घटना के बाद पीड़ित पिता ने बैराड़ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कमलकिशोर धाकड़ के खिलाफ मारपीट और धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पारिवारिक विवाद बना हिंसा, बेटे ने पिता पर किया हमला और दी जान से मारने की धमकी
नई दिल्ली। शिवपुरी (बैराड़ थाना क्षेत्र) मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम गाजीगढ़ में जमीन के बंटवारे और केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की एनओसी को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी।घटना 12 मई की शाम की बताई जा रही है, जब 65 वर्षीय हरचरण धाकड़ अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा कमलकिशोर धाकड़ घर पहुंचा और जमीन के बंटवारे तथा केसीसी की एनओसी को लेकर विवाद करने लगा। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपी बेटे ने गाली-गलौज करते हुए पिता को जमीन पर गिरा दिया।आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग पिता पर लात-घूंसों से हमला किया और डंडे से भी वार कर दिया, जिससे उनके माथे पर गंभीर चोट लग गई और खून निकल आया। घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई।मौके पर छोटा बेटा रिंकू धाकड़ और गांव के प्रताप धाकड़ पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। लेकिन जाते-जाते आरोपी बेटे ने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे परिवार दहशत में आ गया।
घटना के बाद पीड़ित पिता ने बैराड़ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कमलकिशोर धाकड़ के खिलाफ मारपीट और धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां संपत्ति विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को दर्दनाक मोड़ दे दिया। -

इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Indore में एक पारिवारिक विवाद अब पुलिस और एक डॉक्टर के बीच गंभीर टकराव में बदल गया है। हीरानगर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना के एक मामले के बाद डॉक्टर अभिषेक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।पूरा मामला एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। महिला का कहना है कि उसकी शादी 29 नवंबर 2025 को हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका पति नोएडा चला गया था। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसे कार और पैसों के लिए प्रताड़ित करता था।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, जेठ (डॉक्टर अभिषेक), सास-ससुर सहित पूरे परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
इसी दौरान मामला तब और बढ़ गया जब डॉक्टर अभिषेक ने पुलिस पर ही मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि उन्हें थाने में बुलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई के तहत पूछताछ की थी और आरोपों से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और दहेज प्रताड़ना के मामले में पर्याप्त सबूतों के आधार पर FIR दर्ज हुई है।
इस पूरे विवाद में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति नोएडा में किसी अन्य युवक के साथ रह रहा है और वह उससे तलाक लेना चाहता है।
वहीं, पूछताछ के दौरान डॉक्टर अभिषेक ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल भी ले गई, लेकिन जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।
फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला और जटिल होता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार पर अपने ही 35 वर्षीय बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के शमपुर गांव, अमरोहा का है, जहां सूखी गंगनहर में युवक दुष्यंत का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्यंत लंबे समय से नशे का आदी था और आए दिन घर में विवाद और मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर कथित तौर पर उसके परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि इस साजिश में छोटे भाई संकित ने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, हत्या के लिए लगभग 5 लाख रुपये की सुपारी देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि दुष्यंत को ईंट से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर उसके शव को गंगनहर में फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के अगले दिन शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक के सिर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि और मजबूत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की और जब परिवार से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा।
एसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी चोरी और मारपीट जैसे मामलों में जेल जा चुका था। पूछताछ के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने अपराध में संलिप्तता की बात स्वीकार की है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कुल मिलाकर यह मामला नशे, पारिवारिक तनाव और अपराध की ऐसी दर्दनाक कहानी बन गया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।
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काम का बोझ या आपसी झगड़ा? आमला में देर रात घर लौटने को लेकर विवाद के बाद महिला का सुसाइड, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
नई दिल्ली । बैतूल जिले के आमला से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गृहक्लेश और तंगहाली ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। वार्ड नंबर-1 में रहने वाली 30 वर्षीय महिला नीलू नागले ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ (सल्फास) खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।विवाद और तंगहाली: दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया
घटना की जानकारी मिलते ही आमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहाँ मृतका के सिरहाने से सल्फास की खाली डिब्बी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी को मुख्य कारण माना जा रहा है।देर रात घर लौटने पर होता था झगड़ा
थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर के अनुसार, नीलू बर्तन मांजने का काम करती थी। काम की अधिकता के कारण उसे अक्सर घर लौटने में देर हो जाती थी। इसी बात को लेकर पति विजय नागले, जो कि एक होटल में काम करता है, के साथ उसका अक्सर विवाद होता था। अंतिम मुलाकात: शनिवार रात करीब 12:30 बजे नीलू अपने पति के पास से बच्चों को लेने गई थी।संदिग्ध स्थिति: उसके कुछ ही समय बाद नीलू की तबीयत बिगड़ी और जहर के असर के कारण उसकी मौत हो गई। आर्थिक दबाव: पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर परिवार चला रहे थे, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते घर में मानसिक तनाव बना रहता था।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है और मामले के हर पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या की असल वजह स्पष्ट हो सके। -

केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..
नई दिल्ली।केरल के कन्नूर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां एक 30 वर्षीय युवक ने अपनी ही मां की चाकू मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद पुलिस के सामने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना पेरावूर के पास कनिचर इलाके में शुक्रवार रात को हुई, जिसके बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और सदमा है।मृतका की पहचान 53 वर्षीय गीताम्मा के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ कनिचर में रहती थीं। आरोपी बेटा क्रिस्टी घटना के बाद सीधे मोटरसाइकिल से पुलिस स्टेशन पहुंचा और वहां जाकर अपने अपराध की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह वारदात घर के अंदर उस समय हुई जब परिवार का अन्य कोई सदस्य मौजूद नहीं था।
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपी ने अपने घर के बेडरूम में अपनी मां पर चाकू से हमला किया, जिससे उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी और उनकी मौके पर ही हालत बिगड़ गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने यह कदम कुछ लोगों द्वारा अपनी मां के बारे में कथित अपमानजनक बातें सुनने के बाद उठाया। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद आरोपी ने एक दोस्त को फोन किया और फिर बिना भागे सीधे पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, क्रिस्टी ने बेंगलुरु के एक कॉलेज में पढ़ाई की थी, लेकिन वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका और बाद में घर लौट आया था। उसकी मां गीताम्मा इलाके में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आरोपी नशे का आदी था, हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने लाई जा सके।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग इसे पारिवारिक तनाव और मानसिक असंतुलन से जुड़ा मामला मान रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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Krushna Abhishek से दूरी पर खुलकर बोलीं Sunita Ahuja, Kashmera Shah से भी की मुलाकात
नई दिल्ली। गोविंदा (Govinda) की पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) और गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक (Krushna Abhishek) के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। कई सालों से दोनों परिवार में खटास बनी हुई थी। लेकिन अब उनकी दूरियां मिट गई है। सुनीता ने हाल ही में कृष्णा और कश्मीरा के साथ मीडिया के सामने पोज दिए और साथ में हंसी-मजाक करती भी नजर आईं। तीनों का एक वीडियो सामने आया, जिसमें तीनों को एक साथ देखा जा रहा है।मामी सुनीता आहूजा ने कहा खत्म हुआ वनवास
सामने आ रहे हैं वीडियो में सुनीता आहूजा काफी कुछ कहती हुईं नजर आ रही हैं। दरअसल, सुनीता हाल ही में ‘लाफ्टर शेफ 3’ (The Laughter Chefs 3) के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट पहुंचीं। इस शो में कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह भी बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रहे हैं। शो के दौरान सुनीता, अपने भांजे-बहू से भी मिलीं। जैसे ही सुनीता, कश्मीरा से मिलीं उन्हें गले लगा लिया, जिससे पता चलता है कि सुनीता और उनके भांजे कृष्णा के बीच के शिकवे-गिले अब दूर हो चुके हैं। वीडियो में सुनीता को कृष्णा और कश्मीरा के साथ हंसी-मजाक करते भी देखा जा सकता है। वह हंसते हुए कहती हैं- ’14 साल के बाद आज वनवास खत्म हुआ है।’ इस पर कश्मीरा मजाकिया अंदाज में कहती हैं- ‘किसी और का शुरू होगा।10 साल से चल रही है रिश्तो में कड़वाहट
बता दें, करीब 10 साल से गोविंदा और उनके परिवार की कृष्णा और कश्मीरा से बातचीत बंद थी। ये विवाद पब्लिक से भी छुपा नहीं रह सका था। कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा ने कई बार मीडिया के सामने इस बात का खुलासा किया है। सुनीता आहूजा ने भी कई बार मीडिया के सामने काफी कुछ कहा है।इस कारण हुआ था विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत कश्मीरा शाह के एक ट्वीट से हुई थी, जिसमें उन्होंने ‘पैसे के लिए नाचने वाले’ लोगों का जिक्र किया था। कश्मीरा के इस ट्वीट को सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर तंज माना और धीरे-धीरे दोनों परिवारों में विवाद बढ़ता चला गया और बात यहां तक पहुंच गई कि सुनीता ने पब्लिक के सामने ये तक कह दिया था कि वह कृष्णा अभिषेक का चेहरा तक नहीं देखना चाहतीं। आपको बता दे की गोविंद पहले ही कपिल शर्मा शो में आ चुके हैं गोविंदा और अभिषेक के भी सब कुछ ठीक है।लेकिन, अब गोविंदा के बाद सुनीता ने भी कृष्णा को गले लगाकर सारी दूरियां मिटा दीं हैं।आरती सिंह क आया रिएक्शन
इस रीयूनियन पर गोविंदा की भाजी आरती सिंह का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है आपको बता दें की इंस्टा बॉलीवुड से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि, मैं काफी इमोशनल हो गई मैंने वीडियो कॉल पर उनसे बात की यह बहुत अच्छी बात है कि सब लोग मिल गए हैं। -

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: भाइयों के बीच 'गन्ने के पैसों' का विवाद बना बहन का काल, जहर खाकर दी जान
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जहाँ एक ओर परिवार में बेटी के हाथ पीले करने की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थीं और घर में मंगल गीतों की गूंज होनी थी वहीं अब वहाँ चीख-पुकार और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। आमला थाना क्षेत्र के खरपड़ा खेड़ी गांव में एक युवती ने पारिवारिक कलह से तंग आकर मौत का रास्ता चुन लिया जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय बबली बघेल की शादी आगामी 28 अप्रैल को तय हुई थी। घर में शादी का कार्ड बंटने से लेकर मेहमानों के स्वागत तक की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। खुशियों के इस माहौल के बीच घर की आर्थिक स्थिति और शादी के खर्चों को लेकर उपजा विवाद अंततः एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। पुलिस सूत्रों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विवाद की जड़ में गन्ने की फसल की बिक्री से मिली राशि थी।
बताया जा रहा है कि युवती के बड़े भाई ने हाल ही में गन्ने की फसल बेची थी जिसका पैसा घर आया था। नियत योजना के अनुसार इसी राशि से बबली की शादी की खरीदारी और अन्य इंतज़ाम किए जाने थे। इसी बीच छोटे भाई ने शादी के खर्चों के नाम पर बड़े भाई से पैसों की मांग शुरू कर दी जिसे लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हो गई। धीरे-धीरे यह मामूली बहस एक उग्र विवाद में तब्दील हो गई और घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बबली जो अपनी आँखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाए बैठी थी अपने भाइयों को आपस में लड़ते देख गहरे मानसिक आघात में चली गई। उसने बीच-बचाव करने और दोनों को समझाने की पुरजोर कोशिश की कि उसकी शादी की खुशियों में इस तरह का झगड़ा शोभा नहीं देता लेकिन भाइयों के बीच अहं और पैसों की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही थी। भाइयों की जिद और घर के बिगड़ते हालात से आहत होकर बबली ने गुरुवार को आत्मघाती कदम उठाते हुए घर में रखा जहर खा लिया।
जब तक परिजनों को इस बात की भनक लगी और उसे उपचार के लिए ले जाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। बबली की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। जिस आंगन में मंडप सजने वाला था वहाँ अब उसकी अर्थी को कंधा देने की तैयारी हो रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपसी कलह और आवेश में लिए गए फैसले न केवल रिश्तों को खत्म करते हैं बल्कि मासूमों की जान के दुश्मन भी बन जाते हैं।
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दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान
नई दिल्ली । दिनेशपुर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित दिनेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ७० वर्षीय बुजुर्ग महिला, संध्या शाह की उनकी अपनी ही बहू और उसके मायके वालों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। संपत्ति के लालच और घरेलू क्लेश के चलते हुई इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बहू समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।बच्ची की बीमारी बनी बहाना, जमीन पर था निशाना
वारदात की जड़ें पिछले कई सालों से चल रहे पारिवारिक विवाद में दबी हुई थीं। घटना की रात मंगलवार को जब प्रसन्नजीत शाह की छोटी बेटी को बुखार आया, तो उसने अपनी पत्नी सुरभि पर बच्ची की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह छोटी सी बहस जल्द ही उग्र हो गई। दरअसल, असली विवाद प्रसन्नजीत द्वारा खरीदे गए एक प्लॉट और पैतृक संपत्ति के पैसों को लेकर था। पत्नी सुरभि चाहती थी कि संपत्ति उसके नाम पर हो, और इसी बात को लेकर घर में पिछले तीन-चार वर्षों से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी।कमरे में कैद कर दी दर्दनाक मौतबहस के दौरान सुरभि ने अपने मायके वालों को फोन कर मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सुरभि की माँ सुजाता, बहन दिशा और भाई अमन अपने अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुँचे और तांडव शुरू कर दिया। हमलावरों ने प्रसन्नजीत के साथ मारपीट की और ७० वर्षीय बुजुर्ग संध्या शाह को एक कमरे में बंद कर दिया। बंद कमरे के भीतर बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा गया। जब तक पड़ोसियों ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया और पुलिस को सूचना दी, तब तक संध्या शाह मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुकी थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सख्त कार्रवाई की मांग और पुलिसिया जांचघटना के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी अजय गणपति और एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। मृतका की बेटी रानी ने पुलिस के सामने बिलखते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने प्रसन्नजीत की तहरीर पर बहू सुरभि, सास सुजाता, साली दिशा और साले अमन समेत कुल छह लोगों पर हत्या धारा ३०२ का मामला दर्ज किया है। फिलहाल कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे वार्ड में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीस्थानवार्ड चार, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मृतकसंध्या शाह उम्र 70 वर्ष मुख्य आरोपीबहू सुरभि शाह और उसके मायके वाले कुल 6 नामजद विवाद की वजहसंपत्ति का लालच और बच्ची की बीमारी पर कहासुनीपुलिस कार्रवाईहत्या का केस दर्ज, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलित, आरोपी हिरासत में -

छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।
