Tag: cricket controversy

  • चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई

    चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को समन भेजा है. आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई को SIR से जुड़ी कुछ दिक्कतों के सिलसिले में सुनवाई के लिए बुलाया है. वहीं आयोग ने एक्टर से सांसद बने दीपक अधिकारी (देव) और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस भेजकर बुलाया है.
    रिपोर्ट के अनुसार शमी को सोमवार को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर में कार्तजू नगर स्कूल से नोटिस जारी किया गया. उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. हालांकि नोटिस में बताए गए समय के अनुसार शमी तय सुनवाई में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि वह फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं.
    कोलकाता के निवासी हैं शमी
    जानकारी के मुताबिक मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम (KMC) वार्ड नंबर 93 में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं. यह राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. हालांकि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन वह कई सालों से कोलकाता के स्थायी निवासी हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शमी और उनके भाई के एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ दिक्कत आई है, इसी वजह से उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है. शमी की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है.
    TMC ने आयोग पर लगाए आरोप
    द हिंदू के अनुसार TMC सांसद दीपक अधिकारी (देव) के परिवार के तीन सदस्यों को भी सुनवाई के नोटिस मिले हैं. वह पश्चिम बंगाल के घाटाल से तीन बार के सांसद हैं. वही उनका जन्मस्थान भी है. हालांकि दीपक अधिकारी की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है. इधर टीएमसी ने मोहम्मद शमी और देव को नोटिस देकर बुलाए जाने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. टीएमसी ने बिना तैयारी के SIR लागू कराने का आरोप लगाया है. TMC के प्रवक्ता ने द हिंदू से कहा कि यह SIR लागू करने की तैयारी की कमी और बिल्कुल गलत प्रक्रिया का एक और उदाहरण है. SIR प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करने से चुनाव आयोग ने एक निष्पक्ष संस्था होने की अपनी विश्वसनीयता खो दी है.

  • भारतीय खिलाड़ियों का बर्ताव गलत, आईसीसी के सामने उठाएंगे मुद्दा, मोहसिन नकवी की गीदड़भभकी

    भारतीय खिलाड़ियों का बर्ताव गलत, आईसीसी के सामने उठाएंगे मुद्दा, मोहसिन नकवी की गीदड़भभकी


    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि अंडर-19 एशिया कप फाइनल के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का पाकिस्तानी खिलाड़ियों के प्रति गलत व्यवहार रहा था और वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के सामने उठाएंगे.

    मोहसिन नकवी ने कहा कि अंडर-19 एशिया कप फाइनल के दौरान भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को उकसाते रहे. पाकिस्तान इस घटना की जानकारी आधिकारिक तौर पर आईसीसी को देगा. राजनीति और खेल को हमेशा एक दूसरे से अलग रखना चाहिए.अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मेंटर रहे सरफराज अहमद ने कहा खेल के दौरान भारत का बर्ताव सही नहीं था और क्रिकेट की भावना के खिलाफ था. इसके बावजूद, हमने अपनी जीत का जश्न खेल की भावना के साथ मनाया. क्रिकेट हमेशा खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए.

    भारतीय खिलाड़ियों के खेल भावना से जुड़ा मुद्दा सबसे पहले सरफराज अहमद ने ही उठाया था.पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदुर के बाद एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच पहली बार मैदान पर दूरी दिखी थी. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से टॉस के दौरान हाथ नहीं मिलाया था. इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने भी मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था. एशिया कप जीत के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था.

    अंडर-19 एशिया कप में भी भारतीय टीम का स्टैंड यही रहा. भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया. अंडर-19 एशिया 2025 दुबई में हाल ही में संपन्न हुई है. लीग स्टेज में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया था, लेकिन 21 दिसंबर को हुए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा. पाकिस्तान ने भारत को 348 रन का लक्ष्य दिया था. भारतीय टीम 156 पर सिमट गई और 191 रन से खिताबी मुकाबला हार गई.

  • IND vs SA: हार के बाद दिनेश कार्तिक ने वीडियो शेयर कर जताई हताशा

    IND vs SA: हार के बाद दिनेश कार्तिक ने वीडियो शेयर कर जताई हताशा

    नई दिल्ली। दिनेश कार्तिक ने हालिया हार के बाद टीम चयन और टीम संतुलन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में भारत ने अत्यधिक ऑलराउंडर्स खिलाए, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए नीतीश रेड्डी का जिक्र किया जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर फेंककर टेस्ट टीम में पेस ऑलराउंडर की भूमिका निभाने आए।

    कार्तिक ने कहा:

    इस सीरीज में भारत के केवल दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी बनाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात खिलाड़ियों ने अर्धशतक जमाए। यह साफ दिखाता है कि हम कितने पीछे हैं।

    नंबर-3 की अस्थिरता बड़ी कमजोरी

    पूर्व विकेटकीपर ने नंबर-3 की भूमिका को टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले टेस्ट चैंपियनशिप में नंबर-3 की जगह लगातार बदलती रही और बल्लेबाज का औसत केवल 26 का रहा।

    कार्तिक ने तंज भरे अंदाज में कहा:

    आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन खेलते हैं कभी वॉशिंगटन सुंदर। हर मैच में बदलाव करने से टीम में स्थिरता कैसे आएगी? अगला टेस्ट अगले साल दिनेश कार्तिक ने यह भी याद दिलाया कि अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी सात महीने का लंबा अंतर। उन्होंने सवाल
    उठाया, क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत के रूप में इस्तेमाल करेंगे?

    भारतीय टीम के लिए यह हार केवल अंक तालिका में नहीं बल्कि मानसिक और रणनीतिक चुनौती के रूप में भी सामने आई है। फैन्स और विशेषज्ञ अब देख रहे हैं कि टीम इंडिया इस गंभीर चेतावनी को सुधार की दिशा में कैसे इस्तेमाल करती है।