Tag: Education News

  • MP बोर्ड की बड़ी राहत: द्वितीय परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की डेट बढ़ी, फेल के साथ पास छात्र भी दे सकेंगे एग्जाम

    MP बोर्ड की बड़ी राहत: द्वितीय परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की डेट बढ़ी, फेल के साथ पास छात्र भी दे सकेंगे एग्जाम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 4 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पहले यह तारीख 26 अप्रैल तय थी।

    यह आवेदन प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश के तहत एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

    इस साल बोर्ड ने बड़ा बदलाव करते हुए पुरानी पूरक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया है और उसकी जगह ‘द्वितीय परीक्षा’ प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था में न सिर्फ फेल छात्र शामिल हो सकेंगे, बल्कि पास छात्र भी अपने अंक सुधारने के लिए परीक्षा दे सकेंगे।

    नई व्यवस्था के अनुसार, जो छात्र किसी विषय में फेल हैं, उन्हें उस विषय की परीक्षा देनी होगी। वहीं पास छात्र भी बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए इच्छानुसार किसी भी विषय में शामिल हो सकते हैं। इससे छात्रों को अपने परिणाम सुधारने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

    परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक और 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर ही होंगी।

    बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा दोनों में से जो भी बेहतर अंक होंगे, वही अंतिम परिणाम में मान्य किए जाएंगे। इससे छात्रों पर दबाव कम होगा और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।

    आवेदन करने के लिए छात्रों को परिणाम जारी होने के बाद सात दिनों के भीतर फॉर्म भरना होगा। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। अधिक जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

  • एमपी अतिथि शिक्षक भर्ती 2026 शुरू, 2 मई से ऑनलाइन आवेदन, 10 हजार पदों पर बड़ा मौका

    एमपी अतिथि शिक्षक भर्ती 2026 शुरू, 2 मई से ऑनलाइन आवेदन, 10 हजार पदों पर बड़ा मौका

    मध्यप्रदेश में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है, जो हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षक भर्ती 2 मई से शुरू की जाएगी, जिसमें पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाना है।

    इस भर्ती अभियान के तहत करीब 10 हजार पदों को भरने की योजना बनाई गई है। ये पद राज्य के विभिन्न प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त हैं, जहां लंबे समय से शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। इन नियुक्तियों से न केवल स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

    इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरा किया जाएगा, जहां उम्मीदवारों को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। जो अभ्यर्थी पहले से पंजीकृत हैं, उन्हें अपनी प्रोफाइल अपडेट करनी होगी। इसके बाद सभी आवश्यक शैक्षणिक और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी या पारदर्शिता की कमी न रहे।

    सबसे महत्वपूर्ण नियम यह रखा गया है कि बिना दस्तावेज सत्यापन के किसी भी उम्मीदवार का स्कोर कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने दस्तावेज संबंधित अधिकारियों के पास जाकर सत्यापित कराने होंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद ही स्कोर कार्ड तैयार किया जाएगा, जो आगे मेरिट सूची का आधार बनेगा।

    यदि किसी भी चरण में दस्तावेजों में त्रुटि या गलत जानकारी पाई जाती है, तो आवेदन को रद्द किया जा सकता है। इसलिए सभी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जानकारी सावधानीपूर्वक और सही तरीके से प्रस्तुत करें। यह पूरी प्रक्रिया मेरिट आधारित होगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक अंकों के आधार पर चयन किया जाएगा।

    इस भर्ती प्रक्रिया में समय सीमा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। निर्धारित तारीखों के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन या संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे पूरी व्यवस्था को समय पर और सुचारू रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी।

    यह भर्ती न केवल शिक्षा विभाग में खाली पदों को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। डिजिटल प्रक्रिया और मेरिट आधारित चयन इसे और अधिक निष्पक्ष और प्रभावी बनाते हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को सही अवसर मिल सकेगा।

  • एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका

    एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका


    नई दिल्ली/भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. भोपाल ने इस वर्ष से परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करते हुए पारंपरिक पूरक परीक्षा व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब द्वितीय परीक्षा शुरू की जा रही है जिसमें फेल और पास दोनों ही प्रकार के छात्र शामिल हो सकेंगे। यह परीक्षा 7 मई 2026 से आयोजित होगी।

    नई व्यवस्था के तहत छात्र केवल अनुत्तीर्ण विषयों के लिए ही नहीं बल्कि अपने अंक सुधारने के उद्देश्य से भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को अपने परिणाम बेहतर करने का अधिक अवसर मिलेगा।

    पहले की व्यवस्था में हाईस्कूल 10वीं में अधिकतम दो विषय और हायर सेकेंडरी 12वीं में एक विषय में फेल छात्र ही पूरक परीक्षा दे सकते थे। लेकिन अब इस नई द्वितीय परीक्षा प्रणाली में सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किया गया है।

    नियमों के अनुसार जो छात्र किसी विषय में फेल हैं उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा। वहीं पास छात्र अपनी इच्छा से किसी भी विषय में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकते हैं। इसे छात्रों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।

    जारी टाइमटेबल के मुताबिक 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगी जबकि 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच होगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर कराई जाएंगी।

    बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि द्वितीय परीक्षा के बाद जारी अंकसूची मुख्य परीक्षा के समान ही होगी। छात्र के दोनों परिणामों में से जो बेहतर होगा वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा जिससे उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

    द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के सात दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।