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  • US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार

    US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार


    वॉशिंगटन।
    वाशिंगटन हिल्टन होटल में शनिवार की रात 8:45 बजे (अमेरिकी समय के अनुसार) के करीब कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम (Correspondent Dinner Program) के दौरान जोरदार फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) , उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President J.D. Vance) भी शामिल हुए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित वहां से बाहर निकाल लिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

    इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि एक शूटर को पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने आगे कहा, “डीसी में आज की शाम काफी गहमागहमी भरी रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।”

    रॉयटर्स के लिए काम करने वाले एक फ्रीलांस फोटोग्राफर ने आंखोदेखा हाल बताते हुए कहा कि होटल के भीतर फायरिंग की चार से छह राउंड आवाज सुनाई दी। हालांकि ये आवाजें मुख्य डाइनिंग हॉल के बिल्कुल पास नहीं थीं, लेकिन इनकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होटल परिसर के भीतर एक सशस्त्र हमलावर देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आवाजें सुनाई दीं, मेहमानों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। “गेट डाउन, गेट डाउन!” हॉल में मौजूद लगभग 2,600 मेहमान अपनी मेजों के नीचे छिप गए।

    इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मंच से हटाए जाने से कुछ ही देर पहले मेलानिया ने भीड़ में किसी बात पर प्रतिक्रिया दी और उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई दिए।

    प्रेस पूल ने सीक्रेट सर्विस के हवाले से बताया कि ट्रंप के डिनर के दौरान हुई कथित गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। यह सुरक्षा घटना उस कमरे के बाहर हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य अधिकारी डिनर कर रहे थे। सीक्रेट सर्विस और अन्य अधिकारी बैंक्वेट हॉल पहुंचे। सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे।

    क्या होता है कॉरेस्पोंडेंट डिनर?
    वाशिंगटन डीसी में हर साल कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया जाता है, जिसकी मेज़बानी वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन करता है। इस समारोह में पत्रकार, राजनेता और हॉलीवुड की मशहूर हस्तियां एक साथ जुटती हैं। यह समारोह प्रेस की आजादी का जश्न मनाता है, पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां जुटाता है और इसमें हल्के-फुल्के अंदाज में राजनेताओं की रोस्टिंग (व्यंग्या) किया जाता है। अक्सर इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।

  • Pakistan के बलूचिस्तान में सेना और विद्रोहियों में हुई भारी गोलीबारी, सैकड़ों घायल

    Pakistan के बलूचिस्तान में सेना और विद्रोहियों में हुई भारी गोलीबारी, सैकड़ों घायल


    इस्लामाबाद ।
    पाकिस्तान (Pakistan) के बलूचिस्तान प्रांत (Balochistan Province) में सेना व बलोच विद्रोहियों (Army and Baloch rebels) में भीषण गोलीबारी चल रही है। स्थिति यह है कि सैन्य अभियानों के बीच खारान, खुजदार और मस्तुंग सहित कई जिलों में हिंसा से विद्रोह और व्यापक हो गया है। सेना-विद्रोहियों में सशस्त्र झड़पों के बीच बड़ी संख्या में सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं। हालांकि, सीमित पहुंच के कारण इन खबरों पर पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल खामोशी बनाए हैं। जबकि खारान में नया सैन्य अभियान शुरू होने का दावा निवासियों ने किया। सेना ने अलमार्क और किसान जैसे इलाकों में तड़के एक अभियान शुरू कर दिया।

    इस अभियान के दौरान, कुछ अज्ञात हथियारबंद लोगों ने सेना के दस वाहनों के काफिले पर घात लगाकर हमला किया और दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने अपने ऊपर ड्रोन उड़ने की भी जानकारी दी, लेकिन हताहतों या अभियान के नतीजों के बारे में कोई भी पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारी इन घटनाक्रमों पर चुप्पी साधे हैं। इसके बाद सोहिंदा में काफी देर तक गोलीबारी होती रही। यह झड़प कई घंटों तक चली। इस दौरान क्षेत्र में ड्रोन उड़ते भी देखे गए।

    बलूचिस्तान के बरखान जिल में अंधाधुंध सैन्य गोलीबारी में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। यहां बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने हाल ही में हुई बमबारी और गोलाबारी की निंदा कर इसे सामूहिक सजा का कृत्य बताया है। इस अभियान में कई गैर-लड़ाकों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं। बीवाईसी ने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय त्रासदी बताया।

  • सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल

    सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने जहां दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की ओर खींच रखा है, वहीं इसी बीच चीन ने अपने सीमावर्ती इलाके में एक अहम प्रशासनिक कदम उठाकर नई भू-राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। चीन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान से सटे शिनजियांग क्षेत्र में “सेनलिंग” नाम से नई काउंटी का गठन किया है।
    रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नई प्रशासनिक इकाई काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। खासकर वाखान कॉरिडोर की निगरानी और क्षेत्र में उइगर गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर इसे चीन की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

    सीमावर्ती इलाकों पर लगातार फोकस
    चीन पिछले एक साल में शिनजियांग में “हेआन” और “हेकांग” के बाद यह तीसरी नई काउंटी बना चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सीमा क्षेत्रों में प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और सुरक्षा तंत्र को स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है।

    भारत की आपत्ति बरकरार
    भारत ने इस तरह के बदलावों पर पहले भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि इन नई इकाइयों के कुछ हिस्से उसके केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं।

    विशेष रूप से अक्साई चिन को लेकर भारत ने अपनी संप्रभुता दोहराते हुए चीन के कदमों को अस्वीकार्य बताया है।

    काशगर से जुड़ा प्रशासनिक नियंत्रण
    नई काउंटी को काशगर प्रशासन के तहत रखा जाएगा, जो ऐतिहासिक रूप से सिल्क रूट का प्रमुख केंद्र रहा है। यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का शुरुआती बिंदु भी है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

    सुरक्षा और रणनीति का मिश्रण
    विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने की व्यापक रणनीति है। वाखान कॉरिडोर—करीब 74 किलोमीटर लंबा यह क्षेत्र—चीन के लिए संवेदनशील इसलिए भी है क्योंकि यह ताजिकिस्तान और PoK के बीच स्थित है।

    चीन को आशंका रही है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से जुड़े उइगर लड़ाके इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में नई काउंटी के जरिए स्थानीय प्रशासन, खुफिया निगरानी और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

    आगे क्या?
    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की चेतावनियों के बावजूद चीन के इस कदम से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। आने वाले समय में यह मुद्दा कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर और अहम हो सकता है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

  • J&K: फायरिंग में बाल-बाल बचे फारूक अब्दुल्ला… उमर बोले- 'अल्लाह रहमदिल है…

    J&K: फायरिंग में बाल-बाल बचे फारूक अब्दुल्ला… उमर बोले- 'अल्लाह रहमदिल है…


    जम्मू।
    नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) पर बुधवार देर रात फायरिंग की गई. इस घटना में वह बाल-बाल बच गए. उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.

    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि अल्लाह रहमदिल है. मेरे पिता बहुत बड़े खतरे से बाल-बाल बचे हैं. फिलहाल पूरी जानकारी साफ नहीं है लेकिन इतना पता चला है कि एक शख्स भरी हुई पिस्तौल के साथ बेहद करीब पहुंच गया था और उसने नजदीक से गोली चला दी. क्लोज प्रोटेक्शन टीम की सतर्कता की वजह से गोली का रुख मोड़ दिया गया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई।

    उन्होंने कहा कि इस समय सवाल-जवाबों से ज्यादा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा में रहने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति आखिर कैसे पहुंच गया।

    बता दें कि फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शामिल होने गए था. इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे. इसी दौरान एक व्यक्ति ने चुपचाप फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब जाकर गोली चला दी. लेकिन गनीमत रही कि वह इस हमले में बाल-बाल बच गए।

    फायरिंग में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को छर्रे लगने से मामूली चोटें जरूरी आई हैं. इस घटना से हर तरफ हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है. घटना से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंघाली जा रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल खनन के कारोबार से जुड़ा हुआ है. हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे वह नाराज बताया जा रहा है।

  • मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के बंगले के बाहर फायरिंग… जांच में जुटी पुलिस, भारी सुरक्षाबल तैनात

    मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के बंगले के बाहर फायरिंग… जांच में जुटी पुलिस, भारी सुरक्षाबल तैनात


    मुम्बई।
    बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक (Famous Bollywood Producer-Director) रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के जुहू (Juhu) स्थित आवास के बाहर फायरिंग की खबर सामने आ रही है। इस खबर ने हर तरफ हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, उनके घर के बाहर चार राउंड फायरिंग (Four Rounds Firing) की गई है। फायरिंग की खबर सामने आते ही मुंबई पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल, पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ रोहित के घर के बाहर पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।


    अज्ञात हमलावरों ने की चार राउंड फायरिंग

    रोहित शेट्टी के करीबी ने बताया कि उनके घर के बाहर से एक अज्ञात शख्स ने गोलीबारी की और मौके से भाग निकला। मुंबई पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि रोहित शेट्टी के घर के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद जुहू में रोहित शेट्टी के घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राहत की राहत की बात यह है कि इस गोलीबारी में अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है।


    इस घटना से फैंस परेशान

    बता दें कि फिलहाल अभी तक पता नहीं चला कि आखिरकार डायरेक्टर के घर के बाहर फायरिंग क्यों और किस वजह से की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने सेलिब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अपना ध्यान खींचा है। वहीं, दूसरी तरफ फैंस इस घटना से काफी परेशान हैं। वहीं, अभी तक रोहित शेट्टी या उनके परिवार की तरफ से इस पूरे मामले को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • पाक की नापाक हरकत, LoC पर सर्विलांस कैमरे लगाते समय की गोलीबारी, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

    पाक की नापाक हरकत, LoC पर सर्विलांस कैमरे लगाते समय की गोलीबारी, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब


    जम्मू।
    उत्तरी कश्मीर (North Kashmir) के कुपवाड़ा जिले (Kupwara district) के केरन सेक्टर में 20-21 जनवरी की रात भारत और पाकिस्तानी (India and Pakistan) सैनिकों के बीच गोलीबारी हुई। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह झड़प तब हुई जब 6 राष्ट्रीय राइफल्स के सैनिक केरन बाला इलाके में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Control) के साथ ब्लाइंड स्पॉट को खत्म करने के लिए हाई-टेक सर्विलांस कैमरे लगा रहे थे। पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी का भारतीय जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।

    पाकिस्तानी सैनिकों ने इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए छोटे हथियारों से दो राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में भारतीय पक्ष से एक, सोच-समझकर जवाबी गोली चलाई गई। हालांकि दोनों तरफ से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन भारतीय सेना ने घने जंगल वाले इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया है, क्योंकि उन्हें शक है कि आग का इस्तेमाल घुसपैठ की कोशिश से ध्यान भटकाने के लिए किया गया हो सकता है।

    पूरे सेक्टर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि सेना सर्दियों के महीनों में पारंपरिक घुसपैठ के रास्तों पर नजर रखने के लिए टेक्निकल सर्विलांस को अपग्रेड कर रही है।

    इससे पहले, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया गया। इसके तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था और इस बीच हुई मुठभेड़ में एक ‘पैराट्रूपर’ शहीद हो गया तथा छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा अचानक किए गए ग्रेनेड हमले से सात अन्य घायल हो गए।

    आतंकवादी घने जंगल में भाग गए, लेकिन खाने-पीने की चीजें, कंबल और बर्तनों सहित बड़ी मात्रा में सर्दियों के सामान से भरे उनके ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जम्मू महानिरीक्षक आर. गोपाल कृष्ण राव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए तथा वे अभियान की निगरानी के लिए वर्तमान में कई सेना अधिकारियों के साथ वहीं डेरा डाले हुए हैं।

  • ग्वालियर गैंगवार35 गोलियां चलीं. 10 हजार के इनामी बदमाश की गिरफ्तारी

    ग्वालियर गैंगवार35 गोलियां चलीं. 10 हजार के इनामी बदमाश की गिरफ्तारी


    ग्वालियर। ग्वालियर में दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार में 35 गोलियां चली थीं। इस घटना में हवलदार के बेटे विजय गौड़ और एक अन्य युवक हाकिम सिंह बघेल घायल हो गए थे। यह हमलावर बदमाशों के गैंग रिंकू कमरिया से जुड़े थे जो वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गुस्से में थे। अब इस गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    गैंगवार और गोलियां

    यह घटना रविवार रात की थी जब विजय गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह के साथ कार से घासमंडी क्षेत्र में जा रहे थे। वापस लौटते समय उनका सामना रिंकू कमरिया गैंग से हुआ जिसमें अन्नी कमरिया छोटू कमरिया मनीष यादव चेतन पांडेय प्रियांशु अनिल कमरिया कालू कमरिया और रमेश कमरिया शामिल थे। बदमाशों ने कार को घेर लिया और 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें 35 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में विजय गौड़ को तीन और हाकिम सिंह को एक गोली लगी। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे।

    लेन-देन का विवाद और रिंकू कमरिया

    पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। विजय गौड़ ने पुलिस को बताया कि रिंकू कमरिया उससे कई बार पैसे मांगने के बावजूद रुपए नहीं लौटा रहा था। उसने धमकी दी थी कि अगर पैसे मांगे तो वह गोली मार देगा। रिंकू कमरिया जो एक लिस्टेड बदमाश है पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है जिनमें फायरिंग मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी और फरार आरोपी

    पुलिस को सूचना मिली कि मनीष यादव जो इस मामले में मुख्य आरोपी था घासमंडी चौराहे के पास देखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की। जब मनीष यादव ने पुलिस को देखा तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। मनीष यादव की पहचान बुलबुलपुरा मिर्जापुर के निवासी के रूप में हुई।इस गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि एक और आरोपी राहुल फौजी अब भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।ग्वालियर में हुए इस गैंगवार ने न केवल पुलिस की सतर्कता को चुनौती दी बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी समूहों में वर्चस्व की लड़ाई और लेन-देन के विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं।

    इस घटना के बाद पुलिस अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
    में दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार में 35 गोलियां चली थीं। इस घटना में हवलदार के बेटे विजय गौड़ और एक अन्य युवक हाकिम सिंह बघेल घायल हो गए थे। यह हमलावर बदमाशों के गैंग रिंकू कमरिया से जुड़े थे जो वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गुस्से में थे। अब इस गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    गैंगवार और गोलियां

    यह घटना रविवार रात की थी जब विजय गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह के साथ कार से घासमंडी क्षेत्र में जा रहे थे। वापस लौटते समय उनका सामना रिंकू कमरिया गैंग से हुआ जिसमें अन्नी कमरिया छोटू कमरिया मनीष यादव चेतन पांडेय प्रियांशु अनिल कमरिया कालू कमरिया और रमेश कमरिया शामिल थे। बदमाशों ने कार को घेर लिया और 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें 35 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में विजय गौड़ को तीन और हाकिम सिंह को एक गोली लगी। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे।

    लेन-देन का विवाद और रिंकू कमरिया

    पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। विजय गौड़ ने पुलिस को बताया कि रिंकू कमरिया उससे कई बार पैसे मांगने के बावजूद रुपए नहीं लौटा रहा था। उसने धमकी दी थी कि अगर पैसे मांगे तो वह गोली मार देगा। रिंकू कमरिया जो एक लिस्टेड बदमाश है पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है जिनमें फायरिंग मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी और फरार आरोपी

    पुलिस को सूचना मिली कि मनीष यादव जो इस मामले में मुख्य आरोपी था घासमंडी चौराहे के पास देखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की। जब मनीष यादव ने पुलिस को देखा तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। मनीष यादव की पहचान बुलबुलपुरा मिर्जापुर के निवासी के रूप में हुई।इस गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि एक और आरोपी राहुल फौजी अब भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।

    ग्वालियर में हुए इस गैंगवार ने न केवल पुलिस की सतर्कता को चुनौती दी बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी समूहों में वर्चस्व की लड़ाई और लेन-देन के विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं। इस घटना के बाद पुलिस अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और सभी फरारआरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। में दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार में 35 गोलियां चली थीं। इस घटना में हवलदार के बेटे विजय गौड़ और एक अन्य युवक हाकिम सिंह बघेल घायल हो गए थे। यह हमलावर बदमाशों के गैंग रिंकू कमरिया से जुड़े थे जो वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गुस्से में थे। अब इस गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    गैंगवार और गोलियां

    यह घटना रविवार रात की थी जब विजय गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह के साथ कार से घासमंडी क्षेत्र में जा रहे थे। वापस लौटते समय उनका सामना रिंकू कमरिया गैंग से हुआ जिसमें अन्नी कमरिया छोटू कमरिया मनीष यादव चेतन पांडेय प्रियांशु अनिल कमरिया कालू कमरिया और रमेश कमरिया शामिल थे। बदमाशों ने कार को घेर लिया और 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें 35 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में विजय गौड़ को तीन और हाकिम सिंह को एक गोली लगी। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे।

    लेन-देन का विवाद और रिंकू कमरिया

    पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। विजय गौड़ ने पुलिस को बताया कि रिंकू कमरिया उससे कई बार पैसे मांगने के बावजूद रुपए नहीं लौटा रहा था। उसने धमकी दी थी कि अगर पैसे मांगे तो वह गोली मार देगा। रिंकू कमरिया जो एक लिस्टेड बदमाश है पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है जिनमें फायरिंग मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी और फरार आरोपी

    पुलिस को सूचना मिली कि मनीष यादव जो इस मामले में मुख्य आरोपी था घासमंडी चौराहे के पास देखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की। जब मनीष यादव ने पुलिस को देखा तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। मनीष यादव की पहचान बुलबुलपुरा मिर्जापुर के निवासी के रूप में हुई।

    इस गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि एक और आरोपी राहुल फौजी अब भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।ग्वालियर में हुए इस गैंगवार ने न केवल पुलिस की सतर्कता को चुनौती दी बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी समूहों में वर्चस्व की लड़ाई और लेन-देन के विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं। इस घटना के बाद पुलिस अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।