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  • स्पेसएक्स IPO से इतिहास रच सकते हैं एलन मस्क, दुनिया के पहले खरबपति बनने की ओर बढ़े कदम

    स्पेसएक्स IPO से इतिहास रच सकते हैं एलन मस्क, दुनिया के पहले खरबपति बनने की ओर बढ़े कदम

    वॉशिंगटन। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क अब एक और बड़ा इतिहास रचने की तैयारी में हैं। उनकी अंतरिक्ष और सैटेलाइट कंपनी SpaceX जल्द ही शेयर बाजार में उतर सकती है। माना जा रहा है कि यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है और इसके बाद मस्क दुनिया के पहले खरबपति बनने के करीब पहुंच जाएंगे।

    24 साल बाद शेयर बाजार में उतरने की तैयारी
    स्पेसएक्स ने करीब 24 वर्षों तक निजी कंपनी बने रहने के बाद अब अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने नास्देक टेक्सास पर “SPCX” टिकर के तहत लिस्टिंग के लिए आवेदन किया है और अमेरिकी नियामक SEC के पास जरूरी दस्तावेज भी जमा करा दिए हैं। हालांकि आईपीओ के बाद भी कंपनी पर एलन मस्क का नियंत्रण बना रहेगा।

    रिकॉर्ड तोड़ सकता है IPO
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स इस आईपीओ के जरिए लगभग 75 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।

    इससे पहले सऊदी अरामको ने 2019 में 29.4 अरब डॉलर जुटाए थे। अलीबाबा ग्रुप ने 2014 में 22 अरब डॉलर का आईपीओ लाया था स्पेसएक्स की संभावित वैल्यू 1.75 से 2 ट्रिलियन डॉलर के बीच आंकी जा रही है, जो कई देशों के पूरे शेयर बाजार से भी बड़ी मानी जा रही है।

    स्टारलिंक बना कमाई का बड़ा स्रोत
    कंपनी के दस्तावेजों के अनुसार, Starlink इंटरनेट सेवा स्पेसएक्स की कमाई का प्रमुख आधार बन चुकी है। 2025 में कंपनी का अनुमानित राजस्व करीब 18.7 अरब डॉलर बताया गया है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का मूल्यांकन काफी ऊंचा है, लेकिन निवेशकों के बीच इसे भविष्य की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में देखा जा रहा है।

    ऐसे बन सकते हैं पहले खरबपति
    स्पेसएक्स में एलन मस्क की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत बताई जाती है। यदि कंपनी की वैल्यू 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचती है, तो सिर्फ स्पेसएक्स में उनकी हिस्सेदारी का मूल्य 735 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। इसके अलावा Tesla, xAI और अन्य कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी जोड़ने पर मस्क की कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर यानी 1 खरब डॉलर के पार जा सकती है। ऐसा होने पर वे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन जाएंगे।

  • X का बड़ा अपडेट! अब एक क्लिक में मिलेंगी पुरानी पोस्ट, वीडियो और आर्टिकल्स, Elon Musk ने लॉन्च किया History फीचर

    X का बड़ा अपडेट! अब एक क्लिक में मिलेंगी पुरानी पोस्ट, वीडियो और आर्टिकल्स, Elon Musk ने लॉन्च किया History फीचर



    नई दिल्ली। एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी X लगातार यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर्स ला रही है। अब कंपनी ने एक नया और बेहद उपयोगी “History Feature” लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर्स पहले देखे गए पोस्ट, वीडियो और आर्टिकल्स को आसानी से दोबारा खोज सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो बाद में देखने या पढ़ने के लिए कंटेंट सेव करना भूल जाते थे।

    कंपनी के अनुसार नया History फीचर फिलहाल iOS यानी iPhone यूजर्स के लिए रोल आउट किया गया है। इस फीचर के जरिए यूजर्स अपनी पुरानी ऑनलाइन एक्टिविटी को व्यवस्थित तरीके से ट्रैक कर पाएंगे। एक्स  ने इस फीचर को चार अलग-अलग सेक्शन में बांटा है  बुकमार्क, लाइक, वीडियो और लेख।
    बुकमार्क और लाइक्स सेक्शन में वे पोस्ट दिखाई देंगी जिन्हें यूजर्स ने सेव या लाइक किया होगा, जबकि वीडियो और आर्टिकल सेक्शन में वह कंटेंट ऑटोमैटिकली दिखेगा जिसे यूजर पहले प्लेटफॉर्म पर देख चुका होगा। इससे किसी पुराने वीडियो, वायरल पोस्ट या जरूरी आर्टिकल को दोबारा

    ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा।

    अब तक एक्स पर पुरानी पोस्ट या वीडियो दोबारा खोजना यूजर्स के लिए बड़ी परेशानी बन जाता था। कई बार लोग कोई जरूरी जानकारी या पसंदीदा वीडियो फिर से देखना चाहते थे, लेकिन उसे ढूंढना मुश्किल हो जाता था। नए History फीचर के आने के बाद यह दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

    एक्स के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने बताया कि यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो बाद में कंटेंट दोबारा पढ़ना या देखना पसंद करते हैं। कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स का प्लेटफॉर्म पर बिताया जाने वाला समय भी बढ़ेगा और कंटेंट एक्सपीरियंस पहले से ज्यादा स्मार्ट बनेगा।

    कंपनी ने यूजर्स की प्राइवेसी का भी खास ध्यान रखा है।एक्स  के मुताबिक हिस्ट्री सेक्शन पूरी तरह प्राइवेट रहेगा और इसमें दिखाई देने वाली एक्टिविटी केवल संबंधित यूजर को ही नजर आएगी। कोई दूसरा व्यक्ति आपकी हिस्ट्री नहीं देख पाएगा।

    टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अपडेट सिर्फ एक साधारण हिस्ट्री फीचर नहीं है, बल्कि X के बदलते विजन का हिस्सा है। कंपनी अब खुद को सिर्फ माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वीडियो, लंबे आर्टिकल्स और क्रिएटर कंटेंट पर ज्यादा फोकस कर रही है। यही वजह है कि नए फीचर को X के बड़े कंटेंट इकोसिस्टम की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

  • चीन दौरे पर ट्रंप-मस्क का ‘डिजिटल लॉकडाउन’, बिना फोन पहुंचे दिग्गज; साइबर खतरे से क्यों अलर्ट अमेरिका?

    चीन दौरे पर ट्रंप-मस्क का ‘डिजिटल लॉकडाउन’, बिना फोन पहुंचे दिग्गज; साइबर खतरे से क्यों अलर्ट अमेरिका?



    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे को लेकर इस समय सबसे ज्यादा चर्चा किसी राजनीतिक समझौते की नहीं, बल्कि कड़े डिजिटल सुरक्षा प्रोटोकॉल की हो रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरे में शामिल अमेरिकी अधिकारियों और बड़े टेक दिग्गजों जैसे एलन मस्क, टिम कुक और जेनसन हुआंग ने अपने निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप साथ नहीं ले जाने का फैसला किया है। इसे अमेरिकी मीडिया “डिजिटल लॉकडाउन” कह रही है।

    सूत्रों के मुताबिक, यह कदम चीन में साइबर जासूसी, डेटा ट्रैकिंग और संभावित हैकिंग के खतरे को देखते हुए उठाया गया है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विदेश यात्राओं, खासकर चीन जैसे देशों में, निजी डिवाइस पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहते और उनमें मौजूद संवेदनशील डेटा को निशाना बनाया जा सकता है। इसी वजह से प्रतिनिधिमंडल को केवल विशेष रूप से तैयार किए गए सुरक्षित डिवाइस, जिन्हें “बर्नर फोन” या क्लीन डिवाइस कहा जाता है, उपलब्ध कराए गए हैं।

    इन डिवाइसों में किसी तरह का निजी डेटा नहीं होता और इनमें सीमित इंटरनेट एक्सेस होता है। यात्रा समाप्त होने के बाद इन उपकरणों को पूरी तरह से साफ किया जाता है या नष्ट कर दिया जाता है। इसके अलावा, इन डिवाइसों में “गोल्डन इमेज” नामक एक सुरक्षित सॉफ्टवेयर सेटअप भी इंस्टॉल किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या अनधिकृत एक्सेस की तुरंत पहचान की जा सके।

    सुरक्षा व्यवस्था के तहत चीन में किसी भी अनजान चार्जर, होटल वाई-फाई या सार्वजनिक USB पोर्ट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, “जूस जैकिंग” नामक साइबर खतरे में पब्लिक चार्जिंग पोर्ट के जरिए मोबाइल और लैपटॉप में मैलवेयर डाले जाने या डेटा चोरी होने की संभावना रहती है। इसी कारण अधिकारियों को केवल सुरक्षित पावर बैंक और अधिकृत चार्जिंग उपकरणों का ही उपयोग करने की अनुमति दी गई है।

    हालांकि, चीन ने इन सभी आरोपों और आशंकाओं को खारिज किया है। चीनी दूतावास का कहना है कि देश किसी भी विदेशी नागरिक या सरकार का डेटा अवैध रूप से न तो एकत्र करता है और न ही एक्सेस करता है, और सभी डिजिटल सिस्टम कानून के तहत सुरक्षित हैं।

    कुल मिलाकर, ट्रंप के इस दौरे में लागू की गई कड़ी डिजिटल सुरक्षा यह दर्शाती है कि अमेरिका और चीन के बीच केवल राजनीतिक या आर्थिक ही नहीं, बल्कि साइबर और तकनीकी स्तर पर भी गहरी प्रतिस्पर्धा और अविश्वास मौजूद है।

  • एलन मस्क की स्टारलिंक को पाकिस्तान में प्रवेश के लिए नहीं मिल रहा लाइसेंस… फंसा पेच?

    एलन मस्क की स्टारलिंक को पाकिस्तान में प्रवेश के लिए नहीं मिल रहा लाइसेंस… फंसा पेच?


    नई दिल्ली।
    अरबपति व्यवसायी एलन मस्क (Billionaire Businessman Elon Musk) की स्टारलिंक (Starlink) को डेटा सुरक्षा संबंधी चिंताओं, मस्क-ट्रंप विवाद और चीनी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा के कारण पाकिस्तान (Pakistan) के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार (Satellite Internet Market.) में प्रवेश करने का लाइसेंस मिलने में देरी हो रही है। एक पाकिस्तानी अखबार में रविवार को प्रकाशित खबर में यह बात कही गई है।

    एक खबर में कहा है कि स्टारलिंक उन कई कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने पाकिस्तान के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में परिचालन की अनुमति मांगी है, लेकिन विभिन्न अनसुलझे सुरक्षा और भूराजनीतिक मुद्दों के कारण अनुमोदन प्रक्रिया धीमी हो गई है। खबर के मुताबिक, सरकार को पता चला है कि स्टारलिंक पाकिस्तान के निगरानी, ​​नियामक और सुरक्षा ढांचे का उल्लंघन करते हुए कुछ डेटा प्रसारित कर सकता है।

    खबर में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि हम पाकिस्तान में उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और डेटा चोरी रोकने के लिए सुरक्षा जांच के बिना स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं दे सकते। अधिकारियों के अनुसार, मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच विवाद एक और बड़ी वजह है, जिसके चलते पाकिस्तान सरकार सुरक्षा मंजूरी देने में हिचकिचा रही है।

    उन्होंने कहा कि ट्रंप के पिछले साल जनवरी में दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच रिश्तों में सुधार हुआ है, ऐसे में पाकिस्तान ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता है, जो अमेरिका को नागवार गुजरे। खबर में कहा गया है कि मौजूदा समय में पांच कंपनियां पाकिस्तान में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं के लिए लाइसेंस हासिल करने की कोशिश कर रही हैं और देश में लाखों अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही हैं।

    पाकिस्तान अंतरिक्ष गतिविधि नियामक बोर्ड (पीएसएआरबी) के मुताबिक, स्टारलिंक और चीन स्थित शंघाई स्पेसकॉम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (एसएसएसटी) सहित पांच कंपनियों ने उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।

    अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी बाजार में अमेरिकी कंपनियों की तुलना में चीनी कंपनियों की पहले से ही मजबूत पकड़ है और पाकिस्तान के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में कदम रखने की इच्छुक चीनी कंपनियां स्टारलिंक को अपना सीधा प्रतिस्पर्धी मानती हैं। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी पीएसएआरबी बोर्ड के पास लंबित है, जिसने लाइसेंसिंग व्यवस्था को अंतिम रूप नहीं दिया है।

  • एलन मस्क पर हो रही धन वर्षा… एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर बढ़ी दौलत

    एलन मस्क पर हो रही धन वर्षा… एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर बढ़ी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया सबसे अमीर व्यक्ति टेस्ला के एलन मस्क ( World’s Richest Person Elon Musk) की दौलत में भारी इजाफा (Huge Increase Wealth) हुआ है। बुधवार को उनके ऊपर डॉलर की ऐसी बारिश हुई कि एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर पीट दिए। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaire List) के मुताबिक मस्क की दौलत इस उछाल के बाद 683 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। महज 14 दिनों में मस्क की संपत्ति 63.1 अरब डॉलर बढ़ी है।

    दूसरी ओर ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों को बुधवार को बड़े झटके लगे। जेफ बेजोस को 5.22 अरब डॉलर, लैरी एलिसन को 8.85 अरब डॉलर, मार्क जुकरबर्ग को 5.32 अरब डॉलर और बर्नार्ड अर्नाल्ट को 2.48 अरब डॉलर का झटका लगा है। स्टीव बाल्मर को भी 3.55 अबर डॉलर और जेनसेन हुआंग को 2.16 अरब डॉलर की चोट पहुंची है। लैरी पेज को 70.5 मिलियन डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 90 मिलियन डॉलर और वॉरेन बफेट को 118 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची है।

    मस्क दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला और प्राइवेट रॉकेट बिजनेस स्पेसएक्स के CEO हैं। कंपनी के 2025 प्रॉक्सी स्टेटमेंट के अनुसार, मस्क के पास टेस्ला का लगभग 12% हिस्सा है। उनके पास 2018 के कंपनसेशन पैकेज से लगभग 304 मिलियन एक्सरसाइजेबल स्टॉक ऑप्शन भी हैं।

    ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्पेसएक्स का वैल्यूएशन दिसंबर 2025 के टेंडर ऑफर का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें कंपनी की वैल्यू लगभग $800 बिलियन आंकी गई है। फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन के साथ सितंबर 2025 की फाइलिंग के आधार पर एक ट्रस्ट के जरिए मस्क के पास इस प्राइवेट कंपनी का लगभग 42% हिस्सा है। 5% प्राइवेट कंपनी डिस्काउंट लागू किया गया है। दिसंबर 2025 में नए वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए एक एडजस्टमेंट किया गया, जिससे उनकी नेटवर्थ में $168 बिलियन की बढ़ोतरी हुई।

    क्यों उछली दौलत
    xAI का वैल्यूएशन जनवरी 2026 के फंडिंग राउंड का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें 20 अरब डॉलर जुटाए गए और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 230 अरब डॉलर था। कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, जो अपनी पहचान नहीं बताना चाहता था क्योंकि यह जानकारी प्राइवेट है, इस राउंड के बाद मस्क के पास कंपनी का 51% हिस्सा था। 15% लिक्विडिटी डिस्काउंट लागू किया गया है। नया वैल्यूएशन जनवरी 2026 में लागू किया गया, जिससे उनकी नेटवर्थ में 48 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई।

  • अडानी टॉप-20 अरबपतियों की सूची से बाहर… एलन मस्क और मुकेश अंबानी को भी बड़ा झटका

    अडानी टॉप-20 अरबपतियों की सूची से बाहर… एलन मस्क और मुकेश अंबानी को भी बड़ा झटका


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर एलन मस्क (World’s Richest man Elon Musk) और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Asia’s Richest man, Mukesh Ambani), दोनों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। दोनों ब्लूमबर्ग बिलेनियर लिस्ट में मंगलवार के टॉप लूजर रहे। एलन मस्क की संपत्ति 13.48 अरब डॉलर कम हो गई तो मुकेश अंबानी के नेटवर्थ में 4.37 अरब डॉलर की कमी आई। अडानी 313 मिलियन डॉलर गंवाने के बाद 85.4 अरब डॉलर के साथ टॉप-20 से बाहर हो गए हैं। अंबानी के पास अभी 103 अरब डॉलर की संपत्ति है।


    क्यों आई गिरावट

    दरअसल एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में मंगलवार को 4 पर्सेंट से अधिक की गिरावट आई। मस्क की संपत्ति का अधिकांश हिस्सा टेस्ला के शेयरों से आता है। इस वजह से उनकी संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों भी 4 पर्सेंट से अधिक की गिरावट हुई। इसलिए इनकी दौलत भी घट गई। हालांकि, दोनों की रैंकिंग में कोई फर्क नहीं पड़ा। मुकेश अंबानी ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 18वें स्थान पर काबिज हैं और मस्क टॉप पोजीशन पर।

    दुनिया दूसरे सबसे रईस शख्स लैरी पेज को 1.80 अरब डॉलर का झटका लगा है। अब इनके पास 270 अरब डॉलर की संपत्ति है।


    जेफ बेजोस को 7.18 अरब डॉलर का फायदा

    तीसरे नंबर पर काबिज जेफ बेजोस को 7.18 अरब डॉलर का फायदा हुआ। अब इनकी संपत्ति 262 अरब डॉलर हो गई है। सर्गेई ब्रिन को 1.64 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और अब वह 251 अरब डॉलर के साथ चौथे नंबर पर हैं। पांचवे नंबर पर काबिज लैरी एलिसन को 576 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ है। उनकी संपत्ति अब 246 अरब डॉलर रह गई है।

    जुकरबर्ग दुनिया के अमीरों की लिस्ट में अब छठे स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति में 677 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनकी कुल संपत्ति 233 अरब डॉलर हो गई है। फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट सातवें नंबर पर हैं और उनकी संपत्ति अब 22 मिलियन डॉलर घटकर 207 अरब डॉलर रह गई है। स्टीव बाल्मर को 1.83 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। अब इनकी संपत्ति 167 अरब डॉलर है।

    जेनसेन हुआंग 155 अरब डॉलर के साथ ब्लूमबर्ग इंडेक्स में 9वें स्थान पर हैं। इन्हें 686 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची है। 10वें स्थान पर वॉरेन बफेट हैं। इनकी कुल संपत्ति 82.2 मिलियन डॉलर बढ़कर 150 अरब डॉलर हो गई है।

  • एलन मस्क की संपत्ति में एक दिन में 32.5 अरब डॉलर का इजाफा, अडानी-अंबानी को बड़ा झटका

    एलन मस्क की संपत्ति में एक दिन में 32.5 अरब डॉलर का इजाफा, अडानी-अंबानी को बड़ा झटका


    वाशिंगटन।
    साल 2025 के सबसे बड़े गेनर और दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क (World’s richest man, Elon Musk) का जलवा नए साल में भी बरकरार है। मस्क की संपत्ति में सोमवार को 32.5 अरब डॉलर का बंपर उछाल दर्ज की गई। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबकि मस्क का नेटवर्थ 644 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जबकि, एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी को 1.04 अरब डॉलर और अडानी को 607 मिलियन डॉलर का झटका लगा है।

    दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों में से 3 को छोड़ सभी की संपत्ति में बढ़त दर्ज की गई है। एलन मस्क के साथ ही लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन, जेफ बेजोस, मार्क जुकरबर्ग की दौलत में इजाफा हुआ है।


    टेस्ला के शेयरों में तेजी

    एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में सोमवार को 3.10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसका असर दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क के नेटवर्थ पर भी पड़ा और उनकी संपत्ति 32.5 अरब डॉलर बढ़कर 644 अरब डॉलर पर पहुंच गई।


    जेफ बेजोस की बढ़ी दौलत

    दूसरे सबसे बड़े गेनर जेफ बेजोस रहे। इनकी संपत्ति में 5.89 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। अब इनके पास 255 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। बेजोस दुनिया के तीसरे सबसे अमीर हैं। दुनिया दूसरे सबसे रईस शख्स लैरी पेज को 1.40 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। अब इनके पास 272 अरब डॉलर की संपत्ति है।

    सर्गेई ब्रिन को 1.29 अरब डॉलर का फायदा हुआ और अब वह 253 अरब डॉलर के साथ चौथे नंबर पर हैं। पांचवे पर काबिज लैरी एलिसन को 2.36 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। उनकी संपत्ति अब 245 अरब डॉलर रह गई है।


    जुकरबर्ग को भी फायदा

    जुकरबर्ग दुनिया के अमीरों की लिस्ट में अब छठे स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति में 2.90 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनकी कुल संपत्ति 233 अरब डॉलर हो गई है। इस टॉप-10 की लिस्ट में अकेले गैर-अमेरिकी हैं फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट। टेक से नहीं होने के बावजूद उन्हें 443 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ। अब 207 अरब डॉलर के साथ 7वें स्थान पर हैं।

    स्टीव बाल्मर को 3.73 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची। अब इनकी संपत्ति 165 अरब डॉलर है। जेनसेन हुआंग 156 अरब डॉलर के साथ ब्लूमबर्ग इंडेक्स में 9वें स्थान पर हैं। इन्हें 568 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची है। 10वें स्थान पर वॉरेन बफेट हैं। इनकी कुल संपत्ति 713 मिलियन डॉलर बढ़कर 150 अरब डॉलर हो गई है।


    अडानी-अंबानी को नुकसान

    अडानी 607 मिलियन डॉलर गंवाने के बाद 85.7 अरब डॉलर के साथ 20वें स्थान पर हैं। अंबानी 18वें स्थान पर काबिज हैं। इनकी संपत्ति में सोमवार को 1.04 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और अब उनके पास 108 अरब डॉलर का नेटवर्थ है।

  • मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत

    मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (World’s Richest man, Elon Musk) की संपत्ति अब पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की कुल GDP (करीब 555 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो गई है। मात्र 4 दिनों में उनकी नेटवर्थ 150 बिलियन डॉलर (₹13.46 लाख करोड़) बढ़कर 750 बिलियन डॉलर (₹67.18 लाख करोड़) पार कर गई।

    हालांकि, आज फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर्स इंडेक्स में यह 748.9 बिलियन डॉलर दिख रही है, जो भारत के टॉप 40 सबसे अमीरों की कुल संपत्ति के बराबर है। मस्क पहले शख्स हैं ,जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 16 दिसंबर को यह 600 बिलियन डॉलर पर पहुंची थी।


    दौलत में उछाल का डेलावेयर ट्रिगर

    उनकी संपत्ति में यह ऐतिहासिक उछाल अमेरिका की एक अदालत के फैसले के बाद आया, जिसमें टेस्ला के स्टॉक विकल्प पैकेज को बहाल कर दिया गया, जिसकी कीमत करीब 139 अरब डॉलर है। फोर्ब्स मैगजीन ने पहले मस्क को 600 अरब डॉलर से अधिक सम्पति वाला पहला व्यक्ति बताया था

    अदालत का यह फैसला मस्क के 2018 के उस वेतन पैकेज से जुड़ा है, जिसे निचली अदालत ने अकल्पनीय बताते हुए रद्द कर दिया था। टेस्ला कंपनी ने मस्क के लिए यह मोटा पैकेज स्वीकृत किया था, जो टेस्ला के शेयरों की मौजूदा कीमत के हिसाब से करीब 139 अरब डॉलर का है। फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक मस्क की वेल्थ अब लैरी पेज (252.6 बिलियन), लैरी एलिसन (242.7 बिलियन) और जेफ बेजोस (239.4 बिलियन) की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है।


    कारण 1: टेस्ला पे-पैकेज की वापसी

    2018 में टेस्ला ने मस्क को 56 बिलियन डॉलर का स्टॉक ऑप्शन दिया था। 2024 में लोअर कोर्ट ने रद्द किया, लेकिन दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। इससे वेल्थ पहली बार 700 बिलियन पार हुई।


    कारण 2: स्पेसएक्स का 800 बिलियन वैल्यूएशन

    रॉयटर्स के अनुसार, आंतरिक शेयर बिक्री से स्पेसएक्स की वैल्यूएशन 800 बिलियन डॉलर पहुंची। मस्क की 42% हिस्सेदारी पर अगर लिस्टिंग हो, तो अकेले यह 336 बिलियन डॉलर से ज्यादा जोड़ सकती है।

    कारण 3: टेस्ला शेयरों की उछाल
    नवंबर 2025 में शेयरहोल्डर्स ने 1 ट्रिलियन डॉलर का नया पे-पैकेज अप्रूव किया। 2025 में मस्क की वेल्थ में 340 बिलियन डॉलर जुड़े। टेस्ला में 12% स्टेक अब 197 बिलियन डॉलर का है। शेयर 13% चढ़े, सोमवार को 4% ऊपर जब मस्क ने रोबोटैक्सी टेस्ट की घोषणा की।

  • Billionaires list में टेक दिग्गजों का जलवा.. कई देशों की GDP एलन मस्क के नेटवर्थ से कम

    Billionaires list में टेक दिग्गजों का जलवा.. कई देशों की GDP एलन मस्क के नेटवर्थ से कम


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची (World’s Richest People list) में एक बार फिर टेक्नोलॉजी के दिग्गजों (Technology Giants) का जलवा बरकरार है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने $638 बिलियन की कुल संपत्ति के साथ टॉप पोजीशन पर बरकरार रखा है।

    यह आंकड़ा न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ है, बल्कि एक ही दिन में 167 बिलियन की जबरदस्त बढ़ोतरी और YTD (ईयर-टू-डेट) में +$205 बिलियन का उछाल दर्शाता है। मस्क की संपत्ति में यह उछाल टेस्ला के शेयरों की तेजी और स्पेसएक्स के वैल्यूएशन से जुड़ा है।

    130 से अधिक देशों की जीडीपी एलन मस्क की दौलत से कम
    IMF डेटा के अनुसार, 2025 के लिए लगभग 130 से अधिक देशों की नाममात्र GDP 600 अरब डॉलर से कम अनुमानित है। दुनिया में कुल 195 संप्रभु देश हैं, जिनमें से शीर्ष 60-65 अर्थव्यवस्थाओं (जैसे अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी आदि) की GDP इससे ऊपर है, जबकि बाकी छोटे द्वीप राष्ट्र, अफ्रीकी और कुछ एशियाई देश इससे नीचे आते हैं। IMF की 2025 अपडेटेड अनुमानों के मुताबिक कई विकासशील देशों की GDP $100B से भी कम है।

    टॉप-10 में अमेरिकी टेक मैग्नेट्स का कब्जा
    टॉप 10 में अमेरिकी टेक मैग्नेट्स का कब्जा साफ दिख रहा है। गूगल के सह-संस्थापकों लैरी पेज ($265B) और सर्गेई ब्रिन ($246B) ने दूसरे और तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया, हालांकि हालिया बदलाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

    जेफ बेजोस (246 अरब डॉलर), लैरी एलिसन (238 अरब डॉलर), मार्क जुकरबर्ग (229 अरब डॉलर), स्टीव बाल्मर (166 अरब डॉलर) और एनवीडिया के जेंसन हुआंग (153 अरब डॉलर) भी टेक सेक्टर से ही हैं। हुआंग की संपत्ति में इस साल अबतक 39 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी हुई, जो AI चिप डिमांड का असर दिखाती है।

    फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट ($202B) लक्जरी कंज्यूमर सेक्टर से अकेले गैर-अमेरिकी नाम हैं, जबकि वॉरेन बफे ($152B) डाइवर्सिफाइड निवेश से 10वें स्थान पर हैं। वॉल्टन फैमिली के जिम वॉल्टन (141 अरब डॉलर) रिटेल से हैं, लेकिन कुल मिलाकर टॉप 11 में 9 अमेरिकी और ज्यादातर टेक से जुड़े हैं।

    क्या कहते हैं आंकड़े?
    टेक स्टॉक्स की रैली ने इन बिलियनेयर्स को आसमान छू लिया है, खासकर AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बूम से, लेकिन हालिया घाटे (जैसे बेजोस के -$3.47B) बाजार की अस्थिरता की ओर इशारा करते हैं। भारतीय निवेशकों के लिए यह सबक है कि टेक पर दांव लगाना फायदेमंद तो है, मगर जोखिम भरा भी।