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  • देवास में शिप्रा बैराज पानी विवाद गरमाया: कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, सांसद-विधायक ने दिया आश्वासन

    देवास में शिप्रा बैराज पानी विवाद गरमाया: कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, सांसद-विधायक ने दिया आश्वासन


    मध्‍य प्रदेश । देवास में शिप्रा बैराज से नर्मदा जल आपूर्ति और उससे जुड़े वितरण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देवास के हिस्से का पानी मांगलिया क्षेत्र को दिया जा रहा है, जबकि भाजपा पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। इस मुद्दे ने अब शहर की सियासत को पूरी तरह गर्मा दिया है।

    गुरुवार को कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सीधे फोन पर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक गायत्री राजे पवार से बात की और देवास के जल अधिकारों की सुरक्षा की मांग रखी।

    फोन पर हुई बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने सांसद से कहा कि देवास के नागरिकों के हितों की रक्षा की जाए और उनके हिस्से का पानी किसी अन्य क्षेत्र को न दिया जाए। इस पर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भी इस मुद्दे पर संवेदनशील हैं और देवास की जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि वे 24 घंटे जनता की सेवा के लिए उपलब्ध हैं।

    इसके बाद कांग्रेस नेता ने विधायक गायत्री राजे पवार से भी फोन पर संपर्क किया। विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि देवास के हिस्से के पानी में किसी प्रकार की कटौती या अन्य क्षेत्र को स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कांग्रेस की ओर से लगातार इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों में ज्ञापन, धरना और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के माध्यम से पार्टी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। अब यह मामला सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने के बाद और अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर चुका है।

    शिप्रा बैराज से नर्मदा जल की आपूर्ति देवास शहर के लिए की जाती है, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि मांगलिया क्षेत्र को भी इसी स्रोत से पानी दिया जा रहा है। वहीं भाजपा और स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि मांगलिया को पानी एनवीडीए के माध्यम से अलग व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराया जा रहा है और देवास के हिस्से में कोई कटौती नहीं की गई है।

    इस पूरे विवाद के बीच अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर क्या स्पष्ट निर्णय सामने आता है और दोनों पक्षों के बीच चल रहा यह राजनीतिक तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • देवास में रास्ता विवाद से बवाल: 400 परिवारों का चक्काजाम, स्थायी समाधान की मांग तेज

    देवास में रास्ता विवाद से बवाल: 400 परिवारों का चक्काजाम, स्थायी समाधान की मांग तेज


    मध्‍य प्रदेश । देवास शहर में गीता श्री और मैना श्री कॉलोनी के रहवासियों ने रास्ता बंद होने के विरोध में बुधवार रात जमकर प्रदर्शन किया। कॉलोनी का मुख्य मार्ग अवरुद्ध किए जाने से नाराज सैकड़ों लोगों ने बीमा रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। यह विरोध प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला, जिसके बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया।

    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी का मुख्य मार्ग एक व्यक्ति द्वारा बंद कर दिए जाने से लगभग 400 परिवारों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग वर्षों से उपयोग में था, लेकिन अचानक अवरुद्ध होने से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी बाधित हो रही है।

    घटना की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी जाएगी।

    इसके बाद गुरुवार को कॉलोनी के प्रतिनिधि अपर कलेक्टर संजीव जैन से मिले और स्थायी समाधान की मांग की। रहवासियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि स्थायी और कानूनी समाधान आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

    अपर कलेक्टर ने सुनवाई के दौरान बताया कि यह मामला नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है। उन्होंने रहवासियों को नगर निगम आयुक्त से मिलकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराने और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की सलाह दी।

    स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। प्रशासन ने फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही है।

  • फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त

    फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त


    मध्यप्रदेश। देवास में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने एक ऐसे कथित नेटवर्क का खुलासा किया है, जो मोबाइल फोन के माध्यम से ऑर्डर लेकर ग्राहकों तक शराब पहुंचाने का काम कर रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 79 हजार रुपये मूल्य की 84 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के जयप्रकाश नगर क्षेत्र में एक मकान से अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद अमित राठौर नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त होने के बाद शराब को तय स्थानों पर पहुंचाया जाता था। अधिकारियों के अनुसार यह गतिविधि एक संगठित डिलीवरी व्यवस्था की तरह संचालित की जा रही थी। हालांकि पूरे नेटवर्क की वास्तविक संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

    आबकारी विभाग का कहना है कि आरोपी के कब्जे से बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों तक की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार केवल बिक्री तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अक्सर एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय रहता है, इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड से इस अवैध कारोबार के दायरे और अवधि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    आबकारी और पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में पनपने नहीं दिया जाएगा।

    फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क के आकार और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

  • मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने पर देवास में कांग्रेस का धरना, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

    मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने पर देवास में कांग्रेस का धरना, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश। राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में जारी हलचल के बीच कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के विरोध में देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार को शहर कांग्रेस इकाई के नेतृत्व में पुष्कर मंडूक तालाब के समीप धरना आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

    कांग्रेस का यह धरना करीब पांच घंटे तक चला। इस दौरान पार्टी नेताओं ने नामांकन पत्र निरस्त किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक कदम प्रतीत होता है।

    धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार को चुनावी मुकाबले से बाहर करने के उद्देश्य से साजिश रची गई है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया किसी भी प्रकार के पक्षपात या दबाव से मुक्त होनी चाहिए।

    प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नामांकन पत्र निरस्त होने की घटना लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का एक “काला दिन” बताते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को केवल राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय मानती है।

    धरने में शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और पूरे मामले की पारदर्शी समीक्षा की मांग भी उठाई।

    धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक अपनी आपत्तियां पहुंचाने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना जनता और राजनीतिक दलों का संवैधानिक अधिकार है तथा वे इसी अधिकार के तहत अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

    फिलहाल राज्यसभा चुनाव और नामांकन विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में और भी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को लेकर अपना विरोध आगे भी जारी रखेगी।

  • बैंक ग्राहक के झोले पर ब्लेड मारकर उड़ाए 60 हजार, सात दिन में महिला गिरफ्तार

    बैंक ग्राहक के झोले पर ब्लेड मारकर उड़ाए 60 हजार, सात दिन में महिला गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश। देवास जिले के उदयनगर क्षेत्र में बैंक ग्राहक के झोले को ब्लेड से काटकर 60 हजार रुपये चोरी करने के मामले का पुलिस ने सात दिन के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से चोरी गई पूरी राशि बरामद करने की बात कही है। मामले के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    पुलिस के अनुसार घटना 2 जून 2026 की है। पीपलपाटी निवासी चम्पालाल यादव ट्रैक्टर की किश्त जमा करने के लिए 60 हजार रुपये लेकर उदयनगर स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे थे। शिकायत के मुताबिक बैंक में राशि जमा करने के दौरान हाट बाजार क्षेत्र में किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके झोले को ब्लेड या किसी नुकीली वस्तु से काट दिया और उसमें रखी नकदी निकाल ली। घटना का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने बैंक परिसर और आसपास के हाट बाजार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक महिला संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो फुटेज के आधार पर महिला की पहचान करने का प्रयास किया गया। तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के बाद पुलिस महिला तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान सुधा पति शिवचरण सिसोदिया, निवासी कड़ियां सांसी, थाना बोड़ा, जिला राजगढ़ के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को 9 जून को सीहोर जिले के सलकनपुर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान महिला ने कथित रूप से चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसके कब्जे से चोरी गए 60 हजार रुपये बरामद कर जब्त कर लिए गए।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में त्रिनेत्रम अभियान के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे काफी उपयोगी साबित हुए। कैमरों में दर्ज फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया। पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक और निगरानी व्यवस्था के कारण अपराधों की जांच में तेजी आई है और आरोपियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है।

    मामले की जांच पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरनारायण बाथम, एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

    पुलिस ने नागरिकों से भीड़भाड़ वाले बाजारों, बैंक परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर नकदी लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

  • जश्न के बीच हुड़दंग: शाजापुर में मस्जिद के पास सुतली बम, देवास में CSP समेत दो पुलिसकर्मी घायल

    जश्न के बीच हुड़दंग: शाजापुर में मस्जिद के पास सुतली बम, देवास में CSP समेत दो पुलिसकर्मी घायल


    शाजापुर । टीम इंडिया की जीत का जश्न जहां पूरे प्रदेश में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया वहीं कुछ स्थानों पर यह खुशी हुड़दंग और विवाद का कारण भी बन गई। मध्यप्रदेश के शाजापुर और देवास में जश्न के दौरान हुई घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शाजापुर में मस्जिद के पास सुतली बम फेंकने से तनाव की स्थिति बन गई जबकि देवास में पटाखों की चपेट में आने से सीएसपी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

    शाजापुर जिले में रविवार रात भारत के टी 20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद बड़ी संख्या में युवक बाइक रैली निकालकर जश्न मना रहे थे। इसी दौरान कुछ बाइक सवार युवक किला रोड क्षेत्र से गुजर रहे थे। आरोप है कि इसी बीच किसी युवक ने पीपलपत्ता मस्जिद के पास सुतली बम फेंक दिया। बम के फूटते ही नाली का कीचड़ उछलकर मस्जिद की दीवार पर फैल गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में समाजजन वहां इकट्ठा हो गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। फुटेज में कई बाइक सवार युवक जश्न मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं और उसी दौरान एक युवक बम फेंकते हुए नजर आ रहा है। घटना के बाद पीपलपत्ता मस्जिद कमेटी ने कोतवाली थाने में लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    वहीं दूसरी ओर देवास में भी जश्न के दौरान हुड़दंग की घटना सामने आई। शहर के सयाजी द्वार क्षेत्र में भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान कुछ युवकों ने पटाखे एक दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। इसी बीच जलते हुए बम पुलिसकर्मियों के पास जाकर फूट गए।

    इस घटना में देवास के सीएसपी सुमित अग्रवाल समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर सख्ती दिखाई और हुड़दंग कर रहे लोगों को वहां से हटाया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जीत का जश्न शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही और हुड़दंग के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

  • MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज

    MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज


    देवास।
    एमपी (MP) के देवास (Dewas) में एक कथित भाजपा नेता (BJP Leader) को न्यायाधीश (Judge) का रास्ता रोकना काफी महंगा पड़ा। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। तीन लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मिलकर कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान के अवैध हिस्सों और पोल्ट्री फार्म पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर की गई है।


    बुलडोजर ऐक्शन भी हुआ

    देवास में जज प्रसन्न सिंह बेहरावत और भाजपा नेता पंकज धारू के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम, तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए पंकज घारू के उज्जैन रोड बायपास स्थित पोल्ट्री फार्म पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया। भोपाल रोड स्थित उसके अवैध मकान को भी जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मक्सी रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।


    अभद्र भाषा में बातचीत के आरोप

    घटना मंगलवार को देवास के जयश्री नगर क्षेत्र में हुई थी। न्यायाधीश कार से न्यायालय की ओर जा रहे थे। इस दौरान पंकज घारू और उसके 2 से 3 साथियों ने स्कॉर्पियो वाहन सड़क के बीच खड़ा कर रास्ता रोक दिया। न्यायाधीश ने ड्यूटी पर जाने की बात ही और वाहन हटाने का आग्रह किया। इस पर आरोपितों ने अभद्र भाषा में बातचीत की। इस दौरान न्यायाधीश ने मोबाइल से वाहन का फोटो लेने का प्रयास किया तो उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।


    वायरल हुआ था वीडियो

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक युवक न्यायाधीश को कार में बैठने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। आरोपी जज पर ही FIR की धमकी देता सुनाई दे रहा है। स्थिति बिगड़ती देख न्यायाधीश ने किसी तरह वहां से निकलने की कोशिश की। इसके बाद जब वे वापस अपनी कार में बैठकर आगे बढ़ने लगे तो आरोपितों ने उनका घेराव कर दरवाजा खोलने से रोका और धमकी दी।


    आरोप भी लगाए

    बाद में जज साहब ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी पंकज धारू ने कहा कि एक दिन पहले मजिस्ट्रेट की गाड़ी से एक बच्चे को टक्कर लगी थी, जिसमें वह घायल हुआ। बच्चे के इलाज को लेकर चर्चा के दौरान विवाद हुआ। पंकज ने दावा किया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।


    पहले ही दिए थे नोटिस

    आरोपी पंकज ने यह भी दावा है कि बाद में समझौते के लिए फोन आया, लेकिन उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। लेकिन पालन नहीं होने पर यह कदम उठाया गया है। बुलडोजर चलाने की कार्रवाई विधिवत की गई है। बाइपास पर पोल्ट्री फार्म करीब सवा से डेढ़ बीघा जमीन पर बनाया गया था।


    कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

    पोल्ट्री फार्म की जमीन की कीमत दो करोड रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, नगर निगम और राजस्व अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


    जज साहब ने दर्ज कराई थी शिकायत

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि देवास ग्रीन कॉलोनी क्षेत्र में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न बहरावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाड़ी निकालने को लेकर भाजपा नेता पंकज धारू और उनके साथियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने आरोपी पंकज धारू, भीम धारू एवं अन्य के खिलाफ सात से अधिक गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।