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  • होर्मुज पर अमेरिका का ‘टोटल कंट्रोल’! ट्रंप बोले- ईरान सिर्फ हार टाल रहा, बातचीत की जरूरत नहीं

    होर्मुज पर अमेरिका का ‘टोटल कंट्रोल’! ट्रंप बोले- ईरान सिर्फ हार टाल रहा, बातचीत की जरूरत नहीं


    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की शांति के बाद फिर सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था बिखर रही है। उनका यह बयान अमेरिकी हवाई हमलों के कुछ घंटे बाद आया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच जवाबी हमले और तेज हो गए हैं।

    ट्रंप बोले- बातचीत के लिए मजबूर नहीं कर रहे

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में एबीसी न्यूज की उस रिपोर्ट को खारिज किया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ईरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर करता है या नहीं। उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति ही अमेरिका के लिए बेहतर है, क्योंकि होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है।

    उन्होंने कहा कि घटनाक्रम एक तय नतीजे की ओर बढ़ रहा है। साथ ही ट्रंप ने ईरान की जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील भी की।

    ईरान हर बार खारिज करता रहा है दावा

    फरवरी में टकराव शुरू होने के बाद से ट्रंप कई बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा कर चुके हैं। हालांकि, ईरान लगातार इन दावों को खारिज करता रहा है। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर भारी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

    इससे पहले सप्ताहांत में जुलाई के बाद पहली बार दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी। सोमवार को होर्मुज से निकल रहे दो तेल टैंकरों पर हमले की खबर भी सामने आई। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत करीब 4 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

    होर्मुज पर ईरान की पकड़ का दावा

    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। ईरान ने इसे जहाजों के लिए बंद कर रखा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि अमेरिकी हमलों के बाद जलमार्ग पर उसकी पकड़ और मजबूत होगी।

    ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल निर्यात को रोकने की कोशिश की गई तो वह दूसरे देशों को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं देगा।

    ट्रंप ने युद्धविराम की संभावना भी नकारी

    ट्रंप ने नए युद्धविराम की संभावना को भी खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ईरान को समझौते के लिए पहले ही कई मौके दिए जा चुके हैं और अब किसी नए समझौते की जरूरत नहीं है।

    महीनों से जारी तनाव के बीच जून में हुआ समझौता भी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को दोनों देशों के बीच टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा माना जा रहा है। ऐसे में ट्रंप के ताजा बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका है।

  • बिलावल भुट्टो की शादी यूरोप की राजकुमारी से होने वाली है…इस दावे की PPP ने निकाली हवा, जानें क्या है सच?

    बिलावल भुट्टो की शादी यूरोप की राजकुमारी से होने वाली है…इस दावे की PPP ने निकाली हवा, जानें क्या है सच?


    इस्लामाबाद।
    क्या बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) यूरोपियन राजकुमारी (European Princess) से शादी करने वाले हैं? पाकिस्तान (Pakistan) में सोशल मीडिया पर इसको लेकर खूब दावे किए जा रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (Pakistan People’s Party) ने इन दावों की हवा निकाल दी है। कराची के मेयर और पीपीपी के नेता मुर्तजा वहाब ने बिलावल की शादी से जुड़ी सभी अफवाहों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहाकि पीपीपी के चेयरमैन की सगाई और शादी को लेकर जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं।

    वहाब ने क्या लिखा

    वहाब ने अपना स्पष्टीकरण शनिवार देर रात एक्स पर पोस्ट किया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों के बाद आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे, बिलावल भुट्टो की शादी की तैयारियां चल रही हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि 38 साल के बिलावल की शादी यूरोपियन परिवार में होने वाली है। दावों के मुताबिक पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अपने बेटे की शादी के बारे में चर्चा करने और तारीख तय करने के लिए लिक्टेंस्टीन गए थे। यह स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित एक छोटा संप्रभु देश है।


    ऑस्ट्रिया की राजकुमारी का दावा

    कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था, बिलावल भुट्टो की शादी 26 साल की पूर्व ऑस्ट्रियन आर्कडचेस ग्लोरिया वॉन हाब्सबर्ग (Archduchess Gloria von Habsburg) से होने वाली है। वह ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक कार्ल और फ्रांसेसका वॉन थिसेन-बोर्नेमिस्ज़ा की बेटी हैं। साथ ही और हाब्सबर्ग-लॉरेन हाउस की सदस्य हैं। वह ऑस्ट्रिया के अंतिम शासक सम्राट और हंगरी के राजा कार्ल I की परनाती हैं। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के उर्दू दैनिक अखबार डेली आउसाफ ने भी रिपोर्ट दी थी कि शादी की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि इस रिपोर्ट में किसी सोर्स का हवाला नहीं दिया गया था। अखबार की रिपोर्ट में भी जरदारी के इस मामले को लेकर यूरोप जाने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में यह रिपोर्ट बाद में हटा दी गई।


    प्रेसीडेंसी ने क्या लिखा

    27 अगस्त को, प्रेसीडेंसी ने एक्स पर पोस्ट करके पुष्टि की कि जरदारी निजी यात्रा पर विदेश गए हैं। लेकिन यात्रा के उद्देश्य के बारे में कोई और विवरण नहीं दिया गया। बता दें कि अब तक, बिलावल या उनके परिवार की तरफ से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। बता दें कि बिलावल भुट्टो जरदारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे हैं। बिलावल पाकिस्तान की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बनकर उभरे हैं और विदेश मंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

  • ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर दावा: अभिजीत दीपके बोले- CJI सूर्यकांत का इशारा सौरभ दास की ओर था

    ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर दावा: अभिजीत दीपके बोले- CJI सूर्यकांत का इशारा सौरभ दास की ओर था


    नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर अब नया दावा सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि CJI की यह टिप्पणी CJP प्रवक्ता और पत्रकार सौरभ दास के संदर्भ में थी। हालांकि, दास ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि उस समय कई वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क कर कहा था कि टिप्पणी शायद उन्हीं के लिए की गई है।

    एक इंटरव्यू के दौरान सौरभ दास ने अपने पत्रकारिता करियर और अदालतों से जुड़े लेखन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह कानून और खास तौर पर जजों से जुड़े मामलों पर लिखते हैं। इसी दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि CJI द्वारा इस्तेमाल किया गया ‘कॉकरोच’ शब्द सौरभ दास के लिए था।

    ‘उस समय सबसे ज्यादा यही लिख रहा था’

    दीपके ने कहा, ‘जो कॉकरोच शब्द यूज किया गया था, वह सौरभ के लिए किया गया था। यह ओजी कॉकरोच है, क्योंकि तब सबसे ज्यादा यही लिख रहा था।’

    इस पर सौरभ दास ने बताया कि उस समय कुछ वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क किया था। उनके मुताबिक, उन लोगों का कहना था कि CJI की टिप्पणी संभवतः उनके लिए थी।

    दास ने बताया कि उस दौरान वह कारवां मैगजीन के लिए CJI सूर्यकांत पर एक प्रोफाइल लिख रहे थे। इससे पहले वह पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ पर भी प्रोफाइल लिख चुके थे। इसी सिलसिले में उन्होंने कुछ RTI आवेदन भी दाखिल किए थे।

    दास के मुताबिक, उसी समय CJI ने कहा था कि कुछ युवा लोग पेशे में नौकरी नहीं ढूंढ पाते और फिर मीडिया या RTI एक्टिविज्म की तरफ चले जाते हैं और सिस्टम पर हमला करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ‘कॉकरोच’ टिप्पणी उन्हीं के लिए थी, तो उन्होंने कहा, ‘पता नहीं, हां हो सकता है।’

    युवाओं पर टिप्पणी को लेकर हुआ था विवाद

    दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था। इसे कुछ जगहों पर देश के बेरोजगार युवाओं पर टिप्पणी के तौर पर प्रचारित किया गया। बाद में CJI ने अदालत में अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया।

    CJI ने कहा था कि उन्होंने उन लोगों की आलोचना की थी, जो फर्जी या नकली डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में प्रवेश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और उनकी तुलना ‘परजीवियों’ से की गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कहना गलत है कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना की थी।

    CJI की टिप्पणी के बाद बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

    CJI की इसी ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को आधार बनाकर अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत की थी। टिप्पणी के बाद दीपके ने एक्स पर लिखा था- ‘क्या होगा यदि सारे कॉकरोच एकत्रित हो जाएं।’

    इस पोस्ट के वायरल होने के बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर महज चार दिन में करीब 2.5 करोड़ फॉलोअर हो गए। इसके बाद दीपके चर्चा में आए और अमेरिका से भारत लौटकर उन्होंने NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन भी शुरू किया।

  • ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता

    ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में सेहत और उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर उनकी बहन उज्मा खान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उज्मा का दावा है कि इमरान ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें जेल में कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।

    उज्मा के मुताबिक, इमरान ने उनसे कहा कि “मेरे साथ अन्याय हुआ है। मुझे बहुत बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक डॉक्टर ने इमरान से मुलाकात की और कहा कि लंबे समय से लोगों से संपर्क न होने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हो रही है।

    10 महीने से टीवी और पढ़ने का सामान नहीं
    उज्मा खान ने दावा किया कि इमरान खान के पास पिछले करीब 10 महीनों से पढ़ने के लिए कोई सामग्री या टीवी तक नहीं है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक बाहरी दुनिया से संपर्क सीमित रहने का असर उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर पड़ रहा है।

    उन्होंने इमरान की आंखों की समस्या को लेकर भी जानकारी दी। उज्मा के अनुसार, इमरान ने उन्हें आंख में बचे हेमरेज का हल्का निशान दिखाया। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इंजेक्शन से स्थिति में सुधार होगा और एहतियात के तौर पर आगे भी फॉलो-अप इंजेक्शन देने पड़ सकते हैं। उज्मा ने कहा कि इमरान की नजर में पहले की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है।

    अस्पताल से जांच के बाद फिर जेल भेजे गए इमरान
    21 अगस्त को इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद उनकी बहनों नोरिन नियाजी और उज्मा खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी स्थिति को लेकर जानकारी दी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान को गुरुवार देर रात अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद उन्हें फिट बताया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया।

    सरकार ने क्या कहा?
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इमरान खान को 20 और 21 अगस्त की रात सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी मेडिकल जांच की। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था। अब उनकी बहन के आरोपों के बाद जेल में उनकी स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद फिर तेज होने के संकेत हैं।

  • चाल में रहने को मजबूर हैदर अली खान, पूर्व पत्नी ईवा ग्रोवर ने बयां की पूरी कहानी..

    चाल में रहने को मजबूर हैदर अली खान, पूर्व पत्नी ईवा ग्रोवर ने बयां की पूरी कहानी..

    नई दिल्ली । हिंदी मनोरंजन जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मशहूर टीवी अभिनेत्री ईवा ग्रोवर ने एक साक्षात्कार के दौरान अपने पूर्व पति और अभिनेता आमिर खान के सौतेले भाई हैदर अली खान की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए। ईवा के अनुसार, कभी मुख्यधारा के सिनेमा का हिस्सा रहे हैदर अली खान आज अपने जीवन के सबसे कठिन और अंधकारमय दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हैदर के पास वर्तमान में न तो खुद का कोई स्थायी आशियाना बचा है और न ही दो वक्त के भोजन की बुनियादी व्यवस्था है। जीवनयापन के लिए वे दूसरों की मदद पर निर्भर हैं और मुंबई की एक छोटी सी चाल में रहने को विवश हो गए हैं।

    अभिनेत्री ने अपनी पिछली शादीशुदा जिंदगी के कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि प्रेम विवाह के बाद से ही उनके दांपत्य जीवन में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था। ईवा के मुताबिक, शादी के शुरुआती दिनों में ही उन्हें हैदर के हिंसक व्यवहार और गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पता चला था। अत्यधिक शराब के सेवन और करियर में मिली असफलता ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया, जिसके चलते उन्हें गहरे घरेलू तनाव का सामना करना पड़ा। ईवा ने यह भी दावा किया कि आमिर खान को विवाह से पूर्व ही इन परिस्थितियों का अंदेशा था और उन्होंने इस रिश्ते को लेकर चेतावनी भी दी थी, जिसे उस समय नजरअंदाज कर दिया गया था।

    घरेलू हिंसा और लगातार बिगड़ते हालातों के बीच पांच वर्षों के संघर्ष के बाद दोनों का तलाक हो गया था। हालांकि, अपनी आपबीती बयां करने के बावजूद ईवा ने अपने पूर्व पति की मौजूदा स्थिति पर गहरी मानवीय संवेदना और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि हैदर का स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति अब पूरी तरह चरमरा चुकी है। उनके आसपास मौजूद कुछ लोग उनकी इस कमजोरी का गलत फायदा उठाकर उन्हें निरंतर शराब के गर्त में धकेल रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति दिन-ब-दिन और अधिक दयनीय होती जा रही है।

    ईवा ग्रोवर द्वारा किए गए इन दावों के बाद से सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जहां एक तरफ प्रशंसक ईवा के साहस और अतीत के संघर्षों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार की चुप्पी को लेकर भी तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर परिवार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बॉलीवुड के चकाचौंध के पीछे छिपे कड़वे सच को उजागर कर दिया है।

  • ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

    ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध


    वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है तथा जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

    फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘द संडे ब्रीफिंग’ में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हालात सामान्य करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बातचीत होती रही है, हालांकि आखिरी बातचीत कब हुई, इस पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।

    ‘नफरत से नहीं सुलझेगा विवाद’

    ट्रंप ने दोनों नेताओं के बीच बढ़ती कटुता पर चिंता जताते हुए कहा कि आपसी नफरत किसी भी समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने इसे “हास्यास्पद और पागलपन” बताया तथा कहा कि शांति स्थापित करने के लिए संवाद ही सबसे जरूरी रास्ता है।

    गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने का वादा ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान किया था। हालांकि उनके दूसरे कार्यकाल में भी संघर्ष जारी है।

    जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण

    इधर युद्ध क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यूक्रेन के निप्रो शहर पर रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हमले में एक मकान पूरी तरह नष्ट हो गया।

    वहीं रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक महिला की मौत और एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। यह घटनाएं हाल ही में युद्धबंदियों की अदला-बदली के बाद सामने आई हैं।

    रूस का दावा

    रूस के विशेष दूत रोदियोन मिरोशनिक ने दावा किया कि फरवरी 2022 से अब तक यूक्रेनी हमलों में 8 हजार से अधिक रूसी नागरिक मारे गए हैं और करीब 20 हजार घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

  • भोजशाला मामले में HC ने की सुनवाई… हिन्दु पक्ष का दावा- 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे

    भोजशाला मामले में HC ने की सुनवाई… हिन्दु पक्ष का दावा- 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे


    इंदौर।
    धार (Dhar) स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Historic Bhojshala Complex) परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच में सोमवार को सुनवाई हुई। हिंदू पक्ष (Hindu side) के वकील विष्णु शंकर जैन (Vishnu Shankar Jain) ने इसे 10वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए दावा किया कि 1935 के बाद यहां अवैध गतिविधियां शुरू हुईं। उन्होंने एएसआई सर्वे और स्तंभों की मूर्तिकला को साक्ष्य के रूप में पेश किया। अदालत ने कहा है कि वह मामले की नियमित सुनवाई करेगी। सभी पक्षों को विस्तार से सुना जाएगा। मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।


    हिंदू पक्ष ने 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताया

    हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखते हुए भोजशाला को 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर बताया। इसके पक्ष में उनकी ओर से कई तर्क पेश किए गए। विष्णु शंकर जैन ने 1935 में लगाए गए एक अहम बोर्ड का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय परिसर के ऐतिहासिक तथ्यों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया था।


    1935 के बाद से हुई विवादित गतिविधियों की शुरुआत

    विष्णु शंकर जैन ने दावा किया कि सन 1935 के बाद से इस परिसर पर अवैध कब्जों और विवादित गतिविधियों की शुरुआत हुई। इन विवादित गतिविधियों ने विवाद को जन्म दिया। समूचा विवाद 1935 के बाद के बाद का है। विष्णु शंकर जैन ने एएसआई की सर्वे रिपोर्टों को भी अदालत के सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने स्तंभों पर उकेरी गई मूर्तिकला और ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए।


    अदालत की दो-टूक, सभी पक्षों को देंगे पूरा मौका

    हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। अत: इसमें सभी पक्षों को सुना जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और हर पक्ष को अपनी दलीलें रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।


    1935 से पहले भी होती थी पूजा

    महाराजा भोज सेवा संस्थान की ओर से हाईकोर्ट वकील श्रीष दुबे ने बताया कि सोमवार से इंदौर बेंच में फाइनल सुनवाई की शुरुआत हुई है। विष्णु शंकर जैन की ओर से दोपहर ढाई बजे से साढ़े जार बजे तक बहस चली है। यह बहस कल फिर ढाई बजे से शुरू होगी। विष्णु शंकर जैन की बहस अभी बाकी है यह कल भी चलेगी। विष्णु शंकर जैन की ओर से पिटिशन के पक्ष में दलीलें रखी गईं। हिंदू पक्ष की ओर से बताया गया है कि यहां 1935 से पहले भी पूजा होती थी।

  • ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह

    ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह

    ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह
    दुबई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता (Ali Khamenei) की पत्नी को लेकर फैली मौत की खबरों को ईरानी मीडिया ने खारिज कर दिया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके निधन की खबरें अफवाह हैं।

    ईरान की सरकारी मीडिया और एक समाचार एजेंसी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर जो दावे किए जा रहे थे, वे गलत हैं। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के दौरान यह खबर फैल गई थी कि अमेरिका और Israel के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ उनकी पत्नी भी मारी गईं।

    मोजतबा के बयान के बाद स्पष्टता

    हालांकि बाद में ईरानी मीडिया ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बताया गया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने गुरुवार को अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें अपनी मां के निधन का कोई जिक्र नहीं था। इसके बाद सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि उनकी मौत की खबरें गलत हैं।

    युद्ध के माहौल में फैल रही अपुष्ट खबरें

    पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कई तरह की अपुष्ट खबरें तेजी से फैल रही हैं। ऐसे माहौल में सोशल मीडिया पर अफवाहें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। ईरान की सरकारी एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।

    हमलों के बाद बढ़ा तनाव

    गौरतलब है कि हाल ही में United States और Israel के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद Iran ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजरायल से जुड़े लक्ष्यों पर हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के दौर में जानकारी की पुष्टि करना और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो जाता है।

  • संभावना सेठ का दावा, सलमान ने स्टेज पर कहा- 100% काम दूंगा, बाद में बोला- मैं…

    संभावना सेठ का दावा, सलमान ने स्टेज पर कहा- 100% काम दूंगा, बाद में बोला- मैं…

    मुंबई। संभावना सेठ ने सलमान खान के साथ अपनी एक मुलाकात का किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि सलमान खान ने ‘बिग बॉस 4’ के स्टेज पर उनकी तारीफ की थी। इतना ही नहीं, सलमान ने ये भी कहा था कि वह उन्हें 100% काम देंगे। हालांकि, शो खत्म होने के बाद चीजें बदल गईं। वह सलमान खान से मिलने गईं और रोते हुए बाहर आईं। पढ़िए सलमान ने उन्हें क्या जवाब दिया था।
    संभावना सेठ ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘बिग बॉस सीजन 4 में सलमान खान की एंट्री हुई थी तो सारे सीजन (1,2 और 3) के पॉपुलर कंटेस्टेंट्स को परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया था। मुझे याद है, मैं अपनी परफॉर्मेंस के बाद जाकर बैठ गई थी। सब एक-दूसरे की तारीफ कर रहे थे और मैं अकेले एक कोने में बैठी हुई थी। तभी अचानक सलमान जी ने कहा, इस लड़की ने कमाल कर दिया।’
    संभावना ने आगे कहा, ‘फिर मेरा दोस्त रवि किशन मुझे सलमान जी के पास लेकर गया। रवि किशन ने सलमान जी से कहा, ये संभावना हैं। ये भोजपुरी की आन बान शान हैं। बहुत अच्छा डांस करती हैं। सलमान जी ने कहा, हां! मैं अभी इनका डांस देखा। मैंने मौके का फायदा उठाया और सलमान जी से कहा, सर अगर आपको ठीक लगे तो मुझे फिल्म में…। सलमान जी ने कहा, हां! हां! 100%। उनका 100% मेरे लिए सपने जैसा था। मुझे लगा कि अब तो मैं फाड़ दूंगी। उन्होंने मुझे अपना पर्सनल नंबर भी दिया।’
    संभावना बोलीं, ‘इसके बाद मुझे दोबारा स्टेज पर बुलाया गया। मेकर्स ने कहा कि हमें बिग बॉस वाली संभावना चाहिए। आपको सलमान के सामने वैसे ही जवाब देना है जैसे आप बिग बॉस में देती थीं। मैंने मेकर्स के हिसाब से चीजें कीं, लेकिन शायद सलमान जी को वो बात पसंद नहीं आई। मुझे लगता है कि सलमान जी को वैसे लड़कियां पसंद नहीं हैं जो थोड़ा उठकर ज्यादा बात करें। ऐसा मेरा सोचना है।’
    संभावना ने आगे बताया, ‘फिर मैं शो के खत्म होने के बाद सलमान जी से मिलने गई। मुझे सलमान जी बहुत इरिटेटेड लग रहे थे। उन्होंने मुझसे बहुत अच्छे से बात की, लेकिन वो मुझे बिल्कुल अलग लग रहे थे। वैसे नहीं लग रहे थे जैसे स्टेज पर थे। अब वो मुझसे चिढ़े हुए थे या थक गए थे, मुझे नहीं पता। तो मैंने पूछा कि आपने कहा कि आप फिल्म में मुझे…। सलमान जी बोले, संभावना तुम्हें थोड़ा वजन कम करना पड़ेगा और मैं लोगों को प्रमोट नहीं करता हूं।’
    संभावना बोलीं, ‘मेरा तो दिल टूट गया। मैं रोते-रोते घर गई हूं। मैं सलमान खान की आज भी बहुत बड़ी फैन हूं, लेकिन मैं टूट गई थी। मेरे पापा-मम्मी जिंदा थे तब। मैं बहुत कोशिश कर रही थी कि कुछ बड़ा मिल जाए तो मैं पापा-मम्मी को सरप्राइज दूं।’ यह कहते-कहते संभावना भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
    बता दें, संभावना सेठ ‘बिग बॉस सीजन 2’ का हिस्सा थीं। इस सीजन को शिल्पा शेट्टी ने होस्ट किया था और आशुतोष कौशिक इस सीजन के विनर बने थे।
  • लिव-इन रिश्ते में दहेज उत्पीड़न का दावा…SC ने सरकार से मांगी कानूनी स्पष्टता

    लिव-इन रिश्ते में दहेज उत्पीड़न का दावा…SC ने सरकार से मांगी कानूनी स्पष्टता


    नई दिल्ली।
    क्या एक विवाहित व्यक्ति जो अपनी पत्नी के जीवित रहते हुए किसी अन्य महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) में है, उस महिला द्वारा दहेज प्रताड़ना (IPC की धारा 498A) का मामला दर्ज कराया जा सकता है? यह एक ऐसा सवाल है जिस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court.) ने अब गंभीर कानूनी विचार करने का निर्णय लिया है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A (अब भारतीय न्याय संहिता) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करती है कि केवल एक पत्नी ही अपने पति या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ दहेज या क्रूरता की शिकायत दर्ज करा सकती है।

    चूंकि हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत कानूनी रूप से एक व्यक्ति एक ही समय में दो महिलाओं का पति नहीं हो सकता है। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि क्या लिव-इन पार्टनर को कानूनन पत्नी का दर्जा दिया जा सकता है?

    सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन के सिंह की पीठ ने एक डॉक्टर लोकेश बी.एच. द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। लोकेश ने फरवरी 2000 में नवीना से शादी की थी। आरोप है कि उन्होंने 2010 में तीर्थ नामक महिला से भी शादी की, जो कानूनी रूप से अवैध है। तीर्थ ने 2016 में लोकेश पर दहेज की मांग को लेकर उसे जलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। बाद में उसने घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया।

    लोकेश ने तर्क दिया कि तीर्थ के साथ उनका कोई कानूनी वैवाहिक संबंध नहीं है। उन्होंने इस आशय की घोषणा के लिए बेंगलुरु की एक पारिवारिक अदालत में मुकदमा भी दायर किया है, जो लंबित है। इसके अलावा लोकेश के नियोक्ता ने प्रमाणित किया है कि कथित घटना के दिन लोकेश अस्पताल में ड्यूटी पर थे।

    कर्नाटक उच्च न्यायालय ने लोकेश की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।

    सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को इस मामले में सहयोग करने के लिए कहा है। इसके अलावा, अदालत ने मामले की जटिलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नीना नरिमन को ‘एमिकस क्यूरी’ (अदालत का मित्र) नियुक्त किया है, जो इस कानूनी मुद्दे पर निष्पक्ष राय प्रदान करेंगी।

    याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील संजय नुली ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय ने धारा 498A की व्याख्या करने में गलती की है। उनका तर्क है कि कानून की शब्दावली स्पष्ट रूप से पति और पत्नी का उल्लेख करती है। इसे एक लिव-इन रिलेशनशिप पर लागू नहीं किया जा सकता है। विशेषकर तब जब पुरुष पहले से ही विवाहित हो।

    यदि सुप्रीम कोर्ट लिव-इन पार्टनर को इस धारा के तहत पत्नी मानता है, तो यह वैवाहिक कानूनों की पारंपरिक व्याख्या में एक बड़ा बदलाव होगा।