Tag: FIFA World Cup 2026

  • फीफा वर्ल्ड कप में कोलंबिया का अजेय अभियान जारी घाना को हराकर अब स्विट्जरलैंड से होगी टक्कर

    फीफा वर्ल्ड कप में कोलंबिया का अजेय अभियान जारी घाना को हराकर अब स्विट्जरलैंड से होगी टक्कर


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में कोलंबिया का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टीम ने राउंड ऑफ 32 मुकाबले में घाना को 1-0 से हराकर न केवल अपनी अजेय लय बरकरार रखी बल्कि अंतिम 16 में भी जगह पक्की कर ली। कैनसस सिटी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कोलंबिया ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच के दौरान घाना पर दबाव बनाए रखा।

    मैच की शुरुआत से ही कोलंबियाई खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए लगातार आक्रमण किए। इसका फायदा टीम को 14वें मिनट में मिला जब लुइस जेवियर सुआरेज के शानदार पास पर जॉन एरियास ने बेहतरीन गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल अंत तक निर्णायक साबित हुआ और कोलंबिया की जीत की मजबूत नींव बन गया।

    पहले हाफ में कोलंबिया के पास बढ़त को दोगुना करने के कई अवसर आए। स्टार खिलाड़ी लुइस डियाज ने बॉक्स के भीतर से शानदार शॉट लगाया लेकिन गेंद लक्ष्य से बाहर निकल गई। इसके बाद जोहान मोजिका के हेडर को घाना के गोलकीपर लॉरेंस अती जिगी ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया। दूसरी ओर घाना ने भी कुछ जवाबी हमले किए लेकिन कोलंबिया की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसके प्रयास सफल नहीं हो सके।

    दूसरे हाफ में भी कोलंबिया का दबदबा कायम रहा। 56वें मिनट में लुइस डियाज ने गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचाया लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया और गोल रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद कोलंबियाई टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखे और घाना को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

    घाना की टीम पूरे मुकाबले में संघर्ष करती नजर आई। कोलंबिया के सशक्त डिफेंस और मिडफील्ड ने उसे खुलकर खेलने का अवसर ही नहीं दिया। यही वजह रही कि पूरे मैच के दौरान घाना का एक भी शॉट गोलपोस्ट के निशाने पर नहीं लग सका। अंतिम मिनटों में कोलंबिया ने संतुलित रणनीति अपनाते हुए अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा और घाना की हर कोशिश को नाकाम कर दिया।

    इस जीत के साथ कोलंबिया ने अंतिम 16 में जगह बना ली है जहां उसका मुकाबला 8 जुलाई को वैंकूवर में स्विट्जरलैंड से होगा। स्विट्जरलैंड ने अपने पिछले मुकाबले में अल्जीरिया को 2-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया था। अब दोनों मजबूत टीमों के बीच होने वाला मुकाबला विश्व कप के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।

  • रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे लियोनेल मेसी वर्ल्ड कप में माराडोना का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ फिर चमके अर्जेंटीना के कप्तान

    रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे लियोनेल मेसी वर्ल्ड कप में माराडोना का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ फिर चमके अर्जेंटीना के कप्तान


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी लगातार नए इतिहास रच रहे हैं। काबो वर्डे के खिलाफ खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में मेसी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम करते हुए विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    इस मुकाबले में मेसी ने अपना नौवां विश्व कप असिस्ट दर्ज किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड डिएगो माराडोना के नाम था जिन्होंने अपने विश्व कप करियर में आठ असिस्ट किए थे। मेसी अब नौ असिस्ट के साथ इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं और एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ गोल करने वाले खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अपनी टीम के लिए मौके तैयार करने में भी सबसे आगे हैं।

    मेसी ने काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29वें मिनट में अर्जेंटीना के लिए पहला गोल भी दागा। लिसेंड्रो मार्टिनेज के बेहतरीन पास को उन्होंने शानदार तरीके से गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। यह विश्व कप में उनके करियर का 20वां गोल भी रहा। इस उपलब्धि के साथ वह पहले ही विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

    मेसी ने इस टूर्नामेंट में एक और खास उपलब्धि भी हासिल की। वह फीफा विश्व कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने लगातार आठ मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा वह दो अलग अलग विश्व कप संस्करणों में सात सात गोल करने वाले पहले फुटबॉलर भी बन चुके हैं। विश्व कप 2026 में भी वह सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं जबकि फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे छह गोल के साथ उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी हैं।

    काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबला अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया। अतिरिक्त समय में मेसी के एक आक्रमण को रोकने की कोशिश में काबो वर्डे के खिलाड़ी डिने बोर्गस से आत्मघाती गोल हो गया जिसने मुकाबले का रुख बदल दिया। इसी गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबला 3-2 से जीतकर अगले दौर में जगह बनाई।

    विश्व फुटबॉल में लियोनेल मेसी का यह शानदार प्रदर्शन एक बार फिर उनकी महानता की पुष्टि करता है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ते हुए वह न केवल अर्जेंटीना बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में अपने नाम को और अधिक सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा रहे हैं।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में रामोस का वार, पुर्तगाल ने क्रोएशिया को किया बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में रामोस का वार, पुर्तगाल ने क्रोएशिया को किया बाहर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में अल्जीरिया को दबाव में रखा।

    स्विट्जरलैंड ने मैच के 10वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। जोहान मंजांबी की तेज दौड़ और सटीक पास पर ब्रील एम्बोलो ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्विस टीम ने लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जबकि अल्जीरिया बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा। पहले हाफ में अल्जीरियाई खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।

    दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्विट्जरलैंड के नाम रही। खेल शुरू होने के महज एक मिनट बाद डेनिस जकारिया के क्रॉस को अल्जीरिया की टीम सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद डैन नडोये के पास पहुंची और उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह नडोये का वर्ल्ड कप में पहला गोल रहा जिसे उन्होंने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया।

    दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्विट्जरलैंड ने विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिडफील्ड और डिफेंस के बेहतरीन तालमेल की बदौलत स्विस टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और अंतिम सीटी तक बढ़त सुरक्षित रखी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को भी मात दे चुकी है। खास बात यह रही कि वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है।

    शानदार फॉर्म में चल रही स्विस टीम अब 7 जुलाई को होने वाले राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी। यह मुकाबला भी वैंकूवर में खेला जाएगा जहां स्विट्जरलैंड लगातार तीसरी बार मैदान पर उतरेगा। टीम की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बोलो-नडोये के गोल से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को किया बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बोलो-नडोये के गोल से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को किया बाहर


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में अल्जीरिया को दबाव में रखा।

    स्विट्जरलैंड ने मैच के 10वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। जोहान मंजांबी की तेज दौड़ और सटीक पास पर ब्रील एम्बोलो ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्विस टीम ने लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जबकि अल्जीरिया बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा। पहले हाफ में अल्जीरियाई खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।

    दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्विट्जरलैंड के नाम रही। खेल शुरू होने के महज एक मिनट बाद डेनिस जकारिया के क्रॉस को अल्जीरिया की टीम सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद डैन नडोये के पास पहुंची और उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह नडोये का वर्ल्ड कप में पहला गोल रहा जिसे उन्होंने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया।

    दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्विट्जरलैंड ने विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिडफील्ड और डिफेंस के बेहतरीन तालमेल की बदौलत स्विस टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और अंतिम सीटी तक बढ़त सुरक्षित रखी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को भी मात दे चुकी है। खास बात यह रही कि वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है।

    शानदार फॉर्म में चल रही स्विस टीम अब 7 जुलाई को होने वाले राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी। यह मुकाबला भी वैंकूवर में खेला जाएगा जहां स्विट्जरलैंड लगातार तीसरी बार मैदान पर उतरेगा। टीम की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • विंबलडन 2026: नोवाक जोकोविच ने बनाई तीसरे राउंड में जगह, सिटसिपास को सीधे सेटों में हराया

    विंबलडन 2026: नोवाक जोकोविच ने बनाई तीसरे राउंड में जगह, सिटसिपास को सीधे सेटों में हराया


    नई दिल्ली । सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को ग्रीस के स्टेफानोस सिटसिपास को सीधे सेटों में हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जोकोविच ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिटसिपास को 6-3, 6-4, 6-2 से हराया।

    जोकोविच को सिटसिपास से पार पाने में सिर्फ 98 मिनट लगे और उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार खेल दिखाया। टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में चार सेट तक मुकाबले में जीत दर्ज करने वाले जोकोविच इस मैच में पूरी तरह लय में नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और सिटसिपास को ज्यादा मौके नहीं दिए। पहला सेट उन्होंने केवल 27 मिनट में 6-3 से अपने नाम किया।

    दूसरे सेट में सिटसिपास ने वापसी की कोशिश की। उन्होंने बेहतर सर्विस की और जोकोविच को कड़ी चुनौती दी। कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अहम मौकों पर जोकोविच ने अपना अनुभव दिखाया। लंबे रैलियों में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर सेट को 6-4 से जीत लिया।
    दूसरे सेट में सिटसिपास ने वापसी की कोशिश की। उन्होंने बेहतर सर्विस की और जोकोविच को कड़ी चुनौती दी। कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अहम मौकों पर जोकोविच ने अपना अनुभव दिखाया। लंबे रैलियों में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर सेट को 6-4 से जीत लिया।

    तीसरे सेट में जोकोविच पूरी तरह हावी रहे। उन्होंने 3-2 की बढ़त के बाद सिटसिपास की सर्विस तोड़ी और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार शानदार शॉट्स लगाते हुए उन्होंने सेट को 6-2 से अपने नाम करते हुए शानदार जीत हासिल की। मैच के दौरान जोकोविच ने 33 विनर्स लगाए और सिर्फ सात अनफोर्स्ड एरर्स किए, जो उनके बेहतरीन खेल का सबूत रहे। इस जीत के साथ उन्होंने 20वीं बार विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बनाई है।

    जोकोविच और सिटसिपास के बीच यह 14वीं भिड़ंत थी। इसमें जोकोविच ने 12वीं जीत दर्ज की। खास बात यह है कि सिटसिपास के खिलाफ जोकोविच ने पिछले 11 मुकाबलों में लगातार जीत हासिल की है। जीत के बाद जोकोविच ने कहा कि जब कोर्ट पर इस तरह का खेल निकलता है तो बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।

    उन्होंने कहा कि एक बार लय मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। उन्होंने खास तौर पर उस गेम का जिक्र किया, जिसमें वह 5-2 से आगे थे। जोकोविच के मुताबिक, वह हाल के समय में उनके सबसे बेहतरीन रिटर्न गेम्स में से एक था। उन्होंने कहा कि उस समय वह पूरी तरह रिलेक्स थे और बिना किसी दबाव के अपने शॉट्स खेल रहे थे।

  • पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया

    पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया


    नई दिल्ली ।  भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया का मानना है कि ग्रुप चरण में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद पुर्तगाल फीफा विश्व कप 2026 के खिताब का मजबूत दावेदार बना हुआ है। उनका कहना है कि नॉकआउट मुकाबलों में टीम का खेल पूरी तरह बदल सकता है और राउंड ऑफ 32 में वह क्रोएशिया को हराने में सफल रहेगी।

    जी5 के फीफा विश्व कप 2026 विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा बने भूटिया ने कहा कि नॉकआउट चरण का दबाव और माहौल अलग होता है। उनके अनुसार पुर्तगाल के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मैचों में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और इसी वजह से वे क्रोएशिया के खिलाफ उसे मजबूत दावेदार मानते हैं।

    भूटिया ने कहा कि पुर्तगाल की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं बल्कि पूरी टीम की गहराई है। उनके अनुसार टीम में कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबले का परिणाम बदल सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुर्तगाल के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि उसका रचनात्मक मिडफील्ड रोनाल्डो के लिए लगातार गोल करने के मौके बना पाता है या नहीं।

    उन्होंने माना कि पुर्तगाल की आक्रामक शैली उसे बढ़त दिला सकती है, खासकर यदि टीम तेज काउंटर अटैक और ट्रांजिशन फुटबॉल खेलने में सफल रहती है। हालांकि टीम की एक कमजोरी की ओर भी उन्होंने इशारा किया। भूटिया के मुताबिक पुर्तगाल के पास ऐसा मजबूत रक्षात्मक मिडफील्डर नहीं है जो लगातार गेंद छीनकर खेल को तेजी से आक्रमण में बदल सके।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि पुर्तगाल के पास पहले से ही बेहतरीन आक्रामक मिडफील्डर, मजबूत फॉरवर्ड लाइन और आगे बढ़कर खेलने वाले फुल बैक हैं। यदि टीम के पास बीच के हिस्से में संतुलन बनाने वाला खिलाड़ी होता तो वह और भी खतरनाक साबित होती।

    क्रोएशिया पर टिप्पणी करते हुए भूटिया ने कहा कि मौजूदा टीम में पिछली पीढ़ी जैसी गुणवत्ता नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि क्रोएशिया हमेशा संघर्ष करने वाली टीम रही है और मुश्किल परिस्थितियों में भी परिणाम निकालने का तरीका जानती है, लेकिन इस बार उसके पास पहले जैसी धार नहीं दिख रही।

    भूटिया का मानना है कि लुका मोड्रिक अब भी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनकी रफ्तार और प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि क्रोएशिया को पुर्तगाल के खिलाफ जीत हासिल करनी है तो मोड्रिक को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। दूसरी ओर पुर्तगाल केवल रोनाल्डो पर निर्भर नहीं है, क्योंकि उसके पास कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं।

    शुक्रवार सुबह टोरंटो में होने वाला पुर्तगाल और क्रोएशिया का राउंड ऑफ 32 मुकाबला विश्व फुटबॉल के दो दिग्गज सितारों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिक की संभावित आखिरी विश्व कप भिड़ंत के कारण भी खास माना जा रहा है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम को अगले दौर में पहुंचाने के लिए पूरा दम लगाएंगे।

  • हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह

    हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए डीआर कांगो को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम 15 मिनट में दो गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से होगा। हालांकि जीत के बाद केन ने साफ कहा कि यह सफलता टीम की अंतिम पहचान नहीं है और अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

    मैच में इंग्लैंड को पहले हाफ में झटका लगा और टीम ब्रेक तक पिछड़ रही थी। इसके बावजूद दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले में दमदार वापसी की। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने हाफ टाइम तक पिछड़ने के बाद कोई मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इससे पहले ऐसे नौ मुकाबलों में टीम सात बार हार चुकी थी जबकि दो मैच ड्रॉ रहे थे।

    जीत के बाद टीम के विंगर एंथनी गॉर्डन ने हैरी केन के नेतृत्व और सोच की सराहना की। उन्होंने बताया कि मैच समाप्त होने के बाद केन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत टीम को परिभाषित नहीं करती और इससे विश्व कप नहीं जीता जाता लेकिन इस उपलब्धि का आनंद जरूर लेना चाहिए। इसके बाद पूरी टीम ने प्रशंसकों के साथ जीत का जश्न भी मनाया।

    गॉर्डन ने कहा कि कई बार बड़ी टीमों पर उम्मीदों का दबाव इतना अधिक होता है कि खिलाड़ी महत्वपूर्ण जीत का भी खुलकर जश्न नहीं मना पाते। लेकिन डीआर कांगो जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत खास है और इसका आनंद लेना जरूरी है क्योंकि टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार वापसी की है।

    इस मुकाबले में एंथनी गॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने हैरी केन के दोनों गोल के लिए बेहतरीन मौके तैयार किए। हालांकि उन्होंने अपनी बजाय केन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ने ही उन्हें सही फैसला लेने का भरोसा दिया। गॉर्डन के अनुसार यदि केन मैदान पर नहीं होते तो शायद वह उन मौकों पर अलग निर्णय लेते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केन गेंद को गोल में बदल देंगे।

    अब इंग्लैंड की नजर राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। टीम का लक्ष्य इस लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाना होगा।

  • फीफा विश्व कप 2026 में एल्डोर शोमुरोदोव का बड़ा धमाका ग्रुप स्टेज के बेस्ट गोल की रेस में मेसी और विनीसियस को छोड़ा पीछे

    फीफा विश्व कप 2026 में एल्डोर शोमुरोदोव का बड़ा धमाका ग्रुप स्टेज के बेस्ट गोल की रेस में मेसी और विनीसियस को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में जहां दुनिया की नजरें लियोनेल मेसी किलियन एमबाप्पे एरलिंग हालंद और विनीसियस जूनियर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं वहीं उज्बेकिस्तान के कप्तान एल्डोर शोमुरोदोव ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। भले ही उज्बेकिस्तान की टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी लेकिन उसके कप्तान ने ऐसा गोल दागा जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीत लिया। फीफा की ओर से आयोजित ग्रुप स्टेज गोल ऑफ द टूर्नामेंट की शुरुआती वोटिंग में शोमुरोदोव का गोल सबसे अधिक पसंद किया गया और उन्होंने मेसी तथा विनीसियस जूनियर जैसे सुपरस्टार खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया।

    डीआर कांगो के खिलाफ ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में शोमुरोदोव ने बेहद कठिन कोण से शानदार लॉब शॉट लगाकर ऐसा गोल किया जिसे पूरे टूर्नामेंट के सबसे खूबसूरत गोलों में शामिल किया जा रहा है। इस गोल को फैंस से 36 प्रतिशत वोट मिले और वह पहले स्थान पर रहे। हैती के विल्सन इसिडोर 26.5 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि बोस्निया और हर्जेगोविना के केरिम अलाजबेगोविच को 24.9 प्रतिशत वोट मिले। इस नतीजे ने यह साबित कर दिया कि शानदार प्रदर्शन किसी बड़े नाम का मोहताज नहीं होता।

    31 वर्षीय एल्डोर शोमुरोदोव का जन्म उज्बेकिस्तान के छोटे से कस्बे जारकुरगान में हुआ था। विश्व कप से पहले उन्होंने कहा था कि वह इस टूर्नामेंट में अपने देश को नई पहचान दिलाना चाहते हैं। भले ही टीम नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच सकी लेकिन उनके इस शानदार गोल ने उज्बेकिस्तान को वैश्विक फुटबॉल मंच पर नई पहचान दिला दी है।

    फीफा ने गोल ऑफ द टूर्नामेंट चुनने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई है। सबसे पहले ग्रुप स्टेज के गोलों पर 48 घंटे तक फैंस से वोटिंग कराई गई। इसके बाद राउंड ऑफ 32 राउंड ऑफ 16 क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के बाद भी इसी तरह मतदान होगा। टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद अंतिम वोटिंग के आधार पर पूरे विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ गोल चुना जाएगा।

    दूसरी ओर विश्व कप के 20वें दिन भी कई बड़े सितारों ने अपनी चमक बिखेरी। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालंद ने आइवरी कोस्ट के खिलाफ निर्णायक गोल कर अपनी टीम को 2-1 से जीत दिलाई। इस जीत के साथ नॉर्वे पहली बार विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज कर राउंड ऑफ 16 में पहुंच गया जहां उसका सामना ब्राजील से होगा। हालंद ने इस टूर्नामेंट में अब तक हर मैच में गोल करने का अपना शानदार रिकॉर्ड भी कायम रखा है।

    उधर फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने स्वीडन के खिलाफ दो गोल दागकर अपनी टीम को 3-0 की शानदार जीत दिलाई। एमबाप्पे के विश्व कप करियर में अब 18 गोल हो चुके हैं और वह लियोनेल मेसी के 19 गोल के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं। इसके साथ ही वह मौजूदा विश्व कप में गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे निकल चुके हैं। विश्व कप 2026 लगातार नए रिकॉर्ड शानदार मुकाबलों और यादगार गोलों का गवाह बन रहा है और एल्डोर शोमुरोदोव का यह गोल लंबे समय तक फुटबॉल प्रेमियों की यादों में दर्ज रहेगा।

  • 'मेसी-रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फिर शायद कभी नहीं दिखेगी' ओलिवर कान ने दोनों दिग्गजों की जमकर की तारीफ

    'मेसी-रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फिर शायद कभी नहीं दिखेगी' ओलिवर कान ने दोनों दिग्गजों की जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली। जर्मनी के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर ओलिवर कान का मानना है कि फुटबॉल इतिहास में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता दोबारा देखने को मिलना बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने लगभग दो दशकों तक लगातार एक-दूसरे को बेहतर बनने की प्रेरणा दी और अपने शानदार प्रदर्शन से विश्व फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कान ने कहा कि उनकी प्रतिस्पर्धा केवल लोकप्रियता तक सीमित नहीं रही बल्कि मैदान पर प्रदर्शन और निरंतर उत्कृष्टता के दम पर इतिहास रचा गया।

    फीफा विश्व कप 2026 के दौरान विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे ओलिवर कान ने कहा कि मेसी और रोनाल्डो ने हर सीजन में एक-दूसरे को चुनौती देते हुए अपने खेल का स्तर लगातार ऊंचा किया। यही वजह है कि दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों की सूची में अपना दबदबा बनाए रखा। कान के मुताबिक उनकी प्रतिद्वंदिता व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं आगे थी क्योंकि इसने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों को लंबे समय तक रोमांचित किया।

    उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता लेकिन मेसी और रोनाल्डो ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से यह कर दिखाया। दोनों ने क्लब फुटबॉल में कई रिकॉर्ड बनाए और एक-दूसरे को लगातार चुनौती देते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। कान का मानना है कि इसी कारण यह प्रतिद्वंदिता खेल इतिहास की सबसे यादगार प्रतिस्पर्धाओं में गिनी जाएगी।

    ओलिवर कान ने अपने करियर के सबसे यादगार पल के रूप में 2002 फीफा विश्व कप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस टूर्नामेंट में जर्मनी को फाइनल तक पहुंचाना उनके जीवन का सबसे बड़ा अनुभव था। हालांकि फाइनल में हार का दर्द आज भी उनके मन में है क्योंकि हर खिलाड़ी का सपना विश्व कप जीतना होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि गोलकीपर के रूप में गोल्डन बॉल जीतना उनके लिए गर्व की बात थी लेकिन यदि मौका मिले तो वह इस व्यक्तिगत सम्मान के बदले विश्व कप ट्रॉफी लेना पसंद करेंगे।

    दिग्गज गोलकीपर ने मौजूदा विश्व कप में खेल रहे युवा खिलाड़ियों और खासकर गोलकीपरों को भी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों को लगातार अपने खेल में सुधार करते रहना चाहिए और बड़े मंच पर दबाव से घबराने के बजाय उसका आनंद लेना चाहिए। उनके अनुसार विश्व कप ऐसा मंच है जहां पूरी दुनिया की नजर खिलाड़ियों पर होती है और कई बार एक पल या एक फैसला पूरे टूर्नामेंट का भविष्य तय कर देता है। इसलिए हर खिलाड़ी को हर क्षण पूरी एकाग्रता के साथ खेलना चाहिए।

    मेसी और रोनाल्डो को आधुनिक फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। दोनों ने क्लब फुटबॉल में वर्षों तक शानदार मुकाबले खेले और अनगिनत रिकॉर्ड अपने नाम किए। हालांकि विश्व कप में दोनों कभी आमने-सामने नहीं आ सके। माना जा रहा है कि फीफा विश्व कप 2026 दोनों दिग्गजों का आखिरी विश्व कप हो सकता है। ऐसे में दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर एक बार फिर इन दोनों खिलाड़ियों पर रहेगी, जो अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर यादगार प्रदर्शन कर इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।

  • फुटबॉल वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: जर्मनी का सफर राउंड ऑफ 32 में समाप्त, रोमांचक मुकाबले में जापान को हराकर अंतिम-16 में पहुंचा ब्राजील

    फुटबॉल वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: जर्मनी का सफर राउंड ऑफ 32 में समाप्त, रोमांचक मुकाबले में जापान को हराकर अंतिम-16 में पहुंचा ब्राजील

    बोस्टन: फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में फुटबॉल जगत का एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही चार बार की विश्व विजेता जर्मनी का सफर इस बार बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। पराग्वे की टीम ने मैदान पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पराग्वे ने प्री-क्वार्टर फाइनल यानी अंतिम-16 में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। दोनों टीमों के बीच निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा था।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। गेंद पर अधिकांश समय जर्मनी के खिलाड़ियों का नियंत्रण रहा, लेकिन पराग्वे के मजबूत डिफेंस और सटीक रणनीति के आगे जर्मनी की आक्रामक पंक्ति पूरी तरह बेअसर साबित हुई। मैच के पहले हाफ के अंतिम क्षणों में पराग्वे को एक कॉर्नर मिला, जिस पर जर्मनी के गोलकीपर ने गेंद को रोकने की कोशिश की, मगर पराग्वे ने दोबारा गेंद पर नियंत्रण पा लिया। मटियास गलार्सा के बेहतरीन क्रॉस पर जूलियो एनसिसो ने एक शानदार हेडर लगाकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। विश्व कप के नॉकआउट चरण में पराग्वे का यह पहला गोल भी दर्ज हुआ।

    एक गोल से पिछड़ने के बाद दूसरे हाफ में जर्मनी ने अपनी रणनीति बदली और अधिक आक्रामक होकर मैच में वापसी की। खेल के 54वें मिनट में फ्लोरियन विर्ट्ज के बाएं छोर से आए एक सटीक क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस बराबरी के बाद जर्मनी ने विजयी गोल की तलाश में पराग्वे के पाले पर लगातार कई तीखे हमले किए, लेकिन पराग्वे की रक्षात्मक पंक्ति दीवार की तरह डटी रही और उन्होंने जर्मनी को बढ़त बनाने का कोई दूसरा मौका नहीं दिया।

    तय समय तक नतीजा न निकलने पर मुकाबला अतिरिक्त समय में चला गया। जर्मनी के मुख्य कोच ने मैच को पेनल्टी शूटआउट में जाने से रोकने के लिए अपने सभी प्रमुख फॉरवर्ड खिलाड़ियों को मैदान पर उतार दिया। एक्स्ट्रा टाइम के दौरान जर्मनी के जोनाथन ताह ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा भी दिया था, लेकिन रेफरी ने उनके साथी खिलाड़ी द्वारा पराग्वे के गोलकीपर पर किए गए फाउल के कारण इस गोल को अमान्य घोषित कर दिया। 120 मिनट के खेल के बाद भी जब स्कोर 1-1 रहा, तो मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए करने का निर्णय लिया गया।

    पेनल्टी शूटआउट का रोमांच बेहद चरम पर था। जर्मनी की तरफ से पहली किक लेने आए काई हैवर्ट्ज के शॉट को पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार तरीके से रोककर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद दोनों टीमों की तरफ से गोल करने और चूकने का सिलसिला जारी रहा। अंत में पराग्वे के जोसे कनाले ने बेहद शांत अंदाज में निर्णायक पेनल्टी को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 4-3 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। शानदार गोलकीपिंग के लिए ऑरलैंडो गिल को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। अब पराग्वे की टीम चार जुलाई को फिलाडेल्फिया में फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मैच के विजेता से मुकाबला करेगी।

    इसी दौरान टूर्नामेंट के एक अन्य रोमांचक मुकाबले में ब्राजील ने जापान को 2-1 से हराकर अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की की। इस मैच में जापान ने 29वें मिनट में काइशु सानो के बेहतरीन गोल की मदद से 1-0 की शुरुआती बढ़त बनाकर ब्राजील को संकट में डाल दिया था। इसके बाद ब्राजील ने वापसी करते हुए कासेमिरो के हेडर की मदद से स्कोर बराबर किया। मैच के आखिरी मिनटों तक दोनों टीमें बढ़त बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं, लेकिन इंजरी टाइम में गैब्रियल完整 मार्टिनेली ने ब्राजील के लिए विजयी गोल दागकर अपनी टीम को प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट दिला दिया।