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  • ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी

    ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी


    नई दिल्ली।
    भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पिछले साल हुए तनाव को खत्म करने का श्रेय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने लिया है। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप अब तक 70 बार इस तरह का दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिख रहा। वाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया की 8 अंतहीन लड़ाइयां रुकवाई हैं।

    भारत-पाक के संदर्भ में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। आठ विमान मार गिराए गए थे। मेरी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो करोड़ों लोग मारे जाते।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इजरायल-ईरान जैसे आठ बड़े संघर्षों को शांत कराया है।


    जयराम रमेश का तीखा हमला

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी। लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान। यही वह संख्या है, जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है- ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वही जिम्मेदार थे।”

    नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत
    ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी मलाल जताया कि इन युद्धों को रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकने से कम से कम 1.5 से 2 करोड़ लोगों की जान बची है, जो उनके लिए नोबेल से बड़ी बात है।

    गौरतलब है कि भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के बार-बार इस तरह के दावे करना भारतीय संप्रभुता और प्रधानमंत्री के दावों पर सवाल खड़ा करता है।

  • उद्धव ठाकरे का दावा : BMC में अब भी हो सकता है उलटफेर

    उद्धव ठाकरे का दावा : BMC में अब भी हो सकता है उलटफेर


    मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में बीजेपी और शिवसेना शिेंदे गुट की बड़ी जीत के बाद उद्धव ठाकरे को करारा झटका लगा है। हालांकि वह अब भी हार स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और कह रहे हैं कि मेयर उनका ही बनेगा। उनके इस बयान के बाद शिंदे गुट के पार्षदों को रिजॉर्ट भेज दिया गया।
    देश की सबसे अमीर महानगरपालिका की 89 सीटों पर अकेले बीजेपी ने ही कब्जा किया है। ऐसे में पूरी संभावना है कि मेयर बीजेपी का होगा। लेकिन उद्धव ठाकरे के दावे ने गहमा-गहमी बढ़ा दी है।

    पिछले 25 साल से बीएमसी में अविभाजित शिवसेना का कब्जा था। हालांकि शिवसेना के दो फाड़ होने के बाद समीकरण बदल गए. इस बार के चुनाव में उद्धव सेना को कुल 65 सीटें मिली हैं। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। अगर दोनों की सीटें जोड़ दी जाएं तो उनकी 94 सीटें हो जाती हैं। वहीं बीजेपी की 89 ही सीटें हैं। ऐसे में अगर शिवसेना बंटी ना होती तो बीजेपी उससे पीछे रह जाती।

    शिवसेना (UBT) नेता सुनील प्रभु ने कहा कि शिवसेना के बंटने की वजह से ही बीजेपी की जीत हो सकती है। पू्र्व कांग्रेस नेता संजय झा ने कहा कि अब भी शिवसेना की ताकत का लोहा सबको मानना चाहिए। अगर शिवसेना एक होती तो बीएमसी में बीजेपी का दांव ही ना लग पाता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों शिवसेना सम्मान बचाना चाहती हैं तो साथ आएं और बीजेपी को विपक्ष में बैठा दें।

    उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी का मेयर अब भी बन सकता है। इसके बाद शिंदे ने अपने पार्षदों को रिजॉर्ट में शिफ्ट कर दिया। बीजेपी और शिंदे सेना की कुल सीटें 118 हैं। वहीं 227 सीटों वाली महानगरपालिका में बहुमत का जादुई आंकड़ा 114 है। इस बार अजित पवार ने अकेले ही चुनाव लड़ा था।

    उन्होंने कुल तीन सीटें जीती हैं। अगर उनका समर्थन मिलता है तो यह संख्या 121 हो जाएगी।

    दूसरी ओर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की कुल सीटें 71 हैं। इसके अलावा एक सीट एनसीपी (शरद पवार) ने जीती है। कांग्रेस अगर उनके साथ आती है तो 24 सीटें और जुड़ जाएंगी। अगर बीजेपी विरोधी बाकी दल जैसे कि ऐआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी का भी साथ मिलता है तो यह संख्या 106 हो जाएगी। अब बहुमत में केवल 8 सीटों की कमी रह जाती है।

    बतादें कि दो दशकों के बाद बाल ठाकरे के बेटे उद्धव और भतीजे राज ठाकरे साथ आए थे। इसके बाद भी उनके साथ आने का फायदा नहीं मिल पाया। ऐसे में कहा जा रहा है कि यह ठाकरे परिवार की बड़ी हार है। हालांकि एकनाथ शिंदे की पार्टी से तुलना करें तो उद्धव की पार्टी काफी आगे है। उद्धव ठाकरे ने 65 सीटों पर जीत हासिल की है। ऐसे में बीएमसी में उद्धव ठाकरे मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।