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  • ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला


    इंदौर । इंदौर में एक मीडियाकर्मी के खिलाफ सात दिन के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज होने से मामला चर्चा में आ गया है। इस बार बाणगंगा थाना पुलिस ने एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक की शिकायत पर मीडियाकर्मी अनवर खान उसके भाई एक महिला साथी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग धमकी देकर रुपए वसूलने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार शिकायत एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक शिवलाल पुत्र दयाराम करबाडिया ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर अनवर खान साधना शक्वातव सिद्दीकी खान और फारूख सिद्दीकी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उनका कार्यालय और निवास पोलोग्राउंड क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि चारों आरोपी कई वर्षों से रिपोर्टिंग के सिलसिले में वहां आते जाते थे। इसी दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में कथित रूप से भ्रामक और दबाव बनाने वाली खबरें प्रकाशित करने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।

    एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को रेप के झूठे मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर रुपए की मांग की। शिकायत के मुताबिक जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये विभिन्न किस्तों में वसूल किए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी लगातार और पैसे की मांग की जाती रही जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान हो गया।

    शिवलाल करबाडिया ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली कि अनवर खान के खिलाफ पहले से ही बाणगंगा थाने में ब्लैकमेलिंग का एक अन्य मामला दर्ज है। इसके बाद उन्होंने भी अपने साथ हुई कथित घटनाओं की शिकायत पुलिस से की और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।

    पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सके और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश

    वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश


    वाराणसी । वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद बंधा रोड पर उस समय सनसनी फैल गई जब एक बंद मकान में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया घटना उस वक्त हुई जब घर के मालिक अपने पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे और इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बना लिया

    जानकारी के अनुसार सुजाबाद निवासी अभिलाष सहानी पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपने परिवार के साथ शुक्रवार की शाम चौबेपुर थाना क्षेत्र के मल्लापुर गांव में अपनी बुआ के घर आयोजित बहन की शादी में शामिल होने गए थे परिवार के सभी सदस्य खुशी-खुशी समारोह में व्यस्त थे और घर पूरी तरह से खाली पड़ा था इसी सुनसान मौके का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया

    बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब पूरा परिवार शादी समारोह से वापस अपने घर लौटा तो जैसे ही मुख्य दरवाजा खोला गया अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए घर का सामान बिखरा हुआ था और अलमारियों व कमरों में रखा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था शुरुआती जांच में सामने आया कि चोरों ने दरवाजे का ताला तोड़ने के बजाय उसके कब्जे उखाड़कर घर के अंदर प्रवेश किया जिससे उनकी सटीक योजना और सूझबूझ का अंदाजा लगाया जा रहा है

    घर के अंदर पहुंचने पर पता चला कि चोरों ने सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ हजारों रुपये की नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया है जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए

    सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा सुजाबाद चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय सहित फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र करने का प्रयास किया

    पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर घटना को संदिग्ध मानते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही इस चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके

  • दिल्ली में बड़ा खुलासा बच्चे खरीद-बिक्री रैकेट का पर्दाफाश, 5 नवजात बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े तार

    दिल्ली में बड़ा खुलासा बच्चे खरीद-बिक्री रैकेट का पर्दाफाश, 5 नवजात बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े तार

    नई द‍िल्‍ली । देश की राजधानी दिल्ली में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अस्पताल की संचालिका सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस ने पांच नवजात शिशुओं को सुरक्षित बरामद कर आश्रय गृह भेज दिया है। यह गिरोह पिछले लंबे समय से कई राज्यों में सक्रिय था और अब तक करीब 30 बच्चों की खरीद-फरोख्त कर चुका है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी राजस्थान और गुजरात के गरीब परिवारों को लालच देकर उनसे नवजात बच्चों को मात्र 10 से 15 हजार रुपये में खरीद लेते थे। इसके बाद इन्हीं बच्चों को बेऔलाद दंपतियों को 5 से 10 लाख रुपये तक में बेच दिया जाता था। इस पूरे रैकेट में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात तक के नेटवर्क जुड़े हुए थे।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब जून के पहले सप्ताह में दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से पुलिस को सूचना मिली कि एक महिला अलग-अलग बच्चों के साथ संदिग्ध रूप से घूम रही है। पुलिस ने एक नकली ग्राहक बनाकर महिला से संपर्क किया। सौदा तय होने और 20 हजार रुपये की टोकन मनी दिए जाने के बाद जब आरोपियों ने नवजात को सौंपा, तभी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्योति उर्फ कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसी दिन उसकी साथी शालू और ललित को भी हिरासत में ले लिया गया।

    पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती गईं और जांच बेगमपुर स्थित एक निजी अस्पताल तक पहुंची। पुलिस ने छापा मारकर अस्पताल की संचालिका डॉ. विवेकी को भी गिरफ्तार किया, जो इस गिरोह की कथित मास्टरमाइंड बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि इस रैकेट में लैब टेक्निशियन और वाहन चालक की भूमिका भी अहम थी, जो बच्चों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और दस्तावेज तैयार करने में मदद करते थे।

    गिरोह का संचालन कई स्तरों पर किया जाता था। राजस्थान और गुजरात से बच्चों की व्यवस्था साएबा भाई घमर उर्फ कालिया करता था, जिन्हें कार चालक विपिन दिल्ली तक पहुंचाता था। इसके बाद अस्पताल में ही फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे ताकि बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने जैसा दिखाया जा सके। इस नेटवर्क में लड़कियों की कीमत 4 से 5 लाख रुपये और लड़कों की कीमत 8 से 10 लाख रुपये तक तय थी।

    पुलिस ने आगे की कार्रवाई में ग्वालियर और पानीपत से भी कई खरीदारों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने लाखों रुपये देकर नवजात खरीदे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पांच बच्चों में से चार आदिवासी समुदाय से हैं, जबकि एक बच्चा दिल्ली का बताया जा रहा है। सभी बच्चों की उम्र 27 दिन से लेकर चार महीने के बीच है।

    फिलहाल पुलिस बच्चों के जैविक माता-पिता की पहचान में जुटी है और पुष्टि के बाद उन्हें उनके असली परिवारों को सौंपा जाएगा। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि कैसे संगठित अपराध गरीब और असहाय वर्ग को निशाना बनाकर मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देते हैं।

  • पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

    पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार


    नई दिल्ली । पंजाब के मजीठा इलाके में रविवार सुबह हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। ड्यूटी पर जा रहे पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जोगा सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया है।
    शुरुआती जानकारी के अनुसार, जोगा सिंह सुबह करीब छह बजे अपने स्कूटर पर अमृतसर की ओर ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह मजीठा के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया और बेहद करीब से फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले में उन्हें दो गोलियां लगीं, जिनमें एक छाती और दूसरी कमर के पास लगी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए।

    इस वारदात की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।

    मृतक ASI जोगा सिंह लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे और अपने शांत स्वभाव तथा ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक हुए निधन से परिवार के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुलेआम पुलिस अधिकारी की हत्या होना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस निजी रंजिश, आपराधिक गतिविधियों और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के बीच भी डर का माहौल देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने में जुटी हुई है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।

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  • ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम को उम्रकैद, 20 साल न्यूनतम सजा; ‘जिन्न’ का डर दिखाकर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में 21 आरोपों में दोषी करार

    ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम को उम्रकैद, 20 साल न्यूनतम सजा; ‘जिन्न’ का डर दिखाकर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में 21 आरोपों में दोषी करार

    नई दिल्ली। ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम अब्दुल हलीम खान को बच्चों और महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उसे रेप, नाबालिगों के साथ यौन अपराध और यौन शोषण सहित कुल 21 मामलों में दोषी पाया है। 54 वर्षीय आरोपी को कम से कम 20 साल जेल में रहना होगा।

    लंदन पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को धार्मिक और आध्यात्मिक शक्ति वाला व्यक्ति बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतता था। वह लड़कियों को यह कहकर डराता था कि उन पर ‘जिन्न’ या बुरी आत्मा का असर है और इसी बहाने उनका शारीरिक शोषण करता था।

    जांच में सामने आया कि 2004 से 2015 के बीच उसने ईस्ट लंदन की बांग्लादेशी मुस्लिम कम्युनिटी की 7 महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाया। इनमें 12 साल तक की बच्चियां भी शामिल थीं।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी पीड़ितों को यह धमकी भी देता था कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो उनके परिवार पर ‘काला जादू’ का असर होगा, जिसके डर से कई पीड़ित सालों तक चुप रहीं।

  • महोबा थाने में शिकायत लेकर पहुंचे युवक पर दरोगा का कहर, 1 मिनट में 5 थप्पड़ और पैर से हमला; वीडियो वायरल के बाद लाइन हाजिर

    महोबा थाने में शिकायत लेकर पहुंचे युवक पर दरोगा का कहर, 1 मिनट में 5 थप्पड़ और पैर से हमला; वीडियो वायरल के बाद लाइन हाजिर



    नई दिल्ली। महोबा जिले के महोबकंठ थाने में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मारपीट और लूट की शिकायत लेकर पहुंचे युवक को दरोगा द्वारा ही कथित तौर पर पीट दिया गया। पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे न्याय दिलाने के बजाय दरोगा ने गांव ले जाकर दूसरे पक्ष के सामने ही 1 मिनट से ज्यादा समय तक थप्पड़ मारे और पैर से भी मारा, साथ ही गाली-गलौज की गई।

    यह पूरा मामला वीडियो में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी शशांक सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।

    हालांकि पुलिस जांच में युवक की मूल शिकायत को झूठा बताया गया है, लेकिन अधिकारी ने यह भी माना कि दरोगा का व्यवहार अनुशासन के खिलाफ था और इस तरह की कार्रवाई किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

    पीड़ित युवक संदीप ने बताया कि वह 10 मई की शाम हरपालपुर (मध्य प्रदेश) से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उसे रोककर मारपीट और लूटपाट की थी। न्याय की उम्मीद में वह थाने पहुंचा था, लेकिन वहां उसे उल्टा मार का सामना करना पड़ा।

  • महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत

    महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली। महोबा के पसवारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे दुल्हन के सगे भाई और ममेरे भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक शादी समारोह के लिए जनरेटर में डीजल लेने जा रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हो गया।

    जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के प्रकाश बम्हौरी गांव निवासी संतोष प्रजापति की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। हमीरपुर के देव गांव से बारात आनी थी और घर में रस्में पूरी हो रही थीं। इसी दौरान दुल्हन का भाई रामनरेश (22) और उसका ममेरा भाई नवाब (19) बाइक से डीजल लेने महोबा जा रहे थे।

    पसवारा गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामनरेश दूर जा गिरा, जबकि नवाब ट्रक के पहियों में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने वाहन रोकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे नवाब सड़क पर घिसटता हुआ बुरी तरह कुचल गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपी चालक पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, ट्रक को कब्जे में लेकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

  • दिल दहला देने वाली घटना सागर में दंपती ने एक साथ दी जान कारण बना रहस्य

    दिल दहला देने वाली घटना सागर में दंपती ने एक साथ दी जान कारण बना रहस्य


    सागर । मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक दंपती ने एक साथ आत्महत्या कर ली जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला शाहगढ़ थाना क्षेत्र के वाल्मीकि वार्ड का है जहां पति और पत्नी अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले।

    जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान उत्तम अहिरवार उम्र करीब 45 वर्ष और उनकी पत्नी हरिबाई उम्र 42 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पति पत्नी रात तक अपने घर के बाहर पड़ोसियों के साथ सामान्य बातचीत करते हुए बैठे थे और किसी तरह की परेशानी के संकेत भी नहीं मिले थे। लेकिन सुबह जब परिवार और आसपास के लोगों ने दरवाजा खोला तो दोनों को कमरे के अंदर फंदे पर लटका देख सभी के होश उड़ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को फंदे से उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाद में शवों को परिजनों को सौंप दिया गया।

    प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और परिजनों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि दंपती का व्यवहार सामान्य था और उन्होंने कभी किसी बड़ी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में दोनों का एक साथ यह कदम उठाना कई सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के लोगों के लिए यह घटना गहरे सदमे से कम नहीं है। वहीं पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किन परिस्थितियों ने इस दंपती को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।

  • शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा

    शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

  • मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार

    मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जहां एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिससे इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

    घटना चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम सूदा की है जहां 24 अप्रैल को भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली तत्काल टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ जिसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुन्नालाल पनिका को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि मृतक बार बार उसका बिजली कनेक्शन काट देता था जिससे वह बेहद परेशान और नाराज था।

    आरोपी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो धीरे धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर उसने लाठी उठाई और भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित की और लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाठी भी बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक मामूली बिजली कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है क्योंकि इतने कम समय में मामले को सुलझाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें और कानून को अपने हाथ में न लें। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह बड़े अपराध में बदल सकता है और एक पल का आवेश किसी की जिंदगी खत्म कर सकता है।