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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वाल्मीकि धाम आश्रम में किया छड़ी-पूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वाल्मीकि धाम आश्रम में किया छड़ी-पूजन


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार सुबह उज्जैन स्थित श्री वाल्मीकि धाम सिद्धपीठ (आश्रम) पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में अनंत श्री विभूषित 1008 स्वामी सोहनदास जी की समाधि और प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाल्मीकि धाम आए जाहरवीर गोगादेव के निशान ध्वज का भी विधि-विधान से छड़ी-पूजन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यसभा सदस्य एवं बालयोगी संत उमेशनाथ महाराज से भेंट कर उनका शुभाशीष भी प्राप्त किया। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष मुकेश यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

    मीडिया प्रतिनिधियों से की चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाल्मीकि धाम सिद्धपीठ आश्रम में दर्शन-पूजन के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। वर्तमान समय में यह जरूरी है कि हम साधु-संतों के आशीर्वाद से अपने अतीत के गौरव को पुनः स्थापित करें। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य महंत उमेश नाथ महाराज ने अनेक वर्षों से उज्जैन के वाल्मीकि धाम आश्रम को चैतन्य बनाया है। वाल्मीकि जी के आदर्श और कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बाबा जाहरवीर गोगा महाराज ने अपना सर्वस्व नौछावर कर दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हम सबके लिए सौभाग्य का विषय है कि बाबा महाकाल की नगरी में बाबा गोगा महाराज के ध्वज चिह्न निकलेंगे। इससे सामाजिक समरसता और एकात्मता का अद्भुत संदेश देशभर में पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को भुजरिया पर्व, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गोगा नवमी की भी शुभकामनाएं दीं।

  • मुख्यमंत्री बुधवार को 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में जमा करेंगे 2,148 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री बुधवार को 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में जमा करेंगे 2,148 करोड़ रुपये

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से कुल 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मैहर जिले में 256 करोड़ रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी करेंगे।

    नियमित सहायता के साथ रक्षाबंधन का विशेष शगुन

    जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के रूप में 1,500 प्रति हितग्राही कुल 1,835.46 करोड़ रुपये से अधिक और रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर 250 प्रति हितग्राही कुल 312.83 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में कुल 1,750 रुपये की संयुक्त राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी।

    योजना के तहत अब तक का कुल वित्तीय विवरण

    उन्होंने बताया कि जून 2023 में योजना की शुरुआत से लेकर अगस्त 2026 तक की कुल 39 किश्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के खातों में 63 हजार 248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के लिये 23,882.81 करोड़ रुपये का विस्तृत बजट प्रावधान रखा है।


  • मप्रः मुख्यमंत्री ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन, बहनों से बंधवाई राखी

    मप्रः मुख्यमंत्री ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन, बहनों से बंधवाई राखी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ प्रभारी मंत्री विजय शाह और निर्मला भूरिया तथा सांसद अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया।

    गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया।

    बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं।


    लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा।

    जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार
    बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।

  • बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का कार्य सरकार और सामाजिक दोनों स्तर पर हो रहा है। बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से प्रदेश आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बहनें स्व-सहायता समूहों को नई ताकत दे रही हैं। कृषि, पशुपालन, बैंक, उद्यम सखियां भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बहनों की सार्थक भूमिका से प्रत्येक परिवार में समृद्धि आ रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत स्थान बहनों के लिए आरक्षित है। सरकारी सेवाओं में बहनों के लिए 35 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्यसभा में बहनों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृ्त्व में मध्य प्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जब लगातार तीन बार पड़ौसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब झाबुआ के आसपास जनजातीय अंचल में विकास के अद्भुत कार्य हुए। पूरी दुनिया गुजरात की शक्ति से परिचित हुई।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष सम्मान है। उनके माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनें के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनों की समृद्धि का मार्ग खुल रहा है। यह आत्मनिर्भरता और समाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है। सहयोग और सहभागिता से समृद्ध होकर बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारी बहनें 10 हजार रुपये प्रति महीना तक आय अर्जित कर रही हैं। प्रदेश की लाड़ली बहनें, उद्यमी बहनें, कृषि सखी सभी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के द्वारा 196 दीदी कैफे संचालित किए जा रहे हैं। झाबुआ में भी बहनें चार कैफे चला रही हैं। प्रदेश में 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन स्व-सहायता समूहों की बहनों के हाथों में है। गैर कृषि आधारित 150 से अधिक कार्य बहनें कर रही हैं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट प्रमाण है। होलकर साम्राज्य की रानी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने भील पल्टन बनाकर जनजातीय समुदाय पर विश्वास जताया था। रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और त्याग के बल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया।

    रोजगार दिलवाना प्राथमिकता

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिये निरन्तर नई पहल कर रही है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर अंचल में संचार क्षेत्र में नई इकाई की स्थापना की जाएगी। इससे 14 हजार नये रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने गत 17 सितम्बर को धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास किया। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कपास उत्पादक किसान इस पार्क से बड़ी संख्या में लाभान्वित होंगे।

    उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्र में जो पट्टे दिए गए हैं, उनकी नि:शुल्क रजिस्ट्री भी करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई मिशनरी धर्मान्तरण नहीं कर सकेगी। स्थानीय निवासी ज्यादा से ज्यादा गौशाला खोलें, दूध का उत्पादन बढाएं। ऐसे कार्यों के लिए सरकार पूरी सहायता कर रही है।प्रदेश में उद्योग और एमएसएमई के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। अब झाबुआ, धार, आलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं होगी। अपने घर में ही काम मिलेगा। बड़े-बड़े कारखाने यहां आएंगे।

    स्व-सहायता समूहों को राशि वितरित

    मुख्यमंत्री ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया। इसमें झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों के लिए 10.8 करोड़ का ऋण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले को 174.64 करोड़ रुपये के 29 विकास कार्यों के भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये के 28 विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों के लोकार्पण की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया और मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने “आजीविका मेला” प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    प्राकृतिक खेती के लिए अनुकूल झाबुआ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा भी की। महिला कृषक बहनों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से पिछले दो-तीन साल में जीवन में बड़ा बदलाव आया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। हमारी बहनें ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं। ड्रोन दीदीयां खेतों में कीटनाशकों क छिड़काव कर रही हैं।

    समान नागरिक संहिता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के सम्मान के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। यूसीसी बिल विधानसभा से पास हो चुका है।

    दुराचार करने वालों को फांसी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्मांतरण करने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला सुरक्षा डेस्क और प्रत्येक जिले में महिला थाने बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग और नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के कारण प्रदेश के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी अंचल से नक्सलवाद को पूर्णत: समाप्त कर दिया गया है।

  • झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा

    झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा


    झांसी।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार को निवाड़ी में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करने के बाद अपने आध्यात्मिक गुरु ऋतेश्वरमहाराज से मिलने झांसी सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि दतिया उपचुनाव के मद्देनजर उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की। हालांकि मीडिया द्वारा पूछे गए अन्य सवालों का जवाब दिए बिना वह वहां से रवाना हो गए।

    झांसी पहुंचने पर पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस पहुंचे मुख्यमंत्री का सदर विधायक पं. रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, भाजपा पार्षद सुनील नैनवानी सहित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यहां उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इसके बाद वह पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर द्वारा मध्यप्रदेश के सागर जिले के लिए रवाना हो गए।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ओरछा पहुंचकर प्रसिद्ध रामराजा मंदिर में दर्शन किए और जहांगीर महल का भ्रमण किया। इसके बाद निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 46 राजस्व स्टाफ आवास (निवाड़ी) तथा 29 राजस्व स्टाफ आवास (पृथ्वीपुर) का लोकार्पण किया। साथ ही जिला चिकित्सालय निवाड़ी के 100 बिस्तरीय भवन के उन्नयन कार्य, ग्राम जेवरा, पृथ्वीपुर और सेंधरी में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवनों तथा संजीवनी क्लिनिक का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री अपराह्न झांसी पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे के दौरे पर रवाना हो गए।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दतिया प्रवास पर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दतिया प्रवास पर


    भोपाल,। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई, शनिवार को दतिया विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। प्रवास के दौरान आप विभिन्न आमसभाओं, प्रबुद्धजन बैठक, प्रमुख कार्यकर्ताओं से भेंटकर व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दोपहर 2 बजे दतिया के उदगवां एवं सायं 4 बजे सीतापुर मंडल के ग्राम उपरायं में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। आप सायं 6ः30 बजे दतिया चुनाव कार्यालय, होटल रतन रॉयल में आयोजित प्रबुद्धजन बैठक को संबोधित करने के पश्चात् दतिया नगर व ग्रामीण के प्रमुख कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सायं 7ः45 बजे होटल एमपीटी मोटेल में व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
  • मध्य प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए तीर्थ समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए तीर्थ समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के आलीराजपुर सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहा है। झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट सहित प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए एक तीर्थ के समान है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव और चंद्रशेखर आजाद की जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद नगर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वी जयंती पर नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती के एक जोशीले युवा ने नायक बनकर आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने जन्म को सार्थक बनाया। आलीराजपुर के वीर योद्धा छीतू किराड़, राजा आलिया भील, क्रांति सूर्य टंट्या मामा जैसे अनेक जनजातीय क्रांतिकारियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। राज्य सरकार इन शहीदों के बलिदान का स्मरण करते हुए आदरांजलि अर्पित करती है। कार्यक्रम में बताया गया कि डही नर्मदा पाइप लाइन परियोजना सिंचाई परियोजना पूर्ण हो गई है, जिसका शीघ्र ही लोकार्पण होगा। जोबट तक भी शीघ्र नर्मदा जल पहुंच जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, धार, झाबुआ और बड़वानी के बाद आलीराजपुर जिले में बलराम कृषि महोत्सव हो रहा है। महोत्सव में उन्नत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का सम्मान किया गया, जिससे अन्य किसान भी आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। आलीराजपुर के किसानों ने इस बार कम वर्षा के बाद भी हौसला दिखाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 10 हजार 136 हितग्राहियों को लाभ मिला है और 331 हितग्राहियों को भूखंड प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 हजार 124 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिले के 5 लाख 70 हजार 179 हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी मिल रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए संकल्पित है। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की सौगात मिलती है।

    सीमा पर जवान और खेतों में किसान का योगदान महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का परिश्रम बराबर है। दोनों का महत्वपूर्ण योगदान है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। आलीराजपुर के 47 हजार 852 किसानों को अब तक फसल बीमा का लाभ मिल चुका है। खेती के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करवाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम जारी है।

    डेयरी क्षेत्र में आदर्श राज्य गुजरात की तर्ज पर मप्र में प्रयास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दूध के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिस प्रकार अमूल के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में आदर्श राज्य गुजरात में दूध उत्पादन हो रहा है। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य शासन ने गोपालन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना की शुरुआत की है, जिसमें उन्नत नस्ल की 25 गोमाताओं के साथ डेयरी शुरू करने पर 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश किसान भाइयों की सभी प्रकार से चिंता करने वाला अग्रणी राज्य है। उन्होंने आह्वान किया कि किसान भाई प्राकृतिक खेती अपनाएं।

    लोकार्पण, भूमि-पूजन और प्रमुख घोषणाएं: रानी काजल माता लोक बनाया जायेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर को लगभग 357 करोड़ रुपये लागत के 271 विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें भाभरा विकासखंड में 120 करोड़ लागत की 64 सड़कें और कड़वानिया में 22 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय शामिल है। कोंडवा सिंचाई परियोजना से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाभरा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित विशाल पार्क बनेगा। रानी काजल माता लोक बनाया जाएगा। कन्या छात्रावासों में आवास सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से डही उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नर्मदा पाइपलाइन परियोजना का लोकार्पण इसी वर्ष दीपावली तक किया जाएगा,जिससे किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से लगभग 70 हजार किसानों के 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की मेडिकल कॉलेज की फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, सकारात्मक संदेशों के प्रसार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का सम्मान किया।

    यूसीसी विधेयक सभी के हित में

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी नागरिकों के हित में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित करवाया है। हमारे लिए सभी धर्मों के नागरिक समान हैं। जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए जनजातीय वर्ग को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।

    प्रदर्शनी का अवलोकन
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग की सीप कल्टीवेशन संबंधी प्रदर्शनी को विशेष रुचि से देखा, जो आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही कृषि विभाग, आयुष विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मोटे अनाज (श्रीअन्न) से तैयार पौष्टिक एवं पारंपरिक व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विभागों के नवाचारों एवं प्रदर्शित गतिविधियों की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों और हितग्राहियों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद अनीता चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

  • गुवाहाटी में शक्ति प्रदर्शन: हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, नई सरकार की शुरुआत

    गुवाहाटी में शक्ति प्रदर्शन: हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, नई सरकार की शुरुआत

    नई दिल्ली ।  असम की राजनीति में आज एक ऐसा क्षण देखने को मिला जिसने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता की कमान फिर से संभाल ली। गुवाहाटी में आयोजित इस भव्य और ऐतिहासिक समारोह में पूरे राज्य की नजरें टिकी रहीं, जहां राजनीतिक शक्ति और जनसमर्थन का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला।

    सुबह से ही राजधानी गुवाहाटी में उत्सव जैसा माहौल था। शहर को विशेष रूप से सजाया गया था और हर तरफ समर्थकों की भीड़ उमड़ रही थी। निर्धारित समय पर शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ, जिसमें हिमंता बिस्वा सरमा ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। जैसे ही उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, पूरे परिसर में उत्साह और जोश का माहौल बन गया।

    इस अवसर की सबसे बड़ी खासियत देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे यह आयोजन केवल राज्य स्तर का नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व का बन गया। कई राज्यों के प्रमुख नेता भी इस समारोह के साक्षी बने, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि असम की राजनीति अब राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना चुकी है।

    शपथ ग्रहण समारोह को बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया गया था। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पूरे शहर में प्रशासन की सतर्कता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने इस आयोजन को एक जन उत्सव का रूप दे दिया।

    मुख्यमंत्री बनने के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा करना होगा। इसके लिए नई कैबिनेट की पहली बैठक में अगले 100 दिनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधार को प्राथमिकता देने की बात सामने आई है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि नेतृत्व पर जनता के भरोसे की पुनः पुष्टि है। लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी यह संकेत देती है कि राज्य की जनता ने स्थिरता और विकास की नीति को स्वीकार किया है। हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व को मजबूत प्रशासनिक पकड़ और निर्णायक फैसलों के लिए जाना जाता है, जो इस वापसी का प्रमुख आधार माना जा रहा है।

    यह शपथ ग्रहण केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह असम की राजनीति में एक नए आत्मविश्वास और नई दिशा की शुरुआत भी माना जा रहा है। आने वाले समय में सरकार की नीतियां और फैसले यह तय करेंगे कि यह दूसरा कार्यकाल राज्य के विकास में कितना प्रभावी साबित होता है।

  • मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार

    मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को तमिलनाडु के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:00 बजे भोपाल से कोयंबटूर के लिए रवाना होंगे और वहां से रासिपुरम विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पार्टी की बैठक लेंगे और स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे सायं 4:30 बजे अविनाशी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरूगन के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। वे यहां जनसभा को संबोधित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव सायं 6:15 बजे कोयंबटूर से भोपाल के लिए वापस रवाना होंगे।

  • उज्जैन की माटी में विज्ञान, गणित, खगोल और ब्रह्मांड चिंतन सदियों से विद्यमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उज्जैन की माटी में विज्ञान, गणित, खगोल और ब्रह्मांड चिंतन सदियों से विद्यमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन धर्म की नगरी होने के साथ विज्ञान की भी नगरी है। उज्जैन की माटी में विज्ञान गणित खगोल और ब्रह्मांड चिंतन सदियों से विद्यमान है। उज्जैन काल गणना का केंद्र रहा है जहां प्राचीन काल में सूर्य की छाया से समय नापने की कला विकसित हुई। प्राचीन भारतीय भूगोल के अनुसार उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है और इसे पृथ्वी का मध्य बिंदु माना जाता था। ग्रीनविच के वैश्विक मानक के अस्तित्व में आने से सदियों पहले शून्य देशांतर रेखा पावन नगरी उज्जैन से होकर गुजरती थी। जब पश्चिम में खगोल शास्त्र का ज्ञान भी नहीं था तब उज्जैन के ज्योतिषी और विद्वान काल गणना कर नक्षत्रों की स्थिति बता रहे थे। जब दुनिया समय को परिभाषित करना सीख रही थी तब यहां महर्षियों ने खगोलीय गणनाओं का वैश्विक मानक स्थापित कर लिया था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पधारे विद्वानों और विशेषज्ञों का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उज्जैन साइंस सेंटर का लोकार्पण और तारा मंडल में लगी विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ एवं अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए 4 लेन उज्जैन बायपास और सम्राट विक्रमादित्य – द हेरिटेज परियोजना का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर विचारक एवं समाजसेवी सुरेश सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के अनुसार ब्रह्मांड की हर वस्तु समय के अधीन है लेकिन शिव उस अनंत का प्रतीक हैं जहां से समय जन्म लेता है और जहां समय का अंत होता है। इसीलिए वे काल के अधिष्ठाता अर्थात मास्टर ऑफ टाइम हैं। विज्ञान मानता है कि समय और अंतरिक्ष एक दूसरे से अविभाज्य हैं हमारे शास्त्रों में युगों पहले शिव को विश्व स्वरूप और महाकाल कहकर इसी वैज्ञानिक सत्य को प्रतिपादित किया था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने ग्रीनविच भ्रमण के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन और डोंगला के आधार पर होने वाली खगोलीय गणनाओं की सटीकता अद्भुत है। डोंगला को एस्ट्रोनोमिकल स्टडीज के लिए विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में उज्जैन का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन मील का पत्थर सिद्ध होगा। भूमध्य रेखा और कर्क रेखा का कटाव या केंद्र बिंदु पहले उज्जैन में था जो अब उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोंगला में शिफ्ट हो गया है। यहां 21 जून को सूर्य की छाया शून्य हो जाती है। ग्रीनविच के मीन टाइम में रात को 10 बजे तक सूर्य के दर्शन होते हैं। यह केंद्र बिंदु कैसे हो सकता है। आज समय और स्पेस दोनों को एक दूसरे से समेकित रूप से समझने की आवश्यकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हम सब के लिए गौरव का विषय है कि उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से आज 15 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमें केंद्र सरकार का भी सहयोग निरंतर प्राप्त हो रहा है। वास्तव में यह अपनी वैज्ञानिक विरासत को पुनर्जीवित करने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए हो रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस नीति की भावना के अनुरूप युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाला सिंहस्थ 2028 हमारे लिए उज्जैन की गरिमा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर है। हमारा लक्ष्य है की सिंहस्थ 2028 में उज्जैन आने वाले श्रद्धालु महाकाल दर्शन का पुण्य प्राप्त करने के साथ काल गणना के इस केंद्र का वैज्ञानिक महत्व भी जाने। वर्ष 2028 के सिंहस्थ को व्यवस्थित रूप से संपन्न करना हमारा दायित्व है। इसी उद्देश्य से 700 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बायपास रोड का भूमि-पूजन भी हुआ है। इस सौगात के लिए उज्जैनवासी बधाई के पात्र हैं। उज्जैन सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। इस विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए सर्व-सुविधा संपन्न प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से सभी को वर्ष 2028 के भव्य और दिव्य सिंहस्थ के लिए आमंत्रित किया।

    विद्यार्थी विज्ञान मंथन की वेबसाइट ब्रोशर एवं पुस्तिका का किया विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन की वेबसाइट ब्रोशर एवं पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में वैज्ञानिक नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में विकसित बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रणाली पर आधारित एक वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गयी।

    सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में 725 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने उज्जैन में मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाई सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज की विस्तार परियोजना का भूमि-पूजन किया। वर्तमान में इस हेरिटेज इकाई में 19 कक्ष रूफटॉप सहित 3 रेस्टोरेंट पंचकर्म केंद्र एवं पुस्तकालय संचालित हैं। धार्मिक पर्यटन में लगातार हो रही वृद्धि और आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए 22.52 करोड़ रुपये की लागत से इसका विस्तार किया जाएगा। इस विस्तार के तहत 14 नए कक्ष एक सुव्यवस्थित डॉर्मिटरी परिसर को जोड़ने वाले कनेक्टिंग पाथवे तथा आकर्षक गार्डन एवं लैंडस्केपिंग विकसित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 701.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 19.80 किमी लंबे उज्जैन सिंहस्थ बायपास (4-लेन) सड़क निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी किया। इस परियोजना से लगभग 5 लाख लोगों एवं सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ होगा। साथ ही 4-लेन मार्ग बनने से आवागमन और यातायात प्रबंधन सुगम होगा। मार्ग के 14 कि.मी. का 4-लेन उन्नयन एवं 5.8 कि.मी. का 4-लेन विस्तारीकरण किया जाना है जो इंदौर-उज्जैन 6-लेन मार्ग के शांति पैलेस चौराहा से प्रारंभ होकर उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड मार्ग उज्जैन-जावरा मार्ग तथा उज्जैन-गरोठ मार्ग को जोड़ते हुए उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 552-जी ग्राम सुरासा के समीप समाप्त होगा।

    नव-निर्मित उज्जैन साइंस सेंटर का किया लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने उज्जैन में 15 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नव-निर्मित उज्जैन साइंस सेंटर का लोकार्पण कर विज्ञान केंद्र के फोल्डर का विमोचन किया। इसमें गैलरी ऑन साइंस आउटडोर साइंस पार्क इनोवेशन एवं स्टुडेंट एक्टिविटी हॉल हेरिटेज थीम आधारित गैलरी और एग्जिबिट डेवलपमेंट लैब जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे विद्यार्थियों शोधार्थियों और आमजन में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन मिलेगा।

    महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम विषय पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम विषय पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारत की प्राचीन ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा आधुनिक ड्रोन तकनीक और उज्जैन को वैश्विक टाइम स्केल सेंटर के रूप में स्थापित करने से संबंधित विषयों को आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक रूप में प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय को विशेष रूप से दर्शाया गया। साथ ही आरती के लिए डिजाइन की गई रोबोटिक आर्म का प्रदर्शन भी देखा और सराहा। प्रदर्शनी में इसरो मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद आईआईटी इंदौर आरआरकैट नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी और सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ सहित विभिन्न संस्थानों ने अपने मॉडल और शोध कार्य प्रदर्शित किए। इंडियन नॉलेज सिस्टम के स्टॉल पर प्राचीन भारतीय ग्रंथों का प्रदर्शन किया गया। इसमें मेडिकल एग्री और एयर टैक्सी ड्रोन के साथ एएसएलवी मंगलयान और चंद्रयान के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।

    सैटेलाइट मेकिंग वर्कशॉप में विद्यार्थियों से चर्चा कर किया उत्साहवर्धन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री प्रधान ने प्रदर्शनी में आयोजित सैटेलाइट मेकिंग वर्कशॉप का अवलोकन कर वहां उपस्थित विद्यार्थियों से चर्चा की और उनका उत्साहवर्धन किया। वर्कशॉप में 10 इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के 120 से अधिक विद्यार्थियों ने नैनो सैटेलाइट बनाने की प्रक्रिया सीखी।