Tag: fire incident

  • कौशांबी में बड़ा धमाका, टोल प्लाजा से टकराया गैस टैंकर, आग की लपटों में घिरे कर्मचारी, राहत कार्य जारी

    कौशांबी में बड़ा धमाका, टोल प्लाजा से टकराया गैस टैंकर, आग की लपटों में घिरे कर्मचारी, राहत कार्य जारी


    कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज टोल प्लाजा के पास एलपीजी से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर में भीषण आग लग गई। कुछ ही पलों में आग की ऊंची लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में कुल 10 लोग झुलस गए हैं, जिनमें पांच टोल कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों में पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    हादसे के दौरान टैंकर के चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। दूसरी ओर आग की चपेट में आए कई कर्मचारी सड़क पर दर्द से तड़पते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।

    आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें और धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, जबकि राहत एवं बचाव अभियान भी जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है।

    पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि टैंकर के अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला

    इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति नगर के एक पॉश बंगले में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि घर में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके चलते पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना रिवाज गार्डन के पीछे स्थित बंगला नंबर 5 की है, जो रितेश राजेंद्र दुबे का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज गर्मी के बीच AC में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसके बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई।

    आग लगते ही घर के अंदर मौजूद लोग और स्टाफ घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। कई लोग अंदर फंस गए, लेकिन समय रहते स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घर में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने करीब 8 हजार लीटर पानी की बौछार की और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में बंगले के अंदर काफी सामान जलकर खाक हो गया।

    फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर AC में शॉर्ट सर्किट को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • गुजरात के सूरत में भीषण सड़क दुर्घटना, दो बसों की भिड़ंत में 5 यात्रियों की जान गई

    गुजरात के सूरत में भीषण सड़क दुर्घटना, दो बसों की भिड़ंत में 5 यात्रियों की जान गई

    नई दिल्ली । गुजरात के सूरत जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के बारडोली क्षेत्र में उवा गांव के पास महाराष्ट्र नंबर की दो यात्री बसों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दूसरी बस सड़क पर पलट गई। हादसे के कुछ ही देर बाद पलटी हुई बस में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बसें विपरीत दिशा से आ रही थीं। अचानक हुए टकराव के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना का प्रभाव इतना गंभीर था कि बसों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पलटी हुई बस में आग लगने के कारण स्थिति और भयावह हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करने का प्रयास किया और कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।

    फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं, जिसके कारण राहत कार्य में शुरुआती मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि दमकलकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए और आग पर काबू पाने की दिशा में कार्रवाई तेज की। दुर्घटना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जुट गए, जिससे बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

    बारडोली शहर पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर यातायात को अस्थायी रूप से प्रभावित मार्गों से डायवर्ट किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की पहचान और घायलों की वास्तविक संख्या का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है। हादसे के कारणों की भी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक स्तर पर माना जा रहा है कि तेज रफ्तार या वाहन नियंत्रण में चूक दुर्घटना की वजह हो सकती है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।

    गुजरात में हाल के समय में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है और यह दुर्घटना एक बार फिर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर चलने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन और सड़क पर सतर्क ड्राइविंग की आवश्यकता इस घटना के बाद और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही मृतकों के परिजनों तक सूचना पहुंचाने और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को सामने ला दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।

  • प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां

    प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां


    प्रयागराज। प्रयागराज में इंसानियत और मां की ममता की एक ऐसी दर्दनाक और साहसिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक मां ने अपने चार बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह घटना 12 मई की रात नैनी बाजार के चैंपियन गली इलाके में हुई, जहां एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई।

    जानकारी के अनुसार, आग घर के फर्स्ट फ्लोर पर बने गोदाम से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे मकान में फैल गई। उस समय घर की महिलाएं और बच्चे ऊपर की मंजिल पर फंस गए थे। नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और सभी लोग जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए। आग की लपटें और धुआं तेजी से बढ़ता जा रहा था, जिससे हालात बेहद भयावह हो गए।

    इसी दौरान मां ने असाधारण साहस दिखाते हुए अपने बच्चों को बचाने का फैसला किया। पहले उसने अपने एक साल के मासूम बच्चे को चादर में लपेटा और पड़ोसी की छत की ओर लगभग 12 फीट दूर उछाल दिया। पड़ोसियों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छत पर रखी सीढ़ी का सहारा लेकर उसने अपनी दो बेटियों को भी पड़ोसी की छत पर सुरक्षित पहुंचा दिया।

    इसके बाद उसने अपने भतीजे को भी सीढ़ी के जरिए दूसरी छत पर भेजकर बचा लिया। इस तरह उसने चार बच्चों को सुरक्षित कर दिया, लेकिन इस दौरान आग और धुएं ने पूरी छत को घेर लिया था। लगातार बढ़ती लपटों और घने धुएं के कारण वह खुद बाहर नहीं निकल सकी और आग की चपेट में आ गई।

    कुछ ही देर में वह बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही गंभीर हालत में पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम बाद में मौके पर पहुंची, लेकिन तंग गली होने के कारण राहत कार्य में काफी देर लगी। किसी तरह महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    बताया गया कि महिला का नाम अर्चना था, जिन्होंने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। उनकी 13 साल की बेटी भी इस हादसे में झुलस गई और आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य परिजन भी घायल हुए हैं।

    फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह हादसा पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना मां के अद्भुत साहस और बलिदान की मिसाल है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

  • लखनऊ अग्निकांड: 1200 झोपड़ियां राख, 6 बच्चे अब भी लापता, CM योगी ने दिए जांच और राहत के निर्देश

    लखनऊ अग्निकांड: 1200 झोपड़ियां राख, 6 बच्चे अब भी लापता, CM योगी ने दिए जांच और राहत के निर्देश

    लखनऊ। विकासनगर सेक्टर-12 में रिंग रोड किनारे स्थित अवैध बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप लेते हुए करीब 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे लगभग 100 गैस सिलिंडर फटने से पूरे इलाके में जोरदार धमाके हुए और भगदड़ मच गई।

    घटना के बाद 22 दमकल गाड़ियों ने देर रात तक आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इलाके में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग 50 मवेशियों के जलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

    सूचना में देरी का आरोप, आग ने मिनटों में लिया विकराल रूप
    स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद समय पर पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन मदद देर से पहुंची। इस बीच आग तेजी से फैलती गई और एक के बाद एक झोपड़ियां जलने लगीं। बताया गया कि आग एक झोपड़ी से शुरू हुई और कुछ ही देर में पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल लगाने में भी देरी और तकनीकी दिक्कतों की बात कही है।

    भगदड़ में 6 बच्चे लापता, सर्च ऑपरेशन जारी
    भीषण हादसे के दौरान मची अफरा-तफरी में दो परिवारों के छह बच्चे लापता हो गए हैं, जिनमें एक परिवार के चार और दूसरे के दो बच्चे शामिल हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें देर रात तक बच्चों की तलाश में जुटी रहीं और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    पथराव और हंगामा, प्लॉट मालिक पर आग लगाने के आरोप
    घटना के बाद गुस्साए लोगों ने प्लॉट मालिक के घर का घेराव कर हंगामा किया और उस पर आग लगवाने का आरोप लगाया। इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव भी किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। आरोप है कि प्लॉट मालिक कुछ दिन से झोपड़ियां हटाने के लिए दबाव बना रहा था।

    वीडियो बनाने और ट्रैफिक जाम से बिगड़े हालात
    घटना स्थल पर भीड़ द्वारा वीडियो बनाने और रास्ता बाधित करने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। दमकल की गाड़ियां भी जाम में फंस गईं, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें सिविल डिफेंस के वार्डन समेत कई लोग घायल हो गए। इसके कारण इलाके में करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

    आग पर काबू, राहत और पुनर्वास की तैयारी
    दमकल विभाग ने रात करीब 10 बजे तक आग पर आंशिक नियंत्रण पा लिया। प्रशासन ने आसपास के लगभग 30 घरों को खाली कराया और कई सिलिंडर सुरक्षित बाहर निकाले। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों के लिए भोजन व आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • जेसीबी का पंजा, फूटी पीएनजी लाइन, मुरैना में मची अफरातफरी

    जेसीबी का पंजा, फूटी पीएनजी लाइन, मुरैना में मची अफरातफरी


    मुरैना । मुरैना में नेहरू पार्क के पास एक सप्ताह से फूटी पानी की पाइपलाइन को ठीक करने के लिए नगर निगम की जेसीबी मशीन ने खोदाई शुरू की थी तभी हादसा हुआ। पानी की लाइन के ऊपर से गुजर रही पीएनजी घरेलू गैस लाइन जेसीबी के पंजे से कट गई। गैस लाइन कटते ही आग की भयानक लपटें उठीं और 20 मीटर तक गुबार फैल गया। पास में नाश्ते की दुकान में जल रही भट्टी से आग और भड़क गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के बाहर का छप्पर जलकर राख हो गया।

    कन्हैया मिष्ठान की दुकान के संचालक विमल गुप्ता और उनके बेटे पावश गुप्ता झुलस गए। आग की लपटें पास की मोटरवाइडिंग की दुकान तक पहुंचीं और अख्तर खान का पूरा चेहरा और बाल झुलस गए। सूचना मिलते ही पीएनजी लाइन के कर्मचारी और नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचे। आग को तुरंत काबू किया गया। पीएनजी के कर्मचारियों ने बताया कि पाइपलाइन में फिलहाल सप्लाई बंद थी और केवल टेस्टिंग के लिए गैस रखी गई थी। अगर सप्लाई चालू होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    यह घटना मुरैना में बिछाई गई पीएनजी लाइन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। नगर निगम और पीएनजी विभाग के कर्मचारी तुरंत फूटी गैस और पानी की लाइन को ठीक करने में लग गए। पानी की पाइपलाइन निकालने के लिए सड़क पर खुदाई की गई और नेहरू पार्क के सामने एमएस रोड का एक साइड बंद कर दिया गया।

    बैरिकेड लगने के कारण हनुमान चौराहा की तरफ जाने वाले वाहन शिक्षा नगर और जीवाजीगंज की सड़कों से मोड़ दिए गए। इसके चलते एमएस रोड पर लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहनों की भारी भीड़ के कारण मिल एरिया रोड, गर्ल्स रोड और शिक्षा नगर रोड पर भी जाम बढ़ गया। हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया कि पाइपलाइन सुरक्षा के मानक पर्याप्त नहीं हैं। प्रशासन और पीएनजी विभाग की सतर्कता ही भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को रोक सकती है।

  • इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत

    इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत


    भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीर जांच का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के मद्देनजर ईवी चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लेकर एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

    घटना के तुरंत बाद सीएम ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे और भोपाल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर भेजी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं लेकिन इनके उपयोग में सावधानी बेहद जरूरी है।

    गौरतलब है कि इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ था। रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें।

  • इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में बंगाली चौराहा के पास बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुगलिया परिवार के मकान में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे छह लोग जिंदा जल गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    कैसे हुआ हादसा?

    पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज की जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और कार ने आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के भीतर फैल गई। घर में लगभग दस से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आते ही सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए। कम से कम चार सिलेंडर एक-के-बाद-एक फटने से तेज धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।

    हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण कई सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे। अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बिजली कटने के कारण घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक भी काम नहीं कर पाए, जिससे लोग अंदर फंस गए।

    राहत और बचाव अभियान

    सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

    मृतक और घायल

    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें मनोज जैन पुगलिया (65 वर्ष), सिमरन (30 वर्ष), विजय सेठिया (65 वर्ष), सुमन सेठिया (60 वर्ष), राशि (12 वर्ष) और छोटू सेठिया (22 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में सौरभ (32 वर्ष), सुनीता (58 वर्ष) और सोमिल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घर के बाहर चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ और आग घर में फैल गई। घर में कुछ ज्वलनशील रसायन भी रखे हुए थे। उन्होंने कहा, “इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे।”

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि दमकल और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान चलाया। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग की दो मंजिलों को खाली कर दिया गया है। तीसरी मंजिल की जांच अभी जारी है।

  • एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..

    एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में एक होटल में अचानक ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार घटना पचमढ़ी थाना क्षेत्र के सिनेरिटी होटल में सुबह करीब 8.30 बजे हुई धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गएघटना में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक ही परिवार के चार पर्यटक घायल हो गए वहीं होटल का एक कुक भी आग में झुलस गया सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है

    धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके

    इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है

  • एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप

    एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।

    डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।

    डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।