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  • मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक

    मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक




    नई दिल्ली। होशियारपुर के रहने वाले मानव की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस सनसनीखेज केस की जांच अब दिल्ली पुलिस के हाथ में पहुंच चुकी है और पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में ट्रांसपोर्टर और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े पहलू सामने आने के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानव का दिल्ली में एक महिला के साथ कथित तौर पर संबंध था। बताया जा रहा है कि महिला के ट्रांसपोर्टर पति को इस संबंध की जानकारी मिल गई थी। सूत्रों का दावा है कि 15 मई को मानव उसी महिला से मिलने वाला था, लेकिन इससे पहले ही उसे होटल के बाहर से उठा लिया गया। आशंका जताई जा रही है कि बाद में उसकी हत्या कर शव को करनाल में झाड़ियों में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    इस बीच मानव की मां मंजू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि मानव ने अभी तक शादी नहीं की थी और वह रेशमी के साथ पिछले कई वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों मलेशिया में रहते थे और जल्द ही कोर्ट मैरिज करने वाले थे। मंजू ने एजेंट ‘हैप्पी’ पर भी शक जताया है। उनका कहना है कि हैप्पी लगातार मानव को बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दे रहा था।

    मंजू के अनुसार, 15 मई की शाम दो युवक होटल पहुंचे थे, जिनमें एक सरदार था। दोनों ने खुद को एजेंट के भेजे हुए लोग बताया और दस्तावेजों पर साइन कराने की बात कहकर मानव को अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा था कि 10-15 मिनट में वापस छोड़ देंगे, लेकिन इसके बाद मानव लौटकर नहीं आया।

    परिजनों के मुताबिक, रात करीब 1:40 बजे तक मानव का मोबाइल चालू था और उसकी मां से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। अगले दिन 16 मई की सुबह करनाल में झाड़ियों से एक युवक का शव बरामद हुआ। उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में हाथ पर बने टैटू और कड़े के आधार पर 18 मई को शव की पहचान मानव के रूप में हुई।

    परिवार का आरोप है कि शव के पास से मानव का आईफोन, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज गायब थे। जेब में केवल 3 हजार रुपए मिले, जिससे लूट की आशंका भी जताई जा रही है।

    मानव की पार्टनर रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव उन्हें और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़कर होटल लौट गया था। रात करीब 11:50 बजे तक दोनों की बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया। सूचना मिलने पर वह बच्चों के साथ भारत लौट आई।

    बताया जा रहा है कि मानव पिछले करीब 10 वर्षों से मलेशिया में रह रहा था और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात रेशमी से हुई थी, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। उनके जुड़वां बेटे भी हैं।

    मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। राजीव कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की भूमिका और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

    फिलहाल यह मामला रहस्य, रिश्तों और साजिशों के कई सवाल खड़े कर रहा है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

  • आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप

    आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप


    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि ये युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर, हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। तीनों को दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया है।

     मोबाइल से मिले संदिग्ध ई-मेल और पाकिस्तान कनेक्श
    स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के बदले क्या आर्थिक या अन्य लाभ दिए गए थे।

     ऐतिहासिक मंदिर की रेकी कर भेजी तस्वीरे
    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल का मकसद मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाना था।

    हाईवे के ढाबे पर ग्रेनेड हमले की साजि
    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाया गया था। आरोपियों को वहां ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को बेहद गंभीर मान रही हैं।

     सैन्य कैंप की भी की गई रेक
    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य कैंप और उसके आसपास के इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इन वीडियो को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर बताए जा रहे हैं।

    ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में हुआ खुलासा
    यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चलाए जा रहे “गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0” के तहत की गई। इससे पहले भी इस ऑपरेशन में कई राज्यों से संदिग्ध ऑपरेटिव्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल के नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जार
    दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सुरक्षा सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।

  • यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर स्टे, तिहाड़ जेल भेजे गए

    यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर स्टे, तिहाड़ जेल भेजे गए


    नई दिल्ली । एआई समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर सेशंस कोर्ट ने रोक लगा दी है। दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में अपील की और जमानत पर स्टे लगवाने के बाद चिब को तिहाड़ जेल भेज दिया।

    इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने नाराजगी व्यक्त की है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए पुलिस पर सत्ता पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। पोस्ट में बताया गया कि आधी रात को दिल्ली पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, जिसे न्यायालय ने अवैध बताते हुए खारिज कर दिया और जमानत आदेश दिया।

    हालांकि, जब चिब के वकील जमानत मुचलके आदि की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच चुपके से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सेशंस कोर्ट पहुंच गई। बिना पक्ष सुने ही जमानत आदेश पर स्टे लगा दिया गया और अगली सुनवाई की तारीख 6 मार्च तय की गई।

    यूथ कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा कि संगठन न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करता है और इस आदेश के खिलाफ हर कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस और सरकार के प्रयास असफल होंगे। यूथ कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे रखकर अपनी मंशा के अनुरूप भारत विरोधी ट्रेड डील पर सवालों से बचना चाहती है।

    बताया गया कि हाल ही में दिल्ली में हुए AI समिट के दौरान उदय भानु चिब और कई यूथ कांग्रेस नेताओं ने शर्टलेस प्रोटेस्ट किया था। मामले में दिल्ली पुलिस ने चिब समेत देश के अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। पिछले दिनों कोर्ट ने चिब को जमानत दे दी थी, लेकिन रिहाई से पहले पुलिस ने सेशंस कोर्ट में अपील की, और कोर्ट ने जमानत पर स्टे लगा दिया। इसके बाद चिब को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। यूथ कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि युवा-किसान विरोधी ट्रेड डील और अन्य गिरफ्तारियों के खिलाफ उनका संघर्ष और तेज होगा और अंततः सच्चाई और न्याय की जीत होगी।

  • दिल्ली पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा, 20% आरक्षण और आयु में छूट लागू

    दिल्ली पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा, 20% आरक्षण और आयु में छूट लागू


    नई दिल्‍ली । दिल्ली पुलिस में भर्ती के नियमों में अहम बदलाव कर दिया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव के तहत अब पूर्व अग्निवीरों के लिए पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पदों पर भर्ती में विशेष प्रावधान लागू होंगे।
    20% आरक्षण और आयु में छूट
    नए संशोधन के अनुसार, पुरुष कांस्टेबल के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए रखा गया है। इसके अलावा, उन्हें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से छूट और सामान्य आयु सीमा में 3 वर्ष की राहत दी जाएगी। विशेष रूप से, अग्निवीर योजना के पहले बैच से जुड़े उम्मीदवारों को अधिकतम 5 वर्ष तक की आयु छूट मिलेगी।

    भर्ती के अवसर और पदों की संख्या
    दिल्ली पुलिस में वर्तमान में पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) के 42,451 स्वीकृत पद हैं। इन पदों पर सामान्य भर्ती की प्रक्रिया के तहत उम्र सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित है। नए संशोधन के बाद बड़ी संख्या में पूर्व अग्निवीर इस भर्ती के लिए पात्र हो सकेंगे और कानून व्यवस्था में अपना करियर बना सकेंगे।

    अग्निवीर योजना का मकसद
    अग्निवीर योजना की शुरुआत 2022 में की गई थी, जिसका उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों में सेवा का अवसर प्रदान करना है। चार साल की सैन्य सेवा और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब पूर्व अग्निवीरों को कानून और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

  • एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्‍ली पुलिस का बड़ा दावा, नेपाल के GenZ आंदोलन से था प्रेरित

    एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्‍ली पुलिस का बड़ा दावा, नेपाल के GenZ आंदोलन से था प्रेरित


    नई दिल्ली । भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट शुक्रवार को राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए समिट स्थल पर टी-शर्ट हटाकर नारेबाजी की। इस अप्रत्याशित प्रदर्शन ने न केवल कार्यक्रम की गंभीरता को प्रभावित किया बल्कि देशभर में राजनीतिक विवाद भी तेज कर दिया। इसके बाद बीजेपी के कई राज्यों में कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।

    पुलिस का दावा: नेपाल के GenZ आंदोलन से प्रेरित
    दिल्ली पुलिस ने शनिवार (21 फरवरी 2026) को कहा कि यह प्रदर्शन नेपाल में सक्रिय GenZ आंदोलन से प्रेरित था। पुलिस के वकील ने कोर्ट में बताया कि प्रदर्शनकारियों ने “देश को बांटने वाले” नारे लगाए और ऐसा वह स्थान चुनकर किया जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान धक्कामुक्की भी हुई और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।

    जब कोर्ट ने पुलिस से पांच दिन की रिमांड का कारण पूछा, तो पुलिस ने कहा कि उन्हें यह पता करना है कि इस साजिश के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और विवादित टी-शर्ट कहां से छापी गई। आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया, उनका कहना था, “यह गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को कम करने वाली है। अगर प्रदर्शन के कारण गिरफ्तारी होने लगी, तो संसद में प्रदर्शन करने वाले सांसदों की भी गिरफ्तारी होगी।”

    गिरफ्तार प्रदर्शनकारी और पुलिस की दलील
    गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी थी। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए और अलग-अलग राज्यों से होने के कारण हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया।

    कांग्रेस विवादों में घिरी
    इस घटना के बाद कांग्रेस राजनीतिक विवादों में घिर गई है। प्रदर्शन ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए हलचल मचा दी थी। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन ने न केवल मीडिया और राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा बल्कि देश-विदेश के कई दिग्गज प्रतिनिधियों के सामने भी राजनीतिक तनाव पैदा किया।

  • दिल्ली मेट्रो अपडेट: T20 वर्ल्ड कप मैच के लिए DMRC ने बढ़ाई आखिरी ट्रेन की टाइमिंग, यात्रियों को राहत

    दिल्ली मेट्रो अपडेट: T20 वर्ल्ड कप मैच के लिए DMRC ने बढ़ाई आखिरी ट्रेन की टाइमिंग, यात्रियों को राहत


    नई दिल्ली। 12 फरवरी, 2026 को अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले ICC T20 वर्ल्ड कप मैच के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मेट्रो समय सारिणी में खास बदलाव किया है। मैच के कारण स्टेडियम और आसपास भारी भीड़ के मद्देनजर DMRC ने प्रमुख मेट्रो लाइनों पर आखिरी ट्रेन का समय लगभग 90 मिनट तक बढ़ा दिया है, ताकि दर्शक और सामान्य यात्री आसानी से घर लौट सकें।

    रेड लाइन (लाइन 1) पर शहीद स्थल से रिठाला रूट की आखिरी ट्रेन अब रात 12:10 से 12:15 बजे तक चलेगी। येलो लाइन (लाइन 2) पर समयपुर बादली से गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर तक ट्रेन 12:20 बजे तक उपलब्ध रहेगी। ब्लू लाइन (लाइन 3 और 4) की नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से द्वारका सेक्टर 21 तक की आखिरी ट्रेनें 11:35 और 11:45 बजे तक चलेंगी। ग्रीन लाइन (लाइन 5) की कुछ ट्रेनें 1:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। वायलेट, पिंक, मैजेंटा, ग्रे लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी ट्रेन समय में बदलाव किया गया है।

    DMRC ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल 12 फरवरी के लिए है। 13 फरवरी से मेट्रो टाइमिंग पहले की तरह सामान्य हो जाएगी। इस निर्णय से न केवल मैच देखने वाले दर्शकों को सुविधा मिली है, बल्कि देर रात सफर करने वाले यात्रियों को भी राहत मिली है।

    DMRC के इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि मैच खत्म होने के बाद भी लोग सुरक्षित और समय पर घर पहुंच सकें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना नई टाइमिंग के अनुसार बनाएं और भीड़भाड़ वाले समय में अतिरिक्त समय रखें।

  • सावधान! आपके बच्चों के बैग में तो नहीं 'नकली' किताबें? दिल्ली पुलिस ने पकड़ा 2 करोड़ का फर्जी NCERT सिंडिकेट

    सावधान! आपके बच्चों के बैग में तो नहीं 'नकली' किताबें? दिल्ली पुलिस ने पकड़ा 2 करोड़ का फर्जी NCERT सिंडिकेट


    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शिक्षा के नाम पर ठगी करने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने देशभर में फर्जी NCERT किताबें छापने और उनकी सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह को दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली किताबें और प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस दबिश से उन माफियाओं में हड़कंप मच गया है जो छात्रों और अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे थे।

    45 हजार के करीब किताबें और प्रिंटिंग प्रेस जब्त क्राइम ब्रांच ने इस ऑपरेशन के दौरान कुल 44,862 नकली किताबें बरामद की हैं। केवल किताबें ही नहीं, पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में चल रही एक पूरी अवैध फैक्ट्री को भी सील कर दिया है। यहाँ से दो अत्याधुनिक ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस मशीनें, कागज की रील, प्रिंटिंग इंक और एल्युमिनियम की प्लेटें जब्त की गई हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हूबहू असली जैसी दिखने वाली NCERT किताबें छाप रहा था, जिससे आम आदमी के लिए असली और नकली का फर्क करना नामुमकिन था।

    दरियागंज से गाजियाबाद तक फैला था जाल इस कार्रवाई की शुरुआत 10 नवंबर 2025 को हुई थी, जब पुलिस को दरियागंज के एक गोदाम में नकली किताबों के स्टॉक की जानकारी मिली। वहां की गई छापेमारी में 12,755 किताबें बरामद हुईं। मामले की गहराई से जांच करते हुए पुलिस ने 16 जनवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित जावली गाँव में एक गुप्त प्रिंटिंग यूनिट पर धावा बोला। यहाँ से 32,107 अतिरिक्त किताबें और प्रिंटिंग का पूरा तामझाम बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि यह फैक्ट्री दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में सप्लाई का मुख्य केंद्र थी।

    गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, एक पुराना खिलाड़ी पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है विनोद जैन 65 वर्ष यह इस गिरोह का सबसे शातिर सदस्य है और पहले भी इसी तरह के जालसाजी के मामलों में शामिल रह चुका है। सुमित 35 वर्ष यह जावली स्थित अवैध फैक्ट्री का संचालन देख रहा था। कनिष्क 32 वर्ष यह भी गिरोह के साथ मिलकर सप्लाई चेन को मैनेज कर रहा था। जांच अभी जारी है दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन और उन थोक विक्रेताओं की पहचान करने में जुटी है, जो इन नकली किताबों को दुकानों तक पहुँचाते थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही किताबें खरीदें और किताबों पर लगे होलोग्राम और प्रिंट की गुणवत्ता की सावधानीपूर्वक जांच करें।

  • रिश्तों का कत्ल: नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को आखिरी सांस तक उम्रकैद

    रिश्तों का कत्ल: नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को आखिरी सांस तक उम्रकैद


    नई दिल्ली । दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। रोहिणी स्थित पॉक्सो कोर्ट ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने वाले एक कलयुगी पिता को ‘प्राकृतिक जीवन के अंत’ यानी आखिरी सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने इस अपराध को समाज की अंतरात्मा पर आघात बताते हुए दोषी पिता पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पिता-पुत्री का रिश्ता सबसे पवित्र होता है, लेकिन दोषी ने अपनी क्रूरता से इस भरोसे को पूरी तरह खत्म कर दिया।

    यह मामला तब शुरू हुआ जब पीड़िता की मां ने घर छोड़ दिया और दूसरा विवाह कर लिया। इसके बाद सुरक्षा देने के बजाय पिता ही भक्षक बन गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 फरवरी 2021 की रात पिता ने पहली बार अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। डरी-सहमी पीड़िता ने जब अपनी सगी बुआ को इस आपबीती के बारे में बताया, तो वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। बुआ ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय मामले को दबाने और छिपाने का प्रयास किया। अंततः मई 2021 में जब पीड़िता ने अपनी ताई को पूरी घटना बताई, तब जाकर पुलिस में मामला दर्ज हुआ और इस भयावह सच्चाई का खुलासा हुआ।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता की बुआ के व्यवहार पर भी सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने माना कि बुआ ने अपराध की जानकारी होने के बावजूद उसे छिपाया, जो पॉक्सो एक्ट की धारा 21 ,1 के तहत गंभीर अपराध है। हालांकि, बुआ के दो छोटे बच्चों और उसकी पारिवारिक स्थिति को देखते हुए अदालत ने उसे जेल भेजने के बजाय 20,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही, अदालत ने पीड़िता के भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उसे 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

    अदालत में विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार ने दलील दी कि ऐसे अपराधी किसी भी सहानुभूति के पात्र नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सजा ऐसी होनी चाहिए जो समाज में नजीर पेश करे। बचाव पक्ष ने आरोपी के पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होने और जेल में अच्छे आचरण का हवाला देकर रियायत की मांग की थी, जिसे न्यायाधीश ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 42 का संदर्भ देते हुए दोषी को धारा 6 के तहत अधिकतम दंड यानी ताउम्र कैद की सजा से दंडित किया। यह फैसला संदेश देता है कि मासूमों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराधों पर न्याय प्रणाली का रुख बेहद कड़ा और समझौताविहीन रहेगा।

  • ED के छापों के बाद कोलकाता से दिल्ली तक सियासी बवाल, TMC के 8 सांसद अमित शाह के दफ्तर के बाहर हिरासत में

    ED के छापों के बाद कोलकाता से दिल्ली तक सियासी बवाल, TMC के 8 सांसद अमित शाह के दफ्तर के बाहर हिरासत में


    नई दिल्ली । कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर ईडी की छापेमारी के बाद राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है। यह छापेमारी पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टीके बीच राजनीतिक संघर्ष को और गहरा कर दिया है। इस पर टीएमसी और बीजेपी दोनों ही पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।

    TMC के सांसदों ने मंगलवार, 9 जनवरी को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया, विरोध जताने के लिए। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए सांसदों ने ईडी की कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। इस दौरान TMC के प्रमुख नेताओं में से डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने टीएमसी के नेताओं, डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कुल आठ सांसदों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन उन्हें माहौल को देखते हुए बाद में रिहा कर दिया गया।

    महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा, यह हमारे साथ अन्याय हो रहा है। हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी के सामने झुकने वाली नहीं हैं। गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया है। ईडी को हमारी पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी चुराने के लिए भेजा गया था। ममता बनर्जी शेरनी हैं और उन्होंने हमारी पार्टी की प्रॉपर्टी की रक्षा की है। हम बीजेपी को हराकर दिखाएंगे।

    TMC सांसद शताब्दी रॉय ने भी तीखा हमला करते हुए कहा, कल पूरी दुनिया ने देखा कि गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया। ये सिर्फ चुनाव जीतने के लिए अपनी एजेंसियों को भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत सकते। वहीं, कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि BJP ने ग्यारह साल तक सही टेंडर जारी नहीं किए और अपनी पार्टी के लोगों को काम देकर उन्हें लूटने का मौका दिया।

    टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रही है और यह सब असहमति को दबाने के लिए किया जा रहा है। TMC नेताओं का कहना है कि ईडी की छापेमारी को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, खासकर चुनावों से पहले। गौरतलब है कि ईडी ने कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धनशोधन की जांच के तहत कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए लगातार हमलावर हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक मैदान को और भी गरम कर दिया है, और दोनों प्रमुख दलों के बीच आगामी विधानसभा चुनावों में संघर्ष तेज हो गया है।

  • तुर्कमान गेट बवाल में सपा सांसद का नाम उछला, मोहिबुल्लाह नदवी बोले– हिंसा नहीं, शांति के लिए गया था

    तुर्कमान गेट बवाल में सपा सांसद का नाम उछला, मोहिबुल्लाह नदवी बोले– हिंसा नहीं, शांति के लिए गया था


    नई दिल्ली। बीतीरात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुए बवाल मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम आया है। पुलिस उनसे पत्थरबाजी के इस मामले में पूछताछ करेगी। मोहिबुल्लाह नदवी कहा कि मेरी जानकारी में हाईकोर्ट का ऐसा कोई ऑर्डर नहीं है, जिसमें अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया हो। अभी बात ही चल रही थी कि कितना मस्जिद का एरिया है और कितना अतिक्रमण हुआ है। या अतिक्रमण नहीं भी हुआ है।
    इसी दरमियान रात में मुझे खबर मिली कि मस्जिद को घेर लिया गया है।

    बवाल वाली जगह क्यों पहुंचे थे सपा सांसद?
    सपा सांसद ने आगे कहा, ‘इससे पहले महरौली में एक मस्जिद रातोंरात गायब कर दी गई थी। उसके लिए मैंने संसद में भी आवाज उठाई थी। तुर्कमान गेट वाली खबर मैंने सुनी तो सोचा कि लोग कहीं बेकाबू ना हो जाएं, इसलिए मैं मौके पर पहुंचा था। मैं जब वहां गया तो लोगों से अपील की कि अपने-अपने घरों में जाएं। एक वीडियो भी हैं, जिसमें मैं लोगों से शांत रहने के लिए कह रहा हूं।’

    फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पत्थरबाजी क्यों?
    गौरतलब है कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात दिल्ली पुलिस और MCD की टीम, तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुए अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंची थी।

    तभी मौके पर उन्मादियों की भीड़ पहुंच गई और उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी।

    दिल्ली पुलिस ने 5 लोगों पर की FIR
    पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। अबतक 5 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए दंगाइयों की पहचान करने में जुटी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जब इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी, उस वक्त अफवाह फैला दी गई कि मस्जिद को तोड़ा जा रहा है।

    यही बोलकर लोगों को जमा किया गया और फिर बवाल हो गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। वहीं, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का कहना है कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा और न ही किसी को हिंसा के लिए उकसाया। उनका दावा है कि वे सिर्फ शांति बनाए रखने और हालात को काबू में रखने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।