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  • इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में बंगाली चौराहा के पास बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुगलिया परिवार के मकान में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे छह लोग जिंदा जल गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    कैसे हुआ हादसा?

    पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज की जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और कार ने आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के भीतर फैल गई। घर में लगभग दस से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आते ही सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए। कम से कम चार सिलेंडर एक-के-बाद-एक फटने से तेज धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।

    हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण कई सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे। अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बिजली कटने के कारण घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक भी काम नहीं कर पाए, जिससे लोग अंदर फंस गए।

    राहत और बचाव अभियान

    सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

    मृतक और घायल

    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें मनोज जैन पुगलिया (65 वर्ष), सिमरन (30 वर्ष), विजय सेठिया (65 वर्ष), सुमन सेठिया (60 वर्ष), राशि (12 वर्ष) और छोटू सेठिया (22 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में सौरभ (32 वर्ष), सुनीता (58 वर्ष) और सोमिल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घर के बाहर चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ और आग घर में फैल गई। घर में कुछ ज्वलनशील रसायन भी रखे हुए थे। उन्होंने कहा, “इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे।”

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि दमकल और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान चलाया। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग की दो मंजिलों को खाली कर दिया गया है। तीसरी मंजिल की जांच अभी जारी है।

  • एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..

    एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में एक होटल में अचानक ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार घटना पचमढ़ी थाना क्षेत्र के सिनेरिटी होटल में सुबह करीब 8.30 बजे हुई धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गएघटना में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक ही परिवार के चार पर्यटक घायल हो गए वहीं होटल का एक कुक भी आग में झुलस गया सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है

    धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके

    इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है

  • एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप

    एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।

    डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।

    डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

  • एबी रोड स्थित सम्राट होटल में आग लगी, दमकल ने समय रहते काबू पाया, कोई जनहानि नहीं

    एबी रोड स्थित सम्राट होटल में आग लगी, दमकल ने समय रहते काबू पाया, कोई जनहानि नहीं


    देवास: एबी रोड स्थित सम्राट होटल के एक कमरे में शुक्रवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, और आग को जल्द ही दमकल द्वारा बुझा लिया गया। नगर निगम के दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया।जानकारी के अनुसार सम्राट होटल की दूसरी मंजिल के एक कमरे में आग लगने से कमरे में रखा सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय होटल के कर्मचारी ग्राउंड फ्लोर पर थे। जब उन्हें दूसरी मंजिल से धुआं उठते हुए दिखाई दिया, तो उन्होंने तुरंत नगर निगम के फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

    नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय नेताओं ने मौके का दौरा किया। निगम सत्तापक्ष के नेता मनीष सेन ने बताया कि होटल के कर्मचारी जब धुआं उठता हुआ देखा, तो उन्होंने बिना समय गंवाए दमकल विभाग को सूचित किया। आग के फैलने से पहले ही उसे नियंत्रित कर लिया गया जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया।इसी दौरान पुलिस अधिकारी सीएसपी सुमित अग्रवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा सम्राट होटल की दूसरी मंजिल के कमरे में आग लगी थी जिसे समय रहते काबू कर लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

    दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद, जैसे ही सूचना प्राप्त हुई, फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। इन गाड़ियों में आधुनिक उपकरण थे जिनकी मदद से आग को जल्दी बुझाया जा सका। हालांकि आग से कमरे में रखे कुछ सामान जल गए लेकिन बड़ा नुकसान टल गया।आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पहले अनुमान के अनुसार यह शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है, लेकिन इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस और दमकल विभाग दोनों ही आग के कारणों की जांच में जुटे हैं।

    सुरक्षा की महत्वता

    इस घटना ने होटल मालिकों और अधिकारियों को आग से संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया है। होटल में आग बुझाने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए थे, लेकिन फिर भी आग की स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा था।होटल में आग बुझाने की व्यवस्था के अलावा, अग्निशमन विभाग ने होटल मालिकों को आग से बचाव के लिए समय-समय पर निरीक्षण करने और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
  • घने कोहरे ने ली चार जिंदगियां: यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बसों और कारों में लगी आग

    घने कोहरे ने ली चार जिंदगियां: यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बसों और कारों में लगी आग


     
    नई दिल्ली/ उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मंगलवार तड़के घने कोहरे ने ऐसा कहर बरपाया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। थाना बलदेव क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 127 के पास सुबह करीब चार बजे सात बसों और दो कारों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद कई वाहनों में आग लग गई, जिससे चार लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम थी। घना कोहरा इतना अधिक था कि कुछ मीटर आगे तक देख पाना भी मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार बस आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। अचानक हुई इस टक्कर के बाद पीछे से आ रही बसें और कारें एक के बाद एक भिड़ती चली गईं, जिससे कुछ ही पलों में पूरा इलाका अफरा-तफरी में बदल गया।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पांच बसों और दो कारों में देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग लगते ही कई यात्री वाहनों के अंदर फंस गए। चीख-पुकार और धमाकों की आवाज से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर राहत कार्य में जुट गए। कई लोगों को बसों की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला गया।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ वाहनों को पूरी तरह जलने से बचाया नहीं जा सका। करीब 20 एंबुलेंस की मदद से लगभग 150 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल और नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

    जिला अधिकारी सीपी सिंह ने हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और सभी का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और मृतकों के परिजनों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, हादसे के कारणों की गहन जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

    प्रशासन ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है और यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने खास तौर पर सर्दियों के मौसम में कोहरे के दौरान वाहन चालकों से सतर्क रहने, गति सीमित रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।यह हादसा एक बार फिर से यह चेतावनी देता है कि घने कोहरे में लापरवाही और तेज रफ्तार कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।