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  • भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश

    भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश


    भोपाल । भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुआ। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी तभी रातीबड़ के पास आरोपी ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया और आसिफ घायल हो गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    आसिफ पर पहले से 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह मर्डर घटना अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास हुई थी जहां विजय मेवाड़ा के साथ मामूली विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। विजय पेट और छाती पर कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

    इस घटना के बाद राजधानी में हिंदू संगठनों ने गुस्से में सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। शकल हिंदू समाज के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का ऐलान कर चुके थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। संगठन ने आरोपियों पर NSA और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तुरंत मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि बुलडोजर कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि अपराधियों की लिस्ट तैयार करें घर-घर सर्वे कर प्रत्येक आरोपी को जेल भेजा जाए।

    मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखें। पुलिस पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर है और मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इस मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है और आरोपी आसिफ बम के एनकाउंटर के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।

  • जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

    जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल


    हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया।

    इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के राकई बसेड़ी गांव में मंगलवार रात एक भयावह वारदात सामने आई। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार अज्ञात हमलावर ने 25 वर्षीय महिला वंदना ठाकुर की हत्या कर दी। घटना स्थल पर महिला का शव गेहूं और गन्ने के खेत की मेढ़ पर पड़ा मिला जिसे देखकर आसपास के लोग और पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।

    मृतका वंदना ठाकुर अपने पति पुष्पेंद्र ठाकुर के साथ मजदूरी के काम में लगी रहती थी। वे राकई हार में रिजवान पटेल के खेत में बटाई लेकर काम करती थीं। घटना वाले दिन पुष्पेंद्र अपने किसी काम से बाहर गए हुए थे। शाम को जब वह घर लौटे तो उनकी पत्नी नजर नहीं आई। घर और आसपास ढूंढने के बाद उन्होंने टार्च जलाकर खेत की मेढ़ की ओर देखा तो उनकी पत्नी का रक्तरंजित शव वहां पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।

    घटना स्थल और शव की स्थिति से स्पष्ट था कि वंदना की हत्या सिर और मुंह पर किए गए वार से की गई है। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों और खेत में काम करने वालों ने भी पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही करेली थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में अपराध क्रमांक 232/26 के तहत धारा 103(1) 238(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मृतका के सिर और मुंह पर कई वार के निशान मिले हैं जिससे हत्या की शंका पुष्टि हुई है।

    पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित सुराग जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल सका है कि हत्या का कारण क्या था और किसने यह घटना अंजाम दी। मृतका के परिवार वालों का कहना है कि वंदना मेहनत करने वाली और शांत स्वभाव की महिला थी। मृतका के भाई सोनू ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बहन मजदूरी करती थी और कुछ लोगों पर हत्या का शक भी जताया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने थाने की टीम को जरूरी मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश दिए ताकि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। पूरा क्षेत्र इस खौफनाक घटना से स्तब्ध है। स्थानीय लोग और पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही हैं। हत्या की यह वारदात यह सवाल भी खड़ा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

  • सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार

    सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार


    दतिया/ सेवढ़ा। अंगद सरकार मंदिर के पास स्थित व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 17 फरवरी की यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा बताई जा रही है। हत्या के मुख्य आरोपी रवि बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने अखलेश यादव पर हमला करने के लिए मौका देख कर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

    घटना के समय क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। वारदात का तरीका और स्थान यह संकेत दे रहे थे कि हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। मंदिर परिसर के पास हत्या के दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तुरंत ही क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना स्थल और साक्ष्यों को देखकर हमें शक हुआ कि यह किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा है। आरोपी की पहचान और उसके इरादों का पता लगाने के लिए तकनीकी और फील्ड साक्ष्यों का उपयोग किया गया। पुलिस ने लगातार दबिश दी और 25 फरवरी को पुख्ता सूचना मिलने पर रवि बघेल को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी के चलते की गई थी। उसने स्पष्ट किया कि उसका मकसद अखलेश यादव को रास्ते से हटाना था और मौका मिलते ही उसने पत्थर से हमला कर हत्या को अंजाम दिया। इस खुलासे के बाद इलाके में कुछ हद तक राहत महसूस की गई, क्योंकि मुख्य आरोपी अब पकड़ में आ चुका है।

    पुलिस फिलहाल यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या में और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रवि बघेल के अलावा अन्य किसी की भूमिका है या नहीं, इसे लेकर छानबीन जारी है। सभी पहलुओं पर ध्यान देकर हम सुनिश्चित करेंगे कि न्याय के मार्ग में कोई बाधा न आए।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मामले से संबंधित किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें ताकि जांच में तेजी लाई जा सके। यह हत्या मामले ने एक बार फिर इस बात को स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत रंजिश कभी-कभी जानलेवा हो सकती है। 

  • बीमा की गलत बिक्री अब अपराध: बैंकों को वित्त मंत्री की दो टूक चेतावनी, 1 जुलाई से सख्त नियम

    बीमा की गलत बिक्री अब अपराध: बैंकों को वित्त मंत्री की दो टूक चेतावनी, 1 जुलाई से सख्त नियम


    नई दिल्ली । में बैंकिंग क्षेत्र को स्पष्ट संदेश देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा सहित अन्य वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री मिस-सेलिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि भ्रामक तरीके से बीमा बेचने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों को अपने मूल कार्य जमा जुटाने और ऋण देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए न कि ग्राहकों पर अनावश्यक बीमा उत्पाद थोपने पर।

    मिस-सेलिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
    वित्त मंत्री ने कहा कि कई मामलों में ग्राहकों को ऐसे बीमा उत्पाद बेचे जा रहे हैं जिनकी उन्हें जरूरत ही नहीं होती। खासकर गृह ऋण के मामलों में संपत्ति पहले से गिरवी होने के बावजूद अतिरिक्त बीमा लेने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि अब स्पष्ट संदेश जाना चाहिए गलत बिक्री कानूनन अपराध है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

    1 जुलाई से लागू होंगे कड़े प्रावधान

    आरबीआई ने 11 फरवरी को मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया था। प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि किसी ग्राहक को भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद बेचा जाता है तो संबंधित बैंक को पूरी राशि लौटानी होगी और नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इन नियमों पर 4 मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई थीं और अब 1 जुलाई से कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे। इससे ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    नियामकीय खामियों पर भी उठे सवाल

    सीतारमण ने माना कि अब तक आरबीआई और बीमा नियामक के बीच समन्वय की कमी के कारण कुछ मामलों में ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि नियामकीय अंतर रेगुलेटरी गैप का फायदा उठाकर गलत बिक्री की घटनाएं हुईं जिसे अब सख्ती से रोका जाएगा।

    जमा और कासा मजबूत करें बैंक

    वित्त मंत्री ने बैंकों को सलाह दी कि वे गैर-बैंकिंग उत्पादों की आक्रामक बिक्री से बचें और कम लागत वाली जमा व कासा चालू खाता-बचत खाता आधार को मजबूत करें। ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों और उनकी वित्तीय क्षमता को समझना प्राथमिकता होनी चाहिए।

    इस बीच आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि बैंकिंग प्रणाली में जमा वृद्धि दर लगभग 12.5% है जबकि ऋण वृद्धि करीब 14.5% बनी हुई है। फरवरी 2025 से अब तक रेपो दर में 1.25% की कटौती कर इसे 5.25% किया जा चुका है। हालांकि हालिया समीक्षा में वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

    आरबीआई ने भरोसा दिलाया है कि बाजार में पर्याप्त नकदी बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे। स्पष्ट है कि 1 जुलाई के बाद बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परीक्षा शुरू होने जा रही है।

  • पोरसा में सराफा व्यापारी के बैग से कटकर निकले डेढ़ लाख, सीसीटीवी में दो संदिग्ध, UP के पिनाहट में दबिश

    पोरसा में सराफा व्यापारी के बैग से कटकर निकले डेढ़ लाख, सीसीटीवी में दो संदिग्ध, UP के पिनाहट में दबिश


    मुरैना । मुरैना के पोरसा कस्बे में सराफा व्यापारी के बैग से डेढ़ लाख रुपए चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलकत्ता के दासपुर निवासी 38 वर्षीय सराफा व्यापारी शेख शाहरुल, जो लंबे समय से मुरैना में रहकर गहने बनाने का काम कर रहे हैं, शनिवार को पोरसा कस्बे में एक सराफा दुकान से पेमेंट लेकर वापस मुरैना लौट रहे थे। बताया गया है कि वे पोरसा के संतोष वर्मा की दुकान से डेढ़ लाख रुपए लेकर यात्री बस में सवार होने ही लगे थे कि तभी पीछे से दो लोग भी बस में चढ़े।

    इसी दौरान बदमाशों ने व्यापारी के बैग की चैन काटकर उसमें रखे 1.5 लाख रुपए निकाल लिए और घटनास्थल से फरार हो गए। घटना की जानकारी होते ही व्यापारी ने तुरंत बस से उतरकर पोरसा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पोरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दो संदिग्ध दिखाई दिए। दोनों की पहचान व्यापारी ने भी की है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी शातिराना ढंग से बैग की चैन काटते हैं और रुपए निकालकर मौके से भागते हैं। यह वारदात एक ऐसे समय में हुई जब व्यापारी बस में चढ़ रहे थे, इसलिए बदमाशों को पुलिस ने “फुर्तीला और योजनाबद्ध” बताया है।

    एसडीओपी रवि भदौरिया ने बताया कि पोरसा में सराफा व्यापारियों से वसूली के दौरान यह घटना हुई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पोरसा से लगे उत्तर प्रदेश के पिनाहट इलाके में दबिश शुरू कर दी है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में विभिन्न जगहों के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है और स्थानीय स्तर पर पूछताछ भी की जा रही है।

    मामला बढ़ता देख व्यापारी और भी सावधान दिखे। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से मुरैना में सराफा व्यापारियों के लिए गहने बनाने का काम कर रहे हैं। इसी काम के भुगतान के लिए वह शनिवार को पोरसा पहुंचे थे और शाम करीब 4 बजे पैसा लेकर बस में चढ़ रहे थे। लेकिन इसी दौरान यह घटना घटी, जिससे उनके लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने संदिग्धों को देखा हो या किसी भी तरह की जानकारी हो तो तुरंत थाने को सूचित करें। साथ ही यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि यात्रा के दौरान नकदी या महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को सुरक्षित रखें और बैग की चैन तथा लॉक का विशेष ध्यान रखें। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पिनाहट क्षेत्र में दबिश जारी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • विदिशा में बैलगाड़ी बारात का जादू, भोपाल में काम वाली की संतान से लूट की सनसनी

    विदिशा में बैलगाड़ी बारात का जादू, भोपाल में काम वाली की संतान से लूट की सनसनी

    विदिशा में आज एक अनोखी बारात निकली जिसने सबका दिल जीत लिया। आधुनिक जमाने में जहां बारातें कार और बाइक्स से निकलती हैं, वहीं सिरोंज के मंडी रोड पर निकली इस बारात में पूरी तरह पुराने रीति-रिवाजों की झलक थी। आगे घोड़े पर सवार दूल्हा राजा की शानदार सवारी और पीछे फूलों से सजाई गई 10 से 12 बैलगाड़ियां, जिनमें बाराती बैठकर पुराने जमाने की यादें ताजा कर रहे थे। बैलगाड़ियां धीरे-धीरे चल रही थीं और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ माहौल मनमोहक बन रहा था।

    दूल्हा डॉ. प्रशांत ने बताया कि उनके पापा ने इस बारात की प्लानिंग दो महीने पहले से की थी। उन्होंने कहा कि यह बारात अनोखी और सबके लिए यादगार रही। इस बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यूजर्स इसे सादगी और संस्कृति की जीत बता रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि आधुनिकता के बीच भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना कितना खूबसूरत अनुभव है।

    वहीं, भोपाल में टीटी नगर थाना इलाके के पॉश कॉलोनी 98 क्वार्टर में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी काम वाली बाई का बेटा निकला। जानकारी के अनुसार, आरोपी गोलू रैकवार अपने दोस्त के साथ पीड़िता के घर में घुसा और हाथ-पैर बांधकर चाकू की नोक पर अलमारी खोलने को कहा। चाबी देने से इंकार करने पर उन्होंने रॉड की मदद से अलमारी तोड़ी और डेढ़ लाख रुपए नकद, मोबाइल और लैपटॉप लेकर भाग गए।

    पीड़िता बीमार होने के कारण घर पर थी और माइनिंग विभाग में कार्यरत हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटे में आरोपी को पकड़ लिया। यह आरोपी कुछ दिन पहले 307 के केस में जमानत पर आया था। पुलिस अब आरोपी से नकदी और अन्य सामान की रिकवरी के बाद पूछताछ कर रही है। इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    मध्यप्रदेश में आज दो बिल्कुल अलग रंग देखने को मिले, विदिशा की बैलगाड़ी बारात ने संस्कृति और परंपरा का जश्न मनाया, वहीं भोपाल की लूट ने सुरक्षा और अपराध की गंभीरता को उजागर किया।

  • ओडिशा में मानवता को शर्मसार, 9वीं की छात्रा से सहपाठियों ने किया गैंगरेप, वीडियो बनाकर दी धमकी

    ओडिशा में मानवता को शर्मसार, 9वीं की छात्रा से सहपाठियों ने किया गैंगरेप, वीडियो बनाकर दी धमकी


    भुवनेश्वर/बलांगीर । ओडिशा के बलांगीर जिले से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यहां 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ उसी की कक्षा में पढ़ने वाले पांच छात्रों और एक अन्य युवक ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इस जघन्य अपराध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने न सिर्फ इस घटना को अंजाम दिया, बल्कि इसे वीडियो में रिकॉर्ड कर पीड़िता को धमकाया भी, ताकि वह किसी को कुछ न बता सके। हालांकि, आरोपियों की एक बड़ी चूक के कारण यह मामला उजागर हो गया, जब उनमें से एक ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।

    पुलिस के अनुसार, यह घटना बलांगीर जिले के एक इलाके में हुई। पीड़िता और आरोपी सभी एक ही स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते थे। बताया जा रहा है कि छात्रा को बहला-फुसलाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। इस दौरान एक अन्य युवक भी मौके पर मौजूद था, जिसने इस अपराध में सहयोग किया। घटना के बाद आरोपियों ने पूरी वारदात का वीडियो बनाया और छात्रा को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उसने किसी को भी इस बारे में बताया तो वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

    डर और मानसिक दबाव के चलते नाबालिग छात्रा कुछ समय तक चुप रही। लेकिन मामला तब सामने आया, जब आरोपियों में से एक ने वही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही यह पीड़िता के परिवार तक पहुंच गया। वीडियो देखकर परिवार सदमे में आ गया और तुरंत बेटी से सच्चाई जानने की कोशिश की। पूछे जाने पर छात्रा फूट-फूटकर रो पड़ी और पूरी घटना के साथ-साथ धमकियों के बारे में भी बताया।

    परिवार ने बिना किसी देरी के बलांगीर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर वीडियो को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो एक्ट समेत भारतीय दंड संहिता की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।

    बलांगीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “हम वीडियो में नजर आ रहे छह अपराधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। वीडियो फुटेज और पीड़िता के परिवार द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और आगे की जांच जारी है।” पुलिस ने यह भी कहा कि डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों द्वारा इस तरह का अमानवीय कृत्य समाज के लिए बेहद चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि बच्चों और किशोरों में नैतिक शिक्षा और संवेदनशीलता की कितनी कमी हो गई है।

  • गर्लफ्रेंड के शौक और अय्याशी के लिए बने लुटेरे: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दंपती को लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, 500 कैमरों ने खोला राज

    गर्लफ्रेंड के शौक और अय्याशी के लिए बने लुटेरे: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दंपती को लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, 500 कैमरों ने खोला राज


    रतलाम। अपनी प्रेमिकाओं पर पैसे उड़ाने और शराब की लत को पूरा करने के लिए अपराध की राह चुनने वाले एक शातिर गिरोह का रतलाम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक दंपती के साथ डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो शादीशुदा हैं जबकि चार कुंवारे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि लूट की रकम का बड़ा हिस्सा आरोपियों ने अपनी अय्याशी और गर्लफ्रेंड पर खर्च कर दिया। पुलिस ने इनके पास से लूटा गया कुछ माल और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की है।

    अवैध कट से पीछा कर दंपती को बनाया निशाना वारदात 5 जनवरी 2026 की है जब सांवलिया रूंडी निवासी राकेश मईड़ा अपनी पत्नी संगीता के साथ बाइक पर सवार होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के वालारूंडी क्षेत्र में एक अवैध कट से दाखिल हुए थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू किया। सुनसान जगह देखकर बदमाशों ने दंपती के आगे अपनी बाइक अड़ा दी और डरा-धमकाकर उन्हें रोक लिया। लुटेरों ने दंपती से 23 हजार 900 रुपये नकद मोबाइल फोन और चांदी की दो चूड़ियां लूट लीं और फरार हो गए। चूंकि आरोपियों की संख्या पांच से अधिक थी इसलिए पुलिस ने इसे डकैती की श्रेणी में रखते हुए मामला दर्ज किया।

    हॉस्टल में मिली सिम और 500 कैमरों का जाल एसपी अमित कुमार के निर्देशन और प्रशिक्षु डीएसपी अनीशा जैन के नेतृत्व में गठित टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर भागने के रास्तों तक करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी बीच पुलिस को एक अहम सुराग मिला। लूटे गए मोबाइल की सिम सागोद रोड स्थित एक हॉस्टल के पास सक्रिय पाई गई। जब पुलिस वहां पहुँची तो पता चला कि एक छात्र उस सिम का इस्तेमाल कर रहा है जिसे वह सिम सड़क पर गिरी हुई मिली थी। इस सुराग ने पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनके भागने की दिशा की पुष्टि कर दी।

    तालाब किनारे झोपड़ी में छिपा था गिरोह कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी बांगरोद क्षेत्र में एक तालाब की पाल पर झोपड़ियां बनाकर छिपे हुए हैं। पुलिस ने दबिश देकर कैलाश फतेहसिंह उर्फ फतिया दिनेश उर्फ कालू बाबूलाल सतीश और लखन को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लूट के पैसों से शराब पीते थे और अपनी गर्लफ्रेंड्स के महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से महज 6,350 रुपये ही बरामद हुए क्योंकि शेष राशि वे अय्याशी में उड़ा चुके थे। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस ने बाजना और बांसवाड़ा राजस्थान क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों को जेल भेज दिया है। इनमें कैलाश 24 फतेहसिंह 25 दिनेश 22 बाबूलाल 20 सतीश 24 और लखन 20 शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने चांदी की चूड़ियां कीमत 6 हजार और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। एसपी अमित कुमार ने इस सफलता के लिए टीम की सराहना की है।

  • युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध

    युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध


    मुरैना । मुरैना जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पचौरी को उनके घर से उठा लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पचौरी ने 10 तारीख को थाने के घेराव का ऐलान किया था। पचौरी और उनके समर्थक शहर में बढ़ते अपराधों, खासकर लूट, डकैती और हत्याओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस अपराधों पर काबू पाने में नाकाम रही है और इसका असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

    इस घेराव से पहले, पुलिस ने अपनी ओर से सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक पचौरी और उनके 3-4 समर्थकों को हिरासत में ले लिया। यह कदम तब उठाया गया जब पचौरी और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, खासकर हाल ही में हुए अंकित माहौर हत्याकांड के बाद। पचौरी का आरोप था कि पुलिस ने सही तरीके से इस मामले की जांच नहीं की, जिससे अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।

    युवा कांग्रेस नेता का यह भी कहना था कि बढ़ते अपराधों ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है और पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा। इससे पहले, पचौरी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने लूटपाट और डकैती के मामलों में लापरवाही बरती है, जिससे अपराधियों को खुला माहौल मिल रहा है। पचौरी का आंदोलन पुलिस की नीतियों के खिलाफ था और इसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला था। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा में असफल रही है।

    हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से नकारा और कहा कि वे सभी मामलों की जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम ने मुरैना में राजनीतिक माहौल को और भी गरम कर दिया है। पुलिस ने अभिषेक पचौरी और उनके समर्थकों को रातोंरात हिरासत में लेकर यह संदेश दिया है कि अब कानून व्यवस्था के खिलाफ कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर अब राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।