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  • कर्नाटक CM पद पर खींचतान बरकरार, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से करेंगे मुलाकात

    कर्नाटक CM पद पर खींचतान बरकरार, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से करेंगे मुलाकात


    नई दिल्ली / कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर जारी सियासी खींचतान अभी थमने के आसार नहीं दिखा रही है। बेलगावी से लेकर बेंगलुरु तक लगातार बयानबाजी के बीच अब यह मामला सीधे दिल्ली दरबार तक पहुंचता नजर आ रहा है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्य मंत्रीडीके शिवकुमार 14 दिसंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस हाई कमान से मुलाकात कर सकते हैं। कुछ दिन पहले हाई कमान के निर्देश पर दोनों नेताओं का मुख्यमंत्री आवास पर नाश्ता हुआ था। उस बैठक के बाद यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सब कुछ सामान्य हो गया है। लेकिन इसके बाद दोनों खेमों से जिस तरह के बयान सामने आए हैं, उससे साफ है कि अंदरखाने असहमति अब भी बनी हुई है।

    दिल्ली में अहम बैठक की संभावना
    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि यह बैठक सोनिया गांधी, राहुल गांधी या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे में से किसी एक के साथ हो सकती है। हालांकि समय कम बताया जा रहा है, लेकिन अगर यह मुलाकात होती है तो इसे कर्नाटक की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा
    सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। अगर वे हमारे शीर्ष नेतृत्व से मिलना चाहते हैं, तो इसमें कोई बाधा नहीं है।सूत्रों के अनुसार, यह संभावित बैठक नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस रैली के बाद हो सकती है, जिसे ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है।
    कहां से शुरू हुआ विवाद?
    2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। सत्ता गठन के समय सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। तभी से यह चर्चा चलती रही कि ढाई साल बाद मुख्यमंत्री पद में बदलाव हो सकता है।20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद यह मुद्दा फिर से तेज हो गया। शिवकुमार समर्थकों का दावा है कि चुनाव जीतने के बाद सत्ता साझा करने को लेकर कोई अघोषित समझौता हुआ था, जिसके तहत आधे कार्यकाल के बाद मुख्यमंत्री बदले जाने की बात थी। हालांकि पार्टी और सरकार की ओर से कभी भी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

    बयानबाजी ने बढ़ाया तनाव

    हाल के दिनों में दोनों नेताओं के समर्थकों की बयानबाजी ने आग में घी डालने का काम किया है। एक ओर सिद्धारमैया खेमे की ओर से यह संदेश दिया जा रहा है कि सरकार स्थिर है और नेतृत्व में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है, वहीं शिवकुमार समर्थक लगातार समझौते” की याद दिला रहे हैं।यह खींचतान न सिर्फ सरकार की छवि पर असर डाल रही है, बल्कि पार्टी के भीतर असंतोष को भी उजागर कर रही है। यही वजह है कि हाई कमान को अब सीधे दखल देना पड़ सकता है।

    हाई कमान के लिए बड़ी चुनौती
    कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कर्नाटक में सरकार की स्थिरता बनी रहे और अंदरूनी कलह बाहर न आए। ऐसे में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की दिल्ली मुलाकात को फायरफाइटिंग मीटिंग के तौर पर देखा जा रहा है।अगर यह बैठक होती है, तो इससे यह साफ हो सकता है कि पार्टी नेतृत्व कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर क्या रुख अपनाने जा रहा है। फिलहाल इतना तय है कि कर्नाटक की सियासत में आने वाले दिन काफी अहम होने वाले हैं।

  • कर्नाटक में CM पद की खींचतान जारी, सिद्धारमैया और शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से करेंगे मुलाकात

    कर्नाटक में CM पद की खींचतान जारी, सिद्धारमैया और शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से करेंगे मुलाकात


    नई दिल्‍ली । कर्नाटक(Karnataka) में मुख्यमंत्री पद को लेकर मची खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। हाई कमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री के घर हुए दोनों नेताओं के नाश्ते के बाद ऐसा दावा किया जा रहा था कि अब सब ठीक है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों की तरफ से की जा रही बयान बाजी के बाद यह साफ है कि कुछ ठीक नहीं है। हिन्दुस्तान (Hindustan)टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसी खींचतान को लेकर अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया(Siddaramaiah) और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार(DK Shivakumar) 14 दिसंबर को नई दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं।

    कांग्रेस के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में इन दोनों नेताओं की बैठक सोनिया गांधी, राहुल गांधी या फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी में से किसी एक से हो सकती है। पार्टी के करीबी सूत्र के मुताबिक इस बैठक के लिए समय बहुत कम है लेकिन अगर यह मुलाकात होती है, तो यह कर्नाटक के आगामी हालात के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी।

    कर्नाटक में कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एचटी से कहा, “सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। यदि वे हमारे किसी भी शीर्ष नेता से मिलना चाहते हैं, तो वह हमेशा ऐसा कर सकते हैं।” सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक के नेताओं की कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से यह मुलाकात नई दिल्ली के ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान के तहत रामलीला मैदान में होने वाली रैली के बाद होगी।

    गौरतलब है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से दोनों नेताओं की मुलाकात की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों खेमों के बीच में पिछले कई दिनों से खींचतान मची हुई है। 2023 से सत्ता में आने के बाद से दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर तंज कसते रहे हैं। लेकिन 20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे होने पर इन हमलों की तीव्रता बढ़ गई। शिवकुमार समर्थकों का कहना है कि जीत के बाद सरकार के आधे पड़ाव पर सत्ता हस्तांतरण की बात हुई थी। हालांकि ऐसा नहीं हो सका।