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  • ग्वालियर गैंगवार35 गोलियां चलीं. 10 हजार के इनामी बदमाश की गिरफ्तारी

    ग्वालियर गैंगवार35 गोलियां चलीं. 10 हजार के इनामी बदमाश की गिरफ्तारी


    ग्वालियर। ग्वालियर में दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार में 35 गोलियां चली थीं। इस घटना में हवलदार के बेटे विजय गौड़ और एक अन्य युवक हाकिम सिंह बघेल घायल हो गए थे। यह हमलावर बदमाशों के गैंग रिंकू कमरिया से जुड़े थे जो वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गुस्से में थे। अब इस गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    गैंगवार और गोलियां

    यह घटना रविवार रात की थी जब विजय गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह के साथ कार से घासमंडी क्षेत्र में जा रहे थे। वापस लौटते समय उनका सामना रिंकू कमरिया गैंग से हुआ जिसमें अन्नी कमरिया छोटू कमरिया मनीष यादव चेतन पांडेय प्रियांशु अनिल कमरिया कालू कमरिया और रमेश कमरिया शामिल थे। बदमाशों ने कार को घेर लिया और 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें 35 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में विजय गौड़ को तीन और हाकिम सिंह को एक गोली लगी। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे।

    लेन-देन का विवाद और रिंकू कमरिया

    पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। विजय गौड़ ने पुलिस को बताया कि रिंकू कमरिया उससे कई बार पैसे मांगने के बावजूद रुपए नहीं लौटा रहा था। उसने धमकी दी थी कि अगर पैसे मांगे तो वह गोली मार देगा। रिंकू कमरिया जो एक लिस्टेड बदमाश है पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है जिनमें फायरिंग मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी और फरार आरोपी

    पुलिस को सूचना मिली कि मनीष यादव जो इस मामले में मुख्य आरोपी था घासमंडी चौराहे के पास देखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की। जब मनीष यादव ने पुलिस को देखा तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। मनीष यादव की पहचान बुलबुलपुरा मिर्जापुर के निवासी के रूप में हुई।इस गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि एक और आरोपी राहुल फौजी अब भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।ग्वालियर में हुए इस गैंगवार ने न केवल पुलिस की सतर्कता को चुनौती दी बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी समूहों में वर्चस्व की लड़ाई और लेन-देन के विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं।

    इस घटना के बाद पुलिस अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
    में दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार में 35 गोलियां चली थीं। इस घटना में हवलदार के बेटे विजय गौड़ और एक अन्य युवक हाकिम सिंह बघेल घायल हो गए थे। यह हमलावर बदमाशों के गैंग रिंकू कमरिया से जुड़े थे जो वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गुस्से में थे। अब इस गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    गैंगवार और गोलियां

    यह घटना रविवार रात की थी जब विजय गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह के साथ कार से घासमंडी क्षेत्र में जा रहे थे। वापस लौटते समय उनका सामना रिंकू कमरिया गैंग से हुआ जिसमें अन्नी कमरिया छोटू कमरिया मनीष यादव चेतन पांडेय प्रियांशु अनिल कमरिया कालू कमरिया और रमेश कमरिया शामिल थे। बदमाशों ने कार को घेर लिया और 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें 35 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में विजय गौड़ को तीन और हाकिम सिंह को एक गोली लगी। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे।

    लेन-देन का विवाद और रिंकू कमरिया

    पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। विजय गौड़ ने पुलिस को बताया कि रिंकू कमरिया उससे कई बार पैसे मांगने के बावजूद रुपए नहीं लौटा रहा था। उसने धमकी दी थी कि अगर पैसे मांगे तो वह गोली मार देगा। रिंकू कमरिया जो एक लिस्टेड बदमाश है पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है जिनमें फायरिंग मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी और फरार आरोपी

    पुलिस को सूचना मिली कि मनीष यादव जो इस मामले में मुख्य आरोपी था घासमंडी चौराहे के पास देखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की। जब मनीष यादव ने पुलिस को देखा तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। मनीष यादव की पहचान बुलबुलपुरा मिर्जापुर के निवासी के रूप में हुई।इस गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि एक और आरोपी राहुल फौजी अब भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।

    ग्वालियर में हुए इस गैंगवार ने न केवल पुलिस की सतर्कता को चुनौती दी बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी समूहों में वर्चस्व की लड़ाई और लेन-देन के विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं। इस घटना के बाद पुलिस अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और सभी फरारआरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। में दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार में 35 गोलियां चली थीं। इस घटना में हवलदार के बेटे विजय गौड़ और एक अन्य युवक हाकिम सिंह बघेल घायल हो गए थे। यह हमलावर बदमाशों के गैंग रिंकू कमरिया से जुड़े थे जो वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गुस्से में थे। अब इस गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    गैंगवार और गोलियां

    यह घटना रविवार रात की थी जब विजय गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह के साथ कार से घासमंडी क्षेत्र में जा रहे थे। वापस लौटते समय उनका सामना रिंकू कमरिया गैंग से हुआ जिसमें अन्नी कमरिया छोटू कमरिया मनीष यादव चेतन पांडेय प्रियांशु अनिल कमरिया कालू कमरिया और रमेश कमरिया शामिल थे। बदमाशों ने कार को घेर लिया और 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें 35 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में विजय गौड़ को तीन और हाकिम सिंह को एक गोली लगी। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे।

    लेन-देन का विवाद और रिंकू कमरिया

    पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। विजय गौड़ ने पुलिस को बताया कि रिंकू कमरिया उससे कई बार पैसे मांगने के बावजूद रुपए नहीं लौटा रहा था। उसने धमकी दी थी कि अगर पैसे मांगे तो वह गोली मार देगा। रिंकू कमरिया जो एक लिस्टेड बदमाश है पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है जिनमें फायरिंग मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी और फरार आरोपी

    पुलिस को सूचना मिली कि मनीष यादव जो इस मामले में मुख्य आरोपी था घासमंडी चौराहे के पास देखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की। जब मनीष यादव ने पुलिस को देखा तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। मनीष यादव की पहचान बुलबुलपुरा मिर्जापुर के निवासी के रूप में हुई।

    इस गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि एक और आरोपी राहुल फौजी अब भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।ग्वालियर में हुए इस गैंगवार ने न केवल पुलिस की सतर्कता को चुनौती दी बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी समूहों में वर्चस्व की लड़ाई और लेन-देन के विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं। इस घटना के बाद पुलिस अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

  • इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी

    इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी


    इंदौर । इंदौर शहर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला एक गिरोह पकड़ा गया है। विजयनगर थाना क्षेत्र में इस गिरोह के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें 86 वर्षीय बुजुर्ग का एटीएम कार्ड बदलकर आरोपियों ने खाते से 40 हजार रुपये की चोरी की। ये ठगी 2 जनवरी को हुई थी जब बुजुर्ग जगदीश पाल भमोरी स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर बैलेंस चेक करने पहुंचे थे।

    ठगी के आरोपी दो युवक थे जिन्होंने बुजुर्ग से बातचीत करने के दौरान उनका पिन नंबर देख लिया और एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपियों में से एक युवक ने बुजुर्ग को यह कहकर गुमराह किया कि एटीएम मशीन से पैसे नहीं निकल रहे हैं। इसके बाद बुजुर्ग बिना किसी शक के घर लौट गए। कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे जिससे ठगी का खुलासा हुआ।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 40 हजार रुपये निकाल लिए। जब पीड़ित ने अपना कार्ड चेक किया तो वह किसी कैलाश नामक व्यक्ति के नाम का निकला। इसके बाद बुजुर्ग ने विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और सोमवार को एफआईआर दर्ज की गई।

    इसी दिन परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की वारदात हुई थी जिसमें कलेक्टर कार्यालय से सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश जोशी को निशाना बनाया गया था। इस मामले में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था रोहित भदौरिया निवासी भिंड हर्षवर्धन चौहान और अंकित परिहार दोनों निवासी मैनपुरी। पुलिस ने इनके कब्जे से एक बाइक भी बरामद की। पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि विजयनगर में बुजुर्ग के साथ हुई ठगी में भी वही तीनों आरोपी शामिल थे।

    दोनों घटनाओं का तरीका और समय एक जैसा होने से यह गिरोह की भूमिका पुख्ता हुई है। पुलिस जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने शहर के अन्य इलाकों में भी इस तरह की ठगी की है या नहीं।पुलिस ने नागरिकों विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे एटीएम पर किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें और अपना पिन नंबर किसी को न बताएं। यह मामला एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों और सुरक्षा में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करता है।

  • ग्वालियर में एआई की मदद से महिला की लाश की पहचान पुलिस ने स्कैच से संदेही तक पहुंचा

    ग्वालियर में एआई की मदद से महिला की लाश की पहचान पुलिस ने स्कैच से संदेही तक पहुंचा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जहां पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की मदद से एक महिला की लाश की पहचान की। यह महिला गोला का मंदिर स्थित कटारे फार्म में झाड़ियों के बीच अर्द्धनग्न अवस्था में मृत पाई गई थी महिला का सिर पत्थर से कुचला गया था जिससे उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही थी।

    पुलिस ने एआई तकनीक का उपयोग कर महिला का स्कैच तैयार कराया। इस स्कैच के आधार पर जब पुलिस ने स्थानीय लोगों से संपर्क किया तो उन्होंने महिला की पहचान “कल्लो उर्फ कालीबाई” के रूप में की। वह अक्सर उस क्षेत्र में घूमती रहती थी और वहां के स्थानीय लोग उसे पहचानते थे।

    स्कैच के आधार पर पुलिस ने फिर से सीसीटीवी फुटेज की जांच की और देखा कि महिला एक युवक के साथ घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर सड़क पर चलती हुई दिखाई दी थी। पुलिस ने इस युवक को प्रमुख संदेही मानते हुए उसकी तलाश शुरू की। संदेही की जैकेट भी घटनास्थल से मिले महिला के कपड़ों के पास पाई गई जिससे पुलिस को और सबूत मिले हैं।

    इस खोज ने पुलिस को मामले की दिशा में महत्वपूर्ण मदद दी है और इस जघन्य हत्या के आरोपी तक पहुंचने के प्रयासों को तेज किया है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूरी कोशिश करेंगे।यह घटना ग्वालियर के कटारे फार्म में सोमवार को हुई थी जब महिला की लाश झाड़ियों में पाई गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी और अब एआई तकनीक के सहारे इस हत्याकांड के पीछे के रहस्यों को सुलझाने में मदद मिल रही है।

  • तमिलनाडु में खौफनाक वारदात: अज्ञात लोगों ने 53 वर्षीय व्यक्ति और उनकी लिव-इन पार्टनर को जिंदा जलाया

    तमिलनाडु में खौफनाक वारदात: अज्ञात लोगों ने 53 वर्षीय व्यक्ति और उनकी लिव-इन पार्टनर को जिंदा जलाया


    नई दिल्ली । तिरुवनमलाई जिले के पक्कीरिपालयम गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई हैजहां अज्ञात लोगों ने 53 वर्षीय किसान पी शक्तिवेल और उनकी 40 वर्षीय लिव-इन पार्टनर एस अमृतम को झोपड़ी में बंद कर आग लगा दीजिससे दोनों की मौत हो गई। यह वारदात पुलिस के लिए एक चुनौती बन गई हैक्योंकि हमलावरों का कोई सुराग अभी तक नहीं मिल पाया है।

    पुलिस के मुताबिकघटना शनिवार सुबह की है जब गांव के लोगों ने झोपड़ी में आग लगने की सूचना दी। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचीलेकिन शवों की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया। शवों की पहचान बाद में जांच के दौरान की गईऔर पता चला कि मृतक शक्तिवेल और अमृतम पिछले तीन सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।

    हमलावरों की पहचान और जांच

    चेंगम के पुलिस इंस्पेक्टर एम सेल्वराज ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि शक्तिवेल अपनी पत्नी एस तमिलारसी से तीन साल पहले अलग हो गए थे और अब वह बेंगलुरु में अपने बच्चों के साथ रह रही हैं। वहींअमृतम भी अपने पति से अलग हो चुकी थीं। दोनों के बीच पिछले तीन साल से संबंध थे और उनके भी दो बेटे और एक बेटी है।पुलिस ने दोनों के पूर्व जीवनसाथियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी हैऔर यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि क्या उनके पुराने रिश्तों का इस खौफनाक वारदात से कोई संबंध है।

    पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई

    पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर गहन जांच कीजिसमें खोजी कुत्ते की मदद भी ली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा हैलेकिन पुलिस का मानना है कि यह हत्या का मामला है।पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया है और मामले की जांच तेज कर दी है। गांव में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल बना हुआ हैऔर लोग इस प्रकार की वारदात से डर गए हैं।

  • पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा

    पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के एक मामले में कोर्ट ने गूगल सर्च हिस्ट्री को अहम साक्ष्य मानते हुए पति राकेश गायरी को आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये की जुर्माना सजा सुनाई है। रतलाम की प्रधान सत्र न्यायाधीश निना आशापुरे ने यह फैसला सुनाया जिसमें गूगल पर सर्च किए गए ‘गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम’ के बारे में जानकारी को महत्वपूर्ण सबूत माना गया।

    पति और पत्नी के बीच विवाद

    जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका बुलबुल और उसके पति राकेश के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। बुलबुल को राकेश का आदत से शराब पीना और देर रात घर लौटने की आदत बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। यही विवाद राकेश और बुलबुल के रिश्ते में तनाव का कारण बनता था। शराब पीने को लेकर बार-बार विवाद होने के बाद राकेश ने एक दिन गुस्से में आकर बुलबुल के साथ मारपीट की और फिर उसे गला दबाकर हत्या कर दी।

    गूगल सर्च हिस्ट्री से खुला सच

    हत्या के बाद राकेश ने पत्नी के शरीर पर गला दबाने के निशान मिटाने के लिए गूगल पर “गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम” की तलाश की। यह सर्च उसकी गहरी चिंता को दर्शाता था क्योंकि वह हत्या के बाद निशान को छिपाना चाहता था। यही सर्च हिस्ट्री अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी जिससे राकेश की अपराध में संलिप्तता साबित हुई। इस साक्ष्य के आधार पर उसे सजा सुनाई गई।

    कोर्ट का फैसला और सजा

    कोर्ट ने राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री शव पर पाई गई चोटों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई और साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है। इस मामले में कोर्ट ने तकनीकी साक्ष्यों के महत्व को भी स्वीकार किया जो आजकल के समय में अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। गूगल सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्य अब अपराधों को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं जैसे कि इस मामले में हुआ।

    रतलाम में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री के आधार पर सजा मिलना इस बात का उदाहरण है कि कैसे डिजिटल साक्ष्य अब अपराधियों को पकड़ने में अहम साबित हो रहे हैं। यह घटना घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून के सख्त कदमों और तकनीकी सहायता से जांच के महत्व को उजागर करती है।

  • दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश  बर्बर पिटाई के बाद मौत  पड़ोसी गिरफ्तार

    दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश बर्बर पिटाई के बाद मौत पड़ोसी गिरफ्तार


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां एक 9 साल की मासूम बच्ची को पड़ोसी की हैवानियत का शिकार होना पड़ा। उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को यह जघन्य अपराध हुआ।

    छुट्टी पर नानी के घर आई थी बच्ची

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल की छुट्टी होने के कारण पीड़ित बच्ची अपनी दो बड़ी बहनों के साथ अपनी नानी के घर आई हुई थी। रविवार के दिन नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं जबकि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    पड़ोसी ने रची झूठ की कहानी

    इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रियाज खान नामक युवक अपने घर से बच्ची को बेहोशी की हालत में उठाकर लाया। उसने परिवार वालों को गुमराह करने की कोशिश करते हुए यह झूठी कहानी सुनाई कि बच्ची छत से गिर गई है। लेकिन जब परिवार ने बच्ची को देखा तो वे हतप्रभ रह गए। बच्ची का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और उसके सिर नाक व आंख पर गहरी चोटें थीं जिनसे खून बह रहा था। परिवार तुरंत बच्ची को खाचरोद अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रतलाम रेफर कर दिया। रतलाम के अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

    चिल्लाने पर बोरी में भरकर पीटा

    पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी रियाज खान के अपराध की पूरी क्रूरता सामने आई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोसी रियाज उसे बहला-फुसलाकर अपने घर में ले गया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।

    जब बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी और हाथ-पैर पटकने लगी तो गुस्से में आकर आरोपी ने उसे धक्का दे दिया जिससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। उसने बच्ची को एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी ने बच्ची को मरा समझकर उसे वहीं छोड़ दिया और घर से बाहर निकल गया।कुछ देर बाद जब वह लौटा तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। इसके बाद उसने अपनी गलती छिपाने के लिए बच्ची को उसकी नानी के पास ले जाकर छत से गिरने का मनगढ़ंत किस्सा सुनाया।

    पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

    डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि बच्ची को लगी चोटें छत से गिरने से नहीं हुई हैं बल्कि किसी भारी वस्तु से पीटने के कारण लगी हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को रियाज खान के घर भेजकर सबूत जुटाए। सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने रियाज को संदिग्ध मानकर उससे पूछताछ शुरू की।
    पुलिस की सख्ती पर आरोपी टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी रियाज ने स्वीकार किया कि घर में कोई नहीं थाऔर बच्ची को अकेला पाकर उसने गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने उसे धक्का दिया और बाद में बोरी में भरकर मोगरी से पीटा। पुलिस ने आरोपी रियाज खान को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

  • महाराष्ट्र: सिर से टोपी को लेकर हुआ झगड़ा, बीच-बचाव करने गई गर्भवती महिला के बच्चे की गर्भ में मौत

    महाराष्ट्र: सिर से टोपी को लेकर हुआ झगड़ा, बीच-बचाव करने गई गर्भवती महिला के बच्चे की गर्भ में मौत


    महाराष्ट्र। के कल्याण, मोहने गांव के लहूजीनगर इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक छोटी सी बात पर शुरू हुई पड़ोसियों की लड़ाई ने एक मासूम की जान ले ली। आरोप है कि लड़ाई रोकने गई एक गर्भवती महिला पर हमला कर उसके पेट में लात मारी गई, जिसके परिणामस्वरूप गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

    मामूली बहस बनी जानलेवा हमला
    जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक पड़ोसी द्वारा दूसरे के सिर से टोपी उतारने को कहने जैसी मामूली बात पर हुई। यह बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसी दौरान, जब एक गर्भवती महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो कथित तौर पर आरोपी ने उसके पेट में जोरदार लात मार दी। इस क्रूर हमले के कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके गर्भस्थ शिशु की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई।

    पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
    इस हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। साथ ही, क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं के कारण स्थानीय पुलिस की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस द्वारा तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस तरह की घटनाओं का बार-बार होना कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है।

    अतिरिक्त खबर का अंश (संबंधित जानकारी)
    राजनीतिक बयान: इसी बीच, महाराष्ट्र में राजनीतिक गलियारों से एक खबर यह भी है, जहाँ शिवसेना नेता उदय सामंत ने उद्धव ठाकरे से सवाल किया है, “क्या आपमें कांग्रेस के उपमुख्यमंत्रियों से इस्तीफा मांगने की हिम्मत है?”

    सड़क हादसा: महाराष्ट्र के बीड में एक डीजल टैंकर से कार टकराने के बाद हाइवे पर धुएं का गुबार छा गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बचा।

  • 22KM तक पीछा कर युवक पर जानलेवा हमला: भोपाल में पुरानी रंजिश में मारी गोली पत्नी-बहन को भी चाकू

    22KM तक पीछा कर युवक पर जानलेवा हमला: भोपाल में पुरानी रंजिश में मारी गोली पत्नी-बहन को भी चाकू


    भोपाल  के ईटखेड़ी में एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ पुरानी रंजिश में एक युवक को बेरहमी से गोली मारी गई और चाकुओं से गोदा गया। दर्दनाक घटनाक्रम: हमले का शिकार हुए दानिश अली अब होश में हैं और उन्होंने घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात वह पत्नी के साथ दोस्त की रिसेप्शन पार्टी से लौट रहे थे। ईटखेड़ी कलारी के पास जब उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो रोकी तभी पहले दो बाइक सवार युवक आए और संदेह होने पर वह कार में बैठ गए। इसके तुरंत बाद दो और बाइकों पर सवार होकर आए करीब आधा दर्जन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।

    दानिश के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें कार से घसीटकर बाहर निकाला और तीन से अधिक राउंड फायरिंग की जिसमें दो गोलियां उन्हें लगीं। इसके बाद उन पर चाकुओं से भी कई वार किए गए जिससे उन्हें हाथ और पांव में गंभीर चोटें आईं। पत्नी को भी लगी चोट: हमले के दौरान दानिश की पत्नी मदद के लिए चिल्लाती रहीं लेकिन दहशत के कारण राहगीर आगे नहीं आए। इस दौरान बचाव करने आईं उनकी पत्नी खबर के एक हिस्से में बहन का भी ज़िक्र है के हाथ में भी चाकू लग गया। भागते समय आरोपियों ने धमकाते हुए कहा हमने बोला था गोली मारेंगे गोली मार दी।

    22KM तक किया पीछा: दानिश ने बताया कि उनका आरोपियों से पुराना झगड़ा था जो स्टेशन पर रहने वाले रूसी से हुआ था। उनके ही साथियों ने यह हमला किया। दानिश के अनुसार हमलावर करीब 22 किलोमीटर तक उनका पीछा करते रहे और पार्टी से निकलते ही मौका देखकर हमला कर दिया। पुलिस कार्रवाई और पीड़ित की हालत: शनिवार देर रात पुलिस ने आरोपी शाहबेज और फरदीन को हिरासत में लिया है। फरार चल रहे शन्नू और जुबैर समेत अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। सर्जरी के बाद दानिश के पांव से गोली निकाली गई है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है हालांकि वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें चाकू से एक दर्जन से अधिक वार किए गए हैं और अलग-अलग जख्मों पर करीब 42 टांके लगाए गए हैं।

  • रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित आपराधिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए रीवा और ग्वालियर जिलों में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं। रीवा पुलिस ने विगत दो वर्षों से सक्रिय विद्युत तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया, जबकि ग्वालियर पुलिस ने मैरिज गार्डन में हुई चोरी का त्वरित खुलासा कर 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद किए गए। रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई — अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश रीवा पुलिस ने एमपीईबी विभाग के विद्युत तार चोरी एवं सोलर पावर प्लांट से कॉपर केबल चोरी की कुल 62 घटनाओं का खुलासा करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के एल्यूमिनियम और कॉपर तार, पाँच वाहन तथा चोरी में इस्तेमाल उपकरण (कटर, इलेक्ट्रिक डिटेक्टर, सीढ़ी आदि) बरामद किए हैं।
    पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े थे और चोरी का माल कबाड़ियों को बेचते थे। इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से जारी विद्युत संरचना चोरी की घटनाओं पर निर्णायक अंकुश लगा है।ग्वालियर पुलिस का त्वरित खुलासा — मैरिज गार्डन चोरी में 7 लाख 80 हजार रूपए बरामदग्वालियर के थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में एक लगुन कार्यक्रम के दौरान 11 लाख की चोरी हुई थी। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष सिसोदिया को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी शिवा सिसोदिया और एक विधिविरुद्ध बालक ने की थी और राशि संतोष को छिपाने हेतु सौंपी थी। रीवा और ग्वालियर की इन प्रभावी कार्यवाहियों ने यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और नेटवर्क आधारित आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

  • महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही बने शिकार

    महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही बने शिकार



    नई दिल्ली ।
    उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा का ब्लैकमेलिंग नेटवर्क इन दिनों सुर्खियों में है जिसके कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मीनाक्षी की गतिविधियों का खुलासा कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत के बाद हुआ जिसके बाद से उसकी काली करतूतों की परत दर परत खुल रही है। जांच में यह सामने आया कि वर्ष 2022 में मीनाक्षी ने पीलीभीत जिले के पूरनपुर थाने में तैनाती के दौरान एक सिपाही को प्रेमजाल में फंसाकर उससे मोटी रकम की मांग की थी। इसके बाद यह सिलसिला बरेली और जालौन जिलों तक फैल गयाजहां उसने कई दारोगा और सिपाहियों को अपने जाल में फंसाया और उनसे पैसे की मांग की।

    प्रेमजाल और पैसों का दबाव

    मीनाक्षी की कार्यशैली बहुत ही चालाकी से भरी हुई थी। वह पहले जान-पहचान बनाने के लिए पुलिसकर्मियों से संपर्क करती फिर धीरे-धीरे निजी बातचीत और करीबी का हवाला देती थी। इसके बाद वह उन पर पैसों का दबाव बनाती थी। यह दबाव इस तरह से बनता था कि वह खुद को पीड़िता के रूप में प्रस्तुत करती थी जिसके बाद पुलिसकर्मी न चाहते हुए भी पैसों का भुगतान करने के लिए मजबूर हो जाते थे।

    चौंकाने वाली बात यह है कि मीनाक्षी ने इस पूरी प्रक्रिया में अपने परिवार के सदस्यों खासकर अपने पिता और भाई को भी शामिल किया था। मीनाक्षी के पिता और भाई उसे इस खेल में सहयोग करते थे और उसे हिम्मत भी देते थे। जेल जाने के दौरान भी मीनाक्षी के पिता ने उसे जल्द से जल्द बाहर निकालने का वादा किया था जिससे यह संकेत मिलता है कि यह पूरे परिवार का संगठित प्रयास था।

    मीनाक्षी का नेटवर्क और अन्य शिकार

    मीनाक्षी शर्मा के इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा था। जांच में यह सामने आया कि वह अकेली नहीं थी बल्कि उसके परिवार के लोग भी इसमें शामिल थे। उसकी सक्रियता पीलीभीत के पूरनपुर थाने तक सीमित नहीं रही बल्कि बरेली और जालौन जिलों में भी उसने कई पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। मीनाक्षी का यह नेटवर्क न सिर्फ पुलिस महकमे के लिए शर्मिंदगी का कारण बना बल्कि यह भी बताता है कि कैसे एक सिपाही ने अपनी शक्ति का गलत उपयोग किया। उसके खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक कई अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है जो मीनाक्षी के शिकार बने थे। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मीनाक्षी के इस पूरे गिरोह को जल्द ही पकड़ा जाएगा और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    जांच और गिरफ्तारी

    महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। मीनाक्षी के पिता और भाई का भी पुलिस ने पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया है। अब जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की जा रही है कि मीनाक्षी ने किन-किन अन्य पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसाया और वह किस तरह से इन रकमों को इकट्ठा करती थी।इस मामले ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है

    और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या पुलिस महकमें में अन्य किसी महिला या पुरुष कर्मी की तरफ से भी ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं जिसे उजागर नहीं किया गया हो।उत्तर प्रदेश पुलिस के एक महिला सिपाही द्वारा किए गए इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क ने न केवल पुलिस महकमे को शर्मिंदा किया है बल्कि यह भी दिखाया है कि एक सिपाही अपने कद और शक्ति का गलत उपयोग कैसे कर सकता है। इस मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। मीनाक्षी और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न घटित हों।