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  • हथकड़ी में नजर आया इंग्लैंड का स्टार तेज गेंदबाज, पुलिस ले गई थाने, मचा हड़कंप

    हथकड़ी में नजर आया इंग्लैंड का स्टार तेज गेंदबाज, पुलिस ले गई थाने, मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्राइडन कार्स से जुड़ी एक घटना ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में डरहम के इस तेज गेंदबाज को डर्बी स्थित एक क्लब के बाहर पुलिस अधिकारियों के साथ हथकड़ी में जाते देखा गया। पुलिस शनिवार रात हुई एक घटना के सिलसिले में मामले की जांच कर रही है।

    इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने रविवार को घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उसे डर्बी में हुई घटना की जानकारी है और मामले की जांच की जा रही है। बोर्ड ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जरूरत के मुताबिक आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट की टीम में हैं कार्स

    ब्राइडन कार्स इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा हैं, जिसे पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उतरना है। हालांकि, पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी।

    फिलहाल ECB ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुलिस जांच के बावजूद कार्स दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में बने रहेंगे या नहीं।

    इंग्लैंड टीम के अनुशासन पर पहले भी उठे सवाल

    कार्स के खिलाफ जांच ऐसे समय शुरू हुई है, जब इंग्लैंड की टेस्ट टीम में खिलाड़ियों के मैदान से बाहर के व्यवहार और अनुशासन को लेकर चर्चा चल रही है। टेस्ट कप्तान जो रूट ने हाल ही में खिलाड़ियों के जिम्मेदार व्यवहार और अच्छे रोल मॉडल बनने पर जोर दिया था।

    रूट ने एक क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा था कि टीम में खिलाड़ियों पर कोई सख्त कर्फ्यू लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन उनसे मैदान के बाहर भी समझदारी और जिम्मेदारी से फैसले लेने की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा था कि इंग्लैंड के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को अपनी मैदान के बाहर की जिम्मेदारियों का भी एहसास होना चाहिए।

    बेन स्टोक्स भी तोड़ चुके हैं टीम प्रोटोकॉल

    इंग्लैंड की टीम में अनुशासन को लेकर इस साल जून में भी विवाद हुआ था। पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन पर टीम के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का मामला सामने आया था। इसके बाद दोनों को ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था।

    बाद में स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जबकि ब्रेंडन मैकुलम ने टेस्ट कोच का पद छोड़ दिया। ऐसे में ब्राइडन कार्स से जुड़ी ताजा घटना ने इंग्लैंड की टीम के अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ENG vs PAK: रॉबिन्सन-टंग ने उड़ाई पाकिस्तानी बल्लेबाजी की धज्जियां, इंग्लैंड ने जीता पहला टेस्ट

    ENG vs PAK: रॉबिन्सन-टंग ने उड़ाई पाकिस्तानी बल्लेबाजी की धज्जियां, इंग्लैंड ने जीता पहला टेस्ट


    हेडिंग्ले। पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने बेनकाब हो गई। हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरी पारी में महज 135 रन पर समेटते हुए पारी और 103 रन से करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली। ओली रॉबिन्सन और जोश टंग ने दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने भी अहम मौकों पर विकेट चटकाए।

    171 पर ढेर हुआ पाकिस्तान, इंग्लैंड ने खड़ा किया 409 का पहाड़
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 171 रन बना सकी। अब्दुल्ला शफीक ने 61 और इमाम-उल-हक ने 42 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड के पेस अटैक के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सके। रॉबिन्सन और टंग ने पांच-पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी पारी को समेट दिया।

    जवाब में इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 409 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 238 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। हैरी ब्रूक ने 93 गेंदों में 91 रन बनाए। जॉर्डन कॉक्स ने 73, जो रूट ने 66 और डेन लॉरेंस ने 51 रन की पारियां खेलीं।

    दूसरी पारी में भी नहीं संभला पाकिस्तान
    238 रन से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी थी, लेकिन उसकी शुरुआत ही खराब रही। जोफ्रा आर्चर ने इमाम-उल-हक को आउट किया, जबकि अजान अवैस 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद रॉबिन्सन ने अब्दुल्ला शफीक को 15 रन पर चलता कर दिया।

    शान मसूद ने 29 रन बनाकर संघर्ष की कोशिश की, लेकिन जोश टंग ने आते ही पाकिस्तान के मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने सऊद शकील को 14 रन पर आउट करने के बाद एक ही ओवर में शान मसूद और सलमान आगा के विकेट निकाल दिए। टंग ने महज 11 गेंदों में तीन विकेट लेकर पाकिस्तान को 76 रन पर छह विकेट के संकट में पहुंचा दिया।

    रिजवान ने दिखाया संघर्ष, फिर भी 135 पर सिमटी टीम
    विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने 39 गेंदों पर 41 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध जरूर किया। वह दूसरी पारी में पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, लेकिन उनकी पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। गस एटकिंसन ने रिजवान को आउट किया और इसके बाद आर्चर ने आखिरी बल्लेबाज को पवेलियन भेज दिया। पाकिस्तान की पूरी टीम 37.3 ओवर में 135 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने तीन दिन में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    रॉबिन्सन-टंग ने मिलकर बरपाया कहर
    इंग्लैंड की जीत में ओली रॉबिन्सन सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने पहली पारी में 5/51 और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए। मैच में कुल 8/80 के शानदार आंकड़े के साथ उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    जोश टंग ने भी मैच में आठ विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में 5/46 और दूसरी पारी में तीन विकेट चटकाए। जोफ्रा आर्चर ने दूसरी पारी में तीन विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार फुल लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    जो रूट की कप्तानी में शानदार वापसी
    बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास और ब्रेंडन मैकुलम के कोच पद से हटने के बाद इंग्लैंड नए दौर में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान के तौर पर जो रूट की वापसी जीत के साथ हुई। इंग्लैंड ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में पाकिस्तान को पछाड़ दिया। पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने भी मैच के बाद माना कि इंग्लैंड ने उनकी टीम को हर विभाग में मात दी।

    लॉर्ड्स में होगी अगली भिड़ंत
    इस जीत से इंग्लैंड को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भी अहम अंक मिले हैं। वहीं पाकिस्तान का अंक प्रतिशत गिरकर 19.05 हो गया है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से लॉर्ड्स में खेला जाएगा।

    पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी बल्लेबाजी को संभालने की है। हेडिंग्ले में जिस तरह उसका शीर्ष और मध्यक्रम इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने बिखरा, अगर यही कहानी लॉर्ड्स में भी दोहराई गई तो सीरीज में वापसी मुश्किल हो सकती है।

  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न

  • विदेशी सरजमीं पर लगातार सीरीज गंवाने के बाद बैकफुट पर भारतीय क्रिकेट टीम: 'ऑल इज वेल' के दावे के बीच बोर्ड और मुख्य कोच के फैसलों पर तीखी बहस

    विदेशी सरजमीं पर लगातार सीरीज गंवाने के बाद बैकफुट पर भारतीय क्रिकेट टीम: 'ऑल इज वेल' के दावे के बीच बोर्ड और मुख्य कोच के फैसलों पर तीखी बहस


    नई दिल्ली।
    विदेशी सरजमीं पर भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन ने खेल प्रेमियों और खेल विश्लेषकों को चिंता में डाल दिया है। आयरलैंड के खिलाफ मिली झटकों भरी हार के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टी20 और वनडे सीरीज में भारतीय टीम को पराजय का सामना करना पड़ा है। लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई का रवैया बेहद शांत नजर आ रहा है। बोर्ड की ओर से दिए जा रहे ‘ऑल इज वेल’ के बयानों पर अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर टीम प्रबंधन और मुख्य कोच से इस हार का हिसाब कब मांगा जाएगा।

    भारतीय टीम का हालिया विदेशी दौरा कई मोर्चों पर कमजोरियों को उजागर कर चुका है। आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाना और फिर इंग्लैंड की मजबूत टीम के सामने पूरी तरह पस्त हो जाना, भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की ओर इशारा करता है। विशेषकर इंग्लैंड दौरे पर खेली गई टी20 और वनडे सीरीज में न तो भारतीय बल्लेबाजी में गहराई दिखी और न ही गेंदबाजी आक्रमण में वह धार नजर आई, जिसके लिए भारतीय टीम जानी जाती है। महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के सीनियर और युवा खिलाड़ियों दोनों ने ही निराश किया है।

    टीम प्रबंधन के फैसलों और रणनीति पर लगातार उंगलियां उठ रही हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम के रणनीतिक बदलावों को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। प्लेयिंग इलेवन के चयन में लगातार किए जा रहे प्रयोग, खिलाड़ियों के बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने की नीति टीम के संतुलन को बिगाड़ रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान पर सही समय पर सही फैसले न ले पाने के कारण टीम को बार-बार हार का मुंह देखना पड़ रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली बात बीसीसीआई का रुख है। अमूमन किसी बड़े दौरे पर हार के बाद बोर्ड सख्त रुख अपनाता है और समीक्षा बैठकें आयोजित करता है, लेकिन इस बार बोर्ड की ओर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की जा रही है। बोर्ड के अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। खेल जगत में यह चर्चा तेज है कि जब तक प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद करना बेमानी होगा।

    भारतीय टीम के इस लचर प्रदर्शन से प्रशंसकों में भारी निराशा व्याप्त है। सोशल मीडिया से लेकर खेल के मंचों तक मुख्य कोच की कार्यप्रणाली और कप्तान के फैसलों की कड़ी समीक्षा की मांग की जा रही है। आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं और दौरों को देखते हुए यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो भारतीय क्रिकेट को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या बीसीसीआई वाकई समीक्षा बैठक बुलाकर कड़े कदम उठाता है या फिर ‘ऑल इज वेल’ के आवरण में इन असफलताओं को ढका जाता रहेगा।

  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक


    नई दिल्ली
    , फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) में फैंस को इतिहास का सबसे रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबला (High-scoring match) देखने को मिला. सेमीफाइनल की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड की टीम (England team) ने फ्रांस (France) को एक रोमांच से भरपूर मैच में 6-4 से हराकर वर्ल्ड कप ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. 1966 में विश्व विजेता बनने के बाद वर्ल्ड कप के इतिहास में इंग्लैंड का यह अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    मैच में एक समय इंग्लैंड 4-0 से आगे था, लेकिन दूसरी हाफ में फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे के तूफान ने इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी. हालांकि, बुकायो साका की शानदार हैट्रिक और जूड बेलिंगहैम के आखिरी मिनट के जादुई गोल की बदौलत इंग्लैंडने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत से पहले किसी को भी इतने बड़े स्कोर की उम्मीद नहीं थी. इंग्लैंड ने अपनी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में कप्तान हैरी केन और स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम को आराम दिया था, जबकि गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की जगह डीन हेंडरसन को मौका मिला. कप्तान की आर्मबैंड पहने डेक्लान राइस (Declan Rice) ने मैच के शुरू होने के महज ढाई मिनट (2.5 मिनट) के भीतर पहला गोल दागकर फ्रांस को स्तब्ध कर दिया।

    इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने एक शानदार हेडर के जरिए बढ़त को 2-0 कर दिया. इसके बाद शुरू हुआ बुकायो साका का शो, जिन्होंने पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले दो बैक-टू-बैक गोल दागकर फ्रांस के डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और इंग्लैंड को 4-0 की विशाल बढ़त दिला दी।


    दूसरा हाफ: एम्बाप्पे का तूफान

    हाफ-टाइम के बाद मैदान पर पासा पूरी तरह पलट गया. फ्रांसीसी टीम एक नई ऊर्जा के साथ उतरी. दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के डिफेंस को भेदकर फ्रांस का पहला गोल दागा. इसके ठीक बाद 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गेंद को नेट में पहुंचाकर स्कोर 4-2 कर दिया।

    मैच के 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और ऐतिहासिक गोल दागा. इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने दिग्गज लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है. इस टूर्नामेंट में यह एम्बाप्पे का 10वां गोल था, जिसके साथ ही वे गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं. स्कोर अब 4-3 हो चुका था और फ्रांस बराबरी के बेहद करीब था।


    साका की हैट्रिक और बेलिंगहैम का ‘विनिंग टच’

    जब फ्रांस मैच को पेनल्टी शूटआउट की तरफ ले जाने के लिए लगातार हमले कर रहा था, तभी 87वें मिनट में इंग्लैंड को एक पेनल्टी मिली. दबाव के इस बेहद नाजुक क्षण में बुकायो साका ने गेंद को गोल पोस्ट के दाहिने कोने में डालते हुए अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर दिया।

    इंजरी टाइम में फ्रांस के ओस्मान डेम्बेले ने एक बेहतरीन फिनिश के जरिए गोल दागकर स्कोर 5-4 कर दिया और मैच में रोमांच चरम पर पहुंच गया. लेकिन आखिरी मिनटों में मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहैम ने एक बेहद खूबसूरत मैदानी गोल दागकर इंग्लैंड की 6-4 से जीत पक्की कर दी।

  • रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर सामने आ रही अटकलों के बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में किसी भी खिलाड़ी की जगह केवल उसकी लोकप्रियता या पिछले रिकॉर्ड के आधार पर सुरक्षित नहीं रह सकती। टीम में बने रहने के लिए लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम के भविष्य और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन आने वाले वर्षों के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार चर्चा जारी है।

    इसी पृष्ठभूमि में रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उनकी बल्लेबाजी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है। उन्होंने माना कि कोहली का अनुभव और निरंतरता भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी को अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना ही होगा। यदि प्रदर्शन में लंबी गिरावट आती है तो परिस्थितियां किसी के लिए भी बदल सकती हैं।

    विराट कोहली का हालिया वनडे रिकॉर्ड भी उनकी बेहतरीन लय की पुष्टि करता है। इस वर्ष खेले गए मुकाबलों में उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही संतुलित और प्रभावशाली रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है। अश्विन का भी मानना है कि यदि कोहली इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

    अश्विन ने केवल प्रदर्शन की बात ही नहीं की, बल्कि चयन प्रक्रिया को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करना चयनकर्ताओं का अधिकार है, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक देश के लिए योगदान दिया है, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं किया जा रहा है तो उसे स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनिश्चितता या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

    भारतीय क्रिकेट फिलहाल बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव भी टीम के लिए अमूल्य है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती पहले से अधिक बड़ी हो गई है। टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं और वर्तमान प्रदर्शन के बीच उचित तालमेल स्थापित करना होगा।

    रविचंद्रन अश्विन का यह बयान केवल विराट कोहली तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय क्रिकेट में बदलती चयन प्रक्रिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत भी समझा जा रहा है। आने वाले महीनों में टीम चयन से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि भारत 2027 विश्व कप की दिशा में किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और अनुभवी खिलाड़ियों तथा नई प्रतिभाओं के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित किया जाता है।

  • 968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड

    968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड


    बर्मिंघम। लंबे इंतजार के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने अपनी वापसी को यादगार बना दिया। 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहली बार 50 ओवर के प्रारूप में उतरे बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    968 दिन बाद वनडे मैदान पर लौटे बुमराह ने न सिर्फ अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए, बल्कि इंग्लैंड की धरती पर भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए।

    150 वनडे विकेट पूरे, शमी और कुलदीप के खास क्लब में शामिल
    जसप्रीत बुमराह ने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट का आंकड़ा महज 4605 गेंदों में पूरा किया। इसके साथ ही वह भारत के लिए सबसे कम गेंदों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए।

    भारत के लिए सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    मोहम्मद शमी – 4070 गेंद
    कुलदीप यादव – 4513 गेंद
    जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंद
    अजीत आगरकर – 5027 गेंद
    इरफान पठान – 5131 गेंद

    बुमराह ने मुकाबले के 13.1वें ओवर में अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर दिया। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिसमें अतिरिक्त उछाल और बाहर की ओर मूवमेंट देखने को मिला। ब्रूक ने गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ले का बाहरी किनारा लग गया। पहली स्लिप पर मौजूद रोहित शर्मा ने आसान कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेज दिया।

    लंबे अंतराल के बाद वापसी के बावजूद बुमराह की गेंदबाजी में वही पुरानी धार नजर आई। उनकी रफ्तार, सटीक लाइन और खतरनाक मूवमेंट ने साबित कर दिया कि वह अब भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे बड़े हथियारों में शामिल हैं।

    इंग्लैंड में बुमराह का जलवा, बने नंबर-1 भारतीय गेंदबाज
    इंग्लैंड की परिस्थितियों में बुमराह का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। इस मुकाबले के बाद वह इंग्लैंड की धरती पर वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए।

    इंग्लैंड में भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    जसप्रीत बुमराह – 31 विकेट
    रवींद्र जडेजा – 30 विकेट
    भुवनेश्वर कुमार – 28 विकेट
    मदन लाल – 27 विकेट
    मोहम्मद शमी – 26 विकेट

    वापसी के साथ मिला रिकॉर्ड का तोहफा
    बुमराह के लिए यह मुकाबला केवल टीम में वापसी का मौका नहीं था, बल्कि अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का भी अवसर था। चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर उतरते ही उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। करीब 968 दिन का इंतजार खत्म हुआ और बुमराह ने अपनी वापसी में वही पुराना अंदाज दिखाया—सटीक गेंदबाजी, घातक रफ्तार और रिकॉर्ड बनाने की क्षमता।

  • सेमीफाइनल से पहले जो कोल की भविष्यवाणी इंग्लैंड रोकेगा मेसी का जादू और बनाएगा फाइनल का रास्ता

    सेमीफाइनल से पहले जो कोल की भविष्यवाणी इंग्लैंड रोकेगा मेसी का जादू और बनाएगा फाइनल का रास्ता


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाली टक्कर को लेकर उत्साह चरम पर है। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व स्टार फुटबॉलर जो कोल ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इंग्लैंड की टीम अर्जेंटीना के कप्तान और दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी को रोकने में सफल रहेगी। अटलांटा स्टेडियम में होने वाले इस हाईवोल्टेज मुकाबले से पहले उनके बयान ने फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी है।

    करीब 21 साल बाद इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें फिर विश्व कप के मंच पर आमने सामने होंगी। दोनों देशों के बीच फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता दशकों पुरानी है और हर मुकाबला इतिहास और भावनाओं से जुड़ा रहा है। विश्व कप में अब तक दोनों टीमें पांच बार भिड़ चुकी हैं। 1962 1966 1986 1998 और 2002 के मुकाबले फुटबॉल इतिहास के सबसे चर्चित मैचों में गिने जाते हैं। पिछली बार जापान में खेले गए विश्व कप में इंग्लैंड ने डेविड बेकहम की पेनल्टी की बदौलत अर्जेंटीना को हराकर यादगार जीत दर्ज की थी।

    इस बार भी मुकाबला बेहद रोमांचक माना जा रहा है क्योंकि अर्जेंटीना मौजूदा विश्व चैंपियन है। टीम ने 2022 में कतर में विश्व कप जीतकर 36 साल बाद खिताब अपने नाम किया था और अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने की दौड़ में है। दूसरी ओर इंग्लैंड भी शानदार लय में नजर आ रहा है और लंबे इंतजार के बाद विश्व कप जीतने का सपना पूरा करना चाहता है।

    जो कोल ने एक फुटबॉल पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि इंग्लैंड की सबसे बड़ी चुनौती लियोनेल मेसी होंगे लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि टीम उनके प्रभाव को सीमित करने में सफल रहेगी। उनके अनुसार इंग्लैंड के खिलाड़ी दबाव वाले मुकाबलों में खेलने के आदी हैं और टीम की मजबूत आक्रामक रणनीति अर्जेंटीना के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेसी को रोकना जरूरी होगा और इंग्लैंड यह काम कर दिखाएगा।

    अर्जेंटीना ने इस विश्व कप में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन उसे हर चरण में कड़ी चुनौती भी मिली है। क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड के खिलाफ मुकाबला निर्धारित समय तक बराबरी पर रहा जिसके बाद अतिरिक्त समय में जूलियन अल्वारेज और लौटारो मार्टिनेज के गोलों ने टीम को जीत दिलाई। इससे पहले राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना ने दो गोल से पिछड़ने के बावजूद आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया था। वहीं पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे ने भी अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय तक संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया था।

    हालांकि इन कठिन मुकाबलों के बावजूद अर्जेंटीना ने अब तक अपने सभी मैच जीते हैं और फ्रांस के साथ टूर्नामेंट की अपराजित टीम बनी हुई है। दूसरी ओर इंग्लैंड भी मजबूत संतुलित टीम के रूप में सामने आया है और उसके खिलाड़ी बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जाने जाते हैं।

    अब पूरी दुनिया की नजर इस सेमीफाइनल पर टिकी है जहां एक ओर मेसी अपने करियर में एक और विश्व कप खिताब की ओर कदम बढ़ाना चाहेंगे तो दूसरी ओर इंग्लैंड उन्हें रोककर फाइनल का टिकट हासिल करने की कोशिश करेगा। फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद है कि यह मुकाबला विश्व कप इतिहास के सबसे यादगार सेमीफाइनल में शामिल हो सकता है।

  • टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न हुई टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मेजबान इंग्लैंड के हाथों 4-0 से करारी शिकस्त का सामना करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के सामने वनडे प्रारूप में जोरदार वापसी करने की बेहद कड़ी चुनौती है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम टी20 सीरीज के दौरान पूरी तरह दिशाहीन और बेअसर साबित हुई थी। इस निराशाजनक प्रदर्शन के ठीक बाद, अब भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की निगाहें आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं, जहाँ भारत अपने सबसे अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों के दम पर इंग्लैंड की सरजमीं पर पलटवार करने का प्रयास करेगा।

    इस वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का संतुलन और ताकत पूरी तरह से बदली हुई नजर आएगी, क्योंकि टीम के दो सबसे बड़े स्तंभ रोहित शर्मा और विराट कोहली की टीम में वापसी हो रही है। ये दोनों ही महान बल्लेबाज टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ एक दिवसीय प्रारूप में भारत को जीत दिलाने में लगा रहे हैं। इंग्लैंड की मुश्किल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का लंबा अनुभव भारतीय बल्लेबाजी क्रम को वो मजबूती प्रदान करेगा, जिसकी टी20 सीरीज के दौरान भारी कमी महसूस की गई थी।

    टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में साउथेम्प्टन के मैदान पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास ली थी और जोस बटलर के धुआंधार 131 रनों की बदौलत 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारतीय टीम दबाव नहीं झेल सकी और 56 रनों से मैच हार गई। लगातार दो टी20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम की रणनीतियों पर तीखे सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में वनडे सीरीज में कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में रोहित शर्मा नई गेंद के खिलाफ आक्रामक शुरुआत देने की जिम्मेदारी संभालेंगे, तो वहीं विराट कोहली मध्यक्रम में पारी को स्थिरता और मजबूती देंगे।

    भारतीय टीम के लिए एक और बड़ी राहत की बात स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी है। टी20 सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से बेअसर रहा था और रन्स रोकने में नाकाम साबित हुआ था। बुमराह के आने से टीम को शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता मिलेगी और साथ ही डेथ ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। बुमराह के साथ कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनर्स मिलकर इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को रोकने की रणनीति तैयार करेंगे।

    यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए केवल एक ट्रॉफी जीतने का जरिया नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों में लगातार मिली हार के कारण ड्रेसिंग रूम के गिरे हुए मनोबल और खोए हुए आत्मविश्वास को वापस पाने का एक बड़ा मंच भी है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर भी इस सीरीज के जरिए टीम संयोजन को सही करने का भारी दबाव होगा। भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को बर्मिंघम के प्रतिष्ठित एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा।