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  • रणवीर सिंह की धुरंधर: द रिवेंज के संगीत की ग्रैमी में दावेदारी, शाश्वत सचदेव और फिल्म के गानों की पूरी सूची

    रणवीर सिंह की धुरंधर: द रिवेंज के संगीत की ग्रैमी में दावेदारी, शाश्वत सचदेव और फिल्म के गानों की पूरी सूची

    नई दिल्ली । रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के संगीत को ग्रैमी अवॉर्ड की विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए भेजा गया है। फिल्म के संगीत से जुड़े इस घटनाक्रम में इसके कई गाने अलग-अलग श्रेणियों के लिए शामिल किए गए हैं। फिल्म के निर्माताओं की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, संगीत निर्देशक शाश्वत सचदेव के काम और फिल्म के गीतों को अंतरराष्ट्रीय संगीत पुरस्कार की प्रक्रिया के तहत विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, इन गानों को भेजे जाने का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें ग्रैमी के अंतिम नामांकन में जगह मिल गई है या किसी पुरस्कार पर उनकी जीत तय हो गई है।

    शाश्वत सचदेव को फिल्म के संगीत के लिए ‘विजुअल मीडिया के लिए सर्वश्रेष्ठ संकलन साउंडट्रैक’ श्रेणी में विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा फिल्म के दो गाने ‘जान से गुजरते हैं’ और ‘कन्हैया’ को ‘सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन’ श्रेणी के लिए भेजा गया है। वहीं, ‘फिर से’ को ‘विजुअल मीडिया के लिए लिखे गए सर्वश्रेष्ठ गीत’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इन प्रविष्टियों के जरिए फिल्म के संगीत और अलग-अलग गीतों को विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए रखा गया है।

    फिल्म के अन्य गानों को भी अलग-अलग संगीत श्रेणियों के लिए प्रस्तुत किया गया है। ‘आरी आरी’ को ‘सर्वश्रेष्ठ एशियाई पॉप संगीत प्रदर्शन’ श्रेणी में शामिल किया गया है। ‘वारी जावां’ को ‘सर्वश्रेष्ठ डांस/इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग’ श्रेणी के लिए भेजा गया है, जबकि ‘हम प्यार करने वाले’ को ‘सर्वश्रेष्ठ रीमिक्स रिकॉर्डिंग’ श्रेणी में विचारार्थ रखा गया है। इसके साथ ही ‘डेस्टिनी- मान अटकेया’ को ‘सर्वश्रेष्ठ रैप प्रदर्शन’ और ‘जाए सजना’ को ‘सर्वश्रेष्ठ पॉप युगल/समूह प्रदर्शन’ श्रेणी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

    इन प्रविष्टियों के बाद फिल्म के संगीत से जुड़े कुल आठ गानों का उल्लेख अलग-अलग श्रेणियों के संदर्भ में सामने आया है। इसमें साउंडट्रैक के लिए शाश्वत सचदेव का नाम भी शामिल है। हर गीत को उसकी संबंधित श्रेणी के अंतर्गत विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है, इसलिए इसे अंतिम नामांकन या पुरस्कार की उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    ग्रैमी की प्रक्रिया में विचारार्थ भेजे गए गीतों को आगे पात्रता संबंधी शर्तों और मतदान के चरणों से गुजरना होता है। अंतिम नामांकन तक पहुंचने के लिए संबंधित प्रविष्टियों का निर्धारित मानकों पर खरा उतरना जरूरी है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कौन-से गीत अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। इसलिए अभी फिल्म के गानों को ग्रैमी पुरस्कार मिलने या अंतिम नामांकन हासिल होने का दावा करना सही नहीं होगा।

    फिल्म धुरंधर: द रिवेंज का निर्देशन आदित्य धर ने किया है। इसमें रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी, जबकि दुनियाभर में इसका कलेक्शन लगभग 1,852 करोड़ रुपये बताया गया है। अब इसके संगीत और गानों को ग्रैमी की विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए भेजे जाने से फिल्म से जुड़ी चर्चा का एक नया पहलू सामने आया है। हालांकि, पुरस्कार प्रक्रिया के अगले चरणों और अंतिम चयन को लेकर अभी कोई नतीजा सामने नहीं आया है।

  • साउथ Vs बॉलीवुड: 1000 करोड़ क्लब में बराबर फिल्में, फिर भी कुल कमाई में हिंदी सिनेमा ने कैसे बनाई बढ़त?

    साउथ Vs बॉलीवुड: 1000 करोड़ क्लब में बराबर फिल्में, फिर भी कुल कमाई में हिंदी सिनेमा ने कैसे बनाई बढ़त?

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा अब सिर्फ एक बॉक्स ऑफिस नंबर नहीं, बल्कि इंडस्ट्री की ताकत और फिल्मों की पहुंच का बड़ा पैमाना बन चुका है। कभी यह मुकाम सिर्फ चुनिंदा साउथ फिल्मों के नाम था, लेकिन अब बॉलीवुड ने भी इस क्लब में अपनी मजबूत जगह बना ली है।

    खास बात यह है कि 1000 करोड़ क्लब में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की फिल्मों की संख्या बराबर है। फिर भी कमाई के मामले में बॉलीवुड का पलड़ा भारी है। यहां जानिए कैसे?

    किस फिल्म से हुई 1000 करोड़ क्लब की शुरुआत?

    1000 करोड़ क्लब की शुरुआत भारतीय सिनेमा में एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ से हुई थी। इसके बाद साउथ की कई फिल्मों ने इस आंकड़े को पार किया और हिंदी सिनेमा के लिए भी एक नया बॉक्स ऑफिस बेंचमार्क तैयार किया। अब ‘बाहुबली 2’ से शुरू हुआ ये सिलसिला रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ तक जा पहुंचा है।

    लिस्ट में शामिल हैं कौन सी फिल्में?

    अब सवाल यह है कि आखिर बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों के बीच 1000 करोड़ की कमाई का यह मुकाबला कितना दिलचस्प है? किस इंडस्ट्री की फिल्मों ने कौन से नंबर पर अपना दबदबा बनाया और साथ ही अगर पांच-पांच फिल्मों की कमाई का टोटल किया जाए तो कौन आगे होगा? आइए जानते हैं इसके बारे में।

    कल्कि (1042 करोड़ रुपये)

    दसवें नंबर पर ‘कल्कि’ है। प्रभास, दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन स्टारर 2024 में रिलीज हुई थी। अब मेकर्स जल्द ही इसका दूसरा पार्ट भी लेकर आ सकते हैं।

    पठान (1055 करोड़ रुपये)

    नौवें नंबर पर शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की मूवी ‘पठान’ है। साल 2023 में आई इस मूवी का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया था।

    जवान (1160 करोड़ रुपये)

    आठवें नंबर पर भी शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘जवान’ है। 2023 में आई इस मूवी का निर्देशन एटली कुमार ने किया था। इसमें किंग खान के साथ नयनतारा, रिद्धि डोगरा और विजय सेतुपति समेत कई सितारे नजर आए थे।

    केजीएफ 2 (1215 करोड़ रुपये)

    सातवें नंबर पर यश स्टारर फिल्म ‘केजीएफ 2’ 2022 में आई थी। इस मूवी में अभिनेता के साथ रवीना टंडन, संजय दत्त, श्रीनिधि शेट्टी समेत कई सितारे नजर आए। फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील ने किया था।

    आरआरआर (1230 करोड़ रुपये)

    लिस्ट में छठे नंबर पर एसएस राजामौली की ही फिल्म ‘आरआरआर’ है, जो 2022 में आई थी। इसमें आलिया भट्ट, राम चरण और जूनियर एनटीआर नजर आए थे।

    धुरंधर (1307 करोड़ रुपये)

    पांचवें नंबर पर रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ है, जो साल 2025 के दिसंबर में आई थी। फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया था। इसमें अर्जुन रामपाल, आर माधवन समेत कई स्टार्स दिखाई दिए।

    पुष्पा 2 (1788 करोड़ रुपये)

    चौथे नंबर पर ‘पुष्पा 2’ है, अल्लू अर्जुन स्टारर यह मूवी 2024 में आई थी। फिल्म का निर्देशन सुकुमार ने किया था।

    बाहुबली 2 (1788 करोड़ रुपये)

    तीसरे नंबर पर प्रभास स्टारर ‘बाहुबली 2’ है, जो 2017 में आई थी। एसएस राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया समेत कई सितारे नजर आए।

    धुरंधर 2 (1813 करोड़ रुपये)

    दूसरे नंबर पर ‘धुरंधर 2’ है। रणवीर सिंह स्टारर यह मूवी इसी साल मार्च में रिलीज हुई थी। इसमें रणवीर के अलावा माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मौजूद थे।

    दंगल (2070 करोड़ रुपये)

    टॉप पर ‘दंगल’ है, जिसने 2070 करोड़ रुपये कमाए। आमिर खान की यह फिल्म 2016 में रिलीज हुई थी। इसमें अभिनेता के साथ फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा समेत कई सितारे नजर आए।

    कैसे बॉलीवुड है रेस में आगे?

    वैसे तो इस फेहरिस्त में पांच फिल्में बॉलीवुड की हैं तो वहीं पांच साउथ की भी हैं, पर अगर फिल्मों की कमाई का विश्लेषण करें, तो बॉलीवुड फिल्में इस क्लब में टॉप पर हैं। समझिए कैसे?अगर इस लिस्ट में शामिल बॉलीवुड की पांच फिल्मों ‘दंगल’, ‘धुरंधर 2’, ‘धुरंधर’, ‘जवान’ और ‘पठान’ के कलेक्शन का टोटल किया जाए, तो यह 7405 करोड़ रुपये होगा।

    वहीं, साउथ की फिल्म ‘बाहुबली 2’, ‘पुष्पा 2’, ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ 2’ और ‘कल्कि’ का टोटल किया जाए तो यह 7017 करोड़ होगा। इन आंकड़ों से भी साफ जाहिर है कि बॉलीवुड यहां भी आगे है।

  • धुरंधर की कहानी पर तिग्मांशु धूलिया ने उठाए सवाल, रणवीर सिंह की फिल्म की तारीफ के बावजूद बोले- क्या यही कहानी है

    धुरंधर की कहानी पर तिग्मांशु धूलिया ने उठाए सवाल, रणवीर सिंह की फिल्म की तारीफ के बावजूद बोले- क्या यही कहानी है


    नई दिल्ली । रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत प्रदर्शन किया। फिल्म की सफलता के बावजूद इसके कंटेंट और कहानी को लेकर अब फिल्म निर्माता-निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा में बदलते कहानी कहने के तरीके पर चर्चा करते हुए ‘धुरंधर’ को मौजूदा फिल्मी फॉर्मूले का उदाहरण बताया।

    तिग्मांशु धूलिया के मुताबिक आज के दौर में कॉरपोरेट संस्कृति और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण मौलिक कहानियों की संख्या कम होती जा रही है। उनका मानना है कि बड़े स्तर पर बनने वाली कई फिल्मों में कहानी से ज्यादा प्रस्तुति, एक्शन और स्टार पावर पर जोर दिखाई देता है। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों का उदाहरण दिया।

    हालांकि, तिग्मांशु ने ‘धुरंधर’ को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने फिल्म के पहले पार्ट की प्रस्तुति की तारीफ की और कहा कि उन्हें फिल्म पसंद आई। उनके अनुसार फिल्म को अच्छे तरीके से पेश किया गया था और इसका संगीत भी प्रभावशाली था। लेकिन जब बात कहानी की आती है तो उन्होंने इसकी मौलिकता पर सवाल खड़ा किया।

    तिग्मांशु ने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर किसी दर्शक से ‘धुरंधर’ की कहानी सुनाने के लिए कहा जाए तो वह वास्तव में कितनी विस्तृत कहानी बता पाएगा। उन्होंने फिल्म की कहानी को एक ऐसे व्यक्ति की कहानी के रूप में बताया जो अंडरकवर एजेंट बनकर पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचाता है। इसी आधार पर उन्होंने सवाल किया कि क्या इसे पूरी तरह एक मौलिक और मजबूत कहानी माना जा सकता है।

    उनकी टिप्पणी केवल ‘धुरंधर’ तक सीमित नहीं रही। तिग्मांशु ने हिंदी सिनेमा में मौलिक कहानियों की कमी को लेकर व्यापक चिंता जताई। उनका कहना है कि पहले ऐसे लोग मौजूद थे जो अलग तरह की कहानियां सुनाते थे, लेकिन अब ऐसे कहानीकारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। फिल्म उद्योग में यह धारणा भी बनी हुई है कि अलग और प्रयोगात्मक कहानियां दर्शकों को पसंद नहीं आएंगी।

    तिग्मांशु के अनुसार इसी सोच की वजह से फिल्मों में एक जैसे फॉर्मूले दोहराए जा रहे हैं। उनका मानना है कि इसका असर केवल फिल्मों की कहानियों पर नहीं बल्कि समाज और संस्कृति की विविधता पर भी दिखाई देता है। उन्होंने पूंजीवाद और एक जैसी उपभोक्ता संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि आज लोगों की पसंद, पहनावे और यहां तक कि शहरों की पहचान में भी समानता बढ़ती जा रही है।

    उन्होंने कहा कि जब हर चीज एक ही पैटर्न पर तैयार होने लगे तो अलग पहचान धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। उनके मुताबिक यही स्थिति फिल्म इंडस्ट्री में भी दिखाई दे रही है, जहां अलग तरह की कहानियों के बजाय सफल साबित हो चुके फॉर्मूलों को दोहराने पर ज्यादा भरोसा किया जाता है।

    तिग्मांशु धूलिया के अपने काम की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। ऐसे में ‘धुरंधर’ की कहानी पर उनकी टिप्पणी उस समय सामने आई है जब हिंदी सिनेमा में बड़े बजट की फिल्मों, स्टार आधारित कहानियों और मौलिक कंटेंट को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। उनकी बातों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दर्शकों को आकर्षित करने वाली भव्य प्रस्तुति के साथ क्या मजबूत और नई कहानी को भी बराबर महत्व मिल रहा है।

  • रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से प्रेरित आर्मी मेस का नया आकर्षण, राकेश बेदी ने किया उद्घाटन और कराया दौरा

    रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से प्रेरित आर्मी मेस का नया आकर्षण, राकेश बेदी ने किया उद्घाटन और कराया दौरा

    नई दिल्ली । श्रीनगर स्थित एक आर्मी मेस में फिल्म ‘धुरंधर’ से प्रेरित विशेष थीम वाले ‘धुरंधर बार’ का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर फिल्म का हिस्सा रहे अभिनेता राकेश बेदी मौजूद रहे और उन्होंने इस विशेष कॉर्नर का उद्घाटन करने के साथ-साथ उसके अंदर की सजावट का परिचय भी कराया। सुरक्षा कारणों से मेस का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन इस पहल ने फिल्म और भारतीय सेना के बीच बने सांस्कृतिक जुड़ाव को नई पहचान दी है।

    राकेश बेदी ने अपने सोशल मीडिया माध्यम से साझा किए गए वीडियो में बताया कि उन्हें श्रीनगर स्थित एक आर्मी मेस में आमंत्रित किया गया था, जहां सैनिक लंबे समय से ‘धुरंधर बार’ के उद्घाटन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस विशेष अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उद्घाटन के दौरान उन्होंने रिबन काटकर इस थीम आधारित बार को औपचारिक रूप से शुरू किया।

    बार के अंदर की सजावट पूरी तरह फिल्म ‘धुरंधर’ की थीम पर तैयार की गई है। प्रवेश द्वार पर ‘धुरंधर बार, स्थापना 2026’ का साइन बोर्ड लगाया गया है, जो इस स्थान की अलग पहचान बनाता है। दीवारों पर फिल्म के प्रमुख किरदारों के पोस्टर और कलात्मक चित्र लगाए गए हैं, जिनमें कई लोकप्रिय संवाद भी शामिल किए गए हैं। इन कलाकृतियों को इस तरह तैयार किया गया है कि वे फिल्म के माहौल और उसके किरदारों की झलक प्रस्तुत करें।

    राकेश बेदी ने अपने वीडियो में बार का विस्तृत दौरा कराते हुए वहां मौजूद विभिन्न सजावटी तत्वों को भी दिखाया। उन्होंने बताया कि एक ओर फिल्म के कलाकार गौरव गेरा के किरदार का पोस्टर लगाया गया है, जिसमें उनका चर्चित दृश्य और संवाद दर्शाया गया है। वहीं दूसरी ओर स्वयं राकेश बेदी के किरदार से जुड़ा पोस्टर भी लगाया गया है। इसके अलावा मुख्य आकर्षण के रूप में अभिनेता रणवीर सिंह की बड़ी कलात्मक तस्वीर स्थापित की गई है, जिसे विशेष डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। सामने की दीवार पर फिल्म में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका निभाने वाले आर. माधवन के किरदार की आर्टवर्क भी लगाई गई है।

    राकेश बेदी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से वह आर्मी मेस की सटीक लोकेशन साझा नहीं कर सकते। उन्होंने सैनिकों द्वारा फिल्म के प्रति दिखाई गई सराहना और इस विशेष थीम कॉर्नर के निर्माण को सम्मानजनक पहल बताया। उनके अनुसार सेना के जवानों ने फिल्म के कई किरदारों और दृश्यों को यादगार तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे यह स्थान उनके लिए भी एक अलग आकर्षण बन गया है।

    ‘धुरंधर’ फिल्म श्रृंखला अपनी कहानी और प्रस्तुतिकरण के कारण दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही। फिल्म की कथा एक भारतीय जासूस के मिशन पर आधारित है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियान को प्रमुखता से दिखाया गया है। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी सहित कई कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। श्रृंखला की दोनों फिल्मों को दर्शकों का व्यापक समर्थन मिला और उन्होंने वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय व्यावसायिक सफलता भी हासिल की। अब श्रीनगर के इस आर्मी मेस में फिल्म की थीम पर तैयार किया गया ‘धुरंधर बार’ उस लोकप्रियता का एक नया उदाहरण माना जा रहा है, जिसने सैनिकों और फिल्म प्रेमियों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना दिया है।

  • धुरंधर 3’ की आहट से बढ़ी हलचल, स्पाई यूनिवर्स को लेकर बड़ा सरप्राइज संभव..

    धुरंधर 3’ की आहट से बढ़ी हलचल, स्पाई यूनिवर्स को लेकर बड़ा सरप्राइज संभव..


    नई दिल्ली ।
    रणवीर सिंह की सुपरहिट स्पाई फ्रेंचाइजी ‘धुरंधर’ को लेकर एक बार फिर से चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है। दो फिल्मों की शानदार सफलता के बाद अब दर्शकों की नजर इसके अगले अध्याय पर टिकी हुई है। फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी कहानी और एक्शन के दम पर एक अलग पहचान भी बनाई, जिसके चलते यह देश की प्रमुख स्पाई फ्रेंचाइजी में शामिल हो चुकी है।

    अब इस फ्रेंचाइजी के भविष्य को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं, उन्होंने फैंस की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार, निर्देशक आदित्य धर साल के अंत तक दर्शकों के लिए कोई बड़ा सरप्राइज पेश कर सकते हैं। हालांकि अभी तक तीसरे भाग की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह जरूर साफ है कि कहानी यहीं खत्म नहीं होने वाली है।

    फ्रेंचाइजी से जुड़े लोगों के हालिया बयानों से यह संकेत मिला है कि ‘धुरंधर’ की कहानी अभी आगे बढ़ेगी और दर्शकों के लिए कुछ नया और बड़ा तैयार किया जा रहा है। इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे सीधे ‘धुरंधर 3’ की तैयारी मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि मेकर्स इस बार एक बड़े स्पाई यूनिवर्स का विस्तार कर सकते हैं।

    पहले की फिल्मों ने जिस तरह दर्शकों को प्रभावित किया था, उसने इस फ्रेंचाइजी के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है। दमदार एक्शन, गहरी कहानी और बड़े स्तर के विजुअल्स ने इसे दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। इसी वजह से अब इसके अगले भाग को लेकर उत्सुकता और ज्यादा बढ़ गई है।

    निर्देशक आदित्य धर इस समय अपने निजी जीवन में कुछ समय परिवार के साथ बिता रहे हैं, लेकिन उनके दिमाग में नए आइडियाज लगातार आकार ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह आने वाले समय में कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर सकते हैं, जिनमें ऐतिहासिक और एक्शन से जुड़े विषय शामिल हो सकते हैं।

    इसी बीच यह भी चर्चा है कि उनके पास कई बड़े फिल्मी विचार हैं, जिनमें एक ऐतिहासिक किरदार पर आधारित फिल्म, एक स्पोर्ट्स ड्रामा और एक बड़े पैमाने की एक्शन फिल्म शामिल हो सकती है। इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स में प्रमुख अभिनेता की वापसी की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    हालांकि ‘धुरंधर 3’ को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से संकेत मिल रहे हैं, उससे यह साफ है कि फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाने की पूरी तैयारी चल रही है। साल के अंत में किसी बड़े ऐलान की संभावना ने फैंस की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है।

    अब सभी की नजरें आने वाले समय पर टिकी हैं, जब यह साफ हो पाएगा कि ‘धुरंधर’ का अगला अध्याय किस रूप में सामने आएगा और क्या यह सच में एक नए बड़े स्पाई यूनिवर्स की शुरुआत होगी या फिर सीधा तीसरे भाग का धमाकेदार ऐलान होगा।

  • बॉलीवुड का कड़वा सच सामने, धुरंधर को लेकर कुणाल कोहली ने खोले इंडस्ट्री की सोच के राज

    बॉलीवुड का कड़वा सच सामने, धुरंधर को लेकर कुणाल कोहली ने खोले इंडस्ट्री की सोच के राज

    नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री की चमक दमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाइयां अक्सर सामने नहीं आ पातीं लेकिन जब कोई इन पर खुलकर बात करता है तो कई भ्रम टूट जाते हैं हाल ही में फिल्ममेकर कुणाल कोहली ने ऐसी ही एक सच्चाई उजागर की है जिसने बॉलीवुड के भीतर की सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं उन्होंने बताया कि कैसे फिल्म धुरंधर की रिलीज से पहले ही इंडस्ट्री के बड़े बड़े लोग इसकी असफलता का इंतजार कर रहे थे

    कुणाल कोहली के मुताबिक धुरंधर जब रिलीज होने वाली थी तब किसी को भी इस पर भरोसा नहीं था यहां तक कि इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशकों ने भी इसे लेकर नकारात्मक राय दी थी उन्होंने खुलासा किया कि कई बड़े डायरेक्टर्स से बातचीत के दौरान उन्हें साफ कहा गया था कि यह फिल्म सोमवार तक टिक नहीं पाएगी और बॉक्स ऑफिस पर बैठ जाएगी लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा फिल्म ने उम्मीदों को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों का दिल जीत लिया

    कुणाल कोहली ने यह भी कहा कि जब तक फिल्म ने सफलता हासिल नहीं कर ली तब तक इंडस्ट्री से इसे कोई समर्थन नहीं मिला यह स्थिति सिर्फ धुरंधर के साथ ही नहीं बल्कि कई बड़ी फिल्मों के साथ देखी गई है उन्होंने उदाहरण देते हुए फिल्म बॉर्डर 2 का जिक्र किया और बताया कि इस फिल्म को लेकर भी शुरुआत में नकारात्मक बातें कही गई थीं लेकिन बाद में इसी फिल्म ने 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सबको चौंका दिया

    उन्होंने अपनी फिल्म हम तुम का अनुभव भी साझा किया और बताया कि रिलीज से पहले प्रिव्यू शो के दौरान इंडस्ट्री के लोगों को यह फिल्म खास पसंद नहीं आई थी इस वजह से वह काफी निराश हो गए थे उस समय आदित्य चोपड़ा ने उन्हें समझाया था कि यह फिल्म हर किसी की समझ में आने वाली नहीं है और यही इसकी खासियत है बाद में यही फिल्म दर्शकों के बीच बड़ी हिट साबित हुई

    कुणाल कोहली ने बेहद साफ शब्दों में कहा कि इंडस्ट्री के 99 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि दूसरा व्यक्ति सफल न हो यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिस्पर्धी माहौल की सच्चाई भी बयां करता है जहां सफलता से ज्यादा असफलता की चर्चा होती है

    इस पूरे मुद्दे पर कॉमेडियन जाकिर खान का बयान भी चर्चा में रहा था उन्होंने एक अवॉर्ड शो में मजाकिया अंदाज में कहा था कि लोग भले ही धुरंधर की तारीफ करें लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें जलन जरूर होगी इस बयान पर अभिनेत्री अमीषा पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे नकारात्मक सोच बताया था

    कुणाल कोहली की यह बात साफ करती है कि फिल्म की असली परीक्षा दर्शकों के बीच होती है न कि इंडस्ट्री के पूर्वाग्रहों में धुरंधर की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर कंटेंट मजबूत हो तो वह हर तरह की आलोचना को पीछे छोड़ सकता है और यही सिनेमा की असली ताकत भी है

  • अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

    अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

    नई दिल्ली:   पिछले साल फिल्म सैयारा से बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक्ट्रेस अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में रीत ने आदित्य धर की फिल्मधुरंधर की आलोचना करते हुए इसे प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फिल्म पूरी तरह से सरकार के पक्ष में नैरेटिव पेश करती है और राजनीतिक भाषणों के जरिए छोटे मुद्दों को सही ठहराती है। रीत ने सवाल उठाया कि क्या इसे प्रोपेगेंडा कहा जाए या नहीं, और इसे लेकर खुलकर अपनी राय रखी।

    रीत पड्डा नेधुरंधर के अलावाद कश्मीर फाइल्स औरद केरल स्टोरी जैसी फिल्मों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इन फिल्मों में आंकड़ों और तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और यह पूरे समुदाय के खिलाफ नैरेटिव तैयार करने का तरीका है। रीत ने बताया कि ऐसे मामलों में फिल्में सत्ताधारी पार्टी की लाइन के अनुसार जनता की सोच पर असर डालती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी तरह राजनीतिक मुद्दों पर अलग राय वाली फिल्में बनाई जातीं, जैसे किपंजाब 95, तो उन्हें रिलीज नहीं होने दिया जाता।

    रीत पड्डा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई। कई नेटिज़न्स ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया और लगातार आलोचना की। इस ट्रोलिंग के दबाव के चलते रीत ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया और इसके साथ ही अपना लिंक्डइन अकाउंट भी हटा दिया।

    इस विवाद ने दर्शकों के बीचधुरंधर को लेकर बहस को और तेज कर दिया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन राजनीतिक संदेश और नैरेटिव को लेकर दर्शकों में मतभेद नजर आए। आदित्य धर के निर्देशन वाली इस फिल्म ने दर्शकों को दो हिस्सों में बाँट दिया और फिल्म के राजनीतिक संदर्भों को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस छिड़ गई।

    इस पूरी घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी राय साझा करना कभी-कभी व्यक्तिगत हमलों और ट्रोलिंग का कारण बन सकता है। रीत पड्डा ने अपनी राय स्पष्ट रूप से रखी, लेकिन प्रतिक्रिया इतनी तीव्र हुई कि उन्हें अपनी ऑनलाइन उपस्थिति पूरी तरह से बंद करनी पड़ी।

  • ‘धुरंधर’ को लेकर कमल जैन ने की तारीफ बोले यह फिल्म दर्शकों को खींचने वाला सिनेमाई अनुभव

    ‘धुरंधर’ को लेकर कमल जैन ने की तारीफ बोले यह फिल्म दर्शकों को खींचने वाला सिनेमाई अनुभव


    फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के निर्माता कमल जैन ने अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर बेहद सकारात्मक राय व्यक्त की है। उनके अनुसार ‘धुरंधर’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव है जो दर्शकों को न सिर्फ जोड़ता है बल्कि उन्हें पूरी तरह से अपनी कहानी में खींच लेता है। उन्होंने इसे एक ऐसा प्रोजेक्ट बताया है जो दर्शकों के देखने के नजरिए को बदलने की क्षमता रखता है।

    कमल जैन का मानना है कि असली सफलता सिर्फ एक अच्छी कहानी से नहीं आती, बल्कि उसमें मौजूद उस खास जादू से आती है जो दर्शकों को बांधकर रखता है। उन्होंने कहा कि ‘मैजिक ही असल में बिकता है’ और यही वह तत्व है जो किसी फिल्म को सामान्य से अलग बनाता है। उनके अनुसार ‘धुरंधर’ में वही दुर्लभ जादू मौजूद है, जिसे हमने पहले भी ‘दीवार’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘भाग मिल्खा भाग’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘विकी डोनर’ और ‘संजू’ जैसी फिल्मों में देखा है।

    उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इस तरह के जादू के लिए जरूरी है कि फिल्म के क्रिएटर्स की सोच और इरादे मजबूत हों। जब प्रोड्यूसर की व्यावसायिक दृष्टि और निर्देशक की रचनात्मक सोच एक साथ मिलकर काम करती हैं, तब एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव तैयार होता है। ‘धुरंधर’ इसी तरह की मजबूत सिनर्जी का उदाहरण है, जहां कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति एक दूसरे के साथ तालमेल बनाते हैं।

    कमल जैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जब दुनिया पूरी तरह से कनेक्टेड है, तब फिल्में सिर्फ दर्शकों तक पहुंचती नहीं बल्कि उन्हें सिनेमाघरों तक खींचने की क्षमता भी रखती हैं। ‘धुरंधर’ भी इसी तरह का प्रभाव छोड़ने में सक्षम दिखाई देती है, जो दर्शकों को थिएटर तक आकर्षित करने का दम रखती है।

    उन्होंने फिल्म की टीम की भी सराहना की और कहा कि इसमें मेकर्स की स्पष्टता और मजबूत सोच साफ दिखाई देती है। आदित्य की लेखनी, निर्देशन, संगीत और कलाकारों का प्रदर्शन कहानी को और गहराई प्रदान करता है। साथ ही ज्योति देशपांडे की मजबूत मार्केटिंग और वितरण रणनीति ने इसे एक बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट में बदल दिया है।

    कमल जैन के अनुसार जब कंटेंट खुद बोलने लगता है और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है, तब वह केवल एक फिल्म नहीं रहता बल्कि एक प्रभावशाली अनुभव बन जाता है। यही ‘धुरंधर’ की खासियत है, जो कहानी कहने की कला को एक नई ऊंचाई पर ले जाती है।

     कमल जैन की राय के अनुसार ‘धुरंधर’ एक ऐसी फिल्म है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि दर्शकों के दिल और दिमाग दोनों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। यह फिल्म उस स्तर पर खड़ी दिखाई देती है जहां कला, कहानी और प्रस्तुति का संगम एक यादगार अनुभव तैयार करता है
  • धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    नई दिल्ली. बिग बॉस 17 फेम और धुरंधर फिल्म की स्टार आयशा खान ने हाल ही में महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की. मोजो स्टोरी के एक हालिया समिट में बोलते हुए, आयशा ने ऑनलाइन सेक्शुअलाइजेशन, यौन हिंसा की धमकियों और अपनी जिंदगी में रेप की कोशिश जैसे दर्दनाक अनुभवों को साझा किया. उन्होंने बताया कि शरारत गाने की शूटिंग के दौरान पीरियड्स में होने की अपनी ईमानदार कबूलनामी के बाद उन्हें बड़े पैमाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. उन्होंने न सिर्फ रोजाना मिलने वाली रेप की धमकियों का खुलासा किया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे एक समय उनके साथ रेप की कोशिश की गई थी.
    अपने करियर की शुरुआत से ही आयशा सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार रही हैं.
    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने पीरियड्स के दौरान ‘धुरंधर’ फिल्म का ‘शरारत’ गाना शूट किया था, तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. उन्होंने कहा कि यह घटना तो महज एक उदाहरण है, असल दर्द इससे कहीं गहरा है.
    आयशा ने कहा कि इंस्टाग्राम पर लगभग रोजाना उनके शरीर को लेकर अश्लील कमेंट्स किए जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं सामान्य टॉप पहनूं तो लोगों को प्रॉब्लम है, स्कर्ट पहनूं तो भी प्रॉब्लम है. मुझे यह सोचना पड़ता है कि पोस्ट करने से पहले क्या पहनूं.’
    उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के माहौल में रहना मानसिक रूप से बेहद दुखद है. ‘अगर मैं कुछ पहनने या पोस्ट करने से पहले यह सोचूं कि कहीं कोई मुझे गलत न समझ ले तो यह कितनी दुखद मानसिकता है
    जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा, ‘हां, हर रोज. मैं अभी अपना फोन खोलकर आपको दिखा सकती हूं’. उन्होंने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते यह समस्या सदियों से चली आ रही है और इंडस्ट्री की हर महिला कभी न कभी इससे गुजरती है.
    उन्होंने कहा कि कमेंट्स में लोग लिखते हैं कि अगर उनमें ताकत होती तो वे उसके साथ सब कुछ कर गुजरते, जो उन्हें डराता है क्योंकि ये असली इंसान हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं. इस दौरान आयशा ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक पल को भी साझा किया.
    भावुक होते हुए उन्होंने बताया, ‘मेरे साथ रेप की कोशिश हुई थी. मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती, लेकिन कभी-कभी यह जख्म हरा हो जाता है.’ उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मिलने वाली धमकियां उस पुराने घाव को कुरेद देती हैं. उन्हें डर होता है कि कहीं वह हादसा दोबारा न हो जाए, खासकर तब जब वह सेट पर होती हैं या कहीं ट्रैवल कर रही होती हैं
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    अपने असल जिंदगी के एक और डरावने अनुभव को शेयर करते हुए आयशा ने बताया कि एक बार वह फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उनके पिता भी वहां मौजूद थे. अचानक उन्होंने इंस्टाग्राम चेक किया तो देखा कि लंबे समय से एक शख्स उन्हें लगातार वॉयस नोट्स भेज रहा था.
    पड़ताल करने पर पता चला कि वह शख्स उनके सेट पर ही एक स्पॉटबॉय था. आयशा ने तुरंत इसकी शिकायत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम से की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई. हालांकि, इस घटना ने उन्हें यह एहसास करा दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बीच की दूरी बहुत कम है.
  • OTT पर दबकर रह गई सिराई, जय भीम जैसा टॉर्चर और इंसाफ की लड़ाई हिला देगी अंदर तक

    OTT पर दबकर रह गई सिराई, जय भीम जैसा टॉर्चर और इंसाफ की लड़ाई हिला देगी अंदर तक


    नई दिल्ली । ओटीटी की भीड़ में कई बार बेहतरीन फिल्में चुपचाप आकर निकल जाती हैं। साल 2026 में ZEE5 पर रिलीज हुई तमिल फिल्म सिराई भी कुछ ऐसी ही फिल्म है जो बड़े स्टार्स की फिल्मों के शोर में दब गई। कहा जा रहा है कि धुरंधर की चर्चा के बीच इस फिल्म पर कम लोगों की नजर पड़ी लेकिन कंटेंट के मामले में यह किसी से कम नहीं। IMDb पर 8.2 की दमदार रेटिंग के साथ सिराई उन फिल्मों में गिनी जा रही है जो सिस्टम की सच्चाई को बेधड़क सामने रखती हैं।

    फिल्म में लीड रोल निभाया है विक्रम प्रभु ने। उनके साथ कई अनुभवी तमिल कलाकार नजर आते हैं जो कहानी को मजबूत आधार देते हैं। यह फिल्म तमिल में बनी है लेकिन अच्छी बात यह है कि ओटीटी पर यह हिंदी में भी उपलब्ध है इसलिए भाषा दर्शकों के लिए रुकावट नहीं बनती।

    सिराई का अर्थ है जेल या कैद और फिल्म का मूल भी इसी विचार के इर्द-गिर्द घूमता है। कहानी एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की है जिसे एक हाई-प्रोफाइल कैदी को एक जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी मिलती है। शुरुआत में यह एक सामान्य ड्यूटी लगती है लेकिन सफर के दौरान उसे पता चलता है कि जिस कैदी को वह ले जा रहा है वह असल में निर्दोष है। उसे कुछ ताकतवर लोगों ने अपने फायदे के लिए फंसाया है।

    यहीं से कहानी में असली संघर्ष शुरू होता है। एक तरफ सिस्टम का दबाव और वर्दी की जिम्मेदारी दूसरी तरफ इंसानियत और अंतरात्मा की आवाज। क्या वह आदेश का पालन करेगा या सच का साथ देगा? फिल्म इसी नैतिक दुविधा को बेहद सधे हुए अंदाज में पेश करती है।

    इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें मसाला एंटरटेनमेंट वाला ओवर-द-टॉप एक्शन नहीं है। यहां सब कुछ रियलिस्टिक है पुलिसिया पूछताछ मानसिक दबाव सत्ता का खेल और कानून की खामियां। यही यथार्थवाद फिल्म को असरदार बनाता है।

    अगर आपको जय भीम और विसरानई जैसी फिल्में पसंद आई थीं तो सिराई भी आपको जरूर प्रभावित करेगी। यह सिर्फ पुलिस और कैदी की कहानी नहीं है बल्कि यह न्याय व्यवस्था की परतें खोलती है और सवाल पूछती है कि सच की कीमत आखिर कितनी भारी होती है।

    विक्रम प्रभु ने अपने किरदार में गजब की गंभीरता दिखाई है। उनके चेहरे के भाव आंखों की बेचैनी और भीतर चल रहे द्वंद्व को उन्होंने बारीकी से निभाया है। फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है और सोचने पर मजबूर करती है।