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  • रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर सामने आ रही अटकलों के बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में किसी भी खिलाड़ी की जगह केवल उसकी लोकप्रियता या पिछले रिकॉर्ड के आधार पर सुरक्षित नहीं रह सकती। टीम में बने रहने के लिए लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम के भविष्य और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन आने वाले वर्षों के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार चर्चा जारी है।

    इसी पृष्ठभूमि में रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उनकी बल्लेबाजी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है। उन्होंने माना कि कोहली का अनुभव और निरंतरता भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी को अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना ही होगा। यदि प्रदर्शन में लंबी गिरावट आती है तो परिस्थितियां किसी के लिए भी बदल सकती हैं।

    विराट कोहली का हालिया वनडे रिकॉर्ड भी उनकी बेहतरीन लय की पुष्टि करता है। इस वर्ष खेले गए मुकाबलों में उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही संतुलित और प्रभावशाली रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है। अश्विन का भी मानना है कि यदि कोहली इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

    अश्विन ने केवल प्रदर्शन की बात ही नहीं की, बल्कि चयन प्रक्रिया को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करना चयनकर्ताओं का अधिकार है, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक देश के लिए योगदान दिया है, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं किया जा रहा है तो उसे स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनिश्चितता या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

    भारतीय क्रिकेट फिलहाल बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव भी टीम के लिए अमूल्य है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती पहले से अधिक बड़ी हो गई है। टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं और वर्तमान प्रदर्शन के बीच उचित तालमेल स्थापित करना होगा।

    रविचंद्रन अश्विन का यह बयान केवल विराट कोहली तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय क्रिकेट में बदलती चयन प्रक्रिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत भी समझा जा रहा है। आने वाले महीनों में टीम चयन से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि भारत 2027 विश्व कप की दिशा में किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और अनुभवी खिलाड़ियों तथा नई प्रतिभाओं के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित किया जाता है।

  • 968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड

    968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड


    बर्मिंघम। लंबे इंतजार के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने अपनी वापसी को यादगार बना दिया। 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहली बार 50 ओवर के प्रारूप में उतरे बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    968 दिन बाद वनडे मैदान पर लौटे बुमराह ने न सिर्फ अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए, बल्कि इंग्लैंड की धरती पर भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए।

    150 वनडे विकेट पूरे, शमी और कुलदीप के खास क्लब में शामिल
    जसप्रीत बुमराह ने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट का आंकड़ा महज 4605 गेंदों में पूरा किया। इसके साथ ही वह भारत के लिए सबसे कम गेंदों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए।

    भारत के लिए सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    मोहम्मद शमी – 4070 गेंद
    कुलदीप यादव – 4513 गेंद
    जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंद
    अजीत आगरकर – 5027 गेंद
    इरफान पठान – 5131 गेंद

    बुमराह ने मुकाबले के 13.1वें ओवर में अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर दिया। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिसमें अतिरिक्त उछाल और बाहर की ओर मूवमेंट देखने को मिला। ब्रूक ने गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ले का बाहरी किनारा लग गया। पहली स्लिप पर मौजूद रोहित शर्मा ने आसान कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेज दिया।

    लंबे अंतराल के बाद वापसी के बावजूद बुमराह की गेंदबाजी में वही पुरानी धार नजर आई। उनकी रफ्तार, सटीक लाइन और खतरनाक मूवमेंट ने साबित कर दिया कि वह अब भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे बड़े हथियारों में शामिल हैं।

    इंग्लैंड में बुमराह का जलवा, बने नंबर-1 भारतीय गेंदबाज
    इंग्लैंड की परिस्थितियों में बुमराह का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। इस मुकाबले के बाद वह इंग्लैंड की धरती पर वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए।

    इंग्लैंड में भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    जसप्रीत बुमराह – 31 विकेट
    रवींद्र जडेजा – 30 विकेट
    भुवनेश्वर कुमार – 28 विकेट
    मदन लाल – 27 विकेट
    मोहम्मद शमी – 26 विकेट

    वापसी के साथ मिला रिकॉर्ड का तोहफा
    बुमराह के लिए यह मुकाबला केवल टीम में वापसी का मौका नहीं था, बल्कि अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का भी अवसर था। चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर उतरते ही उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। करीब 968 दिन का इंतजार खत्म हुआ और बुमराह ने अपनी वापसी में वही पुराना अंदाज दिखाया—सटीक गेंदबाजी, घातक रफ्तार और रिकॉर्ड बनाने की क्षमता।

  • सेमीफाइनल से पहले जो कोल की भविष्यवाणी इंग्लैंड रोकेगा मेसी का जादू और बनाएगा फाइनल का रास्ता

    सेमीफाइनल से पहले जो कोल की भविष्यवाणी इंग्लैंड रोकेगा मेसी का जादू और बनाएगा फाइनल का रास्ता


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाली टक्कर को लेकर उत्साह चरम पर है। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व स्टार फुटबॉलर जो कोल ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इंग्लैंड की टीम अर्जेंटीना के कप्तान और दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी को रोकने में सफल रहेगी। अटलांटा स्टेडियम में होने वाले इस हाईवोल्टेज मुकाबले से पहले उनके बयान ने फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी है।

    करीब 21 साल बाद इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें फिर विश्व कप के मंच पर आमने सामने होंगी। दोनों देशों के बीच फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता दशकों पुरानी है और हर मुकाबला इतिहास और भावनाओं से जुड़ा रहा है। विश्व कप में अब तक दोनों टीमें पांच बार भिड़ चुकी हैं। 1962 1966 1986 1998 और 2002 के मुकाबले फुटबॉल इतिहास के सबसे चर्चित मैचों में गिने जाते हैं। पिछली बार जापान में खेले गए विश्व कप में इंग्लैंड ने डेविड बेकहम की पेनल्टी की बदौलत अर्जेंटीना को हराकर यादगार जीत दर्ज की थी।

    इस बार भी मुकाबला बेहद रोमांचक माना जा रहा है क्योंकि अर्जेंटीना मौजूदा विश्व चैंपियन है। टीम ने 2022 में कतर में विश्व कप जीतकर 36 साल बाद खिताब अपने नाम किया था और अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने की दौड़ में है। दूसरी ओर इंग्लैंड भी शानदार लय में नजर आ रहा है और लंबे इंतजार के बाद विश्व कप जीतने का सपना पूरा करना चाहता है।

    जो कोल ने एक फुटबॉल पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि इंग्लैंड की सबसे बड़ी चुनौती लियोनेल मेसी होंगे लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि टीम उनके प्रभाव को सीमित करने में सफल रहेगी। उनके अनुसार इंग्लैंड के खिलाड़ी दबाव वाले मुकाबलों में खेलने के आदी हैं और टीम की मजबूत आक्रामक रणनीति अर्जेंटीना के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेसी को रोकना जरूरी होगा और इंग्लैंड यह काम कर दिखाएगा।

    अर्जेंटीना ने इस विश्व कप में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन उसे हर चरण में कड़ी चुनौती भी मिली है। क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड के खिलाफ मुकाबला निर्धारित समय तक बराबरी पर रहा जिसके बाद अतिरिक्त समय में जूलियन अल्वारेज और लौटारो मार्टिनेज के गोलों ने टीम को जीत दिलाई। इससे पहले राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना ने दो गोल से पिछड़ने के बावजूद आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया था। वहीं पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे ने भी अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय तक संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया था।

    हालांकि इन कठिन मुकाबलों के बावजूद अर्जेंटीना ने अब तक अपने सभी मैच जीते हैं और फ्रांस के साथ टूर्नामेंट की अपराजित टीम बनी हुई है। दूसरी ओर इंग्लैंड भी मजबूत संतुलित टीम के रूप में सामने आया है और उसके खिलाड़ी बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जाने जाते हैं।

    अब पूरी दुनिया की नजर इस सेमीफाइनल पर टिकी है जहां एक ओर मेसी अपने करियर में एक और विश्व कप खिताब की ओर कदम बढ़ाना चाहेंगे तो दूसरी ओर इंग्लैंड उन्हें रोककर फाइनल का टिकट हासिल करने की कोशिश करेगा। फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद है कि यह मुकाबला विश्व कप इतिहास के सबसे यादगार सेमीफाइनल में शामिल हो सकता है।

  • टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न हुई टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मेजबान इंग्लैंड के हाथों 4-0 से करारी शिकस्त का सामना करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के सामने वनडे प्रारूप में जोरदार वापसी करने की बेहद कड़ी चुनौती है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम टी20 सीरीज के दौरान पूरी तरह दिशाहीन और बेअसर साबित हुई थी। इस निराशाजनक प्रदर्शन के ठीक बाद, अब भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की निगाहें आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं, जहाँ भारत अपने सबसे अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों के दम पर इंग्लैंड की सरजमीं पर पलटवार करने का प्रयास करेगा।

    इस वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का संतुलन और ताकत पूरी तरह से बदली हुई नजर आएगी, क्योंकि टीम के दो सबसे बड़े स्तंभ रोहित शर्मा और विराट कोहली की टीम में वापसी हो रही है। ये दोनों ही महान बल्लेबाज टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ एक दिवसीय प्रारूप में भारत को जीत दिलाने में लगा रहे हैं। इंग्लैंड की मुश्किल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का लंबा अनुभव भारतीय बल्लेबाजी क्रम को वो मजबूती प्रदान करेगा, जिसकी टी20 सीरीज के दौरान भारी कमी महसूस की गई थी।

    टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में साउथेम्प्टन के मैदान पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास ली थी और जोस बटलर के धुआंधार 131 रनों की बदौलत 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारतीय टीम दबाव नहीं झेल सकी और 56 रनों से मैच हार गई। लगातार दो टी20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम की रणनीतियों पर तीखे सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में वनडे सीरीज में कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में रोहित शर्मा नई गेंद के खिलाफ आक्रामक शुरुआत देने की जिम्मेदारी संभालेंगे, तो वहीं विराट कोहली मध्यक्रम में पारी को स्थिरता और मजबूती देंगे।

    भारतीय टीम के लिए एक और बड़ी राहत की बात स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी है। टी20 सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से बेअसर रहा था और रन्स रोकने में नाकाम साबित हुआ था। बुमराह के आने से टीम को शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता मिलेगी और साथ ही डेथ ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। बुमराह के साथ कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनर्स मिलकर इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को रोकने की रणनीति तैयार करेंगे।

    यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए केवल एक ट्रॉफी जीतने का जरिया नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों में लगातार मिली हार के कारण ड्रेसिंग रूम के गिरे हुए मनोबल और खोए हुए आत्मविश्वास को वापस पाने का एक बड़ा मंच भी है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर भी इस सीरीज के जरिए टीम संयोजन को सही करने का भारी दबाव होगा। भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को बर्मिंघम के प्रतिष्ठित एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड का धमाका: नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल में मारी एंट्री, जूड बेलिंगहैम ने दागे दो ऐतिहासिक गोल

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड का धमाका: नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल में मारी एंट्री, जूड बेलिंगहैम ने दागे दो ऐतिहासिक गोल

    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में फुटबॉल जगत का एक बड़ा उलटफेर और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला है। स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम के असाधारण और दमदार प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने नॉर्वे को शिकस्त देकर फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में शान से प्रवेश कर लिया है। इस खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक जूड बेलिंगहैम रहे, जिन्होंने मैच के बेहद दबाव वाले क्षणों में दो बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। इस हार के साथ ही नॉर्वे का विश्व कप का सफर क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया है।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। नॉर्वे की टीम ने अपने मजबूत डिफेंस और आक्रामक विंगर्स के दम पर शुरुआती हाफ में इंग्लैंड के फॉरवर्ड लाइन को काफी परेशान किया। हालांकि, खेल के आगे बढ़ने के साथ ही इंग्लिश टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दी। मध्यक्रम में खेलते हुए जूड बेलिंगहैम ने न केवल नॉर्वे के आक्रमण को विफल किया, बल्कि इंग्लैंड के लिए लगातार गोल करने के बेहतरीन मौके भी बनाए। उनके इस आक्रामक खेल का नॉर्वे के पास कोई जवाब नहीं था।

    हाफ टाइम के बाद मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया, जब बेलिंगहैम ने विपक्षी टीम के डिफेंस को छकाते हुए पहला शानदार मैदानी गोल दागा और इंग्लैंड को बढ़त दिला दी। इसके कुछ ही समय बाद नॉर्वे ने भी पलटवार करने की कोशिश की, लेकिन बेलिंगहैम के रणनीतिक खेल और दूसरे निर्णायक गोल ने नॉर्वे की वापसी की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। इस पूरे मुकाबले में बेलिंगहैम का फुटवर्क और मैदान पर उनकी सूझबूझ अद्भुत रही, जिसके लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया।

    इंग्लैंड के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह एक बेहद ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला क्षण है, क्योंकि टीम लंबे समय बाद विश्व कप के इतने करीब पहुंची है। टीम के मुख्य कोच ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जूड बेलिंगहैम की जमकर तारीफ की और कहा कि बेलिंगहैम ने न केवल अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि एक सच्चे लीडर की तरह पूरी टीम को एकजुट रखकर सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। कतर विश्व कप की कड़वी यादों को पीछे छोड़ते हुए अब इंग्लिश टीम इस बार खिताब अपने नाम करने के लिए प्रबल दावेदार मानी जा रही है।

    दूसरी ओर, इस हार से नॉर्वे के खेमे में मायूसी छा गई है, लेकिन टूर्नामेंट में उनके जुझारू प्रदर्शन की हर तरफ सराहना हो रही है। अब सभी फुटबॉल प्रेमियों की नजरें आगामी सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां इंग्लैंड का सामना दुनिया की अन्य दिग्गज टीमों से होगा। खेल समीक्षकों का मानना है कि यदि जूड बेलिंगहैम का यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रहता है, तो इंग्लैंड को इस साल विश्व चैंपियन बनने से रोकना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल चुनौती साबित होने वाला है।

  • महिला क्रिकेट के एक स्वर्णिम युग का अंत: इंग्लैंड की विश्व विजेता कप्तान हीदर नाइट ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

    महिला क्रिकेट के एक स्वर्णिम युग का अंत: इंग्लैंड की विश्व विजेता कप्तान हीदर नाइट ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत से एक बेहद भावुक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ इंग्लैंड की महान और दिग्गज क्रिकेटर हीदर नाइट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। भारत के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा महिला टेस्ट मैच उनके 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला साबित होने जा रहा है। उनके साथ ही इंग्लैंड की एक और अनुभवी खिलाड़ी टैमी ब्यूमोंट भी इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच की समाप्ति के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगी। इस तरह इंग्लैंड महिला क्रिकेट के एक बेहद सफल और स्वर्णिम युग का समापन हो रहा है।

    हीदर नाइट ने साल 2010 में इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था और तब से लेकर अब तक वे टीम के मध्यक्रम की सबसे मजबूत रीढ़ बनी रहीं। उन्होंने अपने करियर में तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 320 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 7,994 रन बनाए। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 6 शानदार शतक और 42 अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि अपनी उपयोगी गेंदबाजी के दम पर उन्होंने 84 विकेट भी चटकाए हैं। वह इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला क्रिकेटर हैं। साल 2020 में उन्होंने टी20 विश्व कप में शतक जड़कर क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था।

    नाइट के पूरे क्रिकेटिंग सफर का सबसे ऐतिहासिक और यादगार पल साल 2017 में आया था। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए महिला वनडे विश्व कप के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का सपना तोड़ते हुए विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने साल 2016 में दिग्गज खिलाड़ी चार्लोट एडवर्ड्स के बाद टीम की कमान संभाली थी और साल 2025 तक कुल 199 मैचों में इंग्लैंड का नेतृत्व किया, जिसमें से टीम ने 134 मुकाबलों में जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली एशेज सीरीज में पराजय के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी।

    अपने संन्यास की घोषणा करते हुए हीदर नाइट बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि पिछले 16 वर्षों की यह यात्रा उनके लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं रही है। उन्होंने इस सफर में मिले अनुभवों, यादों और ड्रेसिंग रूम के साथियों का आभार व्यक्त किया। पिछले कुछ वर्षों में नाइट को गंभीर चोटों का भी सामना करना पड़ा, जिसमें साल 2024 के टी20 विश्व कप के दौरान पिंडली की चोट और साल 2025 में हैमस्ट्रिंग टेंडन की गंभीर चोट शामिल थी। इन बाधाओं के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और हालिया टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 58 रनों की जुझारू पारी खेलकर अपनी टीम को संकट से निकाला था।

    इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्लेयर कॉनर और चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने हीदर नाइट के योगदान को असाधारण बताते हुए उनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद हीदर नाइट अब खेल प्रशासनिक भूमिका में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्हें द हंड्रेड टूर्नामेंट की प्रसिद्ध टीम ‘लंदन स्पिरिट’ का नया जनरल मैनेजर नियुक्त किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी वे जुलाई के अंत में शुरू होने वाले नए सीजन से संभालेंगी।

  • इंग्लैंड के खिलाफ जीत की नई उम्मीद के साथ उतरेगा भारत, आयरलैंड दौरे की हार भुलाकर लय हासिल करने की चुनौती

    इंग्लैंड के खिलाफ जीत की नई उम्मीद के साथ उतरेगा भारत, आयरलैंड दौरे की हार भुलाकर लय हासिल करने की चुनौती

    नई दिल्ली । आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को डरहम के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा। इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास हासिल करने और पिछली गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

    आयरलैंड दौरे पर भारत की बल्लेबाजी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। आक्रामक बल्लेबाजों से सजी टीम बड़े स्कोर बनाने और अहम मौकों पर लंबी साझेदारियां निभाने में असफल रही। परिणामस्वरूप टीम को सीरीज गंवानी पड़ी। अब इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के सामने अपनी क्षमता साबित करने की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन चाहेगा कि बल्लेबाजी क्रम अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए।

    नए कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी यह सीरीज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सफल नेतृत्व का अनुभव रखने वाले अय्यर अब विदेशी परिस्थितियों में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी रणनीति, कप्तानी और खिलाड़ियों का उपयोग टीम के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगा। युवा खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाना भी उनके सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    टीम चयन को लेकर भी काफी चर्चा बनी हुई है। युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर सभी की निगाहें रहेंगी, जिन्हें आयरलैंड दौरे पर अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला था। यदि उन्हें इस मुकाबले में पदार्पण का अवसर मिलता है तो वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा क्रिकेटरों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय उनके दीर्घकालिक विकास पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण मौजूद है। तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि स्पिन विभाग में विविधता टीम की ताकत मानी जा रही है। मध्य ओवरों में विकेट निकालने की जिम्मेदारी स्पिन गेंदबाजों पर रहेगी, जिससे इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी को नियंत्रित किया जा सके।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। उसके बल्लेबाज तेज शुरुआत करने और बड़े स्कोर खड़े करने की क्षमता रखते हैं। वहीं तेज गेंदबाजी आक्रमण नई गेंद से मिलने वाली सीम मूवमेंट का लाभ उठाकर भारतीय शीर्ष क्रम को शुरुआती झटके देने की कोशिश करेगा। घरेलू मैदान पर इंग्लैंड का रिकॉर्ड भी उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त प्रदान करता है।

    यह सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत जहां पिछली हार की निराशा को पीछे छोड़ जीत की राह पर लौटना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपने दबदबे को कायम रखने की कोशिश करेगा। ऐसे में पहले मुकाबले का परिणाम पूरी सीरीज की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर भी रहेंगी कि भारतीय टीम दबाव से उबरकर किस तरह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नई शुरुआत को सफल बनाती है।

  • इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। आगामी 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप का महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। इस भव्य वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया की 12 सर्वश्रेष्ठ टीमें प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। कुल 24 दिनों तक चलने वाले इस व्यापक टूर्नामेंट का समापन 5 जुलाई को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले खिताबी मुकाबले के साथ होगा।

    टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-1 में भारतीय टीम को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर जगह बनाने वाली नीदरलैंड की टीम के साथ रखा गया है। वहीं ग्रुप-2 में मेजबान इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 12 जून को एजबेस्टन के मैदान पर मेजबान इंग्लैंड और एशियाई चैंपियन श्रीलंका के बीच खेला जाएगा, जो इस टूर्नामेंट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विशेष रूप से 14 जून की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों देशों के बीच होने वाला यह मुकाबला हमेशा की तरह भारी दबाव, रोमांच और खेल भावना से भरपूर होने की उम्मीद है। भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि ग्रुप चरण में उन्हें न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण अफ्रीका और महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। भारत अपने ग्रुप चरण के मुकाबले एजबेस्टन, हेडिंग्ले, ओल्ड ट्रैफर्ड और लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर खेलेगा।

    इस विश्व कप की कुछ प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 कड़े मुकाबले खेले जाएंगे। दर्शकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए आईसीसी ने इस बार के कार्यक्रम में पांच ट्रिपल हेडर (एक दिन में तीन मैच) और पांच डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) को शामिल किया है। नीदरलैंड की महिला टीम के लिए यह आयोजन बेहद खास है क्योंकि वह अपने इतिहास में पहली बार महिला टी20 विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रही है। भारतीय समयानुसार ग्रुप चरण के मुकाबले दोपहर 3:00 बजे, शाम 7:00 बजे और रात 11:00 बजे से प्रसारित किए जाएंगे।

    ग्रुप चरण के कड़े मुकाबलों के बाद शीर्ष पर रहने वाली टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 30 जून को द ओवल के मैदान पर भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल मैच इसी मैदान पर 2 जुलाई को रात 11:00 बजे आयोजित होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार अपनी तैयारियों को पुख्ता कर पहली बार टी20 विश्व कप के खिताब को चूमने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, जिससे इस बार का विश्व कप इतिहास का सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट बनने जा रहा है।

  • हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई

    हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई


    हैदराबाद।
    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालिफायर्स के फाइनल में भारत की महिला हॉकी टीम को इंग्लैंड के हाथों 0-2 की हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप, बेल्जियम और नीदरलैंड्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया।

    जीएमसी बालयोगी हॉकी ग्राउंड में खेले गए मैच में इंग्लैंड की ग्रेस बाल्सडॉन (13’) और एलिजाबेथ नील (43’) ने गोल किए, जबकि भारतीय टीम कोई गोल नहीं कर सकी।

    भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक रूप से की। नवीत कौर की मदद से पहले दो मिनट में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका ड्रैग फ्लिक इंग्लैंड की गोलकीपर ने रोका। पहले क्वार्टर के अंत में इंग्लैंड ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए ग्रेस बाल्सडॉन ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई।

    दूसरे क्वार्टर में खेल समान रूप से संतुलित रहा। भारत ने पहले हाफ में आठ बार सर्कल में प्रवेश किया और इंग्लैंड की रक्षा को चुनौती दी, लेकिन गोलकीपर पर दबाव डालने में सफल नहीं रही। इंग्लैंड ने अपनी एक गोल की बढ़त को पहले हाफ के अंत तक बनाए रखा।

    तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने खेल की गति को नियंत्रित किया और गेंद पर कब्जा बनाए रखा। इस दौरान भारत को कुछ मौके मिले, लेकिन वे गोल में बदल नहीं सके। एलिजाबेथ नील का गोल भारतीय डिफेंडर से टकराने के बाद गोलपोस्ट में गया, जिससे इंग्लैंड की बढ़त 2-0 हो गई।

    चौथे क्वार्टर में भारत लगातार गोल की तलाश में आगे बढ़ता रहा और अंतिम क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। लेकिन टीम गोल नहीं कर पाई और इंग्लैंड ने 2-0 की जीत दर्ज की।

    हालांकि इस हार के बावजूद भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर सभी भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए उत्साहजनक संदेश दिया। कोच और खिलाड़ियों ने मैच के दौरान अनुशासन और टीम वर्क का शानदार प्रदर्शन किया।

  • इंग्लैंड के खिलाफ आज प्लेइंग XI में बदलाव कर सकती है टीम इंडिया… अभिषेक और रिंकू पर नजरें

    इंग्लैंड के खिलाफ आज प्लेइंग XI में बदलाव कर सकती है टीम इंडिया… अभिषेक और रिंकू पर नजरें


    मुम्बई।
    इंडिया वर्सेस इंग्लैंड (India vs England) टी20 वर्ल्ड कप 2026 ( T20 World Cup 2026) का दूसरा सेमीफाइनल (Semi Finals 2) आज यानी गुरुवार, 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। India vs England सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -सूर्यकुमार यादव और हैरी ब्रूक- आधा घंटा पहले यानी साढ़े 6 बजे मैदान पर उतरेंगे। टी20 वर्ल्ड कप में यह लगातार तीसरा मौका है जब भारत और इंग्लैंड की टीमें सेमीफाइनल में भिड़ रही है।

    लाख टके का सवाल यह है कि क्या भारतीय टीम आज को इंग्लैंड के ख‍िलाफ अपनी प्लेइंग 11 में बदलाव करेगी. क्योंकि टीम इंड‍िया के लिए अभी च‍िंता का व‍िषय प्लेइंग 11 में टॉप ऑर्डर है. वो तो भला हो वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ सुपर-8 मुकाबले में संजू सैमसन की 97 रनों की पारी आ गई. क्योंकि उस मुकाबले में अभ‍िषेक शर्मा (10 रन, 11 गेंद) पर आउट हो गए थे. इस तरह भारत को को पहला झटका 29 रन पर लगा था. इसके बाद ईशान किशन भी टीम के 42 रन के स्कोर पर 10 रन बनाकर चलते बने.

    ध्यान रहे संजू की टी0 वर्ल्ड कप में री-एंट्री ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ हुए सुपर-8 मुकाबले में हुई (उससे पहले वो नामीब‍िया के ख‍िलाफ एकमात्र मैच अभ‍िषेक के बीमार होने की वजह से द‍िल्ली में खेले ), उसके बाद ईशान किशन के बैट‍िंग ऑर्डर में ड‍िमोशन हुआ, लेकिन अभ‍िषेक शर्मा ओपन‍िंग पोजीशन में ही रहे.

    अब सवाल है क्या अब जब मौका इंग्लैंड के ख‍िलाफ सेमीफाइनल का है तो क्या भारतीय टीम बदलेगी? क्योंकि भारतीय टीम अपनी प्लेइंग 11 में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करती है. क्योंकि इस समय कोई भी बदलाव अगर सही साब‍ित नहीं हुआ तो टीम के साथ पूरा मैनेजमेंट सवालों के घेरे में होगा.

    भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल से पहले पूर्व भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री ने प्लेइंग इलेवन को लेकर अहम राय दी है. शास्त्री का मानना है कि टीम प्रबंधन को मौजूदा फॉर्म को ध्यान में रखते हुए एक बदलाव पर विचार करना चाहिए.

    शास्त्री ने कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट को लगता है कि अभिषेक शर्मा मानसिक रूप से सहज नहीं हैं और लगातार कम स्कोर का असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ा है, तो इस पर गंभीरता से फैसला लेना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि यह आकलन नेट्स में उनकी बल्लेबाजी, बॉडी लैंग्वेज और बातचीत के आधार पर किया जाना चाहिए.अभिषेक शर्मा ने टूर्नामेंट में अब तक 6 पारियों में सिर्फ 80 रन बनाए हैं. उनका औसत 13.13 और स्ट्राइक रेट 131.15 रहा है. ऐसे में नॉकआउट मुकाबले से पहले उनकी फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है.


    ईशान को ओपनिंग, रिंकू को फिनिशर की भूमिका?

    शास्त्री ने सुझाव दिया कि यदि बदलाव किया जाता है तो ईशान किशन को संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत करनी चाहिए. इसके साथ ही रिंकू सिंह को प्लेइंग इलेवन में वापस लाकर निचले क्रम में शामिल किया जा सकता है. ईशान किशन ने इस टूर्नामेंट में 7 पारियों में 224 रन बनाए हैं. उनका औसत 32 और स्ट्राइक रेट 185.13 का है. खास बात यह है कि उनके दोनों अर्धशतक ओपनिंग करते हुए आए हैं. हालांकि, संजू सैमसन की वापसी कबाद ईशान को नंबर-3 पर बल्लेबाजी करनी पड़ी.


    जब वानखेड़े में अभ‍िषेक ने बनाए 54 गेंदों में 135 रन

    अभिषेक शर्मा का इंग्लैंड के खिलाफ पिछला रिकॉर्ड शानदार रहा है. पिछले साल वानखेड़े में खेले गए पांचवें टी20 में उन्होंने 54 गेंदों पर 135 रन की विस्फोटक पारी खेली थी. इस पारी की याद दिलाए जाने पर शास्त्री ने साफ किया कि उनका सुझाव सिर्फ मौजूदा फॉर्म और टीम की बैटिंग में विस्फोटक विकल्प को ध्यान में रखकर है.हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह पूरी तरह अभिषेक को बाहर करने के पक्ष में नहीं हैं. उनके मुताबिक, भारतीय बल्लेबाजी क्रम में पर्याप्त फायरपावर है और ऐसे में टीम चाहें तो अभिषेक पर भरोसा कायम रख सकती है.


    सेमीफाइनल से पहले बड़ा फैसला?

    अब नजर टीम मैनेजमेंट पर होगी कि वह अनुभव और पिछला रिकॉर्ड देखती है या मौजूदा फॉर्म के आधार पर साहसिक फैसला लेती है. मुंबई के वानखेड़े में होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए फाइनल का टिकट तय करेगा, ऐसे में प्लेइंग इलेवन का चयन बेहद अहम साबित हो सकता है.

    भारत की संभावित प्लेइंग XI बनाम इंग्लैंड: ईशान किशन, संजू सैमसन, त‍िलक वर्मा , सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह/ अभ‍िषेक शर्मा, श‍िवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह