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  • कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग

    कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग


    नई दिल्ली । कुमार सानू ने अपनी एक्स वाइफ रीता के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है और मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब रीता ने कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुमार सानू पर गंभीर आरोप लगाए।

    क्या है मामला

    रीता ने अपने बयानों में दावा किया था कि कुमार सानू ने उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान उनका बहुत बुरा व्यवहार किया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुमार सानू ने उन्हें भूखा रखा किचन में बंद कर दिया और प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें दूध और मेडिकल केयर तक नहीं दिया। रीता का यह भी कहना था कि कुमार सानू ने इस दौरान कोर्ट के मामलों को भी जारी रखा था।

    इन आरोपों को लेकर कुमार सानू ने मानहानि की याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि इन झूठे आरोपों के कारण उनकी इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है और उन्होंने मानसिक तनाव का सामना भी किया है। कुमार सानू का कहना है कि इन आरोपों के कारण उनकी पब्लिक इमेज खराब हुई है और इसका असर उनके प्रोफेशनल करियर पर भी पड़ा है।

    याचिका में क्या कहा गया

    याचिका में कहा गया है कि इन बयानों ने सिंगर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें सोशल मीडिया पर भी निगेटिव प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। इस मानहानि के मामले में रीता और संबंधित मीडिया पोर्टल्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। कुमार सानू ने यह भी कहा कि इन आरोपों से उन्हें आर्थिक और प्रतिष्ठा संबंधी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा रीता ने यह भी आरोप लगाया था कि शादी के दौरान कुमार सानू के कई अफेयर थे जो मामला और पेचीदा बना रहा है।

    सना रईस खान ने लिया कुमार सानू का पक्ष

    कुमार सानू की ओर से इस मानहानि केस की याचिका वकील सना रईस खान द्वारा दायर की गई है। सना रईस खान बिग बॉस 17 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं और उन्होंने ही कुमार सानू का कानूनी प्रतिनिधित्व किया है।

    कुमार सानू और रीता का तलाक

    कुमार सानू और रीता का तलाक 2001 में हुआ था। दोनों का एक बेटा है जान कुमार सानू जो बिग बॉस 14 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुके थे। जान कुमार सानू का नाम भी इस विवाद से जुड़ा है लेकिन अभी तक उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह विवाद सिंगर कुमार सानू और उनकी एक्स वाइफ रीता के बीच बढ़ता जा रहा है। यदि कोर्ट इस मामले में फैसला देता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि मानहानि के इस केस में क्या परिणति होती है और क्या कुमार सानू को मुआवजा मिलता है।

  • US: ट्रंप ने BBC पर ठोका मानहानि का केस… 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग

    US: ट्रंप ने BBC पर ठोका मानहानि का केस… 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग


    वाशिंगटन।
    एक भाषण को एडिट करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने मीडिया हाउस बीबीसी (BBC) पर मुकदमा ठोक दिया है। उन्होंने बीबीसी से 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग भी की है। उन्होंने ब्रिटिश प्रसारक पर मानहानि के साथ-साथ भ्रामक और अनुचित तरीके से व्यापार करने का आरोप लगाया। दरअसल 6 जनवरी 2021 को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित किया था। इसके बाद उनके समर्थक कैपिटल हिल पर पहुंच गए और हिंसक हो गए।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक बीबीसी ने ट्रंप के भाषण के वीडियो में ‘फाइट लाइक हेल’ दिखाया लेकिन उनके दूसरे पार्ट को काट दिया जिसमें वह शांतिपूर्ण प्रदर्श की बात कर रहे थे। बीबीसी पर 33 पन्नों के इस मुकदमे में ट्रंप का ‘‘झूठा, मानहानिकारक, भ्रामक, अपमानजनक, भड़काऊ और दुर्भावनापूर्ण चित्रण’’ करने का आरोप लगाया गया है और इसे 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ‘‘हस्तक्षेप करने तथा उसे प्रभावित करने की निर्लज्ज कोशिश’’ बताया गया है।

    इसमें बीसीसी पर ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के छह जनवरी, 2021 के भाषण के दो पूरी तरह से अलग-अलग अंशों को एक साथ जोड़ने’’ का आरोप लगाया गया ताकि ‘‘ट्रंप द्वारा कही गई बातों के अर्थ को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।’’ बता दें कि बीबीसी की फंडिंग उसके दर्शकों से होती है। डोनाल्ड ट्रंप की लीगल टीम का कहना है कि बीबीसी लेफ्ट अजेंडा चलाता है और इसलिए डोनाल्ड ट्रंप को बदनाम करने की कोशिश में लगा रहता है।

    बीबीसी की तरफ इस मुकदमे को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले डॉक्युमेंट्री प्रकाशित करने को लेकर बीबीसी पहले से ही संकट का सामना कर रहा है। कई सीनियर अधिकारी इस्तीा दे चुके हैं। इससे बीबीसी की छवि भी खराब हुई है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। इस डॉक्युमेंट्री को अमेरिका में नहीं प्रसारित किया गया था। अब अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी वाले कानून से अपने मुद्दे को अलग करने के लिए ट्रंप को साबित करना होगा कि बीबीसी ने जो कुछ भी एडिट किया वह अपमानजनक था और दर्शकों में भ्रम फैलाने के लिए ही ऐसा किया गया था।

    बीबीसी कोर्ट में दावा कर सकता है कि उसने जो कुछ दिखाया वह सच था और जो कुछ भी ए़डिट किया गया है उससे जनता में कोई गलत संदेश नहीं गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल के खिलाफ भी केस किया था। हालांकि दोनों ने किसी भी गलती से इनकार किया है।

  • न्यायपालिका को बदनाम करने की हिम्मत कैसे हुई? रिजिजू ने DMK सांसद को लताड़ा

    न्यायपालिका को बदनाम करने की हिम्मत कैसे हुई? रिजिजू ने DMK सांसद को लताड़ा

     
    नई दिल्ली ।लोकसभा में शुक्रवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब तमिलनाडु से DMK सांसद टी.आर. बालू ने एक मुद्दे पर बोलते हुए एक हाईकोर्ट जज को RSS जज कह दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तत्काल आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संसद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने बालू से बिना शर्त माफी की मांग की और कहा- आप न्यायपालिका पर दाग कैसे लगा सकते हैं? किसी जज के लिए असंसदीय भाषा का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    इंडिगो फाल्ट के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
    राज्यसभा में विपक्ष ने इंडिगो एयरलाइन के स्टाफ संकट से देशभर की उड़ानें प्रभावित होने पर सरकार से जवाब मांगा। रिजिजू ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू हालात की समीक्षा कर रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि केंद्र किस तरह एयरलाइन की मदद कर सकता है। सदन के बाहर प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार के मोनोपोली मॉडल की देन है। राहुल गांधी ने भी X पर इसे सरकार की नीतियों का नतीजा बताया। वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर सरकार का साफ रुख
    अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया।

    उन्होंने बताया-
    1.51 लाख वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने भी समय बढ़ाने से मना किया है। तीन महीने तक देरी करने वालों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। कर्नाटक सबसे आगे रहा, जहां लगभग 50,000 संपत्तियां दर्ज हुईं। सत्र में पेश होने वाले अहम बिल संसद के शीतकालीन सत्र में 10 बड़े बिल पेश होने जा रहे हैं। इनमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं-

    1. एटॉमिक एनर्जी बिल
    न्यूक्लियर सेक्टर में पहली बार निजी कंपनियों को एंट्री का रास्ता खुलेगा। परमाणु ऊर्जा से जुड़े नियमों के लिए नया ढांचा बनेगा।

    2. हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल
    UGC, AICTE, NCTE को हटाकर एक ही आयोग बनाने का प्रस्ताव।
    उद्देश्य- विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को अधिक स्वतंत्रता व बेहतर पारदर्शिता।

    3. नेशनल हाईवे संशोधन बिल
    भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज व पारदर्शी बनाकर हाईवे परियोजनाओं की देरी कम करना।

    4. कॉर्पोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल, 2025
    कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में सुधार करके ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाना।

    5. सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल
    SEBI एक्ट, डिपॉजिटरीज एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को मिलाकर एक ही कानून बनाना।

    6. संविधान 131वां संशोधन बिल
    चंडीगढ़ UT को संविधान के आर्टिकल 240 के दायरे में लाना, जिससे केंद्र विशेष रेगुलेशन बना सके।

    7. आर्बिट्रेशन एंड कंसिलीएशन अमेंडमेंट बिल
    मध्यस्थता मामलों के समाधान को तेज करना और फैसलों को चुनौती देने की प्रक्रिया सरल बनाना।

    पहले चार दिनों की बड़ी घटनाएँ

    1 दिसंबर: वित्त मंत्री ने 3 बिल पेश किए, मणिपुर GST संशोधन बिल पास।

    2 दिसंबर: विपक्ष SIR पर चर्चा के लिए तैयार हुआ; 9 दिसंबर को 10 घंटे की बहस।

    3 दिसंबर: PM मोदी ने बंगाल BJP सांसदों से राज्य की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

    4 दिसंबर: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी मेहमानों से विपक्ष को मिलने नहीं देती।

    जस्टिस वर्मा पर कार्रवाई की संभावना
    स्पीकर द्वारा गठित तीन-सदस्यीय कमेटी अपनी रिपोर्ट इस सत्र में पेश करेगी। यदि आरोप साबित होते हैं तो संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रस्ताव को पास होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी और फिर यह राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। हालांकि माना जा रहा है कि आरोप सही पाए जाने की स्थिति में जस्टिस वर्मा खुद इस्तीफा दे सकते हैं।