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  • गर्मी से फसलों पर संकट: किसानों ने पपीता बचाने के लिए लगाए क्रॉप कवर

    गर्मी से फसलों पर संकट: किसानों ने पपीता बचाने के लिए लगाए क्रॉप कवर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि दोपहर के समय लगभग 25 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

    भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर पपीता की खेती पर देखने को मिल रहा है। खेतों का तापमान तेजी से बढ़ने के कारण छोटे पौधों के झुलसने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में किसान अपनी फसल को बचाने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं। कई किसान खेतों में क्रॉप कवर लगा रहे हैं, जबकि कुछ किसान पुराने कपड़े, जालियां और साड़ियों का इस्तेमाल कर पौधों को तेज धूप और लू से बचा रहे हैं।

    विशेषज्ञ किसान विजय यादव के अनुसार, नर्सरी और खुले खेत के तापमान में करीब 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा जा रहा है। यही कारण है कि शुरुआती अवस्था में पौधों को अतिरिक्त सुरक्षा देना जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि जब तक तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर नहीं हो जाता, तब तक क्रॉप कवर हटाना जोखिम भरा हो सकता है।

    उद्यानिकी विभाग के अनुसार जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पपीता की खेती की गई है। उद्यानिकी उपसंचालक केके गिरवाल ने किसानों को सलाह दी है कि तेज धूप से बचाने के लिए पौधों के चारों ओर घेरा बनाएं और नियमित सिंचाई करते रहें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।

    गर्मी का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह 11 बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा छाने लगता है और लोग शाम तक घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान और गुजरात की ओर से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं के कारण हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। अनुमान है कि 20 मई तक इसी तरह भीषण गर्मी और लू का असर जारी रह सकता है।

  • गर्मी का प्रचंड वार: शाजापुर में तापमान 45 डिग्री के करीब, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

    गर्मी का प्रचंड वार: शाजापुर में तापमान 45 डिग्री के करीब, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को हालात और गंभीर हो गए, जब सुबह से ही तेज धूप के साथ लू चलने लगी।

    दोपहर होते-होते शहर के प्रमुख बाजार नई सड़क और चौक बाजार जहां आमतौर पर भीड़ रहती है, वहां पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में दुबके रहे, जिससे सड़कों पर आवाजाही बेहद कम हो गई।

    तेज गर्मी से राहत पाने के लिए कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर हरी नेट और अस्थायी शेड लगाए हैं, ताकि थोड़ी ठंडक बनी रहे। वहीं, तेज लू के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है, जो धूप में सफर करने को मजबूर हैं। लोग अब हेलमेट के साथ-साथ टोपी, गमछा और चश्मे का सहारा ले रहे हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। साथ ही पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है, ताकि लू से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।

    ,शुक्रवार को जिले में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज होने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगले दो दिनों तक राहत की कोई संभावना नहीं है और तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    भीषण गर्मी के चलते प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।

  • मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर

    मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अब मानसून पूर्व की हल्की बारिश और बादलों का दौर लगभग खत्म हो चुका है और सूरज ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे गर्मी का असर तेज महसूस किया जा रहा है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में पारा 40 के पार
    सोमवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2°C दर्ज किया गया। वहीं धार, नर्मदापुरम और खरगोन में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। जबलपुर में 39.2°C, उज्जैन में 39°C और भोपाल-इंदौर में 38.8°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे दिनभर तेज गर्मी का असर रहा।

    16 और 17 अप्रैल को लू का अलर्ट
    मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चल सकती है। इनमें रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जाएगा।

    15 अप्रैल से कमजोर सिस्टम, राहत की उम्मीद कम
    हालांकि 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन यह काफी कमजोर बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इससे गर्मी में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे अधिक गर्म माना जाता है, जिसमें कई बार तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान का ट्रेंड
    पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भोपाल और इंदौर में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि जबलपुर में 44°C और ग्वालियर में 45°C तक पारा दर्ज हो चुका है। ग्वालियर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर माना जाता है, जहां कई बार 45 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज हुआ है।

    पुराने रिकॉर्ड बताते हैं भीषण गर्मी का इतिहास
    भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4°C तापमान दर्ज किया गया था। इंदौर में 25 अप्रैल 1958 को 44.6°C और जबलपुर में 28 अप्रैल 1970 को 45.4°C तापमान दर्ज हो चुका है। वहीं ग्वालियर में 1958 में 46.2°C तक तापमान पहुंच चुका है, जो अब तक के सबसे उच्च रिकॉर्ड में शामिल है।

    बारिश के बावजूद गर्मी का असर
    इस बार अप्रैल की शुरुआत में कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली थी, लेकिन इसके बावजूद गर्मी का असर अब तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्मी का संकेत है।

    सावधानी जरूरी, हीटवेव से बचाव की सलाह
    मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।