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  • BMC Election 2026: सिर्फ नगर निगम नहीं, मुंबई की असली मिनी सरकार

    BMC Election 2026: सिर्फ नगर निगम नहीं, मुंबई की असली मिनी सरकार


    नई दिल्ली। मुंबई की राजनीतिक और प्रशासनिक धड़कनें इन दिनों बीएमसी चुनावों के साथ जोर पकड़ रही हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को अक्सर सिर्फ एक नगर निगम समझा जाता है, लेकिन यह शहर की असली मिनी सरकार की तरह काम करती है। जहां इस पर सत्ता होती है, वहां शहर की रफ्तार, विकास और जीवन स्तर तय होते हैं। 227 वार्डों के लिए 52.94% मतदान के साथ बीएमसी चुनाव इस बार भी देश की सबसे अमीर और ताकतवर नगर निगम को लेकर सियासी दिलचस्पी का केंद्र बन गया है।

    बीएमसी का इतिहास और सियासी महत्व
    बीएमसी की स्थापना 1865 में हुई थी और यह मुंबई की स्थानीय सरकार की तरह काम करती है। पिछले दो दशकों में शिवसेना का इस पर दबदबा रहा, लेकिन अब पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई है

    एक का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, जबकि दूसरा धड़ा एकनाथ शिंदे के हाथ में है। इस वजह से बीएमसी चुनाव राजनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जाता है।

    सड़क और यातायात: मुंबई का कनेक्शन बीएमसी से
    मुंबई का सड़क नेटवर्क लगभग 2,050 किलोमीटर लंबा है। इन सड़कों का निर्माण, रखरखाव और मरम्मत बीएमसी की जिम्मेदारी है। खासतौर पर मानसून में सड़कें गड्ढों से भर जाती हैं, जिससे शहर में यातायात प्रभावित होता है। बीएमसी 700 किलोमीटर सड़कों को सीमेंट कंक्रीट में बदलने का काम कर रही है, जिस पर करीब 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही फ्लाईओवर, पुल, लिंक रोड और कोस्टल रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी बीएमसी की देखरेख में हैं, जिनसे शहर में यातायात की गति बढ़ी है।

    पानी की आपूर्ति और झीलों का प्रबंधन
    मुंबई की पेयजल आपूर्ति सात झीलों पर निर्भर हैतुलसी, विहार, भात्सा, तानसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा और मोडक सागर। इनमें से सिर्फ दो झीलें शहर की सीमा में हैं। बीएमसी इन सभी झीलों का प्रबंधन करती है, पानी को शुद्ध करती है और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए घर-घर तक पहुंचाती है। लीकेज ठीक करना और बढ़ती आबादी के अनुसार व्यवस्था अपडेट करना भी उसकी जिम्मेदारी है।

    कचरा प्रबंधन और सफाई
    मुंबई में प्रतिदिन 8,000 से 10,000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसे इकट्ठा करना, प्रोसेसिंग प्लांट और लैंडफिल तक पहुंचाना बीएमसी का काम है। इसके अलावा सड़कों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव और सीवेज ट्रीटमेंट भी नगर निगम की जिम्मेदारी में आता है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा
    बीएमसी देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में से एक संचालित करती है। इसके तहत चार मेडिकल कॉलेज अस्पताल, 16 सामान्य अस्पताल, चार विशेष अस्पताल, डिस्पेंसरी और मातृत्व गृह आते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान बीएमसी की भूमिका पूरे देश में सराही गई थी। शिक्षा के क्षेत्र में बीएमसी 1,100 से ज्यादा नगरपालिका स्कूल चलाती है, जिनमें गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है।

    बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट
    मुंबई कोस्टल रोड, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड और वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड जैसे प्रोजेक्ट बीएमसी के तहत विकसित किए गए हैं।

    इसके अलावा शहर में 340 से ज्यादा पुल और स्काईवॉक का रखरखाव भी बीएमसी करती है। ये सभी प्रोजेक्ट न सिर्फ यातायात को बेहतर बनाते हैं बल्कि शहर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं।

    बीएमसी चुनाव केवल नगर निगम की कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि मुंबई की असली मिनी सरकार के नेतृत्व के लिए अहम हैं। सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और बड़े प्रोजेक्ट्सबीएमसी का दायरा शहर के हर पहलू में फैला है। इसलिए इस चुनाव के नतीजे न केवल राजनीतिक बल्कि शहरी जीवन और विकास की दिशा तय करने वाले होंगे।

  • BMC चुनाव 2025: सीट बंटवारे पर आमने-सामने शिंदे गुट और BJP, आज की बैठक में तय होगी रणनीति

    BMC चुनाव 2025: सीट बंटवारे पर आमने-सामने शिंदे गुट और BJP, आज की बैठक में तय होगी रणनीति


    मुंबई /महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों का ऐलान होते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका BMC चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। देश की सबसे अमीर नगर निगम मानी जाने वाली बीएमसी पर कब्जे की जंग इस बार और भी दिलचस्प होने वाली है। इसी कड़ी में आज शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी BJP के बीच सीट बंटवारे को लेकर पहली औपचारिक बैठक होने जा रही है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।मुंबई में होने वाली यह बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह तय करेगी कि महायुति के सहयोगी दल चुनावी मैदान में किस रणनीति के साथ उतरेंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री शिवसेना शिंदे गुट की ओर से मंत्री उदय सामंत, पूर्व सांसद राहुल शेवाळे और राज्यमंत्री योगेश कदम शामिल होंगे। वहीं बीजेपी की तरफ से मंत्री आशिष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम, विधायक प्रविण दरेकर और अतुल भातखळकर बैठक में मौजूद रहेंगे।

    सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना शिंदे गुट इस बातचीत की शुरुआत 50-50 सीट बंटवारे के फार्मूले के साथ करेगी। पार्टी का तर्क है कि 2012 और 2017 के बीएमसी चुनावों को मिलाकर शिवसेना के कुल 125 पार्षद रह चुके हैं, जबकि बीजेपी ने 2017 के चुनाव में अपने दम पर 82 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर बीजेपी इस बार और आक्रामक रुख में है और उसने 100 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। यही वजह है कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कड़ा मंथन तय माना जा रहा है। इस सियासी समीकरण के बीच यह भी साफ हो गया है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का गठबंधन आगामी चुनावों में एकजुट रहेगा, जिससे मुकाबला और ज्यादा त्रिकोणीय और रोचक बन सकता है।

    ठाणे में भी चुनावी हलचल तेज
    मुंबई के साथ-साथ ठाणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज ठाणे में पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में सभी पुराने हेड्स, डिपार्टमेंट हेड्स, ब्रांच हेड्स, विधायक, सांसद और पूर्व कॉर्पोरेटर्स शामिल होंगे। इस बैठक को ठाणे चुनाव के लिए शुरुआती रोडमैप माना जा रहा है। यहां सीट बंटवारे, प्रचार रणनीति, बड़ी जनसभाओं और इच्छुक उम्मीदवारों को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। चूंकि ठाणे में भी बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा जाना है, इसलिए दोनों दलों के बीच तालमेल और रणनीति पर विशेष जोर रहेगा। यह बैठक आज शाम ठाणे के टिप टॉप प्लाजा में आयोजित की गई है।

    कांग्रेस और अन्य दल भी सक्रिय
    महायुति की बैठकों के बाद अब कांग्रेस ने भी महानगरपालिका चुनावों को लेकर कमर कस ली है। नगर निगम क्षेत्रों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों और विधानसभा प्रभारियों की बैठक आज 16 दिसंबर को दोपहर 1 बजे प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

    वहीं बीजेपी ने भी बीएमसी चुनाव के लिए अपने घटक दलों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। पार्टी आज आरपीआई आठवले गुट और शिवसेना के साथ अलग-अलग बैठकें करेगी। ये सभी बैठकें दादर स्थित वसंत स्मृति कार्यालय में होंगी, जहां से महायुति की चुनावी दिशा और दशा तय होने की उम्मीद है।कुल मिलाकर, बीएमसी और ठाणे चुनावों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल अपने चरम पर है। आज होने वाली बैठकें यह तय करेंगी कि आने वाले दिनों में सियासी समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।