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  • MP: दतिया में आशुतोष तिवारी का प्रचार कर रहे नरोत्तम… स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं से बोले- माला वाला पीछे है

    MP: दतिया में आशुतोष तिवारी का प्रचार कर रहे नरोत्तम… स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं से बोले- माला वाला पीछे है


    दतिया।
    दतिया विधानसभा (Datia Assembly Constituency) के चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नरोत्तम मिश्रा रात को बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी (BJP candidate Ashutosh Tiwari) के साथ जनसंपर्क कर रहे थे. चुनाव प्रचार के दौरान एक जगह पार्टी कार्यकर्ता स्वागत करने आए तो नरोत्तम मिश्रा ने इनकार करते हुए कहा कि प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पीछे हैं. उनको माला पहनाओ।

    वायरल वीडियो के अनुसार, दतिया में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा था. जनसंपर्क के दौरान एक मोड़ पर उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता अपने चहेते नेता नरोत्तम मिश्रा का स्वागत करने के लिए फूल-मालाएं लेकर आगे बढ़े. जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मिश्रा के गले में माला डालनी चाही, नरोत्तम मिश्रा ने तुरंत उनका हाथ रोक दिया और माला पहनने से पूरी तरह मना कर दिया।


    ‘माला वाला पीछे आ रहा है…’ बोलकर प्रत्याशी को बढ़ाया आगे

    नरोत्तम मिश्रा ने न सिर्फ माला पहनने से मना किया, बल्कि वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि असली प्रत्याशी वह खुद नहीं, बल्कि उनके पीछे चल रहे आशुतोष तिवारी हैं। नरोत्तम मिश्रा ने मुस्कुराते हुए और अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में पीछे आ रहे आशुतोष तिवारी की तरफ उंगली से इशारा किया और जोर से कहा, ”माला वाला पीछे आ रहा है, उसे ही माला पहनाओ.”

    मिश्रा के इतना कहते ही वहां मौजूद सभी कार्यकर्ता और खुद प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी हंस पड़े. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर प्रत्याशी का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया।


    सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा?

    राजनीतिक गलियारों में नरोत्तम मिश्रा के इस कदम को बेहद सूझबूझ भरा माना जा रहा है. चुनाव के समय अक्सर बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द भीड़ जमा हो जाती है और मुख्य प्रत्याशी उपेक्षित महसूस करने लगता है. ऐसे में नरोत्तम मिश्रा ने खुद को पीछे रखकर और आशुतोष तिवारी को ‘माला वाला प्रत्याशी’ बताकर यह संदेश दिया है कि पूरी पार्टी एकजुट होकर नए उम्मीदवार को जिताने के लिए मैदान में पसीना बहा रही है. दतिया के स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स से लेकर ट्विटर तक इस वीडियो को भाजपा के मजबूत टीमवर्क के रूप में शेयर किया जा रहा है।

  • दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा

    दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा


    दतिया/भोपाल,। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को होटल रतन रॉयल में बनाए गए दतिया उपचुनाव कार्यालय का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैदान में उतरने का आव्हान किया। इससे पहले सभी वरिष्ठ नेताओं ने भारत माता, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर वंदे मातरम् का गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    दतिया, मध्यप्रदेश और देश को विकसित बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी को जिताना है -श्री शिवप्रकाश जी
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एक विचार और एक उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए हमें संगठन को निरंतर मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी ने कहा था कि जो भी भाजपा के ध्वज को ऊँचा उठाने का कार्य करेगा, मैं समझूँगा कि मेरा जीवन सफल हो गया। आज हम सभी का दायित्व है कि उनके इस संकल्प और सपने को साकार करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित दतिया, विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का निर्माण है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ घर-घर जाएँ तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनहितैषी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुँचाएँ। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले वर्षों में देश, प्रदेश और क्षेत्र के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का गौरव और सम्मान पूरे विश्व में बढ़ा है तथा आज विश्व मंच पर भारत की अलग पहचान बनी है। हमें उनके नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना है। हम सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ कार्य करें कि भारत सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने तथा विश्व के प्रत्येक कोने में भारत माता का गौरव बढ़े। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    स्वाभिमान और सम्मान के लिए भाजपा को विजयश्री दिलाएं कार्यकर्ता-श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है। लेकिन कई अन्य पार्टियां परिवार और व्यक्ति आधारित दल हैं। भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता को अपनी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी विकास, सुशासन और सुरक्षा की राजनीति के लिए जानी जाती है। जनता ने हमेशा भाजपा पर विकास के कार्यों के आधार पर विश्वास जताया है और हमें उसी विश्वास को और मजबूत करना है। दतिया उपचुनाव में भाजपा की जीत हमारी सरकार, संगठन, विचारधारा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक कांग्रेस के विधायक रहे, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किए। यदि विकास हुआ होता तो कांग्रेस आज विकास के नाम पर जनता से वोट मांगती। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। ऐसे समय में दतिया विधानसभा का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के स्वाभिमान, सम्मान और संगठन की प्रतिष्ठा का चुनाव है। इसलिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    कांग्रेस ने घोटाले कर देश को पीछे धकेला, भाजपा ने विकसित भारत की मजबूत नींव रखी-डॉ. महेंद्र सिंह
    भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश ने अनेक बड़े घोटाले देखे। कोयला आवंटन, 2जी स्पेक्ट्रम, बोफोर्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, आदर्श हाउसिंग सोसायटी, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों ने कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर किया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन के साथ विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले निर्णयों ने भारत को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों को पक्के आवास, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर, चंद्रगुप्त, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी और श्रद्वेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों की विरासत वाला भारत है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यही भारत विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    प्रत्याशी केवल माध्यम है, चुनाव कार्यकर्ताओं के परिश्रम से जीता जाता है-श्री जगदीश देवड़ा
    मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने श्री आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन भाजपा की कार्यपद्धति में प्रत्याशी केवल एक माध्यम होता है, चुनाव की वास्तविक ताकत समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति और विजय का आधार है। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव पर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय, एकजुटता और पूरी ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना है तथा भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दिलानी है। भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य करती है। इसी भावना के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता अगले 15 दिनों तक पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ घर-घर संपर्क कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाए तथा भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    दतिया और आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाएं-डॉ. नरोत्तम मिश्रा
    भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया विधानसभा में 10 साल तक कांग्रेस के विधायक रहे, 5 साल उनके पिताजी सांसद रहे, लेकिन उन्होंने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। अब वे विकास के नाम पर वोट भी नहीं मांग सकते हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है और दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी की जीत इस विकास यात्रा को और मजबूती देगी। डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पूरी शक्ति और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि दतिया के विकास और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय जनता पार्टी को मजबूत बनाना है।
    कांग्रेस परिवार तक सीमित, भाजपा में कार्यकर्ता को मिलता है सम्मान और अवसर- श्री भारत सिंह कुशवाह
    दतिया उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है, जबकि भारतीय जनता पार्टी में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी मेहनत, समर्पण और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहाँ हर कार्यकर्ता के योगदान का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, युवा, गरीब, वरिष्ठ नागरिक सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितैषी योजनाएँ संचालित की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुँचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
    जब तक तन में प्राण रहेंगे, दतिया की सेवा करता रहूंगा -श्री आशुतोष तिवारी
    भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास व्यक्त करते हुए दतिया की सेवा का अवसर दिया है। अब यह विश्वास जनता और कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से और मजबूत होगा। जब तक उनके तन में प्राण रहेंगे, वे दतिया की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे तथा हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे। कार्यकर्ता की एक आवाज पर वे उनके द्वार तक पहुँचेंगे और जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपील की कि 30 जुलाई को कमल के फूल का बटन दबाकर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाएं। कार्यक्रम का संचालन श्री पंकज गुप्ता ने किया एवं आभार श्रीमती मीनाक्षी कटारे ने व्यक्त किया।
    मंच पर ये रहे मौजूद
    चुनाव कार्यालय के उदघाटन के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र बरूआ, सांसद श्रीमती संध्या राय, चुनाव अभियान प्रमुख व पूर्व मंत्री श्री अरविंद भदौरिया, चुनाव अभियान सह प्रमुख एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व दतिया उपचुनाव के सह प्रभारी श्री राहुल कोठारी, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, संभाग प्रभारी श्री अभय सिंह यादव, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जिला प्रभारी श्री गजेंद्र सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर कुशवाह, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री प्रीतम लोधी, पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, श्रीमती रक्षा सिरोनिया एवं श्री शैतान सिंह पाल सहित पार्टी पदाधिकारी मंचासीन रहे।
  • दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक बने सियासी केंद्र, कांग्रेस मनाने में जुटी तो भाजपा भी बनाए हुए संपर्क; बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

    दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक बने सियासी केंद्र, कांग्रेस मनाने में जुटी तो भाजपा भी बनाए हुए संपर्क; बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

     मध्य प्रदेश: के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता अवधेश नायक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उनके भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें अपने साथ बनाए रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने उनके निवास पहुंचकर मुलाकात की, जिसके बाद दतिया की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।

    जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। हालांकि इस मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपचुनाव के दौरान हुई इस बैठक ने कांग्रेस की रणनीति और अवधेश नायक के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के बाद उत्पन्न असंतोष को देखते हुए कांग्रेस किसी भी तरह वरिष्ठ नेताओं को साथ बनाए रखना चाहती है। इसी कारण पार्टी लगातार संवाद के माध्यम से स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रही है। अवधेश नायक लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके समर्थकों की संख्या भी प्रभावशाली मानी जाती है। ऐसे में उनका कोई भी राजनीतिक फैसला उपचुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

    दूसरी ओर भाजपा भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की भी अवधेश नायक से पहले मुलाकात हो चुकी है। हालांकि किसी भी दल की ओर से इन मुलाकातों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद दोनों प्रमुख दलों की सक्रियता यह संकेत देती है कि अवधेश नायक का राजनीतिक रुख उपचुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।

    अवधेश नायक ने फिलहाल अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक निर्णय से पहले अपने समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से व्यापक चर्चा करेंगे। उनका कहना है कि अंतिम फैसला व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक राय के आधार पर लिया जाएगा। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल उन्होंने अपने राजनीतिक विकल्प खुले रखे हैं।

    दतिया विधानसभा उपचुनाव पहले से ही प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल माना जा रहा है। ऐसे समय में किसी प्रभावशाली नेता का दल बदलना, चुनाव प्रचार से दूरी बनाना या किसी उम्मीदवार के समर्थन में खुलकर उतरना चुनावी मुकाबले को नई दिशा दे सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अवधेश नायक के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    फिलहाल दतिया की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि अवधेश नायक आने वाले दिनों में कौन सा फैसला लेते हैं। उनके निर्णय का असर केवल एक नेता के राजनीतिक भविष्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विधानसभा उपचुनाव की रणनीति, चुनावी माहौल और दोनों प्रमुख दलों के समीकरणों पर भी पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें उनके अगले आधिकारिक बयान और समर्थकों के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं, जिससे दतिया उपचुनाव की तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • दतिया उपचुनाव से पहले बदले सियासी संके कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची से अवधेश नायक बाहर, भाजपा में वापसी की चर्चाओं ने पकड़ा जोर

    दतिया उपचुनाव से पहले बदले सियासी संके कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची से अवधेश नायक बाहर, भाजपा में वापसी की चर्चाओं ने पकड़ा जोर

    मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले वरिष्ठ नेता अवधेश नायक एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में उनके भविष्य को लेकर नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हाल के दिनों में पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों से उनकी दूरी और चुनावी गतिविधियों में उनकी सीमित मौजूदगी ने इन चर्चाओं को और बल दिया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अवधेश नायक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    कांग्रेस ने उपचुनाव के मद्देनजर अपने प्रमुख नेताओं को शामिल करते हुए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। सूची में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया गया, लेकिन दतिया की राजनीति में प्रभाव रखने वाले अवधेश नायक का नाम शामिल नहीं किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में किसी वरिष्ठ नेता का सूची से बाहर रहना स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े करता है और इससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज होना स्वाभाविक है।

    हाल ही में आयोजित कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण जनसभा में भी अवधेश नायक की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। वे न तो मंच पर दिखाई दिए और न ही चुनावी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए। लगातार सामने आ रहे ऐसे संकेतों ने यह चर्चा और मजबूत कर दी है कि पार्टी के भीतर उनकी भूमिका पहले जैसी सक्रिय नहीं रह गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

    अवधेश नायक ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। उस समय उनके भाजपा नेतृत्व, विशेषकर तत्कालीन गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ मतभेदों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में व्यापक रूप से हुई थी। कांग्रेस ने शुरुआती दौर में उन्हें दतिया से विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार भी घोषित किया था, लेकिन बाद में पार्टी ने अपना निर्णय बदलते हुए उनका टिकट वापस ले लिया और राजेंद्र भारती को उम्मीदवार बनाया। चुनाव परिणाम में राजेंद्र भारती ने जीत दर्ज की, जिसके बाद भी अवधेश नायक की संगठनात्मक भूमिका को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे।

    वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में एक बार फिर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अवधेश नायक भविष्य में कोई बड़ा राजनीतिक निर्णय ले सकते हैं। प्रदेश की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों और भाजपा के भीतर बदलते समीकरणों को देखते हुए उनकी संभावित वापसी को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक न तो भाजपा और न ही कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं बल्कि क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों की परीक्षा भी माना जा रहा है। ऐसे में प्रभावशाली नेताओं की सक्रियता या निष्क्रियता चुनावी रणनीति पर असर डाल सकती है। अवधेश नायक का आगामी रुख दोनों प्रमुख दलों के लिए राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    फिलहाल पूरे मामले में स्थिति अटकलों के स्तर पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यदि अवधेश नायक स्वयं अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई घोषणा करते हैं या किसी दल की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो दतिया ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

  • MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान

    MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान


    दतिया।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया जिले (Datia district) में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में सगे भाई-बहन की महुअर नदी (Mahuar River) में डूबने से मौत हो गई। खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचे दोनों मासूम गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते जिंदगी की जंग हार बैठे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक भाई सुमित केवट की उम्र 7 साल और बहिन ज्योतिष केवट की उम्र 5 साल है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैंसा सुनारी के सिद्धपुरा इलाके में रहने वाले महेश केवट के बेटे सुमित केवट और ज्योतिष केवट अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे महुअर नदी के किनारे पहुंच गए।बताया जा रहा है कि नदी किनारे फिसलन अधिक थी और पानी भी गहरा था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर दोनों बच्चे सीधे नदी में जा गिरे और डूबने लगे।घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबता देख तुरंत उन्हें बाहर निकाला और बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता दतिया शहर में रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम के लिए खरीदारी करने गए थे। बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों के भरोसे छोड़ा गया था।जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि छोटे बच्चों की निगरानी में जरा सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि नदी-तालाब जैसे खतरनाक स्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के किनारे काफी फिसलन थी और पानी भी गहरा था।इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों बच्चे अचानक नदी में गिर पड़े और देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर गांवों में नदी, तालाब और कुओं के आसपास बच्चों का अकेले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है।

  • रतनगढ़ मंदिर दर्शन के दौरान नहर में हादसा: 15 घंटे की रेस्क्यू के बाद युवक का शव मिला

    रतनगढ़ मंदिर दर्शन के दौरान नहर में हादसा: 15 घंटे की रेस्क्यू के बाद युवक का शव मिला


    दतिया जिले के सेंथरी नहर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हिला कर रख दिया। झांसी निवासी राहुल यादव अपने दोस्तों के साथ रतनगढ़ माता मंदिर के दर्शन करने आया था, लेकिन नहर में नहाते समय पैर फिसल जाने से वह पानी में डूब गया।

    सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और 15 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद राहुल यादव का शव नहर से बाहर निकाला। शव सेंथरी नहर से लगभग 50 मीटर दूर पुलिया के पास मिला।

    थरेट थाना प्रभारी अरविन्द भदौरिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोग भी राहत और सदमे की स्थिति में थे।

    मित्रों के साथ मंदिर दर्शन आया राहुल यादव नहर में नहाते समय संतुलन खो बैठा और पानी में गिर गया। आसपास के लोग और दोस्त तुरंत उसे बचाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन गहरे पानी और तेज धारा के कारण उसे बाहर निकालना संभव नहीं हो सका।

    एसडीआरएफ टीम और गोताखोरों ने रात-दिन की मेहनत के बाद आखिरकार शव को बरामद किया। यह घटना यह याद दिलाती है कि नहर और जलाशयों में सुरक्षा मानकों का पालन न करने से जान का जोखिम कितना बढ़ जाता है।

    स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर या किसी भी जलस्रोत के पास सावधानी बरतें, बच्चों और युवाओं को पानी में नहाते समय सतर्क रहें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

    राहुल यादव के परिजन झांसी से दतिया पहुंचे और उन्होंने अपने प्रियजन की मौत से गहरा शोक व्यक्त किया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और क्या कोई लापरवाही हुई।

    यह घटना जिले और आसपास के इलाकों के लिए चेतावनी है कि जलाशयों और नहरों में नहाते समय सतर्कता ही जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।

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  • MP: चंद्रगहण के दौरान दतिया के इस प्रसिद्ध मंदिर के पट नहीं हुए बंद, जानिए इसकी वजह?

    MP: चंद्रगहण के दौरान दतिया के इस प्रसिद्ध मंदिर के पट नहीं हुए बंद, जानिए इसकी वजह?


    दतिया।
    सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) या चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) के दौरान एक तरफ जहां देशभर के अधिकांश मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं वहीं मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया स्थित श्री पीताम्बरा मंदिर (Shri Pitambara Temple) में परंपरा अलग है। यहां ग्रहणकाल में भी मंदिर के पट बंद नहीं होते और मां बगुलामुखी स्वरूपा पीताम्बरा माई (Mother Bagulamukhi Swarupa Pitambara Mai) अपने भक्तों को प्रतिदिन की तरह दर्शन देती हैं।

    आमतौर पर ग्रहण को शास्त्रों में विशेष काल माना गया है। इस दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ रोक दिया जाता है और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया के उपरांत ही दर्शन शुरू होते हैं। लेकिन दतिया की पीताम्बरा पीठ में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार ग्रहणकाल को साधना और मंत्र-जाप के लिए अत्यंत सिद्ध समय माना जाता है। मंदिर से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं के अनुसार यह परंपरा श्री स्वामीजी महाराज के समय से चली आ रही है। उसी कालखंड से ग्रहण के दौरान मंदिर में अनवरत जाप और साधना की परंपरा स्थापित हुई जो आज भी निरंतर जारी है।


    चंद्रगहण पर क्यों बंद नहीं होता पीतांबरा पीठ में दर्शन

    ग्रहण शुरू होते ही मंदिर परिसर में विशेष मंत्रोच्चार प्रारंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्ति तक बिना रुके जाप चलता रहता है मां बगुलामुखी, जिन्हें दशमहाविद्याओं में से एक माना जाता है तंत्र-साधना की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि ग्रहणकाल में किया गया जाप और साधना कई गुना अधिक फलदायी होता है। यही कारण है कि देशभर से साधक और भक्त ग्रहण के समय विशेष रूप से दतिया पहुंचते हैं और मां के दरबार में साधना करते हैं। ग्रहण के दौरान मंदिर में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं। श्रद्धालु शांतिपूर्वक मां के दर्शन करते हैं और साधना में लीन रहते हैं। जैसे ही ग्रहण समाप्त होता है वैदिक विधि विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की जाती है।


    खंडवा में दादाजी धूनीवाले मंदिर के कपाट भी बंद नहीं

    चंद्रगहण के दौरान खंडवा स्थित दादाजी धूनीवाले का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहा। सूर्यग्रहण हो या चंद्रग्रहण यहां मंदिर बंद करने की परंपरा कभी नहीं रही। मंदिर की ट्रस्टी मदन ठाकरे के अनुसार, यह स्थल अवधूत संत दादाजी धूनीवाले की पावन समाधि है। मान्यता है कि इस समाधि स्थल पर किसी भी ग्रह और नक्षत्र का प्रभाव नहीं पड़ता। यही कारण है कि मंदिर के पट दिन-रात खुले रहते हैं। आधी रात को भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर दर्शन कर सकते हैं। ग्रहण काल में भी मंदिर में नियमित आरती, पूजन और समाधि सेवा का क्रम जारी रहा।

  • MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल

    MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल


    भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं।

    रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।

    फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।

    मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।

    अगले दो दिन का मौसम का हाल
    16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
    17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।

    अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।