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  • Chardham Yatra: केदारनाथ में उमड़ रही भारी भीड़…वीडियो देख CM धामी ने किया बड़ा ऐलान

    Chardham Yatra: केदारनाथ में उमड़ रही भारी भीड़…वीडियो देख CM धामी ने किया बड़ा ऐलान


    देहरादून।
    पिछले दिनों केदारनाथ दर्शन (Kedarnath Darshan) को लेकर लोगों की भारी-भरकम भीड़ और रोते-बिलखते श्रद्धालुओं (Devotees.) की आपबीती वाले वायरल वीडियो सामने आए थे। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami.) ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के दौरान धामों की धारण क्षमता के अनुरूप दर्शन को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी। उन्होंने चारधाम यात्रा को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धामों में दर्शन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें। किसी भी धाम या पड़ाव के लिए तय क्षमता से अधिक लोगों के आने की स्थिति में नीचे के होल्डिंग एरिया-प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों व श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को भेजा जाए ताकि धामों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।


    भीड़ नियंत्रण पर क्या प्लान

    सीएम ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के तहत श्रद्धालुओं को रोकने पर उन्हें इस के कारण, संभावित प्रतीक्षा समय और आगे की व्यवस्था की सूचना नियमित उपलब्ध कराई जाए। यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में जानकारी के अभाव का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एफएम रेडियो से सूचनाएं पहुंचाई जाएं। मौसम में बदलाव, सड़क बंद होने, यातायात जाम या दर्शन में देरी जैसी स्थितियों के बारे में यात्रियों को समय रहते बताया जाए ताकि उनमें भ्रम और असंतोष पैदा न हो। सीएम ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय समेत सभी जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


    रात 10 से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों पर रोक

    चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अफसरों को यह व्यवस्था सख्ती से लागू करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि, ट्रक और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात के समय संचालन की अनुमति दी जाएगी। उनके अनुसार, चारधाम यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां प्रतिकूल मौसम की सबसे बड़ी चुनौती होगी। लिहाजा, संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड व सैटेलाइट फोन के साथ एम्बुलेंस और राहत-बचाव के जरूरी उपकरणों की व्यवस्था कराई जाए। सभी अफसरों को फील्ड में रहकर सारे इंतजाम का निरीक्षण और श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


    दिन में मालवाहक वाहनों पर रोक

    चारधाम यात्रा रूट पर दिन में मध्यम व भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। तीर्थयात्रियों को जाम से निजात के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद चारधाम यात्रा के नोडल अफसर संदीप सैनी ने यह आदेश किए।


    हेली एम्बुलेंस के लिए नोडल अफसर बनेंगे

    मुख्यमंत्री ने गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिलाने के लिए हेली एम्बुलेंस के लिए राज्य स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर डीएम समन्वय बनाकर मरीजों को मदद मुहैया करवा सकेंगे। उन्होंने केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शेड और बारिश-धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था के साथ स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। इस बैठक में मंत्री सतपाल महाराज, भरत सिंह चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन आदि मौजूद रहे।


    होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में अनिवार्य होगी रेट लिस्ट

    मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित सैंपलिंग को कहा। गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को नियमित समीक्षा, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस यात्रा से जुड़े जिलों के जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यात्रा प्रबंधन की निरंतर निगरानी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

  • चारधाम यात्रा : अब तक 22 लाख तीर्थयात्री कर चुके हैं दर्शन…. 5 हफ्तों में 92 श्रद्धालुओं की मौत

    चारधाम यात्रा : अब तक 22 लाख तीर्थयात्री कर चुके हैं दर्शन…. 5 हफ्तों में 92 श्रद्धालुओं की मौत


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के शुरुआती 5 हफ्तों में विभिन्न स्वास्थ्य कारणों की वजह से 92 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा 45 मौतें केदारनाथ (Kedarnath) में हुईं, जबकि बदरीनाथ (Badrinath) में 24, यमुनोत्री में 13 और गंगोत्री (Gangotri) में 10 तीर्थयात्रियों ने अपनी जान गंवाई। इनत तमाम चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

    केदारनाथ में सबसे अधिक 44 मौतें
    उत्तराखंड के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ में सबसे अधिक 44 मौतें दर्ज की गई हैं। बदरीनाथ में 24 , मुनात्री और गंगोत्री में क्रमशः 13 और 10 श्रद्धालुओं की मौतें हुई हैं। ये मौतें विभिन्न स्वास्थ्य कारणों से हुई हें। इनमें ऊंचाई से संबंधित बीमारियां और हृदय गति रुकना शामिल हैं। एक अन्य व्यक्ति की मौत केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई है।


    चारधाम यात्रा में 92 पहुंचा मौतों का आंकड़ा

    इस साल चारधाम यात्रा में मौतों का आंकड़ा 92 पर पहुंच गया है। आंकड़े बतलाते हैं कि सोमवार शाम सात बजे तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधामों के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में सबसे अधिक 8.72 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद बदरीनाथ में 6.13 लाख, गंगोत्री और यमुनोत्री में क्रमश: 3.85 एवं 3.87 लाख श्रद्धालु पहुंचे।


    अलर्ट मोड पर आपदा प्रबंधन विभाग

    उच्च हिमालयी क्षेत्र की इस यात्रा को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। इतना ही नहीं सिक्खों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।


    गंगा दशहरा के मौके पर लगाई आस्था की डुबकी

    इस बीच गंगा दशहरा के मौके पर सोमवार को हरिद्वार में गंगा किनारे बहुत से श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। लोगों ने नियम-कानून के साथ गंगा जी में स्नान किया। माना जाता है कि इस पवित्र मौके पर गंगा में नहाने से सारे पाप धुल जाते हैं। गंगा दशहरा पर्व उस घटना का प्रतीक है जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई थीं। इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर आई थीं। शास्त्रों के मुताबिक गंगा दशहरा गंगा नदी के धरती पर आगमन की याद में मनाया जाता है।

  • Chardham Yatra: एक माह में 8 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन….

    Chardham Yatra: एक माह में 8 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन….


    रुद्रप्रयाग।
    केदारनाथ यात्रा (Kedarnath Yatra) को एक माह पूरा हो गया है। इस अवधि में 8 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार (Baba Kedar) के दर्शन कर चुके हैं। जबकि इस बीच एक लाख से अधिक यात्री वाहन केदारघाटी में पहुंचे हैं। अभी तक की यात्रा में 65 फीसदी युवा एवं 35 फीसदी बुर्जुग एवं अन्य यात्री धाम पहुंचे हैं।

    बीती 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ (Lord Kedarnath) के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। पहले ही दिन 38000 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। जबकि इसके बाद यात्री संख्या लगातार बढ़ती रही। अप्रैल माह से लेकर मई माह में निरंतर यात्रियों का सैलाब केदारधाम उमड़ रहा है।


    चारधामों में सबसे अधिक केदारनाथ पहुंचे

    चारधामों में केदारनाथ में सर्वाधिक यात्री पहुंच रहे हैं। 23 मई तक केदारनाथ धाम में 811923 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। वहीं जून माह में स्कूलों में अवकाश होते ही यात्रियों की संख्या इससे भी अधिक होगी।

    इसके लिए प्रशासन, पुलिस और बीकेटीसी विशेष तैयारियों में लगी है। भीड़ नियंत्रण के लिए आला अधिकारी बैठकें कर योजना बना रहे हैं ताकि सभी यात्रियों को सुलभ दर्शन कराए जा सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि अभी तक रिकार्ड यात्री दर्शनों को पहुंचे हैं। अब स्कूलों में अवकाश होते ही यात्री संख्या बढ़ेगी इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।


    39 यात्रियों की हो चुकी मौत

    केदारनाथ यात्रा में कई यात्रियों को मुश्किलें भी उठानी पड़ रही है। ऑक्सीजन की कमी और ठंड के चलते यहां यात्रियों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। अभी तक विभिन्न कारणों से 39 यात्रियों की मौत हो चुकी है।


    बीकेटीसी को हो चुकी 14.50 करोड़ की आय

    एक महीने की अवधि में बदरी-केदार मंदिर समिति को 14.50 करोड़ की आय हुई है। बदरी केदार मंदिर समिति बड़ी संख्या में आ रहे तीर्थयात्रियों को सुलभ दर्शन कराने के लिए दिन रात ड्यूटी पर तैनात है। दिनभर में केदारनाथ मंदिर महज 3-4 घंटे ही बंद हो रहा है। अन्य समय मंदिर दर्शनों के लिए खुला रखा गया है।


    30925 यात्री कर चुके हैं हेलीकॉप्टर से यात्रा

    केदारनाथ के लिए 8 हेलीकॉप्टर कम्पनियों से 30025 यात्री यात्रा कर चुके हैं। जबकि हेलीकॉप्टरों ने एक माह की अवधि में कुल 5362 उड़ाने की है। इस दौरान 30925 यात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ गए जबकि 30822 तीर्थयात्री केदारनाथ से वापस आए।

    घोड़े-खच्चरों से 2 करोड़ 44 लाख की आय
    मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि केदारनाथ यात्रा में इस साल 7744 घोड़े खच्चर पंजीकृत है जबकि इनसे अभी तक 2 करोड़ 44 लाख 91 हजार की आय प्राप्त हुई है। अभी लम्बी यात्रा शेष है। जिससे आय में भी रिकार्ड इजाफा होगा।

  • चारधाम यात्रा पर मौसम का बड़ा अलर्ट, 12-13 मई को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

    चारधाम यात्रा पर मौसम का बड़ा अलर्ट, 12-13 मई को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी


    नई दिल्ली। Char Dham Yatra पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में 12 और 13 मई को खराब मौसम की आशंका है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
    मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
    खराब मौसम के कारण यात्रा मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जिससे श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

    यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
    गढ़वाल आयुक्त Vinay Shankar Pandey ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी है।

    सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर
    उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं, इसलिए मौसम को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

    श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुझाव

    यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
    गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखें
    पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से यात्रा करें
    प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें
    खराब मौसम में यात्रा टालने पर विचार करें

  • चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति

    चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति


    देहरादून।
    केदारनाथ यात्रा मार्ग (Kedarnath Route) पर एक मुस्लिम व्यक्ति (Muslim person) के मिलने पर विवाद हो गया। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के इस व्यक्ति को कुछ यात्रियों ने रोककर आपत्ति जताई। यात्रियों का कहना था कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) में मुस्लिम समुदाय के लोगों के आने पर प्रतिबंध है।

    यात्रियों ने व्यक्ति को घेरकर यात्रा मार्ग पर होने का कारण पूछा। व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उसे यहां काम करने के लिए बुलाया गया है। इस घटना से यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

    बता दें कि इस वर्ष बदरी केदार मंदिर समिति ने चारधाम के मंदिर परिसर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, यात्रा मार्ग पर इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

  • चारधाम यात्राः इंतजार की घड़ियां खत्म…. भक्तों के लिए खुले केदारनाथ धाम के पट

    चारधाम यात्राः इंतजार की घड़ियां खत्म…. भक्तों के लिए खुले केदारनाथ धाम के पट


    देहरादून।
    इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो चुकी है। आज 22 अप्रैल 2026 को सुबह केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट खोल दिए गए हैं। भगवान शिव (Lord Shiva.) के भक्तों के लिए आज का दिन बेहद ही खास है। मंदिर के द्वार खुलने से पहले ही धाम में भक्ति का माहौल बन गया। वहीं बीती शाम ही यहां पर ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की चल विग्रह डोली पहुंचीं। बता दें कि ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। हर साल 6 महीने के लिए बाबा केदार की इस डोली को ठंडी के दिनों में केदारनाथ धाम से ऊखीमठ ले जाया जाता है। मौसम सही होते ही इस डोली को वापस केदारनाथ लाया जाता है।

    आज सुबह से ही केदारनाथ में हर हर महादेव के जयकारों से साथ हजारों भक्त पहुंचते रहें। बता दें कि ये सिर्फ एक मंदिर या ज्योतिर्लिंग नहीं है बल्कि आस्था और विश्वास का अटूट केंद्र है। इसी वजह से केदारनाथ मंदिर का कपाट खुलना भक्तों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। आइए जानते हैं कि इस मंदिर से जुड़ी जानकारियां-


    इतने बजे खुले केदारनाथ मंदिर के कपाट

    आज सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रों और पूरे विधि-विधान के साथ बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के खास मौके पर मंदिर को कई क्विंटल फूलों से बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया जिससे इसकी भव्यता देखते ही बन रही है। कपाट खुलने के साथ ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।


    भोग 25 अप्रैल से शुरू

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के पहले दिन मंदिर में खास पूजा और आरती की गई। वहीं परंपरा के अनुसार नियमित भोग और पूरी तरह से तय दिनचर्या वाली पूजा 25 अप्रैल से शुरू होगी। यानी शुरुआती कुछ दिनों में यहां विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद रोज की पूजा सामान्य तरीके से होती है।


    केदारनाथ से पहले किनके दर्शन करना जरूरी?

    मान्यता है कि केदारनाथ जाने से पहले भगवान भैरवनाथ के दर्शन करना जरूरी है। भैरवनाथ मंदिर केदारनाथ धाम के पास ही ऊंचाई पर स्थित है। कहा जाता है कि जब सर्दियों में केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं तब भैरवनाथ ही पूरे धाम की रक्षा करते हैं। उन्हें यहां का क्षेत्रपाल भी कहा जाता है। ऐसे में लोग केदारनाथ के दर्शन करने से पहले भैरवनाथ मंदिर में ही मत्था टेकते हैं। ऐसा माना जाता है कि भैरवनाथ के दर्शन के बिना केदारनाथ यात्रा अधूरी है। लोगों का मानना है कि भैरवनाथ मंदिर में दर्शन करने से केदारनाथ यात्रा सफल और सुरक्षित होती है।

    केदारनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। ऐसे में यहां दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है। कपाट खुलते ही देश-विदेश से तमाम श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


    कब खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट

    केदारनाथ के बाद अब सबकी नजरें भगवान विष्णु के पवित्र धाम बद्रीनाथ पर हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट कल यानी 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे। कपाट के खुलने का समय सुबह 6:15 बजे है। बता दें कि ये चारधाम यात्रा का सबसे अहम पड़ाव है। बद्रीनाथ को धरती का बैकुंठ यानी भगवान विष्णु का निवास स्थान कहा जाता है।

  • चारधाम यात्रा प्रारंभ…. गैर-सनातनियों के लिए तीन धामों में शर्तें व नियम लागू, एक धाम में सबका स्वागत

    चारधाम यात्रा प्रारंभ…. गैर-सनातनियों के लिए तीन धामों में शर्तें व नियम लागू, एक धाम में सबका स्वागत


    देहरादून।
    अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड (Uttarakhand) की चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) शुरू हो गई है। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इस बार सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों पर प्रतिबंध लगाया गया है। महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में तीन धामों में गैर-सनातनियों के प्रवेश के लिए विशेष शर्तें एवं नियम लागू हैं जबकि एक धाम में सभी का स्वागत किया जाएगा। यात्रा के लिए अब तक लाखों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।


    चारधाम यात्रा शुरू

    अक्षय तृतीया के मौके पर रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दरवाजे भक्तों के लिए फिर से खुल गए। इसके साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई।


    पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम

    उत्तरकाशी जिले में मौजूद गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। गंगोत्री के कपाट खुलने के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वहां मौजूद रहे जहां उन्होंने यात्रा की सफलता और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


    गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के खुले कपाट

    धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगोत्री मंदिर के कपाट अपराह्न करीब 12:15 बजे और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 12:35 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड के चारधाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।


    यहां गैर सनातनियों को देना होगा हलफनामा

    इस साल 3 धामों में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर अलग-अलग शर्तें हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दोनों मंदिर परिसरों में प्रवेश के लिए सनातन धर्म के प्रति आस्था का हलफनामा अनिवार्य किया है।

    गंगोत्री मंदिर समिति ने पंचगव्य के बाद एंट्री
    वहीं गंगोत्री मंदिर समिति ने पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी) ग्रहण करने के बाद ही धाम में एंट्री की अनुमति देने की घोषणा की है।


    यमुनोत्री धाम में सबका स्वागत

    दूसरी ओर यमुनोत्री मंदिर समिति ने अलग रुख अपनाते हुए बिना जाति-धर्म पूछे श्रद्धाभाव से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के स्वागत का निर्णय लिया है।

    मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह बैन
    इस बार चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाया गया है। पिछले साल चारधाम यात्रा में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। वहीं इस साल अब तक करीब 19 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।


    कब खुलेंगे केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर के कपाट?

    उत्तराखंड के चारधामों में शामिल अन्य दो धाम-रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को जबकि चमोली जिले के बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। बता दें कि ये चारों धाम सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं। ये धाम अप्रैल-मई में दोबारा खोले जाते हैं।

  • चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

    Chardham 

    दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


    बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

    आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


    केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

    केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


    70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

    धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

    धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
    इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


    धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

    गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।

  • Chardham Yatra : वाहनों के लिए आज से बनेंगे ग्रीन कार्ड…. 19 अप्रैल को खुलेंगे मंदिरों के पट

    Chardham Yatra : वाहनों के लिए आज से बनेंगे ग्रीन कार्ड…. 19 अप्रैल को खुलेंगे मंदिरों के पट


    देहरादून।
    चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) पर जाने वाले वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड (Green Card.) सोमवार से बनने शुरू हो जाएंगे। हरिद्वार (Haridwar) के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय (RTO office) में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा इसका शुभारंभ करेंगे। परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के लिए वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी करने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा पर जाने वाले वाहनों की सुविधा के लिए विभाग ने शुरुआती चरण में तीन जगह ग्रीन कार्ड केंद्र बनाए हैं। इसके तहत हरिद्वार के रोशनाबाद में आरटीओ कार्यालय, ऋषिकेश और नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड बनवाने की सुविधा दी जा रही है।

    वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, परमिट और संबंधित चालक के दस्तावेजों की गहन जांच करने के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे। कॉमर्शियल वाहन बिना ग्रीन कार्ड के यात्रा मार्ग पर नहीं पाएंगे। मालूम हो कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस बार 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।


    केदारनाथ में खराब मौसम के बीच बर्फ हटाना चुनौती

    बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही यात्रा को देखते हुए शासन-प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए लोक निर्माण विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कर्मचारी पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में लगे हुए हैं।


    चारधाम और पर्यटन सीजन में बढ़ेगी दून में गैस की मांग

    दून में पहले से जारी गैस संकट आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन में रसोई गैस की खपत में भारी इजाफा होने की उम्मीद है। गर्मी शुरू होते ही उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों जैसे मसूरी, ऋषिकेश, सहस्रधारा और चकराता में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। इन क्षेत्रों के होटलों, होम-स्टे और ढाबों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के साथ-साथ घरेलू गैस की मांग भी बढ़ी है।

    ऋषिकेश और चकराता जैसे क्षेत्रों में यात्रियों के पड़ाव के कारण गैस की खपत सामान्य दिनों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।विभाग और गैस एजेंसियों के लिए आने वाले दो महीने आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से बड़ी चुनौती साबित होंगे।


    यात्रा से बढ़ेगा दबाव

    चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव के रूप में ऋषिकेश और देहरादून से होकर ही हजारों यात्री पहाड़ की ओर रुख करते हैं। यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और लंगर व्यवस्था के कारण सिलेंडरों की मांग में अचानक तेजी आएगी। यदि वर्तमान बैकलॉग समय पर खत्म नहीं हुआ तो यात्रा सीजन के दौरान आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

  • चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

    चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

    देहरादून। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (bktc) ने दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत केवल सनातन आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

    पंजीकरण के आधार पर होगा प्रवेश
    बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसी के आधार पर श्रद्धालुओं की एंट्री तय की जाएगी।

    रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें नाम, पता, धर्म और आस्था से जुड़ी जानकारी शामिल रहेगी। समिति का कहना है कि इसी प्रक्रिया से गैर-सनातन श्रद्धालुओं की पहचान की जाएगी।

    गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध
    समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में गैर-सनातन श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के अनुयायियों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।

    इसके साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी और सख्त किया जाएगा, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

    सारा अली खान को लेकर अलग रुख
    बीकेटीसी ने अभिनेत्री सारा अली खान के मामले को सामान्य नियमों से अलग बताया है। समिति के अनुसार, वह सनातन आस्था में विश्वास रखती हैं और इस आधार पर उनके लिए विशेष व्यवस्था (हलफनामा) का प्रावधान किया गया है।

    सभी यात्रियों के लिए नियम अनिवार्य
    समिति ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु के लिए पंजीकरण जरूरी होगा। सही जानकारी देने के बाद ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

    अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा की व्यवस्था, सुरक्षा और धार्मिक गरिमा बनी रहे।