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  • माथा टेका, पूजा की और फिर दिखाया असली चेहरा, मंदिर में अनोखे अंदाज में हुई चोरी ने सबको किया हैरान

    माथा टेका, पूजा की और फिर दिखाया असली चेहरा, मंदिर में अनोखे अंदाज में हुई चोरी ने सबको किया हैरान

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र से एक ऐसी हैरान करने वाली घटना सामने आई है जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अपराधी अब वारदात को अंजाम देने के लिए किस हद तक नई तरकीबें अपनाने लगे हैं। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से जुड़े स्थान को निशाना बनाकर अंजाम दी गई इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है। सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि आरोपी ने घटना को जिस तरीके से अंजाम दिया, उसने पूरी वारदात को बेहद असामान्य बना दिया। घटना के बाद अब यह मामला लोगों के बीच चर्चा और हैरानी दोनों का विषय बना हुआ है।

    बताया जा रहा है कि आरोपी किसी सामान्य श्रद्धालु की तरह मंदिर परिसर में पहुंचा था। उसके व्यवहार और गतिविधियों को देखकर किसी को भी उस पर संदेह नहीं हुआ। मंदिर में प्रवेश करने के बाद उसने बेहद शांत और श्रद्धापूर्ण अंदाज में पूजा-अर्चना की। उसने पूरे विश्वास के साथ ऐसा व्यवहार किया मानो वह केवल दर्शन के उद्देश्य से वहां आया हो। उसके इस आचरण ने आसपास मौजूद लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों का भरोसा पूरी तरह जीत लिया।

    घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की प्रक्रिया पूरी की। उसने देवी के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और कुछ समय तक वहीं रुका भी। इस दौरान किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि कुछ ही क्षणों बाद एक बड़ी चोरी की घटना सामने आने वाली है। आरोपी के व्यवहार ने इस पूरी घटना को और अधिक रहस्यमय और चर्चा का विषय बना दिया।

    मौका मिलते ही आरोपी ने अपनी असली योजना को अंजाम दिया। बड़ी फुर्ती और चालाकी के साथ उसने मंदिर में रखी मूल्यवान वस्तु को अपने कब्जे में लिया और बेहद तेजी से वहां से निकल गया। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को तत्काल कुछ समझ ही नहीं आया। जब तक लोगों को मामले की जानकारी हुई, तब तक आरोपी वहां से जा चुका था।

    घटना के बाद जब सुरक्षा कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई तो पूरी कहानी सामने आई। रिकॉर्डिंग में आरोपी की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को ढक रखा था, जिसके कारण उसकी पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। अब जांच अधिकारी तकनीकी और अन्य माध्यमों से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों के प्रति विश्वास का माहौल होता है और अपराधी कई बार इसी भरोसे का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत की ओर भी संकेत करती हैं। फिलहाल इस घटना ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है और लोग आरोपी के इस अनोखे तरीके को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस घटना से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • जेल से बाहर निकला उम्रकैद का कैदी, बाद में खुला सच: जाली दस्तावेजों के इस खेल ने मचाया हड़कंप

    जेल से बाहर निकला उम्रकैद का कैदी, बाद में खुला सच: जाली दस्तावेजों के इस खेल ने मचाया हड़कंप

    नई दिल्ली। देश की न्याय और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक प्रक्रियाओं और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित एक केंद्रीय जेल में ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि उम्रकैद की सजा काट रहे एक खतरनाक कैदी को जेल से बाहर निकालने के लिए कथित तौर पर उच्च न्यायिक आदेश का फर्जी इस्तेमाल किया गया। जब पूरे मामले की सच्चाई सामने आई तो जेल प्रशासन और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

    मामले की जानकारी सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पूरा घटनाक्रम किसी सामान्य लापरवाही का नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। आरोप है कि एक जाली दस्तावेज तैयार किया गया, जिसे आधिकारिक आदेश के रूप में प्रस्तुत किया गया। पहली नजर में दस्तावेज पूरी तरह वास्तविक दिखाई दिया, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर उस पर भरोसा कर लिया गया। इसी आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की गई और कैदी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।

    जानकारी के अनुसार संबंधित कैदी गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी पाया गया था और वह उम्रकैद की सजा काट रहा था। उस पर अपहरण और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप साबित हुए थे। अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के तहत उसे लंबे समय तक जेल में रहना था। लेकिन कथित तौर पर फर्जी आदेश के आधार पर उसकी रिहाई संभव हो गई। यह मामला इसलिए और गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करने वाली प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।

    घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की साजिश किसी एक व्यक्ति के स्तर पर संभव नहीं हो सकती। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किया, किन लोगों ने उसकी मदद की और क्या इस पूरे नेटवर्क में अंदरूनी सहयोग भी शामिल था। मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा सकती है और तकनीकी पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है।

    यह घटना केवल एक कैदी की रिहाई तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इससे पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि न्यायिक आदेशों की सत्यता जांचने की प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक संभव है तो भविष्य में इससे और भी गंभीर सुरक्षा खतरे पैदा हो सकते हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए डिजिटल सत्यापन और बहुस्तरीय जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

    फिलहाल यह मामला जांच के केंद्र में है और प्रशासन इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तकनीक और दस्तावेज आधारित व्यवस्थाओं के दौर में भी सतर्कता और सत्यापन सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले दिनों में जांच के बाद कई बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

  • हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    नई दिल्ली /हैदराबाद: महानगर के शैक्षणिक हलकों को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना में पुलिस ने एक तकनीकी संस्थान के छात्र को अपनी ही सहपाठी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़ित युवती और आरोपी दोनों ही क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और एक ही कक्षा में होने के कारण दोनों के बीच सामान्य जान-पहचान थी। इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है।

    घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी वारदात बीते सप्ताह की रात को घटित हुई थी। आरोपी छात्र पीड़िता को उसके घर के पास से महज चाय पीने और साथ घूमने के बहाने अपनी कार में बिठाकर ले गया था। वह काफी देर तक युवती को कार में इधर-उधर घुमाता रहा, जिससे पीड़िता को उसकी वास्तविक और दुर्भावनापूर्ण मंशा का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ। वापसी के दौरान आरोपी ने बीच रास्ते में गाड़ी रोककर शराब खरीदी। इसके बाद उसने कार के भीतर ही खुद भी शराब का सेवन किया और युवती को भी जबरन अत्यधिक मात्रा में शराब पीने पर मजबूर कर दिया। युवती के विरोध को दरकिनार करते हुए उसे पूरी तरह नशे की हालत में ला दिया गया।

    जब पीड़िता अत्यधिक नशे के कारण खुद को संभालने की स्थिति में नहीं रही, तब आरोपी उसे इब्राहिमपटनम इलाके में स्थित एक सुनसान कमरे पर लेकर गया। वहां उसने युवती की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। होश में आने और घटना की भयावहता को समझने के बाद, बीस वर्षीय पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपने साथ हुई इस बर्बरता की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति को समझते हुए तुरंत उसकी शिकायत के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया।

    मामला दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी छात्र को चौबीस घंटे के भीतर धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ और प्राथमिक जांच के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और मामले से जुड़े तमाम वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।

  • नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सोहागपुर में स्थित शराब दुकान में चोरों ने टीन उखाड़कर अंदर घुसकर नकदी और शराब पर हाथ साफ किया, वहीं दूसरी ओर माखननगर क्षेत्र में निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी के मामले में पुलिस ने एक पूर्व कर्मचारी और कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।

    पहली घटना सोहागपुर शहर की है, जहां मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि चोरों ने दुकान की छत का टीन उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखे लगभग 25 हजार रुपए नकद तथा शराब की कई बोतलें चुरा लीं। यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित लग रही है क्योंकि चोरों ने बिना किसी को भनक लगे बड़ी आसानी से घटना को अंजाम दिया। अगली सुबह जब सेल्समैन दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा हुआ मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेन रोड पर स्थित दुकान में हुई इस तरह की वारदात ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरी घटना माखननगर थाना क्षेत्र की है, जहां निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी का मामला सामने आया। इस मामले में निर्माण कंपनी के इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लगातार सरिए गायब हो रहे हैं। जांच के दौरान शक की सुई एक पूर्व कर्मचारी बैनी प्रसाद उर्फ राजा कहार पर गई, जिसने पहले इसी निर्माण कार्य में मजदूरी की थी और कुछ समय पहले ही नौकरी छोड़ दी थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि बैनी प्रसाद ने अपने परिचित कबाड़ी अंशुल साहू के साथ मिलकर इस चोरी की योजना बनाई थी। जानकारी के अनुसार, 16 मई की रात दोनों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ऑटो की मदद से सरिए लादे और उन्हें कबाड़ी को बेच दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सरिए बरामद कर लिए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जांच जारी है और सोहागपुर की शराब दुकान में हुई चोरी के आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण स्थलों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके और स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गांव में अचानक गोलियों की गूंज से दहशत फैल गई। पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम सहोना में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जहां एक पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने गांव में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

    जानकारी के अनुसार यह विवाद लंबे समय से जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा था, जो समय के साथ इतना बढ़ गया कि स्थिति पूरी तरह हिंसक हो गई। घटना वाले दिन आरोप है कि हथियारों से लैस कई लोग गांव में पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    फायरिंग के दौरान कई घरों को भी निशाना बनाया गया, जिससे लगभग 10 से 15 मकानों की दीवारों पर गोलियों के निशान देखे गए हैं। इस हमले में कई लोगों को छर्रे लगे हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना में एक राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ गांव में आए थे और उन्होंने सीधे तौर पर निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस घटना से गांव में भय का माहौल बन गया है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में विशेष रूप से दहशत का माहौल देखा जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कुछ नाम सामने आए हैं, जिन पर फायरिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस ने इनमें से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। जमीन विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिशों को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। साथ ही गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने।

    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवादों के बढ़ते तनाव और उसके हिंसक रूप लेने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।

  • विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    ग्वालियर में एक साधारण सा दिखने वाला विवाद अचानक इतना खतरनाक रूप ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। मुरार थाना क्षेत्र के बड़ा गांव खुरैरी इलाके में देर रात जो हुआ, उसने पूरे क्षेत्र को दहशत और सन्नाटे में बदल दिया। एक छोटी सी बात, जो घूरकर देखने को लेकर शुरू हुई थी, धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला सीधे जानलेवा हिंसा तक पहुंच गया।

    रात का समय था, करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास, जब इलाके में अचानक तनाव बढ़ने लगा। पहले कहासुनी हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पथराव शुरू हो गया। माहौल पहले ही गर्म हो चुका था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई।

    इसी दौरान एक पक्ष की ओर से रायफल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि लगातार कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए अपने घरों में छिप गए और सड़कें अचानक खाली हो गईं।

    इस फायरिंग में रमेश कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद वह भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बच नहीं सके। उनके परिवार पर भी इस घटना का बड़ा असर पड़ा, क्योंकि उनकी पत्नी और दो बेटे भी गोलीबारी की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार एक बेटे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। परिवार पर अचानक आए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद की जड़ एक मामूली कहासुनी थी, लेकिन इसके पीछे पुरानी रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति रही है, जो समय-समय पर टकराव में बदलती रही है।

    पुलिस के अनुसार फायरिंग करने वाले कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इलाके में किसी भी तरह की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिया गया है।

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे विवाद किस तरह बड़े अपराध में बदल सकते हैं और कैसे एक पल का गुस्सा कई जिंदगियों को प्रभावित कर देता है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस हर पहलू को गंभीरता से देख रही है।

  • मध्यप्रदेश में बड़ी बैंक डकैती सिंगरौली में दिनदहाड़े लूट से पुलिस अलर्ट

    मध्यप्रदेश में बड़ी बैंक डकैती सिंगरौली में दिनदहाड़े लूट से पुलिस अलर्ट


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले में दिनदहाड़े उस समय सनसनी फैल गई जब हथियारबंद बदमाशों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में घुसकर बड़ी डकैती को अंजाम दिया। जिला मुख्यालय वैढ़न स्थित इस बैंक में 4 से 5 नकाबपोश बदमाश फिल्मी अंदाज में दाखिल हुए और अचानक बंदूक की नोक पर बैंक कर्मचारियों तथा वहां मौजूद ग्राहकों को बंधक बना लिया।

    घटना के दौरान बदमाशों ने बेहद तेजी से पूरे बैंक परिसर को नियंत्रण में ले लिया और कुछ ही मिनटों में कैश काउंटर से लाखों रुपये समेट लिए। पूरी वारदात इतनी सुनियोजित और तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लूट को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और बैंक परिसर को घेर लिया गया। पुलिस ने जांच के लिए बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है।

    फिलहाल पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस आसपास के इलाकों और संभावित भागने के रास्तों पर लगातार जांच कर रही है। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • लॉरेंस गैंग के सदस्य राजपाल ने नागदा में किया सरेंडर, फायरिंग की साजिश कबूली, कई बड़े मामलों से जुड़ा नाम

    लॉरेंस गैंग के सदस्य राजपाल ने नागदा में किया सरेंडर, फायरिंग की साजिश कबूली, कई बड़े मामलों से जुड़ा नाम

    नागदा । मध्य प्रदेश के नागदा में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाश राजपाल ने गुरुवार को अपने गांव रत्न्यखेड़ी में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के दौरान उसने खरगोन के एक व्यापारी के घर पर फायरिंग करवाने की बात स्वीकार की।

    राजपाल ने दावा किया कि जिस कारोबारी को निशाना बनाया गया, वह कथित रूप से छोटी बच्चियों पर गलत नजर रखता था और किसानों के साथ अत्याचार करता था। इसी कारण उसे सबक सिखाने के लिए यह वारदात कराई गई। उसने बताया कि पहले उसके साथियों ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर ‘हैरी बॉक्सर’ नामक साथी के जरिए फायरिंग करवाई गई। राजपाल का नाम मोहाली स्थित पुलिस खुफिया मुख्यालय पर हुए मोहाली रॉकेट लॉन्चर हमला में भी सामने आ चुका है।

    सरेंडर के दौरान राजपाल ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा था, जिसके चलते उसे यह कदम उठाना पड़ा। उसने यह भी कहा कि देशभर की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस उससे पहले भी पूछताछ कर चुकी हैं।

    इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने भी राजपाल और उसके साथी योगेश भाटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। दोनों के नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुके हैं, जिनमें आरोपी दीपक रंगा को पनाह देने का मामला भी शामिल है।

    सरेंडर से पहले राजपाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गलत काम करने वालों को गैंग नहीं छोड़ेगा। उसने दावा किया कि वे प्रशासन की मदद करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। जिस फायरिंग का जिक्र राजपाल कर रहा है, वह 16 मार्च को हुई थी। खरगोन के व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर तीन नकाबपोश बदमाशों ने गोलियां चलाई थीं। यह पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हुई थी और बाद में इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।

    राठौड़ परिवार के अनुसार, घटना के समय परिवार इंदौर में था, जबकि उनके पिता को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल कर धमकियां दी गईं। व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट के जरिए 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई और सबूत के तौर पर फायरिंग का वीडियो भी भेजा गया।

    राजपाल रतलाम जिले के हथनारा गांव का निवासी है। करीब दस साल पहले वह भाजपा नेता रघुनाथ सिंह बब्बू के यहां ड्राइवर था। बाद में उसने एक स्कूल भी खोला, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते 2021 में उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2022 में वह आर्म्स एक्ट के मामले में तिहाड़ जेल में करीब सात महीने तक बंद रहा। इसी दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हुआ। दिल्ली में नादिर शाह हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें बाद में वह सरकारी गवाह बन गया। इसके अलावा महाराष्ट्र के नांदेड़ के व्यापारी संजय बियानी हत्याकांड में रेकी करने और मध्य प्रदेश के सेंधवा क्षेत्र से एक व्यापारी के अपहरण के मामले में भी उसका नाम जुड़ चुका है।

  • भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश

    भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश


    भोपाल । भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुआ। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी तभी रातीबड़ के पास आरोपी ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया और आसिफ घायल हो गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    आसिफ पर पहले से 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह मर्डर घटना अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास हुई थी जहां विजय मेवाड़ा के साथ मामूली विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। विजय पेट और छाती पर कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

    इस घटना के बाद राजधानी में हिंदू संगठनों ने गुस्से में सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। शकल हिंदू समाज के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का ऐलान कर चुके थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। संगठन ने आरोपियों पर NSA और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तुरंत मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि बुलडोजर कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि अपराधियों की लिस्ट तैयार करें घर-घर सर्वे कर प्रत्येक आरोपी को जेल भेजा जाए।

    मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखें। पुलिस पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर है और मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इस मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है और आरोपी आसिफ बम के एनकाउंटर के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।

  • जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

    जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल


    हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया।

    इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।