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  • एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म

    एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म


    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है, वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लू, तेज गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 46 जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव पिछले 10 दिनों से प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। दोनों शहरों में गुरुवार के लिए भी तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD भोपाल के मुताबिक, 18 मई से लगातार इन शहरों का तापमान सबसे अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस दौरान तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बुधवार को खजुराहो और नौगांव में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले तीन दिन बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग ने 29 से 31 मई तक कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

    कई शहरों में 44 डिग्री से ऊपर पहुंचा पारा
    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी रही। दतिया 45.7 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा रीवा में 45.4 डिग्री, दमोह में 45.2 डिग्री, राजगढ़ और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तथा सतना में 44.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मंडला, नरसिंहपुर और श्योपुर में 44.6 डिग्री, सागर और रायसेन में 44.4 डिग्री, मलाजखंड में 44.2 डिग्री तथा गुना में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 43.6 डिग्री, जबलपुर में 43 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    कुछ जिलों में राहत के आसार
    मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में लू से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में शाम के समय आंधी और बारिश की संभावना है।

    जिलों के लिए जारी अलर्ट
    रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
    ऑरेंज अलर्ट: सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली।
    यलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 30 और 31 मई को कई इलाकों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल सकती है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी। झांसी में मंगलवार की सुबह से ही तेज गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह 10 बजे तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे शहर में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलते समय मुंह और सिर को कपड़े से ढककर बाहर निकलने को मजबूर हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार दोपहर तक हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं और तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसी वजह से जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के मध्य समय में हीटवेव का असर सबसे ज्यादा रहेगा, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    गर्मी के कारण सुबह से ही शहर की सड़कों पर आवाजाही कम देखी गई। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर चलते नजर आए। बाजारों और चौराहों पर दोपहर से पहले ही सन्नाटा जैसा माहौल बन गया, जिससे गर्मी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत धूप में न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है, क्योंकि इस मौसम में वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

    प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और लू से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि गर्मी के इस प्रकोप में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का कहर, 45 जिले हीटवेव की गिरफ्त में, 28 मई से प्री-मानसून के आसार

    एमपी में भीषण गर्मी का कहर, 45 जिले हीटवेव की गिरफ्त में, 28 मई से प्री-मानसून के आसार

     
    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत तेज गर्मी के साथ आंधी और बारिश से हुई है। पहले ही दिन भोपाल, उमरिया, दमोह समेत 15 से अधिक जिलों में उमस भरी गर्मी और हल्की बारिश का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत हैं। इस दौरान उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के 14 जिलों में बारिश हो सकती है।

    मंगलवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे अधिक गर्म रहे, जहां तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के कुल 45 जिले हीटवेव की चपेट में हैं। वहीं इंदौर और नर्मदापुरम में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 28 मई को ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के 14 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे पहले 25 मई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई थी। पश्चिमी क्षेत्र से गुजर रहे ट्रफ के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है।

    भोपाल में बीते 14 वर्षों में नौतपा के दौरान सात बार बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी शुरुआत में ही हल्की बारिश दर्ज हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में नौतपा के दौरान सबसे अधिक गर्मी पड़ी थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    सोमवार को नौतपा के पहले दिन प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी का असर रहा। खजुराहो में तापमान रिकॉर्ड 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। नौगांव में 46.8 डिग्री, दतिया में 45.6 डिग्री, मंडला में 45.5 डिग्री और टीकमगढ़ में 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार 31 मई तक प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि 28 मई को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

  • नौतपा का कहर: सतना में पारा 44 डिग्री के पार, भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, रिकॉर्ड टूटने की आशंका

    नौतपा का कहर: सतना में पारा 44 डिग्री के पार, भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, रिकॉर्ड टूटने की आशंका


    मध्य प्रदेश । सतना में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। 25 मई से 2 जून तक चलने वाले नौतपा के दौरान जिले में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और पिछले सात दिनों से अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

    तेज धूप और गर्म हवाओं का असर इतना तीखा है कि सुबह 9 बजे के बाद ही लू चलने लगती है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी की इस मार का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जो छांव और पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं रात का तापमान भी 2 डिग्री बढ़कर 30.2 डिग्री सेल्सियस हो गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।

    लगातार बढ़ते तापमान के कारण सतना में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है। यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो 2024 में दर्ज 47.1 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक तापमान का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

    मौसम विभाग ने जिले में अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि 25 और 26 मई को रेड अलर्ट रहेगा, जबकि 27 और 28 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान भीषण गर्मी और लू चलने की पूरी संभावना जताई गई है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

    नौतपा के इस प्रचंड असर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गर्मियों का यह समय कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिसमें सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • तपती धूप का असर: कटनी में सड़कों पर सन्नाटा, लू का अलर्ट जारी

    तपती धूप का असर: कटनी में सड़कों पर सन्नाटा, लू का अलर्ट जारी


    कटनी । कटनी जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत कटनी में भी तापमान ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है।

    रविवार को सुबह से ही सूर्य की तपिश बेहद तेज रही और दोपहर होते-होते हालात और गंभीर हो गए। 12 बजे से 1:30 बजे के बीच ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जबकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शाम तक यह 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से यह एक माना जा रहा है।

    भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू के कारण शहर की रफ्तार थम सी गई है। आमतौर पर रविवार को जहां बाजारों और मुख्य सड़कों पर चहल-पहल रहती है, वहीं इस बार दृश्य पूरी तरह बदल गया। दोपहर होते ही प्रमुख चौराहे, बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लोग घरों में दुबके रहे और सड़कें अघोषित कर्फ्यू जैसी दिखाई दीं।

    गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, छाछ और नींबू पानी का सेवन किया जाए। हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलने पर सूती और ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को ढकने की हिदायत दी गई है।

    डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। लू लगने के लक्षण जैसे सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या तेज बुखार होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है। फिलहाल कटनी में गर्मी का यह प्रचंड रूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें

    आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें


    मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मात्र तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे तक यह बढ़कर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिन चढ़ने के साथ गर्मी और भी अधिक तीव्र रूप ले रही है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रातों में भी राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

    हवाओं में नमी की कमी के कारण गर्मी और अधिक तीखी महसूस की जा रही है। लोगों को अधिक प्यास लग रही है और पानी की खपत में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शाम के समय आंधी चलने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और पारा और भी बढ़ सकता है।

    भीषण गर्मी का असर न केवल इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी डाइट में पानी से भरपूर फल और सब्जियां बढ़ाई गई हैं, साथ ही बाड़ों में पर्याप्त पानी और ठंडक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर में गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

  • लू और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा

    लू और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिले में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। शनिवार को जिले का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। तेज धूप और झुलसा देने वाली लू के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें और बाजार सुनसान नजर आए। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं का असर इतना ज्यादा है कि दोपहर में बाजारों में भी सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल दिखाई नहीं दे रही। दुकानदारों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है।

    दिनभर चलने वाली लू के बाद रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रात के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे घरों में कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। कई इलाकों में लोग रातभर गर्मी और उमस के कारण सो नहीं पा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

    भीषण गर्मी का असर सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दे रहा है। बस स्टैंड, बाजार, चौराहे और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके दोपहर के समय लगभग खाली नजर आ रहे हैं। लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहे हैं। कई लोग अपने साथ पानी की बोतल और ग्लूकोज रखकर चल रहे हैं ताकि लू से बचाव किया जा सके।

    मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में फिलहाल गिरावट की संभावना कम है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

    लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुबह और शाम के समय ही लोग बाजारों में खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। दोपहर के समय शहर मानो थम सा जाता है। गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

  • गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड: ग्वालियर में रात और दिन दोनों में तापमान ने बढ़ाई मुश्किलें

    गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड: ग्वालियर में रात और दिन दोनों में तापमान ने बढ़ाई मुश्किलें


    ग्वालियर । ग्वालियर में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और बुधवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी। आमतौर पर रात के समय तापमान में गिरावट होती है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट नजर आए।

    गुरुवार की सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। सुबह 8:30 बजे ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। मौसम विभाग ने जिले में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    इससे पहले बुधवार का दिन भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के नाम रहा। शहर का अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सुबह 9 बजे तक ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे दिनभर हालात बेहद गर्म बने रहे।

    गर्मी का असर शहर की दिनचर्या पर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग बाहर निकले, जबकि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ काफी कम रही।

    मौसम विभाग के अनुसार रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहा। रात 8 बजे तक तापमान लगभग 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जिससे यह साफ हो गया कि गर्मी का असर दिन और रात दोनों समय जारी है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को देखते हुए दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से अधिक पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप से बचाव करने की अपील की गई है, ताकि लू से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।

    प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है।

    इस बीच प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। कुछ स्थानों पर तो हालात और भी गंभीर हैं, जहां पारा 47 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। ऐसे में मध्यप्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में पूरी तरह से तप रहा है।

    कुल मिलाकर ग्वालियर समेत पूरा क्षेत्र इन दिनों भीषण लू और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहा है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

  • MP में भीषण गर्मी का कहर, नौगांव में पारा 47 डिग्री पहुंचा, 4 दिन लू का अलर्ट

    MP में भीषण गर्मी का कहर, नौगांव में पारा 47 डिग्री पहुंचा, 4 दिन लू का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश में सूरज आग बरसा रहा है और दिन के साथ रातें भी तपने लगी हैं। मंगलवार को छतरपुर जिले के नौगांव में सीजन का सबसे अधिक 47 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो में पारा 46.4 डिग्री तक पहुंच गया। इस सीजन में पहली बार तापमान 47 डिग्री के आंकड़े तक पहुंचा है।

    मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश में अगले चार दिनों तक हीटवेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को राज्य के 22 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। नौगांव और खजुराहो के बाद दतिया तीसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा राजगढ़ में 45.6 डिग्री, दमोह में 45.5 डिग्री, शाजापुर, टीकमगढ़, गुना और सागर में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री तथा मुरैना, शहडोल, रायसेन, रीवा और श्योपुर में 45 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। मंडला में 44.6 डिग्री, उमरिया में 44.5 डिग्री, खरगोन में 44.4 डिग्री, रतलाम में 44.2 डिग्री और खंडवा में 44.1 डिग्री तापमान रहा।

    प्रदेश के बड़े शहरों में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़े। ग्वालियर में इस सीजन में पहली बार तापमान 45 डिग्री पहुंचा। भोपाल में 44.2 डिग्री, इंदौर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 43.8 डिग्री और जबलपुर में 44.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में यह सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। एयरपोर्ट ऑब्जर्वेटरी में तापमान 44.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जबकि अरेरा हिल्स स्थित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। नए भोपाल में सीजन की पहली लू भी चली और रात का तापमान पहली बार 30 डिग्री दर्ज हुआ।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में तीखी गर्मी बनी रहेगी। पूरे राज्य में लू का असर देखने को मिलेगा। मंगलवार को सतना और टीकमगढ़ में तेज गर्मी के बीच दो लोगों की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि दोनों की मौत हीट स्ट्रोक यानी लू लगने से हुई।

    बुधवार के लिए मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, रायसेन और रतलाम जिलों में तेज लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, शहडोल और मैहर में लू चलने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा राजगढ़, रायसेन, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट और छिंदवाड़ा में वॉर्म नाइट की चेतावनी जारी की गई है, यानी रात का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। बैतूल, पांढुर्णा, सिवनी और अनूपपुर में भी गर्मी का असर बना रहेगा।

    मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच गर्मी और लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

  • लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित

    लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित


    मध्य प्रदेश। शाजापुर जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान लगभग 45 डिग्री दर्ज किया गया, जिसके बाद से पूरे जिले में भीषण तपिश और लू जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

    मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, इस समय रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता मात्र 15 प्रतिशत के आसपास है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं गर्मी के असर को और बढ़ा रही हैं, जिससे लू का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा रहा है।

    दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो जाते हैं कि शहर के बाजार और मुख्य चौराहों पर सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर 1 बजे के बाद सड़कें लगभग खाली हो जाती हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो गर्म हवाओं और जलते सूरज से बचने के लिए चेहरे को रुमाल, गमछा, हेलमेट और चश्मे से ढककर निकल रहे हैं।

    गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि मोबाइल फोन अत्यधिक गर्म होकर धीमे काम कर रहे हैं या बार-बार बंद हो जा रहे हैं। कुछ मामलों में स्मार्टफोन की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा रहा है।

    मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, फिलहाल कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रहेगा, हालांकि 20 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट संभव है। लेकिन नौतपा के दौरान एक बार फिर तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं प्री-मानसून गतिविधियां 1 जून के आसपास शुरू होने और 16 जून तक मानसून के शाजापुर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    फिलहाल, तेज गर्मी और लू ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और प्रशासन ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।