Tag: Family dispute

  • अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या

    अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार पर अपने ही 35 वर्षीय बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के शमपुर गांव, अमरोहा का है, जहां सूखी गंगनहर में युवक दुष्यंत का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्यंत लंबे समय से नशे का आदी था और आए दिन घर में विवाद और मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर कथित तौर पर उसके परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि इस साजिश में छोटे भाई संकित ने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, हत्या के लिए लगभग 5 लाख रुपये की सुपारी देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि दुष्यंत को ईंट से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर उसके शव को गंगनहर में फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घटना के अगले दिन शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक के सिर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि और मजबूत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की और जब परिवार से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा।

    एसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी चोरी और मारपीट जैसे मामलों में जेल जा चुका था। पूछताछ के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने अपराध में संलिप्तता की बात स्वीकार की है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कुल मिलाकर यह मामला नशे, पारिवारिक तनाव और अपराध की ऐसी दर्दनाक कहानी बन गया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

  • काम का बोझ या आपसी झगड़ा? आमला में देर रात घर लौटने को लेकर विवाद के बाद महिला का सुसाइड, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

    काम का बोझ या आपसी झगड़ा? आमला में देर रात घर लौटने को लेकर विवाद के बाद महिला का सुसाइड, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार


    नई दिल्ली । बैतूल जिले के आमला से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गृहक्लेश और तंगहाली ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। वार्ड नंबर-1 में रहने वाली 30 वर्षीय महिला नीलू नागले ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ (सल्फास) खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    विवाद और तंगहाली: दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया
    घटना की जानकारी मिलते ही आमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहाँ मृतका के सिरहाने से सल्फास की खाली डिब्बी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी को मुख्य कारण माना जा रहा है।

    देर रात घर लौटने पर होता था झगड़ा
    थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर के अनुसार, नीलू बर्तन मांजने का काम करती थी। काम की अधिकता के कारण उसे अक्सर घर लौटने में देर हो जाती थी। इसी बात को लेकर पति विजय नागले, जो कि एक होटल में काम करता है, के साथ उसका अक्सर विवाद होता था। अंतिम मुलाकात: शनिवार रात करीब 12:30 बजे नीलू अपने पति के पास से बच्चों को लेने गई थी।

    संदिग्ध स्थिति: उसके कुछ ही समय बाद नीलू की तबीयत बिगड़ी और जहर के असर के कारण उसकी मौत हो गई। आर्थिक दबाव: पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर परिवार चला रहे थे, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते घर में मानसिक तनाव बना रहता था।

    पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है और मामले के हर पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या की असल वजह स्पष्ट हो सके।

  • केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..

    केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..


    नई दिल्ली।
    केरल के कन्नूर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां एक 30 वर्षीय युवक ने अपनी ही मां की चाकू मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद पुलिस के सामने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना पेरावूर के पास कनिचर इलाके में शुक्रवार रात को हुई, जिसके बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और सदमा है।

    मृतका की पहचान 53 वर्षीय गीताम्मा के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ कनिचर में रहती थीं। आरोपी बेटा क्रिस्टी घटना के बाद सीधे मोटरसाइकिल से पुलिस स्टेशन पहुंचा और वहां जाकर अपने अपराध की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह वारदात घर के अंदर उस समय हुई जब परिवार का अन्य कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपी ने अपने घर के बेडरूम में अपनी मां पर चाकू से हमला किया, जिससे उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी और उनकी मौके पर ही हालत बिगड़ गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने यह कदम कुछ लोगों द्वारा अपनी मां के बारे में कथित अपमानजनक बातें सुनने के बाद उठाया। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद आरोपी ने एक दोस्त को फोन किया और फिर बिना भागे सीधे पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, क्रिस्टी ने बेंगलुरु के एक कॉलेज में पढ़ाई की थी, लेकिन वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका और बाद में घर लौट आया था। उसकी मां गीताम्मा इलाके में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं।

    परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आरोपी नशे का आदी था, हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने लाई जा सके।

    इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग इसे पारिवारिक तनाव और मानसिक असंतुलन से जुड़ा मामला मान रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

  • Krushna Abhishek से दूरी पर खुलकर बोलीं Sunita Ahuja, Kashmera Shah से भी की मुलाकात

    Krushna Abhishek से दूरी पर खुलकर बोलीं Sunita Ahuja, Kashmera Shah से भी की मुलाकात


    नई दिल्ली। गोविंदा (Govinda) की पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) और गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक (Krushna Abhishek) के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। कई सालों से दोनों परिवार में खटास बनी हुई थी। लेकिन अब उनकी दूरियां मिट गई है। सुनीता ने हाल ही में कृष्णा और कश्मीरा के साथ मीडिया के सामने पोज दिए और साथ में हंसी-मजाक करती भी नजर आईं। तीनों का एक वीडियो सामने आया, जिसमें तीनों को एक साथ देखा जा रहा है।

    मामी सुनीता आहूजा ने कहा खत्म हुआ वनवास
    सामने आ रहे हैं वीडियो में सुनीता आहूजा काफी कुछ कहती हुईं नजर आ रही हैं। दरअसल, सुनीता हाल ही में ‘लाफ्टर शेफ 3’ (The Laughter Chefs 3) के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट पहुंचीं। इस शो में कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह भी बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रहे हैं। शो के दौरान सुनीता, अपने भांजे-बहू से भी मिलीं। जैसे ही सुनीता, कश्मीरा से मिलीं उन्हें गले लगा लिया, जिससे पता चलता है कि सुनीता और उनके भांजे कृष्णा के बीच के शिकवे-गिले अब दूर हो चुके हैं। वीडियो में सुनीता को कृष्णा और कश्मीरा के साथ हंसी-मजाक करते भी देखा जा सकता है। वह हंसते हुए कहती हैं- ’14 साल के बाद आज वनवास खत्म हुआ है।’ इस पर कश्मीरा मजाकिया अंदाज में कहती हैं- ‘किसी और का शुरू होगा।

    10 साल से चल रही है रिश्तो में कड़वाहट
    बता दें, करीब 10 साल से गोविंदा और उनके परिवार की कृष्णा और कश्मीरा से बातचीत बंद थी। ये विवाद पब्लिक से भी छुपा नहीं रह सका था। कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा ने कई बार मीडिया के सामने इस बात का खुलासा किया है। सुनीता आहूजा ने भी कई बार मीडिया के सामने काफी कुछ कहा है।

    इस कारण हुआ था विवाद
    रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत कश्मीरा शाह के एक ट्वीट से हुई थी, जिसमें उन्होंने ‘पैसे के लिए नाचने वाले’ लोगों का जिक्र किया था। कश्मीरा के इस ट्वीट को सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर तंज माना और धीरे-धीरे दोनों परिवारों में विवाद बढ़ता चला गया और बात यहां तक पहुंच गई कि सुनीता ने पब्लिक के सामने ये तक कह दिया था कि वह कृष्णा अभिषेक का चेहरा तक नहीं देखना चाहतीं। आपको बता दे की गोविंद पहले ही कपिल शर्मा शो में आ चुके हैं गोविंदा और अभिषेक के भी सब कुछ ठीक है।लेकिन, अब गोविंदा के बाद सुनीता ने भी कृष्णा को गले लगाकर सारी दूरियां मिटा दीं हैं।

    आरती सिंह क आया रिएक्शन
    इस रीयूनियन पर गोविंदा की भाजी आरती सिंह का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है आपको बता दें की इंस्टा बॉलीवुड से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि, मैं काफी इमोशनल हो गई मैंने वीडियो कॉल पर उनसे बात की यह बहुत अच्छी बात है कि सब लोग मिल गए हैं।

  • शादी की खुशियां मातम में बदलीं: भाइयों के बीच 'गन्ने के पैसों' का विवाद बना बहन का काल, जहर खाकर दी जान

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं: भाइयों के बीच 'गन्ने के पैसों' का विवाद बना बहन का काल, जहर खाकर दी जान


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जहाँ एक ओर परिवार में बेटी के हाथ पीले करने की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थीं और घर में मंगल गीतों की गूंज होनी थी वहीं अब वहाँ चीख-पुकार और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। आमला थाना क्षेत्र के खरपड़ा खेड़ी गांव में एक युवती ने पारिवारिक कलह से तंग आकर मौत का रास्ता चुन लिया जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय बबली बघेल की शादी आगामी 28 अप्रैल को तय हुई थी। घर में शादी का कार्ड बंटने से लेकर मेहमानों के स्वागत तक की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। खुशियों के इस माहौल के बीच घर की आर्थिक स्थिति और शादी के खर्चों को लेकर उपजा विवाद अंततः एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। पुलिस सूत्रों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विवाद की जड़ में गन्ने की फसल की बिक्री से मिली राशि थी।

    बताया जा रहा है कि युवती के बड़े भाई ने हाल ही में गन्ने की फसल बेची थी जिसका पैसा घर आया था। नियत योजना के अनुसार इसी राशि से बबली की शादी की खरीदारी और अन्य इंतज़ाम किए जाने थे। इसी बीच छोटे भाई ने शादी के खर्चों के नाम पर बड़े भाई से पैसों की मांग शुरू कर दी जिसे लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हो गई। धीरे-धीरे यह मामूली बहस एक उग्र विवाद में तब्दील हो गई और घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    बबली जो अपनी आँखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाए बैठी थी अपने भाइयों को आपस में लड़ते देख गहरे मानसिक आघात में चली गई। उसने बीच-बचाव करने और दोनों को समझाने की पुरजोर कोशिश की कि उसकी शादी की खुशियों में इस तरह का झगड़ा शोभा नहीं देता लेकिन भाइयों के बीच अहं और पैसों की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही थी। भाइयों की जिद और घर के बिगड़ते हालात से आहत होकर बबली ने गुरुवार को आत्मघाती कदम उठाते हुए घर में रखा जहर खा लिया।

    जब तक परिजनों को इस बात की भनक लगी और उसे उपचार के लिए ले जाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। बबली की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। जिस आंगन में मंडप सजने वाला था वहाँ अब उसकी अर्थी को कंधा देने की तैयारी हो रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपसी कलह और आवेश में लिए गए फैसले न केवल रिश्तों को खत्म करते हैं बल्कि मासूमों की जान के दुश्मन भी बन जाते हैं।

  • दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान

    दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान


    नई दिल्ली । दिनेशपुर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित दिनेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ७० वर्षीय बुजुर्ग महिला, संध्या शाह की उनकी अपनी ही बहू और उसके मायके वालों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। संपत्ति के लालच और घरेलू क्लेश के चलते हुई इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बहू समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

    बच्ची की बीमारी बनी बहाना, जमीन पर था निशाना

    वारदात की जड़ें पिछले कई सालों से चल रहे पारिवारिक विवाद में दबी हुई थीं। घटना की रात मंगलवार को जब प्रसन्नजीत शाह की छोटी बेटी को बुखार आया, तो उसने अपनी पत्नी सुरभि पर बच्ची की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह छोटी सी बहस जल्द ही उग्र हो गई। दरअसल, असली विवाद प्रसन्नजीत द्वारा खरीदे गए एक प्लॉट और पैतृक संपत्ति के पैसों को लेकर था। पत्नी सुरभि चाहती थी कि संपत्ति उसके नाम पर हो, और इसी बात को लेकर घर में पिछले तीन-चार वर्षों से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी।
    कमरे में कैद कर दी दर्दनाक मौत
    बहस के दौरान सुरभि ने अपने मायके वालों को फोन कर मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सुरभि की माँ सुजाता, बहन दिशा और भाई अमन अपने अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुँचे और तांडव शुरू कर दिया। हमलावरों ने प्रसन्नजीत के साथ मारपीट की और ७० वर्षीय बुजुर्ग संध्या शाह को एक कमरे में बंद कर दिया। बंद कमरे के भीतर बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा गया। जब तक पड़ोसियों ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया और पुलिस को सूचना दी, तब तक संध्या शाह मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुकी थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    सख्त कार्रवाई की मांग और पुलिसिया जांच
    घटना के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी अजय गणपति और एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। मृतका की बेटी रानी ने पुलिस के सामने बिलखते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने प्रसन्नजीत की तहरीर पर बहू सुरभि, सास सुजाता, साली दिशा और साले अमन समेत कुल छह लोगों पर हत्या धारा ३०२ का मामला दर्ज किया है। फिलहाल कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे वार्ड में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीस्थानवार्ड चार, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मृतकसंध्या शाह उम्र 70 वर्ष मुख्य आरोपीबहू सुरभि शाह और उसके मायके वाले कुल 6 नामजद विवाद की वजहसंपत्ति का लालच और बच्ची की बीमारी पर कहासुनीपुलिस कार्रवाईहत्या का केस दर्ज, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलित, आरोपी हिरासत में

  • छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या

    छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

    इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

  • अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप

    अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप


    नई दिल्ली। अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के मडराक क्षेत्र से सामने आया एक पारिवारिक घटनाक्रम रिश्तों की परिभाषा पर सवाल खड़े कर रहा है। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं वहां अचानक ऐसा मोड़ आया जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। शादी की तारीख 16 अप्रैल 2025 तय थी। घर में जेवर नकदी और रिश्तेदारों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। उत्साह और खुशियों के माहौल के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि 12 दिन पहले सब कुछ बदल जाएगा।

    परिजनों के अनुसार लड़की की मां अनीता उर्फ अपना देवी की होने वाले दामाद राहुल से नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही और धीरे धीरे यह संपर्क कथित रूप से प्रेम संबंध में बदल गया। जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो आपत्ति जताई गई लेकिन बातचीत बंद नहीं हुई।

    आरोप है कि अप्रैल की शुरुआत में अनीता घर से नकदी और जेवर लेकर राहुल के साथ चली गई। परिवार ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को बरामद कर थाने लाया। चूंकि दोनों बालिग थे इसलिए अनीता ने अपनी मर्जी से राहुल के साथ जाने की बात कही। कानूनी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया और दोनों साथ रहने लगे।

    बताया जाता है कि वे बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक गांव में जाकर रहने लगे जहां राहुल फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करने लगा। कुछ समय तक मामला शांत नजर आया और परिवार ने भी स्थिति को किसी तरह स्वीकार कर लिया।

    हालांकि घटनाक्रम ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया जब राहुल हाल ही में अलीगढ़ पहुंचा और पुलिस को शिकायत दी कि अनीता अब उसे छोड़कर अपने जीजा देवेंद्र के साथ चली गई है। राहुल का दावा है कि वह लगभग दो लाख रुपये नकद और जेवरात भी साथ ले गई।

    पुलिस का कहना है कि जिस स्थान से महिला के जाने की बात कही जा रही है वह क्षेत्र बिहार में आता है इसलिए वहां की स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाएगी। फिलहाल अलीगढ़ पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर ली है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

    पूरे घटनाक्रम में कई परतें हैं। पहले बेटी की शादी से पहले मां का होने वाले दामाद के साथ जाना फिर उसके साथ रहना और अब जीजा के साथ जाने का आरोप लगना इस मामले को जटिल बना रहा है। नकदी और जेवर ले जाने के दावे भी जांच के दायरे में हैं।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अलीगढ़ से शुरू हुई यह कहानी अब कई राज्यों तक फैल चुकी है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शादी का घर जो खुशियों से भरा था वह अचानक विवाद और कानूनी उलझनों में घिर गया है। आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर टिकी है।

  • महंगे शौक की सनक: कार के लिए जमीन बेचने की जिद, पिता ने किया इनकार तो बेटे ने लगा ली फांसी

    महंगे शौक की सनक: कार के लिए जमीन बेचने की जिद, पिता ने किया इनकार तो बेटे ने लगा ली फांसी

    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जो आधुनिक दौर में युवाओं की बेलगाम होती महत्वाकांक्षाओं और उनके घातक परिणामों की ओर इशारा करती है। जिले के रायपुर गांव में 20 वर्षीय रोहित यादव ने केवल इसलिए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली क्योंकि उसके माता-पिता उसकी महंगी मांगों को पूरा करने में असमर्थ थे। यह घटना न केवल एक परिवार के उजड़ने की कहानी है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि कैसे ‘दिखावे की संस्कृति’ युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर हावी हो रही है।

    जमीन बेचकर कार खरीदने का था दबाव मृतक रोहित के पिता बीरेंद्र यादव के अनुसार उनका बेटा पिछले काफी समय से घर वालों पर अनुचित दबाव बना रहा था। उसकी मांग थी कि पुश्तैनी जमीन को बेचकर उसे एक लग्जरी चार पहिया गाड़ी और एक नई मोटरसाइकिल दिलाई जाए। इतना ही नहीं वह अपने लिए एक नई दुकान भी खुलवाना चाहता था। एक मध्यमवर्गीय ग्रामीण परिवार के लिए खेती की जमीन बेचकर ऐशो-आराम के साधन जुटाना मुमकिन नहीं था जिसके चलते परिजन लगातार उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे।

    हिंसक व्यवहार और पुरानी चेतावनी रोहित के व्यवहार में जिद और हताशा का मेल इस कदर था कि वह अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता था। परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब उसने ऐसा कदम उठाया हो। साल 2025 में भी उसने कार की मांग को लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस वक्त परिवार ने डरकर और उसकी खुशी की खातिर उसे एक नई मोटरसाइकिल दिला दी थी। लेकिन सनक का आलम यह था कि कुछ समय बाद उसने उसी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया था।

    सूने घर में मौत को लगाया गले घटना वाले दिन घर के अन्य सदस्य अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे और कुछ लोग बाहर गए हुए थे। रोहित घर में अकेला था। इसी बीच अपनी मांग पूरी न होने से आहत और गुस्से में उसने कमरे के भीतर फंदा लगाकर जान दे दी। जब घर वाले वापस लौटे तो रोहित का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है जिसका कारण पारिवारिक अनबन और युवक की जिद बताया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक किसी मानसिक तनाव या गलत सोहबत का शिकार तो नहीं था।यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया और दिखावे की दुनिया युवाओं को वास्तविकता से दूर ले जा रही है जहां धैर्य की कमी उन्हें ऐसे आत्मघाती मोड़ पर खड़ा कर देती है।

  • पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग

    पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग


    मंदसौर । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के पीपलखूंटा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी और उसकी बुआ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस जघन्य वारदात में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं और उनका इलाज मंदसौर जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना से पहले पति-पत्नी के बीच एक लंबा विवाद चल रहा था, जो अंततः हिंसक रूप में बदल गया।जानकारी के अनुसार, ममता और उसके पति राजनाथ के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो कि अदालत तक पहुँच चुका था। दोनों के बीच एक सुनवाई के बाद ममता अपनी बुआ के साथ नाहरगढ़ के पीपलखूंटा गांव में रहने आ गई थी। इसी दौरान, राजनाथ ने अपने गुस्से में आकर दोनों महिलाओं पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
    पहले उसने अपनी पत्नी ममता पर पेट्रोल डाला और जब ममता की बुआ उसे बचाने के लिए आगे आई, तो उस पर भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी।आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और घायलों को मंदसौर जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों के अनुसार, ममता का चेहरा, छाती और पेट बुरी तरह झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ममता करीब 35 प्रतिशत तक जल चुकी हैं। वहीं, कासूबाई, ममता की बुआ, का भी बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।यह दुखद घटना कई सवाल खड़े करती है, खासकर इस मामले में पुलिस की भूमिका पर।पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब तीन महीने पहले ममता के पिता ने सुवासरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी ।
    जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह घटना घटित हो सकी। ममता के पिता राम सिंह नाथ ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो यह हादसा टल सकता था।पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक विवादों को कैसे हल किया जाए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।