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  • राजबाड़ा बाजार में अचानक बिगड़ी तबीयत, देवास से खरीदारी करने आए व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम

    राजबाड़ा बाजार में अचानक बिगड़ी तबीयत, देवास से खरीदारी करने आए व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम


    इंदौर ।  इंदौर के व्यस्त राजबाड़ा बाजार में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब देवास जिले के बागली से खरीदारी करने आए 50 वर्षीय व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है जबकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि हृदय संबंधी समस्याएं बिना किसी बड़े संकेत के भी अचानक सामने आ सकती हैं।

    मृतक की पहचान विक्रम पुत्र नाथूलाल चौहान निवासी बागली जिला देवास के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने एक रिश्तेदार के साथ घरेलू खरीदारी के लिए इंदौर आए थे। दोनों राजबाड़ा क्षेत्र में अलग अलग दुकानों पर सामान खरीद रहे थे। इसी दौरान विक्रम एक दुकान पर बैठे हुए थे तभी उन्हें अचानक घबराहट महसूस हुई। आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कुछ ही क्षणों में उनकी तबीयत और बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना होते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मानवता का परिचय दिया और बिना समय गंवाए उन्हें ऑटो की मदद से महाराजा यशवंतराव अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल जांच की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक अंतिम कारण पर कुछ भी कहने से इनकार किया है।

    घटना की सूचना मिलते ही सराफा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। यदि किसी अन्य चिकित्सकीय कारण का पता चलता है तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    परिजनों के अनुसार विक्रम सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए थे और बागली क्षेत्र में एक गैर सरकारी संस्था के साथ काम करते थे। उनका व्यवहार मिलनसार था और समाज सेवा में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। परिवार में पत्नी चार बच्चे और अन्य सदस्य हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।

    चिकित्सकों का कहना है कि लगातार बढ़ती भागदौड़ तनाव अनियमित दिनचर्या और हृदय रोगों के प्रति लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि किसी व्यक्ति को अचानक सीने में दर्द घबराहट सांस लेने में तकलीफ अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

    यह दुखद घटना एक बार फिर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत को रेखांकित करती है। नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित जीवनशैली और समय पर चिकित्सा सलाह हृदय संबंधी गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकती है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोगों की तत्परता भी आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • कन्नौद के चपलासा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात, संपत्ति विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या

    कन्नौद के चपलासा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात, संपत्ति विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र स्थित चपलासा गांव में पारिवारिक संपत्ति विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया। मंगलवार को कथित रूप से एक बेटे ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी डायल 112 के माध्यम से मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक की पहचान माधवपुरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जबकि हत्या के आरोप में उनके पुत्र जगदीशपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया गया है।

    फरियादी आशीष गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि करीब आठ वर्ष पहले माधवपुरी गोस्वामी ने अपनी संपत्ति तीनों पुत्रों में बराबर बांट दी थी। आशीष के अनुसार उसके पिता और छोटे चाचा का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि बीच वाले चाचा जगदीशपुरी अपने पिता के साथ रहते थे। परिवार का आरोप है कि जगदीशपुरी शराब का आदी था और किसी प्रकार का रोजगार नहीं करता था।

    घटना के समय जगदीशपुरी के पुत्र पवनपुरी ने आशीष को फोन कर बताया कि उसके पिता और दादाजी के बीच विवाद हो रहा है। सूचना मिलते ही आशीष अपनी पत्नी अर्चना के साथ मौके पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसने कथित रूप से देखा कि जगदीशपुरी अपने पिता पर चाकू या उस्तरे जैसे धारदार हथियार से हमला कर रहा था। दोनों को आते देख आरोपी हथियार लेकर मौके से फरार हो गया।

    जब आशीष और उसकी पत्नी घर के अंदर पहुंचे तो माधवपुरी गोस्वामी खाट पर लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले। उनके गले पर गहरा घाव था और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या में प्रयुक्त हथियार सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध

    राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध


    देवास । नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश के देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार रात आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, रैली निकाली और पोस्टर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

    प्रदर्शन की शुरुआत रात करीब साढ़े नौ बजे शहर के मंडूक पुष्कर तालाब क्षेत्र से हुई। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन के बाद विरोध मार्च निकाला। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सयाजी द्वार पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के नेताओं के पोस्टर जलाकर अपना विरोध जताया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि नीट पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

    कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

    प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा और पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। पूरे प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।

    इस विरोध कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

  • देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक

    देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक


    देवास । देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की शिनाख्त राजाराम नगर निवासी महेंद्र सिंह सिसोदिया के रूप में हुई। रविवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस मौत के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।

    सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक, शव की तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिस पर परिजनों का मोबाइल नंबर लिखा था। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और शव की पहचान कराई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह सिसोदिया 14 जुलाई को घर से निकले थे। इसके बाद वे नागदा क्षेत्र में अपने माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन चार दिन बाद उनका शव रेलवे माल गोदाम के पास मिला।

    घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को जहर की कुछ पुड़िया भी मिली हैं। इन्हें जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है।

  • नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार

    नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार


    मध्य प्रदेश : के देवास जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल नेमावर में महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी की एक बड़ी घटना सामने आई है। आरोप है कि एक महिला ने पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने और सोने-चांदी के आभूषणों को चमकाने तथा नया डिज़ाइन तैयार करने का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये मूल्य के जेवर अपने कब्जे में ले लिए और फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से शिकायत कर आरोपी की गिरफ्तारी और आभूषण बरामद कराने की मांग की है।

    शिकायत के अनुसार, ठगी की शुरुआत 7 जुलाई को हुई, जब एक महिला अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को लेकर पीड़ितों के घर पहुंची। उसने स्वयं को भरोसेमंद बताते हुए पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान उसने महिलाओं का विश्वास जीतने की कोशिश की और अगले दिन फिर आने की बात कहकर वहां से चली गई।

    पीड़ितों का आरोप है कि 8 जुलाई को वही महिला दोबारा उनके घर पहुंची। इस बार उसने सोने और चांदी के आभूषणों को नया रूप देने, चमकाने और आकर्षक डिज़ाइन तैयार करने का प्रस्ताव रखा। उसने भरोसा दिलाया कि वह जेवर देखकर तुरंत वापस कर देगी। महिला की बातों पर विश्वास करते हुए पीड़ितों ने अपने कीमती आभूषण उसे सौंप दिए।

    आरोप है कि जेवर लेने के बाद महिला वहां से चली गई और फिर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित महिलाओं के अनुसार, गायब हुए सोने-चांदी के आभूषणों की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने ऐसे गिरोहों से सतर्क रहने की अपील की है।

    मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित महिलाएं नेमावर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, आरोपी महिला की पहचान कर उसे शीघ्र गिरफ्तार करने तथा उनके आभूषण बरामद कराने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्राथमिक जांच के तहत पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी महिला किसी संगठित ठग गिरोह का हिस्सा है या उसने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के झांसे में आकर अपने कीमती आभूषण या अन्य बहुमूल्य सामान किसी को न सौंपें। यदि कोई व्यक्ति जेवर चमकाने, बदलने या अन्य किसी बहाने से घर पहुंचता है तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह मामला एक बार फिर सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि इस प्रकार की ठगी से आम नागरिकों को बचाया जा सके।

  • देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें

    देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें


    देवास । देवास के बालगढ़ रोड पर शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। महज 14 वर्षीय छात्र जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ घूमने निकला था, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। हादसे में उसके दोनों दोस्त मामूली रूप से घायल हुए, जबकि जैद को अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जैद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अष्टविनायक कॉलोनी के पास बालगढ़ रोड पर हुई। शांतिपुरा निवासी जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकला था। लौटते समय उनकी बाइक सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और एक परिचित की सहायता से तीनों को ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोनों दोस्तों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई क्योंकि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैद का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    परिजनों के अनुसार जैद आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ बेहद मिलनसार स्वभाव का था। उसके पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और साथ ही एक छोटी किराना दुकान भी संचालित करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मोहल्ले में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि जैद सभी का चहेता था और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाला बच्चा था।

    हादसे के बाद जैद के दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किए। एक दोस्त ने लिखा कि आ जाना यार हमेशा की तरह एक आवाज पर जबकि अन्य दोस्तों ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जहां भी रहो दोस्त हमेशा खुश रहो। इन संदेशों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और यह एहसास कराया कि एक सड़क हादसा केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे दोस्ती के रिश्ते को भी गहरा जख्म दे जाता है।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार और बाइक की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी दुखद याद दिलाती है। एक पल की चूक ने एक मासूम छात्र की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा दर्द दे दिया जिसे शायद समय भी कभी पूरी तरह भर नहीं पाएगा।

  • पहली बारिश में बह गई करोड़ों के पुल की सुरक्षा दीवार निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल ग्रामीणों ने मांगी तकनीकी जांच

    पहली बारिश में बह गई करोड़ों के पुल की सुरक्षा दीवार निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल ग्रामीणों ने मांगी तकनीकी जांच


    देवास । देवास जिले के होशियारी और मकोडिया गांवों को जोड़ने वाला करोड़ों रुपए की लागत से बना स्टॉप डैम कम पुल पहली ही बारिश के बाद सवालों के घेरे में आ गया है। मानसून की शुरुआती बारिश में ही पुल के दोनों ओर बनाई गई प्रोटेक्शन वॉल बह गई जबकि उसके पीछे भरी गई मिट्टी भी कई स्थानों से कट गई। इस घटना ने निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुल पर आवागमन जारी है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में तेज बारिश या बाढ़ का दबाव बढ़ा तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

    मौके पर निरीक्षण के दौरान पुल के दोनों सिरों पर सुरक्षा दीवार के कई हिस्से क्षतिग्रस्त मिले। जहां मजबूत प्रोटेक्शन वॉल बनाई गई थी वहां अब केवल कंक्रीट के अवशेष और बह चुकी मिट्टी दिखाई दे रही है। पुल के एप्रोच मार्ग के पास भराव मिट्टी के बह जाने से कई स्थानों पर गड्ढेनुमा स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक नदी में बड़ा उफान भी नहीं आया है। केवल सामान्य बारिश और शिप्रा नदी में छोड़े गए पानी के बहाव से ही यह नुकसान हुआ है। ऐसे में यदि मानसून के अगले दौर में जलस्तर बढ़ा तो पुल की नींव तक खतरा पहुंच सकता है।

    ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इरफान पटेल धीरज बना गोलू वर्मा टेपू शेख रंजन सिंह चौहान लाखन सिंह राठौर नवाब शेख और शेर मोहम्मद पटेल सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। उनका आरोप है कि सरियों और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कमजोर रही जिसके कारण पहली ही बारिश में सुरक्षा दीवार टिक नहीं सकी। ग्रामीणों के अनुसार मार्च में भूमिपूजन के बाद जल्दबाजी में करीब 28 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया था। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए की इस परियोजना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    मामला सामने आने के बाद हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी ने पुल का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर निर्माण गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है और यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जहां कमी पाई गई है उसे तत्काल दूर कराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे।

    सिंचाई विभाग की एसडीओ नेहा दुबे ने बताया कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और नुकसान केवल प्रोटेक्शन वॉल तथा उसके पीछे की भराव मिट्टी तक सीमित है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अभी जारी है और ग्वालियर की कटारे कंस्ट्रक्शन कंपनी इस परियोजना का निर्माण कर रही है। एजेंसी का अंतिम भुगतान भी अभी नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से की दोबारा मरम्मत कराई जाएगी तथा पूरी प्रोटेक्शन वॉल नए सिरे से बनाई जाएगी। बारिश का दौर थमने के बाद शेष निर्माण कार्य भी पूरा कराया जाएगा।

    फिलहाल इस पूरे मामले में ग्रामीणों और विभाग के दावों के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। एक ओर ग्रामीण निर्माण में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर विभाग मुख्य पुल को सुरक्षित बताते हुए केवल सुरक्षा दीवार की मरम्मत की बात कह रहा है। अब सभी की नजर प्रस्तावित तकनीकी जांच और मानसून के अगले दौर पर टिकी है क्योंकि तेज बारिश ही यह तय करेगी कि पुल का निर्माण वास्तव में कितना मजबूत और सुरक्षित है।

  • माता टेकरी में हादसे की आहट कुमार गंधर्व द्वार से टूटे पत्थर एक श्रद्धालु घायल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

    माता टेकरी में हादसे की आहट कुमार गंधर्व द्वार से टूटे पत्थर एक श्रद्धालु घायल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप


    देवास  देवास की आस्था का प्रमुख केंद्र माता टेकरी शनिवार सुबह उस समय अचानक चर्चा का विषय बन गया जब रपट मार्ग पर स्थित कुमार गंधर्व प्रवेश द्वार से पत्थर टूटकर नीचे गिर पड़े। इस अप्रत्याशित घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया जबकि संयोग से बड़ा हादसा टल गया। जिस समय यह घटना हुई उस दौरान द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी और कुछ लोग पास में खड़े होकर चाय पी रहे थे। यदि उस समय वहां अधिक भीड़ होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक प्रवेश द्वार के ऊपरी हिस्से से लाल पत्थरों के कई टुकड़े टूटकर नीचे आ गिरे। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और एक बड़ा पत्थर नीचे खड़े व्यक्ति के पैर पर गिर गया जिससे उसे चोट लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल की मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु भयभीत नजर आए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि माता टेकरी देवास का प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों पर यहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में प्रवेश द्वार जैसी महत्वपूर्ण संरचना से पत्थर गिरना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

    घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रवेश द्वार और रपट मार्ग की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जिन स्थानों पर पत्थर ढीले हैं या संरचना कमजोर हो चुकी है वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान जोखिम में न पड़े। लोगों ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

    माता टेकरी न केवल देवास बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। फिलहाल इस घटना में केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है लेकिन इसे चेतावनी के रूप में देखते हुए प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रवेश द्वार की मजबूती की जांच कराएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के माता टेकरी के दर्शन कर सकें।

  • करोड़ों खर्च, पहली बारिश में ध्वस्त पुल: देवास में निर्माण कार्य पर सवाल, वीडियो वायरल

    करोड़ों खर्च, पहली बारिश में ध्वस्त पुल: देवास में निर्माण कार्य पर सवाल, वीडियो वायरल


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बने एक पुल की गुणवत्ता पहली ही तेज बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। होशियारी और मकोडिया गांवों के बीच करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का एक हिस्सा बारिश के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि पुल का निर्माण कार्य महज तीन-चार महीने पहले ही पूरा हुआ था, लेकिन पहली ही बारिश का दबाव वह नहीं झेल सका।

    गुरुवार को पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में पुल का एक हिस्सा बहा हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल के बनने से वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर होने की उम्मीद थी, लेकिन पहली ही बारिश में पुल का हिस्सा बह जाने से लोगों का भरोसा टूट गया है। उनका आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण करोड़ों रुपये की परियोजना इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गई।

    ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल निर्माण में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नुकसान अत्यधिक बारिश और तेज जलप्रवाह के कारण हुआ या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी रही। वहीं, पुल क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।

  • घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस


    देवास । देवास के त्रिलोक नगर क्षेत्र में गुरुवार को एक 56 वर्षीय हलवाई का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अनिल ठाकुर पिता रामाश्रय ठाकुर के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और त्रिलोक नगर स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, अनिल ठाकुर की पत्नी और बच्चे पिछले करीब एक वर्ष से कालानी बाग क्षेत्र में अलग रह रहे थे। घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जब मकान मालिक को काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखाई दी तो उन्होंने घर की स्थिति देखी। अंदर अनिल ठाकुर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।