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  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास रांची में इतिहास रचने का शानदार मौका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाएगा। इस मैच में अभिषेक की नजर अपने बल्ले से बड़ा कमाल करने पर होगी। वह पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐसा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अगर अभिषेक रांची में अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने में सफल रहे तो उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो सकती है।

    सूर्यकुमार यादव के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों का सामना करने के लिहाज से सबसे तेज दो हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने केवल 1164 गेंदों पर यह मुकाम हासिल किया था। अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। वह 63 मैचों की 62 पारियों में 997 गेंदों का सामना करते हुए 1947 रन बना चुके हैं। यानी दो हजार रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 53 रन और बनाने हैं। गेंदों के हिसाब से भी वह सूर्यकुमार से आगे निकलने की मजबूत स्थिति में हैं। यदि वह अगले कुछ ही गेंदों में जरूरी रन बना लेते हैं तो नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

    अभिषेक की बल्लेबाजी शैली को देखते हुए इस उपलब्धि की संभावना पर खास नजर रहेगी। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विरोधी टीम की रणनीति को शुरुआती ओवरों में ही बिगाड़ सकती है। हालांकि टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए रन बनाने के साथ विकेट पर टिके रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में रांची में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी काफी अहम रहेगा।

    लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक शर्मा अच्छी लय में नजर आए थे। उन्होंने केवल 10 गेंदों पर 21 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब रांची में उनके पास पिछली पारी से आगे बढ़ने और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने का अवसर होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मुश्किल में डालेंगे और रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के बजाय उसे अपने नाम कर लेंगे।

    इस रिकॉर्ड की दौड़ में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी शामिल हैं। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन पूरे करने के लिए 1289 गेंदों का सामना किया था। वहीं रिजवान ने यह उपलब्धि 1326 गेंदों में हासिल की थी। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस सूची में सबसे आगे हैं। यदि अभिषेक उनसे कम गेंदों में दो हजार रन पूरे कर लेते हैं तो वह इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे और बाबर तथा रिजवान की स्थिति भी नीचे खिसक जाएगी।

    अभिषेक शर्मा इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। रांची का मुकाबला उनके लिए केवल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का भी बड़ा अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

  • विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है और इस सीरीज में क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विराट कोहली पर टिकी रहेंगी। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट अब वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उनके लिए खास हो सकती है। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले विराट के पास अपनी लय बनाए रखने के साथ साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है।

    विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से सिर्फ 59 रन दूर हैं। उन्होंने अब तक 302 पारियों में 58.59 की शानदार औसत से 14941 रन बनाए हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विराट 59 रन बना लेते हैं तो वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हासिल कर चुके हैं। सचिन के नाम वनडे क्रिकेट में 18426 रन दर्ज हैं। इस लिहाज से विराट के लिए आगामी सीरीज का हर रन एक नए रिकॉर्ड की ओर कदम होगा।

    विराट के पास भारत की धरती पर भी सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। घरेलू मैदान पर विराट ने अब तक 130 वनडे मैचों में 62.42 की औसत से 6867 रन बनाए हैं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने भारत में वनडे क्रिकेट खेलते हुए 6976 रन बनाए हैं। विराट को इस आंकड़े को पार करने के लिए 110 रन की जरूरत है। अगर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 110 रन बना लेते हैं तो भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में सचिन से आगे निकल सकते हैं।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी एक बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 10 शतक लगाए हैं। किसी एक टीम के खिलाफ 10 वनडे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट के नाम फिलहाल 9 वनडे शतक दर्ज हैं। अगर आगामी सीरीज में उनके बल्ले से एक और शतक निकलता है तो वह दो अलग अलग टीमों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    विराट कोहली आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आए थे। अब लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी का इंतजार खत्म होने वाला है। वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने के साथ विराट के सामने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हैं। 27 सितंबर से शुरू होने वाली सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसके प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजर रहेगी और विराट के सामने एक साथ कई रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका होगा।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में विराट की बल्लेबाजी पर खास निगाहें रहेंगी। 59 रन उन्हें 15000 वनडे रनों के क्लब में पहुंचा सकते हैं जबकि 110 रन उन्हें भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के आंकड़े के करीब ले जाएंगे। इसके अलावा एक शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके 10 शतकों का आंकड़ा पूरा कर सकता है। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले ही विराट के रिकॉर्ड्स की चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब जो रूट के नाम 69 अर्धशतकों के साथ दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में मचाई हलचल

    सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब जो रूट के नाम 69 अर्धशतकों के साथ दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में मचाई हलचल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में रूट ने ऐसी शानदार पारी खेली जिसने इंग्लैंड को जीत दिलाने के साथ उनके नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज कर दिया। रूट ने 69 गेंदों में नाबाद 62 रन बनाए और इसी पारी के दौरान उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब जो रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

    पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। इसके बाद जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रूट ने बिना किसी दबाव के रन बनाए और अपनी पारी को अर्धशतक में बदल दिया। जैसे ही उन्होंने 50 रन का आंकड़ा पार किया वैसे ही उनका नाम क्रिकेट इतिहास के एक खास रिकॉर्ड के साथ जुड़ गया।

    जो रूट की यह टेस्ट क्रिकेट में 69वीं फिफ्टी थी। इससे पहले सबसे ज्यादा टेस्ट अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने अपने शानदार टेस्ट करियर में 68 अर्धशतक लगाए थे। रूट ने अब 69वीं फिफ्टी पूरी करके सचिन को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल 66 अर्धशतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भारत के राहुल द्रविड़ और ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर के नाम 63 63 टेस्ट अर्धशतक दर्ज हैं।

    रूट की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड लंबे समय से कायम था। सचिन ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था और उसके बाद से कई बड़े बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचे लेकिन कोई भी इसे पार नहीं कर सका। अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल कर लिया है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है और यही वजह है कि वह टेस्ट क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड के आसपास लगातार नजर आ रहे हैं।

    पाकिस्तान के खिलाफ इसी मुकाबले में रूट ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम की। उन्होंने एजबेस्टन के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में अपने 1000 रन पूरे कर लिए। यह दुनिया का चौथा मैदान है जहां रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। इससे पहले लॉर्ड्स मैनचेस्टर और द ओवल में भी वह यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा केवल जैक कैलिस और रिकी पोंटिंग ही चार अलग अलग मैदानों पर टेस्ट में 1000 से ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल कर सके हैं।

    इस मुकाबले का नतीजा भी इंग्लैंड के लिए बेहद खास रहा। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। पाकिस्तान पहली पारी में केवल 133 रन पर सिमट गया था। इसके बाद दूसरी पारी में टीम ने वापसी करते हुए 449 रन बनाए जिसमें शान मसूद ने 95 बाबर आजम ने 76 और रजाउल्लाह ने 81 रन की पारी खेली। इसके बावजूद इंग्लैंड की पहली पारी का 453 रन का स्कोर निर्णायक साबित हुआ और पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने केवल 130 रन का लक्ष्य रखा।

    इंग्लैंड ने इस लक्ष्य को सिर्फ दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। जो रूट 62 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि जॉर्डन कॉक्स ने भी 59 रन की नाबाद पारी खेली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पाकिस्तान का सीरीज में पूरी तरह सफाया कर दिया और जो रूट ने अपने बल्ले से एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

  • अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा

    अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 90 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के कई नायक रहे लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी की रही। बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल अभिषेक ने इस मुकाबले में बल्ले से नहीं बल्कि गेंद से ऐसा कमाल दिखाया कि उनका नाम भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी ने भारत की जीत को एकतरफा बना दिया और टीम को तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने केवल 2.5 ओवर की गेंदबाजी में 17 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज के रूप में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी स्पेल फेंकने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि वह मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस मैच में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी टीम के लिए मैच जिताऊ भूमिका निभाई।

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अलग अलग प्रारूपों में सलामी बल्लेबाजों द्वारा गेंदबाजी के कई यादगार प्रदर्शन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह रिकॉर्ड महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ के नाम है जिन्होंने वर्ष 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ 52 रन देकर आठ विकेट हासिल किए थे। वहीं एकदिवसीय क्रिकेट में रवि शास्त्री ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक शर्मा ने अपने शानदार स्पेल के दम पर इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है।

    हालांकि बल्लेबाजी में अभिषेक लगातार दूसरे मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। पहले टी20 में एक रन पर आउट होने के बाद दूसरे मुकाबले में भी वह केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लेकिन गेंद से उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि बल्लेबाजी की कमी पूरी तरह छिप गई और वह मैच के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो ईशान किशन ने विस्फोटक अंदाज में 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए लेकिन उन्हें किसी दूसरे बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अभिषेक शर्मा के तीन विकेटों के अलावा यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने भी दो दो विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही अभिषेक शर्मा ने यह साबित कर दिया कि वह केवल विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी गेंदबाजी से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

  • अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर

    अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर


    नई दिल्ली।  भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अक्षर पटेल का प्रदर्शन गेंद से इस मुकाबले में शानदार रहा। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर अक्षर ने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली है।

    अक्षर टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से 100 विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बन गए हैं। उन्होंने यह मुकाम इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करने के साथ हासिल किया। अक्षर भारत की तरफ से खेले 98 मुकाबलों में 100 विकेट निकाल चुके हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी 7.37 का रहा है। अक्षर के बाद इस लिस्ट में युजवेंद्र चहल दूसरे नंबर पर काबिज हैं। चहल 80 मैचों में 96 विकेट हासिल कर चुके हैं। वहीं, कुलदीप यादव 54 मुकाबलों में 95 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और वह सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। हालांकि, बल्लेबाजी में अक्षर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और सिर्फ 2 रन बनाकर रनआउट हुए।

    इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों में 49 रनों की अहम पारी खेली। वहीं, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रनों का योगदान दिया। तिलक वर्मा ने अंत के ओवरों में 11 गेंदों में एक चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 24 रन बनाए।

    हालांकि, इंग्लैंड ने 191 रनों के लक्ष्य को 19 ओवर में 6 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। इंग्लिश टीम की तरफ से जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में बेथेल ने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि टॉम बैंटन ने भी 39 रनों का योगदान दिया।

  • खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता, क्या 2026 होगा आखिरी सीजन?

    खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता, क्या 2026 होगा आखिरी सीजन?

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार रहे अजिंक्य रहाणे के लिए मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान के तौर पर मैदान में उतर रहे रहाणे का बल्ला इस साल पूरी तरह खामोश है, जिसके चलते क्रिकेट गलियारों में अब उनके आईपीएल करियर के अंत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनके प्रदर्शन में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो साल 2027 के मेगा ऑक्शन में इस दिग्गज खिलाड़ी को कोई भी फ्रेंचाइजी खरीदने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी।

    अजिंक्य रहाणे को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 1.5 करोड़ रुपये की कीमत पर रिटेन किया था और उन पर कप्तानी का भरोसा भी जताया था। हालांकि, टीम के नेतृत्व में तो वह अपनी सूझबूझ दिखा रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के मोर्चे पर वह बुरी तरह विफल रहे हैं। मौजूदा सीजन में खेले गए अब तक के 8 मैचों में रहाणे ने मात्र 23.14 की औसत से केवल 162 रन बनाए हैं। उनके स्कोर कार्ड पर नजर डालें तो 67 रनों की एक पारी को छोड़कर बाकी मैचों में वह 8, 41, 28 और शून्य जैसे अंकों पर आउट हुए हैं। रविवार को लखनऊ के खिलाफ हुए मैच में भी वह 15 गेंदों पर केवल 10 रन ही बना सके, जिसने टीम की मुश्किलों को बढ़ाया।

    आईपीएल के इतिहास में रहाणे का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 206 मैचों में 30.2 की औसत से 5194 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में वर्तमान फॉर्म सबसे अधिक मायने रखती है। बढ़ती उम्र और टी-20 फॉर्मेट की मांग के अनुसार घटते स्ट्राइक रेट ने उनकी जगह पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। कोलकाता की टीम जिस आक्रामक खेल के लिए जानी जाती है, उसमें रहाणे की धीमी बल्लेबाजी फिट नहीं बैठ रही है। ऐसे में पूरी संभावना है कि आगामी सीजन से पहले टीम उन्हें रिलीज कर दे।

    आगामी समय में होने वाले मेगा ऑक्शन के दौरान सभी टीमें भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं पर दांव लगाना पसंद करेंगी। रहाणे जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए खराब फॉर्म के साथ ऑक्शन पूल में जाना एक बड़ा खतरा हो सकता है। यदि अगले कुछ मैचों में रहाणे कोई बड़ी और प्रभावपूर्ण पारी नहीं खेलते हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि 2026 उनके सुनहरे आईपीएल सफर का अंतिम पड़ाव साबित हो सकता है। फिलहाल, टीम मैनेजमेंट और प्रशंसकों की नजरें उनके अगले प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो उनके भविष्य का फैसला करेगा।

  • अभिषेक शर्मा का 'सुपरमैन' अवतार: गेल और फिंच को पछाड़ा, एक पारी में 130+ रनों का बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड।

    अभिषेक शर्मा का 'सुपरमैन' अवतार: गेल और फिंच को पछाड़ा, एक पारी में 130+ रनों का बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड।

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का रौद्र रूप देखने को मिला है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अभिषेक ने अपनी बल्लेबाजी से न केवल विपक्षी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त किया, बल्कि क्रिकेट इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। इस मैच में उन्होंने मात्र 68 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौकों और 10 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 135 रनों की पारी खेली। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत हैदराबाद की टीम दिल्ली के सामने 243 रनों का विशाल लक्ष्य रखने में सफल रही और अंततः एक बड़ी जीत दर्ज की।

    अभिषेक शर्मा की यह पारी कई मायनों में ऐतिहासिक रही। अपनी इस नाबाद शतकीय पारी के साथ ही वे आईपीएल इतिहास में पांचवां सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस सूची में दिग्गज क्रिस गेल 175 रनों के साथ शीर्ष पर काबिज हैं, जबकि अभिषेक के नाम अब इस लीग के शीर्ष पांच स्कोर में से दो स्थान दर्ज हो गए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल यानी 2025 के सीजन में भी अभिषेक ने 141 रनों की पारी खेली थी, जो आईपीएल का तीसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता ने उन्हें वर्तमान समय के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।

    टी20 क्रिकेट के व्यापक स्वरूप की बात करें तो अभिषेक ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जो अब तक दुनिया का कोई भी दिग्गज बल्लेबाज नहीं कर सका। वे टी20 प्रारूप की एक ही पारी में चार बार 130 से अधिक रन बनाने वाले विश्व के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच को भी पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम तीन-तीन बार यह उपलब्धि दर्ज थी। इसके साथ ही अभिषेक ने टी20 क्रिकेट में अपने 350 छक्के भी पूरे कर लिए हैं, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली का प्रमाण है।

    अभिषेक की इस उपलब्धि पर उनके मेंटर और पूर्व भारतीय दिग्गज युवराज सिंह ने भी खुशी जताई है। उन्होंने युवा बल्लेबाज को अपनी एकाग्रता बनाए रखने और इसी तरह प्रदर्शन जारी रखने का संदेश दिया है। मैच के दौरान अभिषेक को विपक्षी टीम से जीवनदान भी मिला, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया और अपनी टीम को जीत की हैट्रिक दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। हैदराबाद के कप्तान और प्रबंधन के लिए अभिषेक का यह फॉर्म टूर्नामेंट के आगामी चरण के लिए एक बहुत बड़ी मजबूती बनकर उभरा है। वर्तमान फॉर्म को देखते हुए अभिषेक शर्मा आगामी मैचों में कई और पुराने रिकॉर्ड्स को चुनौती दे सकते हैं।

  • 45 गेंदों में जड़ा करियर का पहला शतक, जयसूर्या के कीर्तिमान की बराबरी कर टीम की कराई धमाकेदार वापसी

    45 गेंदों में जड़ा करियर का पहला शतक, जयसूर्या के कीर्तिमान की बराबरी कर टीम की कराई धमाकेदार वापसी


    नई दिल्ली/अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे तिलक वर्मा ने सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अपनी बल्लेबाजी का वो रौद्र रूप दिखाया, जिसकी गूँज लंबे समय तक खेल गलियारों में सुनाई देगी। खराब फॉर्म और टीम की नाजुक स्थिति के बीच क्रीज पर उतरे तिलक ने न केवल अपने करियर का पहला शतक जड़ा, बल्कि अपनी आतिशी पारी से कई स्थापित रिकॉर्ड्स को भी मटियामेट कर दिया। यह पारी उस समय आई जब उनकी टीम गहरे संकट में थी और शुरुआती ओवरों के दौरान ही विपक्षी टीम की घातक गेंदबाजी ने शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। मात्र 45 गेंदों में खेली गई उनकी 101 रनों की इस पारी ने मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

    मैच की शुरुआत टीम के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी। शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि टीम 150 के स्कोर तक भी मुश्किल से पहुँच पाएगी। तिलक वर्मा जब बल्लेबाजी करने आए, तो उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझा और शुरुआत में बेहद संभलकर खेलना शुरू किया। उन्होंने अपनी पहली 22 गेंदों पर केवल 19 रन बनाए थे, जिसे देखकर किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ ही मिनटों में मैदान पर रनों का तूफान आने वाला है। जैसे ही पारी के आखिरी ओवरों का आगाज हुआ, तिलक ने अपने खेल का गियर पूरी तरह बदल दिया और गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े।

    तिलक की बल्लेबाजी का असली जादू अंतिम ओवरों यानी 16वें से 20वें ओवर के बीच देखने को मिला। उन्होंने अंतिम 23 गेंदों में अविश्वसनीय रूप से 82 रन कूट डाले। विशेषकर पारी के आखिरी तीन ओवरों में उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और टीम के स्कोर में 58 रनों का भारी योगदान दिया। अपनी इस पूरी पारी के दौरान तिलक ने 8 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने डेथ ओवर्स की महज 18 गेंदों में 65 रन बना डाले, जो खेल के इतिहास की सबसे तेज और प्रभावशाली पारियों में से एक गिनी जा रही है।

    इस शतक के साथ ही तिलक वर्मा ने दिग्गजों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उन्होंने 45 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी कर दिग्गज सनथ जयसूर्या के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इससे पहले खेले गए मैचों में तिलक का बल्ला पूरी तरह खामोश था और उन्होंने बहुत ही कम रन बनाए थे, जिसके चलते उनके प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि, इस एक पारी ने न केवल उनके आलोचकों का मुँह बंद कर दिया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। उनकी इस जादुई पारी की बदौलत टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 199 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तिलक की यह पारी तकनीकी कौशल और मानसिक दृढ़ता का बेहतरीन नमूना थी। शुरुआत में रक्षात्मक खेल दिखाकर विकेट बचाना और फिर अंत में गेंदबाजों की बखिया उधेड़ना एक परिपक्व खिलाड़ी की निशानी है। जिस तरह से उन्होंने मुख्य गेंदबाजों के खिलाफ जोखिम भरे शॉट्स को आसानी से अंजाम दिया, उसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है। इस शतकीय प्रहार ने न केवल टीम को मजबूती दी है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट के समीकरणों को भी रोमांचक बना दिया है।

  • वरुण चक्रवर्ती ने रचा नया इतिहास कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए सौ विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने

    वरुण चक्रवर्ती ने रचा नया इतिहास कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए सौ विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने

    नई दिल्ली/अहमदाबाद। क्रिकेट के सबसे लोकप्रिय टी20 मंच पर अपनी फिरकी का जादू बिखेर रहे मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। गुजरात के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर चक्रवर्ती ने अपनी टीम के लिए एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसे अब तक कोई भी भारतीय गेंदबाज इस विशेष फ्रैंचाइजी के लिए हासिल नहीं कर पाया था। वरुण चक्रवर्ती अब कोलकाता की टीम की ओर से खेलते हुए इस प्रतियोगिता में सौ विकेट पूरे करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ ही उन्होंने टीम के गौरवशाली इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है।

    मैदान पर अपनी विविधताओं और सटीक लाइन लेंथ के लिए मशहूर चक्रवर्ती ने जैसे ही इस मैच में अपना शिकार किया वैसे ही उन्होंने इस जादुई आंकड़े को छू लिया। टीम के इतिहास पर नजर डालें तो उनसे पहले केवल दो विदेशी गेंदबाजों ने ही इस फ्रैंचाइजी के लिए सौ से अधिक विकेट लेने का कारनामा किया था। वरुण चक्रवर्ती अब इस विशिष्ट क्लब में शामिल होने वाले तीसरे गेंदबाज और पहले भारतीय बन गए हैं। उनकी इस सफलता ने न केवल टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती प्रदान की है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि वे आधुनिक क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली स्पिनरों में से एक हैं।

    मुकाबले के दौरान चक्रवर्ती ने विपक्षी बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाए रखा और रन गति पर पूरी तरह लगाम लगाए रखी। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने महत्वपूर्ण समय पर टीम को सफलता दिलाई जिससे विरोधी टीम बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने में नाकाम रही। वरुण चक्रवर्ती का इस प्रतियोगिता में करियर उतार चढ़ाव भरा रहा है लेकिन पिछले कुछ सत्रों से उन्होंने अपनी निरंतरता और कौशल से सबको प्रभावित किया है। एक अभ्यास गेंदबाज से लेकर एक प्रमुख विकेट लेने वाले गेंदबाज तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।

    गेंदबाजी विभाग में चक्रवर्ती की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है और उन्होंने कई मौकों पर अकेले दम पर मैच का रुख मोड़ा है। सौ विकेटों का यह आंकड़ा पार करना उनकी मेहनत और खेल के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि चक्रवर्ती की गेंदबाजी में जो रहस्य है वह बल्लेबाजों के लिए आज भी एक बड़ी पहेली बना हुआ है। इस मील के पत्थर को छूने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि वे आने वाले मैचों में और भी कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे। उनकी यह उपलब्धि भारतीय घरेलू प्रतिभा की ताकत को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है।

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ बनीं भारत की सबसे सफल बल्लेबाज

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ बनीं भारत की सबसे सफल बल्लेबाज

    नई दिल्ली/डरबन। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा श्रृंखला के दौरान मंधाना ने वह मुकाम हासिल किया जो अब तक किसी भी भारतीय क्रिकेटर के नाम नहीं था। स्मृति मंधाना अब भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने इस विशिष्ट उपलब्धि के मामले में भारतीय पुरुष टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा के स्थापित रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

    मैदान पर अपनी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली मंधाना ने जैसे ही इस मुकाबले में व्यक्तिगत स्तर पर तेरहवां रन बनाया वैसे ही उन्होंने रोहित शर्मा के पूर्ववर्ती रनों के आंकड़े को पार कर लिया। रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रारूप से विदाई लेने से पहले जो शिखर स्थापित किया था उसे अब मंधाना ने नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। स्मृति मंधाना के नाम अब एक सौ इकसठ मैचों में चार हजार दो सौ चवालीस रन दर्ज हो गए हैं जो उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल टी20 बल्लेबाज बनाता है।

    मैच के घटनाक्रम पर नजर डालें तो विपक्षी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में सात विकेट खोकर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए विरोधी टीम ने अंतिम क्षणों में जीत हासिल कर ली लेकिन भारतीय खेमे के लिए मंधाना की यह व्यक्तिगत सफलता सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी रही। हार के बावजूद मंधाना के बल्ले से निकला यह रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट के सशक्तिकरण और वैश्विक मंच पर उनकी बढ़ती धमक का प्रतीक बनकर उभरा है।

    विश्व स्तर पर सर्वाधिक टी20 रनों की सूची पर गौर करें तो स्मृति मंधाना अब दूसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। उनसे आगे अब केवल न्यूजीलैंड की एक खिलाड़ी का नाम आता है जबकि भारतीय खिलाड़ियों की सूची में मंधाना अब शीर्ष पर विराजमान हैं। मंधाना के बाद रोहित शर्मा और फिर हरमनप्रीत कौर का स्थान आता है। मंधाना का यह सफर आने वाले समय में युवा महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह महिला क्रिकेट के प्रति बदलते नजरिए और मैदान पर उनके अटूट समर्पण की जीत है।