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  • कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान

    कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान


    देवास । देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें ट्रक चालक की जान बाल बाल बच गई। कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे से आ रहा ट्रक उससे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर स्टेयरिंग और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों तथा राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार अनीश पाल नामक चालक ट्रक लेकर देवास से मक्सी की ओर जा रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आ गए। मवेशियों को बचाने के प्रयास में कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रहा ट्रक समय पर नहीं रुक सका और तेज रफ्तार में कंटेनर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक अंदर ही फंस गया।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को बाहर निकालने के कई प्रयास किए गए लेकिन केबिन पूरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से केबिन और उसके गेट को बांधकर खींचने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गेट खुल सका और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में चालक के पैर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए देवास जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसका उपचार जारी है। समय पर राहत कार्य शुरू होने और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण चालक की जान बचाई जा सकी।

    टोंककला चौकी प्रभारी मलखान सिंह भाटी ने बताया कि कंटेनर और ट्रक दोनों देवास से मक्सी की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आने के कारण ब्रेक लगाए गए जिससे पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • देवास में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो पलटने से बुआ-भतीजे की मौत, दो मासूम समेत 10 घायल

    देवास में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो पलटने से बुआ-भतीजे की मौत, दो मासूम समेत 10 घायल


    मध्य प्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। इंदौर से भोपाल लौट रही एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वाहन में सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। मृतकों में बुआ और भतीजा शामिल हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना बुधवार दोपहर करीब दो बजे हुई। स्कॉर्पियो वाहन में सवार परिवार इंदौर से भोपाल की ओर जा रहा था। रास्ते में सोनकच्छ के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो सड़क पर कई बार पलटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    दुर्घटना में इंदौर निवासी मयूरेश गर्ग और उनकी बुआ संगीता अग्रवाल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। मयूरेश गर्ग सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे तथा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी पहचान थी। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सोनकच्छ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

    घायलों में सुनील अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, रिमी अग्रवाल, पलक अग्रवाल, सुरभि अग्रवाल, स्वप्निल गर्ग, शर्मिला गर्ग, कनव गर्ग और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। इनमें एक डेढ़ साल की बच्ची और दो वर्ष का बालक भी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद स्कॉर्पियो सड़क किनारे पलटी हुई अवस्था में पड़ी थी। वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

    हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी सोनकच्छ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश देने की बात कही।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता की याद दिलाता है। परिवार के लिए यह यात्रा एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई, जिसने दो जिंदगियां छीन लीं और कई लोगों को घायल कर दिया।

  • 'बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम ही सहारा', बुजुर्ग दंपती ने एक करोड़ की जमीन दान करने की जताई इच्छा

    'बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम ही सहारा', बुजुर्ग दंपती ने एक करोड़ की जमीन दान करने की जताई इच्छा


    देवास देवास में पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपती ने अपने ही बेटों और बहुओं पर संपत्ति के लालच में प्रताड़ित करने तथा घर से निकाल देने के आरोप लगाए हैं। न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर मंगलवार को बुजुर्ग दंपती कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। इस दौरान उन्होंने अपनी करोड़ों की संपत्ति बेटों के बजाय किसी वृद्धाश्रम को दान करने की इच्छा भी जाहिर की।

    76 वर्षीय जीवनसिंह और उनकी 72 वर्षीय पत्नी लीलाबाई ने प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि उनके बेटे उनकी जमीन अपने नाम करवाने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। दंपती का आरोप है कि जब उन्होंने जमीन हस्तांतरित करने से इनकार किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अपने ही घर में अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

    बुजुर्ग महिला लीलाबाई ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को उन्होंने बड़े प्यार से पाला-पोसा, पढ़ाया-लिखाया और जीवनभर उनकी खुशियों के लिए संघर्ष किया, आज वही बच्चे उन्हें बोझ समझने लगे हैं। उनका आरोप है कि बेटे और बहुएं उनके साथ मारपीट करते हैं और घर में रहने तक नहीं देते। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने घर से ज्यादा भरोसा वृद्धाश्रम पर है।

    जीवनसिंह ने बताया कि उनकी पत्नी लीलाबाई के नाम करीब चार बीघा जमीन दर्ज है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। यही जमीन पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई है। उनका कहना है कि बेटे इस जमीन को अपने नाम करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं और विरोध करने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है।

    दंपती ने प्रशासन को बताया कि वे अब अपनी संपत्ति बेटों को देने के इच्छुक नहीं हैं। उनका मानना है कि जिस परिवार ने उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं दी, उसे उनकी मेहनत की कमाई पर अधिकार नहीं होना चाहिए। इसी कारण उन्होंने अपनी जमीन किसी ऐसे वृद्धाश्रम या सामाजिक संस्था को दान करने की इच्छा व्यक्त की है, जहां जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा और देखभाल की जाती हो।

    कलेक्टर कार्यालय में आवेदन मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने बुजुर्ग दंपती की सुरक्षा और रहने की व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही दंपती को अस्थायी रूप से वृद्धाश्रम में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    यह मामला केवल एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि समाज में बुजुर्गों की स्थिति और उनके सम्मान से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े करता है। जीवन के अंतिम पड़ाव में माता-पिता को सहारे और सम्मान की आवश्यकता होती है, लेकिन जब अपने ही उन्हें ठुकरा दें तो यह स्थिति बेहद पीड़ादायक बन जाती है। फिलहाल बुजुर्ग दंपती प्रशासन से न्याय और सुरक्षित जीवन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

  • बुजुर्ग और बाइक के ऊपर से गुजर गया कंटेनर, फिर भी बच गई जान; पैर में गंभीर चोट, लगे 20 टांके

    बुजुर्ग और बाइक के ऊपर से गुजर गया कंटेनर, फिर भी बच गई जान; पैर में गंभीर चोट, लगे 20 टांके


    देवास  देवास में मंगलवार दोपहर एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। मक्सी बाईपास चौराहे पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार बुजुर्ग को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बुजुर्ग सड़क पर गिर गए और उनकी बाइक कंटेनर के नीचे फंस गई। इसके बावजूद सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कंटेनर उनके और बाइक के ऊपर से गुजर गया, लेकिन बुजुर्ग की जान बच गई। हालांकि हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट आई है और डॉक्टरों को लगभग 20 टांके लगाने पड़े।

    जानकारी के अनुसार अचपल मालवीय नामक बुजुर्ग किसी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। वे अपनी बाइक से मक्सी बाईपास चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे एक कंटेनर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कंटेनर की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

    टक्कर लगते ही अचपल मालवीय सड़क पर गिर पड़े और उनकी बाइक कंटेनर के पहियों के नीचे फंस गई। हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोगों को लगा कि बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई होगी। लेकिन कुछ ही क्षण बाद जब उन्होंने बुजुर्ग को हरकत करते देखा तो सभी हैरान रह गए। लोगों ने तत्काल मदद के लिए दौड़ लगाई और पुलिस को सूचना दी।

    घायल बुजुर्ग ने बताया कि वे अंतिम संस्कार से लौट रहे थे और सामान्य गति से बाइक चला रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए कंटेनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद उन्हें पैर में असहनीय दर्द महसूस हुआ और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनके पैर में गहरे घाव होने की पुष्टि की। डॉक्टरों ने घायल पैर में करीब 20 टांके लगाए और उन्हें निगरानी में भर्ती कर लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इतना बड़ा कंटेनर एक व्यक्ति और उसकी बाइक के ऊपर से गुजर गया और फिर भी उसकी जान बच गई। हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त चौराहों और बाईपास मार्गों पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल बुजुर्ग का उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है और कंटेनर चालक की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

  • बकाया किराया मांगना पड़ा भारी, युवक पर चाकू से हमला; बचाव में आए परिजन भी घायल

    बकाया किराया मांगना पड़ा भारी, युवक पर चाकू से हमला; बचाव में आए परिजन भी घायल


    देवास  देवास में बकाया किराया मांगने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत बुद्धा पार्क कॉलोनी में एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसे बचाने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    जानकारी के अनुसार फरियादी किशोर पिता विक्रमसिंह मालवीय ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि उसके पुराने किरायेदार के बकाया रुपए दिलाने को लेकर राजेश लाठिया से विवाद हो गया था। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राजेश लाठिया ने अपना आपा खो दिया और चाकू निकालकर किशोर पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक की चीख-पुकार सुनकर उसके परिजन मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोटें आईं।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

    थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के निर्देशन में आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद दबिश देकर आरोपी राजेश पिता कमलकिशोर लाठिया (29) को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से भयागांव, थाना पीपलरावां का निवासी है और वर्तमान में बुद्धा पार्क कॉलोनी में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि मामूली आर्थिक विवाद का हिंसक रूप लेना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घायलों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

  • 20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा

    20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में कार से 2.07 लाख रुपये से अधिक नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी महज 20 सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कंपनी का ड्राइवर, जिस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

    पुलिस के मुताबिक, इंदौर निवासी रविशंकर पटेल ने सोनकच्छ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रविशंकर पटेल एल.आर.के. इंटरप्राइजेज कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को वे कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ सागर और विदिशा क्षेत्र से कलेक्शन की राशि लेकर इंदौर लौट रहे थे। उनके पास 2,07,650 रुपये नकद और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।

    रास्ते में सोनकच्छ स्थित पप्पू एंड पप्पू ढाबे पर दोनों चाय-नाश्ते के लिए रुके। इसी दौरान कार में रखा नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग चोरी हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Puneet Gehlod के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Harinarayan Batham और एसडीओपी Sanjay Singh Bais के मार्गदर्शन में पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत व्यापक जांच अभियान चलाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने सोनकच्छ से देवास और इंदौर तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने कुलाला निवासी सौरभ राठौर और रायसेन जिले के दिवटिया निवासी आयुष नागर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से लगभग 1 लाख रुपये नकद, चोरी किया गया बैग तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। फरार आरोपी रोहित राजपूत की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।

  • देवास में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हंगामा: शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो गिरफ्तार

    देवास में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हंगामा: शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश । देवास जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि अवैध शराब बिक्री की सूचना पर जांच के लिए पहुंची टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध शराब कारोबार और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Punit Gehlod के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक Sumit Agrawal के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक Shashikant Chaurasiya के नेतृत्व में की गई।

    पुलिस टीम क्षेत्र भ्रमण और सूचना संकलन के दौरान गांगरदी चौराहा क्षेत्र में पहुंची थी। यहां एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। पुलिस के अनुसार, तलाशी लेने पर महिला के कब्जे से देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद संबंधित महिला के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

    इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक अन्य महिला द्वारा भी कथित रूप से अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि टीम को देखकर कुछ लोग वहां से भागने लगे। इसी बीच संबंधित महिला और उसके परिजनों ने कार्रवाई का विरोध किया।

    पुलिस के अनुसार, विरोध के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की की तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करण सिसोदिया उर्फ संतोष शर्मा (25 वर्ष) और संतोष शर्मा (56 वर्ष), निवासी ग्राम भाड़ा पिपल्या, जिला देवास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संबंधित तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

  • देवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची फॉरेस्ट टीम पर हमला, पथराव में 6 कर्मचारी घायल; ड्रोन और वाहनों में भी तोड़फोड़

    देवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची फॉरेस्ट टीम पर हमला, पथराव में 6 कर्मचारी घायल; ड्रोन और वाहनों में भी तोड़फोड़


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Dewas जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर कथित रूप से ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना जिनवाणी वन परिक्षेत्र के कमलापुर बीट क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां वन विभाग की कार्रवाई के दौरान जमकर पथराव हुआ। इस घटना में छह वनकर्मी घायल हो गए, जबकि विभागीय वाहनों और ड्रोन को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। घटना का एक ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वनकर्मी और पुलिसकर्मी खेतों की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए विभिन्न वन परिक्षेत्रों का स्टाफ और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। कार्रवाई का उद्देश्य कथित रूप से सरकारी वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाना था। इसी दौरान क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो बाद में पथराव में बदल गया।

    घटना में घायल होने वालों में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज तथा परिक्षेत्र सहायक K K Parmar शामिल हैं। घायलों को पहले कमलापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में चापड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार दो कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आगे उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    घायल वनकर्मी ज्योति जाट ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अचानक चारों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। उनके अनुसार कर्मचारियों को संभलने का अवसर तक नहीं मिला और लगातार पत्थर बरसाए जाते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें किसी तरह मौके से सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा।

    वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पथराव करीब आधे घंटे तक चलता रहा। विभागीय टीम के अनुसार ग्रामीणों की संख्या काफी अधिक थी और उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए वाहनों तथा उपकरणों को भी निशाना बनाया। विभाग का दावा है कि ड्रोन को भी क्षति पहुंचाई गई है।

    Vikas Mahore ने बताया कि भीलआमला क्षेत्र में वन भूमि पर खेती किए जाने की शिकायतें थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है और उस पर अवैध कब्जे की जांच लंबे समय से चल रही थी।

    वन विभाग के मुताबिक कार्रवाई का नेतृत्व Ankit Jamod कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी पड़ी। वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    अधिकारियों ने कहा है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर ग्रामीणों की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखे जाने की संभावना है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।

  • देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त

    देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त


    मध्‍य प्रदेश । देवास जिले में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र देवास में की गई इस कार्रवाई के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और पीयूसी के संचालित 5 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

    जिला प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में चलाया गया। विभागीय टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की सघन जांच की, जिसमें फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।

    जांच के दौरान कुल 20 वाहनों को रोका गया और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें से 5 वाहन जिनमें ट्रक और मिनी ट्रक शामिल हैं ऐसे पाए गए जिनके पास न तो वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था और न ही पीयूसी प्रमाण पत्र। यह स्पष्ट रूप से परिवहन नियमों का उल्लंघन था। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पांच वाहनों को जब्त कर लिया।

    जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने वाहन मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस प्रमाण पत्र, पीयूसी, बीमा और परमिट समय पर अपडेट रखना अनिवार्य है। यदि भविष्य में कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में वाहन चालकों और संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।

  • देवास में रास्ता विवाद से हंगामा: 400 परिवारों का चक्काजाम, बीमा रोड पर एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक

    देवास में रास्ता विवाद से हंगामा: 400 परिवारों का चक्काजाम, बीमा रोड पर एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक


    मध्‍य प्रदेश । देवास शहर में बीमा रोड स्थित गीता श्री और मैना श्री कॉलोनी के रहवासियों ने गुरुवार रात अचानक सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। कॉलोनी के मुख्य मार्ग को खुदाई कर बंद किए जाने से नाराज सैकड़ों लोगों ने बीमा रोड पर प्रदर्शन किया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही।

    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी के भीतर रहने वाले 400 से अधिक परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। रहवासियों का कहना है कि मुख्य मार्ग बंद होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे पूरी कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो गया है।

    चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिससे बीमा रोड पर यातायात व्यवस्था पुनः सामान्य हो सकी।

    नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर ने बताया कि उन्हें करीब 400 परिवारों द्वारा चक्काजाम किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और रहवासियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कॉलोनीवासियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।