हैं। बयान के मुताबिक, रणवीर का मानना है कि प्रोफेशनल बातचीत और व्यक्तिगत रिश्तों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ संभाला जाना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने विवाद के दौरान सामने आई अटकलों और चर्चाओं पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझा।

    टीम ने यह भी कहा कि रणवीर का पूरा ध्यान फिलहाल अपने काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। उन्होंने कभी भी विवाद को हवा देने या किसी पर सार्वजनिक टिप्पणी करने की कोशिश नहीं की। बयान में यह भी जोड़ा गया कि अभिनेता डॉन 3 से जुड़े सभी कलाकारों और निर्माताओं की सफलता की कामना करते हैं और आगे भी धैर्य और शांति बनाए रखेंगे।

    दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब अप्रैल 2026 में फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह के खिलाफ FWICE में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रणवीर ने कंपनी के साथ तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था और उनमें से एक फिल्म प्री-प्रोडक्शन स्टेज में पहुंच चुकी थी। लेकिन शूटिंग शुरू होने से करीब तीन सप्ताह पहले अभिनेता ने अचानक फिल्म छोड़ दी, जिससे प्रोडक्शन हाउस को लगभग 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

    FWICE के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद रणवीर सिंह को हर 10 दिन के अंतराल पर तीन नोटिस भेजे गए थे। इसके बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभिनेता को बैन करने का फैसला लिया। संगठन ने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से अपील की है कि जब तक नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक रणवीर के साथ काम न किया जाए।

    इस पूरे घटनाक्रम ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच समझौता होता है या विवाद और बढ़ता है।

  • आमिर खान का बड़ा बयान: गोविंदा-डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर फिल्म को बताया था ‘वल्गर’, 25 करोड़ के कलेक्शन से बनी थी सुपरहिट

    आमिर खान का बड़ा बयान: गोविंदा-डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर फिल्म को बताया था ‘वल्गर’, 25 करोड़ के कलेक्शन से बनी थी सुपरहिट


    नई दिल्ली । बॉलीवुड में कई बार ऐसी फिल्में सामने आई हैं जिन्हें दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया, लेकिन आलोचकों और कलाकारों की राय उनसे बिल्कुल अलग रही। ऐसी ही एक चर्चा में आई थी 1993 में रिलीज हुई गोविंदा और चंकी पांडे स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘आंखें’, जिसे लेकर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने एक बार बेहद स्पष्ट और सख्त राय दी थी।

    आमिर खान ने एक पुराने इंटरव्यू में इस फिल्म पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें यह फिल्म व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं आई। उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर टिप्पणी करते हुए इसे “वल्गर” और “अश्लीलता के करीब” बताया था। आमिर का कहना था कि फिल्म के कुछ कॉमेडी सीन उनकी समझ और पसंद से मेल नहीं खाते थे, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दर्शकों की पसंद अलग हो सकती है और किसी फिल्म की सफलता का पैमाना केवल व्यक्तिगत राय नहीं होता।

    ‘आंखें’ एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन डेविड धवन ने किया था और कहानी अनीस बज्मी ने लिखी थी। गोविंदा इस फिल्म में डबल रोल में नजर आए थे, जिसने दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन का नया अंदाज दिया। फिल्म में चंकी पांडे, राज बब्बर, कादर खान और शक्ति कपूर जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। अपनी रिलीज के साथ ही यह फिल्म उस समय की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई थी।

    कम बजट में बनी इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कॉमिक टाइमिंग और मनोरंजन से भरपूर कहानी थी। लगभग ढाई करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था, जो उस दौर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस सफलता ने गोविंदा को कॉमेडी फिल्मों के सुपरस्टार के रूप में और मजबूत पहचान दिलाई।

    आमिर खान के बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा जरूर पैदा की, क्योंकि जहां एक तरफ यह फिल्म जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रही, वहीं दूसरी तरफ एक स्थापित अभिनेता द्वारा इसे लेकर इतनी सख्त राय सामने आई। हालांकि आमिर ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य किसी फिल्म को छोटा दिखाना नहीं था, बल्कि वह सिर्फ अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया साझा कर रहे थे।

    बाद के वर्षों में भी ‘आंखें’ को हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों में गिना जाता है, जिन्होंने कम लागत में बड़ी कमाई कर इंडस्ट्री को चौंका दिया। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बाद में अन्य भाषाओं में भी रीमेक किया गया।

    आज भी जब 90 के दशक की कॉमेडी फिल्मों की चर्चा होती है, तो ‘आंखें’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आमिर खान की टिप्पणी और फिल्म की ऐतिहासिक सफलता मिलकर इसे बॉलीवुड इतिहास की उन फिल्मों में शामिल कर देती है, जो अपनी लोकप्रियता और विवाद दोनों के कारण याद की जाती हैं।

  • सलमान खान की कथित टिप्पणी पर विवाद, इंटरनेट पर तेज हुई बहस

    सलमान खान की कथित टिप्पणी पर विवाद, इंटरनेट पर तेज हुई बहस


    नई दिल्ली ।  बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान मंगलवार रात मुंबई के हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान पपराजी उनकी गाड़ी का पीछा करते हुए अस्पताल परिसर तक पहुंच गए और जोर-जोर से आवाजें लगाने लगे। स्थिति तब बिगड़ गई जब अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर भी फोटोग्राफर्स लगातार शोर करते रहे। इस पर सलमान खान ने गुस्से में प्रतिक्रिया दी और उन्हें फटकार लगाई। उन्होंने इशारों में पूछा कि अगर किसी का अपना परिजन अस्पताल में होता तो क्या वे ऐसा व्यवहार करते।

    सोशल मीडिया पर सलमान का तीखा पोस्ट
    घटना के बाद सलमान खान ने इंस्टाग्राम पर चार पोस्ट शेयर कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इन पोस्ट्स में उन्होंने मीडिया और पपराजी के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि वे हमेशा मीडिया के साथ खड़े रहे हैं, लेकिन अगर कोई उनके दुख को कमाई का जरिया बनाएगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक पोस्ट में उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार पर वे “कड़ा जवाब” देंगे।

    “60 साल का हो गया हूं, लेकिन लड़ना नहीं भूला”
    अपने पोस्ट्स में सलमान खान ने साफ कहा कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी लिखा कि वे किसी भी गलत व्यवहार के खिलाफ खड़े रहेंगे, चाहे परिणाम कुछ भी हों। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई-कुछ लोग उनके समर्थन में आए तो कुछ ने उनके लहजे की आलोचना की।

    फैंस और सोशल मीडिया की मिली-जुली प्रतिक्रिया
    घटना के बाद फैंस दो हिस्सों में बंट गए। एक तरफ लोग सलमान के समर्थन में बोले कि अस्पताल जैसी जगह पर पपराजी को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, वहीं कुछ यूजर्स ने उनके बयान को ज्यादा सख्त बताया। हालांकि, ज्यादातर फैंस ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की निजी स्थिति और भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है।

    आने वाली फिल्मों में व्यस्त सलमा
    विवाद के बीच सलमान खान अपनी आगामी फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं। वे एक बड़े बजट की एक्शन-ड्रामा फिल्म पर काम कर रहे हैं, साथ ही कई प्रोजेक्ट्स जैसे देशभक्ति फिल्म और बड़े स्टार्स के साथ संभावित सहयोग में भी नजर आएंगे।

    यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सेलिब्रिटी और मीडिया के बीच सीमा रेखा कितनी संवेदनशील होती है। अस्पताल जैसे स्थानों पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की अपेक्षा और बढ़ जाती है, और यही इस पूरे विवाद का केंद्र बन गया।

  • ‘त्रिदेव’ के ‘ओए ओए’ गाने पर क्यों मची थी हलचल? 36 साल पुरानी फिल्म से जुड़ा है हैरान करने वाला किस्सा

    ‘त्रिदेव’ के ‘ओए ओए’ गाने पर क्यों मची थी हलचल? 36 साल पुरानी फिल्म से जुड़ा है हैरान करने वाला किस्सा



    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई फिल्में अपनी कहानी और गानों की वजह से याद की जाती हैं, लेकिन 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘त्रिदेव’ से जुड़ा एक किस्सा आज भी हैरान कर देता है। इस फिल्म के एक गाने की वजह से उस दौर में देश के कई हिस्सों में विवाद की स्थिति बन गई थी और कुछ मामलों में गिरफ्तारियां तक होने की खबरें सामने आई थीं।

    साल 1989 में रिलीज हुई इस मल्टी-स्टारर फिल्म ‘त्रिदेव’ को राजीव राय ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, सनी देओल, जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित, संगीता बिजलानी, सोनम, अनुपम खेर और अमरीश पुरी जैसे बड़े कलाकारों ने काम किया था। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही और इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई के साथ 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी अपने नाम किए थे।

    हालांकि, इस फिल्म की सफलता के बीच इसका एक गाना ‘ओए ओए’ काफी चर्चा में आ गया था। यह गाना युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ, लेकिन बाद में इसके इस्तेमाल को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। निर्देशक राजीव राय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि यह गाना रेडियो नशा पर काफी हिट रहा, लेकिन धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल गलत संदर्भों में होने लगा।

    रिपोर्ट्स और उस समय की चर्चाओं के मुताबिक, कुछ जगहों पर लोग इस गाने के बोलों का इस्तेमाल छेड़खानी जैसी घटनाओं में करने लगे थे, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई की बातें भी सामने आईं और कई मामलों में लोगों पर कार्रवाई हुई। हालांकि, गाने पर आधिकारिक रूप से कोई बैन नहीं लगाया गया था, लेकिन यह सामाजिक स्तर पर विवाद का विषय जरूर बन गया था।

    ‘ओए ओए’ गाना ग्लोबल हिट गाने ‘Rhythm Is Gonna Get You’ से प्रेरित बताया जाता है, जिसे कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने कंपोज किया था। इस गाने को कविता कृष्णमूर्ति और सुरेश वाडकर ने अपनी आवाज दी थी। समय के साथ यह गाना पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया, लेकिन इसके साथ जुड़ा यह विवाद आज भी लोगों को चौंका देता है।

    इस तरह ‘त्रिदेव’ सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म ही नहीं रही, बल्कि अपने गाने की वजह से चर्चा और विवाद दोनों का हिस्सा बन गई, जिसकी गूंज 36 साल बाद भी लोगों के बीच सुनाई देती है।