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  • रामगढ़ में हाथियों का आतंक जारी 56 घंटे में 6 लोगों की मौत 2 और मरे

    रामगढ़ में हाथियों का आतंक जारी 56 घंटे में 6 लोगों की मौत 2 और मरे


    रामगढ़ । झारखंड के रामगढ़ जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को दो और लोगों की जान चली गई जिससे पिछले 56 घंटों में यहां हाथियों के हमले में मरने वालों की संख्या 6 हो गई है। शुक्रवार की घटनाओं में एक व्यक्ति का नाम लोकनाथ मुंडा था जो कुजू ओपी क्षेत्र के सुगिया गांव का निवासी था। वह अपनी पत्नी के साथ जलावन के लिए कोयला चुनने सीसीएल के करमा परियोजना की ओर जा रहे थे तभी उनका सामना हाथियों के झुंड से हो गया। हाथियों ने उन्हें पटककर मार डाला जबकि उनकी पत्नी किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही।

    दूसरी घटना रामगढ़ प्रखंड के कुंदरूकलां पंचायत में हुई जहां काजल देवी नाम की महिला ईंट भट्ठे में काम करने आई थी। जब वह रात में शौच के लिए बाहर गई तो हाथियों ने उसे घेर लिया और उसे पटक-पटककर मार डाला। इस दौरान वहां मौजूद आधे दर्जन से अधिक लोग बाल-बाल बच गए। इसके अलावा हाथियों ने पास में मौजूद फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग अब इस नुकसान का मूल्यांकन करने में जुटा है।

    इन घटनाओं से पहले मंगलवार को भी रामगढ़ जिले के घाटो थाना क्षेत्र के आरा सारूबेड़ा में हाथियों के हमले में चार लोग मारे गए थे जिनमें एक सीसीएल का सुरक्षाकर्मी और तीन अन्य स्थानीय लोग शामिल थे।स्थानीय लोगों और वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि हाथियों के आक्रामक होने का मुख्य कारण उनके पारंपरिक रास्तों में बढ़ती मानवीय गतिविधि और जंगलों का सिमटना है। इसके कारण हाथी भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने पर मजबूर हो रहे हैं।

    वर्तमान में वन विभाग ने क्षेत्र में हाथियों से बचाव के लिए निगरानी बढ़ा दी है और उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान और मुआवजे के साथ-साथ हाथियों के सुरक्षित मार्ग को बहाल करने की अपील की है। तोपा माइनस कॉलोनी उखरबेड़वा और हरवे क्षेत्र में हाथियों का झुंड खुलेआम विचरण कर रहा है जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी है और मुआवजे के रूप में 3 लाख 75 हजार रुपये 10 दिनों के अंदर भुगतान करने का आश्वासन दिया है।

  • महाकाल मंदिर विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला तकिया मस्जिद की याचिका खारिज

    उज्जैन । सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर के विस्तार महाकाल लोक फेज-2के लिए तकिया मस्जिद की भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मोहम्मद तैय्यब भूमि का मालिक नहीं है बल्कि केवल उपासक भक्तहै इसलिए उसे भूमि अधिग्रहण पर सवाल उठाने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सुनाया।

    याचिका में यह दावा किया गया था कि 1985 से यह भूमि मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और अधिग्रहण के समय उचित मुआवजा पुनर्वास और सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि महाकाल मंदिर के विस्तार के लिए भूमि का अधिग्रहण सार्वजनिक उद्देश्य के अंतर्गत नहीं आता और इससे संविधान के अनुच्छेद 14 25 26 और 300-A का उल्लंघन होता है।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता के इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में पहले से वैकल्पिक कानूनी उपाय उपलब्ध थे और याचिकाकर्ता केवल मुआवजे की आपत्ति ही उठा सकता था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भूमि अधिग्रहण की वैधता पर विचार नहीं करेगा क्योंकि याचिकाकर्ता भूमि का मालिक नहीं है।

    इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी महाकाल लोक फेज-2 परियोजना से जुड़ी मुआवजे को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हाई कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता न तो भू-स्वामी हैं और न ही टाइटल होल्डर इसलिए वे केवल मुआवजे के संदर्भ में सवाल उठा सकते हैं। इस फैसले से महाकाल लोक फेज-2 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को कानूनी मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना महाकाल मंदिर परिसर के विस्तार और सार्वजनिक स्थलों के पुनर्विकास का हिस्सा है जिसे बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वता प्राप्त है।

  • हादसे में एयरबैग न खुलने पर टोयोटा पर 61 लाख का जुर्माना CG राज्य उपभोक्ता आयोग का फैसला

    हादसे में एयरबैग न खुलने पर टोयोटा पर 61 लाख का जुर्माना CG राज्य उपभोक्ता आयोग का फैसला


    रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी पर 61 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश उस समय आया जब एक गंभीर सड़क दुर्घटना में कंपनी की इनोवा कार के एयरबैग न खुलने की वजह से चालक को गंभीर चोटें आईं। आयोग ने इस मामले को विनिर्माण दोष और सेवा में कमी की श्रेणी में माना है क्योंकि एयरबैग की कार्यशीलता एक सुरक्षा मानक है जो कार दुर्घटनाओं में जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

    यह मामला 23 अप्रैल 2023 का है। कोरबा निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल और उनके भाई सुमित अग्रवाल रायपुर से कोरबा लौट रहे थे जब तरदा गांव के पास सामने से आ रहे वाहन से बचने के प्रयास में उनकी इनोवा कार अनियंत्रित हो गई और पेड़ से टकरा गई। हादसा बेहद गंभीर था और इस दौरान कार का कोई भी एयरबैग नहीं खुला जिससे चालक अमित अग्रवाल को गंभीर चोटें आईं।

    अमित अग्रवाल ने इलाज के दौरान कुल 36.83 लाख रुपये खर्च किए क्योंकि उन्हें रायपुर और हैदराबाद में इलाज कराना पड़ा। इसके बाद सुमित अग्रवाल ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग कोरबा में शिकायत दायर की। शिकायत में यह आरोप लगाया गया कि कार में एयरबैग की तकनीकी खराबी के कारण गंभीर दुर्घटना के दौरान चालक को बचाया नहीं जा सका।

    जब कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ तो जिला उपभोक्ता आयोग ने एकपक्षीय निर्णय लेते हुए टोयोटा को नया वाहन या उसके बराबर राशि देने का आदेश दिया। इसके अलावा उन्होंने चिकित्सा खर्च की भरपाई भी करने के निर्देश दिए।

    टोयोटा ने इस फैसले के खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की जिसमें उन्होंने बीमा भुगतान और विशेषज्ञ रिपोर्ट के अभाव जैसे तर्क प्रस्तुत किए। हालांकि राज्य उपभोक्ता आयोग ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए जिला आयोग के फैसले को सही ठहराया। आयोग ने कहा कि वाहन के एयरबैग का न खुलना एक गंभीर लापरवाही और खराब निर्माण का उदाहरण है जो उपभोक्ता के जीवन को खतरे में डालता है।

    यह मामला उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि कार निर्माता कंपनियों को अपनी सुरक्षा प्रणालियों की गुणवत्ता और कार्यक्षमता को सुनिश्चित करना चाहिए। अगर कोई उपभोक्ता सुरक्षा मानक में कमी की वजह से नुकसान उठाता है तो कंपनी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उपभोक्ता को उचित मुआवजा देना चाहिए। यह फैसला उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करता है और यह संदेश देता है कि कंपनियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर ध्यान देना चाहिए।

  • कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग

    कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग


    नई दिल्ली । कुमार सानू ने अपनी एक्स वाइफ रीता के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है और मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब रीता ने कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुमार सानू पर गंभीर आरोप लगाए।

    क्या है मामला

    रीता ने अपने बयानों में दावा किया था कि कुमार सानू ने उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान उनका बहुत बुरा व्यवहार किया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुमार सानू ने उन्हें भूखा रखा किचन में बंद कर दिया और प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें दूध और मेडिकल केयर तक नहीं दिया। रीता का यह भी कहना था कि कुमार सानू ने इस दौरान कोर्ट के मामलों को भी जारी रखा था।

    इन आरोपों को लेकर कुमार सानू ने मानहानि की याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि इन झूठे आरोपों के कारण उनकी इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है और उन्होंने मानसिक तनाव का सामना भी किया है। कुमार सानू का कहना है कि इन आरोपों के कारण उनकी पब्लिक इमेज खराब हुई है और इसका असर उनके प्रोफेशनल करियर पर भी पड़ा है।

    याचिका में क्या कहा गया

    याचिका में कहा गया है कि इन बयानों ने सिंगर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें सोशल मीडिया पर भी निगेटिव प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। इस मानहानि के मामले में रीता और संबंधित मीडिया पोर्टल्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। कुमार सानू ने यह भी कहा कि इन आरोपों से उन्हें आर्थिक और प्रतिष्ठा संबंधी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा रीता ने यह भी आरोप लगाया था कि शादी के दौरान कुमार सानू के कई अफेयर थे जो मामला और पेचीदा बना रहा है।

    सना रईस खान ने लिया कुमार सानू का पक्ष

    कुमार सानू की ओर से इस मानहानि केस की याचिका वकील सना रईस खान द्वारा दायर की गई है। सना रईस खान बिग बॉस 17 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं और उन्होंने ही कुमार सानू का कानूनी प्रतिनिधित्व किया है।

    कुमार सानू और रीता का तलाक

    कुमार सानू और रीता का तलाक 2001 में हुआ था। दोनों का एक बेटा है जान कुमार सानू जो बिग बॉस 14 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुके थे। जान कुमार सानू का नाम भी इस विवाद से जुड़ा है लेकिन अभी तक उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह विवाद सिंगर कुमार सानू और उनकी एक्स वाइफ रीता के बीच बढ़ता जा रहा है। यदि कोर्ट इस मामले में फैसला देता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि मानहानि के इस केस में क्या परिणति होती है और क्या कुमार सानू को मुआवजा मिलता है।