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  • शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश

    शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में दीपावली के त्योहार से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के साथ शहर की प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ माधवचौक से कोर्ट रोड और गांधी चौक क्षेत्र तक पैदल चलकर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सड़क किनारे दुकानों के बाहर रखे सामान और स्टॉल को हटवाया गया। दुकानदारों को साफ चेतावनी दी गई कि सड़क पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने की कोशिश न करें।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रेम स्वीट्स सहित कई दुकानदारों को दुकानों के बाहर सड़क की जगह का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सड़क पर रखे स्टॉल और अन्य सामान को हटवाया ताकि वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जाम की स्थिति को रोकना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर किसी भी स्थिति में यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

    कोर्ट रोड पर पिछले कुछ दिनों से हाथ ठेले लगाने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद सड़क पहले की तुलना में ज्यादा खुली और व्यवस्थित नजर आ रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर कुछ व्यापारियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कार्रवाई से जुड़े व्यापारियों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। व्यापारियों की ओर से यह सम्मान शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जा रही कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा गया।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने पर ही जोर नहीं दिया बल्कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित तरीके से कराई जाए ताकि सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े न हों। दीपावली के दौरान खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचेंगे। ऐसे में यदि सड़क किनारे वाहन खड़े रहे और दुकानों के बाहर सामान फैला रहा तो यातायात व्यवस्था बिगड़ सकती है।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली से पहले ही सभी प्रमुख बाजारों और मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए। जहां भी सड़क पर अतिक्रमण दिखाई दे वहां कार्रवाई की जाए। साथ ही पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बाजार तक पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी न हो। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान शहर के मुख्य मार्ग खुले रहें और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    दीपावली को लेकर बाजारों में अगले कुछ दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। अब प्रशासन की नजर इस बात पर रहेगी कि कार्रवाई के बाद दोबारा सड़क पर अतिक्रमण न हो और त्योहार के दौरान शिवपुरी के बाजारों में लोगों को जाम की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • मनिहारी दुकानें हटने से संकट में महिलाएं, कर्ज लेकर लाया दीपावली का सामान, अब बिक्री की चिंता

    मनिहारी दुकानें हटने से संकट में महिलाएं, कर्ज लेकर लाया दीपावली का सामान, अब बिक्री की चिंता


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद मनिहारी का सामान बेचकर परिवार चलाने वाली महिलाओं के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांधी चौक की सड़क पर लंबे समय से दुकानें लगाने वाली महिलाओं ने दुकान हटाए जाने के विरोध में बुधवार रात धरना शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना है कि वे कई वर्षों से इसी जगह पर छोटी दुकानें लगाकर अपना और परिवार का खर्च चलाती आ रही हैं। त्योहार का सीजन शुरू होने से पहले अचानक दुकान हट जाने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

    बुधवार को नगरीय प्रशासन की टीम ने अस्पताल चौराहा से माधव चौक तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इसी अभियान के दौरान गांधी चौक पर सड़क किनारे लगने वाली मनिहारी की दुकानों को भी हटा दिया गया। कार्रवाई के बाद प्रभावित महिलाओं ने गांधी चौक पर ही बैठकर विरोध जताया। उनका कहना है कि प्रशासन को दुकान हटाने से पहले उन्हें पर्याप्त समय देना चाहिए था ताकि वे अपना सामान व्यवस्थित कर सकें और वैकल्पिक जगह पर कारोबार शुरू करने की तैयारी कर सकें।

    महिलाओं के मुताबिक दीपावली का त्योहार नजदीक है और इसी उम्मीद में उन्होंने बड़ी मात्रा में सामान खरीदकर रखा था। कई दुकानदारों ने इसके लिए उधार लिया है। अब दुकान नहीं लग पा रही है तो सामान बिक नहीं रहा है और कर्ज चुकाने की चिंता बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान मनिहारी के सामान की मांग बढ़ती है और इसी समय होने वाली बिक्री से उन्हें पूरे परिवार के खर्च में मदद मिलती है।

    धरने पर बैठी बसंती ने बताया कि वह वर्ष 1980 से गांधी चौक पर दुकान लगाती आ रही हैं। इतने लंबे समय से इसी छोटे कारोबार के जरिए उनका परिवार चलता रहा है। उनका कहना है कि अब उम्र अधिक हो चुकी है और उनके लिए दूसरा काम करना आसान नहीं है। दुकान हटने के बाद उनके सामने आय का कोई स्पष्ट साधन नहीं बचा है। इसलिए वह चाहती हैं कि प्रशासन उनकी स्थिति को देखते हुए दुकान लगाने के लिए कोई स्थायी और सुविधाजनक व्यवस्था करे।

    एक अन्य बुजुर्ग महिला मुन्नी ने बताया कि दीपावली के लिए उन्होंने कर्ज लेकर दुकान का सामान खरीदा है। इस कर्ज पर उन्हें ब्याज भी देना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से दुकान नहीं लगा पाने के कारण बिक्री पूरी तरह प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि यदि त्योहार तक उन्हें दुकान लगाने की अनुमति मिल जाए तो वे अपना खरीदा हुआ सामान बेचकर कर्ज चुका सकेंगी और परिवार का खर्च भी चला सकेंगी।

    वहीं प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के साथ दुकानदारों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान भी चिन्हित किए गए हैं। यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव के मुताबिक हाथ ठेला संचालकों के लिए मंडी के पीछे ठंडी सड़क पर जगह तय की गई है। गांधी चौक की मनिहारी दुकानों के लिए मंडी के सामने टेकरी बाजार के मुख्य रास्ते पर स्थान चिन्हित किया गया है।

    प्रशासन का कहना है कि सड़क से अतिक्रमण हटाने का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है और साथ ही दुकानदारों के रोजगार को पूरी तरह खत्म करना नहीं है। दूसरी ओर महिलाओं की मांग है कि वैकल्पिक जगह ऐसी हो जहां ग्राहकों की आवाजाही बनी रहे और उनका कारोबार प्रभावित न हो। फिलहाल गांधी चौक पर महिलाओं का विरोध दुकान हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन और छोटे दुकानदारों के बीच खड़े हुए रोजगार से जुड़े सवाल को सामने ला रहा है।

  • हावड़ा में सख्त अभियान: जेसीबी की गड़गड़ाहट से खाली हुए स्टेशन के बाहर के अतिक्रमण

    हावड़ा में सख्त अभियान: जेसीबी की गड़गड़ाहट से खाली हुए स्टेशन के बाहर के अतिक्रमण

    नई दिल्ली । स्वीर बदल दी, जब वर्षों से जमे हुए अवैध अतिक्रमणों पर जेसीबी और बुलडोजर की मदद से सख्त और सुनियोजित कदम उठाया गया। यह अभियान उस समय चलाया गया जब स्टेशन परिसर और आसपास का क्षेत्र अपेक्षाकृत शांत था, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था से बचते हुए कार्रवाई को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। स्टेशन के बाहर फुटपाथों, प्रवेश मार्गों और बस स्टैंड के आसपास लंबे समय से अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण फैल गए थे, जिनकी वजह से यात्रियों को आवाजाही में लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही थी और कई बार यह स्थिति गंभीर जाम और अव्यवस्था का कारण भी बनती थी।
    इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इस क्षेत्र को प्राथमिकता में रखकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का निर्णय लिया, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से सक्रिय भूमिका निभाई और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

    कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों ने एक-एक कर फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर बने अवैध ढांचों को हटाना शुरू किया और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका काफी हद तक अतिक्रमण मुक्त दिखाई देने लगा।

    अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में मौजूद दुकानदारों और अवैध कब्जाधारियों के बीच हलचल और अफरा-तफरी का माहौल जरूर देखने को मिला, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी बड़े विरोध या टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। वर्षों से यह स्थान लगातार भीड़भाड़, अव्यवस्थित यातायात और पैदल यात्रियों की कठिनाइयों का केंद्र बना हुआ था, जहां सार्वजनिक जगहों पर अनियंत्रित कब्जे के कारण लोगों को स्टेशन तक पहुंचने और बाहर निकलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
    इस पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन ने इस बार बिना किसी देरी और ढिलाई के सख्त कार्रवाई को अंजाम देने का निर्णय लिया, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक संपत्ति और रेलवे क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। उनका कहना था कि यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

    इस अभियान के बाद स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां कुछ लोगों ने इसे आवश्यक और जनहित में लिया गया कदम बताया, वहीं प्रभावित लोगों में असंतोष और चिंता का माहौल भी नजर आया। इसके बावजूद पूरे क्षेत्र में अब पहले की तुलना में अधिक खुलापन, साफ-सफाई और बेहतर आवागमन व्यवस्था दिखाई देने लगी है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में स्टेशन के बाहर की स्थिति और अधिक व्यवस्थित होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा और राहत प्राप्त होगी।
  • बैतूल प्रशासन का बड़ा एक्शन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हटेगा अवैध अतिक्रमण

    बैतूल प्रशासन का बड़ा एक्शन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हटेगा अवैध अतिक्रमण

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गांव-गांव तक अवैध कब्जों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आमजन को हो रही परेशानियों को देखते हुए उठाया गया है।

    इस संबंध में एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए राजस्व विभाग, नगर पालिका, जनपद पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार जिले में बाजारों, बस्तियों और ग्रामीण सड़कों पर तेजी से अतिक्रमण बढ़ा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। कई जगहों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि एंबुलेंस, पुलिस वाहन और दमकल जैसी आपात सेवाओं को भी पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह और गंभीर रूप ले सकती है। इसी को देखते हुए अब नियमित अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

    एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि अतिक्रमण केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है बल्कि यह आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

    इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रमुख बाजार क्षेत्रों और मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान को विस्तार दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अवैध कब्जे हटाएं और सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें।

    इस सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से अतिक्रमण कर बैठे लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि जिले में व्यवस्था और आवागमन को सुचारु बनाया जा सके।