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  • आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?

    आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?


    पिथौरागढ़।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) की प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा (Famous Adi Kailash and Om Parvat Yatra) इस साल 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 28 अप्रैल से ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने रास्ते में स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, पेयजल, संचार और सड़कों की मरम्मत के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यात्रियों को कोई असुविधा ना हो।


    पहली मई से यात्रा, इसी दिन खुलेंगे कपाट

    पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि आदि कैलाश और ओम् पर्वत यात्रा पहली मई से शुरू होगी। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित पवित्र शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


    28 अप्रैल से जारी होंगे परमिट

    जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट की ऑनलाइन प्रक्रिया 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।


    कैसे करें आवेदन?

    प्रशासन की ओर से बताया गया है कि श्रद्धालु पोर्टल के जरिए यात्रा परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि परमिट धारचूला से जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी का मानना था कि इस साल की आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


    पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

    यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों को यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। यही नहीं यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, दूरसंचार, खाद्यान्न, शौचालय, सुरक्षा और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।


    पीएम के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी

    हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा शुरू करते हैं। हल्द्वानी से आदि कैलाश यात्रा 8 दिन की जबकि टनकपुर से 6 दिन और धारचूला से यात्रा 5 दिन में संपन्न होती है।साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के भ्रमण से इस यात्रा को बहुत बढ़ावा मिला था। पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश आते थे जबकि 2023 में पीएम मोदी के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28 हजार तक पहुंच गई। पिछले साल आंकड़ा 36 हजार को पार कर गया।


    23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

    बता दें कि इस साल 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बद्रीनाथ धाम के पवित्र कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। मंदिर को इस साल खास तौर पर विदेश से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है।

  • चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

    Chardham 

    दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


    बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

    आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


    केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

    केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


    70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

    धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

    धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
    इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


    धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

    गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।