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  • 17 फिल्मों के बाद क्यों टूटी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी, अभिनेता ने इंटरव्यू में बताई वजह

    17 फिल्मों के बाद क्यों टूटी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी, अभिनेता ने इंटरव्यू में बताई वजह

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के 90 के दशक के चर्चित अभिनेता गोविंदा ने निर्देशक डेविड धवन के साथ अपनी सफल जोड़ी और उनके साथ काम बंद करने के कारणों पर खुलकर विचार व्यक्त किए हैं। एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने उस दौर को याद किया जब दोनों की जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक कई सफल फिल्में दे रही थी। गोविंदा और डेविड धवन ने साथ मिलकर कुल 17 फिल्मों में काम किया था, जिनमें कुली नंबर 1, राजा बाबू, हीरो नंबर 1 और बड़े मियां छोटे मियां जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।

    साक्षात्कार के दौरान गोविंदा ने स्पष्ट किया कि डेविड धवन के साथ उनका पेशेवर रिश्ता तब थमा जब निर्देशक को लगा कि इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। गोविंदा के अनुसार, वे उनके साथ 18वीं और 19वीं फिल्म भी बनाना चाहते थे, लेकिन डेविड धवन ने उस समय आगे न बढ़ने का फैसला किया। गोविंदा ने इसे निर्देशक का अपना निजी और व्यावहारिक फैसला माना और कहा कि इस संबंध में उनके मन में कभी कोई संशय नहीं रहा।

    दोनों के व्यक्तिगत संबंधों पर बात करते हुए अभिनेता ने स्वीकार किया कि कई बार उनके बीच नाराजगी भी होती थी, लेकिन उनका व्यक्तिगत जुड़ाव हमेशा बना रहा। उन्होंने बताया कि पेशेवर अलगाव के बाद भी जब भी उनकी बात होती है या कोई विषय आता है, तो उनके बीच वही पुराना सम्मान और आत्मीयता देखने को मिलती है। हाल ही में एक फिल्म की रिलीज के बाद भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें व्यक्तिगत कुशलक्षेम साझा की गई।

    इसी बातचीत में गोविंदा ने दिवंगत अभिनेता और संवाद लेखक कादर खान के साथ अपनी प्रसिद्ध केमिस्ट्री पर भी प्रकाश डाला। गोविंदा ने बताया कि कादर खान की उपस्थिति ने उनकी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय शैली को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई। शुरुआत में एक-दूसरे की कार्यशैली को समझने में थोड़ा समय लगा, लेकिन बाद में दोनों के बीच एक बेहतरीन पेशेवर तालमेल स्थापित हो गया, जिसने पर्दे पर कई यादगार दृश्य दिए।

    मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में 90 के दशक की इन कॉमेडी फिल्मों को काफी दर्शक मिले हैं और आज भी टीवी पर इन्हें बड़े चाव से देखा जाता है। प्रदेश के फिल्म प्रेमी और सांस्कृतिक विश्लेषक गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी को भारतीय सिनेमा के सबसे सफल दौरों में से एक मानते हैं। कादर खान के साथ गोविंदा के संवाद आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम काल का हिस्सा माने जाते हैं।

    गोविंदा और कादर खान ने दूल्हे राजा, साजन चले ससुराल, हसीना मान जाएगी और अनाड़ी नंबर 1 जैसी दर्जनों हिट फिल्मों में साथ काम किया। अभिनेता के अनुसार, वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों के साथ काम करने के इन अनुभवों ने उनके पूरे फिल्मी सफर को आकार दिया। भले ही समय के साथ सिनेमा का स्वरूप बदला हो, लेकिन इस जोड़ी द्वारा निर्मित फिल्में आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

  • 'टॉक्सिक' फिल्म के धमाकेदार ट्रेलर में दिखीं संजीदा शेख, किरदार को लेकर बढ़ी उत्सुकता

    'टॉक्सिक' फिल्म के धमाकेदार ट्रेलर में दिखीं संजीदा शेख, किरदार को लेकर बढ़ी उत्सुकता

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय सिनेमा के बहुचर्चित अभिनेता यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर हाल ही में आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। एक्शन और थ्रिलर से भरपूर इस ट्रेलर को सोशल मीडिया पर दर्शकों और प्रशंसकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो रही हैं। हालांकि, इस भारी-भरकम एक्शन ट्रेलर के बीच टीवी और हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री संजीदा शेख की संक्षिप्त उपस्थिति ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    गीतू मोहनदास के निर्देशन में बन रही इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में संजीदा शेख एक महत्वपूर्ण कैमियो भूमिका में नजर आने वाली हैं। ट्रेलर के विभिन्न दृश्यों के बीच उनके किरदार की बहुत छोटी झलक दिखाई गई है। फिल्म निर्माताओं की ओर से अभी तक उनके चरित्र और कहानी में उनकी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया है, जिसके कारण दर्शकों के बीच उनके किरदार को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

    संजीदा शेख बीते कुछ वर्षों में कई बड़े और चर्चित प्रोजेक्ट्स में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर चुकी हैं। हाल के दिनों में वे ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’, ‘फाइटर’, ‘धमाल 4’ और ‘इक्का’ जैसी बड़ी फिल्मों और वेब सीरीज का हिस्सा रही हैं। संजय लीला भंसाली के पीरियड ड्रामा हीरामंडी में उनके काम को काफी सराहा गया था, वहीं फाइटर में वे ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण के साथ सहायक भूमिका में दिखाई दी थीं। इस क्रम में टॉक्सिक उनके करियर की एक और बेहद महत्वपूर्ण फिल्म मानी जा रही है।

    ट्रेलर में संजीदा के रोल को लेकर भले ही सस्पेंस बरकरार हो, लेकिन सिनेमा जगत में ऐसी चर्चाएं हैं कि वे फिल्म की कहानी में अभिनेत्री नयनतारा के चरित्र की मां की भूमिका निभाती हुई नजर आ सकती हैं। ट्रेलर को लेकर जहां सोशल मीडिया पर मिली-जुली आलोचनात्मक समीक्षाएं देखने को मिल रही हैं, वहीं संजीदा शेख की स्क्रीन प्रेजेंस और उनके आकर्षक लुक की दर्शक खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।

    क्राइम बैकग्राउंड और डार्क शेड पर आधारित फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ अपनी उच्च स्तरीय विजुअल स्टाइल और धमाकेदार एक्शन दृश्यों के लिए जानी जा रही है। यह बहुभाषी फिल्म 26 अगस्त को दुनिया भर के सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित की जाएगी। ट्रेलर में संजीदा की संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली मौजूदगी ने फिल्म की कहानी और उनके रहस्यमयी किरदार के प्रति दर्शकों की उत्सुकता को और अधिक बढ़ा दिया है।

  • स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुई इन बड़ी फिल्मों ने की ताबड़तोड़ कमाई, बदल दिए कलेक्शन के आंकड़े

    स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुई इन बड़ी फिल्मों ने की ताबड़तोड़ कमाई, बदल दिए कलेक्शन के आंकड़े

    नई दिल्ली ।भारतीय फिल्म उद्योग के लिए 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का अवसर व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश भर में राष्ट्रीय पर्व के जश्न और लंबे सप्ताहांत की छुट्टियों का लाभ उठाने के लिए निर्माता इस खास दिन अपनी बड़ी फिल्मों को सिनेमाघरों में प्रदर्शित करना पसंद करते हैं। बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदर्शित हुई कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

    स्वतंत्रता दिवस पर प्रदर्शित होकर भारतीय सिनेमा के इतिहास में नया मुकाम हासिल करने वाली फिल्मों में वर्ष 1975 में रिलीज हुई ‘शोले’ सबसे ऊपर है। अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के मुख्य अभिनय वाली इस बहुचर्चित फिल्म का निर्माण लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। शुरुआती दिनों में धीमी गति से व्यापार करने के बाद इस फिल्म ने जबरदस्त वापसी की और उस दौर में 15 से 35 करोड़ रुपये तक का रिकॉर्ड कारोबार किया, जिसकी तुलना आज के समय में ढाई सौ से तीन सौ करोड़ रुपये के व्यापार से की जाती है।

    खेल और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत फिल्म ‘चक दे इंडिया’ भी अगस्त 2007 में प्रदर्शित हुई थी। महिला हॉकी टीम पर आधारित इस कहानी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। लगभग 22 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 91 करोड़ रुपये का शानदार व्यावसायिक संग्रह किया था, जिसने मुख्य अभिनेता शाहरुख खान के अभिनय को एक नई पहचान दी।

    वर्ष 2012 के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदर्शित हुई स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘एक था टाइगर’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए आयाम स्थापित किए। लगभग 75 करोड़ रुपये के खर्च से बनी इस एक्शन फिल्म ने सिनेमाघरों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए करीब 350 करोड़ रुपये का विशाल कलेक्शन दर्ज किया। यह फिल्म मुख्य अभिनेता सलमान खान के करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई।

    इसके बाद वर्ष 2014 में 15 अगस्त के अवसर पर एक्शन से भरपूर फिल्म ‘सिंघम रिटर्न्स’ सिनेमाघरों में पहुंची। लगभग 70 करोड़ रुपये के बजट में निर्मित इस फिल्म ने अपने जबरदस्त एक्शन दृश्यों के बल पर दर्शकों को आकर्षित किया और कुल 220 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर व्यावसायिक रूप से बड़ी सफलता दर्ज की।

    हाल के वर्षों में 15 अगस्त के मौके का सबसे बड़ा फायदा फिल्म ‘गदर 2’ को मिला। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सीक्वल फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अप्रत्याशित सफलता हासिल की। फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 690 करोड़ रुपये का भारी-भरकम व्यापार किया और अभिनेता सनी देओल की सिनेमा में मजबूत वापसी दर्ज कराई। इस तरह स्वतंत्रता दिवस का अवसर हमेशा से फिल्म निर्माताओं के लिए व्यापारिक लाभ का बड़ा जरिया रहा है।

  • तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन की रिहाई के बाद गरमाई राजनीति, जानिए अभिनेता विशाल ने क्या उठाए बड़े सवाल

    तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन की रिहाई के बाद गरमाई राजनीति, जानिए अभिनेता विशाल ने क्या उठाए बड़े सवाल

    नई दिल्ली । तमिल फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध अभिनेता विशाल ने हालिया राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महिला सुरक्षा, फिल्म उद्योग की समस्याओं और राज्य के नए राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत विचार साझा किए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की पुलिस हिरासत के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में इस प्रकार के घटनाक्रम घटित होते रहते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग फिल्म जगत से जुड़ी महिला कलाकारों के प्रति अनुचित और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं, उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

    अभिनेता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि डिजिटल प्लेटफार्मों विशेषकर यूट्यूब पर कई लोग महिला अभिनेत्रियों के खिलाफ खुलेआम अपमानजनक और भद्दी टिप्पणियां करते हैं। उनका मानना है कि ऐसे तत्वों पर नकेल कसना अत्यंत आवश्यक है ताकि फिल्म उद्योग में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की कि सार्वजनिक रूप से अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए।

    तमिलनाडु में राजनीतिक बदलाव और अभिनेता थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जताते हुए विशाल ने कहा कि जनता के इस निर्णय से वे काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि विजय ने अपने सफल अभिनय करियर को विराम देकर पूर्ण रूप से जनसेवा और राजनीति का रास्ता चुना है। अब पूरे राज्य को उनके चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों और नई नीतियों के धरातल पर लागू होने का इंतजार है।

    फिल्म उद्योग की अपेक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार सिनेमा क्षेत्र को राहत प्रदान करेगी। विशाल ने विशेष रूप से राज्य में लागू दोहरे कराधान के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि देश के किसी अन्य राज्य में इस प्रकार की कर व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से अपील की कि तमिलनाडु में फिल्म उद्योग पर मंडरा रहे दोहरे कर के बोझ को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए ताकि इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिल सके।

    राज्य की बुनियादी ढांचागत समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने शहरों में जलभराव और सीवेज प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आम जनता और नागरिकों को जलजमाव की समस्याओं से मुक्ति मिलनी चाहिए। उन्हें पूरी उम्मीद है कि नई सरकार निचले और मध्यम वर्ग के कल्याण के लिए प्रभावी नीतियां बनाएगी और राज्य के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

    दूसरी ओर, रिहा होने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अत्यंत अनुचित व्यवहार किया गया और लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में उन्हें चेन्नई से तंजावुर तक 400 किलोमीटर सड़क मार्ग से ले जाया गया। उल्लेखनीय है कि अभिनेत्री तृषा के विरुद्ध द्विअर्थी टिप्पणी करने के मामले में उन्हें चेन्नई स्थित आवास से हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद तंजावुर में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

  • 'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक हालिया सोशल मीडिया रील ने इंटरनेट पर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रील ने 150 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे पूरी स्टारकास्ट बेहद उत्साहित नजर आ रही है। इस शानदार उपलब्धि के बाद अनुपम खेर ने शूटिंग के समय का एक अनदेखा बिहाइंड द सीन्स वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा किया।

    अनुपम खेर ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि जब इस छोटी-सी रील की शूटिंग चल रही थी, तब पूरी टीम ने इसे किसी बड़ी फिल्म के क्लाइमैक्स की तरह बेहद गंभीरता और समर्पण के साथ फिल्माया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि शूटिंग के दौरान किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह साधारण सा वीडियो इतना बड़ा रिकॉर्ड बना देगा। सेट पर मौजूद एक सदस्य ने इस पूरे वाकये को चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया था।

    इस वायरल वीडियो में अनुपम खेर के साथ बमन ईरानी, प्रवीण डब्बास और रणवीर शौरी भी नजर आ रहे हैं। चारों वरिष्ठ कलाकारों की आपसी केमिस्ट्री और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और कलाकारों के सहज अंदाज की सराहना कर रहे हैं।

    अभिनेता ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों का प्यार ही किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं पूरी टीम को भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। अनुपम खेर ने फैंस से बिहाइंड द सीन्स वीडियो देखकर शूटिंग की मस्ती का आनंद लेने का आग्रह भी किया।

    इस रील के वायरल होने से बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ को लेकर भी दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। वर्षो बाद इस हिट फिल्म की मूल स्टारकास्ट को एक साथ देखकर प्रशंसकों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म के सीक्वल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

    इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इस रील की ऐतिहासिक सफलता ने आने वाली फिल्म के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसके सिनेमाघरों में आने का इंतजार कर रहे थे और अब इस वायरल कंटेंट ने प्रचार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

  • जब एक अभिनेता बना 165 किरदारों की पूरी दुनिया, फिल्म के एक सीन में बहाई गई 12.5 लाख लीटर चॉकलेट

    जब एक अभिनेता बना 165 किरदारों की पूरी दुनिया, फिल्म के एक सीन में बहाई गई 12.5 लाख लीटर चॉकलेट


    नई दिल्ली । हॉलीवुड फिल्मों में शानदार विजुअल इफेक्ट्स और अनोखे प्रयोग अक्सर दर्शकों को हैरान कर देते हैं लेकिन साल 2005 में रिलीज हुई चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे आज भी बेहद खास माना जाता है। आमतौर पर किसी अभिनेता के डबल रोल या ट्रिपल रोल की चर्चा होती है जबकि कई फिल्मों में दस तक किरदार निभाने के उदाहरण भी मिलते हैं। लेकिन इस फिल्म में अभिनेता दीप रॉय ने अकेले 165 अलग अलग किरदार निभाकर ऐसा इतिहास रच दिया जिसे दोहराना बेहद मुश्किल माना जाता है।

    दीप रॉय ने फिल्म में ऊम्पा लूम्पा नाम के छोटे कद वाले किरदार निभाए थे। फिल्म की कहानी में इन पात्रों की बड़ी भूमिका थी और निर्देशक टिम बर्टन चाहते थे कि सभी किरदार एक जैसे दिखाई दें लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार अलग अलग हो। एक जैसे दिखने वाले इतने कलाकार मिलना लगभग असंभव था इसलिए यह जिम्मेदारी दीप रॉय ने अपने कंधों पर उठाई।

    यह काम सुनने में जितना आसान लगता है वास्तव में उससे कहीं ज्यादा कठिन था। हर सीन के लिए दीप रॉय को अलग अलग एक्सप्रेशन अलग चाल अलग डांस स्टेप और अलग अभिनय करना पड़ता था। एक ही फ्रेम में कई ऊम्पा लूम्पा दिखाने के लिए उन्हें बार बार शूट किया गया और बाद में आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स की मदद से सभी शॉट्स को जोड़कर एक दृश्य तैयार किया गया। यही वजह है कि दर्शकों को ऐसा महसूस होता है जैसे दर्जनों कलाकार एक साथ स्क्रीन पर मौजूद हों जबकि वास्तव में हर किरदार दीप रॉय ने ही निभाया था।

    फिल्म का सबसे चर्चित दृश्य विशाल चॉकलेट नदी का था जिसने रिलीज के समय दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस दृश्य को वास्तविक और आकर्षक बनाने के लिए मेकर्स ने लगभग 12.5 लाख लीटर चॉकलेट मिश्रण का इस्तेमाल किया। यह सीन बच्चों और बड़ों दोनों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और फिल्म की सबसे यादगार झलकियों में शामिल हो गया। सेट डिजाइन और विजुअल इफेक्ट्स के कारण यह दृश्य आज भी हॉलीवुड के बेहतरीन सिनेमाई प्रयोगों में गिना जाता है।

    चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री बच्चों के लिए मनोरंजक फैंटेसी फिल्म जरूर है लेकिन इसकी कहानी में मेहनत ईमानदारी लालच और अच्छे व्यवहार जैसे कई सामाजिक संदेश भी छिपे हुए हैं। यही कारण है कि यह फिल्म सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रही बल्कि हर उम्र के दर्शकों ने इसे पसंद किया। शानदार अभिनय आकर्षक सेट और बेहतरीन तकनीक ने इसे एक क्लासिक फिल्म का दर्जा दिलाया।

    दीप रॉय की मेहनत और समर्पण इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। एक ही कलाकार द्वारा 165 किरदार निभाना केवल अभिनय की चुनौती नहीं बल्कि धैर्य तकनीकी समझ और लंबे समय तक लगातार काम करने का भी उदाहरण था। यही वजह है कि उनका यह रिकॉर्ड आज भी फिल्म जगत में अनोखा माना जाता है और चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री को हॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है।

  • मुंबई के अंधेरी गुरुद्वारे से जुड़ी है मधुबाला की अनकही कहानी, जानिए हर साल उनके नाम पर क्यों होती है विशेष अरदास

    मुंबई के अंधेरी गुरुद्वारे से जुड़ी है मधुबाला की अनकही कहानी, जानिए हर साल उनके नाम पर क्यों होती है विशेष अरदास

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा जगत की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शुमार दिवंगत मधुबाला का जीवन आज भी कई अनसुने किस्सों से भरा हुआ है। अपने अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस अदाकारा की व्यक्तिगत जिंदगी भले ही तमाम उतार-चढ़ावों से भरी रही, लेकिन उनकी आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प पहलू सामने आया है जो बहुत कम लोग जानते हैं। मुंबई के अंधेरी स्थित एक प्रसिद्ध गुरुद्वारे में आज भी हर साल गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव पर मधुबाला के नाम से विशेष अरदास की जाती है।

    एक मुस्लिम परिवार में जन्मी मुमताज जहां देहलवी यानी मधुबाला की गुरु नानक देव जी के प्रति अटूट और अगाध श्रद्धा थी। यह आस्था उनके जीवन के उस दौर में शुरू हुई जब वे व्यक्तिगत जीवन की परेशानियों से काफी विचलित थीं। एक परिचित के सुझाव पर जब वे अंधेरी गुरुद्वारे पहुंचीं, तो वहां के ग्रंथि ने उन्हें नियमित रूप से जपजी साहिब का पाठ करने की सलाह दी। गुरमुखी लिपि न आने के कारण उन्होंने फारसी भाषा में छपी जपजी साहिब की प्रति मंगवाई और जीवन के अंतिम समय तक उसका नित्य पाठ करती रहीं।

    संगीत जगत के पुराने दिग्गजों के अनुसार, मधुबाला शूटिंग के दौरान भी खाली समय मिलते ही अपना सिर ढककर इस पवित्र पाठ का अध्ययन किया करती थीं। उनका मानना था कि इस पाठ को करने से उन्हें आंतरिक शांति और संबल मिलता है। गुरु नानक देव जी के प्रति उनकी दीवानगी का आलम यह था कि वे किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले निर्माताओं के साथ होने वाले अनुबंध में यह शर्त स्पष्ट रूप से शामिल करवाती थीं कि गुरुपर्व के दिन वे मुंबई के अंधेरी गुरुद्वारे में उपस्थित रहेंगी।

    वर्ष 1969 में अपने निधन से कुछ वर्ष पूर्व मधुबाला ने गुरु पर्व पर लंगर सेवा का संपूर्ण खर्च उठाने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने गुरुद्वारा समिति को इसके लिए आवश्यक सहयोग राशि प्रदान की थी। उनके निधन के बाद भी कई वर्षों तक उनके परिवार ने इस परंपरा को जारी रखा। बाद में गुरुद्वारा प्रबंध समिति और श्रद्धालुओं ने फैसला किया कि भले ही अभिनेत्री अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी अटूट श्रद्धा का सम्मान करते हुए हर साल गुरुपर्व पर लंगर सेवा के दौरान उनके नाम की अरदास की जाएगी।

    मध्य प्रदेश और देश भर के सिनेमा प्रेमी मधुबाला को न केवल उनकी अमर फिल्मों और अभिनय के लिए याद करते हैं, बल्कि उनकी इस अनूठी भक्ति भावना की भी सराहना करते हैं। अंधेरी गुरुद्वारे में आज भी हर गुरुपर्व पर अरदास के दौरान यह पंक्तियां दोहराई जाती हैं कि ईश्वर अपनी इस समर्पित बेटी की ओर से लंगर-प्रसाद की सेवा स्वीकार करे और उसे अपने चरणों में स्थान दे।

  • सस्पेंस थ्रिलर से लेकर देशभक्ति के जज्बे तक, जानें इस हफ्ते आपके पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर क्या रहेगा खास

    सस्पेंस थ्रिलर से लेकर देशभक्ति के जज्बे तक, जानें इस हफ्ते आपके पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर क्या रहेगा खास

    नई दिल्ली । अगस्त महीने के पहले सप्ताह में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा खजाना खुलने जा रहा है। सिनेमाघरों के बजाय घर पर ही अपने स्मार्ट टीवी और उपकरणों पर फिल्में तथा सीरीज देखने के शौकीन दर्शकों के लिए यह हफ्ता बेहद रोमांचक रहने वाला है। विभिन्न प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हर उम्र और वर्ग की पसंद को ध्यान में रखते हुए सस्पेंस थ्रिलर, स्पोर्ट्स कॉमेडी, रोमांटिक ड्रामा और एक्शन से भरपूर सामग्री प्रस्तुत की जा रही है।

    सप्ताह की शुरुआत में रहस्य और रोमांच से भरपूर एक चर्चित दक्षिण भारतीय फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने जा रही है। इस फिल्म का कथानक एक प्रोबेशनरी पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे एक अज्ञात महिला की रहस्यमयी मौत का मामला सौंपा जाता है। शुरुआत में बेहद साधारण लगने वाली यह जांच धीरे-धीरे कई उलझे हुए और अप्रत्याशित मोड़ों से गुजरती है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करती है।

    खेल और हास्य के अनोखे संगम को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक प्रसिद्ध स्पोर्ट्स कॉमेडी सीरीज का अगला संस्करण भी इस सप्ताह स्ट्रीम होने जा रहा है। इस नए सीजन में मुख्य किरदार के सामने एक बिल्कुल नई और कठिन चुनौती होगी, जहां उसे निचले स्तर की महिला फुटबॉल टीम को प्रशिक्षित करना होगा। मजेदार घटनाक्रमों और जीवन से जुड़ी सीख के साथ यह शो मनोरंजन की पूरी खुराक देने वाला है।

    रिश्तों की उलझन और भावनात्मक ताने-बाने पर आधारित एक लोकप्रिय ड्रामा शो का नया सीजन भी इस हफ्ते डिजिटल दर्शकों के बीच आ रहा है। दस किस्तों में पेश की जाने वाली यह कहानी युवाओं के बीच खासी लोकप्रिय रही है और इसके नए भाग से भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं। इसके अलावा, इतिहास और पराक्रम में रुचि रखने वालों के लिए 1999 के कारगिल युद्ध की वास्तविक घटना पर आधारित एक बहुप्रतीक्षित फिल्म मुख्य आकर्षण रहेगी। भारतीय वायु सेना के साहसिक मिशन को दर्शाती यह कहानी देशभक्ति का जज्बा जगाने का काम करेगी।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर के सिनेमा प्रेमी जो घर बैठे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सामग्री देखना पसंद करते हैं, उनके लिए यह सप्ताह बेहद व्यस्त रहने वाला है। भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी एक भावुक प्रेम कहानी, जिसने पहले सिनेमाघरों में सफलता हासिल की थी, अब डिजिटल दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। साथ ही जासूसी और एक्शन शोज के शौकीनों के लिए एक प्रसिद्ध हॉलीवुड सीरीज का तीसरा भाग भी इसी हफ्ते स्ट्रीम होने जा रहा है।

  • बंटवारा 1947 के भावुक ट्रेलर लॉन्च पर शबाना आजमी ने कठिन सीन के दौरान सनी देओल की संवेदनशीलता को सराहा

    बंटवारा 1947 के भावुक ट्रेलर लॉन्च पर शबाना आजमी ने कठिन सीन के दौरान सनी देओल की संवेदनशीलता को सराहा

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के इतिहास में विभाजन की विभीषिका पर कई फिल्में बनी हैं, लेकिन कुछ फिल्में अपनी कहानी के साथ-साथ सेट पर बने मानवीय संबंधों के कारण विशेष चर्चा में आ जाती हैं। निर्देशक राजकुमार संतोषी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के ट्रेलर रिलीज के दौरान कुछ ऐसा ही भावनात्मक नजारा देखने को मिला, जब फिल्म के मुख्य कलाकारों ने शूटिंग के दौरान के अपने अनुभव साझा किए।

    इस खास मौके पर अनुभवी अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता सनी देओल बेहद भावुक नजर आए। फिल्म के एक बेहद कठिन और संवेदनशील दृश्य की शूटिंग को याद करते हुए शबाना आजमी ने बताया कि एक कलाकार के तौर पर उस पल को जीना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण और असहज करने वाला था। दृश्य की मांग के अनुसार जब खलनायक द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था, तब वे खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं।

    शबाना आजमी ने भावुक होकर बताया कि उस कठिन परिस्थिति में सनी देओल ने जिस तरह आगे बढ़कर उन्हें सहारा दिया, उसने अभिनय के दायरे को लांघकर वास्तविक जीवन की संवेदनशीलता को दर्शाया। सीन पूरा होते ही सनी देओल ने उन्हें दुपट्टे से ढका और एक रक्षक की भूमिका निभाई। इस पल ने पर्दे के पीछे के कलात्मक रिश्ते को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया, जिसे अभिनेत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।

    सनी देओल ने भी इस सहयोग पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शबाना आजमी के साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान दोनों के बीच किसी पेशेवर अदाकारी से इतर एक वास्तविक और प्रगाढ़ रिश्ता महसूस हुआ। अभिनेता ने इस फिल्म को दुनिया की सभी माताओं को समर्पित करते हुए सिनेमा के माध्यम से रिश्तों की गहराई को उजागर करने की बात कही।

    वहीं, इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई परियोजना के पीछे के लंबे संघर्ष पर बात करते हुए निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बताया कि इस कहानी को बड़े पर्दे तक लाने में दो दशक से भी अधिक समय लग गया। साल 2009 में एक नाटक से प्रेरित इस विषय पर फिल्म बनाने का प्रयास 2010 से लगातार जारी था, लेकिन वित्तीय और संरचनात्मक सहयोग न मिल पाने के कारण इसमें लगातार विलंब होता रहा।

    फिल्म निर्माण की इस लंबी यात्रा में अंततः आमिर खान के सहयोग से इस परियोजना को गति मिली। कहानी की गहराई और ऐतिहासिक संदर्भ को समझते हुए निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, जिससे यह वर्षों पुरानी परिकल्पना साकार हो सकी। राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी ने अतीत में भी कई यादगार फिल्में दी हैं और इस नई फिल्म के जरिए उन्होंने एक बार फिर अपनी रचनात्मक साझेदारी को साबित किया है।

    ट्रेलर लॉन्च के इस अवसर पर फिल्म की पूरी स्टारकास्ट उपस्थित रही, जहां ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस थ्रिलर और ड्रामा फिल्म की मेकिंग से जुड़े कई अनदेखे पहलुओं पर चर्चा की गई। दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसमें इतिहास के एक दर्दनाक दौर को भावनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

  • प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय अभिनेता जूनियर एनटीआर कंधे में चोट के कारण चिकित्सकों की देखरेख में, टीम ने जारी किया आधिकारिक विवरण

    प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय अभिनेता जूनियर एनटीआर कंधे में चोट के कारण चिकित्सकों की देखरेख में, टीम ने जारी किया आधिकारिक विवरण

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता जूनियर एनटीआर एक गतिविधि के दौरान कंधे में चोट लगने के कारण स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। घटना के तत्काल बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद उन्हें अगले छह से आठ हफ्तों तक पूर्ण विश्राम की सलाह दी है। अभिनेता की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटनाक्रम की जानकारी साझा की है और प्रशंसकों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा चिंता की कोई बात नहीं है।

    चिकित्सकीय टीम के अनुसार चोट से पूरी तरह उबरने और कंधे की मांसपेशियों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए निर्धारित अवधि तक विश्राम करना अनिवार्य है। अभिनेता के स्वास्थ्य से जुड़े इस घटनाक्रम के बाद उनके आगामी कार्यक्रमों और शूटिंग शेड्यूल में बदलाव किए जाने की संभावना है। उनकी टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुधार प्रक्रिया के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी समय-समय पर साझा की जाती रहेगी। इस सूचना के सामने आने के बाद फिल्म जगत और प्रशंसकों की ओर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

    अभिनेता के करियर की बात करें तो वे पिछले कुछ समय से कई बड़े बजट की फिल्मों और बहुभाषी परियोजनाओं में व्यस्त रहे हैं। मुख्य भूमिकाओं के साथ-साथ हाल के वर्षों में उन्होंने कई बड़े अभिनेताओं के साथ सहयोग करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान में वे आने वाली एक बहुचर्चित फिल्म की तैयारियों और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े हुए थे, जिसकी रिलीज अगले कुछ वर्षों में प्रस्तावित है। इस अचानक आई चोट के कारण फिलहाल उनकी सभी पेशेवर गतिविधियां कुछ समय के लिए स्थगित रहेंगी।

    फिल्म उद्योग में अभिनेताओं के घायल होने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं, विशेष रूप से एक्शन दृश्यों और कठिन गतिविधियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जोखिम बना रहता है। इससे पूर्व भी कई प्रमुख कलाकारों को शूटिंग के दौरान चोटों का सामना करना पड़ा है। डॉक्टरों का मानना है कि सही समय पर लिया गया विश्राम और फिजियोथेरेपी अभिनेता को जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर काम पर लौटने में मदद करेगी। फिलहाल उनके प्रशंसक उनके पूर्ण पुनर्वास और अगली फिल्म की शूटिंग शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।