Tag: cricket controversy

  • आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’

    आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेले गए मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मैच के दौरान Virat Kohli और Travis Head के बीच हुई तीखी बहस के बाद ट्रेविस हेड के परिवार को ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन लोगों की तीखी आलोचना की, जो खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने लिखा कि जो लोग खिलाड़ियों के परिवारों को गाली देते हैं, वे “सबसे घटिया किस्म के बदमाश” हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को दोगला बताते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी या खुद के बारे में जरा सी आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर पाते।

    पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरसीबी और एसआरएच के मैच के बाद विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच हाथ न मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा गया कि मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे, तभी ट्रेविस हेड ने विराट की ओर हाथ बढ़ाया, लेकिन विराट बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

    इस वायरल वीडियो के बाद ट्रेविस हेड की पत्नी Jessica Head ने खुलासा किया कि उनके परिवार और करीबी लोगों को सोशल मीडिया पर लगातार अपमानजनक संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार पहले भी देखा जा चुका है, खासकर उन मौकों पर जब ऑस्ट्रेलिया ने बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत को हराया था।

    जेसिका हेड ने कहा कि खेल में जुनून होना स्वाभाविक है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि खिलाड़ियों के पीछे असली इंसान और परिवार भी होते हैं। उन्होंने खेलों में बढ़ती ऑनलाइन नफरत और मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर चिंता जताई। उनके मुताबिक, अब समय आ गया है कि लोग सोशल मीडिया पर अपनी भाषा और व्यवहार को लेकर जिम्मेदारी समझें।

    क्रिकेट जगत में यह मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ पहले भी सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर चिंता जता चुके हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना और निजी जिंदगी पर हमला, दोनों के बीच फर्क समझने की जरूरत बताई जा रही है।

  • LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल

    LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल


    नई दिल्ली | आईपीएल 2026 के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। रियान पराग का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह लाइव मैच के दौरान सिगरेट के छल्ले उड़ाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस और क्रिकेट प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।

    हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन चुका है। कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ और “शर्मनाक हरकत” बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि वीडियो एडिटेड भी हो सकता है।

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो बोर्ड के आचार संहिता के तहत कार्रवाई संभव मानी जा रही है।

    आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों से अनुशासन और पेशेवर व्यवहार की उम्मीद की जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की विवादित गतिविधि लीग की छवि को प्रभावित कर सकती है। बीसीसीआई आमतौर पर खिलाड़ियों के आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाता है और पहले भी कई मामलों में जुर्माना या निलंबन जैसी कार्रवाई की जा चुकी है।

    रियान पराग, जो राजस्थान रॉयल्स के अहम खिलाड़ी हैं, इस सीजन में अपने प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में यह विवाद उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

    फिलहाल सभी की नजरें बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो पराग को सजा का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर यह फर्जी साबित होता है, तो मामला यहीं खत्म हो जाएगा।

    कुल मिलाकर, यह विवाद आईपीएल 2026 के बीच एक नया मोड़ लेकर आया है, जहां खेल के साथ-साथ खिलाड़ियों के आचरण पर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..

    आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..


    नई दिल्ली: बेंगलुरु में खेले गए आईपीएल 2026 के 23वें मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस मुकाबले में आरसीबी की जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, खासकर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं दिया गया।

    आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था और गेंदबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह सही साबित किया। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम को आरसीबी के गेंदबाजी आक्रमण ने दबाव में रखते हुए 20 ओवर में 146 रनों पर सीमित कर दिया। इस दौरान सभी गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया, लेकिन रसिख सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार ओवर में 24 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह प्रभावित किया। भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट, क्रुणाल पांड्या ने दो विकेट और जोश हेजलवुड ने एक विकेट हासिल किया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी ने 15.1 ओवर में पांच विकेट पर 149 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। हालांकि जीत में गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक रही, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जोश हेजलवुड को दिया गया। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि आंकड़ों के आधार पर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन अधिक प्रभावशाली माना जा रहा था। उनके चार विकेट और किफायती गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया था।

    इस निर्णय को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है ताकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन हो सके। इसी बीच मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी के साथ इस तरह का निर्णय उचित नहीं लगता और इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।

    यह पूरा मामला अब क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर आरसीबी की जीत की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर असंतोष भी देखने को मिल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या केवल नाम और अनुभव के आधार पर नहीं बल्कि पूरे प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार तय होना चाहिए।

  • ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा पीसीबी: रिपोर्ट

    ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा पीसीबी: रिपोर्ट


    नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने आईपीएल में केकेआर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के बाद पीएसएल में नहीं खेलने का फैसला किया है। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी मुजरबानी के फैसले को कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन के रूप में देख रही है और कानूनी कार्रवाई के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है।

    ब्लेसिंग मुजरबानी को पीएसएल की इस्लामाबाद यूनाईटेड ने 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। उन्हें टीम ने शमार जोसेफ की जगह शामिल किया था। आईपीएल की फ्रेंचाइजी केकेआर ने शुक्रवार को मुजरबानी को अपने स्कवॉड में जगह दी। इसके बाद मुजराबानी ने पीएसएल की जगह आईपीएल को प्राथमिकता देने का फैसला किया। अब वह आगामी आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए दिखाई देंगे।

    यह लगातार दूसरा साल है जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट पहले से होने के बावजूद आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले सीजन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने भी ऐसा ही कदम उठाया था। उन्हें पेशावर जाल्मी ने चुना था। बाद में वह आईपीएल की मुंबई इंडियंस से जुड़ गए थे।

    ब्लेसिंग मुजरबानी ने हाल में संपन्न टी20 विश्व कप 2026 में शानदार गेंदबाजी की थी और जिम्बाब्वे को सुपर-8 में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। मुजरबानी ने 13 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुजरबानी के 4 विकेट ने ही जिम्बाब्वे को ग्रुप स्टेज में जीत दिलायी थी।

    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का शेड्यूल एक बार फिर टकरा रहा है। आईपीएल 28 मार्च से शुरू हो रहा है। फाइनल मुकाबला 31 मार्च को खेला जाएगा, जबकि पीएसएल 26 मार्च से 3 मई तक प्रस्तावित है।

  • बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, 'रन आउट' विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ

    बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, 'रन आउट' विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने शुक्रवार को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आग को दिए गए रन आउट के फैसले को खेल भावना के विपरीत माना है। कैफ ने इस मामले में बांग्लादेशी कप्तान मिराज की हरकत को गलत बताया है।

    मोहम्मद कैफ ने एक्स पर लिखा, “यह बिल्कुल सही नहीं था। विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है। वो भी कप्तान ने ऐसा किया। युवाओं ध्यान रखो, अगर वर्ल्ड कप फाइनल भी दांव पर लगा हो तब भी वो नहीं करना जो बांग्लादेशी कप्तान ने किया। खेल बिना खेल भावना के खेल नहीं है। कैफ ने कहा कि बांग्लादेशी कप्तान ने जो किया, वो यह नहीं करना चाहिए था।

    घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद को मोहम्मद रिजवान ने गेंदबाज की दिशा में खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में मिराज नॉन स्ट्राइक वाली क्रीज से बाहर खड़े सलमान अली आगा से लड़ गए। गेंद रुक गई थी इसलिए आगा ने सिंगल लेने का इरादा छोड़ दिया और गेंद खुद उठाकर मिराज को देने लगे। इतने में मिराज ने गेंद लेकर विकेट पर दे मारा। आगा क्रीज के बाहर थे और अपील के बाद उन्हें तीसरे अंपायर ने रन आउट करार दिया। आगा गेंद गेंदबाज को देने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें रन आउट दे दिया गया।

    मेहदी हसन का यह बर्ताव सलमान आगा को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वह उनसे मैदान पर ही भिड़ गए। थर्ड अंपायर द्वारा रन आउट करार दिए जाने के बाद सलमान नाखुश दिखे और पेवेलियन जाते हुए गुस्से में अपना ग्लव्स और हेलमेट फेंकते हुए दिखे।

    मैच के बाद आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। वह मेहदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहे थे। ऐसी स्थिति में इसे डेड करार दिया जा सकता था।”

    उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते, क्योंकि बॉल पहले ही मेरे पैड और मेरे बैट पर लग चुकी थी। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन नहीं ढूंढ रहा था, लेकिन उसने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। मैं इसे अलग तरह से करता। मैं खेल भावना के लिए जाता। हमने पहले ऐसा कुछ नहीं किया है, और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेंगे।

    मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64), और रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 का लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।

  • बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सलमान आगा के विवादित रन-आउट पर दी सफाई

    बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सलमान आगा के विवादित रन-आउट पर दी सफाई


    नई दिल्ली। मेहदी हसन मिराज की कप्तानी वाली बांग्लादेश नेशनल क्रिकेट टीम और पाकिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम के बीच शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। मैच में पाकिस्तान ने शानदार जीत हासिल करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर कर ली, लेकिन मुकाबले के नतीजे से ज्यादा चर्चा एक विवादित रन-आउट को लेकर हो रही है।

    यह रन-आउट पाकिस्तान के ऑलराउंडर सलमान अली आगा का था, जिसे कई लोगों ने खेल भावना के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपोर्ट्स तक इस घटना पर बहस छिड़ गई। पाकिस्तान के खिलाड़ी भी इस फैसले से खासे नाराज नजर आए और मैच के बाद भी इस पर नतीजे आते रहे।

    कैसे हुआ विवादित रन-आउट?
    यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। उस समय गेंदबाजी कर रहे थे मेहदी हसन मिराज और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद रिजवान। रिजवान ने गेंद को हल्के हाथों से गेंदबाज की दिशा में खेल दिया।

    गेंद को पकड़ने की कोशिश में मिराज और नॉन-स्ट्राइकर एंड परस्टैंड सलमान अली आगा आये में टक्कर मारे गए। गेंद वहीं रुक गई थी और आगा ने रन लेने का इरादा छोड़ दिया। वह गेंद बढ़ने मिराज को देने लगे, लेकिन इसी बीच मिराज ने गेंद लेकर सीधे स्टंप पर थ्रो कर दिया।

    उस समय आगा क्रीज के बाहर खड़े थे। बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने तुरंत अपील की और मामला तीसरे अंपायर के पास गया। रीप्ले देखने के बाद तीसरे अंपायर ने आगा को रन-आउट करार दे दिया। इस फैसले के बाद मैदान पर ही बहस शुरू हो गई और कई लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया।

    कैप्टन मिराज ने अपनी सफाई दी
    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश के कैप्टन मेहदी हसन मिराज ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी खिलाड़ी को गलत तरीके से आउट करना नहीं था।

    मिराज ने कहा, “मेरा इरादा सिर्फ गेंद को रोकने और संभावित रन को बचाने का था। वह क्रीज से बाहर थे और मैं गेंद की तरफ जा रहा था। अगर मैं गेंद को मिस कर देता तो वह आसानी से रन ले सकते थे, इसलिए मैंने स्टंप पर थ्रो करने का फैसला किया।”

    उनके अनुसार यह पूरी तरह खेल की स्थिति के हिसाब से लिया गया फैसला था और इसमें कोई गलत भावना शामिल नहीं थी। हालांकि, क्रिकेट फैंस और एथलीटों के बीच इस पर बहस अभी भी जारी है।

    पाकिस्तान खिलाड़ियों की नाराजगी
    रन-आउट के बाद सलमान अली आगा काफी नाराज दिखे। पवेलियन लौटते समय उन्होंने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट भी फेंक दिए। मैदान पर मौजूद पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई।

    कमेंट्री कर रहे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने भी इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खेल भावना सबसे अहम होती है और खिलाड़ियों को ऐसे मौकों पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    पाकिस्तान ने दर्ज की बड़ी जीत
    अगर मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 50 ओवर में 274 रन बनाए। टीम के लिए माज सदाकत ने 75 रन, सलमान अली आगा ने 64 रन और मोहम्मद रिजवान ने 44 रन की अहम पारी खेली।

    बारिश के कारण लक्ष्य को डीएलएस नियम के तहत अधिकृत किया गया और बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 32 ओवर में 243 रन का लक्ष्य मिला। हालांकि बांग्लादेश की पूरी टीम 114 रन पर ही सिमट गई और पाकिस्तान ने 128 रन के बड़े अंतर से मैच जीत लिया।

    ढाका वनडे में पाकिस्तान की बड़ी जीत के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सलमान आगा के विवादित रन-आउट की हो रही है। कप्तान मेहदी हसन मिराज ने अपनी सफाई दे दी है, लेकिन यह घटना क्रिकेट में खेल भावना और नियमों को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ गई है।

  • IND vs PAK मैच विवाद पर श्रीलंका ने PCB को लिखा पत्र, भारत के साथ मुकाबले में भाग लेने की अपील

    IND vs PAK मैच विवाद पर श्रीलंका ने PCB को लिखा पत्र, भारत के साथ मुकाबले में भाग लेने की अपील


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है। 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला श्रीलंका के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होना था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के रुख का समर्थन करते हुए यह निर्णय लिया। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार किया था और ICC के समझाने पर भी मान नहीं पाया।

    इस कदम से श्रीलंका को भी आर्थिक और लॉजिस्टिकल नुकसान होने की संभावना है। ऐसे में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान को दो पेज का पत्र भेजा, जिसमें 2009 के आतंकी हमले और पाकिस्तान के कठिन समय में श्रीलंका के समर्थन को याद दिलाया गया। SLC ने PCB से इस मामले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।

    पत्र में कहा गया है कि अगर निर्धारित मैच नहीं होते, तो को-होस्ट देशों को वित्तीय, लॉजिस्टिकल और प्रतिष्ठान से जुड़ा बड़ा नुकसान होगा। SLC ने स्पष्ट किया कि ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए श्रीलंका पूरी तरह तैयार है और भारत-पाकिस्तान मैच के लिए टिकट बिक्री पहले ही तेज गति से हो चुकी है।

    SLC ने अपने पत्र में लिखा, श्रीलंका ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। होस्ट वेन्यू के रूप में हमने कमर्शियल, ऑपरेशनल, लॉजिस्टिकल और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए हैं। इस मैच में हॉस्पिटैलिटी प्लानिंग और टिकट बिक्री भी शामिल है। निर्धारित मैचों में भाग न लेने के दूरगामी नतीजे होंगे, जिसमें बड़े वित्तीय नुकसान और टूर्नामेंट की इंटरनेशनल अपील कम होना शामिल है।”

    श्रीलंका सरकार भी संभावित बॉयकॉट के असर पर नजर रख रही है, क्योंकि इन मैचों की मेजबानी से बड़ी आर्थिक उम्मीदें जुड़ी हैं। SLC ने पत्र में यह भी याद दिलाया कि श्रीलंका ने कई बार पाकिस्तान का दौरा किया है, कठिन सुरक्षा परिस्थितियों और हमलों के बावजूद इंटरनेशनल मैचों में हिस्सा लिया। इसमें नेशनल टीम के काफिले पर हुए हमले भी शामिल हैं, जिनसे खिलाड़ियों और अधिकारियों को शारीरिक और मानसिक चोटें आईं।

    SLC ने PCB से सम्मानपूर्वक अनुरोध किया कि 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान मैच में भाग न लेने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। पत्र में जोर दिया गया कि क्रिकेट के व्यापक हित, दोनों बोर्डों के बीच सहयोग और खेल भावना को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान टीम निर्धारित सभी मैचों में शामिल हो। अंत में SLC ने PCB और पाकिस्तान सरकार को धन्यवाद देते हुए शीघ्र सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई।

  • India vs Pakistan पर सस्पेंस गहराया: तूफान से पहले की खामोशी या T20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला होगा रद्द?

    India vs Pakistan पर सस्पेंस गहराया: तूफान से पहले की खामोशी या T20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला होगा रद्द?


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होने वाले भारत-पाकिस्तान महामुकाबले को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। 15 फरवरी को प्रस्तावित इस हाई-वोल्टेज मैच से ठीक दस दिन पहले हालात ऐसे बन चुके हैं कि यह कहना मुश्किल हो गया है कि यह खामोशी तूफान से पहले की शांति है या फिर मैच के रद्द होने का साफ संकेत। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले पर आईसीसी बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड तीनों की ओर से सार्वजनिक तौर पर चुप्पी साध ली गई है।

    इस विवाद की शुरुआत 1 फरवरी को हुई जब पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया कि पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा तो लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरेगी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। इसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी गई कि मैच न खेलने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हालांकि इसके बाद से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर यह दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला नहीं होगा। इससे अटकलों को और हवा मिली है कि यह फैसला सिर्फ क्रिकेट बोर्ड का नहीं बल्कि सीधे सरकार का है। अगर ऐसा है तो आईसीसी के लिए भी स्थिति बेहद जटिल हो जाती है क्योंकि किसी सदस्य देश की टीम का सरकारी आदेश के तहत मैच से हटना एक गंभीर मामला माना जाता है।

    हालांकि क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान के फैसलों को लेकर अनिश्चितता कोई नई बात नहीं है। पिछले साल एशिया कप के दौरान भी ऐसा देखा गया था जब आखिरी वक्त पर पाकिस्तान अपने पहले के रुख से पलट गया था। इसी वजह से यह माना जा रहा है कि मौजूदा बॉयकॉट का ऐलान अंतिम फैसला नहीं भी हो सकता। लेकिन अगर पाकिस्तान सरकार अपने फैसले पर अड़ी रहती है तो इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबले का रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है।

    क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी और उसके सदस्य किसी भी तरह की काम से गैरहाजिरी को हल्के में नहीं लेंगे। अगर पाकिस्तान टीम मैच नहीं खेलती है तो उस पर भारी जुर्माना अंक कटौती या भविष्य के टूर्नामेंट्स को लेकर सख्त कार्रवाई संभव है। हालांकि यह सजा बाद की प्रक्रिया है फिलहाल फोकस मैच के भविष्य पर टिका है।

    कुछ सूत्रों का यह भी दावा है कि दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल बातचीत चल रही है और बीच-बचाव की कोशिशें जारी हैं लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर फैली कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह और सीईओ संजोग गुप्ता मुंबई में जियोस्टार के मालिक मुकेश अंबानी से मिले हैं। चूंकि जियोस्टार टी20 वर्ल्ड कप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर है इसलिए इस मुलाकात को मैच को लेकर बड़े फैसले से जोड़कर देखा गया।

    हालांकि इस दावे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि जय शाह और संजोग गुप्ता इस समय इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के निमंत्रण पर इटली के मिलान में मौजूद हैं जहां वे 145वें IOC सत्र में हिस्सा ले रहे हैं। आज तारीख 5 फरवरी है और मैच 15 फरवरी को होना है। ऐसे में सवाल अब भी वही है क्या यह खामोशी किसी बड़े समझौते की आहट है या फिर क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक के रद्द होने की भूमिका? जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।

  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही पाकिस्तान को लेकर सस्पेंस और विवाद दोनों बने हुए हैं. एक तरफ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी तक पूरी तरह कन्फर्म नहीं है, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के समर्थन में उसके संभावित कदमों ने आईसीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में उतरता है तो वह बांग्लादेश के समर्थन में काली पट्टी बांधकर खेल सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसा करना ICC के नियमों के खिलाफ होगा और अगर हां, तो पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई हो सकती है.

    ICC के नियम क्या कहते हैं

    आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.

    पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन

    अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.

    बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन

    दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.

    काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय

    कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.

  • ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    नई दिल्ली । आगामी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ICC ने बांग्लादेश को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है कि उसे भारत में अपने निर्धारित मैच खेलने को लेकर 21 जनवरी तक अंतिम फैसला करना होगा। तय समयसीमा तक सहमति न देने की स्थिति में बांग्लादेश की विश्व कप भागीदारी पर खतरा मंडरा सकता है।

    भारत में खेलने से BCB का इनकार
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को ICC का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा, जहां BCB अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में बांग्लादेश बोर्ड ने टी20 विश्व कप खेलने की इच्छा तो जताई, लेकिन भारत में मैच खेलने पर सहमति नहीं दी। BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग रखी और वैकल्पिक स्थल के तौर पर श्रीलंका का नाम सुझाया।हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया कि ग्रुप C में शामिल बांग्लादेश को तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई और कोलकाता में ही अपने मुकाबले खेलने होंगे।

    तीन हफ्तों से चल रहा है विवाद
    यह विवाद पिछले करीब तीन हफ्तों से चल रहा है। मामला तब गरमाया जब BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्ताफिजुर रहमान को स्क्वॉड से हटाने को कहा। इसके बाद BCB ने ICC को पत्र लिखकर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और चेतावनी दी कि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे टूर्नामेंट से हट सकते हैं। यह मुद्दा पहली बार 4 जनवरी को सामने आया था।

    ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज
    ICC ने बांग्लादेश की ग्रुप बदलने की मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है। BCB चाहता था कि उसकी ग्रुपिंग आयरलैंड के साथ बदली जाए, क्योंकि आयरलैंड के सभी मैच श्रीलंका में होने हैं। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट शेड्यूल में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है और भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।ICC अब 21 जनवरी तक BCB के अंतिम फैसले का इंतजार करेगा। अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो ICC मौजूदा रैंकिंग के आधार पर किसी दूसरी टीम को मौका देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह मिल सकती है।

    पाकिस्तान का बांग्लादेश को समर्थन
    इस बीच एक और अहम मोड़ तब आया, जब खबरें सामने आईं कि अगर बांग्लादेश का विवाद नहीं सुलझता है तो पाकिस्तान भी अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा मुद्दे को लेकर पाकिस्तान से संपर्क किया था, जिस पर पाकिस्तान ने समर्थन का भरोसा दिया।इसके अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डPCB ने ICC को औपचारिक रूप से यह भी बताया है कि यदि श्रीलंका उपलब्ध नहीं होता, तो वह बांग्लादेश के विश्व कप मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है।अब सबकी नजरें 21 जनवरी पर टिकी हैं जब यह तय होगा कि बांग्लादेश भारत में खेलेगा या टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगा।