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  • Love Horoscope 19 March: आपके रिश्ते में आज क्या होगा, मीन और अन्य राशियों के लिए विशेष भविष्यवाणी

    Love Horoscope 19 March: आपके रिश्ते में आज क्या होगा, मीन और अन्य राशियों के लिए विशेष भविष्यवाणी

    नई दिल्ली। 19 मार्च का दिन प्रेम जीवन में महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है आज अमावस्या तिथि है जो सुबह 06:53 बजे तक रहेगी और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र तथा शुभ योग शुक्ल के साथ किस्तुघ्न और बव करण का संयोग भी बन रहा है इन ज्योतिषीय परिस्थितियों के चलते यह दिन कई राशियों के प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव और नई संभावनाओं को लेकर आएगा

    मेष राशि के लिए यह दिन दोस्तों के साथ समय बिताने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का है जिससे जीवन में ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा हालांकि जीवनसाथी कभी-कभी आपको संदिग्ध या दूर लग सकते हैं ऐसे में धैर्य और समझदारी बनाए रखना जरूरी है

    वृष राशि वालों को प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखना होगा अपनी समझदारी और ताकत से दिन के अवसरों का लाभ उठाएं उत्सव और उत्साह से भरे इस दिन को अपने साथी के साथ साझा करना लाभकारी रहेगा

    मिथुन राशि के लोग आज अपने सच्चे भावनाओं को आसानी से व्यक्त कर पाएंगे यह समय अपने प्रेमी के साथ समय बिताने और संबंध को मजबूत करने का है

    कर्क राशि वालों के लिए यह दिन व्यापार और प्रेम मामलों में सफलता और कौशल लाएगा आप परिवार और धर्म की ओर झुकाव महसूस करेंगे और रोमांचक अनुभवों का आनंद ले सकेंगे

    सिंह राशि वालों को किसी गुरु या मार्गदर्शक से मदद मिलने का अवसर मिलेगा अपने प्रेमी को खुश रखने पर ध्यान दें जिससे आप भी संतुष्ट और प्रसन्न रहेंगे

    कन्या राशि के लिए आज परिवार और करीबी लोगों पर ध्यान अधिक रहेगा दिन खुशियों और मौज-मस्ती से भरा रहेगा प्रेम में पैसा प्राथमिकता न पाएं और भावनाओं को महत्व दें

    तुला राशि वालों को अपनी बुद्धिमत्ता और गुणों का उपयोग कर अपने प्रेम जीवन में रोमांच बनाए रखना होगा अलग-अलग तरीकों से अपने प्रेम को व्यक्त करें और संबंध में नवीनता बनाए रखें

    वृश्चिक राशि वालों को यात्रा करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना होगा बच्चों और बीमार लोगों की देखभाल में समय व्यतीत होगा आपकी रचनात्मक सोच और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता आसपास सकारात्मक प्रभाव डालेगी

    धनु राशि वाले प्रेम जीवन में किसी खास सरप्राइज को याद रखें इससे आपका दिन आनंदमय होगा अपने अनुभवों और योजनाओं का उपयोग कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं आज प्रेम जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता हो सकती है

    मकर राशि के लोग यदि अपने साथी के बारे में निश्चित नहीं हैं तो निर्णय लेने से पहले विचार करें बड़ों की सलाह महत्वपूर्ण होगी सही समय पर सही निर्णय लेना लाभकारी रहेगा

    कुंभ राशि वालों के लिए आज किसी खास मित्र के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना रोमांचक रहेगा आपसी सहमति और विश्वास बनाए रखें ताकि कठिन परिस्थितियों में भी रिश्ता मजबूत बना रहे

    मीन राशि के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है आपके प्रेम जीवन में कुछ समस्याएं और बाधाएं चिंता का कारण बन सकती हैं साथी के साथ पूरी ईमानदारी से पेश आएँ किसी भी बात को छिपाने से बचें इससे आपसी विश्वास और मजबूत होगा प्रेम जीवन में पारदर्शिता और भावनाओं की स्पष्टता महत्वपूर्ण रहेगी

    इस प्रकार 19 मार्च का दिन विभिन्न राशियों के प्रेम जीवन में अपने अनुभव और समझदारी के अनुसार उतार-चढ़ाव लाएगा और मीन राशि के लोगों को अपने संबंधों में विशेष सतर्कता और विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता है

  • संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार

    संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में ईरान और अमेरिकी-इजराइल संघर्ष को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और भारत पर असर पर चर्चा की मांग की।

    लोकसभा में स्थिति:
    विपक्ष ने “We want discussion” के नारे लगाए और विदेश नीति पर सवाल उठाए। चेयर के बार-बार निर्देश देने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विपक्ष प्रस्ताव लाने के नियम का पालन नहीं कर रहा और सदन का समय बेबुनियाद हंगामे में बर्बाद कर रहा है।

    राज्यसभा में हंगामा:
    विदेश मंत्री जयशंकर जब खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट पर संबोधन दे रहे थे, विपक्ष ने वॉक आउट किया। मंत्री ने बताया कि 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है।

    सरकार का पक्ष:
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस बहस से भाग रही है और स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर नियमों का पालन किया गया। उन्होंने विपक्ष पर संसद के नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

    विपक्ष की प्रतिक्रिया:
    कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और केसी वेणुगोपल ने कहा कि वे पश्चिम एशिया संकट, फ्यूल की बढ़ती कीमत और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है।

    विदेश मंत्री का अपडेट:

    ईरान में स्थिति अस्थिर

    खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय नागरिक

    दो भारतीय नाविकों की मृत्यु, एक अभी लापता

    भारत शांति और बातचीत के पक्ष मेंलोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित। विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी है।

  • मकर संक्रांति  2026: मकर संक्रांति के दिन इन रंगों के कपड़े पहनना होता है शुभ यहां जानें कैसे

    मकर संक्रांति 2026: मकर संक्रांति के दिन इन रंगों के कपड़े पहनना होता है शुभ यहां जानें कैसे


    नई दिल्ली । मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जो न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और इसका महत्व बहुत गहरा है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य की गति और उनके मकर राशि में प्रवेश के साथ नई ऊर्जा का संचार होता है और पुराने को छोड़कर नए का स्वागत किया जाता है। इस दिन का आध्यात्मिक और भौतिक रूप से बड़ा महत्व है और यह जीवन में शुभ परिवर्तन और समृद्धि का संकेत माना जाता है।इसके साथ ही मकर संक्रांति के दिन एक और परंपरा है जो विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करती है और वह है इस दिन विशेष रंगों के कपड़े पहनने की मान्यता। माना जाता है कि सूर्य देव से जुड़े उज्ज्वल और ऊर्जावान रंग पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति का भाग्य और सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से रंग शुभ माने जाते हैं और क्यों।

    पीला रंग सूर्य देव का प्रिय रंग

    मकर संक्रांति के दिन पीला रंग पहनने की परंपरा है। पीला रंग सूर्य देव का प्रिय रंग माना जाता है और यह ज्ञान समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन पीला रंग पहनने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। पीला रंग ऊर्जा और उत्साह को बढ़ावा देता है और इसे शुभ और सौभाग्यवर्धक माना जाता है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन पीला रंग पहनकर हम सूर्य देव को सम्मान देते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।

    नारंगी केसरिया रंग ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक

    नारंगी रंग जिसे केसरिया रंग भी कहा जाता है इस दिन एक और शुभ रंग है। नारंगी रंग ऊर्जा उत्साह और आध्यात्मिक शक्ति का संकेत देता है। यह रंग हमें जीवन में नयापन शक्ति और आत्मविश्वास का अहसास कराता है। मकर संक्रांति के दिन नारंगी रंग पहनने से न केवल हमारे भीतर ऊर्जा का संचार होता है बल्कि यह हमें मानसिक शांति और स्थिरता भी प्रदान करता है। इसके अलावा नारंगी रंग सूर्य के ऊर्जा से जुड़ा होता है और यही कारण है कि यह इस दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

    लाल रंग शक्ति और साहस का प्रतीक

    लाल रंग जो शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है मकर संक्रांति पर पहनने के लिए एक और शुभ रंग है। यह रंग जीवन में उत्साह और नकारात्मकता से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है। लाल रंग पहनने से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और यह उसे किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए मानसिक और शारीरिक ताकत देता है। मकर संक्रांति के दिन लाल रंग पहनकर हम अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत कर सकते हैं और जीवन में सफलता की ओर बढ़ सकते हैं।

    सुनहरा रंग वैभव और सफलता का प्रतीक

    सुनहरा रंग जो सूर्य देव के साथ जुड़ा हुआ है वैभव सफलता और तेज का प्रतीक है। मकर संक्रांति के दिन सुनहरा रंग पहनना शुभ माना जाता है क्योंकि यह न केवल सूर्य के उज्ज्वल प्रकाश से जुड़ा है बल्कि यह व्यक्ति को समृद्धि और सफलता की दिशा में प्रेरित करता है। सुनहरा रंग पहनने से व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और सफलता आती है। इसके अलावा यह रंग किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए आदर्श माना जाता है।

    किन रंगों से बचें

    जहां मकर संक्रांति पर कुछ रंगों को पहनना शुभ माना जाता है वहीं कुछ रंगों से बचने की भी सलाह दी जाती है। काला और गहरा नीला रंग इस दिन पहनने से परहेज किया जाता है क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। इन रंगों का पहनना व्यक्ति की ऊर्जा को कमजोर कर सकता है और यह शुभता में कमी ला सकता है। इसलिए इस दिन काले और गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।

    मकर संक्रांति के दिन की अन्य परंपराएं

    मकर संक्रांति का त्योहार सिर्फ रंगों से जुड़ा नहीं है बल्कि इस दिन के साथ कई धार्मिक और सामाजिक परंपराएं जुड़ी हुई हैं। इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देकर दान-पुण्य और स्नान करने से सुख-समृद्धि स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ के लड्डू भी बांटे जाते हैं जो एकता और मित्रता का प्रतीक होते हैं।मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जो सूर्य देव के प्रति आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन विशेष रंगों के कपड़े पहनकर हम अपनी जीवन शक्ति को सकारात्मक दिशा में मोड़ सकते हैं और सूर्य देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। पीला नारंगी लाल और सुनहरा रंग पहनने से न केवल शुभता और समृद्धि मिलती है बल्कि यह ऊर्जा और उत्साह से भी भर देता है। तो इस मकर संक्रांति इन रंगों के कपड़े पहनें और सूर्य देव से शुभ आशीर्वाद प्राप्त करें!

  • सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं

    सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं


    नई दिल्ली । सर्दी का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत महसूस होती है। ऐसे में बाजार की मिलावटी मिठाइयों की जगह यदि घर पर बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन खाएं जाएं तो यह न केवल स्वाद में चार चांद लगाते हैं बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं। मूंग दाल के लड्डू ऐसे ही एक बेहतरीन विकल्प हैं जो सर्दियों में शरीर को ‘फौलादी ताकत’ देने में मदद करते हैं। मूंग दाल न केवल प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है बल्कि यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है।
    मूंग दाल के लड्डू का स्वाद और पोषण दोनों का संयोजन होता है और यह खासकर सर्दियों के मौसम के लिए उपयुक्त है। जब इसे देसी घी और सूखे मेवों के साथ तैयार किया जाता है तो इसका न्यूट्रिशनल वैल्यू कई गुना बढ़ जाता है। इस व्यंजन में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।

    मूंग दाल के लड्डू बनाने की विधि

    मूंग दाल के लड्डू के विभिन्न तरीके होते हैं लेकिन भिगोई हुई धुली मूंग दाल से बने लड्डू काफी दानेदार और स्वादिष्ट होते हैं। इस व्यंजन को बनाने की विधि निम्नलिखित है

    आवश्यक सामग्री

    200 ग्राम धुली मूंग दाल,1.5 कप बूरा या कच्ची खांड मिठास के लिए ,1 कप शुद्ध देसी घी फैट के लिए ,50-60 ग्राम बादाम,1/4 कप काजू,पिस्ता सजावट के लिए ,8-10 हरी इलायची

    बनाने की विधि

    सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर 3-4 घंटे के लिए भिगोने के लिए रख दें।दाल का पानी अच्छे से छानकर उसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। बादाम का भी पाउडर बना लें और काजू को छोटे टुकड़ों में काट लें।अब एक कढ़ाई में शुद्ध देसी घी गरम करें और उसमें भिगोई हुई मूंग दाल को डालकर अच्छे से भूनें।जब दाल हल्की सुनहरी हो जाए तब उसमें बूरा या खांड डालकर अच्छे से मिला लें।फिर काजू और बादाम के पाउडर को डालकर सभी सामग्री को एकसाथ भूनते रहें।अंत में हरी इलायची का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो लड्डू बना लें और पिस्ता से सजाकर सर्व करें।

    इन लड्डू को बनाना बेहद आसान है और यह सर्दियों में शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। मूंग दाल के लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि मिठास के कारण इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि कैलोरी का अधिक सेवन न हो।

    फायदे और विशेषताएं
    मूंग दाल के लड्डू में प्रोटीन फाइबर और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। यह इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं और शरीर को सर्दियों में आवश्यक गर्मी और ऊर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होते हैं। सर्दी के मौसम में इस प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि इनका स्वाद भी अविस्मरणीय होता है। इसलिए अगली बार जब आपको मीठे खाने का मन हो तो बाजार की मिठाइयों के बजाय घर पर बने मूंग दाल के लड्डू जरूर ट्राई करें।

  • सर्दियों में लेमन ग्रास टी इम्यूनिटी बूस्ट और एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत

    सर्दियों में लेमन ग्रास टी इम्यूनिटी बूस्ट और एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत


    नई दिल्ली । सर्दियों के मौसम में ठंड से बचाव और सेहत बनाए रखने के लिए लेमन ग्रास टी एक प्राकृतिक वरदान है। सर्दियों में लेमन ग्रास टी की चुस्की खासतौर पर फायदेमंद है। यह ताजगी भरी हर्बल ड्रिंक एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।लेमन ग्रास टी न केवल पाचन सुधारती है बल्कि प्राकृतिक रूप से तनाव से राहत देती है और इम्यूनिटी बढ़ाती है। आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल हो रही यह चाय सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए भी बेहतरीन है।
    भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लेमन ग्रास टी के फायदों से अवगत कराता है। इसका सेवन पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है। यह पेट फूलना गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर करती है। लेमन ग्रास टी में मौजूद सिट्रल कंपाउंड पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है जिससे भोजन आसानी से पचता है। सर्दियों में भारी खाने से होने वाली तकलीफों में यह राहत देती है।

    प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी लेमन ग्रास टी का बड़ा योगदान है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। सर्दियों में वायरल इंफेक्शन और फ्लू से बचाव के लिए रोजाना एक कप पीना लाभकारी है। यह टी सूजन कम करने में भी प्रभावी है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जोड़ों के दर्द मांसपेशियों की अकड़न और सर्दी से होने वाली सूजन में आराम मिलता है। साथ ही यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालती है और डिटॉक्स का काम करती है।

    लेमन ग्रास टी थकान को उतारने में भी प्रभावी है। रिलैक्सेशन को बढ़ावा देने वाली यह टी तनाव और चिंता कम करती है। इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाती है और नींद अच्छी आती है। सर्दियों की लंबी रातों में एक कप गर्म लेमन ग्रास टी पीना शांति का एहसास देता है। लेमन ग्रास टी बनाने के लिए ताजा या सूखे लेमन ग्रास के डंठल लें काटकर पानी में उबाल लें। इसे 5 से 10 मिनट तक उबालने के बाद छान लें। स्वाद के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं।लेमन ग्रास टी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे रोजाना 1 या 2 कप से ज्यादा न पीएं। गर्भवती महिलाएं या कोई दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह के बाद ही सेवन करें।

  • रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ

    रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ


    नई दिल्ली । व्यस्त दिनचर्या और कार्य का बढ़ता तनाव शरीर के साथ-साथ मन को भी शीघ्र बीमारियों की चपेट में ले लेता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने का सबसे प्रभावी तरीका है योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना। ऐसा ही एक बेहतरीन आसन है वृश्चिकासनजिसे स्कॉर्पियन पोज भी कहा जाता है। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर बिच्छू की आकृति जैसा बन जाता है। इसके अभ्यास से शारीरिक मजबूतीलचीलापन और मानसिक शांति मिलती है।
    मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसारवृश्चिकासन के रोजाना अभ्यास से शरीर को एक-दो नहींकई लाभ मिलते हैं। वृश्चिकासन या स्कॉर्पियन पोज एक इनवर्टेड बैकबेंड आसन हैजिसमें कोहनियों पर संतुलन बनाते हुए पैरों को सिर की ओर झुकाया जाता है। यह आसन कंधोंबाजुओंपीठ और कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। योग एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता हैजिससे कमर दर्द और पीठ की समस्याओं में राहत मिलती है। साथ हीयह पेट की मांसपेशियों को खींचता हैपाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। वृश्चिकासन एकाग्रता और संतुलन भी बढ़ाता है।

    यह मस्तिष्क में रक्त संचार सुधारता हैजिससे स्मरण शक्ति और फोकस बेहतर होता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आसन हृदय के लिए भी लाभकारी हैक्योंकि इनवर्टेड पोजिशन में रक्त प्रवाह संतुलित होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मयूरासन की स्थिति में आएं। कोहनियों को कंधों के नीचे रखें और हथेलियों से जमीन को पकड़ें। शरीर को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे रीढ़ को झुकाते हुए पैरों को सिर की ओर लाएंताकि पैरों की उंगलियां सिर को छूने की कोशिश करें।

    संतुलन बनाए रखें और गहरी सांस लें। शुरुआत में 10-20 सेकंड तक रुकेंफिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। अभ्यास के बाद शवासन या बालासन में विश्राम करें। वृश्चिकासन उन्नत आसन हैइसलिए शुरुआती लोग योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें। एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे हाई ब्लड प्रेशरहृदय रोगचक्कर आने की समस्यागर्भावस्था या पीठ-कमर में चोट वाले लोग इसे न करें। वार्म-अप जरूर करेंजैसे डॉल्फिन पोज या प्लैंक। अगर गर्दन या कंधों में दर्द हो तो न करें। गलत तरीके से करने पर चोट लग सकती है।