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  • शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट पर रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज के फाइनल में बनाई जगह

    शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट पर रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज के फाइनल में बनाई जगह

    नई दिल्ली ।पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच 25 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए वनडे ट्राई सीरीज के मुकाबले में रोमांचक नतीजा देखने को मिला। एक समय पाकिस्तान की टीम हार के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट के लिए शानदार साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया। पाकिस्तान ने नौ विकेट गंवाने के बाद भी लक्ष्य हासिल करते हुए इंग्लैंड को एक विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तानी टीम ने ट्राई सीरीज के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पारी लड़खड़ा गई थी। टीम ने 154 रन तक अपने नौ विकेट गंवा दिए थे और जीत के लिए अभी 88 रन बनाने बाकी थे। इंग्लैंड को मुकाबला जीतने के लिए केवल एक विकेट की जरूरत थी। ऐसे मुश्किल समय में शादाब खान ने जिम्मेदारी संभाली और दूसरे छोर पर मौजूद हारिस रऊफ के साथ मिलकर इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों को झटका दिया।

    शादाब खान ने 96 गेंदों पर नाबाद 113 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी में 13 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। यह शादाब का पहला वनडे शतक था। उन्होंने दबाव के बीच आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। दूसरी ओर, 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे हारिस रऊफ ने सात रन बनाकर उनका साथ दिया। रऊफ ने विकेट बचाए रखा, जिससे शादाब को अपना स्वाभाविक खेल जारी रखने का मौका मिला।

    दोनों बल्लेबाजों ने दसवें विकेट के लिए नाबाद 89 रन जोड़े। उनकी साझेदारी ने पाकिस्तान को 17 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। आखिरी समय तक इंग्लैंड की टीम विकेट हासिल करने की कोशिश करती रही, लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा। अंत में हारिस रऊफ ने चौका लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    दसवें विकेट की साझेदारी में बनाया रिकॉर्ड

    शादाब खान और हारिस रऊफ की नाबाद 89 रन की साझेदारी सफल वनडे रनचेज में दसवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड डेरिक मरे और एंडी रॉबर्ट्स के नाम था। दोनों ने 1975 के विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 64 रन जोड़े थे। शादाब और रऊफ ने इस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड कायम किया।

    शाहीन आफरीदी की गेंदबाजी ने भी निभाई अहम भूमिका

    इससे पहले पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह आफरीदी ने गेंदबाजी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने 46 रन देकर चार विकेट हासिल किए और इंग्लैंड की पारी को 241 रन पर समेटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रजाउल्लाह ने भी दो विकेट लिए।

    इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने केवल 19 रन के स्कोर तक तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद बेन डकेट ने 111 गेंदों पर 105 रन बनाकर पारी को संभाला। सैम करन ने 42 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की। अंत में गस एटकिंसन ने नाबाद 36 रन बनाकर टीम का स्कोर 241 रन तक पहुंचाया।

    हालांकि, इंग्लैंड का यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। पाकिस्तान ने शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद आखिरी जोड़ी के दम पर मुकाबला अपने नाम कर लिया। शादाब खान के शतक और हारिस रऊफ के सहयोग ने न केवल पाकिस्तान को जीत दिलाई, बल्कि टीम को ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंचाने में भी निर्णायक भूमिका निभाई।

  • वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में छह टीमें आमने-सामने, भारत समेत सभी स्क्वॉड और पूरा शेड्यूल यहां जानिए हेडलाइन 2:

    वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में छह टीमें आमने-सामने, भारत समेत सभी स्क्वॉड और पूरा शेड्यूल यहां जानिए हेडलाइन 2:

    नई दिल्ली ।वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में इस बार छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने के बाद अब भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश की टीमें खेल रही हैं। टूर्नामेंट शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हो रहा है। भारत की टीम में युवराज सिंह, हरभजन सिंह, यूसुफ पठान, इरफान पठान, अंबाती रायुडू और रॉबिन उथप्पा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    भारत चैंपियंस के स्क्वॉड में अंबाती रायुडू, युवराज सिंह, यूसुफ पठान, स्टुअर्ट बिन्नी, इरफान पठान, पवन नेगी, ऋषि धवन, रॉबिन उथप्पा, मोहित शर्मा, धवल कुलकर्णी, वरुण एरॉन, हरभजन सिंह, पीयूष चावला और अभिमन्यु मिथुन हैं। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 46 रन की जीत से की, जबकि इंग्लैंड से उसे 21 रन से हार मिली।

    ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस में क्रिस लिन, डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, डी’आर्सी शॉर्ट, रॉब क्विनी, नाथन रियरडन, बेन डंक, केन रिचर्डसन, बेन हिल्फेनहॉस, जेम्स पैटिनसन, फवाद अहमद, बेन लॉफलिन और एंड्रयू टाय शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के स्क्वॉड में फाफ डुप्लेसिस, रिचर्ड लेवी, सरेल एरवी, कॉलिन इंग्राम, अल्बी मॉर्केल, जेपी डुमिनी, एबी डिविलियर्स, डेन विलास, मोर्ने वान विक, हार्डस विलजोन, वेन पार्नेल, इमरान ताहिर, डुआने ओलिवियर और आरोन फांगिसो हैं।

    इंग्लैंड चैंपियंस की टीम में जेसन रॉय, डेविड मलान, मोईन अली, रवि बोपारा, समित पटेल, जो डेनली, फिल मस्टर्ड, टिम एंब्रोस, लियाम प्लंकेट, अजमल शहजाद, रयान साइडबॉटम, मोंटी पनेसर, स्टुअर्ट मीकर और सर जेम्स एंडरसन हैं। वेस्टइंडीज चैंपियंस में क्रिस गेल, लेंडल सिमंस, शिवनारायण चंद्रपॉल, ड्वेन ब्रावो, डेव मोहम्मद, कार्लोस ब्रेथवेट, आंद्रे रसेल, रेयाड एमरिट, चैडविक वॉल्टन, आंद्रे फ्लेचर, शेल्डन कॉटरेल, फिडेल एडवर्ड्स, सुलेमान बेन और निकिता मिलर शामिल हैं।

    बांग्लादेश चैंपियंस के प्रमुख खिलाड़ियों में इमरुल कायेस, जहुरुल इस्लाम, मोहम्मद अशरफुल, महमूदुल्लाह, शाकिब अल हसन, रोनी तालुकदार, नासिर हुसैन, शुभागता होम, जियाउर रहमान, फजले महमूद, अराफात सनी, कमरुल इस्लाम और एनामुल हक जूनियर हैं। पाकिस्तान ने जरूरी एनओसी नहीं मिलने के बाद टूर्नामेंट से नाम वापस लिया है। उसकी टीम में शाहिद अफरीदी और मोहम्मद हफीज समेत कई खिलाड़ी थे।

    टूर्नामेंट में भारत ने तीन अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया को 46 रन से हराया। चार अक्तूबर को दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 97 रन से मात दी और इंग्लैंड ने भारत को 21 रन से हराया। छह अक्तूबर को भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से है। इसके बाद भारत 11 अक्तूबर को बांग्लादेश और 13 अक्तूबर को वेस्टइंडीज से खेलेगा। पाकिस्तान के हटने से भारत-पाकिस्तान का 10 अक्तूबर का मुकाबला अब नहीं होगा।

    लीग चरण के अन्य मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश और इंग्लैंड-वेस्टइंडीज सात अक्तूबर को, ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश-वेस्टइंडीज नौ अक्तूबर को, इंग्लैंड-दक्षिण अफ्रीका 10 अक्तूबर को, ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज 11 अक्तूबर को, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड 13 अक्तूबर को और बांग्लादेश-दक्षिण अफ्रीका 14 अक्तूबर को होंगे। दोनों सेमीफाइनल 16 अक्तूबर और फाइनल 18 अक्तूबर को शारजाह में खेला जाएगा।

  • इंग्लैंड फिर बना नंबर-1, भारत से छीना ICC T20I रैंकिंग का ताज, दोनों के बराबर 269 रेटिंग

    इंग्लैंड फिर बना नंबर-1, भारत से छीना ICC T20I रैंकिंग का ताज, दोनों के बराबर 269 रेटिंग


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 में 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज कर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने ICC T20I टीम रैंकिंग में भी भारत को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 की कुर्सी हासिल कर ली। हालांकि भारत और इंग्लैंड दोनों के खाते में 269-269 रेटिंग हैं, लेकिन ताजा रैंकिंग में इंग्लैंड पहले और भारत दूसरे स्थान पर है। खास बात यह है कि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने दो दिन पहले ही नंबर-1 बनने की इच्छा जताई थी और श्रीलंका के खिलाफ जीत के साथ उनकी टीम ने यह उपलब्धि हासिल कर ली।

    कुछ महीनों में दूसरी बार भारत से छीना पहला स्थान

    इंग्लैंड ने पिछले कुछ महीनों में दूसरी बार ICC T20I रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। भारतीय टीम के यूके दौरे के दौरान उसे आयरलैंड के खिलाफ 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। लगातार छह मुकाबलों में मिली इन हार का असर टीम इंडिया की रैंकिंग पर भी पड़ा और इंग्लैंड ने भारत को सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद पहली बार नंबर-1 की पोजिशन हासिल की थी।

    इसके बाद भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे का दौरा किया और वहां प्रदर्शन के दम पर दोबारा रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। अब श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की 3-0 से सीरीज जीत ने एक बार फिर समीकरण बदल दिया है और भारत को दूसरे स्थान पर जाना पड़ा है।

    भारत के पास फिर नंबर-1 बनने का मौका

    टीम इंडिया के पास जल्द ही रैंकिंग में वापसी का मौका होगा। भारत का अगला टी20 मुकाबला 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होना है। इस मैच में जीत के साथ भारतीय टीम एक बार फिर नंबर-1 की स्थिति हासिल करने की कोशिश करेगी।

    इसके अलावा टीम इंडिया को एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेना है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम की नजरें इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने के साथ अपनी T20I रैंकिंग की स्थिति मजबूत करने पर भी रहेंगी।

    श्रीलंका को 124 रन पर समेटा

    तीसरे टी20 में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। पूरी टीम 18.5 ओवर में 124 रन पर ऑलआउट हो गई। पथुम निसंका ने 36 और कमिंदु मेंडिस ने 35 रन बनाए। इनके अलावा श्रीलंकाई कप्तान चरिथ असलंका ही 15 रन का आंकड़ा पार कर सके।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर, सोनी बेकर और विल जैक्स ने 2-2 विकेट चटकाए। इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज लगातार दबाव में रहे और टीम 20 ओवर भी पूरा नहीं खेल सकी।

    बटलर ने 32 गेंदों में ठोके 62 रन

    125 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया। जोस बटलर ने सिर्फ 32 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 62 रन की तूफानी पारी खेली। कप्तान हैरी ब्रूक ने 33 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।

    इंग्लैंड ने महज 9.4 ओवर में 2 विकेट खोकर 125 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ उसने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया और इसके साथ ही ICC T20I टीम रैंकिंग में भी भारत को पीछे छोड़कर नंबर-1 स्थान पर कब्जा कर लिया।

  • हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ 14 पारियों में पूरे किए 1000 टेस्ट रन, लेकिन सहवाग का वर्ल्ड रिकॉर्ड रहा बरकरार

    हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ 14 पारियों में पूरे किए 1000 टेस्ट रन, लेकिन सहवाग का वर्ल्ड रिकॉर्ड रहा बरकरार

    नई दिल्ली । हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अर्धशतक लगाकर खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ 14 पारियों में 1000 रन पूरे कर लिए। हालांकि, इस मामले में वह पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए।

    इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जा रहा है। पाकिस्तान की पहली पारी 133 रनों पर सिमटने के बाद इंग्लैंड की शुरुआत भी मुश्किल रही। मेजबान टीम ने 39 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे।

    ऐसे समय में हैरी ब्रूक ने पारी को संभाला और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एमिलियो गे के साथ शतकीय साझेदारी की, जिससे इंग्लैंड को पाकिस्तान के खिलाफ पहली पारी में बढ़त हासिल करने में मदद मिली। इसके बाद ब्रूक ने अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी के साथ पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन भी पूरे कर लिए।

    हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ यह आंकड़ा नौ टेस्ट की 14 पारियों में हासिल किया है। पाकिस्तान के खिलाफ उनका बल्लेबाजी औसत 79.46 का है। इस उपलब्धि के बावजूद वह सबसे कम पारियों में पाकिस्तान के खिलाफ 1000 टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम नहीं कर सके।

    वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ 1000 टेस्ट रन सिर्फ 11 पारियों में पूरे किए थे। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने भी पाकिस्तान के खिलाफ 1000 टेस्ट रन बनाने के लिए 11 पारियां ही ली थीं। इस तरह सहवाग और वॉर्नर इस सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर बने हुए हैं।

    ब्रूक ने हालांकि कुछ दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से कम पारियों में पाकिस्तान के खिलाफ 1000 टेस्ट रन पूरे किए। दोनों बल्लेबाजों ने यह उपलब्धि 15-15 पारियों में हासिल की थी।

    इस सूची में उस्मान ख्वाजा भी 14 पारियों के साथ ब्रूक के बराबर हैं। वहीं सहवाग और वॉर्नर 11 पारियों के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद ख्वाजा और ब्रूक का नंबर आता है, जबकि संगकारा और पोंटिंग ने 15 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

    तीसरे टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान की टीम 133 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके जवाब में इंग्लैंड ने दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट खोकर 156 रन बना लिए थे। इस तरह मेजबान टीम को पहली पारी में 23 रन की बढ़त हासिल हो गई।

    हैरी ब्रूक अभी भी क्रीज पर मौजूद हैं, जिससे इंग्लैंड को अपनी बढ़त को और मजबूत करने की उम्मीद है। टीम की कोशिश दूसरे दिन अपने स्कोर को 300 रन के पार पहुंचाने की होगी। इससे पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ सकता है।

    तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले इंग्लैंड ने जीते हैं। ऐसे में टीम पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसकी नजर तीसरा टेस्ट जीतकर सीरीज में पाकिस्तान का क्लीन स्वीप करने पर है। ब्रूक की पारी इस मुकाबले में इंग्लैंड के लिए अहम साबित हो रही है।

  • हथकड़ी में नजर आया इंग्लैंड का स्टार तेज गेंदबाज, पुलिस ले गई थाने, मचा हड़कंप

    हथकड़ी में नजर आया इंग्लैंड का स्टार तेज गेंदबाज, पुलिस ले गई थाने, मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्राइडन कार्स से जुड़ी एक घटना ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में डरहम के इस तेज गेंदबाज को डर्बी स्थित एक क्लब के बाहर पुलिस अधिकारियों के साथ हथकड़ी में जाते देखा गया। पुलिस शनिवार रात हुई एक घटना के सिलसिले में मामले की जांच कर रही है।

    इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने रविवार को घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उसे डर्बी में हुई घटना की जानकारी है और मामले की जांच की जा रही है। बोर्ड ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जरूरत के मुताबिक आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट की टीम में हैं कार्स

    ब्राइडन कार्स इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा हैं, जिसे पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उतरना है। हालांकि, पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी।

    फिलहाल ECB ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुलिस जांच के बावजूद कार्स दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में बने रहेंगे या नहीं।

    इंग्लैंड टीम के अनुशासन पर पहले भी उठे सवाल

    कार्स के खिलाफ जांच ऐसे समय शुरू हुई है, जब इंग्लैंड की टेस्ट टीम में खिलाड़ियों के मैदान से बाहर के व्यवहार और अनुशासन को लेकर चर्चा चल रही है। टेस्ट कप्तान जो रूट ने हाल ही में खिलाड़ियों के जिम्मेदार व्यवहार और अच्छे रोल मॉडल बनने पर जोर दिया था।

    रूट ने एक क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा था कि टीम में खिलाड़ियों पर कोई सख्त कर्फ्यू लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन उनसे मैदान के बाहर भी समझदारी और जिम्मेदारी से फैसले लेने की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा था कि इंग्लैंड के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को अपनी मैदान के बाहर की जिम्मेदारियों का भी एहसास होना चाहिए।

    बेन स्टोक्स भी तोड़ चुके हैं टीम प्रोटोकॉल

    इंग्लैंड की टीम में अनुशासन को लेकर इस साल जून में भी विवाद हुआ था। पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन पर टीम के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का मामला सामने आया था। इसके बाद दोनों को ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था।

    बाद में स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जबकि ब्रेंडन मैकुलम ने टेस्ट कोच का पद छोड़ दिया। ऐसे में ब्राइडन कार्स से जुड़ी ताजा घटना ने इंग्लैंड की टीम के अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ENG vs PAK: रॉबिन्सन-टंग ने उड़ाई पाकिस्तानी बल्लेबाजी की धज्जियां, इंग्लैंड ने जीता पहला टेस्ट

    ENG vs PAK: रॉबिन्सन-टंग ने उड़ाई पाकिस्तानी बल्लेबाजी की धज्जियां, इंग्लैंड ने जीता पहला टेस्ट


    हेडिंग्ले। पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने बेनकाब हो गई। हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरी पारी में महज 135 रन पर समेटते हुए पारी और 103 रन से करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली। ओली रॉबिन्सन और जोश टंग ने दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने भी अहम मौकों पर विकेट चटकाए।

    171 पर ढेर हुआ पाकिस्तान, इंग्लैंड ने खड़ा किया 409 का पहाड़
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 171 रन बना सकी। अब्दुल्ला शफीक ने 61 और इमाम-उल-हक ने 42 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड के पेस अटैक के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सके। रॉबिन्सन और टंग ने पांच-पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी पारी को समेट दिया।

    जवाब में इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 409 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 238 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। हैरी ब्रूक ने 93 गेंदों में 91 रन बनाए। जॉर्डन कॉक्स ने 73, जो रूट ने 66 और डेन लॉरेंस ने 51 रन की पारियां खेलीं।

    दूसरी पारी में भी नहीं संभला पाकिस्तान
    238 रन से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी थी, लेकिन उसकी शुरुआत ही खराब रही। जोफ्रा आर्चर ने इमाम-उल-हक को आउट किया, जबकि अजान अवैस 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद रॉबिन्सन ने अब्दुल्ला शफीक को 15 रन पर चलता कर दिया।

    शान मसूद ने 29 रन बनाकर संघर्ष की कोशिश की, लेकिन जोश टंग ने आते ही पाकिस्तान के मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने सऊद शकील को 14 रन पर आउट करने के बाद एक ही ओवर में शान मसूद और सलमान आगा के विकेट निकाल दिए। टंग ने महज 11 गेंदों में तीन विकेट लेकर पाकिस्तान को 76 रन पर छह विकेट के संकट में पहुंचा दिया।

    रिजवान ने दिखाया संघर्ष, फिर भी 135 पर सिमटी टीम
    विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने 39 गेंदों पर 41 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध जरूर किया। वह दूसरी पारी में पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, लेकिन उनकी पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। गस एटकिंसन ने रिजवान को आउट किया और इसके बाद आर्चर ने आखिरी बल्लेबाज को पवेलियन भेज दिया। पाकिस्तान की पूरी टीम 37.3 ओवर में 135 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने तीन दिन में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    रॉबिन्सन-टंग ने मिलकर बरपाया कहर
    इंग्लैंड की जीत में ओली रॉबिन्सन सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने पहली पारी में 5/51 और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए। मैच में कुल 8/80 के शानदार आंकड़े के साथ उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    जोश टंग ने भी मैच में आठ विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में 5/46 और दूसरी पारी में तीन विकेट चटकाए। जोफ्रा आर्चर ने दूसरी पारी में तीन विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार फुल लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    जो रूट की कप्तानी में शानदार वापसी
    बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास और ब्रेंडन मैकुलम के कोच पद से हटने के बाद इंग्लैंड नए दौर में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान के तौर पर जो रूट की वापसी जीत के साथ हुई। इंग्लैंड ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में पाकिस्तान को पछाड़ दिया। पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने भी मैच के बाद माना कि इंग्लैंड ने उनकी टीम को हर विभाग में मात दी।

    लॉर्ड्स में होगी अगली भिड़ंत
    इस जीत से इंग्लैंड को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भी अहम अंक मिले हैं। वहीं पाकिस्तान का अंक प्रतिशत गिरकर 19.05 हो गया है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से लॉर्ड्स में खेला जाएगा।

    पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी बल्लेबाजी को संभालने की है। हेडिंग्ले में जिस तरह उसका शीर्ष और मध्यक्रम इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने बिखरा, अगर यही कहानी लॉर्ड्स में भी दोहराई गई तो सीरीज में वापसी मुश्किल हो सकती है।

  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न

  • विदेशी सरजमीं पर लगातार सीरीज गंवाने के बाद बैकफुट पर भारतीय क्रिकेट टीम: 'ऑल इज वेल' के दावे के बीच बोर्ड और मुख्य कोच के फैसलों पर तीखी बहस

    विदेशी सरजमीं पर लगातार सीरीज गंवाने के बाद बैकफुट पर भारतीय क्रिकेट टीम: 'ऑल इज वेल' के दावे के बीच बोर्ड और मुख्य कोच के फैसलों पर तीखी बहस


    नई दिल्ली।
    विदेशी सरजमीं पर भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन ने खेल प्रेमियों और खेल विश्लेषकों को चिंता में डाल दिया है। आयरलैंड के खिलाफ मिली झटकों भरी हार के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टी20 और वनडे सीरीज में भारतीय टीम को पराजय का सामना करना पड़ा है। लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई का रवैया बेहद शांत नजर आ रहा है। बोर्ड की ओर से दिए जा रहे ‘ऑल इज वेल’ के बयानों पर अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर टीम प्रबंधन और मुख्य कोच से इस हार का हिसाब कब मांगा जाएगा।

    भारतीय टीम का हालिया विदेशी दौरा कई मोर्चों पर कमजोरियों को उजागर कर चुका है। आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाना और फिर इंग्लैंड की मजबूत टीम के सामने पूरी तरह पस्त हो जाना, भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की ओर इशारा करता है। विशेषकर इंग्लैंड दौरे पर खेली गई टी20 और वनडे सीरीज में न तो भारतीय बल्लेबाजी में गहराई दिखी और न ही गेंदबाजी आक्रमण में वह धार नजर आई, जिसके लिए भारतीय टीम जानी जाती है। महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के सीनियर और युवा खिलाड़ियों दोनों ने ही निराश किया है।

    टीम प्रबंधन के फैसलों और रणनीति पर लगातार उंगलियां उठ रही हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम के रणनीतिक बदलावों को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। प्लेयिंग इलेवन के चयन में लगातार किए जा रहे प्रयोग, खिलाड़ियों के बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने की नीति टीम के संतुलन को बिगाड़ रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान पर सही समय पर सही फैसले न ले पाने के कारण टीम को बार-बार हार का मुंह देखना पड़ रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली बात बीसीसीआई का रुख है। अमूमन किसी बड़े दौरे पर हार के बाद बोर्ड सख्त रुख अपनाता है और समीक्षा बैठकें आयोजित करता है, लेकिन इस बार बोर्ड की ओर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की जा रही है। बोर्ड के अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। खेल जगत में यह चर्चा तेज है कि जब तक प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद करना बेमानी होगा।

    भारतीय टीम के इस लचर प्रदर्शन से प्रशंसकों में भारी निराशा व्याप्त है। सोशल मीडिया से लेकर खेल के मंचों तक मुख्य कोच की कार्यप्रणाली और कप्तान के फैसलों की कड़ी समीक्षा की मांग की जा रही है। आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं और दौरों को देखते हुए यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो भारतीय क्रिकेट को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या बीसीसीआई वाकई समीक्षा बैठक बुलाकर कड़े कदम उठाता है या फिर ‘ऑल इज वेल’ के आवरण में इन असफलताओं को ढका जाता रहेगा।

  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक


    नई दिल्ली
    , फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) में फैंस को इतिहास का सबसे रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबला (High-scoring match) देखने को मिला. सेमीफाइनल की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड की टीम (England team) ने फ्रांस (France) को एक रोमांच से भरपूर मैच में 6-4 से हराकर वर्ल्ड कप ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. 1966 में विश्व विजेता बनने के बाद वर्ल्ड कप के इतिहास में इंग्लैंड का यह अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    मैच में एक समय इंग्लैंड 4-0 से आगे था, लेकिन दूसरी हाफ में फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे के तूफान ने इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी. हालांकि, बुकायो साका की शानदार हैट्रिक और जूड बेलिंगहैम के आखिरी मिनट के जादुई गोल की बदौलत इंग्लैंडने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत से पहले किसी को भी इतने बड़े स्कोर की उम्मीद नहीं थी. इंग्लैंड ने अपनी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में कप्तान हैरी केन और स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम को आराम दिया था, जबकि गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की जगह डीन हेंडरसन को मौका मिला. कप्तान की आर्मबैंड पहने डेक्लान राइस (Declan Rice) ने मैच के शुरू होने के महज ढाई मिनट (2.5 मिनट) के भीतर पहला गोल दागकर फ्रांस को स्तब्ध कर दिया।

    इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने एक शानदार हेडर के जरिए बढ़त को 2-0 कर दिया. इसके बाद शुरू हुआ बुकायो साका का शो, जिन्होंने पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले दो बैक-टू-बैक गोल दागकर फ्रांस के डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और इंग्लैंड को 4-0 की विशाल बढ़त दिला दी।


    दूसरा हाफ: एम्बाप्पे का तूफान

    हाफ-टाइम के बाद मैदान पर पासा पूरी तरह पलट गया. फ्रांसीसी टीम एक नई ऊर्जा के साथ उतरी. दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के डिफेंस को भेदकर फ्रांस का पहला गोल दागा. इसके ठीक बाद 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गेंद को नेट में पहुंचाकर स्कोर 4-2 कर दिया।

    मैच के 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और ऐतिहासिक गोल दागा. इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने दिग्गज लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है. इस टूर्नामेंट में यह एम्बाप्पे का 10वां गोल था, जिसके साथ ही वे गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं. स्कोर अब 4-3 हो चुका था और फ्रांस बराबरी के बेहद करीब था।


    साका की हैट्रिक और बेलिंगहैम का ‘विनिंग टच’

    जब फ्रांस मैच को पेनल्टी शूटआउट की तरफ ले जाने के लिए लगातार हमले कर रहा था, तभी 87वें मिनट में इंग्लैंड को एक पेनल्टी मिली. दबाव के इस बेहद नाजुक क्षण में बुकायो साका ने गेंद को गोल पोस्ट के दाहिने कोने में डालते हुए अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर दिया।

    इंजरी टाइम में फ्रांस के ओस्मान डेम्बेले ने एक बेहतरीन फिनिश के जरिए गोल दागकर स्कोर 5-4 कर दिया और मैच में रोमांच चरम पर पहुंच गया. लेकिन आखिरी मिनटों में मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहैम ने एक बेहद खूबसूरत मैदानी गोल दागकर इंग्लैंड की 6-4 से जीत पक्की कर दी।