Tag: FIFA World Cup 2026

  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक


    नई दिल्ली
    , फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) में फैंस को इतिहास का सबसे रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबला (High-scoring match) देखने को मिला. सेमीफाइनल की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड की टीम (England team) ने फ्रांस (France) को एक रोमांच से भरपूर मैच में 6-4 से हराकर वर्ल्ड कप ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. 1966 में विश्व विजेता बनने के बाद वर्ल्ड कप के इतिहास में इंग्लैंड का यह अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    मैच में एक समय इंग्लैंड 4-0 से आगे था, लेकिन दूसरी हाफ में फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे के तूफान ने इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी. हालांकि, बुकायो साका की शानदार हैट्रिक और जूड बेलिंगहैम के आखिरी मिनट के जादुई गोल की बदौलत इंग्लैंडने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत से पहले किसी को भी इतने बड़े स्कोर की उम्मीद नहीं थी. इंग्लैंड ने अपनी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में कप्तान हैरी केन और स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम को आराम दिया था, जबकि गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की जगह डीन हेंडरसन को मौका मिला. कप्तान की आर्मबैंड पहने डेक्लान राइस (Declan Rice) ने मैच के शुरू होने के महज ढाई मिनट (2.5 मिनट) के भीतर पहला गोल दागकर फ्रांस को स्तब्ध कर दिया।

    इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने एक शानदार हेडर के जरिए बढ़त को 2-0 कर दिया. इसके बाद शुरू हुआ बुकायो साका का शो, जिन्होंने पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले दो बैक-टू-बैक गोल दागकर फ्रांस के डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और इंग्लैंड को 4-0 की विशाल बढ़त दिला दी।


    दूसरा हाफ: एम्बाप्पे का तूफान

    हाफ-टाइम के बाद मैदान पर पासा पूरी तरह पलट गया. फ्रांसीसी टीम एक नई ऊर्जा के साथ उतरी. दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के डिफेंस को भेदकर फ्रांस का पहला गोल दागा. इसके ठीक बाद 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गेंद को नेट में पहुंचाकर स्कोर 4-2 कर दिया।

    मैच के 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और ऐतिहासिक गोल दागा. इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने दिग्गज लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है. इस टूर्नामेंट में यह एम्बाप्पे का 10वां गोल था, जिसके साथ ही वे गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं. स्कोर अब 4-3 हो चुका था और फ्रांस बराबरी के बेहद करीब था।


    साका की हैट्रिक और बेलिंगहैम का ‘विनिंग टच’

    जब फ्रांस मैच को पेनल्टी शूटआउट की तरफ ले जाने के लिए लगातार हमले कर रहा था, तभी 87वें मिनट में इंग्लैंड को एक पेनल्टी मिली. दबाव के इस बेहद नाजुक क्षण में बुकायो साका ने गेंद को गोल पोस्ट के दाहिने कोने में डालते हुए अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर दिया।

    इंजरी टाइम में फ्रांस के ओस्मान डेम्बेले ने एक बेहतरीन फिनिश के जरिए गोल दागकर स्कोर 5-4 कर दिया और मैच में रोमांच चरम पर पहुंच गया. लेकिन आखिरी मिनटों में मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहैम ने एक बेहद खूबसूरत मैदानी गोल दागकर इंग्लैंड की 6-4 से जीत पक्की कर दी।

  • एमबाप्पे बनाम यामल की टक्कर विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन के बीच होगा हाई वोल्टेज मुकाबला

    एमबाप्पे बनाम यामल की टक्कर विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन के बीच होगा हाई वोल्टेज मुकाबला


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन और दो बार की विश्व विजेता फ्रांस के बीच खेला जाएगा। टेक्सास के डलास स्टेडियम में होने वाले इस हाई वोल्टेज मुकाबले में दोनों टीमें फाइनल का टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें इस मुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी और शानदार फॉर्म मौजूद है।

    फ्रांस लगातार तीसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है। कोच डिडियर डेसचैम्प्स की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ग्रुप चरण में सेनेगल इराक और नॉर्वे को हराकर फ्रांस ने शानदार शुरुआत की। इसके बाद नॉकआउट चरण में स्वीडन पैराग्वे और मोरक्को जैसी मजबूत टीमों को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे के अलावा ओस्मान डेम्बेले माइकल ओलिस और मार्कस थुरम जैसे खिलाड़ी फ्रांस के आक्रमण को बेहद मजबूत बनाते हैं।

    दूसरी ओर स्पेन ने भी शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया है। ग्रुप चरण के पहले मुकाबले में काबो वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद टीम ने सऊदी अरब और उरुग्वे को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद स्पेन ने ऑस्ट्रिया पुर्तगाल और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमों को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। युवा स्टार लैमिन यामल पेड्री फैबियन रुइज निको विलियम्स और मिकेल मेरिनो ने टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

    अगर दोनों टीमों के आपसी रिकॉर्ड की बात करें तो अब तक फ्रांस और स्पेन के बीच कुल 38 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें स्पेन ने 18 मैच जीते हैं जबकि फ्रांस को 13 मुकाबलों में जीत मिली है। सात मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से स्पेन का पलड़ा थोड़ा भारी जरूर नजर आता है लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर दोनों टीमें बराबरी की चुनौती पेश करती हैं।

    यह मुकाबला भारतीय समयानुसार बुधवार देर रात 12 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। भारत में फुटबॉल प्रशंसक इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जी5 पर देख सकेंगे। वहीं इसका सीधा प्रसारण यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 एचडी यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 और यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 एचडी चैनलों पर किया जाएगा।

    फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा है। एक तरफ किलियन एमबाप्पे की रफ्तार और अनुभव होगा तो दूसरी ओर लैमिन यामल और स्पेन की युवा ब्रिगेड अपनी आक्रामक शैली से चुनौती पेश करेगी। ऐसे में डलास का यह सेमीफाइनल रोमांच चरम पर पहुंचाने वाला मुकाबला साबित हो सकता है और जीतने वाली टीम विश्व कप ट्रॉफी से सिर्फ एक कदम दूर रह जाएगी।

  • स्पेन की जीत के सबसे बड़े हीरो बने मिकेल मेरिनो लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में विजयी गोल कर रचा विश्व कप इतिहास

    स्पेन की जीत के सबसे बड़े हीरो बने मिकेल मेरिनो लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में विजयी गोल कर रचा विश्व कप इतिहास


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन के मिडफील्डर मिकेल मेरिनो ने ऐसा इतिहास रच दिया है जिसे विश्व फुटबॉल लंबे समय तक याद रखेगा। बेल्जियम के खिलाफ खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मेरिनो ने बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरने के महज दो मिनट बाद निर्णायक गोल दागकर स्पेन को 2-1 की शानदार जीत दिला दी। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेरिनो ने अपने नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज करा लिया जो अब तक कोई खिलाड़ी नहीं बना सका।

    मिकेल मेरिनो फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में एक ही टूर्नामेंट के दो अलग अलग नॉकआउट मुकाबलों में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के रूप में विजयी गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ भी अंतिम क्षणों में गोल कर स्पेन को जीत दिलाई थी। अब बेल्जियम के खिलाफ भी उन्होंने वही कारनामा दोहराते हुए अपनी टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया। इसके साथ ही वह स्पेन के लिए विश्व कप में 80वें मिनट के बाद दो अलग मुकाबलों में निर्णायक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

    इस विश्व कप में मेरिनो का योगदान बेहद खास रहा है। स्पेन ने अब तक छह मुकाबले खेले हैं जिनमें उन्हें केवल एक मैच में शुरुआती एकादश में मौका मिला जबकि बाकी पांच मुकाबलों में वह सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे। इसके बावजूद उन्होंने हर अवसर पर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। उनकी मौजूदगी ने स्पेन के कोच की रणनीति को भी नई पहचान दी है क्योंकि हर बार जरूरत पड़ने पर मेरिनो ने टीम की उम्मीदों पर खरा उतरकर मैच का रुख बदल दिया।

    बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक फुटबॉल खेली। लगातार दबाव का असर 30वें मिनट में देखने को मिला जब लैमिन यामल की शानदार दौड़ और पेड्रो पोरो के सटीक क्रॉस के बाद फैबियन रुइज ने रिबाउंड पर गोल करते हुए स्पेन को बढ़त दिला दी। हालांकि बेल्जियम ने हार नहीं मानी और पहले हाफ के आखिर में चार्ल्स डी केटेलेयर ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

    दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए लेकिन कोई भी बढ़त हासिल नहीं कर सका। मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था। तभी 86वें मिनट में स्पेन के कोच ने मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। यह फैसला कुछ ही क्षणों में मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ। 88वें मिनट में पाउ क्यूबार्सी के शॉट पर बेल्जियम के गोलकीपर गेंद को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके और मेरिनो ने मौके का शानदार फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने स्पेन को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।

    मेरिनो के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि फुटबॉल में केवल शुरुआती एकादश ही नहीं बल्कि बेंच पर बैठे खिलाड़ी भी मैच का सबसे बड़ा हीरो बन सकते हैं। उनकी सूझबूझ आत्मविश्वास और सही समय पर किए गए शानदार फिनिश ने स्पेन को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बना दिया है। अब सेमीफाइनल में स्पेन का सामना फ्रांस जैसी मजबूत टीम से होगा जहां एक बार फिर सभी की नजरें मेरिनो पर टिकी रहेंगी कि क्या वह अपनी गोल्डन टच से टीम को फाइनल तक पहुंचाने का कमाल कर पाएंगे।

  • विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया

    विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने जुझारू खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की। इस यादगार मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने एक गोल करने के साथ एक गोल में असिस्ट भी किया, जबकि एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की।

    मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही। 15वें मिनट में यासर इब्राहिम ने शानदार हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने बेहतरीन बचाव करते हुए मेसी की पेनाल्टी समेत कई खतरनाक प्रयास नाकाम कर दिए। पहले हाफ में अर्जेंटीना गोल नहीं कर सकी और दबाव लगातार बढ़ता गया।

    दूसरे हाफ में मिस्र ने 62वें मिनट में मुस्तफा जिको के गोल की बदौलत बढ़त को 2-0 कर दिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। हालांकि अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी और लगातार आक्रामक खेल जारी रखा।

    79वें मिनट में लियोनेल मेसी ने शानदार मूव बनाते हुए क्रिस्टियन रोमेरो के गोल में अहम भूमिका निभाई, जिससे स्कोर 2-1 हो गया। इसके बाद 83वें मिनट में मेसी ने खुद शानदार फिनिश करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। लुटारो मार्टिनेज की लंबी गेंद पर मेसी ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और गेंद को गोल में पहुंचाकर अर्जेंटीना को मुकाबले में वापस ला खड़ा किया।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने शानदार गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त दिला दी। यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और अर्जेंटीना ने रोमांचक जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने शानदार मानसिक मजबूती और संघर्ष का परिचय दिया। दो गोल से पिछड़ने के बावजूद टीम ने धैर्य बनाए रखा और लगातार हमले करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान मेसी ने एक बार फिर बड़े मुकाबले में अपनी अहमियत साबित की, जबकि एंजो फर्नांडीज ने निर्णायक गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    अब अर्जेंटीना की नजर क्वार्टर फाइनल में जीत की लय बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब की ओर कदम बढ़ाने पर होगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड का कमाल 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड का कमाल 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। टीम ने राउंड ऑफ 16 के बेहद रोमांचक मुकाबले में कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने 1954 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाई है। अब क्वार्टर फाइनल में उसका मुकाबला मजबूत अर्जेंटीना से होगा।

    वैंकूवर में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही सावधानी के साथ खेल दिखाया। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दोनों ओर से कई अच्छे आक्रमण हुए लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और शानदार गोलकीपिंग के कारण स्कोर गोलरहित बना रहा। आखिरकार मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ जहां स्विट्जरलैंड ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम कर ली।

    स्विट्जरलैंड की जीत के सबसे बड़े नायक रूबेन वर्गास रहे जिन्होंने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। मुकाबले के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें मैच खेलने को लेकर भी संशय था लेकिन टीम के लिए जीत दिलाना उनके करियर का सबसे यादगार पल बन गया। उन्होंने बताया कि पेनल्टी लेने के समय वह पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए थे और खुश हैं कि टीम की उम्मीदों पर खरे उतर सके।

    मैच शुरू होने से पहले स्विट्जरलैंड को बड़ा झटका तब लगा जब टीम के प्रमुख खिलाड़ी जोहान मंजांबी घुटने की चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। उनके नहीं खेलने से पहले हाफ में टीम के आक्रमण की धार कुछ कमजोर दिखाई दी। दूसरी ओर कोलंबिया ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सकी।

    कोलंबिया की ओर से गुस्तावो पुएर्ता ने शानदार प्रयास किया लेकिन स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने बेहतरीन बचाव कर टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। दूसरे हाफ में लुइस सुआरेज को भी गोल करने का अवसर मिला लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से बाहर निकल गया। वहीं स्विट्जरलैंड के फैबियन रीडर की दमदार वॉली को कोलंबिया के गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने शानदार तरीके से रोक दिया।

    अतिरिक्त समय में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। कोलंबिया के जॉन लुकुमी का हेडर क्रॉसबार से टकराकर बाहर चला गया जबकि स्विट्जरलैंड के जेकी अमदौनी के प्रयास को भी गोलकीपर ने विफल कर दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में ग्रेगर कोबेल ने अहम बचाव किया और रूबेन वर्गास की निर्णायक किक ने स्विट्जरलैंड को सात दशक बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाकर नया इतिहास रच दिया।

    अब फुटबॉल प्रेमियों की नजरें क्वार्टर फाइनल पर होंगी जहां स्विट्जरलैंड की चुनौती मौजूदा दावेदार अर्जेंटीना के सामने होगी। यह मुकाबला विश्व कप के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।

  • फीफा वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा उलटफेर, नॉर्वे ने पांच बार की चैंपियन ब्राजील को हराकर रचा इतिहास

    फीफा वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा उलटफेर, नॉर्वे ने पांच बार की चैंपियन ब्राजील को हराकर रचा इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। न्यू जर्सी में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में एर्लिंग हालैंड ने दो शानदार गोल कर अपनी टीम को पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। दूसरी ओर ब्राजील के लिए नेमार का इंजरी टाइम में किया गया गोल केवल हार के अंतर को कम कर सका।

    मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने बेहद सतर्क अंदाज में की। पहले हाफ में दोनों पक्षों के डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया और किसी भी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। हालांकि ब्राजील ने कई बार नॉर्वे के गोल पर हमला बोला, लेकिन हर बार गोलकीपर ओर्जन नायलैंड मजबूत दीवार बनकर सामने खड़े रहे।

    पहले हाफ के दौरान ब्राजील को वीएआर की मदद से पेनल्टी भी मिली। मैथियस कुन्हा पर हुए फाउल के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी, लेकिन ब्रूनो गुइमारेस इस सुनहरे मौके को गोल में नहीं बदल सके। नायलैंड ने शानदार बचाव करते हुए पेनल्टी रोक ली। इसके अलावा उन्होंने गेब्रियल मार्टिनेली, विनीसियस जूनियर और अन्य ब्राजीली खिलाड़ियों के कई खतरनाक प्रयास भी विफल किए।

    दूसरे हाफ में ब्राजील ने आक्रामकता बढ़ाने के लिए बदलाव किए और युवा खिलाड़ी एंड्रिक को मैदान पर उतारा। 52वें मिनट में एंड्रिक के पास गोल करने का शानदार मौका भी आया, लेकिन वह उसे भुना नहीं सके। इसी चूक का फायदा नॉर्वे ने उठाया और धीरे-धीरे मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    79वें मिनट में एर्लिंग हालैंड ने शानदार फिनिश के साथ नॉर्वे को 1-0 की बढ़त दिलाई। ब्राजील अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि 90वें मिनट में हालैंड ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल ने ब्राजील की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया।

    इंजरी टाइम में ब्राजील को पेनल्टी मिली, जिस पर अनुभवी स्टार नेमार ने गोल कर स्कोर 2-1 जरूर किया, लेकिन तब तक मुकाबला नॉर्वे की मुट्ठी में जा चुका था। अंतिम सीटी बजते ही नॉर्वे के खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया, जबकि ब्राजील के खिलाड़ी मायूस नजर आए।

    इस जीत के साथ नॉर्वे ने अपने फुटबॉल इतिहास में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। अब उसका मुकाबला 11 जुलाई को इंग्लैंड और मेक्सिको के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से होगा।

    ब्राजील के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई। टीम ने पूरे मैच में कई बेहतरीन मौके बनाए, लेकिन खराब फिनिशिंग और नॉर्वे के गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन ने उसके विश्व कप अभियान का अंत कर दिया। दूसरी ओर एर्लिंग हालैंड ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में वह अपनी टीम के सबसे बड़े मैच विनर हैं।

  • ब्राजील के वर्ल्ड कप से बाहर होते ही नेमार ने कहा अलविदा, इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का किया ऐलान

    ब्राजील के वर्ल्ड कप से बाहर होते ही नेमार ने कहा अलविदा, इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का किया ऐलान


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील का सफर समाप्त होने के साथ ही विश्व फुटबॉल के एक सुनहरे अध्याय का भी अंत हो गया। स्टार फुटबॉलर नेमार जूनियर ने ब्राजील की हार के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे के हाथों 2-1 की हार के बाद भावुक नेमार ने कहा कि उन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ दिया और अब उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो चुका है।

    34 वर्षीय नेमार ने मैच के बाद कहा कि उन्होंने हर संभव प्रयास किया लेकिन टीम को आगे नहीं ले जा सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत अमेरिका की धरती से की थी और अब उसी धरती पर अपने सफर का अंत कर रहे हैं। मैदान पर हार के बाद नेमार भावुक दिखाई दिए और साथी खिलाड़ियों के साथ उनकी आंखें भी नम नजर आईं।

    नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में नेमार शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थे और उन्हें दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतारा गया। इंजरी टाइम में उन्होंने ब्राजील के लिए एकमात्र गोल दागा जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी गोल भी बन गया। हालांकि उनका यह प्रयास टीम को हार से नहीं बचा सका और ब्राजील टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

    नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में ब्राजील के लिए 130 मुकाबले खेले और रिकॉर्ड 80 गोल किए। इसके अलावा उन्होंने 59 गोल में असिस्ट देकर भी टीम की कई यादगार जीत में अहम भूमिका निभाई। वह ब्राजील के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी बनकर अपने करियर का समापन कर रहे हैं।

    साल 2010 में ब्राजील के लिए पदार्पण करने वाले नेमार ने एक दशक से अधिक समय तक टीम की अगुआई की। उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्राजील को रजत पदक दिलाने में अहम योगदान दिया। इसके बाद 2016 रियो ओलंपिक में कप्तान के रूप में टीम को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाकर देश का सपना पूरा किया। वर्ष 2013 में फीफा कन्फेडरेशन कप जीतने में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा।

    हालांकि इस विश्व कप से पहले उनकी फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। चोटों से जूझने के बावजूद उन्होंने टीम के लिए खेलने का फैसला किया और पूरे टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। विश्व कप के दौरान उनके सोशल मीडिया संकेतों से भी उनके संन्यास की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब उन्होंने आधिकारिक मुहर लगा दी है।

    ब्राजील के खिलाफ नॉर्वे ने शानदार प्रदर्शन किया। एर्लिंग हालैंड ने दो गोल कर अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया। ब्राजील ने कई आसान मौके गंवाए, जिसमें एक पेनल्टी भी शामिल रही। आखिरकार नेमार का इंजरी टाइम में आया गोल केवल हार के अंतर को कम कर सका।

    नेमार के संन्यास के साथ ब्राजील फुटबॉल का एक यादगार दौर समाप्त हो गया। अपनी शानदार ड्रिब्लिंग, बेहतरीन गोल और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई। उनका नाम हमेशा ब्राजील के महानतम खिलाड़ियों में सम्मान के साथ लिया जाएगा।

  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो का बड़ा ऐलान, फीफा वर्ल्ड कप 2026 होगा आखिरी विश्व कप, बोले- स्पेन के खिलाफ आखिरी मैच नहीं चाहता

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो का बड़ा ऐलान, फीफा वर्ल्ड कप 2026 होगा आखिरी विश्व कप, बोले- स्पेन के खिलाफ आखिरी मैच नहीं चाहता


    नई दिल्ली । पुर्तगाल के महान फुटबॉलर और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप होगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से तत्काल संन्यास नहीं है। रोनाल्डो ने कहा कि वह अभी भी देश के लिए खेलना चाहते हैं और उनके भविष्य का फैसला कोई और नहीं बल्कि वह स्वयं करेंगे।

    स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले से पहले मीडिया से बातचीत में 41 वर्षीय रोनाल्डो ने कहा कि यह उनका अंतिम विश्व कप है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि स्पेन के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनके करियर का आखिरी मैच नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब तक उनका कोई भी विश्व कप खराब नहीं रहा है और इस टूर्नामेंट में भी वह तीन गोल कर चुके हैं। उनकी कोशिश होगी कि स्पेन के खिलाफ भी गोल कर टीम की जीत में योगदान दें।

    इस विश्व कप में रोनाल्डो शानदार लय में नजर आए हैं। ग्रुप चरण में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल किए थे जबकि राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी को गोल में बदलकर विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में अपना पहला गोल दर्ज किया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार छह फीफा विश्व कप संस्करणों में गोल करने का अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। विश्व कप इतिहास में उनके नाम अब 11 गोल दर्ज हो चुके हैं और वह लगातार छह विश्व कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

    संन्यास को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर रोनाल्डो ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह कब तक खेलेंगे इसका फैसला सिर्फ वही करेंगे। उनका मानना है कि चाहे वह मैदान पर हों या नहीं उनकी राष्ट्रीय टीम में हमेशा एक अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि स्पेन के खिलाफ मैच में वह पूरी ताकत से खेलेंगे क्योंकि फुटबॉल को उन्होंने अपना सब कुछ दिया है और हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे।

    रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने पुर्तगाल के लिए अब तक 232 मैच खेले हैं और रिकॉर्ड 146 अंतरराष्ट्रीय गोल किए हैं। उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरो कप का खिताब जीता था। इसके अलावा 2019 और 2025 में यूईएफए नेशंस लीग जीतने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप के माहौल को लेकर भी रोनाल्डो काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी पहचान दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का जुनून है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग देशों के प्रशंसकों से मिलकर उन्हें महसूस होता है कि फुटबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाला माध्यम है। यही प्यार उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

    क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को मिलाकर रोनाल्डो अब तक 976 गोल कर चुके हैं और उनका अगला बड़ा लक्ष्य 1000 गोल का ऐतिहासिक आंकड़ा छूना है। ऐसे में भले ही यह उनका आखिरी विश्व कप हो लेकिन फुटबॉल प्रेमियों को अभी भी मैदान पर रोनाल्डो का जादू देखने को मिलता रहेगा।

  • इंग्लैंड ने मेक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, जूड बेलिंगहम के डबल धमाके से 3-2 की रोमांचक जीत

    इंग्लैंड ने मेक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, जूड बेलिंगहम के डबल धमाके से 3-2 की रोमांचक जीत


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए मेक्सिको को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में इंग्लैंड ने एक समय दो गोल की बढ़त बनाई और बाद में एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद मेक्सिको की जोरदार चुनौती को नाकाम कर दिया। इस हार के साथ मेक्सिको का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया, जबकि इंग्लैंड ने अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली।

    खराब मौसम के कारण देर से शुरू हुए मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। लगातार हमलों के बीच इंग्लैंड को पहली सफलता 36वें मिनट में मिली जब जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके महज 98 सेकंड बाद बेलिंगहम ने एक और गोल दागकर इंग्लैंड की बढ़त 2-0 कर दी और मेक्सिको पर दबाव बढ़ा दिया।

    हालांकि मेक्सिको ने भी हार नहीं मानी। 42वें मिनट में क्विनोन्स ने गोल कर टीम को मुकाबले में वापस ला दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक इंग्लैंड 2-1 से आगे था और मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ नजर आ रहा था।

    दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा जब डिफेंडर जारेल क्वान्सा को खतरनाक टैकल के कारण रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। बावजूद इसके टीम ने संयम बनाए रखा और आक्रामक रवैया नहीं छोड़ा।

    60वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली जब मेक्सिको के गोलकीपर राउल रेंजल ने एंथनी गॉर्डन को पेनल्टी बॉक्स में गिरा दिया। कप्तान हैरी केन ने इस मौके को भुनाते हुए गेंद को गोल में पहुंचाया और टूर्नामेंट में अपना छठा गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त 3-1 कर दी।

    इसके बाद 69वें मिनट में वीएआर समीक्षा के बाद मेक्सिको को भी पेनल्टी मिली। राउल जिमिनेज ने बिना कोई गलती किए गोल दागकर अंतर 3-2 कर दिया। अंतिम 20 मिनटों में मेक्सिको ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए लेकिन इंग्लैंड का रक्षात्मक प्रदर्शन और गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड के शानदार बचाव उसकी उम्मीदों पर भारी पड़े।

    मैच के आखिरी क्षणों में पिकफोर्ड ने कई महत्वपूर्ण सेव कर इंग्लैंड की बढ़त बरकरार रखी और टीम को क्वार्टर फाइनल का टिकट दिला दिया। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला 12 जुलाई को नॉर्वे के खिलाफ होगा, जहां उसकी नजर सेमीफाइनल में जगह बनाने पर रहेगी।