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  • मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

    मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले की उच्च न्यायालय में 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच आगामी सोमवार को दोपहर 2.30 बजे से सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई करेगी।

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं के तर्क सुने जाएंगे, उसके बाद आपत्ति जताने वाले पक्ष को दलील रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी मौजूद रहे, जबकि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    गौरतलब है कि बुधवार को उच्‍चतम न्‍यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस विवाद का अंतिम निर्णय अब उच्‍च न्‍यायालय ही करेगी। उच्‍च न्‍यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जा चुकी है और कई पक्षों ने इस पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

    बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय में पहले ही एएसआई सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप, स्थापत्य और शिलालेखों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और राजा अर्जुन वर्मन द्वारा कराए गए निर्माण और सांस्कृतिक कार्यों के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कुल 106 स्तंभ मिले हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी है। इसके अलावा 32 शिलालेख पाए गए हैं। इनमें राजा भोज के समय के शिलालेख और अर्जुन वर्मन के राजगुरु मदन द्वारा रचित ‘पारिजलमंजरी नाटिका’ और ‘विजयश्री’ नाटक के पहले दो अंकों का उल्लेख है।

    कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुसलमानों के आगमन और मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है। 1389 ईस्वी में दिलावर खान (मूल नाम हुसैन) को दिल्ली से मालवा प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने धार में स्वतंत्रता की घोषणा कर 1401 ईस्वी में शाही उपाधि धारण की। इन ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों को लेकर उच्‍च न्‍यायालय में अब विस्तृत बहस की संभावना है। मुस्लिम पक्ष एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां रखेगा और सभी याचिकाओं पर एक साथ दलीलें सुनी जाएंगी।

  • भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”

    भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”


    धार।
     मध्य प्रदेश के भोजशाला परिसर को लेकर जारी कानूनी विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने संतुलित रुख अपनाया है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी तरह स्वीकार किया जाएगा।

    संघ नेता ने क्या कहा
    मालवा प्रांत के प्रमुख प्रकाश शास्त्री ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस विवाद में संघ ने अलग से कोई पक्ष नहीं रखा है और सभी तथ्य पहले ही अदालत के सामने प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

    उन्होंने कहा, “मामला अभी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है। अदालत जो भी निर्णय देगी, हम उसे स्वीकार करेंगे।”

    ASI रिपोर्ट से बढ़ी चर्चा
    यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 2000 से अधिक पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भोजशाला परिसर में मस्जिद से पहले परमारकालीन एक विशाल संरचना मौजूद थी और मौजूदा ढांचे में प्राचीन मंदिरों के अवशेषों का उपयोग किया गया।

    धार्मिक दावा और विवाद

    भोजशाला को हिंदू पक्ष देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता रहा है। इसी को लेकर लंबे समय से कानूनी और सामाजिक विवाद जारी है।


    संघ के इस बयान को विवाद के बीच संयमित और न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी है।

  • धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट करेगा निरीक्षण, ASI रिपोर्ट में 12वीं–20वीं सदी के शिलालेख मिले, 2 अप्रैल को निर्णायक सुनवाई

    धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट करेगा निरीक्षण, ASI रिपोर्ट में 12वीं–20वीं सदी के शिलालेख मिले, 2 अप्रैल को निर्णायक सुनवाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला मामले में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान बेंच ने कहा कि अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी और सुनवाई से पहले जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी भोजशाला का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण से पहले याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जाएंगी, उसके बाद पक्षकारों की सुनवाई होगी। मुस्लिम पक्ष ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है।

    सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन, राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह और अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन वीडियो कांफ्रेंसिंग से उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन के साथ हिंदू फ्रंट की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल और अधिवक्ता विनय जोशी भी अदालत में मौजूद रहे।

    भोजशाला मामले में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें काजी जकुल्लाह, अंतर सिंह, मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी (धार) के अब्दुल समद खान, कुलदीप तिवारी और हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री शामिल हैं। 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों को एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां और सुझाव दो हफ्ते के भीतर दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाईकोर्ट के आदेश पर 22 मार्च 2024 से लगभग 100 दिन तक परिसर और उससे 50 मीटर की परिधि में सर्वेक्षण, जांच और सीमित उत्खनन किया। टीम में पुरातत्वविद्, अभिलेखविद् और रसायनविद् समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल थे। पहले ही रिपोर्ट की प्रतियां याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

    एचएसआई रिपोर्ट में 12वीं से 20वीं सदी तक के शिलालेखों के प्रमाण मिले हैं। इनमें संस्कृत-प्राकृत शिलालेख, नागरी लिपि और अरबी-फारसी लेख शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भोजशाला परिसर में 56 अरबी-फारसी शिलालेख मिले, जिनमें दुआएं, नाम और धार्मिक वाक्य लिखे हैं। साथ ही 12वीं–16वीं सदी के संस्कृत-प्राकृत शिलालेख मिले, जिनमें पारिजातमंजरी-नाटिका और अवनिकर्मसातम जैसे उल्लेख हैं। कुछ पत्थरों पर लिखावट मिटाकर दोबारा इस्तेमाल के संकेत भी देखे गए।

    रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि भोजशाला परिसर अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यों के लिए उपयोग में रहा। ब्रिटिश काल से अब तक इसके संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है। कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देशित किया है कि वे 98 दिन तक चली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी की जानी है। ट्रांसफर के कारण पहले जबलपुर प्रिंसिपल बेंच में चली सुनवाई अब फिर से इंदौर खंडपीठ पर आ गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विनय जोशी ने कहा कि दो सप्ताह के भीतर एएसआई रिपोर्ट पर आपत्तियां पेश कर दी जाएंगी।

    मुख्य बिंदु: 2 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी, जस्टिस भोजशाला का निरीक्षण करेंगे, मुस्लिम पक्ष ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताई, ASI ने 100 दिन तक सर्वे किया, 12वीं से 20वीं सदी के शिलालेख मिले।

  • भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!

    भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!


    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक ई-रिक्शा चालक की पत्नी ने पुलिस की कथित बदसलूकी से तंग आकर सरेराह जहर खा लिया। घटना पुराने पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की है जहाँ नवल कुशवाह नामक युवक अपनी पत्नी पूजा के साथ जा रहा था। आरोप है कि वहां तैनात दो पुलिसकर्मियों ने सिग्नल तोड़ने का हवाला देते हुए रिक्शा रोका और नवल के साथ अभद्रता की। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिसकर्मियों ने जब थाने चलने की धमकी दी तो घबराहट और गुस्से में आकर पूजा ने अपने पर्स में रखी चूहामार दवा निगल ली।

    पत्नी की बिगड़ती हालत देख नवल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर जाम लगा दिया और उन पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ा। हालात बिगड़ते देख दोनों जवान अपनी जान बचाकर पुराने कंट्रोल रूम के भीतर जा छिपे। बदहवास नवल ने वहीं ट्रैफिक चौकी के बाहर खड़ी पुलिस की बाइकों को पलट दिया और उनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चले इस ड्रामे के दौरान पूजा रिक्शे में तड़पती रही” लेकिन नवल अड़ा रहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी बाहर नहीं आते” वह अस्पताल नहीं जाएगा। अंततः” साथी पुलिसकर्मियों की समझाइश के बाद वह पत्नी को लेकर जेपी अस्पताल रवाना हुआ” जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि” पुलिस प्रशासन का दावा है कि विवाद के बाद घर जाकर दंपति में झगड़ा हुआ और जहर घर पर खाया गया” जो कि घटनाक्रम को नया मोड़ दे रहा है।

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ही धार जिले से भी प्रशासन पर जनता के आक्रोश की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुँची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और तहसीलदार सहित पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरों की बारिश कर दी। नौ थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तहसीलदार की गाड़ी पलटने की कोशिश की। पत्थरबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं” जो सरकारी अमले और आम जनता के बीच बढ़ते टकराव की गवाह दे रहे हैं।

  • MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल

    MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल


    भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं।

    रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।

    फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।

    मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।

    अगले दो दिन का मौसम का हाल
    16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
    17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।

    अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।

  • MP: भोजशाला में बसंत पंचमी की तैयारियां तेज…कमिश्नर-आईजी पहुंचे धार, दोनों पक्षों से की बात

    MP: भोजशाला में बसंत पंचमी की तैयारियां तेज…कमिश्नर-आईजी पहुंचे धार, दोनों पक्षों से की बात


    धार।
    आगामी बसंत पंचमी (Basant Panchami) को लेकर मध्य प्रदेश के धार के भोजशाला (Bhojshala, Dhar) क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इंदौर कमिश्नर और आईजी (Commissioner and IG) ने हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों के साथ बैठक की। बताया जाता है कि इंदौर कमिश्नर डॉ. सुदामा खंडे और आईजी इंदौर अनुराग सिंह सोमवार को धार पहुंचे और सर्किट हाउस में हिन्दू-मुस्लिम समाज (Hindu-Muslim society) के प्रतिनिधि मंडलों से अलग-अलग बंद कमरे में चर्चा की।


    दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ बात

    बताया जाता है कि बैठक में हिंदू समाज की ओर से गोपाल शर्मा और अशोक जैन मौजूद रहे जबकि मुस्लिम समाज की ओर से शहर काजी वकार सादिक, हाजी मुजीब कुरेशी, सोहेल निसार, जावेद अंजुम साहब एवं सदर अब्दुल समद समेत कुल 8 प्रतिनिधि मौजूद रहे।


    क्या बोला हिन्दू पक्ष?

    भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि प्रशासन के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि मां सरस्वती की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड रूप से होगी। उनके पास पूर्व का आदेश मौजूद है जिसे ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को सौंप दिया गया है। बाद में जोड़े गए सप्लीमेंट्री आदेश से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूजा के समय मंदिर और परिसर पूरी तरह खाली रखा जाना चाहिए।


    मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा?

    वहीं इस बैठक के बाद मुस्लिम समाज सदर अब्दुल समद ने संवाददाताओं से कहा कि पहले भी मुस्लिम समाज ने प्रशासन का सहयोग किया है। मुस्लिम समाज का रुख साफ है कि नमाज पढ़ी जाएगी लेकिन वह सांकेतिक और सीमित संख्या में होगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने शांति बनाए रखने और भ्रामक गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की।


    क्या बोले आईजी?

    आईजी अनुराग सिंह ने दोनों पक्षों के साथ बैठक के बाद कहा कि बातचीत बहुत शांतिपूर्ण और सुखद माहौल में हुई है। प्रशासन दोनों पक्षों द्वारा रखे गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करके ही अगला कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसी भी हाल में शहर का माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और सुरक्षा के लिए हर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। वर्तमान में प्रशासन और समाज के लोग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आने वाले नए आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • MP: बसंत पंचमी इस साल जुमे के दिन.. धार की ऐतिहासिक भोजशाला में टकराव की आशंका

    MP: बसंत पंचमी इस साल जुमे के दिन.. धार की ऐतिहासिक भोजशाला में टकराव की आशंका


    धार।
    इस साल बसंत पंचमी (Basant Panchami) का त्योहार शुक्रवार 23 जनवरी को पड़ रहा है। जिसके चलते मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के धार शहर (Dhar city ) में स्थानीय पुलिस-प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। दरअसल यहां पर स्थित ऐतिहासिक महत्व की भोजशाला (Historical Bhojshala) में हर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करते हैं, वहीं बसंत पंचमी के दिन हिंदू समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक माता सरस्वती के चित्र की पूजा-अर्चना करते हैं। अब इस बार बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार को होने की वजह से प्रशासन के लिए यहां पूजा व नमाज करवाना बेहद चुनौती पूर्ण कार्य बन गया है। ऐसे में दोनों समुदायों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता भी बरत रहा है। इस बीच प्रशासन ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की और लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की।


    हिंदू समाज करना चाहता है पूरे दिन पूजा-अर्चना

    दरअसल इस आशंका की वजह यह है कि भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा-अर्चना की अनुमति मांगी है, जबकि मुस्लिम समाज ने शुक्रवार होने के कारण दोपहर एक बजे से तीन बजे तक यहां कमाल मौला मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए ज्ञापन सौंपा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला में प्रत्येक मंगलवार व बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को पूजा-अर्चना और शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने की अनुमति दी हुई है।


    बसंत पंचमी पर हो अखंड पूजा; भोज उत्सव समिति

    भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। किसी भी सूरत में 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर अखंड पूजा का आयोजन किया जाएगा। सूर्योदय से अखंड पूजा होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी हालत में भोजशाला खाली नहीं करेंगे। पहले भी नहीं किया था और अब भी नहीं करेंगे।’


    मुस्लिमों ने ज्ञापन सौंपकर मांगी नमाज की इजाजत

    इस बीच, मुस्लिम समाज ने भोजशाला चौकी पर ASI के महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर 23 जनवरी को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति देने की मांग की है। मुस्लिम समाज ने ज्ञापन में कहा कि इस समयावधि में जुमे की नमाज अप्रभावित, निर्बाध एवं विधिसम्मत रूप से किया जाना अपेक्षित है।


    IG ने किया धार का दौरा, लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

    इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अनुराग ने मंगलवार को धार का दौरा किया और पुलिस नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर का भी निरीक्षण किया।


    इतनी सख्त रहेगी सुरक्षा व्यवस्था, 8 हजार जवान रहेंगे तैनात

    अनुराग ने संवाददाताओं से कहा कि 23 जनवरी के मद्देनजर धार में भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा, ’23 जनवरी को बसंत पंचमी भी है और शुक्रवार भी। इसलिए लोग सौहार्द और शांति के साथ त्योहार मनाएं। बसंत पंचमी को लेकर लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें CRPF और त्वरित कार्रवाई बल सहित विभिन्न बल शामिल होंगे।’

    उन्होंने बताया कि इस दौरान नियमित गश्त की जाएगी और शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


    10 साल पहले भी शुक्रवार को पड़ी थी बसंत पंचमी

    इससे पहले वर्ष 2016 में भी बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन थी, जब भोजशाला में पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद हुआ था और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन तथा झड़पें हुई थीं। हिंदू समुदाय भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है।

    ASI की सात अप्रैल 2003 को जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को हर मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुसलमान हर शुक्रवार यहां नमाज पढ़ सकते हैं। पिछले 23 सालों से यह व्यवस्था है।

  • महाराष्ट्र ले जाते गौवंशों से भरी पिकअप पकड़ी गोरक्षकों की सतर्कता से बचे गौवंश

    महाराष्ट्र ले जाते गौवंशों से भरी पिकअप पकड़ी गोरक्षकों की सतर्कता से बचे गौवंश


    धार ।जानकारी के अनुसार बजरंग दल के गोरक्षक प्रमुख मोहन को यह सूचना मिली थी कि धार जिले की ओर से एक पिकअप वाहन क्रमांक MH-05 DK-0327 में गौवंशों को भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। जैसे ही यह सूचना गोरक्षकों के पास पहुंची मोहन ने तुरंत अपने साथियों प्रदीप मनीष और शुभम के साथ पिकअप वाहन को पकड़ने की योजना बनाई। वे रात करीब एक बजे धार फाटा स्थित नागौरी ढाबे के पास सिरसोदिया धामनोद पहुंचे और पिकअप वाहन को रुकवाया।

    गोरक्षकों ने वाहन की तलाशी ली और पाया कि उसमें कई गौवंशों को बुरी तरह से ठूस-ठूसकर भरा गया था। तस्करों ने गौवंशों को बिना किसी सुविधाजनक व्यवस्था के वाहन में लाकर उन्हें महाराष्ट्र ले जाने की कोशिश की थी। गोरक्षकों की सतर्कता से यह तस्करी नाकाम हो गई और गौवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

    इस कार्रवाई से साबित होता है कि गोरक्षकों की सजगता और समाज की जागरूकता से ऐसी अवैध गतिविधियों पर काबू पाया जा सकता है। पुलिस और प्रशासन को सूचित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है जबकि गौवंशों को सुरक्षित और उचित देखभाल के लिए एक गोशाला भेज दिया गया है।

    यह घटना यह भी दर्शाती है कि तस्करी के मामले में समाज के विभिन्न हिस्सों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। गोरक्षकों की सतर्कता से ना केवल गौवंशों की जान बची बल्कि तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त हुआ।

  • धार में भूमि पूजन देश का पहला पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनेगा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र

    धार में भूमि पूजन देश का पहला पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनेगा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार को एक ऐतिहासिक अवसर आया जब देश के पहले पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज अपने आप में एक अनोखा प्रयास है जो केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह मेडिकल कॉलेज ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने का काम करेगा।

    नड्डा ने इस मौके पर बताया कि यह मेडिकल कॉलेज पब्लिक और प्राइवेट क्षेत्र की साझेदारी से बनाया जा रहा है और यह देश में अपनी तरह का पहला संस्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि धार में स्थापित होने वाला यह मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाएगा। यहां से पास होने वाले एमबीबीएस डॉक्टर देश के दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे जिससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकीय सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

    इस परियोजना के तहत छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी और उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा जिससे वे वहां के स्वास्थ्य मुद्दों को समझकर समाधान ढूंढ सकें। साथ ही कॉलेज के निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे जिससे जिले की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

    इस योजना के सफल होने के बाद इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा सकता है जिससे भारत के अन्य क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। इस पहल से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा और गांवों में अधिक से अधिक डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने संबोधन में बताया कि यह मेडिकल कॉलेज न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा बल्कि यह धार जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक स्वस्थ भविष्य का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्राप्त होगी।