Tag: country

  • देशभर में आज करवा चौथ की धूम…. सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत

    देशभर में आज करवा चौथ की धूम…. सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत


    नई दिल्ली।
    देशभर में करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) का व्रत आज 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जा रहा है. इस दिन सुहागिन महिलाएं (Married Women) पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं. सुबह सरगी खाने के बाद व्रत शुरू होता है और रात में चंद्रमा (Moon) को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है. करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और व्रत कथा का विशेष महत्व है।

    करवा चौथ 2026 तिथि
    हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. साल 2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जा रहा है. इस दिन महिलाएं सुबह से चंद्रमा निकलने तक व्रत रखती हैं. शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है।


    करवा चौथ 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त

    करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है. दिल्ली-एनसीआर के लिए पूजा का समय इस प्रकार बताया जा रहा है:
    – करवा चौथ की तारीख: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
    – चतुर्थी तिथि शुरू: 29 अक्टूबर की रात करीब 1:06 बजे
    – चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर की रात करीब 10:09 बजे
    – पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम करीब 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
    – दिल्ली में चंद्रोदय: रात करीब 8:17 बजे
    – गुरुग्राम में चंद्रोदय: रात करीब 8:18 बजे

    चंद्रोदय का समय शहर के हिसाब से बदल सकता है. इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय चंद्रोदय समय-सारणी से समय की पुष्टि जरूर कर लें.


    करवा चौथ पर सुबह सरगी खाने की परंपरा

    करवा चौथ के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं. कई परिवारों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं. इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल होती हैं. सरगी खाने के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेती हैं और फिर पूरे दिन भोजन नहीं करतीं.


    परंपरा के अनुसार, कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं.

    करवा चौथ की पूजा के लिए महिलाएं पहले से ही थाली तैयार कर लेती हैं. पूजा में आमतौर पर इन चीजों की जरूरत होती है। करवा या मिट्टी का पात्र, जल से भरा लोटा, पूजा की थाली, छलनी, दीपक, घी, रुई, रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, फूल, मिठाई, फल, धूप-अगरबत्ती और भगवान शिव, माता पार्वती तथा भगवान गणेश की तस्वीर या प्रतिमा. इसके अलावा परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा में इस्तेमाल होने वाली दूसरी सामग्री भी रखी जा सकती है।


    करवा चौथ पूजा विधि: ऐसे करें पूजा

    1. सुबह व्रत का संकल्प लें: सूर्योदय से पहले सरगी खाएं और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार व्रत का पालन करें.
    2. शाम को पूजा की तैयारी करें: घर के पूजा स्थल की सफाई करें. चौकी पर कपड़ा बिछाकर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें.
    3. देवी-देवताओं का पूजन करें: दीपक जलाएं और रोली, अक्षत, फूल तथा मिठाई अर्पित करें. माता पार्वती से अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना करें.
    4. करवा माता की पूजा करें: करवा में जल भरकर पूजा में रखें. अपने परिवार और क्षेत्र में प्रचलित रीति-रिवाजों के अनुसार करवा पूजन की रस्म पूरी करें.
    5. व्रत कथा सुनें: पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा पढ़ें या सुनें. इसके बाद आरती करें, परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
    6. चंद्रमा को अर्घ्य दें: रात में चंद्रमा दिखाई देने पर जल अर्पित करें. कई जगहों पर महिलाएं छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखती हैं.
    7. पति के हाथों खोलें व्रत: चंद्रमा की पूजा के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है. इसके बाद महिलाएं भोजन करती हैं.


    करवा चौथ व्रत कथा

    करवा चौथ पर वीरावती की कथा सुनने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस कथा का संबंध व्रत की श्रद्धा और पति की लंबी उम्र की कामना से है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक साहूकार की वीरावती नाम की बेटी थी. वह अपने सात भाइयों की इकलौती बहन थी. विवाह के बाद जब वीरावती ने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा, तो वह सुबह से ही भूखी-प्यासी रहकर चंद्रमा निकलने की प्रतीक्षा करने लगी। दिनभर भूखे रहने के कारण वीरावती कमजोर पड़ने लगी. अपनी बहन की हालत देखकर उसके सातों भाई परेशान हो गए. वे चाहते थे कि उनकी बहन जल्द से जल्द भोजन कर ले. इसके लिए उन्होंने एक उपाय सोचा.

    कथा के अनुसार, भाइयों ने दूर एक पेड़ पर दीपक जलाकर छलनी की ओट में रख दिया. दूर से देखने पर ऐसा लगा, जैसे चंद्रमा निकल आया हो. वीरावती ने उस रोशनी को चंद्रमा समझ लिया और उसके दर्शन करने के बाद व्रत खोलने बैठ गई। लेकिन जैसे ही उसने भोजन करना शुरू किया, उसे अपने पति के बारे में अशुभ समाचार मिला. यह सुनकर वीरावती दुखी हो गई. उसे अपनी भूल का एहसास हुआ, उसने माता पार्वती की आराधना शुरू कर दी. उसने सच्चे मन से प्रार्थना की कि उसके पति को जीवनदान मिले.

    कथा के प्रचलित रूप के अनुसार, वीरावती की भक्ति से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने उसे आशीर्वाद दिया और उसके पति को फिर से जीवन मिल गया. इसके बाद वीरावती ने श्रद्धा और विधि-विधान के साथ व्रत पूरा किया। इसी मान्यता के चलते करवा चौथ पर महिलाएं चंद्रमा के दर्शन करने, पूजा करने और व्रत कथा सुनने के बाद ही व्रत खोलती हैं।


    करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने का महत्व

    करवा चौथ की पूजा में चंद्रमा के दर्शन का खास महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देकर महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। चंद्रमा निकलने के बाद महिलाएं जल अर्पित करती हैं. इसके बाद कई परिवारों में छलनी से चंद्रमा और पति का चेहरा देखने की रस्म निभाई जाती है. पति पत्नी को जल पिलाकर व्रत खुलवाते हैं. हालांकि, इस रस्म का तरीका अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकता है।


    करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान

    करवा चौथ के दिन पूजा की तैयारी समय से कर लें. शाम के शुभ मुहूर्त में पूजा करें, व्रत कथा सुनना न भूलें. चंद्रमा निकलने के समय की पुष्टि अपने शहर के अनुसार करें. अगर बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता, तो जल्दबाजी में किसी दूसरी रोशनी को चंद्रमा न समझें. ऐसी स्थिति में अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मार्गदर्शन का पालन करें। करवा चौथ पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और साथ निभाने के संकल्प से जुड़ा त्योहार है. इस दिन महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।

  • देशभर में आज दशहरे की धूम…. शाम को जलेंगे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले

    देशभर में आज दशहरे की धूम…. शाम को जलेंगे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले


    नई दिल्ली।
    बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला विजयादशमी (दशहरा) (Vijayadashami- Dussehra 2026) का पर्व इस साल आज यानी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में दशहरे (Dussehra 2026) को धर्म की स्थापना, साहस और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण (Ravana) का अंत किया था। वहीं, देवी दुर्गा (Goddess Durga) ने महिषासुर का वध करके देवताओं और संसार को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इन घटनाओं की स्मृति में दशहरा देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी किया जाता है।

    पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विजयादशमी पर दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करने और उपयोगी वस्तुएं दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय परंपराओं में राशि के अनुसार दान करने का भी उल्लेख मिलता है। यदि आप दशहरे पर दान करने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी राशि के मुताबिक इन वस्तुओं का चुनाव कर सकते हैं।


    राशि के अनुसार दशहरे पर क्या दान करें?

    – मेष राशि: मेष राशि के जातक विजयादशमी पर गेहूं और गुड़ का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इन वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है।

    – वृषभ राशि: इस राशि के लोगों के लिए चावल और आटे का दान करना अच्छा माना जाता है। जरूरतमंद परिवारों को ये खाद्य सामग्री दी जा सकती है।

    – मिथुन राशि: मिथुन राशि वाले साबुत मूंग और हरी सब्जियों का दान कर सकते हैं। इससे जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    – कर्क राशि: कर्क राशि के जातक दूध और दही का दान कर सकते हैं। दान करते समय इनकी स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखें।

    – सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए गुड़, मूंगफली और सेब का दान करना शुभ माना जाता है।

    – कन्या राशि: कन्या राशि के जातक हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां दान कर सकते हैं। इन्हें जरूरतमंद महिलाओं को देना एक अच्छा विकल्प है।

    – तुला राशि: तुला राशि वाले सफेद वस्त्र और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार धन का दान कर सकते हैं।

    – वृश्चिक राशि: इस राशि के लोगों के लिए सेब और कपड़ों का दान करना अच्छा माना जाता है।

    – धनु राशि: धनु राशि के जातक पीले रंग के वस्त्र और अनाज जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं।

    – मकर राशि: मकर राशि वाले कपड़े, खाद्यान्न और धन का दान कर जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं।

    – कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक नीले रंग के वस्त्र या जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल दान कर सकते हैं।

    – मीन राशि: मीन राशि के लोग दशहरे पर खिचड़ी बनाकर जरूरतमंदों को भोजन करा सकते हैं।

    विजयादशमी पर दान करते समय अपनी आर्थिक स्थिति और सामने वाले व्यक्ति की जरूरत को प्राथमिकता दें। दान का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना भी होना चाहिए। भोजन, कपड़े, अनाज या दैनिक उपयोग की वस्तुएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान की जा सकती हैं। किसी भी तरह के दिखावे से बचें और सेवा भाव के साथ दान करें।

  • देश में तेजी से बढ़ रहीं डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं…. हर 10 में से 4 इससे पीड़ित

    देश में तेजी से बढ़ रहीं डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं…. हर 10 में से 4 इससे पीड़ित


    नई दिल्ली।
    देश में डायबिटीज (Diabetes) और मानसिक तनाव (Mental stress) जैसी स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़़ रही हैं, इसका अंदाजा हाल के हेल्थ डेटा (Health data) से लगाया जा सकता है. डाटा के मुताबिक, देश में बड़ी संख्या में लोगों की ब्लड शुगर (Blood sugar) सामान्य से अधिक पाई गई है. वहीं करीब 40 फीसदी लोगों ने अपने शरीर में मानसिक तनाव का लेवल काफी ज्यादा बताया. आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि स्वास्थ्य जांच कराने के मामले में लोगों की आर्थिक स्थिति का बड़ा असर पड़ता है.

    Workforce Health Index 2026 के डाटा के मुताबिक, 10 में से लगभग 4 रिपोर्ट में बढ़ी शुगर आई है. कुल 7,088 लोगों के HbA1c टेस्ट रिपोर्ट में 38.7 फीसदी रिपोर्ट ऐसी थीं, जिनमें ब्लड शुगर का लेवल प्री-डायबिटीज या डायबिटीज पर था. HbA1c एक तरह का ब्लड टेस्ट है, जिससे पिछले करीब 2-3 महीनों के दौरान शरीर में ब्लड शुगर के औसत स्तर का अंदाजा लगाया जाता है. इसलिए इस टेस्ट की रिपोर्ट व्यक्ति के लंबे समय के ब्लड शुगर कंट्रोल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है।


    10 में 4 लोगों ने बताया ज्यादा मानसिक तनाव

    ब्लड शुगर के साथ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक और आंकड़ा सामने आया. कुल 7,346 लोगों में से 40.4 फीसदी लोगों ने पिछले एक सप्ताह में अपने शरीर में मानसिक तनाव लेवल बहुत ज्यादा बताया है. यानी बड़ी संख्या में लोगों ने खुद को काफी ज्यादा मानसिक तनाव महसूस किया है।

    आंकड़ों में यह भी सामने आया कि हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े दावों में कर्मचारियों की तुलना में उनके परिवार की हिस्सेदारी ज्यादा रही. कुल दावों में 66.5 फीसदी परिवार के सदस्यों से जुड़े थे, जबकि कर्मचारियों से जुड़े दावों की हिस्सेदारी 33.5 फीसदी रही. यह आंकड़ा बताता है कि स्वास्थ्य बीमा का इस्तेमाल केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में कर रहे हैं.


    आय बढ़ी तो फुल-बॉडी हेल्थ टेस्ट भी बढ़ा

    स्वास्थ्य जांच को लेकर आर्थिक स्थिति का बड़ा अंतर भी देखने को मिला. सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले लोगों में केवल 15.6 फीसदी ने फुल-बॉडी डायग्नोस्टिक टेस्ट कराने की जानकारी दी. इसग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला, OBC क्रीमी लेयर तय करने में सिर्फ वेतन नहीं, अन्य पहलू भी जरूरीके मुकाबले 40 लाख रुपये या उससे अधिक सालाना आय वाले लोगों में यह आंकड़ा बढ़कर 54.3 फीसदी हो गया है।

  • देहरादून बना देश में सबसे कम AQI वाला शहर…. दो दिन की बारिश से साफ हुई शहर की हवा

    देहरादून बना देश में सबसे कम AQI वाला शहर…. दो दिन की बारिश से साफ हुई शहर की हवा


    देहरादून।
    दो दिन की बारिश (Rain) ने देहरादून (Dehradun) की हवा को बेहद साफ कर दिया। सोमवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) (Air Quality Index – AQI) न्यूनतम चार और औसत करीब 11 दर्ज किया गया। इसके साथ देहरादून देश में सबसे कम एक्यूआई वाला शहर बन गया। पीएम-10 की मात्रा भी 170 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटकर करीब 20 माइक्रोग्राम रह गई। दिल्ली और बरेली में एक्यूआई कितना दर्ज हुआ?

    बारिश से पहले देहरादून की हवा काफी खराब हो गई थी। पिछले दिनों एक्यूआई करीब 200 तक पहुंच गया था। सड़कों की धूल, निर्माण कार्य और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक कणों के कारण पीएम-10 की मात्रा भी बढ़ी थी। लगातार दो दिन हुई बारिश ने वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषणकारी कणों को काफी हद तक साफ कर दिया। ताजा वायु गुणवत्ता आंकड़ों में देहरादून का एक्यूआई देश के सभी शहरों में सबसे कम रहा।


    दूसरे नंबर पर कौन, दिल्ली-बरेली में कितना AQI

    सिक्किम के गंगटोक का एक्यूआई 15 दर्ज हुआ और वह दूसरे स्थान पर रहा। दिल्ली में 53, आगरा में 46 और बरेली में 60 एक्यूआई दर्ज किया गया। अधिकांश प्रमुख शहरों में एक्यूआई 50 के आसपास या इससे अधिक रहा। पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते के अनुसार प्रदूषण कम करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका नतीजा भी एक्यूआई में दिख रहा है। हालांकि, इसमें बारिश की भी बड़ी भूमिका है।


    बारिश से बैठी धूल

    देहरादून विवि के पर्यावरण विभाग की एचओडी डॉ. विजय श्रीधर के मुताबिक बारिश के दौरान वातावरण में मौजूद धूल और महीन कण बारिश की बूंदों के साथ नीचे आ जाते हैं। इससे हवा में तैरने वाले पीएम-10, पीएम-2.5 और अन्य कणों की मात्रा तेजी से घटती है। बारिश थमने के बाद सड़कों पर जमा मिट्टी सूखने, वाहनों की आवाजाही और निर्माण गतिविधियां बढ़ने से दोबारा धूल उड़ सकती है। ऐसे में एक्यूआई फिर बढ़ने की आशंका है। हाल के दिनों में देहरादून का एक्यूआई 40 से 200 तक पहुंचा है। इससे हवा की गुणवत्ता पर मौसम और धूल के असर का पता चलता है।

  • देश के तटीय क्षेत्रों में आने वाले हैं 3 शक्तिशाली चक्रवाती तूफान…. ISRO ने जारी की चेतावनी

    देश के तटीय क्षेत्रों में आने वाले हैं 3 शक्तिशाली चक्रवाती तूफान…. ISRO ने जारी की चेतावनी


    नई दिल्ली।
    देश के तटीय इलाकों के लिए आने वाले तीन महीने बेहद संवेदनशील होंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (Indian Space Research Organisation – ISRO) ने अपने उपग्रहों और मौसम निगरानी प्रणालियों से मिले डाटा के आधार पर चेतावनी जारी की है कि अक्तूबर से दिसंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) और अरब सागर (Arabian Sea) में तीन शक्तिशाली चक्रवाती तूफान (Powerful Cyclonic Storm) बन सकते हैं। इसरो ने आगाह किया है कि चक्रवात के साथ तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें आ सकती हैं।

    इसरो के अनुसार, चक्रवातों की ताकत का सूचकांक 44 साल के औसत से 83 फीसदी ज्यादा रह सकता है। मतलब ये पहले के मुकाबले ज्यादा तबाही मचा सकते हैं। रिपोर्ट में अक्तूबर-दिसंबर के लिए 1.30 करोड़ का पीडीआई (पावर डिसिपेशन इंडेक्स) बताया गया है। 1982-2025 के दौरान औसत पीडीआई 71 लाख रहा है। पीडीआई एक ऐसा वैज्ञानिक पैमाना है जो किसी चक्रवात की विनाशकारी क्षमता, उसकी अवधि और संख्या को मिलाकर उसकी कुल ऊर्जा का आकलन करता है। पीडीआई की इकाई नॉट्स क्यूब होती है।


    44 साल के बाद सबसे ज्यादा तीव्रता

    रिपोर्ट में 1982 से 2025 तक उत्तर हिंद महासागर में मानसून सीजन के बाद आए चक्रवातों की संख्या और उनके पीडीआई का अध्ययन किया गया है। इस अवधि में पीडीआई का औसत 7.15×10 नॉट्स क्यूब रहा। 2026 के अक्तूबर-दिसंबर में इसके 13.06×10 नॉट्स क्यूब तक पहुंचने का अनुमान है।

    आसान भाषा में कहें तो इस बार सिर्फ यह नहीं देखा जा रहा कि कितने चक्रवात बन सकते हैं। बल्कि यह अनुमान लगाया गया है कि वे कितनी तेज हवा के साथ बनेंगे और कितने समय तक टिक सकते हैं।


    केंद्र सरकार ने निगरानी शुरू की

    इसरो की चेतावनी के बाद केंद्र सरकार, मौसम विभाग और तटीय राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों ने स्थिति पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी जारी की जाएगी। मछुआरों और समुद्र में काम करने वाले लोगों के लिए भी ऐसे मौसमी अनुमान महत्वपूर्ण हैं।

  • आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल…. 3 दिन नहीं खुलेंगे बैंक

    आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल…. 3 दिन नहीं खुलेंगे बैंक


    नई दिल्ली।
    अगर आपको बैंक (Bank) का कोई जरूरी काम है और वह सिर्फ बैंक ब्रांच जाकर ही हो सकता है, तो उसे टालना भारी पड़ सकता है. आने वाले कुछ दिनों में कई जगह बैंक ब्रांच (Bank branch) बंद रहने वाली हैं. ऐसे में कैश निकालने, जमा करने या दूसरे ब्रांच से जुड़े काम के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बैंकिंग सेवाएं (Banking Services) पूरी तरह बंद रहेंगी. डिजिटल बैंकिंग, ATM और दूसरे ऑनलाइन ऑप्शन आपके काम आ सकते हैं।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (United Forum of Bank Unions- UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल (Nationwide bank strike) का ऐलान किया है. बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई है. इसका असर खास तौर पर बैंक ब्रांच में होने वाले सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है. हड़ताल के बाद 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है. इसके बाद कुछ राज्यों में सोमवार और मंगलवार को गणेश चतुर्थी के चलते भी बैंक बंद रहेंगे. यानी कुछ जगहों पर बैंक ब्रांच से जुड़े काम के लिए ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

    किन मांगों को लेकर हड़ताल?
    बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में ‘5 डे बैंकिंग वीक’ लागू करना शामिल है. इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI Scheme) की समीक्षा की भी मांग की जा रही है. यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से सोमवार से शुक्रवार तक हफ्ते में पांच दिन कामकाज और शनिवार, रविवार फुल डे वीक ऑफ लागू करने का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए. इन्हीं मांगों के समर्थन में UFBU ने हड़ताल का फैसला लिया है. यूएफबीयू में एआइबीईए, एआइबीओसी, एनसीबीई, एआइबीओए, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और आइएनबीईएफ समेत सात बैंक यूनियनें शामिल हैं. ये बैंकिंग वर्कफोर्स के 90 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करती हैं।


    बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी?

    ऐसा नहीं है कि हड़ताल के दौरान बैंकिंग की हर सुविधा बंद हो जाएगी. बैंकों ने जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए इंतजाम किए हैं. लेकिन बैंक ब्रांच में होने वाले कई काम प्रभावित हो सकते हैं. अगर आपका काम ऐसा है जिसके लिए बैंक ब्रांच जाना जरूरी है, तो उसमें देरी हो सकती है. खास तौर पर कैश जमा करने, कैश निकालने या किसी दूसरे ऑफलाइन काम के लिए आपको इंतजार करना पड़ सकता है।


    SBI ने ग्राहकों को क्या कहा?

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बैंक ने कहा है कि हड़ताल के दौरान ब्रांच और ऑफिस के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं. इसके बावजूद 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंकिंग काम प्रभावित हो सकता है. SBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि अगर कोई जरूरी बैंकिंग ट्रांजैक्शन करना है तो उसे डिजिटल या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पूरा करें।


    कैश की जरूरत तो क्या करें?

    अगर आपको कैश की जरूरत है तो बैंक ब्रांच बंद होने की स्थिति में ATM और ADWM (Automated Deposit and Withdrawal Machine) का इस्तेमाल किया जा सकता है. SBI ने ग्राहकों को उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं के लिए CSP (Customer Service Point) का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है. इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग, YONO, मोबाइल बैंकिंग, UPI और दूसरे डिजिटल चैनलों के जरिए कई जरूरी काम किए जा सकते हैं. यानी अगर आपका काम ऑनलाइन हो सकता है तो बैंक ब्रांच खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. UPI से पेमेंट, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहने की स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सकता है।


    PNB ने जारी की एडवाइजरी

    पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी 11 सितंबर की बैंक हड़ताल को लेकर ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बैंक ने जरूरी ट्रांजैक्शन के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. PNB के मुताबिक ग्राहक UPI Payments, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ATM और ADWM जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।


    HDFC और ICICI का अपडेट

    HDFC Bank, ICICI Bank और कुछ दूसरे बैंकों की ओर से इस हड़ताल को लेकर फिलहाल कोई अलग बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में ग्राहकों को अपने बैंक की तरफ से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. अगर आपका अकाउंट इन बैंकों में है और कोई जरूरी काम ब्रांच जाकर करना है, तो ब्रांच जाने से पहले बैंक की वेबसाइट, ऐप या दूसरे आधिकारिक चैनल पर स्थिति जरूर चेक कर लें।


    अगले कुछ दिन रहेंगे मुश्किल

    11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है. इसके बाद कुछ राज्यों में 14 और 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी के चलते बैंक हॉलिडे रह सकता है. हालांकि, छुट्टी की स्थिति राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है. इसलिए अगर आपको कैश जमा करना है, कैश निकालना है या ऐसा कोई काम करना है जो सिर्फ बैंक ब्रांच में हो सकता है, तो इसके लिए अगले कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है।

  • देश में अस्पृश्यता के 891 केस लंबित…. इनमें आधे UP में, महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे नंबर पर

    देश में अस्पृश्यता के 891 केस लंबित…. इनमें आधे UP में, महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे नंबर पर


    नई दिल्ली।
    देशभर में अनुसूचित जाति (scheduled caste) के खिलाफ अस्पृश्यता (Untouchability) के 891 से ज्यादा मुकदमे (891 Cases) लंबित हैं। इन मामलों में किसी को कोई सजा नहीं हुई। जबकि 13 मामलों में आरोपी अपराध मुक्त हो गए। सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

    इसमें साल 2024 के मामलों की स्थिति बताई गई है। इसके मुताबिक 886 मामले 2023 में लंबित हैं जबकि पांच मामले 2024 में और दर्ज हो गए। यह मामले विभिन्न अदालतों (Courts) में अंतिम निर्णय के लिए लंबित हैं। इनमें किसी को कोई सजा तब तक नहीं हो पाई थी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अस्पृश्यता से जुड़े 426, महाराष्ट्र 166 व गुजरात में 98 मामले दर्ज हैं। यह मामले विभिन्न अदालतों में अंतिम निर्णय के लिए लंबित हैं। अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ हुए अपराधिक मामलों की बात की जाए तो 2024 में पुलिस द्वारा ऐसे 48 मामले दर्ज हुए। इनमें केवल पांच मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई। बाकी मामले पुलिस की जांच के स्तर पर लंबित हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे द्वारा इस्तेमाल मंच के शुद्धीकरण का मामला उत्तराखंड में इन दिनों सुर्खियां बना हुआ है। इस राज्य में कोई केस दर्ज नहीं है।


    केस दर्ज करने में महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे नंबर पर

    दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष न्यायालय मौजूद : अस्पृश्यता से उत्पन्न किसी भी प्रकार की अक्षमता के शिकार व्यक्तियों को कानूनी सहायता दिलाने, अभियोजन शुरू करने अथवा अभियोजन की निगरानी करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करना जैसे उपाय शामिल हैं। दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना भी की गई है। कई राज्य सरकारों ने समितियों का गठन किया है।


    शुद्धीकरण मामले में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष समेत कई नेताओं पर केस दर्ज

    कर्नाटक में बंगलूरू के विधान सौध पुलिस थाने में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई नेताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई रैली स्थल के शुद्धीकरण से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के एसटी विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा ने 31 अगस्त को दी गई शिकायत में कहा कि खरगे की रैली के बाद भाजपा के कुछ सदस्यों और पदाधिकारियों ने 10 अगस्त को जनसभा स्थल का शुद्धीकरण किया। इसका मकसद आपत्तिजनक, अपमानजनक और जातिवादी सोच दिखाना था कि अनुसूचित जाति के मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी ने जगह को अपवित्र कर दिया। इसलिए इस जगह को रस्म के जरिये शुद्ध करने की जरूरत थी। शिकायत में कहा है कि यह न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि खरगे की गरिमा के खिलाफ है। 

  • देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल…. अगले 4 दिन तक इन राज्यों में अलर्ट

    देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल…. अगले 4 दिन तक इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मध्य भारत (Central India) के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत (North India) में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश (Torrential rain) का दौर शुरू हो गया है। नदियों में उफान से ज्यादातर इलाके बाढ़ की चपेट में हैं, भूस्खलन (Landslide) होने से 200 से अधिक सड़कें बंद हैं और कई इलाकों से संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है और 12 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क दो दिन से बंद है इससे व्यास घाटी का संपर्क कटा है। दारमा और चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर भी आठ घंटे यातायात ठप रहा। राज्य में भूस्खलन के चलते 150 से ज्यादा सड़कों पर यातायात बाधित रहा, जिसके चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बुधवार को मूसलाधार बारिश से चार धाम यात्रा मार्ग पर भी दिन भर यातायात बाधित होता रहा। कई लिंक मार्गों के बंद होने से कई गांवों अलग-थलग पड़ गए हैं।


    अनंतनाग : गाड़ी पर गिरा पत्थर, एक पर्यटक की मौत

    जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भारी बारिश से सहार खड्ड में बाढ़ आ गई और आसपास के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया। कठुआ में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अनंतनाग जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में एक इनोवा गाड़ी के आने से ओडिशा के एक पर्यटक की मौत हो गई।


    हरियाणा में भारी बारिश

    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद के कुछ एरिया में बारिश हुई। वहीं, यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास लापता हुए नाहन की पैराट्रूप यूनिट के दो कमांडो में से एक कमांडों का शव देर शाम बरामद कर लिया है। दूसरे का अभी तक सुराग नहीं लगा। सर्च टीम दो हेलिकॉप्टरों की मदद से लगातार तलाश में जुटी है। 


    बिहार में नदियां उफनाई

    बिहार और नेपाल में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी में सोन बैराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

  • देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी

    देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) एक बार फिर देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिया हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हुई है। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं में 3 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि असम के गुवाहाटी में भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्य समेत चार जिंदा दफन हो गए। मौसम विभाग ने सक्रिय मानसून के चलते 7 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी (Heavy rain warning) दी है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेज बारिश होने की संभावना है।


    भूस्खलन के कारण जनहानि

    हल्द्वानी से मिली जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात भूस्खलन की चपेट में आए घर में सो रही एक महिला और उसके दो बच्चों की दबने से मौत हो गई। जिले के धार की तूनी क्षेत्र में देर रात पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि भीमताल बाईपास पर नाले में बहने से चार साल की बच्ची की जान चली गई।


    नदी के उफान में बह गईं मां-बेटी

    देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार तड़के बरसाती रपटे में आए तेज बहाव से दो गाड़ियां बह गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया। कोटद्वार में कोल्हू नदी के उफान में महिला और उसकी एक साल की बेटी बह गई।


    उत्तराखंड में नदियां उफनाई, रास्ते बंद

    उत्तराखंड में कई नदियां उफान पर हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में बारिश से सभी नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नानकसागर बांध से 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज पर चार पहिया वाहनों का संचालन रोक दिया गया। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1,48,813 क्यूसेक दर्ज किया गया।


    जम्मू-कश्मीर में बारिश से कई रास्ते बाधित

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। पुंछ जिले में कई नाले उफान पर आ गए। पुंछ-मेंढर मार्ग पर गांव मंगनाड़ में मंगनाड़ नाले के उफान पर आने से मार्ग करीब दो घंटे बाधित रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कठुआ जिले के बिलावर और रामकोट क्षेत्रों में भी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में कठुआ में 73 मिलीमीटर, कटड़ा में 62, पुंछ में 38.5 मिमी बारिश हुई।


    नदी का जलस्तर बढ़ा, 6 बच्चों समेत 10 फंसे

    जम्मू-कश्मीर के ही राजोरी जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बीच विभिन्न इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान बढून क्षेत्र में जमौला नदी में जलस्तर बढ़ने से 6 बच्चों समेत 10 लोग नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जमौला नदी में पानी बढ़ने से कुछ लोग अचानक उसमें फंस गए थे। पुलिस जवानों और एसडीआरएफ टीम ने तुरंत पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए नदी में फंसे 10 लोगों, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला।


    कालका-शिमला ट्रैक 13 तक बंद

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ब्रिज नंबर 57 के पास मिट्टी बहने से नैरो गेज ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 13 सितंबर तक रद्द कर दिया है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।

  • देश में क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा… जानिए कितने Card बनवा सकता है एक व्यक्ति

    देश में क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा… जानिए कितने Card बनवा सकता है एक व्यक्ति


    नई दिल्ली।
    लोग अपने आज के खर्चो (Expenses) को पूरा करने के साथ ही अपने आने वाले कल के लिए बचत (Savings) भी करते हैं, लेकिन इस बीच लोगों में एक चलन तेजी से बढ़ा है और वो है क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का चलन।

    खासतौर पर नौकरीपेशा लोग क्रेडिट कार्ड (Credit Card) काफी बनवा रहे हैं। वो भी एक बैंक (Bank) के लिए नहीं बल्कि, कई अलग-अलग बैंकों को अलग-अलग क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक व्यक्ति कितने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इसको लेकर नियम क्या हैं…

    क्रेडिट कार्ड बनवाने के फायदे क्या हैं?

    – क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे आसानी से बड़ा लोन मिल सकता है
    – इमरजेंसी में मदद मिलती है
    – पैसे न होने पर एकदम आप खर्चा कर सकते हैं और उसे आराम से EMI में भर सकते हैं
    – डिस्काउंट, कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलती हैं आदि


    क्रेडिट कार्ड बनवाने के नुकसान क्या हैं?

    – अनावश्यक खर्चे की आदत लग सकती है
    – अगर समय पर पैसे नहीं भरे, तो सिबिल स्कोर खराब हो सकता है जिससे भविष्य में लोन नहीं मिल पाता या दिक्कतें आती हैं आदि


    कितने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है एक व्यक्ति?

    – दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई का इसको लेकर कोई लिमिट तय नहीं है
    – एक व्यक्ति जितने बैंक के चाहे उतने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है
    – हालांकि, क्रेडिट कार्ड की पेमेंट को लेकर नियम जरूर सख्त हैं
    – क्रेडिट कार्ड आप जितने बैंक के मर्जी बनवा लें, लेकिन पेमेंट आपको सभी की समय पर करनी होती है
    – अगर पेमेंट मिस हुई या आप पेमेंट नहीं कर पाते
    – ऐसे में आप लोन डिफॉल्टर घोषित किए जा सकते हैं
    – इसलिए क्रेडिट कार्ड तो बनवा लें, लेकिन पेमेंट का ध्यान जरूर रखें