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  • 15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता

    15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई सनसनीखेज बैंक डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था लेकिन अब जांच में अहम प्रगति सामने आई है पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है जिसके पास से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है

    यह डकैती बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई थी जहां पांच हथियारबंद बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान कमलेश कुमार के रूप में हुई है जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है

    आवेदक को रेलवे सुरक्षा बल ने बिहार के रोहतास जिले स्थित डेहरी-ऑन-सोन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वह पटना सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव लौट आया। कोशिश कर रहा था तलाशी के दौरान उसके पास से 15 लाख 72 हजार रुपये नकद और 61 ग्राम सोना बरामद किया गया जिसकी कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है पूछताछ में आरोपी ने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली है पुलिस के अनुसार वारदात के बाद वह अपने हिस्से का माल लेकर फरार हो गया था और अब पकड़ा गया है

    घटना के दिन दोपहर में पांच बदमाश हथियारों से लैस होकर बैंक में घुसे थे उनके पास पिस्टल और देशी कट्टे थे उन्होंने महज 15 से 20 मिनट के भीतर पूरी डकैती को अंजाम दे दिया बैंक में घुसते ही उन्होंने कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और सभी के मोबाइल फोन छीनकर एक जगह रखवा दिए विरोध करने या आवाज उठाने पर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाई गई

    बदमाशों ने बैंक मैनेजर को धमकाकर लॉकर की चाबियां निकलवाईं और गोल्ड लोन से जुड़े पांच लॉकर खोलकर करीब ढाई किलो सोने के आभूषण लूट लिए इसके अलावा कैश काउंटर से भी बड़ी रकम लेकर फरार हो गए वारदात के बाद आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर मौके से भाग निकले
    घटनास्थल से एक देशी कट्टा बरामद हुआ है जबकि बैंक के सीसीटीवी कैमरों में तीन आरोपियों के चेहरे साफ नजर आए हैं जिससे जांच को गति मिली है

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कैलाश मकवाना ने खुद मोर्चा संभाला है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग शुरू कर दी है और विशेष टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी जा रही है अब तक इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि तीन अभी भी फरार हैं पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपी से मिले सुरागों के आधार पर बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा

    प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह डकैती पूरी तरह से योजनाबद्ध थी आरोपियों को बैंक की संरचना और लॉकर सिस्टम की पहले से जानकारी थी फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने और लूट का बाकी सामान बरामद करने में जुटी हुई है

  • सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल

    सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल


    सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैली के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और नकाबपोश लोगों ने एक घर में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

    यह है मामला

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भीम आर्मी द्वारा अंबेडकर जयंती रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। रैली में शामिल कुछ लोगों ने गाड़ी हटाने को कहा, लेकिन बात बढ़ने पर बोलेरो में तोड़फोड़ कर दी गई।

    इसके बाद मनी शुक्ला ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 50 नकाबपोश लोग पथराव करते हुए मनी शुक्ला के घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।

    हमले में 4 लोग घायल

    हमले में मनी शुक्ला (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके परिवार के 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आई हैं। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की।

    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    हमले के विरोध में दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को घेरकर मारपीट की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया, कमर्जी, बहरी थाना और सिहावल चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

  • सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है इस पूरे मामले में एक पत्नी का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है प्रियंका नाम की महिला ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिलाया और इसके बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लूट और डकैती की कहानी गढ़ दी

    जानकारी के अनुसार प्रियंका और उसके पति देव कृष्ण पुरोहित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के रिश्तों में दरार इतनी गहरी हो चुकी थी कि आए दिन झगड़े होते थे हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों के बीच फोन पर बात करने को लेकर तीखी बहस होती थी प्रियंका किसी से फोन पर बात कर रही थी और जब उसके पति ने इस बारे में पूछा तो उसने जवाब देने से इनकार कर दिया जिससे विवाद और बढ़ गया

    एक वीडियो में दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि प्रियंका अपने पति के साथ मारपीट पर उतर आती है बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान उसने अपने पति के हाथ पर काट लिया था और उसकी कॉलर पकड़कर जोरदार बहस की थी इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिलते हैं कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं थे इसके बावजूद पति अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करता रहा

    बताया जा रहा है कि प्रियंका का किसी अन्य व्यक्ति कमलेश के साथ प्रेम संबंध था और वही उसके दिमाग में बसा हुआ था कुछ समय पहले वह घर छोड़कर भी चली गई थी लेकिन उसका पति उसे वापस घर ले आया उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही फैसला उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश और एक सुपारी किलर सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची उसने एक लाख रुपए देकर हत्या की सुपारी दी और घर के दरवाजे खुले छोड़ दिए ताकि आरोपी आसानी से अंदर आ सकें और वारदात को अंजाम दे सकें

    हत्या के बाद प्रियंका ने ऐसा नाटक किया मानो घर में लूटपाट हुई हो ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और महज बारह घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया पुलिस ने प्रियंका और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है

    इस मामले को और भी चौंकाने वाला बनाने वाली बात यह है कि बताया जा रहा है कि पति की हत्या के बाद प्रियंका ने उसके शव के पास ही अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाए यह जानकारी सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं

    यह घटना न केवल एक आपराधिक साजिश की कहानी है बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब रिश्तों में विश्वास खत्म हो जाता है तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है

  • भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    भोपाल । भोपाल में एक बार फिर मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS प्रथम वर्ष 2025 बैच की छात्रा कोहेफिजा इलाके के एक प्राइवेट पीजी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में स्थित पीजी में रह रही थी। मंगलवार सुबह उसे उसके कमरे के बाथरूम में बेसुध अवस्था में पाया गया।

    परिजनों और दोस्तों ने कमरे और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव के पास एक खाली एसिड की बोतल बरामद हुई है जिससे मौत की वजह पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है लेकिन एसिड की मौजूदगी ने मामले को और जटिल बना दिया है।

    इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना बड़ी चुनौती बन गया है कि क्या यह आत्महत्या थी या किसी अन्य साजिश का हिस्सा। अभी तक कोई स्पष्ट सुराग सामने नहीं आया है लेकिन एसिड की बोतल होने के कारण जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।

    पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हैमिडिया अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह पता चलेगा कि छात्रा की मौत एसिड के कारण हुई थी या किसी अन्य वजह से।

    कोहेफिजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पीजी में रहने वाले अन्य छात्रों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही छात्रा के मोबाइल बैग और अन्य सामानों को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्रा के साथ कोई मानसिक दबाव तो नहीं था या किसी प्रकार का दबाव/हैरानी वाली घटना तो नहीं हुई।

    इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और आसपास के छात्रों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। कई छात्रों और परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावास/पीजी में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं अब पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है जो इस केस की दिशा तय करेगी। यदि रिपोर्ट में एसिड से संबंधित कारण सामने आते हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा ने स्वयं ही आत्महत्या की या किसी ने उसे मारकर मामले को आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की।

  • फरीदाबाद जेल में राम मंदिर हमले के आरोपी का खून देश विरोध की साजिश का अंत या जेल सुरक्षा पर सवाल

    फरीदाबाद जेल में राम मंदिर हमले के आरोपी का खून देश विरोध की साजिश का अंत या जेल सुरक्षा पर सवाल


    नई दिल्ली :अयोध्या में बने राम मंदिर पर हमले की कथित साजिश से जुड़े मामले में फरीदाबाद जिला जेल से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जेल में बंद उन्नीस वर्षीय आरोपी अब्दुल रहमान की रविवार रात हत्या कर दी गई। अब्दुल रहमान पर आरोप था कि वह राम मंदिर परिसर पर ग्रेनेड हमले की साजिश में शामिल था। इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि अंडरवर्ल्ड गैंग की खुलेआम चुनौती को भी उजागर किया है।

    अब्दुल रहमान को मार्च दो हजार पच्चीस में हरियाणा एसटीएफ और गुजरात एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था और अयोध्या स्थित राम मंदिर से संबंधित कई संवेदनशील वीडियो उसके मोबाइल से मिले थे। इसके बाद उसे फरीदाबाद जिला जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया था।

    रविवार रात करीब आठ बजे जेल के भीतर अचानक हिंसा भड़क उठी। बताया जा रहा है कि उसी बैरक में बंद कैदी अरुण चौधरी ने किसी नुकीली वस्तु या पत्थर से अब्दुल रहमान के सिर पर हमला कर दिया। हमले के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से घायल अब्दुल रहमान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    इस हत्या के बाद मामला और ज्यादा गंभीर तब हो गया जब कुख्यात रोहित गोदारा गैंग की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई। गैंग के सदस्य महेंद्र डेलाना ने इस हत्या की जिम्मेदारी को नैतिक समर्थन देते हुए अरुण चौधरी की खुलेआम सराहना की। पोस्ट में कहा गया कि जो भी देश के खिलाफ जाएगा उसका यही अंजाम होगा। इस बयान को सुरक्षा एजेंसियां खुलेआम धमकी और कानून व्यवस्था को चुनौती के रूप में देख रही हैं।

    रोहित गोदारा गैंग का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। जेल के भीतर इस तरह की वारदात और उसके बाद गैंग का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि जेलों के अंदर अपराधी नेटवर्क किस हद तक सक्रिय हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि एक हाई प्रोफाइल आतंकी मामले के आरोपी की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

    उधर अब्दुल रहमान के परिवार को जैसे ही जेल से सूचना मिली वे फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है। परिजनों का कहना है कि अब्दुल रहमान उनके परिवार का इकलौता वारिस था। दो दिन पहले ही वे उससे जेल में मिलकर लौटे थे और किसी को अंदेशा नहीं था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।

    इस मामले की जांच अब कई स्तरों पर की जा रही है। एक ओर हत्या की आपराधिक जांच होगी वहीं दूसरी ओर जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या जेलें सुधार गृह हैं या अपराध का नया मैदान बनती जा रही हैं।

  • टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत

    टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ कोतवाली थाने में तैनात एक जांबाज प्रधान आरक्षक ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग और मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

    ड्यूटी से लौटने के बाद उठाया आत्मघाती कदम प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक मोहनलाल चढ़ार की तैनाती टीकमगढ़ कोतवाली थाने में थी। गुरुवार को नव वर्ष के उपलक्ष्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उनकी ड्यूटी प्रसिद्ध ‘बगाज माता मंदिर’ में लगाई गई थी। दिनभर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के बाद शाम को जब वे वापस लौटे तो उन्होंने टीकमगढ़ के चकरा तिराहा के पास अचानक सल्फास जहरीला पदार्थ खा लिया।

    झांसी मेडिकल कॉलेज में थमी सांसें जहर का सेवन करने के कुछ ही देर बाद मोहनलाल की स्थिति बिगड़ने लगी। उन्हें तत्काल स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंतत उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पुलिस जांच में जुटी कारणों का खुलासा नहीं प्रधान आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह घोषी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने और परिजनों व सहकर्मियों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि उन्होंने यह कदम मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से उठाया।

    सहकर्मियों में शोक की लहर मोहनलाल चढ़ार के निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे और गुरुवार को ड्यूटी के दौरान भी वे सामान्य नजर आ रहे थे। पुलिस प्रशासन अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में विवरण जानकारी मृतक का नाम मोहनलाल चढ़ार पदप्रधान आरक्षक थाना कोतवाली टीकमगढ़ घटना स्थल चकरा तिराहा के पासड्यूटी स्थलबगाज माता मंदिर नव वर्ष ड्यूटी मृत्यु का स्थानझांसी मेडिकल कॉलेज

  • खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव

    खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के बरही थाना क्षेत्र स्थित ग्राम धवैया में महज फसल चराने के विवाद को लेकर एक दबंग युवक ने महिला पर लाठियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान धवैया निवासी कलावती कुशवाहा पति भोला प्रसाद कुशवाहा के रूप में हुई है। गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    विवाद की जड़ फसल और मवेशी

    घटनाक्रम के अनुसार यह पूरा विवाद 29 दिसंबर को शुरू हुआ था। कलावती कुशवाहा के खेत में गेहूं की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि गांव के ही रज्जन पाठक ने जानबूझकर अपने मवेशी महिला के खेत में घुसा दिए। जब महिला ने अपनी मेहनत से उगाई फसल को उजड़ते देख विरोध किया और मवेशियों को बाहर निकालने को कहा तो आरोपी रज्जन आक्रोशित हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने आव देखा न ताव और अपने पास रखी लाठी से कलावती पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार आरोपी ने महिला के सिर और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। हमले के बाद आरोपी ने जाते-जाते महिला को जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    घटना के तुरंत बाद घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही ले जाया गया जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटना के बाद आरोपी पर मामूली धाराओं के तहत केस दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत बिगड़ने लगी और मामला तूल पकड़ने लगा तब जाकर पुलिस ने दो दिन बाद हत्या के प्रयास धारा 307 का मामला जोड़ा। अब महिला की मौत के बाद पुलिस पर दबाव है कि इसे हत्या धारा 302 के मामले में तब्दील किया जाए।

    आरोपी हिरासत में गांव में मातम

    गुरुवार की रात महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बरही थाना पुलिस सक्रियता दिखाते हुए आरोपी रज्जन पाठक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। यह घटना ग्रामीण अंचलों में बढ़ते विवादों और कानून व्यवस्था के प्रति अपराधियों के निडर रवैये को दर्शाती है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके।

  • सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी

    सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवालिया निशान लग गएजब एक दुष्कर्म पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक SP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। देर रात तक चले इस हंगामे के दौरान महिला ने न्याय न मिलने पर अपना गला काटकर जान देने जैसी आत्मघाती चेतावनी भी दी।

    सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प

    पीड़िता का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब एसपी कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बच्चों समेत वहां से हटाने की कोशिश की। महिला ने रोते हुए चीख-चीख कर कहा कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी सत्ताधारी दल का रसूखदार नेता रहा हैइसलिए पुलिस उसे छूने से भी कतरा रही है। पीड़िता ने बताया”आरोपी की जमानत जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों जगह से खारिज हो चुकी है। वह खुलेआम घूम रहा है और मुझे लगातार धमकियां दे रहा है। मुझे और मेरे बच्चों की जान को खतरा हैलेकिन पुलिस प्रशासन केवल आश्वासन का खेल खेल रहा है।

    अधिकारियों में मचा हड़कंप

    महिला द्वारा खुद को नुकसान पहुँचाने की धमकी दिए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को शांत कराने की कोशिश की। पीड़िता का कहना था कि वह तब तक नहीं हटेगी जब तक कि आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता। अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही पीड़िता देर रात वहां से हटने को तैयार हुई।

    न्यायालय से नहीं मिली है राहत

    गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थीजिसे अदालतों ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सतना पुलिस की ‘सुस्ती’ अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

    बढ़ता दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
    इस घटना ने सतना में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एक पीड़िता को न्याय के लिए बच्चों के साथ सड़क पर रात गुजारनी पड़ रही हैतो यह सिस्टम की विफलता है। फिलहालपुलिस प्रशासन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया हैलेकिन पीड़िता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में कार्रवाई नहीं हुईतो वह फिर से उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। आरोपी सतीश शर्मा पूर्व जिला अध्यक्षभाजपास्थान पुलिस अधीक्षक कार्यालयसतना। मांग तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा।कानूनी स्थिति जिला कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज।

  • मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त

    मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त


    अनुपपुर । मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल STF ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश लाए जा रहे 599 किलोग्राम गांजे को जब्त किया। यह गांजा एक ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा थाऔर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित जिला अनूपपुर के घने जंगल मार्ग पर की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में ट्रक सहित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

    गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे की तस्करी

    गांजा तस्करी की यह नई विधि STF के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादर से एक गुप्त कम्पार्टमेंट केबिन बनाया थाजो बाहरी नजर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। इस गुप्त कम्पार्टमेंट में गांजे के पैकेट्स छिपाकर तस्करी की जा रही थी। STF को गोपनीय सूचना मिलने के बादइस ट्रक की घेराबंदी की गई और इसे जब्त किया गया।

    STF की टीम ने की सटीक घेराबंदी

    गोपनीय सूचना मिलने पर STF की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने किया। टीम ने संबलपुर ओडिशासे मैहर मध्य प्रदेश जा रहे ट्रक संख्या JH 02BL 7103 को जिला अनूपपुर के जेतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग पर घेर लिया और उसकी तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से कुल 599 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता करार दियाक्योंकि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा था।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

    पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैजिनके नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी जिला सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी जिला सतना हैं। गिरफ्तारी के बादपुलिस ने आरोपियों से गांजे के स्रोततस्करी नेटवर्क और इसके विक्रेताओं तथा क्रेताओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ आगे के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।

    नशा से दूरी अभियान के तहत कार्रवाई

    मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन मेंप्रदेश भर में नशा से दूरी अभियान चलाया जा रहा है। STF प्रमुख और विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और समाज को नशे से बचाना है। पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैंताकि नशे की तस्करी और उसके व्यापार को रोका जा सके।

    टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई STF के समर्पित कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना का परिणाम थी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशीप्रधान आरक्षक निर्मल पटेलसंपूर्णानंदअंजनी पाठकविनय कोरीऔर आरक्षक मनीष तिवारीनिलेश दुबेराहुल रजकरूपेश रायऔर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने इस तस्करी को पकड़ा और एक बड़ी तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में मदद की।

    आगे की कार्रवाई

    मध्य प्रदेश STF ने इस बड़े ड्रग तस्करी मामले में अब जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों से गांजे के परिवहन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही हैजिससे और भी तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहालट्रक और जब्त गांजे को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के व्यापार पर कड़ी चोट है और यह दर्शाता है कि STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैंऔर उम्मीद की जा रही है कि इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी में कमी आएगी।

  • संभल में 'मुस्कान कांड' की पुनरावृत्ति: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट शव के किए कई टुकड़े

    संभल में 'मुस्कान कांड' की पुनरावृत्ति: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट शव के किए कई टुकड़े


    संभल । उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सनसनीखेज ‘मुस्कान कांड’ की खौफनाक यादें अभी जनता के मानस पटल से धुंधली भी नहीं हुई थीं कि संभल जिले के चन्दौसी क्षेत्र में वैसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेम संबंधों में बाधक बन रहे पति को न केवल रास्ते से हटाया बल्कि हत्या के बाद उसके शव के साथ जो दरिंदगी की उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति के शव को कसाई की तरह टुकड़ों में काटा और उन्हें पॉलीथिन में भरकर शहर के विभिन्न हिस्सों में ठिकाने लगा दिया।

    ईदगाह के पास मिले मांस के लोथड़े फैली सनसनी

    वारदात का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब पतरोआ रोड स्थित ईदगाह के बाहर लावारिस पॉलीथिन बैग्स मिले। जब स्थानीय लोगों ने उन्हें देखा तो उनमें मानव शरीर के कटे हुए हिस्से और मांस के लोथड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हत्यारों ने पहचान छुपाने के उद्देश्य से सिर हाथ और पैरों को बड़ी ही बेरहमी से काटकर अलग कर दिया था। पुलिस के लिए बिना सिर वाले धड़ और अंगों की शिनाख्त करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी।

    हाथ पर गुदे ‘नाम’ और झूठी ‘गुमशुदगी’ ने खोला राज

    अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने में मृतक के हाथ पर लिखा उसका नाम संजीवनी साबित हुआ। पुलिस ने जब जिले में दर्ज हालिया गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाला तो कड़ियाँ जुड़ने लगीं। जांच में सामने आया कि मोहल्ला चुन्नी निवासी राहुल मृतक की पत्नी रूबी ने ही 18 नवंबर को कोतवाली जाकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
    पुलिस को रूबी की बातों पर संदेह तब हुआ जब उसके बयानों में लगातार विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ और मोबाइल सर्विलांस की मदद से पुलिस जब रूबी के प्रेमी गौरव तक पहुँची तो पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। रूबी ने स्वीकार किया कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

    मेरठ के ‘मुस्कान कांड’ की तर्ज पर रची गई खूनी साजिश

    यह मामला पूरी तरह से मेरठ के सौरभ हत्याकांड मुस्कान कांड की कार्बन कॉपी नजर आता है। जिस तरह मेरठ में मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति के टुकड़े किए थे ठीक उसी तरह रूबी और गौरव ने राहुल की हत्या घर के भीतर ही की। हत्या के बाद आरी या धारदार हथियार से शव को काटा गया और साक्ष्यों को मिटाने के लिए टुकड़ों को पॉलीथिन में भरकर अलग-अलग सुनसान जगहों पर फेंक दिया गया।

    गायब अंगों की तलाश और पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस की फोरेंसिक टीम ने आरोपी के घर से साक्ष्य जुटाए हैं जहाँ खून के धब्बे और हत्या में प्रयुक्त सामान मिलने की संभावना है। हालांकि पुलिस के लिए अब भी सबसे बड़ी चुनौती राहुल के ‘सिर’ और शरीर के अन्य लापता हिस्सों को बरामद करना है जिन्हें आरोपियों ने कहीं दूर ठिकाने लगाया है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार दोनों आरोपियों रूबी और गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ जारी है ताकि हत्या में प्रयुक्त हथियार और शेष अंगों को बरामद किया जा सके। इस घटना ने समाज में पनप रहे अपराध और रिश्तों के कत्ल की भयावह तस्वीर पेश की है।