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  • MP: छिंदवाड़ा NICU अग्निकांड में 1 बच्ची की मौत, 2 झुलसे बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

    MP: छिंदवाड़ा NICU अग्निकांड में 1 बच्ची की मौत, 2 झुलसे बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल (Chhindwara District Hospital) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (Special Newborn Care Unit) में शनिवार तड़के वार्मर मशीन में अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुखद घटना में झुलसे तीन नवजात शिशुओं में से एक बच्ची ने जबलपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताई है।

    मुख्यमंत्री ने मृतक बच्ची के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन अन्य दो नवजात बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी.

    आग लगने के तुरंत बाद ऑन-ड्यूटी स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए अग्निशामक यंत्रों का उपयोग किया और ऑक्सीजन सप्लाई लाइन बंद कर बड़े हादसे को टाल दिया. यूनिट में मौजूद 33 नवजातों में से 30 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    वार्मर में रखे 3 बच्चे झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत एंबुलेंस और डॉक्टरों की निगरानी में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. इनमें से एक नवजात की हालत अत्यंत गंभीर थी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

    इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल मरीजों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. उन्होंने प्रदेश के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों का तुरंत फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    फिलहाल, छिंदवाड़ा जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने हादसे के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर लिए गए हैं।

  • मशहूर टीवी शो में काम करने का ऐसा चढ़ा जुनून, छिंदवाड़ा से 900 किमी दूर मुंबई फिल्म सिटी पहुंचा नाबालिग

    मशहूर टीवी शो में काम करने का ऐसा चढ़ा जुनून, छिंदवाड़ा से 900 किमी दूर मुंबई फिल्म सिटी पहुंचा नाबालिग

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का निवासी एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़का अभिनय क्षेत्र में अपना करियर बनाने और एक प्रसिद्ध टेलीविजन धारावाहिक में काम करने की चाहत में बिना बताए घर से निकलकर मुंबई पहुंच गया। लगभग 900 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचे इस किशोर को मुंबई की गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी परिसर में पुलिस की सतर्कता से सकुशल बरामद कर लिया गया है।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, आरे पुलिस स्टेशन की गश्ती टीम को गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी के पास एक नाबालिग अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। संदिग्ध स्थिति में घूम रहे लड़के को सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने रोककर पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे आरे पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसने अपने घर से भागकर मुंबई आने की पूरी जानकारी पुलिस अधिकारियों के सामने साझा की।

    नाबालिग ने बताया कि वह गुरुवार दोपहर को अपने घर से स्कूल जाने का बहाना बनाकर निकला था, लेकिन वह स्कूल न जाकर सीधे छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंच गया। वहां से उसने ट्रेन पकड़कर पहले नागपुर का सफर किया और फिर नागपुर से कनेक्टिंग ट्रेन लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गया। अगले दिन सुबह गोरेगांव रेलवे स्टेशन उतरने के बाद वह पैदल ही फिल्म सिटी परिसर तक पहुंच गया।

    पूछताछ में लड़के ने स्वीकार किया कि वह देश के लोकप्रिय कॉमेडी टेलीविजन धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ से अत्यधिक प्रभावित था और उसमें अभिनय का अवसर प्राप्त करना चाहता था। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से अभिनय के जुनून में आए इस लड़के के संदर्भ में जब मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस और परिजनों से संपर्क किया, तो पता चला कि परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी।

    मुंबई पुलिस ने बालक के परिजनों को उसके सुरक्षित मिलने की जानकारी दे दी है। फिलहाल नाबालिग को आरे पुलिस स्टेशन में सुरक्षा और देखरेख में रखा गया है। सूचना मिलने के बाद उसके पिता छिंदवाड़ा से मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर अपने पुत्र को सकुशल घर वापस ले जा सकें।

  • मध्य प्रदेश के कई शहरों की तैयारी पर उठे सवाल, अर्बन चैलेंज फंड में उज्जैन-इंदौर को बढ़त, छिंदवाड़ा और कटनी को करना होगा इंतजार

    मध्य प्रदेश के कई शहरों की तैयारी पर उठे सवाल, अर्बन चैलेंज फंड में उज्जैन-इंदौर को बढ़त, छिंदवाड़ा और कटनी को करना होगा इंतजार


    मध्य प्रदेश:
    भारत सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के पहले चरण में मध्य प्रदेश के लिए 2753.10 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। यह स्वीकृति राज्य के कई शहरों में जल प्रदाय, सीवरेज नेटवर्क, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन से जुड़े विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि इस प्रक्रिया में कुछ प्रमुख नगर निगम आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी नहीं कर सके, जिसके कारण उन्हें पहले चरण का लाभ नहीं मिल पाया।

    पहले चरण में सबसे बड़ा झटका छिंदवाड़ा, कटनी और ग्वालियर नगर निगमों को लगा। इन शहरों की परियोजनाएं समय पर निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रस्तुत नहीं हो सकीं, जिससे इन्हें अब अगले चरण की प्रक्रिया का इंतजार करना होगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय तैयारी में कमी के कारण प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति तक नहीं पहुंच पाए।

    छिंदवाड़ा नगर निगम ने लगभग 67 करोड़ रुपये की जल प्रदाय परियोजना तैयार की थी, लेकिन इसके लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था और ऋण संबंधी दस्तावेज स्पष्ट नहीं होने के कारण प्रस्ताव अधूरा माना गया। इसी प्रकार कटनी नगर निगम ने लगभग 600 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की योजना बनाई थी, लेकिन समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने से परियोजना पहले चरण में शामिल नहीं हो सकी।

    ग्वालियर नगर निगम की स्थिति भी इससे अलग नहीं रही। यहां जल प्रदाय और सीवरेज से जुड़े 1500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित थे, लेकिन विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय पर तैयार नहीं हो पाया। इसके कारण इतने बड़े निवेश वाली योजना भी फिलहाल अगले चरण के लिए स्थगित कर दी गई। राजधानी भोपाल को भी पहले चरण में परियोजना के तहत राशि नहीं मिल सकी।

    इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और रीवा जैसे शहरों की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इंदौर में जल प्रदाय व्यवस्था और वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 907 करोड़ रुपये तथा सीवर नेटवर्क उन्नयन और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 306 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जबलपुर में जल प्रदाय विस्तार के लिए 64 करोड़ और सीवरेज परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। रीवा को जल प्रदाय व्यवस्था के लिए 99 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उज्जैन को इस चरण में सबसे बड़ी मंजूरी मिली है। यहां 11 प्रमुख मंदिर परिसरों के समग्र विकास और कॉरिडोर निर्माण के लिए 1124 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और शहरी अधोसंरचना को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है।

    अर्बन चैलेंज फंड के तहत केंद्र सरकार परियोजना लागत का 25 प्रतिशत, यानी लगभग 688.28 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। शेष राशि में 50 प्रतिशत संबंधित नगरीय निकायों को बॉण्ड, ऋण या अन्य वित्तीय साधनों के माध्यम से जुटानी होगी, जबकि निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य का कुल हिस्सा लगभग 5000 करोड़ रुपये रहेगा और इसके माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की शहरी विकास परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    इस पूरी प्रक्रिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल योजनाएं तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर वित्तीय, तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी करना भी उतना ही आवश्यक है। जिन नगर निगमों की परियोजनाएं पहले चरण से बाहर रह गई हैं, उनके लिए अगले चरण से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करना बड़ी चुनौती होगी। यदि ऐसा किया जाता है तो भविष्य में इन शहरों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं और आधारभूत विकास का लाभ मिल सकेगा।

  • सौंसर में मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड को मिली नई दिशा, वन विभाग ने 9.5 करोड़ रुपये एनपीवी जमा कराने और नए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की रखी शर्त

    सौंसर में मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड को मिली नई दिशा, वन विभाग ने 9.5 करोड़ रुपये एनपीवी जमा कराने और नए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की रखी शर्त

    मध्य प्रदेश। पांढुर्ना जिले के सौंसर क्षेत्र में वर्षों से प्रस्तावित स्पेशल इकोनामिक जोन (एसईजेड) परियोजना को अब नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी नहीं हो सकी थी। अब इसे पारंपरिक एसईजेड के बजाय मल्टी प्रोडक्ट स्पेशल इकोनामिक जोन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बदलाव से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    करीब आठ हजार एकड़ अधिगृहित भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना में अब राज्य की औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के तहत विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए राज्य के औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया है। सरकार का मानना है कि मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड का स्वरूप निवेशकों को अधिक आकर्षित करेगा और क्षेत्र में विविध उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा।

    हालांकि परियोजना के नए स्वरूप के साथ ही वन विभाग ने महत्वपूर्ण शर्तें भी सामने रख दी हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैकल्पिक वृक्षारोपण के लिए नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) के रूप में 9 करोड़ 50 लाख रुपये जमा कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही भू-उपयोग में बदलाव होने के कारण परियोजना के लिए नए सिरे से वन स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। वन विभाग का यह अभिमत परियोजना की आगे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    जानकारी के अनुसार प्रस्तावित एसईजेड का एक बड़ा हिस्सा वन भूमि से जुड़ा हुआ है। पहले चरण में इस भूमि के उपयोग के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराकर प्रारंभिक वन स्वीकृति प्राप्त कर ली गई थी, लेकिन उस समय निर्धारित नेट प्रेजेंट वैल्यू की राशि जमा नहीं कराई गई थी। अब परियोजना का स्वरूप बदलने के बाद पूर्व में मिली स्वीकृतियां पर्याप्त नहीं मानी जाएंगी और पूरी प्रक्रिया को संशोधित नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा।

    इस नई स्थिति में परियोजना विकसित करने वाली कंपनी को वन विभाग की सभी शर्तों का पालन करते हुए आवश्यक दस्तावेज, स्वीकृतियां और वित्तीय दायित्व पूरे करने होंगे। इसके बाद ही परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो सकेगा। प्रशासनिक स्तर पर भी विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी आवश्यक अनुमतियां समय पर मिल जाती हैं तो मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड क्षेत्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे विनिर्माण, प्रसंस्करण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों का भी विस्तार हो सकता है।

    फिलहाल परियोजना का भविष्य वन विभाग की शर्तों के पालन और राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति पर निर्भर है। यदि सभी औपचारिकताएं तय समय पर पूरी होती हैं तो लंबे समय से प्रतीक्षित यह औद्योगिक परियोजना एक नए स्वरूप के साथ आगे बढ़ सकती है और पांढुर्ना तथा आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

  • छिंदवाड़ा में दर्दनाक हादसा: पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे बुजुर्ग की मौत, नाती घायल

    छिंदवाड़ा में दर्दनाक हादसा: पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे बुजुर्ग की मौत, नाती घायल


    मध्‍य प्रदेश । छिंदवाड़ा जिले के तामिया थाना क्षेत्र अंतर्गत साजंकुही में शुक्रवार शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद नाती घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब बुजुर्ग अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए बाजार से सामान लेने जा रहे थे।

    जानकारी के अनुसार, मृतक सुमरलाल उईके (70 वर्ष), निवासी धूर्वाढ़ाना, अपनी पत्नी के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे। वे अपने नाती संजय के साथ टू-व्हीलर से सामान खरीदने निकले थे, तभी साजंकुही के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि दादा और नाती दोनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन बुजुर्ग ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि नाती का इलाज जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सामने से आकर टू-व्हीलर को टक्कर मारी, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। हालांकि पुलिस ने अभी तक वाहन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही तामिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर वाहन की तलाश की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, क्योंकि एक ही घर पहले से पत्नी की मौत के शोक में डूबा था और अब पति की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, अब इस घर से पति-पत्नी दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकलने की स्थिति बन गई है, जिससे माहौल बेहद गमगीन हो गया है।

  • छिंदवाड़ा में युवती पर जानलेवा हमला: घर में अकेली सोते समय सिर पर वार, हालत गंभीर

    छिंदवाड़ा में युवती पर जानलेवा हमला: घर में अकेली सोते समय सिर पर वार, हालत गंभीर


    मध्‍य प्रदेश । छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया भर्ती में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घर में अकेली सो रही एक युवती पर अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने युवती के सिर पर धारदार या भारी वस्तु से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गई।

    घटना के बाद सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घायल युवती पूरी रात अपने ही घर के आंगन में तड़पती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह जब पड़ोसियों की नजर उस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे अमरवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है और स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

    घटना की जानकारी मिलते ही अमरवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह हमला किसी व्यक्तिगत विवाद का परिणाम हो सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले विवाह या रिश्ते को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता और सभी एंगल से जांच की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

  • छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप

    छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप


    नई दिल्ली । छिंदवाड़ा के खजरी ओवरब्रिज के पास एक युवक ने दिव्यांग कार चालक के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और हंगामा किया। खुद को फौजी बताने वाले आरोपी ने ‘पुलिस’ लिखी कार से आकर आधे घंटे तक उत्पात मचाया और लोगों के पहुंचने पर फरार हो गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    ओवरब्रिज के पास सड़क पर आधे घंटे तक चला ड्रामा
    छिंदवाड़ा शहर के खजरी ओवरब्रिज के पास शनिवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ‘पुलिस’ लिखी कार में सवार होकर मौके पर पहुंचा और खुद को सेना का जवान बताने लगा। इसी दौरान उसने एक दिव्यांग कार चालक आश्रय जैन को निशाना बनाया और उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

    दिव्यांग चालक को कार से खींचने की कोशिश
    पीड़ित आश्रय जैन अपनी कार से गुजर रहे थे, तभी आरोपी ने उन्हें रोक लिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब युवक ने उन्हें कार से बाहर खींचने की कोशिश की। पीड़ित ने अपनी दिव्यांगता के बारे में भी बताया, लेकिन आरोपी ने कोई सुनवाई नहीं की और लगातार बदसलूकी करता रहा। इस दौरान करीब 30 मिनट तक सड़क पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

    भीड़ जुटते ही फरार हुआ आरोपी
    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और हस्तक्षेप करने की कोशिश की। जब लोगों ने आरोपी से उसका नाम और पहचान पूछी, तो वह घबरा गया और बिना जवाब दिए मौके से अपनी कार लेकर फरार हो गया। कार के आगे और पीछे ‘पुलिस’ लिखा होने के कारण शुरुआत में लोग भ्रमित भी हुए।

    पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत, जांच शुरू
    घटना के बाद पीड़ित आश्रय जैन कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोपी पर मानसिक प्रताड़ना और सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, वाहन नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सड़क पर वर्दी और सरकारी पहचान के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को भी उजागर करती है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

  • एमपी में शादी के दौरान रेबीज वैक्सीनेशन कैंप, बारातियों को बुलाकर लगाया गया इंजेक्शन, उठे सवाल

    एमपी में शादी के दौरान रेबीज वैक्सीनेशन कैंप, बारातियों को बुलाकर लगाया गया इंजेक्शन, उठे सवाल


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादी समारोह के दौरान शामिल हुए बारातियों को बाद में घर-घर बुलाकर रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। यह पूरा मामला भैंसादंड गांव का है, जिसने पूरे इलाके में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, शादी समारोह में मेहमानों को जो मट्ठा (छाछ) परोसा गया था, वह एक ऐसी गाय के दूध से बनाया गया था, जिसमें रेबीज जैसे गंभीर लक्षण पाए गए थे। बाद में जांच में सामने आया कि संबंधित गाय को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था और उसी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।

    मंगलवार को जब गाय की हालत अचानक गंभीर हुई, तब गांव में यह जानकारी फैली कि उसी दूध से बने मट्ठे का उपयोग शादी में किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया और संभावित संक्रमण के खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए।

    स्वास्थ्य विभाग ने उप स्वास्थ्य केंद्र भैंसादंड में तत्काल कैंप लगाकर टीकाकरण अभियान शुरू किया। अब तक करीब 200 से 250 लोगों को रेबीज के एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। विभाग की टीम लगातार लोगों की पहचान कर उन्हें बुला रही है और टीकाकरण सुनिश्चित कर रही है।

    अधिकारियों के अनुसार, यह कदम पूरी तरह सावधानी के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण या जोखिम से बचा जा सके। क्योंकि रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों के संपर्क या उनके दूध/लार से फैलने की आशंका में भी जोखिम पैदा कर सकती है।

    गांव में स्वास्थ्य टीम की तैनाती की गई है और सभी बारातियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जिन लोगों ने शादी में भोजन और पेय पदार्थों का सेवन किया था, उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी समारोह में बड़ी संख्या में मेहमान शामिल हुए थे, इसलिए अब सभी को ट्रैक कर टीकाकरण किया जा रहा है। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग पहले तो घबरा गए, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है कि क्या वास्तव में दूध या मट्ठे से किसी प्रकार का संक्रमण फैलने का खतरा था या यह पूरी तरह एहतियाती कदम है।

    यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर करती है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात से बचा जा सके।

  • छिंदवाड़ा: हज यात्रियों को छोड़ लौट रही कार हादसे का शिकार, तीन की मौत, तीन गंभीर घायल

    छिंदवाड़ा: हज यात्रियों को छोड़ लौट रही कार हादसे का शिकार, तीन की मौत, तीन गंभीर घायल


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के उमरानाला क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नागपुर में हज यात्रियों को छोड़कर लौट रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं वाहन चालक और एक अन्य घायल ने छिंदवाड़ा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    तीन घायल निजी अस्पताल में भर्ती
    कार में सवार अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। इनमें दो लोग मृत अवस्था में पहुंचे थे, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया।

    कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त, जांच जारी
    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने या वाहन से नियंत्रण खोने के कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

  • मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान

    मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार की रात हुई सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजन से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दोपहर बाद छिंदवाड़ा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ादायक है। मध्य प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। इन परिवारों को संबल योजना की चार लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जायेगी। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को भी आवश्यक सहायता और नि:शुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्हाेंने कहा कि दुर्घटना में सभी घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ग्रामों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले के ग्राम करेर तहसील मोहखेड़ की सिया पत्नी कृष्णा इनवाती, रामदास पुत्र सुकलू पराने, दौलत पवार, भागवती पत्नी दान सिंह और शकुन पत्नी लखीचन्द्र यादव के निवास जाकर मुलाकात की। ग्राम करेर में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ग्राम ग्वारा और ग्राम झिरिया पहुंचे। उन्होंने यहां प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के सदस्यों से चर्चा कर कहा कि दुख की इस घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार आपके साथ है। आपको हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।


    जिला अस्पताल में उपचाररत घायलों का जाना हाल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में हुई सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्तियों से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। उन्हाेंने चिकित्सकों को सभी घायलों की समुचित चिकित्सा के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक किए गए उपचार की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को नागपुर अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार घायलों के नि:शुल्क उपचार के लिए कटिबद्ध है। उन्हाेंने कहा कि अन्य जगह रेफर किए जाने की स्थिति में भी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी।


    घायलों का सहयोग करने वाले जवानों को किया जायेगा पुरस्कृत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन, नागरिकों और पुलिस बल के उन जवानों की सराहना की, जिन्होंने दुर्घटना के बाद सभी स्थितियों को कुशलतापूर्वक सम्हाला। उन्होंने उन पुलिस जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की, जिन्होंने घायलों की पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता की। वे रामनवमी के पहले से निर्धारित सतना जिले के चित्रकूट के विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त कर छिंदवाड़ा में प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे।


    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस की भिड़ंत में 10 लोगों की हो गई थी मौत

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार की रात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई थी। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    छिंदवाड़ा में गुरुवार को हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस शाम करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी यह हादसा हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 6 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।


    ग्राम करेर में एक साथ उठी पांच अर्थियां

    इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में से पांच करेर गांव के निवासी थे, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को करेर गांव में जब मृतकों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। हर ओर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं। परिजन अपने प्रियजनों के शवों से लिपटकर विलाप करते नजर आए।