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  • मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पार्टी ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पार्टी ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मेरठ। मेरठ छात्रा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक पहुंचाने जा रहे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार को मेरठ-दिल्ली हाईवे स्थित काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    काशी टोल प्लाजा पर रोका गया काफिला
    कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी कार्यालय जाने के लिए मेरठ पहुंच रहा था। इसी दौरान पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए आरोप
    कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे केवल पीड़ित परिवार की शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोक दिया। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है और इससे प्रदेश का माहौल प्रभावित होता है।

    प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना
    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की भी आलोचना की। उनका आरोप था कि पुलिस को सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण आम लोगों के साथ मनमानी की जा रही है। नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इस पर नाराजगी जताई।

    प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
    कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया सहित अन्य नेता शामिल थे।

  • थार हटाने को कहा तो छीन ली लाइसेंसी रिवॉल्वर, भोपाल में किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन आरोपी गिरफ्तार

    थार हटाने को कहा तो छीन ली लाइसेंसी रिवॉल्वर, भोपाल में किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली । भोपाल के मिसरोद इलाके में मामूली विवाद ने उस समय खूनी रूप ले लिया जब रास्ते में खड़ी थार हटाने के लिए हॉर्न बजाने पर तीन युवकों ने एक किसान पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले किसान के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उसी से दो गोलियां चला दीं। एक गोली किसान के पैर को चीरते हुए निकल गई जबकि दूसरी निशाने से चूक गई। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    घटना शनिवार देर रात मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित सागर रॉयल होम्स सोसाइटी की है। घायल किसान की पहचान 33 वर्षीय हरीश कुमार राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार हरीश देर रात अपने घर लौट रहे थे। जब वह सोसाइटी के मुख्य गेट पर पहुंचे तो वहां एक थार वाहन खड़ा मिला जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। उन्होंने वाहन हटाने के लिए कई बार हॉर्न बजाया लेकिन थार में बैठे युवकों ने रास्ता खाली नहीं किया। इसके बाद हरीश दूसरे गेट से अंदर जाकर अपनी गाड़ी पार्क करने लगे।

    कुछ ही देर बाद थार में सवार तीनों युवक भी पार्किंग में पहुंच गए और वाहन हटाने की बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने किसान के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार युवकों ने डंडों से हमला किया और इसी दौरान हरीश की लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने उसी रिवॉल्वर से दो फायर किए। एक गोली हरीश के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी जिससे पैर में फ्रैक्चर हो गया जबकि दूसरी गोली किसी को नहीं लगी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घटनास्थल से दो खाली कारतूस बरामद किए गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई देने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने हर्षित पटेल 21 वर्ष अनुभव चौबे 19 वर्ष और लोकेश रघुवंशी 24 वर्ष के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं घायल किसान का अस्पताल में उपचार जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क पर होने वाले छोटे विवादों के खतरनाक रूप लेने की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। महज रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाने जैसी सामान्य बात पर हिंसा और फायरिंग तक पहुंच जाना चिंता का विषय है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवसेना यूबीटी के पूर्व सांसद विवादों में बहू ने लगाए काला जादू और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप

    शिवसेना यूबीटी के पूर्व सांसद विवादों में बहू ने लगाए काला जादू और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है जहां शिवसेना यूबीटी के पूर्व सांसद विनायक राउत और उनके परिवार के खिलाफ उनकी बहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में शारीरिक मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के साथ काला जादू कराने तथा अंधविश्वास से जुड़ी कथित गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जबकि पूर्व सांसद ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया है।

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में उसकी शादी विनायक राउत के बेटे जितेश से कराई गई जबकि परिवार को पहले से यह जानकारी थी कि वह वैवाहिक संबंध निभाने में सक्षम नहीं है। महिला का दावा है कि जब उसने इस विषय पर सवाल उठाए तो उसकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उसने आरोप लगाया कि उसे यह कहकर बहलाया गया कि उसके वैवाहिक जीवन में किसी बाहरी बाधा का असर है और उसे दूर करने के लिए कथित धार्मिक अनुष्ठानों का सहारा लिया गया।

    महिला का यह भी आरोप है कि इन कथित अनुष्ठानों के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ अशोभनीय और आपत्तिजनक व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसे विभिन्न देशों की यात्राओं के दौरान भी मानसिक दबाव और दुर्व्यवहार झेलना पड़ा। इसके अलावा उसने अपनी सास पर आरोप लगाया कि उसे मासिक धर्म रोकने वाली दवाएं लेने के लिए मजबूर किया गया जिससे उसकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ा। महिला का यह भी कहना है कि उचित चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने के बजाय वैकल्पिक तरीकों से गर्भधारण कराने की सलाह दी गई।

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय बुरी एवं अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू निवारण कानून के तहत भी प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर पूर्व सांसद विनायक राउत ने सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके बेटे और शिकायतकर्ता के बीच तलाक की प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने दावा किया कि समझौते के दौरान महिला की ओर से करोड़ों रुपये की आर्थिक मांग की गई थी जिसे स्वीकार नहीं किया गया। राउत का आरोप है कि इसके बाद परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका परिवार तंत्र मंत्र या काले जादू जैसी किसी भी गतिविधि में विश्वास नहीं करता और लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह झूठे हैं।

    यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने दावे कर रहे हैं लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

  • हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस

    हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में हवाई पट्टी क्षेत्र स्थित पानी से भरे गड्ढे में मिले युवक के शव की पहचान 20 वर्षीय जाहिद खान के रूप में हो गई है। युवक बुधवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। गुरुवार शाम उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार मृतक जाहिद खान, मोमीन मोहल्ला वार्ड क्रमांक-21 का निवासी था। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार शाम घर से बाहर गया था। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    गुरुवार शाम देहात थाना क्षेत्र के हवाई पट्टी इलाके में पानी से भरे गड्ढे में एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान जाहिद खान के रूप में की।

    परिवार के मुताबिक जाहिद मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था। हालांकि, वह शहर से दूर हवाई पट्टी क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और घटना के समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    देहात थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। साथ ही घटनास्थल और युवक की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बंगाल की मासूम से दरिंदगी का आरोपी प्रभास मंडल एनकाउंटर में मारा गया अब CID करेगी पूरे घटनाक्रम की जांच

    बंगाल की मासूम से दरिंदगी का आरोपी प्रभास मंडल एनकाउंटर में मारा गया अब CID करेगी पूरे घटनाक्रम की जांच


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे देश को झकझोर दिया। चार दिन तक चली पुलिस जांच के बाद इस सनसनीखेज मामले का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। जिस इलाके में मासूम की दर्दनाक मौत हुई थी उसी क्षेत्र के पास आरोपी की मौत होने से यह मामला और भी चर्चा में आ गया है। अब इस पूरे एनकाउंटर की जांच अपराध जांच विभाग यानी CID को सौंपी जा रही है जबकि न्यायिक जांच भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।

    घटना की शुरुआत 4 जुलाई को हुई जब बारुईपुर के सूर्यपुर हाट क्षेत्र के एक तालाब से बोरे में बंद 11 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची अपनी सहेली के लिए उपहार खरीदने घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। जांच के दौरान सामने आया कि उसके साथ पहले दरिंदगी की गई और फिर उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में बोरे में भरकर तालाब में फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले कि बच्ची तालाब में फेंके जाने के समय जीवित थी और उसके फेफड़ों तथा पेट में पानी मिला जिससे डूबने की पुष्टि हुई। शरीर पर कई चोटों के साथ निजी अंगों पर गंभीर जख्म और काटने के निशान भी पाए गए।

    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में प्रभास मंडल आखिरी बार बच्ची के साथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी। शुरुआत में परिवार ने आरोपी के घर पर न होने का दावा किया लेकिन पुलिस ने घर के अंदर तलाशी ली तो वह एक कोने में छिपा मिला। पूछताछ के दौरान उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और अन्य लोगों पर आरोप लगाया लेकिन बाद में कथित रूप से उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

    घटना के चार दिन बाद देर रात पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची जहां पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया जा रहा था। पुलिस के अनुसार इसी दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई जो उसके सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी। घायल आरोपी को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    एनकाउंटर के बाद अब पूरे मामले की जांच CID को सौंपने की तैयारी की गई है क्योंकि मुठभेड़ में स्थानीय पुलिस के अधिकारी शामिल थे। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाती है। इसके साथ ही न्यायिक जांच भी जारी रहेगी ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके।

    यह मामला एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि ऐसे जघन्य अपराधों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कितनी आवश्यक है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।

  • घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस


    देवास । देवास के त्रिलोक नगर क्षेत्र में गुरुवार को एक 56 वर्षीय हलवाई का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अनिल ठाकुर पिता रामाश्रय ठाकुर के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और त्रिलोक नगर स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, अनिल ठाकुर की पत्नी और बच्चे पिछले करीब एक वर्ष से कालानी बाग क्षेत्र में अलग रह रहे थे। घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जब मकान मालिक को काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखाई दी तो उन्होंने घर की स्थिति देखी। अंदर अनिल ठाकुर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल, सोनम की जमानत पर फैसला टला

    राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल, सोनम की जमानत पर फैसला टला


    इंदौर । इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अहम कानूनी सवाल सामने आया। अदालत ने पूछा कि क्या गिरफ्तारी मेमो में हुई केवल टाइपिंग की गलती के आधार पर किसी आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध मान लिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया और मामले पर आगे विचार करने के संकेत दिए।

    जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग न्यायिक फैसले मौजूद हैं और कानून की स्पष्ट व्याख्या आवश्यक है। अदालत ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इस कानूनी प्रश्न को बड़ी बेंच के पास भी भेजा जा सकता है, ताकि भविष्य के मामलों के लिए स्पष्ट दिशा तय हो सके।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय पुलिस को निर्देश दिया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को दिए गए मूल दस्तावेजों की स्पष्ट और पढ़ने योग्य प्रतियां अदालत में पेश की जाएं। अदालत यह जानना चाहती है कि गिरफ्तारी के समय सोनम रघुवंशी को किन धाराओं और किन आधारों की जानकारी दी गई थी।

    मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में केवल गिरफ्तारी मेमो में टाइपिंग की गलती के आधार पर जमानत देना कानून की गलत व्याख्या होगी। उन्होंने दलील दी कि आरोपी को गिरफ्तारी के समय सभी जरूरी जानकारी दी गई थी और गलत धारा का उल्लेख केवल लिपिकीय त्रुटि थी, जिससे पूरी गिरफ्तारी अवैध नहीं हो जाती।

    दूसरी ओर, सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में खुद को निर्दोष बताया है। उसने दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और उसने जांच से लेकर न्यायिक प्रक्रिया तक हर स्तर पर पूरा सहयोग किया है।

    इससे पहले मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को सोनम को जमानत देते हुए कहा था कि गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403 दर्ज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने इसे जांच एजेंसी की गंभीर चूक माना और कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के वास्तविक आधार की सही जानकारी नहीं दी गई।

    अब सुप्रीम कोर्ट सबसे पहले यह तय करेगा कि क्या ऐसी लिपिकीय त्रुटि गिरफ्तारी को अवैध बनाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकती है। यदि सर्वोच्च अदालत हाईकोर्ट की व्याख्या से सहमत नहीं होती है तो सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होने की संभावना भी बन सकती है।

    इस बीच हाल ही में राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सोनम जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर नेपाल भाग गई है और मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हालांकि सोनम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह शिलॉन्ग में ही मौजूद है और अदालत तथा जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

    गौरतलब है कि मई 2025 में इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि हत्या की साजिश उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके कथित सहयोगियों ने रची थी। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना था और फिलहाल इसकी सुनवाई विभिन्न अदालतों में जारी है।

  • इंदौर में पुलिस महकमे पर दाग, हेड कॉन्स्टेबल पर महिला साथी से छेड़छाड़ और धमकी देने का मामला दर्ज

    इंदौर में पुलिस महकमे पर दाग, हेड कॉन्स्टेबल पर महिला साथी से छेड़छाड़ और धमकी देने का मामला दर्ज


    इंदौर  इंदौर में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। महिला कॉन्स्टेबल की शिकायत पर देवास पुलिस लाइन में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा के खिलाफ छेड़छाड़, पीछा करने, धमकी देने, मारपीट करने और कार में बंधक बनाने के आरोप में बाणगंगा थाने में मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से उस पर शादी का दबाव बना रहा था और मना करने के बावजूद लगातार उसका पीछा कर मानसिक रूप से परेशान करता रहा।

    पुलिस के अनुसार महिला कॉन्स्टेबल ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब एक वर्ष पहले देवास में पदस्थापना के दौरान उसकी पहचान राहुल शर्मा से हुई थी। शुरुआती दिनों में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन कुछ समय बाद आरोपी ने लगातार फोन करना शुरू कर दिया। महिला के बार बार मना करने के बावजूद वह बातचीत के लिए दबाव बनाता रहा और निजी संबंध बनाने की कोशिश करता रहा।

    पीड़िता का कहना है कि राहुल की हरकतों से परेशान होकर उसने अपना तबादला देवास से इंदौर करा लिया ताकि उससे दूरी बनाई जा सके। हालांकि स्थानांतरण के बाद भी आरोपी का व्यवहार नहीं बदला। महिला ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया, लेकिन वह अलग अलग नंबरों से कॉल करता रहा और लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा। आरोप है कि कई बार उसने महिला का पीछा भी किया और उसे मानसिक दबाव में रखने का प्रयास किया।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी कई बार आत्महत्या करने की धमकी देकर महिला पर बात करने और शादी के लिए सहमत होने का दबाव बनाता था। एक बार वह उस समय भी सरकारी अस्पताल पहुंच गया जब महिला एक मामले में पीड़ित का मेडिकल कराने गई थी। वहां भी उसने बातचीत करने की कोशिश की और विवाद खड़ा कर दिया।

    महिला ने आरोप लगाया कि एक दिन राहुल शर्मा ने जबरन उसे अपनी कार में बैठा लिया। बाणगंगा क्षेत्र में उसने कार के दरवाजे लॉक कर दिए, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और शादी के लिए दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट भी की और उसे बाहर निकलने नहीं दिया।

    इसी दौरान महिला की मां का फोन आया। महिला ने किसी तरह उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और बताया कि उसे कार में बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही महिला के पिता और भाई मौके पर पहुंच गए। उन्हें आता देख आरोपी कार लेकर वहां से फरार हो गया।

    घटना के बाद महिला कॉन्स्टेबल ने थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। शिकायत की जांच के बाद बाणगंगा पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी, मारपीट, अवैध रूप से बंधक बनाने और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल इस मामले ने पुलिस महकमे में भी हलचल पैदा कर दी है।

  • ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला


    इंदौर । इंदौर में एक मीडियाकर्मी के खिलाफ सात दिन के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज होने से मामला चर्चा में आ गया है। इस बार बाणगंगा थाना पुलिस ने एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक की शिकायत पर मीडियाकर्मी अनवर खान उसके भाई एक महिला साथी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग धमकी देकर रुपए वसूलने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार शिकायत एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक शिवलाल पुत्र दयाराम करबाडिया ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर अनवर खान साधना शक्वातव सिद्दीकी खान और फारूख सिद्दीकी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उनका कार्यालय और निवास पोलोग्राउंड क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि चारों आरोपी कई वर्षों से रिपोर्टिंग के सिलसिले में वहां आते जाते थे। इसी दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में कथित रूप से भ्रामक और दबाव बनाने वाली खबरें प्रकाशित करने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।

    एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को रेप के झूठे मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर रुपए की मांग की। शिकायत के मुताबिक जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये विभिन्न किस्तों में वसूल किए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी लगातार और पैसे की मांग की जाती रही जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान हो गया।

    शिवलाल करबाडिया ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली कि अनवर खान के खिलाफ पहले से ही बाणगंगा थाने में ब्लैकमेलिंग का एक अन्य मामला दर्ज है। इसके बाद उन्होंने भी अपने साथ हुई कथित घटनाओं की शिकायत पुलिस से की और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।

    पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सके और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश

    वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश


    वाराणसी । वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद बंधा रोड पर उस समय सनसनी फैल गई जब एक बंद मकान में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया घटना उस वक्त हुई जब घर के मालिक अपने पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे और इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बना लिया

    जानकारी के अनुसार सुजाबाद निवासी अभिलाष सहानी पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपने परिवार के साथ शुक्रवार की शाम चौबेपुर थाना क्षेत्र के मल्लापुर गांव में अपनी बुआ के घर आयोजित बहन की शादी में शामिल होने गए थे परिवार के सभी सदस्य खुशी-खुशी समारोह में व्यस्त थे और घर पूरी तरह से खाली पड़ा था इसी सुनसान मौके का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया

    बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब पूरा परिवार शादी समारोह से वापस अपने घर लौटा तो जैसे ही मुख्य दरवाजा खोला गया अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए घर का सामान बिखरा हुआ था और अलमारियों व कमरों में रखा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था शुरुआती जांच में सामने आया कि चोरों ने दरवाजे का ताला तोड़ने के बजाय उसके कब्जे उखाड़कर घर के अंदर प्रवेश किया जिससे उनकी सटीक योजना और सूझबूझ का अंदाजा लगाया जा रहा है

    घर के अंदर पहुंचने पर पता चला कि चोरों ने सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ हजारों रुपये की नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया है जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए

    सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा सुजाबाद चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय सहित फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र करने का प्रयास किया

    पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर घटना को संदिग्ध मानते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही इस चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके