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  • MP: BJP विधायक का छलका दर्द, 'कुछ साल पहले तक CM, आधी कैबिनेट हमारी होती थी, अब कुछ…'

    MP: BJP विधायक का छलका दर्द, 'कुछ साल पहले तक CM, आधी कैबिनेट हमारी होती थी, अब कुछ…'


    मध्य प्रदेश ।मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सागर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शुमार गोपाल भार्गव ने मंच से ब्राह्मण समाज और मौजूदा हालात को लेकर अपनी पीड़ा खुलकर जाहिर की। उनका कहना था कि आज कई संगठनों का एक ही एजेंडा रह गया है ब्राह्मणों को दबाना, उन्हें हाशिए पर ले जाना और उनके खिलाफ माहौल बनाना।

    आज ब्राह्मण समाज आंखों में खटक रहा है

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल भार्गव ने कहा कि ब्राह्मण समाज आज कई लोगों की आंखों में खटक रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए सवाल किया कि आखिर नियम-कानून बनाते समय हमेशा ब्राह्मण समाज को ही क्यों निशाना बनाया जाता है। भार्गव ने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मण समाज एकजुट होकर अपनी सामाजिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए आगे आए।

    कुछ साल पहले तक सीएम और आधी कैबिनेट हमारी होती थी

    अपने संबोधन में वरिष्ठ विधायक ने राजनीतिक परिदृश्य में आए बदलावों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक मुख्यमंत्री हमारे होते थे, प्रशासन में अधिकारी हमारे होते थे और यहां तक कि आधी से ज्यादा कैबिनेट भी ब्राह्मण समाज से आती थी। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि गिने-चुने लोग ही बचे हैं। भार्गव का यह बयान न केवल समाज की स्थिति पर सवाल उठाता है, बल्कि सत्ता और प्रतिनिधित्व में आए बदलाव की ओर भी संकेत करता है।

    यूजीसी और नियमों पर उठाए सवाल

    गोपाल भार्गव ने यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अन्य संस्थाओं के नियमों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकतर नियम और नीतियां ब्राह्मण समाज के खिलाफ ही बनाई जा रही हैं। उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए समाज से जागरूक होने और संगठित रहने की अपील की।

    पहले भी आ चुके हैं संवेदनशील बयान

    यह मामला इसलिए और गंभीर माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में कुछ आईएएस अधिकारियों के बयान भी चर्चा में रहे हैं। पहले आईएएस संतोष वर्मा का ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिया गया विवादित बयान सामने आया, फिर आईएएस नियाज खान ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के समर्थन में टिप्पणी की। अब एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता का ऐसा बयान पूरे मुद्दे को और संवेदनशील बना रहा है।

    सम्मान समारोह में दिया गया बयान

    गौरतलब है कि विधायक गोपाल भार्गव रविवार 1 फरवरी 2026 को सागर शहर के रविंद्र भवन में आयोजित ब्राह्मण समाज की पत्रिका के विमोचन एवं मेधावी छात्रों के सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी मंच से उन्होंने यह बयान दिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे चुका है।
  • MP में अस्थायी पद होंगे स्थायी, मोहन कैबिनेट ने सेवा भर्ती नियमों में बदलाव को दी मंजूरी

    MP में अस्थायी पद होंगे स्थायी, मोहन कैबिनेट ने सेवा भर्ती नियमों में बदलाव को दी मंजूरी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने विभिन्न परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए राहतों का ऐलान करते हुए राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet meeting) में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थाई और अस्थाई पदों में भेदभाव को समाप्त करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने अस्थाई पदों को स्थाई में बदलने के लिए सेवा भर्ती नियम में जरूरी प्रावधान करने पर भी मुहर लगाई है।

    कैबिनेट ने अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी दी। डूब प्रभावितों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रावधान किए गए 1656 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया। सिंचाई और जलविद्युत की परियोजनाएं अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में चल रही हैं।

    अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना 5,512 करोड़ रुपये की है। इससे 71 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 125 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इन तीनों परियोजनाओं से कुल 13,873 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें विशेष पैकेज के तहत प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। एससी और एसटी के 50 हजार परिवारों को अतिरिक्त राशि दी जाएगी।

    कैबिनेट ने 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में विभाग स्तर पर 10 लाख या उससे अधिक के कार्यों पर मुहर लगाई है। इसके तहत 693 करोड़ 76 लाख रुपये के लगभग 3810 काम होंगे। भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के मेंटिनेंस के लिए भी 2025-26 के दौरान 90 करोड़ 67 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को साल 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 905 करोड़ 25 लाख रुपये को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थायी और अस्थायी पदों के विभेदीकरण को खत्म करने की मंजूरी दी। इस दिशा में स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में बदलने के लिए सेवा भर्ती नियम में जरूरी प्रावधान करने को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 48 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।