मोबाइल अलर्ट ने पकड़वाया चोर चोर की किस्मत ने 15 जनवरी 2026 की रात को धोखा दे दिया। रात करीब 9 बजे जब आरोपी सुरेंद्रकुमार घर में घुसकर अलमारी से एक लाख रुपये निकाल रहा था, तभी मैनेजर प्रमोद पांडेय के मोबाइल पर सीसीटीवी का ‘मोशन अलर्ट’ मैसेज आया। सीसीटीवी फुटेज में पूर्व कर्मचारी को चोरी करते हुए साफ देखा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी फुटेज मिलते ही अंबोली पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई बनावटी चाबियां और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी उसके साथ शामिल था।
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सांसद मनोज तिवारी के घर लाखों की चोरी: पूर्व कर्मचारी ने डुप्लीकेट चाबियों से लगाया सेंध,
नई दिल्ली । भोजपुरी सुपरस्टार और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के मुंबई स्थित आवास पर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। अंधेरी पश्चिम के पॉश इलाके शास्त्रीनगर स्थित ‘सुंदरबन अपार्टमेंट’ में हुई इस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि सांसद के ही एक पूर्व भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया। हालांकि, तकनीक और पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी अब सलाखों के पीछे है। साढ़े पांच लाख की चपत और शातिर साजिश अंबोली पुलिस के अनुसार, इस चोरी के पीछे सुरेंद्रकुमार दीनानाथ शर्मा नाम का शख्स शामिल है, जिसे करीब दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से घर, बेडरूम और अलमारी की ‘बनावटी चाबियां’ तैयार कर ली थीं। इसकी मदद से वह घर में दाखिल होता और किसी को भनक लगे बिना नकदी पर हाथ साफ कर देता था। सांसद के मैनेजर प्रमोद पांडेय की शिकायत के अनुसार, घर से कुल 5.40 लाख रुपये की चोरी हुई है। दो किस्तों में हुई चोरी, जून से दिसंबर तक का खेल चोरी का यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था। जून 2025 में अलमारी से पहली बार 4.40 लाख रुपये गायब हुए थे। उस वक्त घर में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जिसके कारण चोर का पता नहीं चल सका। घर में बार-बार हो रही नकदी की कमी को देखते हुए मैनेजर ने दिसंबर 2025 में घर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाए। -

मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा
मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक खौफनाक मामला सामने आया है। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के रामनगर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अनियंत्रित कार सकरी गली में तेज गति से घुस आई और घर के बाहर बैठी महिलाओं को टक्कर मार दी। यह दिल दहला देने वाली घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।घटना रामनगर की एक संकरी गली की है, जहां रोज की तरह कुछ महिलाएं अपने घर के बाहर कुर्सियां डालकर बैठी थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार अचानक गली में दाखिल हुई।गली की चौड़ाई कम होने के बावजूद चालक ने न तो गति कम की और न ही वाहन पर नियंत्रण रखा। कुछ ही पलों में कार सीधे महिलाओं की ओर बढ़ गई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुर्सी पर बैठी एक महिला उछलकर काफी दूर जा गिरी। आसपास बैठी अन्य महिलाएं भी कार की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल महिला को संभाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार तेज रफ्तार में संकरी गली में प्रवेश करती है और सीधे महिलाओं को टक्कर मारती है। वीडियो में कार चालक की लापरवाही और तेज गति साफ नजर आ रही है। घटना के बाद कार कुछ दूरी पर जाकर रुकती दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर क्षेत्र की गलियां बेहद संकरी हैं और यहां अक्सर लोग घरों के बाहर बैठते हैं। इसके बावजूद कुछ वाहन चालक तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से इस इलाके में गति नियंत्रण और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कार चालक की पहचान की जा रही है और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही घायल महिला के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर आखिर कब सख्ती होगी। सीसीटीवी में कैद यह दृश्य न सिर्फ डरावना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की अनदेखी का गंभीर उदाहरण भी है।
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ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े
ग्वालियर /मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में देर रात बाइक सवार बदमाशों ने जमकर आतंक मचाया। थाना क्षेत्र में रात करीब एक बजे तीन बदमाशों ने सड़कों पर उत्पात मचाते हुए घरों के बाहर और सड़क किनारे खड़ी एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। अचानक हुई इस तोड़फोड़ से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो टूटे कांच देखकर सन्न रह गए।घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के रामटापुरा इलाके से शुरू हुई, जहां से बाइक सवार बदमाश सेवा नगर होते हुए किला गेट तक पहुंचे। इस पूरे रास्ते में जहां-जहां उन्हें कार, लोडिंग वाहन या अन्य गाड़ियां खड़ी मिलीं, उन्होंने बिना किसी डर के डंडों से उनके शीशे तोड़ दिए। बदमाश लगातार चलते रहे और पीछे तबाही के निशान छोड़ते गए।सुबह जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियों को देखा तो कई कारों के आगे और साइड के कांच टूटे हुए थे। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में एक अहम सुराग उस समय मिला जब रामटापुरा इलाके में लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश बाइक से उतरकर हाथ में डंडा लिए दौड़ रहे हैं और एक घर के बाहर खड़ी लोडिंग गाड़ी के कांच बेरहमी से तोड़ रहे हैं। वीडियो में बदमाशों की हरकतें इतनी बेखौफ नजर आईं कि लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए।सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में बदमाशों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई आपसी रंजिश, नशे की हालत या किसी अन्य कारण की भूमिका तो नहीं है।
गाड़ी मालिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उनका आरोप है कि रात के समय पुलिस गश्त और निगरानी मजबूत होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों संदिग्धों के खिलाफ वाहन क्षति और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी।
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उज्जैन में टोल कर्मचारी पर चाकू से हमला, बिना टोल देने पर विवाद हुआ हिंसक
उज्जैन। नागदा रोड स्थित चकरावदा टोल प्लाजा पर 7 जनवरी 2025 की रात लगभग 2:10 बजे एक गंभीर घटना हुई, जिसमें टोल कर्मचारी अरुण पर चार युवकों ने चाकू से हमला किया। यह पूरी वारदात टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उज्जैन की ओर जा रही टाटा टिगोर कार में सवार चार युवक पहले टोल कर्मचारियों से बहस करने लगे। कुछ देर बाद चालक सीट पर बैठे एक युवक ने कार से उतरकर अरुण पर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पीछे बैठे अन्य युवक भी उतरकर चाकू से हमला करने लगे और फिर अन्य कर्मचारियों पर भी हाथ साफ किया। हमलावर तुरंत अपनी कार में बैठकर फरार हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी टोल शुल्क दिए बिना आगे निकलना चाहते थे। जब कर्मचारियों ने उन्हें रोका तो युवक गुस्से में चिल्लाने लगे और विवाद बढ़ने पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अरुण की पीठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत उज्जैन के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सिर और गर्दन पर टांके लगाए गए।भैरवगढ़ थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।
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सरेराह युवक की हत्या, दो बाइक पर सवार छह युवकों ने चाकू से किया हमला, CCTV के सहारे जांच में जुटी पुलिस
जबलपुर । मध्यप्रदेश के पाटन थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज हत्या की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए छह युवकों ने सरेराह एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।एसडीओपी बरगी अर्जुन अयंक मिश्रा के अनुसार, मृतक की पहचान अभिषेक उर्फ महेन्द्र साहू 27 वर्ष के रूप में हुई है, जो पाटन थाना क्षेत्र का निवासी था। महेन्द्र पेशे से ट्रैवल्स एजेंसी का संचालन करता था और साथ ही लोगों को प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराता था। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।उज्जैन जाने के दौरान हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक, महेन्द्र बीते दिन अपने दोस्तों के साथ उज्जैन जाने के लिए घर से निकला था। यात्रा के दौरान सहजपुर के पास उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी खराब हो गई। रात होने के कारण उसने गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और वहीं रुक गया। अगले दिन सुबह उसने वाहन सुधारने के लिए एक मैकेनिक को बुलाया और दोपहर करीब एक बजे गाड़ी में बैठकर उसके आने का इंतजार कर रहा था।दो बाइक पर पहुंचे आरोपी, मच गई अफरातफरी
इसी दौरान अचानक दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह युवक मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने महेन्द्र को जबरन गाड़ी से बाहर निकाला और उस पर चाकू से लगातार वार करने लगे। अचानक हुए हमले से महेन्द्र संभल नहीं पाया और गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।भागते समय बदले कपड़े
प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के अनुसार, आरोपी कुछ दूरी पर जाकर रुके और अपनी पहचान छिपाने के इरादे से आपस में कपड़े बदल लिए। इसके बाद चार युवक मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गए, जबकि दो युवक पैदल ही अलग दिशा में निकल गए। यह पूरी गतिविधि आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।CCTV फुटेज बनी जांच का आधार
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज में आरोपी युवक, उनकी मोटरसाइकिलें और वारदात के बाद भागने का तरीका स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश कर रही है।अस्पताल में मृत घोषित, हत्या का केस दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महेन्द्र को अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।पुरानी रंजिश या साजिश की जांच
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या साजिश तो नहीं है। मृतक के दोस्तों, परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।इलाके में दहशत का माहौल
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। -

इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं
इंदौर । इंदौर में एक दिलचस्प और विवादास्पद घटना सामने आई है जिसमें चंदन नगर थाना पुलिस ने एक निर्दोष इंजीनियर को बगैर किसी अपराध के 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर बैठाया। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी संजय दुबे की गिरफ्तारी के लिए संजय दुबे के बेटे राजा को पकड़ लिया। 26 नवंबर को पुलिस ने राजा को सैलून से उठाया, जबकि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। राजा का नाम केवल इसलिए लिया गया क्योंकि पुलिस 12 नवंबर से आरोपी संजय दुबे को पकड़ने में विफल रही थी।इस घटना के बाद राजा के साले आकाश तिवारी ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजा निर्दोष था और उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं था, बावजूद इसके उसे पुलिस ने बगैर कारण के गिरफ्तार कर लिया और 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर रखा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।
हाई कोर्ट की प्रतिक्रिया और पुलिस कमिश्नर से सवाल
हाई कोर्ट ने पुलिस के इस कृत्य को गंभीरता से लिया और इसे नागरिक के मौलिक अधिकार का उल्लंघन मानते हुए थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को सख्त हिदायत दी। कोर्ट ने पटेल से 26 और 27 नवंबर के सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने को कहा, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि पुलिस ने क्या सचमुच अनुचित कार्रवाई की थी। हालांकि, जब पटेल कोर्ट में पेश हुए, तो वे अपने साथ सीसीटीवी फुटेज लाने में विफल रहे और इसका कारण तकनीकी गड़बड़ी बताया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य काफी हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि राजा के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से पूछा कि उन्होंने पटेल के खिलाफ क्या विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की है। इस सवाल से यह स्पष्ट हो गया कि कोर्ट अब इस मामले में पटेल के खिलाफ कठोर कदम उठाने की ओर इशारा कर रहा है।
राजा को रिहा किया गया, लेकिन मामला जारी
राजा को 27 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे रिहा किया गया, लेकिन इस रिहाई के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। हाई कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि 30 घंटे के दौरान की सीसीटीवी फुटेज पेश की जाए, लेकिन पटेल ने इसे प्रस्तुत नहीं किया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर और सवाल खड़े हो गए। इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है, और पुलिस को इस समय तक अपने पक्ष को स्पष्ट करने का अवसर दिया गया है।
इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का अधिकार है, और क्या पुलिस अधिकारियों को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने पर सजा मिलनी चाहिए। यह मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में पुलिस के बर्ताव और नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस के लिए कानून से ऊपर होना कोई विकल्प नहीं है, और हर नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा करने का हक है। हालांकि, मामले की आगे की सुनवाई में अदालत द्वारा की जाने वाली कार्रवाई इस बात का निर्णय करेगी कि क्या थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है, या फिर इसे एक और प्रशासनिक लापरवाही के रूप में ही छोड़ दिया जाएगा।