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  • MP: राजा रघुवंशी हत्याकांड…. सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए SC जाएगा परिवार

    MP: राजा रघुवंशी हत्याकांड…. सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए SC जाएगा परिवार


    इंदौर।
    मेघालय हाई कोर्ट (Meghalaya High Court) द्वारा सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की जमानत बरकरार रखने के एक दिन बाद राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख करने का फैसला किया है. राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार जल्द ही सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।

    विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतुष्टि नहीं है. इसलिए अब उनका परिवार न्याय की लड़ाई अपने दम पर लड़ेगा और इसके लिए निजी वकील नियुक्त करेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी. उनके मुताबिक, इसी कानूनी चूक का फायदा सोनम को जमानत मिलने में मिला।

    दरअसल, सोमवार को मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए. अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना।


    क्या है पूरा मामला?

    गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई, जबकि 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था.


    किसे हई थी सजा?

    इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन दोस्तों को हत्या की साजिश और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सोनम करीब 10 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है।

  • अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

    अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

    मुंबई। लोकप्रिय टीवी शो अनुपमा के आगामी एपिसोड में भावनात्मक ड्रामा और पारिवारिक टकराव दर्शकों को बांधे रखेगा। कहानी में राही को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने वाला है, जिससे कोठारी और शाह परिवार दोनों में उथल-पुथल मच जाएगी।

    एपिसोड में ख्याति, राही का पक्ष लेते हुए परिवार को समझाने की कोशिश करेगी कि जीवन में परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। हालांकि वसुंधरा कोठारी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होगी। वह राही पर परिवार से सच छिपाने का आरोप लगाएगी और उसके भविष्य को लेकर चिंता जताएगी।

    दूसरी ओर प्रेम अपनी पत्नी राही के समर्थन में मजबूती से खड़ा नजर आएगा। वह स्पष्ट करेगा कि किसी भी परिस्थिति में वह राही का साथ नहीं छोड़ेगा। वहीं राही भी अपनी सेहत और इलाज को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाने की बात कहेगी।

    इसी बीच गौतम अपने स्वार्थी इरादों को लेकर मन ही मन खुश दिखाई देगा। उसे लगने लगेगा कि परिवार की संपत्ति के बंटवारे की स्थिति अब उसके पक्ष में जा सकती है।

    उधर शाह परिवार में भी तनाव कम नहीं होगा। अनुपमा अपने कुकिंग प्रतियोगिता के फॉर्म को लेकर परेशान रहेगी। माही को शक होगा कि फॉर्म गायब होने के पीछे प्रेम का हाथ हो सकता है, लेकिन अनुपमा इस आरोप को मानने से इनकार कर देगी। बाद में दिग्विजय की ओर से मिली जानकारी से भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाएगा।

    परिवार के दूसरे सदस्यों के बीच हंसमुख और लीला की सालगिरह की तैयारियां चलती रहेंगी, लेकिन राही से जुड़ा मुद्दा कहानी का केंद्र बना रहेगा।

    आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि राही से जुड़ी जानकारी शाह परिवार तक कैसे पहुंचती है और इस पूरे घटनाक्रम पर अनुपमा की क्या प्रतिक्रिया रहती है। यही मोड़ कहानी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

  • सपनों को उड़ान और मां की नम आंखें: बच्चों की बड़ी कामयाबी पर भावुक हुईं फराह खान

    सपनों को उड़ान और मां की नम आंखें: बच्चों की बड़ी कामयाबी पर भावुक हुईं फराह खान


    नई दिल्ली। जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो केवल खुशियां नहीं लाते बल्कि भावनाओं का समंदर भी साथ लेकर आते हैं। खासतौर पर माता-पिता के लिए बच्चों की सफलता से बड़ा कोई जश्न नहीं होता। ऐसा ही एक बेहद खास और भावुक पल उस समय देखने को मिला जब एक मां ने अपने बच्चों को जिंदगी के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पार करते देखा। खुशी, गर्व और भावनाओं से भरे इस पल ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर माता-पिता हमेशा कई सपने संजोते हैं। जब वे बच्चे अपनी मेहनत और लगन से किसी बड़ी उपलब्धि तक पहुंचते हैं तो वह पल पूरे परिवार के लिए बेहद यादगार बन जाता है। हाल ही में ऐसा ही एक अवसर सामने आया, जहां परिवार के लिए जश्न और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी, वहीं एक मां की आंखों में गर्व के साथ भावनाएं भी साफ नजर आईं।

    समारोह के दौरान परिवार के कई खूबसूरत पल कैमरे में कैद हुए। तस्वीरों और वीडियो में खुशी का माहौल साफ दिखाई दे रहा था। बच्चों की उपलब्धि पर पूरे परिवार की मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह दिन उनके लिए कितना खास था। पढ़ाई पूरी करना केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि जीवन की नई शुरुआत का संकेत भी माना जाता है। यही कारण है कि इस तरह के अवसर परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक बन जाते हैं।

    इस खास अवसर पर एक भावुक संदेश ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उस संदेश में एक मां के मन की भावनाएं साफ दिखाई दीं। बच्चों को बड़ा करना, उन्हें सही दिशा देना और फिर उन्हें अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए तैयार करना किसी भी माता-पिता के लिए आसान नहीं होता। एक तरफ बच्चों की सफलता की खुशी होती है तो दूसरी तरफ उनसे जुड़ी यादें मन को भावुक भी कर देती हैं। यही भावनाएं उस संदेश में साफ तौर पर महसूस की गईं।

    माता-पिता और बच्चों का रिश्ता हमेशा बेहद खास माना जाता है। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उनके सपने भी आकार लेने लगते हैं। एक समय ऐसा आता है जब माता-पिता उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होते देखते हैं और गर्व महसूस करते हैं। लेकिन इसी के साथ यह एहसास भी जुड़ा होता है कि अब बच्चे अपनी जिंदगी की नई दिशा की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यही बदलाव भावनाओं को और गहरा बना देता है।

    आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ऐसे पारिवारिक पल लोगों को रिश्तों की अहमियत का एहसास कराते हैं। सफलता केवल डिग्री या उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि उन भावनाओं से भी जुड़ी होती है जो उसके साथ चलती हैं। यह पल केवल एक ग्रेजुएशन समारोह नहीं बल्कि एक मां के सपनों, संघर्ष और गर्व की खूबसूरत कहानी बन गया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया।

  • त्विषा मामला बना बड़ा सवाल: दूसरे पोस्टमार्टम से उठीं नई उम्मीदें, न्याय की राह पर टिकी सबकी नजर

    त्विषा मामला बना बड़ा सवाल: दूसरे पोस्टमार्टम से उठीं नई उम्मीदें, न्याय की राह पर टिकी सबकी नजर


    नई दिल्ली। एक बेटी की असमय मौत ने पूरे समाज को भावुक और चिंतित कर दिया है। इस मामले ने न केवल एक परिवार को गहरे दर्द में डुबो दिया है, बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब इस पूरे प्रकरण में नए मोड़ के साथ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग और तेज हो गई है। दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने के बाद एक बार फिर लोगों की नजरें इस केस पर टिक गई हैं। परिवार को उम्मीद है कि इस कदम से कई ऐसे सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं, जो अब तक अनसुलझे बने हुए हैं।

    मृतका के परिवार ने शुरू से ही पहले पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और रिपोर्ट को लेकर कई सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि मामले की गहराई से और निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए ताकि किसी भी तरह की आशंका या संदेह को दूर किया जा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। इस प्रक्रिया से परिवार को यह उम्मीद बंधी है कि घटना से जुड़ी परिस्थितियों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

    परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक और पीड़ादायक बना हुआ है। एक ओर जहां वे अपनी बेटी को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर न्याय की लड़ाई भी जारी है। परिजनों का कहना है कि एक सपनों से भरी जिंदगी अचानक इस तरह खत्म हो जाना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उनके दर्द और सवालों ने कई लोगों को भावुक कर दिया है।

    इस पूरे मामले ने समाज में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। परिवार का कहना है कि हर बेटी को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है। यदि किसी भी घटना के पीछे प्रताड़ना या मानसिक दबाव जैसी परिस्थितियां मौजूद हों, तो उनका निष्पक्ष खुलासा होना जरूरी है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में मदद करती है बल्कि समाज का भरोसा भी मजबूत करती है।

    इस बीच जांच एजेंसियां मामले के हर पहलू की पड़ताल में जुटी हुई हैं। संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया जारी है। घटना से जुड़े अलग-अलग दावों और आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू को विस्तार से समझा जा सके।

    फिलहाल पूरा मामला संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और हर किसी की नजर आने वाली जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी और जो भी तथ्य सामने होंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि न्याय केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि समाज के भरोसे की सबसे मजबूत नींव भी होता है।

  • MP: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में बचे सबसे छोटे बच्चे का परिजनों ने सादगी से मनाया पहला जन्मदिन

    MP: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में बचे सबसे छोटे बच्चे का परिजनों ने सादगी से मनाया पहला जन्मदिन


    जबलपुर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जबलपुर शहर (Jabalpur city) के बरगी बांध (Bargi Dam) में हुए क्रूज नाव हादसे के दो दिन बाद शनिवार शाम को दो शव मिलने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई, जबकि दो बच्चों समेत 3 पर्यटक अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। इसी बीच इस हादसे से जुड़ी एक और भावुक कहानी (Emotional Story) सामने आई है। इस घटना में मौत को मात देकर बच जाने वाला सबसे छोटा बच्चा शनिवार को एक साल का हो गया। इस दौरान हादसे की वजह से बच्चे के परिजनों ने उसका पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाने की बजाय बेहद सादगी से प्रार्थना करते हुए मनाया।

    दरअसल यह बच्चा उसी क्रूज बोट में सवार था, जो कि गुरुवार शाम को बरगी डैम में चली तेज हवाओं के बाद डूब गई थी। नाव पलटने के दौरान उसके पिता एडवोकेट रोशन आनन्द वर्मा ने साहस दिखाते हुए उसे बचा लिया था। बोट के डूबते ही रोशन वर्मा तुरंत पानी में कूद पड़े और उन्होंने करीब 30 मिनट तक बच्चे को पानी के ऊपर थामे रखा। यह घटना एक चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है।


    हादसे के बाद सेलिब्रेशन नहीं किया, प्रार्थनाओं में गुजरा दिन

    परिजनों ने मीडिया को बताया कि हादसे से पहले बच्चे के जन्मदिन को लेकर परिवार से बहुत से जश्न की योजनाएं बना रखी थीं, लेकिन हादसे के बाद पूरा माहौल बदल गया। दूसरों के दुख में शामिल होते हुए परिवार ने इस दिन को शांत तरीके से मनाने का फैसला किया। जिसके चलते बच्चे के बर्थडे को बेहद सादगी से प्रार्थनाओं के बीच मनाया गया। इस दौरान बच्चे के परिवार ने उसे सकुशल बचाने के लिए भगवान का धन्यवाद किया। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी दी। उनके लिए बच्चे के जन्मदिन का यह दिन खुशी से ज्यादा भावनाओं और यादों से भरा रहा।


    शनिवार को मिले दो बच्चों के शव, मृतक संख्या 11 हुई

    उधर बरगी डैम में हुए इस हादसे के करीब 48 घंटों बाद शनिवार शाम गोताखोरों ने 10वां एवं 11वां शव भी पानी से बाहर निकाला। ये दोनों ही शव बच्चों के हैं और इनकी पहचान कोतवाली क्षेत्र निवासी विराज सोनी (4 वर्ष) और वेस्टलेंड खमरिया निवासी श्रीतमिल पिता कामराज (उम्र- 5 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में विराज की मां नीतू सोनी की भी एक दिन पहले मौत हो चुकी थी। मां-बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


    मौसम बिगड़ने पर रोकना पड़ा रेस्क्यू अभियान

    प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए शनिवार सुबह से सेना, NDRF और SDRF की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। गोताखोर बोट के माध्यम से डैम के गहरे हिस्सों में तलाश कर रहे हैं, हालांकि दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने से रेस्क्यू अभियान प्रभावित हो गया। तेज आंधी और हवाओं के कारण डैम में एकबार फिर ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे सुरक्षा कारणों से कई बार सर्चिंग रोकना पड़ी। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौजूद हैं। एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद लापता लोगों की तलाश पूरी गंभीरता से जारी है और सर्चिंग का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

    बता दें कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे एमपी टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में अचानक पलटकर डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस समय तेज आंधी चल रही थी और हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। हादसे के बाद से पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

  • US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज

    US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के डिनर कार्यक्रम (Dinner program) में हुए हमले को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। हमलावर ने गोलीबारी करने के कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक संदेश भेजा था। इसमें उसने हमला करने की वजह को भी लिखा था। इस संदेश के मुताबिक काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन की पूरी टीम उसके निशाने पर थी।

    न्यूयॉर्क पोस्ट ने हमलावर एलन के द्वारा परिवार को भेजे गए इस मैसेज को प्रकाशित किया है। इस मैसेज में वह साफ तौर पर कहता हुआ नजर आता है कि काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी मेरे निशाने पर हैं। उसने लिखा, “मैं अब यह और स्वीकार करने को तैयार नहीं हूं कि एक पीडोफाइल, बलात्कारी और गद्दार मेरे हाथों को उसके अपराधों से रंगे।” कथित तौर पर इस मैसेज में एलन ने सीधे तौर पर ट्रंप का नाम नहीं लिया। लेकिन ट्रंप का नाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ लगातार जोड़ा जाता रहा है। ऐसे में संभव है कि वह ट्रंप की ही बात कर रहा हो।

    न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा देखे गए इस मैसेज में कोल ने लिखा, “ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी, पटेल को छोड़कर मेरे निशाने पर हैं। और उन्हें इसमें उनके पद के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही उसने यह भी लिखा कि संयुक्त राज्य सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को केवल जरूरत पड़ने पर ही निशाना बनाया जाएगा। अगर वह नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करते हैं, तो उन्होंने गैर घातक तरीके से रास्ते से हटाया जाएगा।


    होटल की सुरक्षा पर भी बात

    हमले के ठीक पहले परिवार को भेजे गए इस मैसेज में एलन ने होटल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी लिखा। उसने लिखा कि यहां कि सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रदर्शनकारियों को रोकने तक ही सीमित थी। उसने लिखा, “मैं कई हथियारों के साथ अंदर चला जाता हूँ और वहाँ कोई भी यह नहीं सोचता कि मैं खतरा हो सकता हूं।” एलन ने अंत में संभावित तौर पर ट्रंप को निशाना बनाते हुए लिखा, “इस स्तर पर ऐसी अक्षमता पागलपन हैं। मैं ईमानदारी के साथ उम्मीद करता हूं कि जब इस देश को वास्तव में सक्षम नेतृत्व मिलेगा, तब तक इसे सुधार लिया जाएगा।”

    इससे पहले, रविवार को एक वाइट हाउस की तरफ से होटल में आयोजित इस डिनर में लगभग अमेरिकी प्रशासन के सभी बड़े लोग मौजूद थे। उसी वक्त वहां पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। हमला होने का संकेत मिलते हैं वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सभी राजनेताओं और उनके साथियों को वहां से बाहर निकाल दिया। हमलावर कोल एलन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में इस हमले को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमलावर में ईसाइयों को लेकर नफरत भरी हुई है।

    बता दें, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप के ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई हो। 2024 में चुनावी रैली के दौरान भी ट्रंप के ऊपर हमला हुआ था। इस हमले में गोली ट्रंप के कान को घायल करती हुई निकल गई थी। इसके कुछ समय बाद ट्रंप के घर के बाहर भी हमला हुआ था। और अब यह तीसरी बार उनके ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई है।

  • बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन

    बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन



    भोपाल । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का आज बुधवार को दुखद निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

    सुरभि खंडेलवाल के निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5:00 बजे उनके निज निवास बैतूल गंज से कोठी बाजार मोक्ष धाम के लिए रवाना होगी। अंतिम संस्कार कोठी बाजार मोक्ष धाम में किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

  • इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला

    इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला


    इंदौर इंदौर में पचकुइया मुक्तिधाम पर शनिवार को अस्थियों की अदला-बदली से हंगामा मच गया। मामला तब सामने आया जब एक ही नंबर (13) के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए। इसी कारण गलती से एक अन्य परिवार स्व. मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियों को अपने स्वजन समझकर ले गया। जब परिवार अस्थियां लेने पहुंचा, तब उन्हें यह पता चला कि अस्थियां उनके स्वजन की नहीं हैं।

    विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, 55 वर्षीय मदनलाल विश्वकर्मा का निधन कुछ दिनों पहले हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पंडित ने अस्थि संचय की तिथि रविवार तय की थी, लेकिन शनिवार को परिवार जब संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने ड्यूटी पर मौजूद निगमकर्मी से जानकारी ली, लेकिन कर्मचारी नशे में होने के कारण मदद नहीं कर सके।

    घटना की तहकीकात में पता चला कि 13 नंबर के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए थे। इसी कारण चौबे परिवार, जिनके 65 वर्षीय स्व. सुनील चौबे का निधन 5 मार्च को हुआ था, ने गलती से विश्वकर्मा परिवार की अस्थियां ले ली। सुबह लगभग 8.30 बजे चौबे परिवार अस्थियों को संग्रह कर खेड़ी घाट के लिए रवाना हुआ, तभी उन्हें मुक्तिधाम से फोन आया कि उन्होंने गलत अस्थियां ले ली हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की अस्थियां तीन घंटे बाद सही ढंग से लौटाई गईं।

    विश्वकर्मा परिवार के नजदीकी मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुक्तिधाम में तैनात पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी से गलती हुई और उसने टोकन संख्या में गड़बड़ी कर दी।

    मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते हुए बताया कि गलती करने वाला कर्मचारी 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है और कोरोना महामारी के दौरान भी उसने अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी गई है।

    इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डायल 100 भेजा और एडी. डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मुक्तिधाम संचालन में कर्मचारियों की सतर्कता और टोकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है।

  • मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में

    मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में


    भोपाल। भाई की सलाह पर एक छात्रा ने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, छात्रा के भाई और भाभी ने उसे सरेराह पीट दिया। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किया, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला परिवार के आंतरिक विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन कानून के अनुसार हर कदम उठाया जा रहा है।

    घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पहचान और पिटाई की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, परिवार और पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    इस घटना से यह संदेश जाता है कि विवादों का समाधान हाथापाई या हिंसा से नहीं, बल्कि कानून और संवाद से होना चाहिए।

  • पॉल्यूशन पर आमिर खान का चुटीला जवाब हुआ वायरल, बोले– “हां तो अभी क्या करें”

    पॉल्यूशन पर आमिर खान का चुटीला जवाब हुआ वायरल, बोले– “हां तो अभी क्या करें”


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान और उनकी पत्नी किरण राव हाल ही में मुंबई में आयोजित एक मैराथन में शामिल हुए। इस इवेंट में उनके तीनों बच्चे-जुनैद आइरा और आजाद भी उनके साथ मौजूद थे। मैराथन में हिस्सा लेने के बाद जब मीडिया ने आमिर खान से मुंबई की लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी पर सवाल किया तो आमिर का जवाब वायरल हो गया। उन्होंने कहा हां अभी क्या करें।

    मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे कहा गया कि मुंबईवाले इस तरह के हालातों के आदी नहीं हैं तो आमिर ने सहजता से जवाब दिया मुझे पता है। वहीं किरण राव ने पॉल्यूशन पर थोड़ा विस्तार से अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा हम सभी को अपनी आवाज उठानी होगी। इसमें शामिल होना होगा और कारणों को समझना होगा। शहर के नागरिक होने के नाते हमें अपना योगदान देना चाहिए।आमिर खान ने अपनी पत्नी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि हर किसी को पॉजिटिव तरीके से अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी आइरा ने उन्हें इस साल की मैराथन में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। परिवार के साथ मैराथन में भाग लेने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा।

    मैराथन इवेंट के दौरान आमिर ने अपनी मोटिवेशन और अनुभव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा हमने स्पेशली एबल्ड लोगों और सीनियर सिटीजन्स की दौड़ में जो उत्साह देखा वह बहुत प्रेरणादायक था। मुझे लगा कि हर साल इस इवेंट का हिस्सा बनना चाहिए। मुंबई का जज्बा वाकई कमाल का है।वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान इन दिनों अपनी प्रोडक्शन फिल्म हैप्पी पटेल – खतरनाक जासूस को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में वीर दास ने लीड रोल निभाया है। वहीं आमिर खान और उनके भांजे इमरान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया है। फिल्म की रिलीज़ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ रही है।

    इस मैराथन इवेंट में आमिर और उनके परिवार ने न केवल खेल और फिटनेस को प्रमोट किया बल्कि पर्यावरण और पॉल्यूशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाने की कोशिश की। आमिर के सहज और चुटीले अंदाज वाले जवाब ने सोशल मीडिया पर भी ध्यान खींचा। लोग उनके सीधे और सरल तरीके से पॉल्यूशन पर प्रतिक्रिया देने की तारीफ कर रहे हैं।इस पूरे इवेंट ने यह दिखा दिया कि आमिर खान न केवल फिल्म इंडस्ट्री में बल्कि समाज और पर्यावरण के मुद्दों पर भी सक्रिय और संवेदनशील हैं। उनके साथ उनके परिवार का होना इस संदेश को और मजबूत बनाता है कि छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं।