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  • शाहिद अफरीदी का बड़ा बयान: गौतम गंभीर पर तंज, विराट और रोहित को बताया टीम की असली रीढ़

    शाहिद अफरीदी का बड़ा बयान: गौतम गंभीर पर तंज, विराट और रोहित को बताया टीम की असली रीढ़

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी की प्रतिक्रियाएँ हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। इस बार अफरीदी ने टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना करते हुए भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा की जमकर तारीफ की। अफरीदी ने कहा कि कोहली और रोहित टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं और 2027 तक ओवरऑल टीम के लिए अहम बने रहेंगे।

    कोहली और रोहित की जमकर तारीफ
    अफरीदी ने भारतीय टीम के दो स्टार बल्लेबाजों, विराट कोहली और रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि ये दोनों न केवल भारत के बल्कि दुनिया के सबसे भरोसेमंद ODI बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ इन दोनों के शानदार प्रदर्शन की ओर ध्यान दिलाया। अफरीदी ने कहा, “विराट और रोहित भारतीय बैटिंग लाइन-अप की असली ताकत हैं। उनके हालिया फॉर्म को देखकर लगता है कि वे लंबे समय तक टीम के लिए अहम बने रहेंगे।” अफरीदी का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट और महत्वपूर्ण सीरीज में टीम को इन दोनों खिलाड़ियों को जरूर उतारना चाहिए।

    अफरीदी ने सुझाव दिया कि जब टीम किसी कमजोर विरोधी के खिलाफ खेले, तो युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के लिए कोहली और रोहित को आराम दिया जा सकता है। यह रणनीति टीम को संतुलित रखते हुए नए टैलेंट को मौका देने में मदद करेगी।

    गौतम गंभीर की कोचिंग पर तंज
    शाहिद अफरीदी ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर सीधे निशाना साधा। अफरीदी ने कहा कि गंभीर ने कोच के रूप में शुरुआत में यह छवि बनाई कि वे हमेशा सही होते हैं, लेकिन समय ने साबित कर दिया कि हर बार सही होना संभव नहीं है। अफरीदी और गंभीर के बीच पहले भी मैदान पर कई बार विवाद हो चुका है। अफरीदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब गंभीर ने पहले ही साफ कर दिया था कि 2027 वर्ल्ड कप अभी दूर है और टीम युवा खिलाड़ियों को मौके देकर नई दिशा देना चाहती है।

    रोहित के रिकॉर्ड छक्कों पर अफरीदी की खुशी
    अफरीदी ने रोहित शर्मा के हालिया ODI छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ने पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनाए जाते हैं और मुझे खुशी है कि मेरा रिकॉर्ड किसी क्लासी बल्लेबाज जैसे रोहित ने तोड़ा।” रोहित ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ रायपुर ODI में अपना 355वां छक्का जड़कर अफरीदी (351 छक्के) को पीछे छोड़ दिया। अफरीदी ने इसे खेल की प्रगति और भारतीय क्रिकेट की बढ़ती ताकत का हिस्सा बताया।

    IPL 2008 की यादें और रोहित का मैच विनिंग अंदाज
    अफरीदी ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए IPL 2008 का जिक्र किया, जब वे डेक्कन चार्जर्स के लिए खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें पहली बार एहसास हुआ कि रोहित भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बनेंगे। अफरीदी ने कहा, “उनकी बल्लेबाजी में वह क्लास थी जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकती थी। रोहित एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और उन्होंने हर अवसर पर अपनी टीम को मजबूत बनाया है।”

    अफरीदी का निष्कर्ष
    शाहिद अफरीदी की राय में, विराट कोहली और रोहित शर्मा के अनुभव और क्लास की वजह से टीम इंडिया के ODI लाइन-अप की रीढ़ मजबूत है। जबकि गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए गए हैं, अफरीदी का जोर इस बात पर है कि टीम इंडिया को अपने अनुभवी खिलाड़ियों की काबिलियत का पूरा लाभ उठाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर युवाओं को मौके देकर संतुलन बनाना चाहिए।

    अफरीदी का यह बयान भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर उन्होंने कोहली और रोहित को टीम की रीढ़ बताया, वहीं गंभीर की कोचिंग पर तंज भी कसा। इससे साफ है कि अफरीदी का मानना है कि टीम इंडिया को संतुलित और मजबूत रखने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों का उपयोग जरूरी है। 2027 तक विराट और रोहित टीम की अहमियत बनाए रख सकते हैं, जबकि युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति से टीम की लंबी दूरी की तैयारी भी मजबूत हो सकती है।

    इस तरह, शाहिद अफरीदी ने भारतीय क्रिकेट की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर अपनी राय रखी है, जिससे टीम इंडिया के फैंस और विश्लेषक दोनों ही नए सिरे से विचार कर रहे हैं।

  • गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”

    गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में ही वे कई विवादों में घिर चुके हैं। अब उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने गंभीर को सार्वजनिक मंचों पर टकराव से बचने की सलाह दी है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

    हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”

    भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।

    आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”

    अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
    “गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”

    “दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”

    चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
    “एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”

  • शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज

    शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज


    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर अपने पहले के फैसले को पलटते हुए तीनों फॉर्मेट-ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल-में खेलने की इच्छा जताई है। शाकिब चाहते हैं कि वे अपने करियर की अंतिम सीरीज बांग्लादेश में घरेलू दर्शकों के सामने खेलकर विदाई लें।

    रिटायरमेंट से वापसी का कारण

    शाकिब ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट खेला था। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी। बाद में विवाद और कानूनी मुद्दों के कारण वह टीम में वापसी नहीं कर पाए।

    हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत के दौरान शाकिब ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा:

    “मेरी इच्छा है कि मैं बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद संन्यास लूँ। मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूँ, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूँ।”

    बांग्लादेश लौटने की चुनौती

    शाकिब के लिए बांग्लादेश लौटना आसान नहीं है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते। पिछले साल शाकिब घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया।

    साथ ही शाकिब ने कहा कि वे फिट रहकर चयन के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं और घरेलू दर्शकों के सामने ही अपने करियर को सम्मानजनक रूप से समाप्त करना चाहते हैं।

    शाकिब का करियर: शानदार ऑलराउंड रिकॉर्ड

    38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है:

    टेस्ट: 71 मैच, 4609 रन (औसत 37.78), 246 विकेट

    वनडे: 247 मैच, 7570 रन, 317 विकेट

    टी20 इंटरनेशनल: 129 मैच, 2551 रन, 149 विकेट

    आईपीएल: 71 मैच, 793 रन, 63 विकेट

    उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमताओं ने उन्हें बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल किया है।

    शाकिब की यह वापसी और अंतिम सीरीज की योजना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खासा रोमांचक बन सकती है, लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके देश लौटने में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

  • दक्षिण अफ्रीका A ने भारत A को 73 रन से दी मात प्रिटोरियस ने खेली धमाकेदार 123 रन की पारी

    दक्षिण अफ्रीका A ने भारत A को 73 रन से दी मात प्रिटोरियस ने खेली धमाकेदार 123 रन की पारी

    नई दिल्‍ली । युवा बल्लेबाज हुआन ड्रे प्रिटोरियस की तूफानी शतकीय पारी ने दक्षिण अफ्रीका A को तीसरे अनधिकृत वनडे में भारत A पर 73 रन की दमदार जीत दिलाई जिससे टीम ने श्रृंखला में क्लीन स्वीप से खुद को बचा लिया। भारत A शुरुआती दो मैच जीतकर पहले ही बढ़त बना चुका था। प्रिटोरियस ने 98 गेंदों में 123 रनों की धुआंधार पारी खेली, जबकि ओपनर रिवाल्डो मूनसामी ने 130 गेंदों पर 107 रन ठोके। दोनों बल्लेबाज़ों ने मिलकर 241 रनों की विशाल साझेदारी की और टीम को 50 ओवर में 6 विकेट पर 325 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    भारत A की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और खलील अहमद ने दो दो विकेट चटकाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए।

    भारत A की टीम 49.1 ओवर में 252 रन पर सिमट गई। टीम की ओर से केवल आयुष बडोनी ने टिककर बल्लेबाज़ी की और 66 गेंदों में 66 रन बनाए। ईशान किशन ने भी 67 गेंदों पर 53 रन जोड़कर सहयोग दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज पूरी तरह विफल रहे।

    एक समय भारत A के चार विकेट मात्र 82 रन पर गिर गए थे। इसके बाद ईशान और बडोनी ने मिलकर 88 रनों की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन ईशान को एन पीटर ने आउट कर दिया।पीटर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 48 रन देकर चार विकेट झटके। शुरुआती झटकों से उबरने में नाकाम रही भारत मैच में वापसी नहीं कर सकी।


    इस दिन होगा टीम इंडिया का दूसरा मुकाबला
    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी टेस्ट सीरीज अब रोमांचक स्थिति में पहुंच गई है। कोलकाता टेस्ट में 30 रनों से मिली हार के बाद टीम इंडिया किसी भी तरह वापसी करने की कोशिश में है। सीरीज का दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा।