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  • देवास में जवारा विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों का हमला, 20 से अधिक ग्रामीण घायल और 11 अस्पताल में भर्ती

    देवास में जवारा विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों का हमला, 20 से अधिक ग्रामीण घायल और 11 अस्पताल में भर्ती

    मध्यप्रदेश: के देवास जिले के रजोदा गांव में मंगलवार सुबह जवारा विसर्जन के पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान मधुमक्खियों के अचानक हमले से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में 20 से अधिक ग्रामीण घायल हो गए। घायलों में से 11 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्साकर्मी घायलों का उपचार कर रहे हैं। धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई ग्रामीणों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 9 बजे की है। रजोदा गांव में ग्रामीण जवारा विसर्जन की परंपरा निभाने के लिए एक कुएं के पास एकत्रित हुए थे। इसी दौरान पांच से छह लोग नहाने के लिए कुएं में कूद गए। कुएं के ठीक ऊपर स्थित एक बड़े पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता बना हुआ था। नहाते समय पानी की कुछ छींटें छत्ते पर जा गिरीं। इसके बाद मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।

    अचानक हुए हमले के कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। मधुमक्खियों के झुंड ने ग्रामीणों को निशाना बनाया और कई लोगों के सिर, हाथ तथा शरीर के अन्य हिस्सों पर डंक मारे। हमले के बाद घटनास्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग मधुमक्खियों से बचने के लिए अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए करीब दो किलोमीटर तक दौड़ते रहे।

    मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए ग्रामीणों ने अलग-अलग तरीके अपनाए। कुछ लोगों ने नीम की टहनियों का सहारा लिया और हाथों से मधुमक्खियों को दूर भगाने की कोशिश की। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने खुद को जालों से ढककर सुरक्षित रखने का प्रयास किया। ऐसे लोग करीब 15 मिनट तक जाल के नीचे छिपे रहे। इस दौरान मधुमक्खियों का झुंड उनके आसपास मंडराता रहा। वे तब तक बाहर नहीं निकले, जब तक मधुमक्खियां वहां से चली नहीं गईं।

    घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुल 20 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 11 ग्रामीणों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्साकर्मी घायलों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज कर रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी घायलों की स्थिति और उन्हें लगी चोटों की गंभीरता का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

    देवास जिले में इस तरह की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। सोनकच्छ क्षेत्र के अगेरा गांव में मूर्ति विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया था। उस घटना में लगभग 25 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने धार्मिक आयोजनों के दौरान आसपास के वातावरण और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है।

    रजोदा गांव की घटना के बाद सामूहिक कार्यक्रमों में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। पेड़ों पर मधुमक्खियों के छत्ते होने की स्थिति में उनके आसपास भीड़ जुटाने या ऐसी गतिविधियां करने से बचना जरूरी है, जिनसे मधुमक्खियां उत्तेजित हो सकती हैं। विशेष रूप से कुओं, तालाबों और खुले स्थानों पर होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान आसपास के पेड़ों तथा संभावित जोखिम वाले स्थानों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

    जवारा विसर्जन के दौरान हुई इस घटना में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के घायल होने से गांव में चिंता का माहौल बना। फिलहाल अस्पताल में भर्ती लोगों का उपचार जारी है। यह घटना बताती है कि पारंपरिक आयोजनों के दौरान आसपास मौजूद प्राकृतिक परिस्थितियों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है और थोड़ी सी सावधानी से ऐसी परिस्थितियों में नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है।

  • देवास की माता टेकरी की अनोखी कथा, रूठकर पाताल में समाने लगीं बड़ी माता तो छोटी माता ने छोड़ी टेकरी

    देवास की माता टेकरी की अनोखी कथा, रूठकर पाताल में समाने लगीं बड़ी माता तो छोटी माता ने छोड़ी टेकरी

    मध्य प्रदेश: के देवास शहर की ऐतिहासिक माता टेकरी धार्मिक आस्था और प्राचीन मान्यताओं के लिए विशेष पहचान रखती है। यहां स्थित मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के मंदिरों में सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के दौरान दोनों मंदिरों में विशेष उत्साह दिखाई देता है। इस अवसर पर मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मान्यता है कि दोनों देवियों के यहां विराजमान होने के कारण ही इस स्थान का नाम देवास पड़ा। माता टेकरी से जुड़ी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, जिनमें दो रूठी हुई बहनों की कहानी विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

    लोकमान्यता के अनुसार, माता टेकरी पर विराजित मां तुलजा भवानी को बड़ी माता और मां चामुंडा को छोटी माता कहा जाता है। प्रचलित कथा के मुताबिक, एक बार किसी बात को लेकर दोनों बहनों के बीच विवाद हो गया। इससे नाराज होकर दोनों ने टेकरी छोड़ने का फैसला कर लिया। बड़ी माता क्रोधित होकर पाताल में समाने लगीं, जबकि छोटी माता टेकरी से नीचे उतरने लगीं। जब इस घटना की जानकारी भैरवजी और हनुमानजी को मिली तो वे दोनों देवियों को मनाने पहुंचे। उस समय तक बड़ी माता का आधा शरीर पाताल में समा चुका था और छोटी माता टेकरी से काफी नीचे उतर आई थीं। देवताओं ने दोनों से रुकने और वापस लौटने की विनती की। उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए दोनों देवियां उसी अवस्था में रुक गईं। लोकविश्वास के अनुसार, इसी वजह से बड़ी माता के आधे स्वरूप को पाताल में माना जाता है। यह कथा आज भी माता टेकरी की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    माता टेकरी को लेकर एक अन्य धार्मिक मान्यता भी प्रचलित है। इसे रक्तपीठ के रूप में मान्यता प्राप्त है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, यहां माता सती के हृदय से रक्त की बूंदें गिरी थीं। इसी पवित्र स्थान पर पहाड़ों के बीच से मां चामुंडा के प्रकट होने की मान्यता है, जबकि मां तुलजा भवानी को स्वयंभू माना जाता है। इन मान्यताओं के कारण माता टेकरी का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु दोनों देवियों के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

    देवास के इतिहास में भी दोनों मंदिरों का विशेष स्थान रहा है। यहां कभी पवार राजवंश की दो रियासतें थीं, जिन्हें सीनियर और जूनियर रियासत के नाम से जाना जाता था। मान्यता के अनुसार, मां तुलजा भवानी जूनियर रियासत की कुलदेवी थीं, जबकि मां चामुंडा सीनियर रियासत की कुलदेवी मानी जाती थीं। इसी परंपरा के चलते दोनों देवियों के मंदिरों का राजपरिवार और स्थानीय धार्मिक संस्कृति से गहरा संबंध रहा है। आज भी श्रद्धालु इन मंदिरों को आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में देखते हैं।

    माता टेकरी को नाथ संप्रदाय की साधना स्थली के रूप में भी जाना जाता है। इस स्थान की परंपराएं गुरु गोरक्षनाथ, राजा भर्तृहरि और शीलनाथ महाराज जैसे योगियों से जुड़ी हुई हैं। लोककथाओं में टेकरी से उज्जैन तक लगभग 45 किलोमीटर लंबी गुप्त सुरंग होने का उल्लेख भी मिलता है। मान्यता है कि राजा भर्तृहरि इस सुरंग के रास्ते यहां आते थे, हालांकि इस दावे की ऐतिहासिक पुष्टि आवश्यक है।

    नवरात्रि के अवसर पर माता टेकरी के दोनों मंदिरों को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल की व्यवस्था की गई है और गर्मी से राहत देने के लिए कारपेट बिछाए गए हैं। नौ दिनों तक मंदिरों में चौबीस घंटे दर्शन की व्यवस्था रहती है। कई श्रद्धालु घुटनों के बल तो कुछ व्हीलचेयर के सहारे माता के दरबार तक पहुंच रहे हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं, जहां इंदौर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। रसूलपुर चौराहे से इंदिरा गांधी चौराहे तक विद्युत सजावट और विभिन्न स्थानों पर भगवा ध्वजों के साथ देवास में नवरात्रि का धार्मिक उत्साह दिखाई दे रहा है।

  • MP News: देवास के हाटपिपलिया में 31.34 किलोमीटर सड़क निर्माण का वर्चुअल भूमिपूजन, 97.62 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू

    MP News: देवास के हाटपिपलिया में 31.34 किलोमीटर सड़क निर्माण का वर्चुअल भूमिपूजन, 97.62 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू

    मध्यप्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय, भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देवास जिले के हाटपिपलिया क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का वर्चुअल भूमिपूजन किया। राजोदा-कैलोद-डबलचौकी सड़क का निर्माण 31.34 किलोमीटर लंबाई में किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 9,762.78 लाख रुपये है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।

    राजोदा-कैलोद-डबलचौकी मार्ग हाटपिपलिया क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क संपर्क परियोजना के तौर पर सामने आया है। सड़क निर्माण से इस मार्ग से जुड़े क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

    वर्चुअल भूमिपूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण को क्षेत्रीय संपर्क और विकास से जोड़ते हुए इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों की शहरी क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर होती है और आवागमन की सुविधा बढ़ने से विकास गतिविधियों को भी समर्थन मिलता है।

    31.34 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर 9,762.78 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। यानी परियोजना की लागत करीब 97.63 करोड़ रुपये है। इस राशि के साथ सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे संबंधित क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम होगा।

    देवास जिले के हाटपिपलिया क्षेत्र में सड़क संपर्क स्थानीय स्तर पर लोगों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने से दैनिक आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए भी परिवहन सुविधा उपलब्ध होती है। परियोजना पूरी होने के बाद राजोदा, कैलोद और डबलचौकी के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय विकास के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता को रेखांकित किया। उनका कहना था कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच मजबूत संपर्क स्थापित होने से विकास की प्रक्रिया को नई गति मिल सकती है।

    मध्यप्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दर्ज किया गया है।

    राजोदा-कैलोद-डबलचौकी सड़क परियोजना के वर्चुअल भूमिपूजन के साथ अब इसके निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। सड़क बनने के बाद इस क्षेत्र में आवागमन की सुविधा और संपर्क व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।

    यह परियोजना देवास जिले के हाटपिपलिया क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी है। 31.34 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरा होने के बाद आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। सरकार ने परियोजना को क्षेत्रीय विकास और सुगम आवागमन से जोड़कर देखा है।

  • देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद

    देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद


    मध्य प्रदेश:
    के देवास जिले में अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस से बचने और सबूत छिपाने के इरादे से अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। हालांकि पुलिस ने पीछा जारी रखा और दोनों को पकड़ने के बाद नदी में उतरकर हथियार भी बरामद कर लिया।

    मामला सतवास थाना क्षेत्र में पीपलकोटा के पास का बताया गया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की और उनका पीछा किया।

    पुलिस की गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद दोनों आरोपियों ने बच निकलने की कोशिश की। पीछा किए जाने के दौरान वे सतवास क्षेत्र की ओर बढ़े। इस बीच कांटाफोड़ पुलिस ने सतवास थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सतवास पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पकड़े जाने से पहले अपने पास मौजूद अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि नदी में हथियार डालने के बाद पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सबूत नहीं लगेगा।

    लेकिन पुलिस ने आरोपियों की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। हथियार की तलाश के लिए कांटाफोड़ और सतवास पुलिस के जवान नदी में उतरे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने पानी के भीतर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। हथियार मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए।

    इस कार्रवाई में कांटाफोड़ और सतवास थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस ने पहले आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की और इसके बाद नदी में फेंके गए हथियार को तलाशकर बरामद किया। इससे मामले में अवैध हथियार से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य भी पुलिस के कब्जे में आ गया।

    पकड़े गए दोनों आरोपियों के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक आरोपी देवास जिले के कवलासा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि दूसरा सीहोर जिले के जामुनियाकला का निवासी बताया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सतवास थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।

    मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस मामले में अवैध हथियार की उपलब्धता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

    घटना ने यह भी दिखाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी द्वारा सबूत छिपाने की कोशिश हमेशा सफल नहीं होती। नदी में हथियार फेंके जाने के बावजूद पुलिस ने मौके पर तलाशी अभियान चलाकर पिस्टल बरामद कर ली। इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि उनके पास अवैध हथियार कहां से आया था और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

  • राजबाड़ा बाजार में अचानक बिगड़ी तबीयत, देवास से खरीदारी करने आए व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम

    राजबाड़ा बाजार में अचानक बिगड़ी तबीयत, देवास से खरीदारी करने आए व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम


    इंदौर ।  इंदौर के व्यस्त राजबाड़ा बाजार में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब देवास जिले के बागली से खरीदारी करने आए 50 वर्षीय व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है जबकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि हृदय संबंधी समस्याएं बिना किसी बड़े संकेत के भी अचानक सामने आ सकती हैं।

    मृतक की पहचान विक्रम पुत्र नाथूलाल चौहान निवासी बागली जिला देवास के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने एक रिश्तेदार के साथ घरेलू खरीदारी के लिए इंदौर आए थे। दोनों राजबाड़ा क्षेत्र में अलग अलग दुकानों पर सामान खरीद रहे थे। इसी दौरान विक्रम एक दुकान पर बैठे हुए थे तभी उन्हें अचानक घबराहट महसूस हुई। आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कुछ ही क्षणों में उनकी तबीयत और बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना होते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मानवता का परिचय दिया और बिना समय गंवाए उन्हें ऑटो की मदद से महाराजा यशवंतराव अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल जांच की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक अंतिम कारण पर कुछ भी कहने से इनकार किया है।

    घटना की सूचना मिलते ही सराफा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। यदि किसी अन्य चिकित्सकीय कारण का पता चलता है तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    परिजनों के अनुसार विक्रम सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए थे और बागली क्षेत्र में एक गैर सरकारी संस्था के साथ काम करते थे। उनका व्यवहार मिलनसार था और समाज सेवा में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। परिवार में पत्नी चार बच्चे और अन्य सदस्य हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।

    चिकित्सकों का कहना है कि लगातार बढ़ती भागदौड़ तनाव अनियमित दिनचर्या और हृदय रोगों के प्रति लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि किसी व्यक्ति को अचानक सीने में दर्द घबराहट सांस लेने में तकलीफ अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

    यह दुखद घटना एक बार फिर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत को रेखांकित करती है। नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित जीवनशैली और समय पर चिकित्सा सलाह हृदय संबंधी गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकती है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोगों की तत्परता भी आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • कन्नौद के चपलासा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात, संपत्ति विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या

    कन्नौद के चपलासा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात, संपत्ति विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र स्थित चपलासा गांव में पारिवारिक संपत्ति विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया। मंगलवार को कथित रूप से एक बेटे ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी डायल 112 के माध्यम से मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक की पहचान माधवपुरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जबकि हत्या के आरोप में उनके पुत्र जगदीशपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया गया है।

    फरियादी आशीष गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि करीब आठ वर्ष पहले माधवपुरी गोस्वामी ने अपनी संपत्ति तीनों पुत्रों में बराबर बांट दी थी। आशीष के अनुसार उसके पिता और छोटे चाचा का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि बीच वाले चाचा जगदीशपुरी अपने पिता के साथ रहते थे। परिवार का आरोप है कि जगदीशपुरी शराब का आदी था और किसी प्रकार का रोजगार नहीं करता था।

    घटना के समय जगदीशपुरी के पुत्र पवनपुरी ने आशीष को फोन कर बताया कि उसके पिता और दादाजी के बीच विवाद हो रहा है। सूचना मिलते ही आशीष अपनी पत्नी अर्चना के साथ मौके पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसने कथित रूप से देखा कि जगदीशपुरी अपने पिता पर चाकू या उस्तरे जैसे धारदार हथियार से हमला कर रहा था। दोनों को आते देख आरोपी हथियार लेकर मौके से फरार हो गया।

    जब आशीष और उसकी पत्नी घर के अंदर पहुंचे तो माधवपुरी गोस्वामी खाट पर लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले। उनके गले पर गहरा घाव था और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या में प्रयुक्त हथियार सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध

    राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध


    देवास । नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश के देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार रात आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, रैली निकाली और पोस्टर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

    प्रदर्शन की शुरुआत रात करीब साढ़े नौ बजे शहर के मंडूक पुष्कर तालाब क्षेत्र से हुई। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन के बाद विरोध मार्च निकाला। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सयाजी द्वार पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के नेताओं के पोस्टर जलाकर अपना विरोध जताया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि नीट पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

    कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

    प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा और पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। पूरे प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।

    इस विरोध कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

  • देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक

    देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक


    देवास । देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की शिनाख्त राजाराम नगर निवासी महेंद्र सिंह सिसोदिया के रूप में हुई। रविवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस मौत के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।

    सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक, शव की तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिस पर परिजनों का मोबाइल नंबर लिखा था। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और शव की पहचान कराई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह सिसोदिया 14 जुलाई को घर से निकले थे। इसके बाद वे नागदा क्षेत्र में अपने माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन चार दिन बाद उनका शव रेलवे माल गोदाम के पास मिला।

    घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को जहर की कुछ पुड़िया भी मिली हैं। इन्हें जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है।

  • नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार

    नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार


    मध्य प्रदेश : के देवास जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल नेमावर में महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी की एक बड़ी घटना सामने आई है। आरोप है कि एक महिला ने पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने और सोने-चांदी के आभूषणों को चमकाने तथा नया डिज़ाइन तैयार करने का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये मूल्य के जेवर अपने कब्जे में ले लिए और फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से शिकायत कर आरोपी की गिरफ्तारी और आभूषण बरामद कराने की मांग की है।

    शिकायत के अनुसार, ठगी की शुरुआत 7 जुलाई को हुई, जब एक महिला अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को लेकर पीड़ितों के घर पहुंची। उसने स्वयं को भरोसेमंद बताते हुए पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान उसने महिलाओं का विश्वास जीतने की कोशिश की और अगले दिन फिर आने की बात कहकर वहां से चली गई।

    पीड़ितों का आरोप है कि 8 जुलाई को वही महिला दोबारा उनके घर पहुंची। इस बार उसने सोने और चांदी के आभूषणों को नया रूप देने, चमकाने और आकर्षक डिज़ाइन तैयार करने का प्रस्ताव रखा। उसने भरोसा दिलाया कि वह जेवर देखकर तुरंत वापस कर देगी। महिला की बातों पर विश्वास करते हुए पीड़ितों ने अपने कीमती आभूषण उसे सौंप दिए।

    आरोप है कि जेवर लेने के बाद महिला वहां से चली गई और फिर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित महिलाओं के अनुसार, गायब हुए सोने-चांदी के आभूषणों की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने ऐसे गिरोहों से सतर्क रहने की अपील की है।

    मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित महिलाएं नेमावर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, आरोपी महिला की पहचान कर उसे शीघ्र गिरफ्तार करने तथा उनके आभूषण बरामद कराने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्राथमिक जांच के तहत पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी महिला किसी संगठित ठग गिरोह का हिस्सा है या उसने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के झांसे में आकर अपने कीमती आभूषण या अन्य बहुमूल्य सामान किसी को न सौंपें। यदि कोई व्यक्ति जेवर चमकाने, बदलने या अन्य किसी बहाने से घर पहुंचता है तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह मामला एक बार फिर सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि इस प्रकार की ठगी से आम नागरिकों को बचाया जा सके।

  • देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें

    देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें


    देवास । देवास के बालगढ़ रोड पर शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। महज 14 वर्षीय छात्र जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ घूमने निकला था, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। हादसे में उसके दोनों दोस्त मामूली रूप से घायल हुए, जबकि जैद को अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जैद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अष्टविनायक कॉलोनी के पास बालगढ़ रोड पर हुई। शांतिपुरा निवासी जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकला था। लौटते समय उनकी बाइक सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और एक परिचित की सहायता से तीनों को ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोनों दोस्तों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई क्योंकि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैद का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    परिजनों के अनुसार जैद आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ बेहद मिलनसार स्वभाव का था। उसके पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और साथ ही एक छोटी किराना दुकान भी संचालित करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मोहल्ले में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि जैद सभी का चहेता था और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाला बच्चा था।

    हादसे के बाद जैद के दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किए। एक दोस्त ने लिखा कि आ जाना यार हमेशा की तरह एक आवाज पर जबकि अन्य दोस्तों ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जहां भी रहो दोस्त हमेशा खुश रहो। इन संदेशों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और यह एहसास कराया कि एक सड़क हादसा केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे दोस्ती के रिश्ते को भी गहरा जख्म दे जाता है।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार और बाइक की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी दुखद याद दिलाती है। एक पल की चूक ने एक मासूम छात्र की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा दर्द दे दिया जिसे शायद समय भी कभी पूरी तरह भर नहीं पाएगा।