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  • देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी

    देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) एक बार फिर देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिया हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हुई है। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं में 3 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि असम के गुवाहाटी में भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्य समेत चार जिंदा दफन हो गए। मौसम विभाग ने सक्रिय मानसून के चलते 7 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी (Heavy rain warning) दी है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेज बारिश होने की संभावना है।


    भूस्खलन के कारण जनहानि

    हल्द्वानी से मिली जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात भूस्खलन की चपेट में आए घर में सो रही एक महिला और उसके दो बच्चों की दबने से मौत हो गई। जिले के धार की तूनी क्षेत्र में देर रात पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि भीमताल बाईपास पर नाले में बहने से चार साल की बच्ची की जान चली गई।


    नदी के उफान में बह गईं मां-बेटी

    देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार तड़के बरसाती रपटे में आए तेज बहाव से दो गाड़ियां बह गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया। कोटद्वार में कोल्हू नदी के उफान में महिला और उसकी एक साल की बेटी बह गई।


    उत्तराखंड में नदियां उफनाई, रास्ते बंद

    उत्तराखंड में कई नदियां उफान पर हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में बारिश से सभी नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नानकसागर बांध से 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज पर चार पहिया वाहनों का संचालन रोक दिया गया। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1,48,813 क्यूसेक दर्ज किया गया।


    जम्मू-कश्मीर में बारिश से कई रास्ते बाधित

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। पुंछ जिले में कई नाले उफान पर आ गए। पुंछ-मेंढर मार्ग पर गांव मंगनाड़ में मंगनाड़ नाले के उफान पर आने से मार्ग करीब दो घंटे बाधित रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कठुआ जिले के बिलावर और रामकोट क्षेत्रों में भी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में कठुआ में 73 मिलीमीटर, कटड़ा में 62, पुंछ में 38.5 मिमी बारिश हुई।


    नदी का जलस्तर बढ़ा, 6 बच्चों समेत 10 फंसे

    जम्मू-कश्मीर के ही राजोरी जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बीच विभिन्न इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान बढून क्षेत्र में जमौला नदी में जलस्तर बढ़ने से 6 बच्चों समेत 10 लोग नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जमौला नदी में पानी बढ़ने से कुछ लोग अचानक उसमें फंस गए थे। पुलिस जवानों और एसडीआरएफ टीम ने तुरंत पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए नदी में फंसे 10 लोगों, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला।


    कालका-शिमला ट्रैक 13 तक बंद

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ब्रिज नंबर 57 के पास मिट्टी बहने से नैरो गेज ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 13 सितंबर तक रद्द कर दिया है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।

  • देश में क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा… जानिए कितने Card बनवा सकता है एक व्यक्ति

    देश में क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा… जानिए कितने Card बनवा सकता है एक व्यक्ति


    नई दिल्ली।
    लोग अपने आज के खर्चो (Expenses) को पूरा करने के साथ ही अपने आने वाले कल के लिए बचत (Savings) भी करते हैं, लेकिन इस बीच लोगों में एक चलन तेजी से बढ़ा है और वो है क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का चलन।

    खासतौर पर नौकरीपेशा लोग क्रेडिट कार्ड (Credit Card) काफी बनवा रहे हैं। वो भी एक बैंक (Bank) के लिए नहीं बल्कि, कई अलग-अलग बैंकों को अलग-अलग क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक व्यक्ति कितने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इसको लेकर नियम क्या हैं…

    क्रेडिट कार्ड बनवाने के फायदे क्या हैं?

    – क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे आसानी से बड़ा लोन मिल सकता है
    – इमरजेंसी में मदद मिलती है
    – पैसे न होने पर एकदम आप खर्चा कर सकते हैं और उसे आराम से EMI में भर सकते हैं
    – डिस्काउंट, कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलती हैं आदि


    क्रेडिट कार्ड बनवाने के नुकसान क्या हैं?

    – अनावश्यक खर्चे की आदत लग सकती है
    – अगर समय पर पैसे नहीं भरे, तो सिबिल स्कोर खराब हो सकता है जिससे भविष्य में लोन नहीं मिल पाता या दिक्कतें आती हैं आदि


    कितने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है एक व्यक्ति?

    – दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई का इसको लेकर कोई लिमिट तय नहीं है
    – एक व्यक्ति जितने बैंक के चाहे उतने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है
    – हालांकि, क्रेडिट कार्ड की पेमेंट को लेकर नियम जरूर सख्त हैं
    – क्रेडिट कार्ड आप जितने बैंक के मर्जी बनवा लें, लेकिन पेमेंट आपको सभी की समय पर करनी होती है
    – अगर पेमेंट मिस हुई या आप पेमेंट नहीं कर पाते
    – ऐसे में आप लोन डिफॉल्टर घोषित किए जा सकते हैं
    – इसलिए क्रेडिट कार्ड तो बनवा लें, लेकिन पेमेंट का ध्यान जरूर रखें

  • देश में बनेगा संक्रामक रोगों की जांच का मजबूत नेटवर्क, अगले 5 साल में 732.304 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

    देश में बनेगा संक्रामक रोगों की जांच का मजबूत नेटवर्क, अगले 5 साल में 732.304 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार


    नई दिल्ली।
    देश में नई और तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों (Infectious Disease) की पहचान अब दूरदराज के इलाकों में भी पहले से जल्दी हो सकेगी। सरकार (Government) ने अगले पांच साल में 732.304 करोड़ रुपये से देश के हर हिस्से में वायरल बीमारियों (Viral Diseases) की जांच के लिए नेटवर्क बनाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार उन इलाकों में नई प्रयोगशालाएं (New Laboratories) स्थापित करने पर जोर दे रही है, जहां अभी संक्रामक बीमारियों की उन्नत जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं है।

    अब तक इस नेटवर्क में मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों की बड़ी भूमिका रही है। अब सरकार व्यवस्था को जिला स्तर तक ले जाने की संभावना पर काम कर रही है। हालांकि, भी संख्या तय नहीं हुई है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में 167 वायरस अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं।

    सीमावर्ती इलाकों पर नजर
    सरकार दूरदराज और कम सुविधा वाले क्षेत्रों को लेकर खासतौर पर चिंतित है। पूर्वोत्तर राज्यों, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे इलाकों में अब भी जांच सुविधा के विस्तार की जरूरत बताई गई है। इन क्षेत्रों में संस्थानों की उपलब्धता कम होने पर मौजूदा नियमों में विशेष प्रावधान करने की सिफारिश की गई है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्ताव मिल रहे हैं। लेह, दादरा एवं नगर हवेली और नागालैंड के प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन हैं।

  • भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन : मंत्री सारंग

    भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन : मंत्री सारंग


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के चैंपियन तैयार करने की भूमि बन रही हैं। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है।

    मंत्री सारंग मंगलवार को भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तृतीय संस्करण के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में होने वाली प्रत्येक रेस केवल पदक के लिए मुकाबला नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। प्रतियोगिता से निर्धारित होने वाली राष्ट्रीय रैंकिंग खिलाड़ियों के लिए आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

    इससे पहले मंत्री सारंग ने चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। रविवार 16 अगस्त तक होने वाली इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग निर्धारित होगी, जो आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    भोपाल बन रहा देश का प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्र
    मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी और आज यह देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश तथा देश का नाम रोशन किया है।

    वाटर स्पोर्ट्स में मध्यप्रदेश की शानदार उपलब्धियां
    मंत्री सारंग ने बताया कि मध्य प्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतर्राष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं तथा खिलाड़ियों ने 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में विकसित हो रहे मजबूत खेल इकोसिस्टम का प्रमाण हैं और भोपाल देश में वाटर स्पोर्ट्स की नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    सेलिंग में मध्य प्रदेश का दबदबा
    सारंग ने कहा कि वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक- 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य हासिल किए थे। प्रतियोगिता की 12 में से 8 कैटेगरी में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां साबित करती हैं कि भोपाल अब केवल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने वाला शहर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार करने वाला प्रमुख केंद्र बन रहा है।

    हर प्रतिभावान खिलाड़ी को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
    सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर प्रतिभावान बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। इसी दिशा में प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं तथा प्रत्येक जिले में फीडर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश पहले राष्ट्रीय खेलों में 17वें स्थान पर रहा करता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में प्रदेश लगातार तीसरे स्थान पर आ रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित की जा रही हैं।

    भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों का नया मंच तैयार
    मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का लोकार्पण जल्द होने वाला है। इससे मध्य प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को नई गति मिलेगी। मंत्री सारंग ने बताया कि नवंबर माह में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन भोपाल के अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एशियन रोइंग चैंपियनशिप भी भोपाल में होने वाली है।

    16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे समापन एवं पुरस्कार वितरण
    राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 11 से 16 अगस्त तक किया जाएगा। प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होगा। इस अवसर पर विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण कर उनका सम्मान किया जाएगा।

    भोपाल की झीलों से निकलेंगे भारत के भविष्य के चैंपियन
    मंत्री सारंग ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे प्रतियोगिता में जीत और पदक के लिए पूरी ताकत से खेलें, लेकिन अपने मन में भारत के लिए खेलने का सपना भी लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि “भोपाल की इन झीलों में केवल नावें नहीं चल रही हैं, यहां भारत के भविष्य के चैंपियन अपने सपनों को गति दे रहे हैं। राजा भोज की इस धरती से हम संकल्प लें कि मध्य प्रदेश की झीलों से निकलने वाली प्रतिभाएं देश के तिरंगे को दुनिया के हर खेल मंच पर ऊंचा करेंगी।”

    सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का तिरंगा गौरव के साथ फहराएं।

  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.12 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर पर

    देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.12 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर पर


    नई दिल्ली।
    विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे हफ्ते इजाफा हुआ है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 24 जुलाई को समाप्त हफ्ते में 6.12 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया है कि 24 जुलाई को समाप्त हफ्ते में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.12 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर रहा है। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.08 अरब डॉलर बढ़कर 676.24 अरब डॉलर रहा था।

    आरबीआई के जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 जुलाई को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम घटक माने जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 4.87 अरब डॉलर बढ़कर 555.93 अरब डॉलर हो गईं। इस अवधि में स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.31 अरब डॉलर बढ़कर 103.06 अरब डॉलर हो गया।

    आंकड़ों के विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.3 करोड़ डॉलर घटकर 18.62 अरब डॉलर रह गया। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत का आरक्षित कोष 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.75 अरब डॉलर रहा है।

    उल्लेखनीय है कि आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 27 फरवरी को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर रिकॉर्ड 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

  • झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा

    झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा


    झांसी।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार को निवाड़ी में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करने के बाद अपने आध्यात्मिक गुरु ऋतेश्वरमहाराज से मिलने झांसी सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि दतिया उपचुनाव के मद्देनजर उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की। हालांकि मीडिया द्वारा पूछे गए अन्य सवालों का जवाब दिए बिना वह वहां से रवाना हो गए।

    झांसी पहुंचने पर पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस पहुंचे मुख्यमंत्री का सदर विधायक पं. रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, भाजपा पार्षद सुनील नैनवानी सहित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यहां उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इसके बाद वह पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर द्वारा मध्यप्रदेश के सागर जिले के लिए रवाना हो गए।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ओरछा पहुंचकर प्रसिद्ध रामराजा मंदिर में दर्शन किए और जहांगीर महल का भ्रमण किया। इसके बाद निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 46 राजस्व स्टाफ आवास (निवाड़ी) तथा 29 राजस्व स्टाफ आवास (पृथ्वीपुर) का लोकार्पण किया। साथ ही जिला चिकित्सालय निवाड़ी के 100 बिस्तरीय भवन के उन्नयन कार्य, ग्राम जेवरा, पृथ्वीपुर और सेंधरी में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवनों तथा संजीवनी क्लिनिक का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री अपराह्न झांसी पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे के दौरे पर रवाना हो गए।

  • मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट

    मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देश में मानसून (Monsoon) की सक्रियता बढ़ने से बारिश की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 16 से 22 जुलाई के दौरान देश में लगभग सामान्य बारिश (Normal Rainfall) दर्ज की गई, जिससे 1 जून से शुरू हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सीजन में वर्षा की कुल कमी घटकर 17 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के लगातार मजबूत होने से मानसून के शेष सीजन को लेकर चिंता बरकरार है।


    देश के किन हिस्सों में कितनी बारिश हुई?

    आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम, मध्य तथा पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा सामान्य के आसपास रही, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 23 जुलाई तक देश में सामान्य 370.9 मिलीमीटर के मुकाबले 306.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इस तरह मानसून सीजन में अब भी 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां अब तक सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दक्षिण भारत में यह कमी 26 प्रतिशत है। इसके मुकाबले उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत और मध्य भारत में केवल 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।


    किन राज्यों में सामान्य से ज्यादा और किनमें कम बारिश हुई?

    लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, गुजरात, गोवा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सामान्य से 20 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।


    अल नीनो को लेकर मौसम विभाग की चिंता क्यों बढ़ी हुई है?

    आईएमडी के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अल नीनो लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम संबंधी विभिन्न मॉडल इसके आगे और प्रभावी होने के संकेत दे रहे हैं। अल नीनो का असर आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करने और बारिश के क्षेत्रीय वितरण में असंतुलन पैदा करने के रूप में देखा जाता है। इसलिए मानसून के बाकी सीजन में इसकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


    24 से 29 जुलाई के बीच मौसम का मिजाज कैसा रहेगा?

    24 से 29 जुलाई के दौरान देशभर में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय रहने का अनुमान है। इसके कारण पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, गुजरात, उत्तर कोंकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी व्यापक वर्षा होने का अनुमान है।


    गुजरात में बारिश ने कितनी तबाही मचाई?

    गुजरात में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण 38 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा 352 से अधिक लोगों का सुरक्षित बचाव किया गया है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों गांवों का संपर्क बाकी क्षेत्रों से टूट गया है।


    असम में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?

    असम में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। राज्य में सात लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


    जम्मू-कश्मीर में यात्रा व्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

    जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा बालटाल मार्ग से फिर शुरू कर दी गई है। हालांकि, भूस्खलन के कारण श्री मचैल माता यात्रा फिलहाल बंद है। वहीं वैष्णो देवी यात्रा भी शनिवार से दोबारा बहाल किए जाने की तैयारी की जा रही है।

  • दिल्ली प्रदर्शन की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास…. 150 को दबोचा, पिस्टल-चाकू बरामद

    दिल्ली प्रदर्शन की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास…. 150 को दबोचा, पिस्टल-चाकू बरामद


    नई दिल्ली।
    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) (Cockroach Janata Party -CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन (Jantar Mantar Protest) पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों की आड़ में दिल्ली व देश का माहौल बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। दक्षिण व दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने छात्रों के भेष में जंतर-मंतर जा रहे 150 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा है। बल्लभगढ़ निवासी दो लड़कों नवीन वत्स, सौरभ के बैग से पिस्टल, चाकू मिला है। बदरपुर थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है।

    दक्षिण रेंज के कई थाना पुलिस को इनपुट मिले थे कि कुछ लोग माहौल खराब करने के लिए के छात्र बनकर जंतर-मंतर जा रहे थे। इन लोगों ने पीछे छात्रों की तरह बैग लटकाया हुआ है। इन इनपुट के बाद बदरपुर, सनलाइट कॉलोनी, निजामुद्दीन, लोधी कॉलोनी, लाजपत नगर आदि थाना इलाकों में पिकेट लगाकर चेकिंग की गई।

    पुलिस बाइक से जा रहे आरोपियों को रोका। इनके बैग से आपत्तिजनक सामग्री जैसे स्प्रे व पत्थर आदि बरामद किए गए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कुछ के मोबाइल फोन में वॉट्सएप पर आपत्तिजनक चैट मिली है। आरोपी वॉट्सएप पर ज्यादा बातें कर रहे हैं। इन चैट में जिक्र है कि जैसे…तैसे जंतर-मंतर इस सामान को पहुंचाओ। जंतर-मंतर पर छात्र बनकर और बैग लटकाकर जाना है। पुलिस इन मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है।

    इससे निजामुद्दीन, लाजपत नगर, सनलाइट व लोधी कॉलोनी आदि थाना पुलिस ने 20 से 25 से ज्यादा आरोपियों ने रात को पकड़ा था। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया हुआ है और उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जा जंतर-मंतर जा रहे थे। जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी जामिया नगर, शाहीनबाग, सनलाइट, फरीदाबाद व नोएडा के रहने वाले हैं।


    कई छात्रों को समझा बुझाकर किया वापस

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए 150 छात्रों में से कई छात्रों को समझा बुझाकर वापस कर दिया गया है जबकि कुछ से पूछताछ जारी है। इनके बैग से आपत्तिजनक सामान मिला था। पुलिस का कहना है कि 15 अगस्त नजदीक है। इस प्रदर्शन की आड़ में कुछ आसामाजिक तत्व भी आ सकते हैं जो राजधानी में अपनी नापाक हरकत से देश का माहौल कर सकते हैं। ऐसे में सभी से अपील है कि सतर्क रहें और कोई भी संदिग्ध नजर आने पर पुलिस को 112 पर सूचित करें।

    दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्ध को पकड़ा है। बदरपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को पकड़ा है। तलाशी लेने पर उनके बैग से पिस्टल व चाकू बरामद किए गए हैं। इनको गिरफ्तार कर लिया गया है। कुछ के बैग से स्प्रे आदि सामान बरामद किया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। -डॉ. हेमंत तिवारी पुलिस उपायुक्त दक्षिण-पूर्व जिला

    पुलिस ने काफी संदिग्धों को पकड़ा है और उनके बैग से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पूरी साजिश को पर्दाफाश करने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। – विजय कुमार संयुक्त पुलिस आयुक्त, दक्षिणी रेंज

  • देश में अगले साल आ सकते हैं 10-20 रुपये के प्लास्टिक के नोट…. RBI ने शुरू की तैयारी

    देश में अगले साल आ सकते हैं 10-20 रुपये के प्लास्टिक के नोट…. RBI ने शुरू की तैयारी


    नई दिल्ली।
    भारत (Inida) में जल्द ही कटे-फटे और गंदे नोटों की समस्या हमेशा के लिए खत्म होने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India ) ने देश में पॉलीमर (Polymer) यानी प्लास्टिक के नोट लाने का नीतिगत फैसला कर लिया है और अगले साल तक 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट बाजार में उतारे जा सकते हैं। क्रेडिट कार्ड की तरह कड़े होने के बजाय ये नोट बेहद पतले, हल्के और लचीले होंगे।

    भारत में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट चलन में लाने की तैयारी शुरू हो गई है। फिलहाल दस व बीस रुपये के प्लास्टिक नोट बाजार में लाए जाएंगे। इसमें सुरक्षा के उन्हीं उन्नत नियमों का पालन किया जाएगा जो कागज के नोट छापने में अपनाए जाते हैं। अगले साल यह नोट बाजार में आ सकते हैं।

    रिजर्व बैंक ने पॉलीमर शीट आपूर्ति के लिए निजी कंपनियों को भी आमंत्रित किया है। शुरुआती चरण सफल रहा तो बड़े नोट भी चरणबद्ध तरीके से लाए जाएंगे। इन पॉलीमर नोटों के लिए डिजाइन, आकार व छपाई उसी तरह होगी जैसे कागज के नोट पर होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इन नोटों में विशेष तकनीक अपनाई जाएगी।

    रिजर्व बैंक के अधिकारियों के मुताबिक पॉलीमर नोटों के प्रचलन में आने की समय सीमा नहीं बताई जा सकती। इतना जरूर है कि पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट लाने का नीतिगत निर्णय हो चुका है और चार चरणों से गुजरने के बाद पॉलीमर नोट छापे जाएंगे।


    पतले, लचीले प्लास्टिक सब्सट्रेट से बनेंगे नोट

    इस पूरी प्रक्रिया में वक्त लगना स्वाभाविक है। इसमें मौसम, इस्तेमाल के तौर-तरीकों व जनता की सहूलियत का भी ध्यान रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में कितने नोट तैयार होंगे इसका आकलन बाजार में दस व बीस रुपये मूल्य वर्ग के नोटों की उपलब्धता, एटीएम व बैंकों की जरूरत के हिसाब से तय होगा। यह नोट एक पतले, लचीले प्लास्टिक सब्सट्रेट से बनेंगे। ये क्रेडिट या डेबिट कार्ड की तरह कठोर नहीं हल्के, लचीले होंगे।

    पहले भी हो चुकी है कवायद…वर्ष 2012 में भारत सरकार ने मैसूर, जयपुर, भुवनेश्वर और शिमला समेत कुछ शहरों में 10 रुपये के एक अरब पॉलीमर नोटों के परीक्षण को मंजूरी दी थी। लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण यह पहल आगे नहीं बढ़ सकी।


    कटे-फटे नोटों से निजात

    लोगों को कटे, फटे व गंदे नोटों से निजात मिलेगी। इसे वह आसानी से ले जा सकेंगे। पॉलीमर करेंसी नोट में नए सुरक्षा फीचर होंगे। इससे नकली नोट तैयार होने की संभावना न के बराबर हो जाएगी। पॉलीमर नोटों में माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम और विशेष स्याही जैसी उन्नत, सुविधाओं का उपयोग होगा। कागज के मुकाबले इनके निर्माण पर खर्च भी कम आएगा। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे कई देशों में पॉलीमर नोट कई वर्षों से चलन में हैं।

    नोटों की छपाई पर बढ़ रहा खर्च
    रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, नोटों की छपाई पर व्यय वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये हो गया, यह पिछले वर्ष 5,101.4 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि मुख्य रूप से नोटों की बढ़ती मांग के कारण हुई है। वित्त वर्ष 2025 में, लगभग 23.8 अरब गंदे नोटों का निस्तारण किया गया। 10 रुपये और 20 रुपये जैसे कम मूल्यवर्ग के नोटों की जांच सबसे पहले होने की संभावना है।

  • देश में आज से VB-G RAM G योजना लागू…. ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन का रोजगार

    देश में आज से VB-G RAM G योजना लागू…. ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन का रोजगार


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था (Rural Employment System) में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (वीबी-जी राम जी एक्ट -VB-G RAM G Act ) को 1 जुलाई से लागू कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना (New Rural Employment Scheme) के तहत मजदूरी दरों में भी बढ़ोतरी की है। अब देश में औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है। यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी की। नई दरें 1 जुलाई से देश के सभी 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में लागू हो गई हैं।


    अब 100 नहीं, 125 दिन के रोजगार की गारंटी

    सरकार के अनुसार, नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों के मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। पहले मनरेगा (MGNREGA) के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी।


    न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये तय

    सरकार ने नई योजना में 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम न्यूनतम मजदूरी तय की है। इसका मतलब है कि इस योजना के तहत किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी। सरकार का कहना है कि पूरे देश में मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।


    इन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ी मजदूरी

    मंत्रालय के अनुसार, 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर सीधे 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हुई है, जहां मजदूरी करीब 24.5 प्रतिशत बढ़ाई गई है।

    जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी बढ़ोतरी की गई है। नई अधिसूचना के अनुसार-
    हरियाणा- 409 रुपये प्रतिदिन
    गोवा- 406 रुपये प्रतिदिन
    केरल- 401 रुपये प्रतिदिन
    सिक्किम (ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्र) – 450 रुपये प्रतिदिन


    95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट

    सरकार ने नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि आवंटित की है। इसका उद्देश्य समय पर मजदूरी भुगतान और विकास कार्यों को बिना रुकावट जारी रखना है।


    शिवराज सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक कदम

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक भी दिन काम से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह कानून विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा और गांवों की समृद्धि तथा आजीविका सुरक्षा को नई मजबूती देगा।


    पुराने जॉब कार्ड फिलहाल रहेंगे मान्य

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी सत्यापित पुराने जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। नई योजना में भी ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका बनी रहेगी। योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि, ग्रामीण आधारभूत ढांचा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा।


    विपक्ष ने उठाए सवाल

    नई व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे रोजगार की मांग आधारित व्यवस्था, राज्यों और पंचायतों की भूमिका तथा योजना के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर असर पड़ सकता है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि नया कानून ग्रामीण आजीविका को और मजबूत करेगा, बेहतर परिसंपत्तियों का निर्माण करेगा और रोजगार सृजन को अधिक प्रभावी बनाएगा। सरकार 2 जुलाई को मुक्कावरिपल्ली गांव में इस कानून का राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ करेगी। इस कार्यक्रम में ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे और योजना से संबंधित जागरूकता सामग्री भी जारी की जाएगी।