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  • MP: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में बचे सबसे छोटे बच्चे का परिजनों ने सादगी से मनाया पहला जन्मदिन

    MP: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में बचे सबसे छोटे बच्चे का परिजनों ने सादगी से मनाया पहला जन्मदिन


    जबलपुर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जबलपुर शहर (Jabalpur city) के बरगी बांध (Bargi Dam) में हुए क्रूज नाव हादसे के दो दिन बाद शनिवार शाम को दो शव मिलने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई, जबकि दो बच्चों समेत 3 पर्यटक अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। इसी बीच इस हादसे से जुड़ी एक और भावुक कहानी (Emotional Story) सामने आई है। इस घटना में मौत को मात देकर बच जाने वाला सबसे छोटा बच्चा शनिवार को एक साल का हो गया। इस दौरान हादसे की वजह से बच्चे के परिजनों ने उसका पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाने की बजाय बेहद सादगी से प्रार्थना करते हुए मनाया।

    दरअसल यह बच्चा उसी क्रूज बोट में सवार था, जो कि गुरुवार शाम को बरगी डैम में चली तेज हवाओं के बाद डूब गई थी। नाव पलटने के दौरान उसके पिता एडवोकेट रोशन आनन्द वर्मा ने साहस दिखाते हुए उसे बचा लिया था। बोट के डूबते ही रोशन वर्मा तुरंत पानी में कूद पड़े और उन्होंने करीब 30 मिनट तक बच्चे को पानी के ऊपर थामे रखा। यह घटना एक चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है।


    हादसे के बाद सेलिब्रेशन नहीं किया, प्रार्थनाओं में गुजरा दिन

    परिजनों ने मीडिया को बताया कि हादसे से पहले बच्चे के जन्मदिन को लेकर परिवार से बहुत से जश्न की योजनाएं बना रखी थीं, लेकिन हादसे के बाद पूरा माहौल बदल गया। दूसरों के दुख में शामिल होते हुए परिवार ने इस दिन को शांत तरीके से मनाने का फैसला किया। जिसके चलते बच्चे के बर्थडे को बेहद सादगी से प्रार्थनाओं के बीच मनाया गया। इस दौरान बच्चे के परिवार ने उसे सकुशल बचाने के लिए भगवान का धन्यवाद किया। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी दी। उनके लिए बच्चे के जन्मदिन का यह दिन खुशी से ज्यादा भावनाओं और यादों से भरा रहा।


    शनिवार को मिले दो बच्चों के शव, मृतक संख्या 11 हुई

    उधर बरगी डैम में हुए इस हादसे के करीब 48 घंटों बाद शनिवार शाम गोताखोरों ने 10वां एवं 11वां शव भी पानी से बाहर निकाला। ये दोनों ही शव बच्चों के हैं और इनकी पहचान कोतवाली क्षेत्र निवासी विराज सोनी (4 वर्ष) और वेस्टलेंड खमरिया निवासी श्रीतमिल पिता कामराज (उम्र- 5 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में विराज की मां नीतू सोनी की भी एक दिन पहले मौत हो चुकी थी। मां-बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


    मौसम बिगड़ने पर रोकना पड़ा रेस्क्यू अभियान

    प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए शनिवार सुबह से सेना, NDRF और SDRF की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। गोताखोर बोट के माध्यम से डैम के गहरे हिस्सों में तलाश कर रहे हैं, हालांकि दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने से रेस्क्यू अभियान प्रभावित हो गया। तेज आंधी और हवाओं के कारण डैम में एकबार फिर ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे सुरक्षा कारणों से कई बार सर्चिंग रोकना पड़ी। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौजूद हैं। एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद लापता लोगों की तलाश पूरी गंभीरता से जारी है और सर्चिंग का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

    बता दें कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे एमपी टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में अचानक पलटकर डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस समय तेज आंधी चल रही थी और हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। हादसे के बाद से पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

  • US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज

    US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के डिनर कार्यक्रम (Dinner program) में हुए हमले को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। हमलावर ने गोलीबारी करने के कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक संदेश भेजा था। इसमें उसने हमला करने की वजह को भी लिखा था। इस संदेश के मुताबिक काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन की पूरी टीम उसके निशाने पर थी।

    न्यूयॉर्क पोस्ट ने हमलावर एलन के द्वारा परिवार को भेजे गए इस मैसेज को प्रकाशित किया है। इस मैसेज में वह साफ तौर पर कहता हुआ नजर आता है कि काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी मेरे निशाने पर हैं। उसने लिखा, “मैं अब यह और स्वीकार करने को तैयार नहीं हूं कि एक पीडोफाइल, बलात्कारी और गद्दार मेरे हाथों को उसके अपराधों से रंगे।” कथित तौर पर इस मैसेज में एलन ने सीधे तौर पर ट्रंप का नाम नहीं लिया। लेकिन ट्रंप का नाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ लगातार जोड़ा जाता रहा है। ऐसे में संभव है कि वह ट्रंप की ही बात कर रहा हो।

    न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा देखे गए इस मैसेज में कोल ने लिखा, “ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी, पटेल को छोड़कर मेरे निशाने पर हैं। और उन्हें इसमें उनके पद के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही उसने यह भी लिखा कि संयुक्त राज्य सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को केवल जरूरत पड़ने पर ही निशाना बनाया जाएगा। अगर वह नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करते हैं, तो उन्होंने गैर घातक तरीके से रास्ते से हटाया जाएगा।


    होटल की सुरक्षा पर भी बात

    हमले के ठीक पहले परिवार को भेजे गए इस मैसेज में एलन ने होटल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी लिखा। उसने लिखा कि यहां कि सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रदर्शनकारियों को रोकने तक ही सीमित थी। उसने लिखा, “मैं कई हथियारों के साथ अंदर चला जाता हूँ और वहाँ कोई भी यह नहीं सोचता कि मैं खतरा हो सकता हूं।” एलन ने अंत में संभावित तौर पर ट्रंप को निशाना बनाते हुए लिखा, “इस स्तर पर ऐसी अक्षमता पागलपन हैं। मैं ईमानदारी के साथ उम्मीद करता हूं कि जब इस देश को वास्तव में सक्षम नेतृत्व मिलेगा, तब तक इसे सुधार लिया जाएगा।”

    इससे पहले, रविवार को एक वाइट हाउस की तरफ से होटल में आयोजित इस डिनर में लगभग अमेरिकी प्रशासन के सभी बड़े लोग मौजूद थे। उसी वक्त वहां पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। हमला होने का संकेत मिलते हैं वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सभी राजनेताओं और उनके साथियों को वहां से बाहर निकाल दिया। हमलावर कोल एलन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में इस हमले को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमलावर में ईसाइयों को लेकर नफरत भरी हुई है।

    बता दें, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप के ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई हो। 2024 में चुनावी रैली के दौरान भी ट्रंप के ऊपर हमला हुआ था। इस हमले में गोली ट्रंप के कान को घायल करती हुई निकल गई थी। इसके कुछ समय बाद ट्रंप के घर के बाहर भी हमला हुआ था। और अब यह तीसरी बार उनके ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई है।

  • बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन

    बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन



    भोपाल । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का आज बुधवार को दुखद निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

    सुरभि खंडेलवाल के निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5:00 बजे उनके निज निवास बैतूल गंज से कोठी बाजार मोक्ष धाम के लिए रवाना होगी। अंतिम संस्कार कोठी बाजार मोक्ष धाम में किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

  • इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला

    इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला


    इंदौर इंदौर में पचकुइया मुक्तिधाम पर शनिवार को अस्थियों की अदला-बदली से हंगामा मच गया। मामला तब सामने आया जब एक ही नंबर (13) के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए। इसी कारण गलती से एक अन्य परिवार स्व. मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियों को अपने स्वजन समझकर ले गया। जब परिवार अस्थियां लेने पहुंचा, तब उन्हें यह पता चला कि अस्थियां उनके स्वजन की नहीं हैं।

    विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, 55 वर्षीय मदनलाल विश्वकर्मा का निधन कुछ दिनों पहले हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पंडित ने अस्थि संचय की तिथि रविवार तय की थी, लेकिन शनिवार को परिवार जब संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने ड्यूटी पर मौजूद निगमकर्मी से जानकारी ली, लेकिन कर्मचारी नशे में होने के कारण मदद नहीं कर सके।

    घटना की तहकीकात में पता चला कि 13 नंबर के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए थे। इसी कारण चौबे परिवार, जिनके 65 वर्षीय स्व. सुनील चौबे का निधन 5 मार्च को हुआ था, ने गलती से विश्वकर्मा परिवार की अस्थियां ले ली। सुबह लगभग 8.30 बजे चौबे परिवार अस्थियों को संग्रह कर खेड़ी घाट के लिए रवाना हुआ, तभी उन्हें मुक्तिधाम से फोन आया कि उन्होंने गलत अस्थियां ले ली हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की अस्थियां तीन घंटे बाद सही ढंग से लौटाई गईं।

    विश्वकर्मा परिवार के नजदीकी मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुक्तिधाम में तैनात पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी से गलती हुई और उसने टोकन संख्या में गड़बड़ी कर दी।

    मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते हुए बताया कि गलती करने वाला कर्मचारी 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है और कोरोना महामारी के दौरान भी उसने अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी गई है।

    इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डायल 100 भेजा और एडी. डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मुक्तिधाम संचालन में कर्मचारियों की सतर्कता और टोकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है।

  • मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में

    मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में


    भोपाल। भाई की सलाह पर एक छात्रा ने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, छात्रा के भाई और भाभी ने उसे सरेराह पीट दिया। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किया, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला परिवार के आंतरिक विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन कानून के अनुसार हर कदम उठाया जा रहा है।

    घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पहचान और पिटाई की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, परिवार और पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    इस घटना से यह संदेश जाता है कि विवादों का समाधान हाथापाई या हिंसा से नहीं, बल्कि कानून और संवाद से होना चाहिए।

  • पॉल्यूशन पर आमिर खान का चुटीला जवाब हुआ वायरल, बोले– “हां तो अभी क्या करें”

    पॉल्यूशन पर आमिर खान का चुटीला जवाब हुआ वायरल, बोले– “हां तो अभी क्या करें”


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान और उनकी पत्नी किरण राव हाल ही में मुंबई में आयोजित एक मैराथन में शामिल हुए। इस इवेंट में उनके तीनों बच्चे-जुनैद आइरा और आजाद भी उनके साथ मौजूद थे। मैराथन में हिस्सा लेने के बाद जब मीडिया ने आमिर खान से मुंबई की लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी पर सवाल किया तो आमिर का जवाब वायरल हो गया। उन्होंने कहा हां अभी क्या करें।

    मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे कहा गया कि मुंबईवाले इस तरह के हालातों के आदी नहीं हैं तो आमिर ने सहजता से जवाब दिया मुझे पता है। वहीं किरण राव ने पॉल्यूशन पर थोड़ा विस्तार से अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा हम सभी को अपनी आवाज उठानी होगी। इसमें शामिल होना होगा और कारणों को समझना होगा। शहर के नागरिक होने के नाते हमें अपना योगदान देना चाहिए।आमिर खान ने अपनी पत्नी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि हर किसी को पॉजिटिव तरीके से अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी आइरा ने उन्हें इस साल की मैराथन में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। परिवार के साथ मैराथन में भाग लेने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा।

    मैराथन इवेंट के दौरान आमिर ने अपनी मोटिवेशन और अनुभव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा हमने स्पेशली एबल्ड लोगों और सीनियर सिटीजन्स की दौड़ में जो उत्साह देखा वह बहुत प्रेरणादायक था। मुझे लगा कि हर साल इस इवेंट का हिस्सा बनना चाहिए। मुंबई का जज्बा वाकई कमाल का है।वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान इन दिनों अपनी प्रोडक्शन फिल्म हैप्पी पटेल – खतरनाक जासूस को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में वीर दास ने लीड रोल निभाया है। वहीं आमिर खान और उनके भांजे इमरान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया है। फिल्म की रिलीज़ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ रही है।

    इस मैराथन इवेंट में आमिर और उनके परिवार ने न केवल खेल और फिटनेस को प्रमोट किया बल्कि पर्यावरण और पॉल्यूशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाने की कोशिश की। आमिर के सहज और चुटीले अंदाज वाले जवाब ने सोशल मीडिया पर भी ध्यान खींचा। लोग उनके सीधे और सरल तरीके से पॉल्यूशन पर प्रतिक्रिया देने की तारीफ कर रहे हैं।इस पूरे इवेंट ने यह दिखा दिया कि आमिर खान न केवल फिल्म इंडस्ट्री में बल्कि समाज और पर्यावरण के मुद्दों पर भी सक्रिय और संवेदनशील हैं। उनके साथ उनके परिवार का होना इस संदेश को और मजबूत बनाता है कि छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं।

  • गरुड़ पुराण के अनुसार बेटी का जन्म: सौभाग्य और सात्विकता का प्रतीक

    गरुड़ पुराण के अनुसार बेटी का जन्म: सौभाग्य और सात्विकता का प्रतीक


    नई दिल्ली । गरुड़ पुराण के अनुसार घर में बेटी का जन्म केवल एक शारीरिक घटना नहीं बल्कि यह पिछले जन्मों के अच्छे कर्मों और परिवार के भाग्य का परिणाम होता है। इस पुराण के अनुसार, अगर किसी परिवार में बेटी का जन्म होता है तो यह संकेत होता है कि उस परिवार में माता लक्ष्मी का वास है, और यह घर सात्विकता, प्रेम और पुण्य से परिपूर्ण होता है।
    जब अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण से पूछा कि किन घरों में कन्या का जन्म होता है तो भगवान श्री कृष्ण ने उत्तर दिया कि यदि किसी घर में पुत्र का जन्म होता है तो यह उसका भाग्य है लेकिन यदि पुत्री का जन्म होता है तो वह उस घर का सौभाग्य होता है। यानी बेटे का जन्म भाग्य से निर्धारित होता है परंतु बेटी का जन्म एक विशेष सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
    गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है कि एक घर में बेटी का जन्म उसी परिवार में होता है जहाँ शुद्धता सात्विकता और प्रेम का वातावरण होता है। यह घर अपने अच्छे कर्मों के कारण इस पुण्य लाभ को प्राप्त करते हैं।दूसरी ओर यह भी माना जाता है कि एक घर में जहां बेटी का जन्म होता है, वहां परिवार को आर्थिक समृद्धि सुख-शांति और सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है। इसीलिए भारत में प्राचीन समय से ही बेटी को लक्ष्मी का रूप माना जाता है।
    कहा जाता है कि भाग्य से बेटे होते हैं, लेकिन सौभाग्य से बेटियां होती हैं। यह कहावत इस बात को पूरी तरह से व्यक्त करती है कि बेटियां घर में आने से न केवल परिवार को मानसिक शांति मिलती है, बल्कि एक प्रकार का आत्मिक शुद्धिकरण भी होता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, कन्या का जन्म उस परिवार में होता है जहाँ पूर्वजन्मों के पुण्य और अच्छे कर्म होते हैं। यह परिवार अपने कर्मों के कारण ही इस सौभाग्य को प्राप्त करता है और ऐसे घरों में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी होता है।
    इस पुराण के अनुसार, एक बेटी का जन्म घर में खुशियाँ और समृद्धि लेकर आता है। यह दर्शाता है कि जीवन का असली सुख केवल भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि मानसिक शांति, प्रेम, और सौभाग्य में छिपा होता है। इस प्रकार, गरुड़ पुराण के उपदेशों को समझकर हम यह जान सकते हैं कि बेटियों का जन्म एक भाग्यशाली और पवित्र घटना है। यह समाज के लिए एक संदेश है कि हमें बेटियों को समान सम्मान और प्रेम देना चाहिए, क्योंकि वे न केवल हमारे जीवन में खुशियाँ लाती हैं, बल्कि हमारे कर्मों का फल भी होती हैं।

  • UP: शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आया परिवार, 5 लोगों की मौत

    UP: शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आया परिवार, 5 लोगों की मौत


    शाहजहांपुर।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. यहां रोजा रेलवे स्टेशन (Roza Railway Station) के आउटर इलाके में रेलवे ट्रैक पार करते समय गरीब रथ ट्रेन (Garib Rath Train) की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्य और उनका एक रिश्तेदार शामिल है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के बारे में पता चलते ही स्टेशन पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    हादसा उस समय हुआ, जब हरिओम नाम का युवक अपने रिश्तेदार सेठपाल, उसकी पत्नी पूजा और उनके दो बच्चों को रेलवे स्टेशन छोड़ने आया था. दोनों परिवार एक ही बाइक पर सवार होकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे. यह रास्ता आमतौर पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ट्रैक पार करते समय बाइक सवार ट्रेन की दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा सके. इसी दौरान तेज रफ्तार में गरीब रथ ट्रेन आ गई और पांचों लोग चपेट में आ गए.

    हादसा इतना भीषण था कि दो पुरुष, एक महिला और दो बच्चों की मौके पर ही ट्रेन से कटकर मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में जीआरपी पुलिस और रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। जीआरपी ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मृतकों के परिजन लालाराम ने कहा कि हमारा लड़का हरिओम अपनी मां को छोड़ने शहर आया था. उसके बाद वह अपने साढू के परिवार के साथ लौट रहा था. रास्ते में हादसा हो गया. वहीं जीआरपी एसओ मदनपाल ने कहा कि यहां एक रास्ता है, जिस पर रेलवे कर्मचारी निकलते हैं, वहां से यह परिवार बाइक से निकल रहा था. यह जज नहीं कर पाया कि किधर से ट्रेन आ रही है, तभी यह हादसा हो गया।

    एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि शाहजहांपुर के रोजा स्टेशन के आउटर पर एक बाइक से पति-पत्नी उनके दो बच्चे और उनका एक साढू रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जीआरपी आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • कॉमेडियन भारती सिंह और हार्दिक लिम्बाचिया के घर दूसरी संतान का आगमन खुशियों का माहौल

    कॉमेडियन भारती सिंह और हार्दिक लिम्बाचिया के घर दूसरी संतान का आगमन खुशियों का माहौल


    नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति लेखक-प्रोड्यूसर हार्दिक लिम्बाचिया के घर खुशियों का बवंडर आया है। इस मशहूर जोड़ी को उनके दूसरे बच्चे का आशीर्वाद मिला है जिससे उनके परिवार में एक नई ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक नन्हे मेहमान का जन्म आज हुआ और इस विशेष दिन को लेकर परिवार बेहद उत्साहित है। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है लेकिन करीबी सूत्रों का कहना है कि यह बच्चा लड़का है।

    खुशियों का नया अध्याय

    भारती और हार्दिक ने इस नन्हे मेहमान के आगमन को लेकर अपनी खुशी अपने परिवार और फैंस के साथ साझा की है। दोनों इस विशेष पल को बहुत ही खास मानते हैं और अपने दोस्तों परिवार और सोशल मीडिया पर इस खुशी को सभी के साथ बांट रहे हैं। इस खबर ने न केवल उनके परिवार को बल्कि टीवी इंडस्ट्री में उनके फैंस को भी उत्साहित कर दिया है।

    टीवी जगत की लोकप्रिय जोड़ी

    भारती और हार्दिक की जोड़ी टीवी इंडस्ट्री में बहुत ही पसंद की जाती है। जहां भारती अपनी कॉमिक टाइमिंग और शानदार ह्यूमर के लिए प्रसिद्ध हैं वहीं हार्दिक ने राइटर होस्ट और प्रोड्यूसर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। दोनों की मुलाकात 2009 में ‘कॉमेडी सर्कस’ के सेट पर हुई थी और बाद में 2017 में दोनों ने शादी की थी। दोनों का शानदार व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन उनके फैंस के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    पहली संतान और सोशल मीडिया लाइफ

    इससे पहले 2022 में भारती और हार्दिक ने अपने पहले बेटे गोल्ला (लक्ष सिंह लिम्बाचिया) का स्वागत किया था। उनका पहला बच्चा भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बना था और कपल ने उस समय भी अपनी खुशी को खुले तौर पर फैंस के साथ साझा किया था। अब इस दूसरे बच्चे के जन्म के साथ उनका परिवार और भी बड़ा हो गया है। भारती और हार्दिक अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनल पर अपने परिवार की खूबसूरत पलायन झलकियां साझा करते हैं। उनका इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल उनके फॉलोअर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हैं जो उनके परिवार और जीवन से जुड़ी बातें जानने में हमेशा रुचि रखते हैं।

    संयुक्त परियोजनाएं और काम

    कपल ने टीवी इंडस्ट्री में कई शानदार शो में साथ काम किया है जिनमें ‘हुंरबाज़: देश की शान ‘खतरा खतरा खतरा ‘हम तुम और थेम’ और ‘लाफ्टर शेफ्स’ जैसे शो शामिल हैं। इसके अलावा वे एक साथ पॉडकास्ट भी होस्ट करते हैं जो उनके फैंस के बीच काफी पसंद किया जाता है। भारती और हार्दिक की जोड़ी को अब तक दर्शकों का अपार प्रेम मिला है और दोनों के काम और व्यक्तिगत जीवन को लेकर उनके फैंस हमेशा ही उत्साहित रहते हैं।

    उम्मीदों और खुशियों की नई शुरुआत

    इस नन्हे मेहमान के आगमन से कपल की ज़िंदगी में खुशियाँ और भी बढ़ गई हैं। उनके परिवार में एक नया सदस्य जुड़ने से हर किसी का मन खुशी से भर गया है। टीवी इंडस्ट्री के साथ-साथ उनके फैंस भी इस खूबसूरत पल के लिए उत्साहित हैं और कपल को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहे हैं।
     यह खबर न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि उनके फैंस के लिए भी एक बहुत ही खुशी की बात है। जैसे-जैसे उनका परिवार बड़ा हो रहा है वैसे-वैसे उनके साथ बिताए गए पलों और उनके काम के प्रति दर्शकों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं।

  • भोपाल में कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को बचाया, पति ने बेटी को गोद में उठाते ही मांगी माफी

    भोपाल में कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को बचाया, पति ने बेटी को गोद में उठाते ही मांगी माफी


    भोपाल । भोपाल के कुटुंब न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को टूटने से बचाया गया। इस दौरान पति-पत्नी ने अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गिले-शिकवे भूलकर फिर से एक-दूसरे के साथ रहने का निर्णय लिया। यह अदालत उन दंपत्तियों के लिए वरदान साबित हुई जिनके रिश्ते झगड़ों और विवादों की वजह से खटाई में थे।

    एक विशेष मामले में जहां एक व्यवसायी पति और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के बीच काउंसलिंग सत्र में एक भावुक पल आया। पत्नी ने डेढ़ साल की अपनी बेटी को पति से दूर रखकर मायके भेज दिया था और वह अपने पति से मिलने भी नहीं देती थी। पत्नी ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का केस भी दायर कर रखा था और पति का कहना था कि यदि पत्नी मायके में रहेगी तो वह भरण-पोषण नहीं देगा।

    इस बीच कुटुंब न्यायालय में काउंसलिंग के दौरान जज ने पति से कहा कि वह अपनी बेटी को गोद में लेकर पत्नी से मिलें। जब पति ने बेटी को गोद में उठाया तो उसकी आँखों में पछतावा और अफसोस था। कई महीनों से अपनी बेटी से अलग रह रहे पति को अपनी गलती का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पत्नी से माफी मांगी और समझौते की इच्छा जताई।
    पत्नी ने भी बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति की माफी स्वीकार की और दोनों ने एक-दूसरे को समझते हुए एक नया अध्याय शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद वे दोनों घर लौट गए और अपने रिश्ते को फिर से संजीवनी दी।

    कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में इस तरह के कई अन्य मामले भी आए जिनमें रिश्तों में दरार आ चुकी थी लेकिन अदालत की मध्यस्थता से और समझाइश से वे सब वापस एकजुट हो गए। इस प्रक्रिया ने यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और समझ के साथ पारिवारिक रिश्तों को पुनर्निर्मित किया जा सकता है। भोपाल के कुटुंब न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कई रिश्तों को टूटने से बचाया गया। एक दिल छूने वाले मामले में पति ने अपनी बेटी को गोद में उठाते हुए पत्नी से माफी मांगी और दोनों ने मिलकर अपने रिश्ते को फिर से संजीवित किया। यह अदालत परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।