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  • छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल

    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है, साथ ही मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

    दरअसल, छिंदवाड़ा में गुरुवार को छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन आयोजि किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी उसकी पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालक समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, कुछ के सिर फूटे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है और डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के कारण सड़क पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ यातायात बहाल करने में जुटे हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और घायलों को निकालने के लिए क्रेन व स्थानीय लोगों की मदद ली गई। छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे भी अस्पताल में मौजूद हैं।

    छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में भागवती (45), दौलत (40), सकुन यादव (45), रामदास (40), रमेश (35), सिया बाई (40), वंश (7), बस चालक कमल (54), पिकअप चालक रवि धारे (40) और एक अन्य शामिल है। मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि दुखद घटना है। घायलों को इलाज दिलाना प्राथमिकता है। हादसे में किसकी गलती है, ये तो जांच के बाद पता लगेगा।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • छिंदवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में 4 युवकों की मौत, 1 गंभी

    छिंदवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में 4 युवकों की मौत, 1 गंभी

    छिंदवाड़ा जिले के चौरई क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने सभी को हिला कर रख दिया। यहां दो बाइक आमने-सामने टकरा गईं, जिसमें चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिहोरा-माचागोरा रोड पर धनोरा गोसाई पुलिया के पास हुआ।

    जानकारी के अनुसार, एक बाइक पर तीन युवक और दूसरी बाइक पर दो युवक सवार थे। दोनों बाइक तेज रफ्तार में विपरीत दिशा से आ रही थीं। पुलिया के पास जब वे आमने-सामने टकराए, तो टक्कर इतनी भीषण थी कि सभी युवक सड़क से दूर तक जा गिरे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी।

    घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक युवक का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल में घायलों की आपातकालीन स्थिति देखी गई, जैसे किसी फिल्म का सीन हो। घायल को बाइक सहित इमरजेंसी वार्ड तक ले जाना पड़ा।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार बताया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यह हादसा इस बात का प्रमाण है कि सड़क पर तेज गति, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही जीवन के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिया और रोड अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन से रोड पर सुरक्षा उपायों और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। परिवारों में मातम का माहौल है और मृतकों के परिजन हादसे की इस भयावहता से सदमे में हैं।

    हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर नियंत्रण न होने पर परिणाम हमेशा गंभीर होते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना छिंदवाड़ा जिले और आसपास के इलाकों के लिए चेतावनी है कि सड़क पर सतर्कता, हेलमेट का उपयोग और निर्धारित गति सीमा का पालन जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

  • हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल

    हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल


    होशंगाबाद जिले के पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस रविवार 22 फरवरी सुबह करीब दस बजे रेनीखेड़ा गांव के पास पलट गई और हादसे में पंद्रह यात्री घायल हो गए। बस के अनियंत्रित होकर पलटने की जानकारी मिलने पर माहुलझिर थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल तामिया अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार बस पिपरिया से छिंदवाड़ा की ओर आ रही थी और रेनीखेड़ा के पास अचानक चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इसके बावजूद पंद्रह यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें से दस से ग्यारह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पिपरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी अन्य मामूली घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    बस चालक अमर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर है और उनकी निगरानी जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य किया। साथ ही पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पलटी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि बस पलटते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ आए और घायलों की मदद की। कई लोग घायल यात्रियों को तामिया अस्पताल तक पहुंचाने में शामिल हुए। हादसे में गनीमत यह रही कि बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकता था।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि पिपरिया-छिंदवाड़ा मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज गति से बचें। स्थानीय प्रशासन भी हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है।

    बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। तेज गति और चालक की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों और आम जनता से अपील की गई है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनियंत्रित वाहन से बचने के लिए सतर्क रहें।

  • MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा

    MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के चांद थाना क्षेत्र के परसगांव में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने गुस्से में आकर अपनी ढाई साल की मासूम बेटी (Innocent Daughter) की गला घोंटकर हत्या कर दी। मिली जानकारी के अनुसार मृत बच्ची के पिता रामदास चौरिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी ढाई साल की बेटी की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है। पिता ने बताया कि करीब 3 बजकर 25 मिनिट पर जब वह घर लौटे तो बेटी को अचेत अवस्था में मिली। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    बेटी की मौत पर संदेह जताते हुए पिता थाने पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस का शक बच्ची की मां संगीता चौरिया पर गया।पुलिस ने सख्ती से संगीता चौरिया से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मां को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी या अन्य परेशानी नहीं थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मां ने बतया की बच्ची पूरी तरह सामान्य थी और खाना खाकर घर पर मौजूद थी। इसी दौरान पिता ट्रैक्टर में हवा भरवाने के लिए बच्ची को साथ ले गए। हवा भरवाने के बाद वह बच्ची को घर छोड़कर अपने काम पर निकल गए। पिता के जाते ही बच्ची रोने लगी। बच्ची को शांत कराने की कोशिश की लेकिन लगातार पिता के लिए रोने से वह गुस्से में आ गई। इसी दौरान उसने कान में बांधने वाले रूमाल से बच्ची का गला घोंट दिया और बाद में हाथ से भी गला दबाया, जिससे मासूम की मौत हो गई।

    चांद थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ललित बैरागी ने बताया कि घटना दोपहर 3 बजे से 3:25 बजे के बीच की है। जांच में सामने आया कि घटना के समय घर में मां के अलावा कोई और मौजूद नहीं था। उस दौरान किसी के आने-जाने के सबूत भी नहीं मिले। पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को आरोपी मां संगीता चौरिया के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया है।

  • छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम

    छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम


    छिंदवाड़ा । मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा के अंदर गुटबाजी ने गंभीर रूप ले लिया है जिसके कारण पार्टी की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। लोकसभा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू और भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के बीच चल रहे विवाद को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं को भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में तलब किया है। यह बैठक भाजपा के शीर्ष नेताओं हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की उपस्थिति में हुई जहां दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर बातचीत कराई गई और भविष्य में पार्टी की एकता बनाए रखने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया।

    गुटबाजी की यह समस्या छिंदवाड़ा भाजपा की जिला इकाई में लंबे समय से चल रही है। सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार शेषराव यादव की बैठकों में सांसद बंटी साहू शामिल नहीं होते थे और इस दौरान यादव ने साहू के खिलाफ बयानबाजी भी की थी। यह विवाद जिले में जिला कार्यकारिणी गठन पदों के बंटवारे और अन्य संगठनात्मक फैसलों को लेकर और भी गहरा गया था।

    भोपाल में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं से कहा कि भाजपा ने छिंदवाड़ा में लंबे संघर्ष के बाद सफलता हासिल की है लेकिन वर्तमान स्थिति पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने दोनों नेताओं से अपील की कि वे पार्टी हित में मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर काम करें क्योंकि पार्टी की छवि और भविष्य की सफलता इसके ऊपर निर्भर है। इस बीच संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मध्यस्थता करते हुए दोनों नेताओं को चेतावनी दी कि अगर खींचतान तुरंत खत्म नहीं की गई तो पार्टी को इसका भारी नुकसान हो सकता है।

    भा ज पा सूत्रों के अनुसार बैठक सकारात्मक रही और दोनों नेताओं ने पार्टी के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया है। हालांकि यह देखना बाकी है कि इस विवाद के समाधान के बाद पार्टी के अंदर का माहौल कैसे बनता है और आगामी चुनावों में पार्टी को इसका कितना लाभ होता है। यह घटनाक्रम भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आया है क्योंकि छिंदवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले में आंतरिक मतभेद पार्टी की भविष्यवाणी और चुनावी रणनीति पर असर डाल सकते हैं।

  • जबलपुर हाईकोर्ट में आज होगी कोल्डड्रिंक कफ सिरप मामले की सुनवाई, डॉ. सोनी का दावा – बच्चों की मौत विभाग की जांच न होने से हुई

    जबलपुर हाईकोर्ट में आज होगी कोल्डड्रिंक कफ सिरप मामले की सुनवाई, डॉ. सोनी का दावा – बच्चों की मौत विभाग की जांच न होने से हुई


    जबलपुर । छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्डड्रिंक कफ सिरप पीने से 25 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी ने जबलपुर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा है।

    डॉ. सोनी ने अदालत में दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि बच्चों की मौत उसी सॉल्वेंट के कारण हुई, जो श्रीसन फार्मा कंपनी ने बैच नंबर 13 में मिलाया था। उन्होंने कहा कि यदि औषधि विभाग समय पर उस बैच की जांच करता, तो यह दुखद घटना नहीं होती।

    डॉ. सोनी ने यह भी बताया कि वह पिछले 20 सालों से यह दवा लिख रहे हैं और कभी किसी दवा से प्रतिकूल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उनका कहना है कि कंपनी द्वारा हुई गलती की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।

    सुनवाई और जमानत का मामला
    जस्टिस प्रमोद अग्रवाल की अदालत ने डॉ. सोनी की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के परासिया निवासी डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। ये वही शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने मृत बच्चों को कफ सिरप लिखी थी।

    पहले परासिया कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2025 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद डॉ. सोनी ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया। डॉ. सोनी अभी भी जेल में हैं। पुलिस ने उनकी पत्नी ज्योति सोनी को भी गिरफ्तार किया है। उनकी पत्नी के नाम पर वह मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था, जहां से विवादित कफ सिरप बेची गई थी।

    डॉ. सोनी की ओर से सीनियर एडवोकेट शशांक शेखर और एडवोकेट समरेश कटारे, तथा राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी अदालत में मौजूद थे।