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  • CG: बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को किया ढेर, हथियार बरामद

    CG: बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को किया ढेर, हथियार बरामद


    बीजापुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर जिले (Bijapur district) में सुरक्षाबलों ने शनिवार को हुई मुठभेड़ के बाद चार नक्सलियों (Four Naxalites) को मार गिराया। इनमें से एक की पहचान नेशनल पार्क एरिया कमेटी (National Park Area Committee) के डीवीसीएम दिलीप बेज्जा के रूप में हुई है, वहीं अन्य तीन नक्सलियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। सुरक्षाबलों ने इस कार्रवाई को उस सूचना के बाद अंजाम दिया, जिसमें उसे इलाके में नक्सलियों के बड़े नेता पापाराव समेत अन्य चार माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और कई बार हुई मुठभेड़ के बाद चार नक्सलियों को मार गिराया।

    इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बस्तर रेंज के आईजी पी.सुंदरराज ने बताया कि ‘बस्तर संभाग के अंतर्गत प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी माओवादी संगठन के विरुद्ध प्रभावी रूप से लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में 17 जनवरी शनिवार को जिला बीजापुर के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में माओवादी संगठन के पापाराव, DVCM दिलीप बेज्जा एवं अन्य माओवादियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम अभियान के लिए रवाना हुई।’

    आगे उन्होंने कहा, ‘इसके बाद तलाशी के दौरान दिन में कई बार माओवादियों एवं सुरक्षाबलों के बीच में मुठभेड़ हुई। फायरिंग खत्म होने के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई तो मौके से चार माओवादियों की डेडबॉडी, दो एके-47 राइफल, एक 303 राइफल और अन्य हथियार सुरक्षाबलों ने बरामद किए।’

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘मारे गए माओवादियों में से एक की पहचान डीवीसीएम दिलीप बेज्जा के रूप में हुई है, जो कि नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज था, वहीं मुठभेड़ में मारे गए तीन अन्य माओवादियों की शिनाख्त की कोशिश जारी है।’

  • राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट

    राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट


    नई दिल्ली । बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक होने वाला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी अब किसी भी शंका या विवाद से परे स्पष्ट रूप से निर्धारित हो चुका है। भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने पुष्टि की है कि यह आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बालोद के दुधली में होगा। इससे पहले इस आयोजन को लेकर कई अफवाहें और अटकलें चल रही थीं जिन पर अब विराम लग चुका है।

    14 000 प्रतिभागियों का मेगा इवेंट

    यह जम्बूरी भारत स्काउट एवं गाइड नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित होने वाला देश का पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी है जिसमें देश-विदेश से लगभग 14 000 प्रतिभागी भाग लेंगे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ से लगभग 4 292 स्काउट और गाइड शामिल होंगे। इस जम्बूरी के माध्यम से न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को एक नई पहचान मिलेगी क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी देखने को मिलेगी।

    तैयारियों में तेजी

    राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन भारत स्काउट एवं गाइड संगठन और स्वयंसेवकों की टीम मिलकर काम कर रही है। आयोजन स्थल की तैयारियां भी अपनी अंतिम रूपरेखा में हैं ताकि आने वाले 14 000 प्रतिभागियों के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

    बालोद को मिलेगी नई पहचान

    इंद्रजीत सिंह ने कहा इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश और विदेश में एक नई पहचान मिलेगी। हजारों रोवर-रेंजरों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा जिससे युवा शक्ति को नेतृत्व अनुशासन और सेवा भाव का अहम संदेश मिलेगा। यह आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है जो युवाओं को प्रेरित करने और उनके अंदर देशप्रेम और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।

    युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर

    पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जिससे उन्हें स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना – सेवा अनुशासन और देशप्रेम को और सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा। बालोद में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरव का विषय है और यह न केवल राज्य के बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

  • रायगढ़ में महिला कॉन्स्टेबल के साथ हैवानियत वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर खेत में पीटा

    रायगढ़ में महिला कॉन्स्टेबल के साथ हैवानियत वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर खेत में पीटा

    रायगढ़ । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जिसमें प्रदर्शनकारियों ने एक महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ बर्बरता की। यह घटना 27 दिसंबर को तमनार तहसील के गारे पेलमा-1 कोयला खदान के लिए आयोजित जनसुनवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन के दौरान हुई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के दौरान महिला कांस्टेबल को भीड़ ने घेर लिया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया।

    विरोध प्रदर्शन के बीच अचानक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने महिला कांस्टेबल की वर्दी फाड़ दी और उन्हें अर्धनग्न कर खेत में मारपीट की। यह घटना पूरी तरह से पुलिस की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली साबित हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे रायगढ़ जिले में हड़कंप मच गया।

    पुलिस ने इस शर्मनाक कृत्य को लेकर कार्रवाई की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस बल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं बल्कि यह भी दर्शाया है कि कुछ लोगों के बीच कानून का उल्लंघन किस हद तक हो सकता है।इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने यह आश्वासन दिया कि ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    आंदोलन के कारण यह घटना रायगढ़ जिले में गहरे विरोध और घृणा का कारण बनी है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे कानून और व्यवस्था का सम्मान करें और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचें। छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य सरकार अब इस तरह के घटनाक्रमों को रोकने के लिए नए कदम उठाने की योजना बना रहे हैं।

  • CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया

    CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया


    रायपुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर जिले (Surajpur district) में बाघ का शिकार (Tiger hunting) करने के आरोप में वन विभाग ने एक महिला सरपंच (Woman Sarpanch) समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि शिकार की यह घटना सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भैंसामुंडा गांव के जंगल में हुई थी और पुलिस के खोजी कुत्ते की मदद से हम आरोपियों तक पहुंच सके। घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए आरोपियों ने जंगल में बिजली का जाल बिछाया था, और उसी की चपेट में आकर बाघ की मृत्यु हो गई।

    इस दौरान नर बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग के दल ने गांव की सरपंच सिस्का कुजूर और उनके पति दिनेश के अलावा ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से चार आरोपी सिस्का कुजूर, दिनेश, ईश्वर कुजूर और अभिषेक रोशन बड़ा भैंसामुंडा गांव के निवासी हैं तथा मिथिलेश और रामनाथ कैलाशपुर गांव के निवासी हैं। वहीं भोला प्रसाद जिले के बर्तिकाला गांव का निवासी है।

    अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर को जिले के घुई वन रेंज के तहत भैंसामुंडा में नर बाघ का शव बरामद किया गया था, जिसके कुछ अंग गायब थे। उन्होंने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और जांच के लिए एक खोजी कुत्ते को भी लगाया गया।

    अधिकारियों ने बताया, ‘तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता सरपंच सिस्का कुजूर के घर तक जा पहुंचा। तब जांच अधिकारियों ने बुधवार को सिस्का के घर की तलाशी ली, जहां से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के टुकड़े तथा बिजली और जीआई का तार बरामद किया गया।’ आगे उन्होंने बताया, ‘सिस्का से पूछताछ के आधार पर अगले दिन, छह अन्य लोगों को पकड़ा गया। उनके पास से बाघ के दांत, बालों के गुच्छे, नाखून, बिजली और जीआई तार, लकड़ी का खूंटा और रस्सी का फंदा बरामद किया गया।’

    उन्होंने बताया कि आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

  • बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर

    बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर


    बीजापुर ।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक 5 लाख रुपये का इनामी माओवादी फागनू माडवी मारा गया। मुठभेड़ सुबह भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के आडवाड़ा-कोटमेटा वन क्षेत्र में शुरू हुई जब जिला रिजर्व गार्ड डीआरजी की एक टीम को माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिली और उन्होंने ऑपरेशन चलाया।

    मारे गए नक्सली की पहचान 35 वर्षीय फागनू माडवी के रूप में हुई है। वह भैरमगढ़ क्षेत्र समिति का सक्रिय सदस्य था। मुठभेड़ के बाद उसका शव घटनास्थल पर पाया गया। मौके से एक .303 राइफल एक 9 मिमी पिस्टल दो स्कैनर सेट एक रेडियो और एक मेडिकल किट बरामद किया गया। इस घटना को लेकर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण बस्तर में माओवादी नेटवर्क काफी कमजोर हो चुका है। उन्होंने बाकी माओवादी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करें।

    इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए हैं जिनमें से 256 माओवादी बस्तर मंडल के सात जिलों में मारे गए जिनमें बीजापुर भी शामिल है। शेष माओवादी रायपुर मंडल के गरियाबंद जिले और दुर्ग मंडल के मोहला-मनपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में मारे गए। यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों की लगातार कोशिशों का परिणाम है जो छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में माओवादी गतिविधियों को नष्ट करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

  • माओवादियों को बड़ा झटका: MMC ज़ोन कमांडर समेत दो ACM का सरेंडर 20 लाख का इनाम था घोषित

    माओवादियों को बड़ा झटका: MMC ज़ोन कमांडर समेत दो ACM का सरेंडर 20 लाख का इनाम था घोषित


    नई दिल्ली महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ MMC ज़ोन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा और दो ACM एरिया कमेटी मेंबर ने गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन तीनों पर कुल ₹20 लाख का इनाम था।  महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ MMC ट्राई-जंक्शन पर सक्रिय माओवादी संगठन को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर समेत कुल तीन प्रमुख माओवादी कैडरों ने महाराष्ट्र के गोंदिया पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं।
    आत्मसमर्पण करने वाले इन तीनों माओवादियों पर कुल ₹20 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित था जो इनकी संगठनात्मक महत्ता को दर्शाता है। यह आत्मसमर्पण तीनों राज्यों महाराष्ट्र मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है जो लंबे समय से इन क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए प्रयासरत थीं।आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी कैडर समर्पण करने वाले माओवादी दर्रेकसा एरिया कमेटी के प्रमुख सदस्य थे। इनमें निम्नलिखित लोग शामिल हैं:

    रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा 35:

    पद: दर्रेकसा एरिया कमेटी का कमांडर।मूल निवास: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का मेंदरी गांव।इनाम राशि: ₹8 लाख रुपये घोषित। सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा 26: पद: एरिया कमेटी मेंबर ACM। मूल निवास: बीजापुर जिले की उसूर तहसील का वेरापल्ली गांव। इनाम राशि: ₹6 लाख रुपये घोषित। रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्याम 25: पद: एरिया कमेटी मेंबर ACM। मूल निवास: नारायणपुर जिले का रेखापाल गांव। इनाम राशि: ₹6 लाख रुपये घोषित।तीनों माओवादियों ने गोंदिया में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विधिवत आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि इन कैडरों ने माओवादी संगठन के भीतर बढ़ती असुरक्षा पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार और प्रभावी कार्रवाई तथा मुख्यधारा में लौटने की प्रबल इच्छा के कारण यह निर्णय लिया। सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर अब ये सामान्य जीवन जी सकेंगे।

    MMC ज़ोन में समर्पण की लहर
    यह आत्मसमर्पण MMC ज़ोन में चल रहे व्यापक आत्मसमर्पण अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हाल के सप्ताहों में माओवादी कैडरों द्वारा मुख्यधारा में लौटने के मामलों में तेजी आई है जो सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दबाव और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है: 28 नवंबर का बड़ा सरेंडर: इससे पहले माओवादियों की एमएमएसी ज़ोन के प्रवक्ता और जेआरबी डिवीजन के इंचार्ज विकास नागपुरे उर्फ रमेश सय्याना भास्कर समेत दस अन्य माओवादियों ने भी गोंदिया पुलिस के सामने समर्पण किया था। 7 दिसंबर की कार्रवाई: 7 दिसंबर को भी 11 माओवादियों ने बालाघाट पुलिस मध्य प्रदेश के सामने हथियार डाले थे।

    8 दिसंबर की ऐतिहासिक सफलता: सबसे बड़ी कामयाबी 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों को मिली जब माओवादियों के शीर्ष लीडर एक करोड़ पांच लाख रुपये के इनामी रामधेर और उनके 11 साथियों ने अविभाजित राजनांदगांव जिले में समर्पण किया। इन लगातार सफलताओं के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि MMC ज़ोन में माओवादी हिंसकों के मुख्यधारा में लौटने का यह आखिरी दौर शुरू हो चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब इस पूरे ज़ोन में केवल एक माओवादी रंजीत ही शेष बचा है और सुरक्षा एजेंसियां जल्द ही उसके भी समर्पण किए जाने का दावा कर रही हैं।यह घटना न केवल माओवादी संगठन की कमर तोड़ने का काम करती है बल्कि यह भी स्थापित करती है कि सरकार की पुनर्वास नीतियां माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं जिससे इन क्षेत्रों में विकास और शांति की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।

  • छग के वरिष्ठ BJP नेता ने ताड़का’ और ‘सुरसा’ से की बंगाल की CM ममता बनर्जी की तुलना

    छग के वरिष्ठ BJP नेता ने ताड़का’ और ‘सुरसा’ से की बंगाल की CM ममता बनर्जी की तुलना


    रायपुर।
    छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party -BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) पर की गई टिप्पणी के लिए आलोचना की। उन्होंने बनर्जी की तुलना रामायण में वर्णित राक्षसी ‘ताड़का’ और ‘सुरसा’ से करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक अंत निश्चित है। चंद्राकर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बनर्जी को भाजपा या उसके नेतृत्व के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    जब उनसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की ओर से शाह पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने कहा, ‘वह बंगाल के लिए ताड़का और सुरसा हैं। किसी देश के गृह मंत्री पर टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए। बंगाल को उन्होंने (ममता ने) क्या दिया-यह सोचना चाहिए। माननीय गृह मंत्री ने कहा है कि घुसपैठिये इस देश का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तय नहीं कर सकते। ममता जी धमकी नहीं दे सकतीं। वह जमाना लद गया। वह कांग्रेस को धमकी दे सकती हैं कि ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व मैं करुंगी। भाजपा या भाजपा नेतृत्व को किसी तरह के अपशब्द कहने का उनको कोई अधिकार नहीं है। वह खुद ‘ताड़का’ और ‘सुरसा’ जैसी हैं, जिसका (राजनीतिक) वध निश्चित है।’

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में होने वाले हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया था कि शाह मतदाता सूचियों से ‘डेढ़ करोड़ नाम’ हटाने की कोशिशों को सीधे तौर पर निर्देशित कर रहे हैं। ममता ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगी।

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘देश का गृहमंत्री खतरनाक है। उनकी आंखों में यह साफ दिखता है। एक आंख में ‘दुर्योधन’ दिखता है, और दूसरी में ‘दु:शासन’।’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे वोटों के लिए इतने भूखे हैं कि उन्होंने अब एसआईआर शुरू कर दिया है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम कट गया, तो मैं तब तक धरना दूंगी, जब तक नाम जुड़ नहीं जाता। पश्चिम बंगाल में कोई निरुद्ध केंद्र नहीं बनेगा।’

  • Chhattisgarh: 6 महिला समेत 33 लाख के इनामी 10 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सौंपे हथियार

    Chhattisgarh: 6 महिला समेत 33 लाख के इनामी 10 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सौंपे हथियार


    सुकमा।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग (Naxal-affected Bastar region) में सुरक्षाबलों को शुक्रवार उस वक्त बेहद अहम कामयाबी मिली जब सुकमा में छह महिलाओं समेत कुल दस माओवादियों ने आत्मसमर्पण (10 Maoists including six women surrendered) करते हुए हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस घटना के बाद बस्तर में शांति और स्थायी विकास स्थापित करने के लिए संचालित ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है।

    सरेंडर करने वाले कैडरों में से, माओवादियों के कंपनी प्लाटून कमांडर मिदियम भीमा (30) पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा गंगा कुंजम (22), लेकम रामा, ताती सोनी (32) और शांति सोढ़ी (21) पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था, जबकि माडवी नवीन (20), माडवी रुकनी (24), ओयम मांगली (22), पोडियम मांगी (20) और माडवी गंगी (19) पर 1-1 लाख रुपए का इनाम था।

    सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरेंडर करने के दौरान इन कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने 1 AK-47, 2 SLR राइफलें, 1 पॉइन्ट 303 राइफल, 1 स्टेन गन और 1 BGL लॉन्चर सहित कई हथियार जमा किए। पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में विश्वास निर्माण और शांति स्थापना के लिए महत्वपूर्ण संकेत बताया।

    आत्मसमर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 के प्लाटून कमांडर, दरभा डिवीजन के दो एरिया कमेटी सदस्य, PLGA की दो मिलिट्री प्लाटूनों के PPMC सदस्य, गोल्लापल्ली LOS के दो सदस्य और तीन पार्टी सदस्य शामिल हैं। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि केवल साल 2025 में ही अब तक जिले में 263 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बढ़ता आत्मविश्वास बताता है कि क्षेत्र तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।

    बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा कि यह पुनर्वास दर्शाता है कि माओवादी विचारधारा अपना प्रभाव खो रही है और लोग शांति, सम्मान और प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों में बस्तर रेंज में 1514 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान वायान वाटिका में आत्मसमर्पित कैडरों द्वारा पौधारोपण भी किया गया, जो उनके नए जीवन और शांतिपूर्ण भविष्य की प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय समुदाय, प्रशासन और सुरक्षा बलों की उपस्थिति ने पुनर्वास प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया।